Ratlam News: हत्या के 5 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली: रतलाम में युवक की चाकू मारकर हत्या, परिजन बोले– आरोपी खुलेआम घूम रहा है

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शहर में 28 मई की रात 22 वर्षीय युवक अरुण असावरा की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात को 5 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक न तो पुलिस हत्याकांड का खुलासा कर पाई है और न ही मुख्य आरोपी गिरफ्त में आया है। इससे नाराज परिजन सोमवार को एसपी अमित कुमार से मिले और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। मृतक के पिता मनोहरलाल असावरा ने बताया कि उनका बेटा अरुण इलेक्ट्रिकल का काम करता था और 28 मई की सुबह रोज की तरह काम पर निकला था। लेकिन रात तक वह घर नहीं लौटा। अगली सुबह दो अज्ञात युवक घर आए और अरुण की हत्या की सूचना दी। अरुण का शव स्टेशन रोड थाना क्षेत्र की मित्र निवास कॉलोनी में मिला था। शरीर पर चाकू के कई निशान थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अरुण का कालिका माता मंदिर परिसर में किसी से विवाद हुआ था, जिसके बाद उसे चाकू मारा गया। पुलिस को एक संदिग्ध का नाम भी मिला है – उत्तम सोलंकी, जो अब उज्जैन में रह रहा है। परिजनों ने आरोप लगाया कि उत्तम और अरुण पहले मित्र थे, लेकिन बाद में दोनों के बीच रिश्ते बिगड़ गए थे। परिजन ने बताया कि हत्या के दिन शाम करीब 7:30 बजे एक अज्ञात युवक अरुण की बाइक (MP 43 BB 3691) लेकर घर आया और घर के बाहर सामान की थैली व लाइटें रखकर बाइक लेकर वापस चला गया। यह पूरी घटना घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो चुकी है। आशंका जताई जा रही है कि बाइक लेकर भागने वाला युवक ही हत्या में शामिल हो सकता है। परिजनों ने यह भी सवाल उठाया कि हत्या स्थल कालिका माता मंदिर से महज 500 फीट की दूरी पर पुलिस चौकी होने के बावजूद आरोपी अब तक फरार है। परिजनों की मांग: हत्या के पांच दिन बाद भी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। परिजनों की मांग है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

Ratlam News: रतलामियों ने दिखाया दम, “टैलेंट ऑफ रतलाम” में बिखेरा हुनर का जलवा, सोशल मीडिया पर वायरल गीत बने प्रतिभागियों की पहली पसंद

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शहर में टैलेंट की कोई कमी नहीं है, जरूरत है तो सिर्फ एक मंच की। इस बात को साबित किया सामाजिक संस्था “नई शुरुआत” ने, जिसने “टैलेंट ऑफ रतलाम” के मंच पर कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया। रविवार को डीआरएम ऑफिस के सामने स्थित होटल में आयोजित इस कार्यक्रम में 50 से अधिक प्रतिभागियों ने नृत्य, गायन और वादन की शानदार प्रस्तुतियां दीं। इस टैलेंट शो ने न सिर्फ दर्शकों का मनोरंजन किया, बल्कि उनकी रविवार की छुट्टी को भी यादगार बना दिया। नन्हें कलाकारों से लेकर युवाओं तक ने दिखाया हुनर कार्यक्रम की शुरुआत से लेकर अंत तक हर प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। गायन में जावरा के भव्यराज ने ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ गीत पर soulful परफॉर्मेंस दी। भव्यराज नेत्रहीन हैं, लेकिन उनके स्वर में बसी सरस्वती ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसी तरह ‘दिल है कि मानता नहीं’ गीत पर भी खूब तालियां बजीं। नृत्य में 6 वर्षीय मानवी ने ‘मेरा सामी’ गीत पर परफॉर्म कर वाहवाही लूटी। वहीं 5 वर्षीय पूजा की ‘उई अम्मा’ और ‘झुमका गिरा रे’ पर प्रस्तुति ने सभी को रोमांचित कर दिया। राही मालवीय और 7 वर्षीय पहल की प्रस्तुति भी दर्शकों को खूब पसंद आई। पॉयजन डांस ग्रुप के धमाकेदार डांस ने जजेस को खड़े होकर तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। वादन में भी दिखा हुनर, नाबीना केशव यादव ने जीता दिल कार्यक्रम में तबले पर प्रस्तुति देने वाले केशव यादव भी नेत्रहीन थे, लेकिन उन्होंने अपनी प्रस्तुति से साबित किया कि सच्चा टैलेंट किसी कमी का मोहताज नहीं होता। उन्होंने तबले पर विभिन्न ताल और कायदे प्रस्तुत किए, जिससे श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। सोशल मीडिया पर वायरल गीत बने बच्चों की पहली पसंद कार्यक्रम में ‘उई अम्मा’ और ‘झुमका गिरा रे’ जैसे सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके गीत प्रतिभागियों की पहली पसंद बने। इन गीतों पर प्रस्तुति देने वाले बच्चों ने न सिर्फ स्टेज पर धमाल मचाया, बल्कि अपनी मासूमियत से दर्शकों का दिल भी जीत लिया। जजेस ने दी उपयोगी सलाह, सुधार की गुंजाइश पर किया मार्गदर्शन कार्यक्रम के जजेस ने जहां बेहतरीन प्रस्तुतियों की जमकर तारीफ की, वहीं प्रतिभागियों को सुधार की सलाह भी दी। खासतौर पर नृत्य करने वालों को एक्सप्रेशन और एनर्जी पर ध्यान देने की सलाह दी गई। साथ ही आउटफिट को कंफर्टेबल रखने की बात भी कही गई, ताकि प्रस्तुति में बाधा न आए। मुख्य कार्यक्रम में मिलेगा चयनित कलाकारों को मंच “नई शुरुआत” संस्था के संयोजक हिम्मत जैथवार ने बताया कि यह सिर्फ प्री-इवेंट था। इस कार्यक्रम से चुनी गई बेहतरीन प्रस्तुतियों को आगामी दिनों में कालिका माता मंदिर परिसर में होने वाले मुख्य कार्यक्रम “टैलेंट ऑफ रतलाम” में प्रस्तुति देने का मौका मिलेगा। आयोजन का उद्देश्य रतलाम के छिपे हुए टैलेंट को सामने लाना और उन्हें एक बड़ा मंच प्रदान करना है।

