भ्रष्टाचार का खुला खेल : निगम के इंजीनियर ब्रजेश कुशवाह पर कमीशनखोरी का आरोप, ठेकेदार पहुंचे कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी के पास

पब्लिक वार्ता – रतलाम, जयदीप गुर्जर। नगर निगम में भ्रष्टाचार होने की बाते तो हम सुनते आ रहे है। मगर आज शुक्रवार को निगम के भ्रष्ट व कमीशनखोर अधिकारी पूरी तरह बेनकाब हो गए। जब निगम कार्यों की टेंडर प्रक्रिया को पूरा करने वाले लगभग 10 से 20 ठेकेदार कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी के पास शिकायत करने पहुंचे। ठेकेदारों ने निगम के सब इंजीनियर ब्रजेश कुशवाह पर कमीशनखोरी व मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। यह ज्ञापन ठेकेदार यूनियन की और से दिया गया। देखिए वीडियो – [embedyt] https://www.youtube.com/watch?v=ZMqsKxrE5DM[/embedyt] शिकायतकर्ता ठेकेदार चंदन बसेर ने बताया की निगम के कुछ अधिकारी ठेकेदारों को आए दिन परेशान करते रहते है। उनसे कमीशन की मांग की जाती है। कमीशन देने के बाद भी उनसे एडवांस में और तय से अधिक कमीशन मांगा जाता है। निगम के सब इंजीनियर ब्रजेश कुशवाह पर आरोप लगाते हुए कहा गया कि कुशवाह द्वारा कमीशन ना देने पर फ़ाइल आगे नहीं बढाने जैसी धमकियां दी जाती है। इसके अलावा कार्य का बिल पास नहीं करना, कार्य को रुकवाना आदि हथकंडे अपनाए जाते है। बकौल इंजीनियर कुशवाह का कहना है कि शिकायत कर दो कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पायेगा। मेरी सेटिंग ऊपर तक है। कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी को शिकायतकर्ताओं ने वीडियो व कुछ फोटो भी पैसे देते हुए आवेदन के साथ संलग्न किए है। आपको बता दे कि कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी के कार्यालय में नहीं मिलने पर ठेकेदारों ने उनसे फोन पर चर्चा कर समस्या सुनाई। जिसके बाद व्हाटसएप से उन तक आवेदन व अन्य दस्तावेज भेजे गए। कलेक्टर ने ठेकेदारों को कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया है।

दूल्हा, दुल्हन और दलाल : 6 दिन घर में रही नई नवेली पत्नी 7वें दिन हुई रफू चक्कर, गांव पहुंचे पति को चाकू दिखाकर भगाया