MP News: धर्म स्थापना हेतु पंच परिवर्तन आवश्यक : विनीत नवाथेराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मालवा प्रांत का संघ शिक्षा वर्ग संपन्न, 227 शिक्षार्थियों ने लिया सहभाग

पेटलावद- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मालवा प्रांत द्वारा आयोजित संघ शिक्षा वर्ग (व्यवसायी) का समापन समारोह रविवार को पेटलावद में बड़े उत्साह और जनसमुदाय की उपस्थिति के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर 227 शिक्षार्थियों ने सहभाग लिया। समारोह के दौरान आयोजित प्रकट कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने समता, योग, घोष व दंड संचालन जैसी शारीरिक गतिविधियों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में जिलेभर से हजारों की संख्या में समाजजन पहुंचे और स्वयंसेवकों के अनुशासित प्रदर्शन को देखा। आयोजन स्थल पर भगवान बिरसा मुंडा, श्रीकृष्ण, गौशाला तथा वेस्ट से बेस्ट की झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। मुख्य वक्ता विनीत नवाथे, मालवा प्रांत कार्यवाह ने अपने बौद्धिक में कहा कि “डॉ. हेडगेवार ने हिंदू गौरव की पुनः स्थापना हेतु राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की नींव रखी। संघ पर तीन बार प्रतिबंध लगे, लेकिन हर बार संघ और अधिक शक्ति के साथ उभरा। आज समाज व राष्ट्र जीवन के हर क्षेत्र में धर्मयुक्त संरचना का निर्माण आवश्यक है।” उन्होंने आगे कहा कि “वामपंथी विचारधारा, जिहादी शक्तियां और धर्मांतरण में लिप्त मिशनरियां राष्ट्र के लिए खतरा हैं। इनकी गतिविधियों को निस्तेज करना हम सभी की जिम्मेदारी है। हमारे वेद हमें प्रकृति की पूजा सिखाते हैं और जनजातीय समाज आज भी इन परंपराओं को जीवित रखे हुए है।” विनीत नवाथे ने बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष को ध्यान में रखते हुए पांच विषयों पर विशेष कार्य हो रहा है— उन्होंने कहा कि “इन्हीं पंच परिवर्तनों से राष्ट्र में धर्म व्यवस्था की स्थापना संभव है।” समारोह में मंचासीन रहे: संघ शिक्षा वर्ग की जानकारी:संघ शिक्षा वर्ग कुल चार प्रकार के होते हैं: ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के दौरान जब लोग आमतौर पर पर्यटन स्थलों की ओर रुख करते हैं, तब इन स्वयंसेवकों ने कठोर अभ्यास, अनुशासन व राष्ट्र चिंतन के साथ वर्ग में सहभागिता निभाई। प्रशिक्षण स्थल एक गुरुकुल जैसा वातावरण प्रस्तुत कर रहा था, जहां स्वयंसेवक आत्मिक, मानसिक व शारीरिक रूप से मजबूत बनकर निकले। संघ का मूल उद्देश्य “वसुधैव कुटुंबकम्” और “सर्वे भवन्तु सुखिनः” जैसे व्यापक वैचारिक मूल्यों को व्यक्ति के मन-मस्तिष्क में स्थापित करना है — और यही इस वर्ग का सबसे बड़ा योगदान भी रहा।

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