सावधान! कहीं आप भी किसी दलाल के झांसे में तो नहीं?, लूटेरी दुल्हन की यह कारस्तानी कर देगी हैरान पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शादी की बात आते ही कई कुंवारे युवाओं के मन में लड्डू फुट आते है। मशहूर लेखक शौकत थानवी ने अपनी एक कहानी “शादी हिमाकत है” के शुरुआत में ही लिखा है की शादी करना कोई होशियारी वाला काम है या मूर्खता करने वाला! आज का केस जानकर आप थानवी की इस बात पर जरूर गौर करेंगे। दरअसल मध्यप्रदेश के रतलाम में पुलिस ने एक लुटेरी दुल्हन के मामले का पर्दाफाश किया है। यहां खाचरोद का एक युवक शादी के चक्कर में दलालों के जाल में फंस गया। जहां उससे मोटी रकम वसूलने के बाद शादी तो हुई, मगर 6 दिन बाद दुल्हन घर लूट कर रफूचक्कर हो गई। जिसके बाद पीड़ित पुलिस के पास मदद की गुहार लेकर पहुंचा। रतलाम पुलिस ने तत्काल मामले में कार्रवाई करते हुए लुटेरी दुल्हन व उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार दिनांक 25 अगस्त 2023 को फरियादी मोहन पाटीदार निवासी मड़ावदा थाना खाचरोद जिला उज्जैन ने थाना बिलपांक में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी की दो माह पूर्व ग्राम धराड़ के एक परिचित आनंदीलाल पाठक ने फरियादी को बोला था कि, तुम्हारी शादी नहीं हो रही है तो मेरी नजर में एक लड़की है। थोड़े पैसे लगेंगे लेकिन तुम्हारी शादी करवा दूंगा। इस पर फरियादी, आरोपी आनंदीलाल पाठक की बातों में आकर शादी के लिए मान गया।आनंदीलाल पाठक ने अपने परिचित दलाल गोपाल राव निवासी अमली थाना बेटमा जिला धार से चर्चा की। जिसके बाद फरियादी मोहन पाटीदार व दलाल गोपाल मिले। दोनों आरोपी दलालों ने फरियादी को एक अन्य दलाल कमलेश कटारे निवासी आड़ा बयड़ा थाना मनावर जिला धार से मिलवाया। जिसके बाद तीनों आरोपियों ने षडयंत्र बना कर फरियादी मोहन पाटीदार को आरोपी दुल्हन पायल उर्फ गीता कटारे से मिलवाया और शादी के लिए राजी किया। 29 जुलाई को 2 लाख रूपये लेकर दोनों की शादी मंदिर में करवा दी गई। शादी के 7वें दिन ही आरोपी दुल्हन पायल उर्फ गीता नगदी व आभूषण लेकर रफूचक्कर हो गई। पुलिस ने मामले में गंभीरता से जांच करते हुए आरोपी गीता उर्फ पायल पिता लिमसिंह कटारे उम्र 35 साल निवासी आड़ा बयड़ा चौकी उमरबन थाना मनावर जिला धार, कमलेश कटारे पिता बंडूसिंह कटारे उम्र 30 साल निवासी अडा बयड़ा चौकी उमरबन थाना मनावर जिला धार, गोपाल राव पिता रामचंद्र राव निवासी आमली थाना बेटवा जिला धार व आनंदीलाल पिता उच्चव पाठक निवासी धराड़ थाना बिलपांक जिला रतलाम को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। पूछताछ में मालूम हुआ कि आरोपी महिला गीता उर्फ पायल पहले से शादीशुदा है। 12 साल पहले इसने अपने पति अमरसिंह पांडर पिता नंदराम पंडार निवासी लटामली थाना तिरला जिला धार को छोड़ दिया था। इसके 10 व 15 साल की उम्र के दो बच्चे भी है। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीस हजार रुपए और घटना में उपयोग किया चाकू व मोबाइल जप्त किया। फिलहाल पुलिस मामले में और भी कई एंगल से जांच कर रही है। सूत्रों की माने तो धराड़ का आरोपी पाठक इसके पूर्व भी कई लोगों को लूट चुका है। जो मामले पुलिस तक पहुंचे ही नहीं है। ऐसे रचा लूटेरी दुल्हन कहानी का षडयंत्र :कहानी में फरियादी दूल्हा मोहन धराड़ के आनंदीलाल पाठक के संपर्क में आता है। पाठक उसे अपने दो अन्य साथियों कमलेश कटारे व गोपाल राव से मिलवाता है। षडयंत्र के मुताबिक कमलेश चचेरा भाई बनकर मोहन को लूटेरी दुल्हन पायल उर्फ गीता कटारे नाम की लड़की से मिलवाता है। दूल्हा- दुल्हन की मुलाकात धराड़ गांव के बाहर फोरलेन पर स्थित सगस बाबजी मंदिर के पास करवाई जाती है। जहां दोनों एक दूसरे को पसंद करते है और शादी फिक्स कर दी जाती है। यह सौदा 2 लाख रूपये में तय होता है, जो कि शादी वाले दिन दलालों को देने की बात होती है। शादी के लिए 29 जुलाई की तारीख तय होती है। शादी का पूरा घटनाक्रम जिला मुख्यालय से करीब 35 किमी दूर स्थित बिरमावल के सातरुंडा माता मंदिर की पर होता है। यहां दूल्हा मोहन व उसके परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे।मंदिर में शादी के बाद 1 लाख 60 हजार रुपये व कुछ ज्वेलरी आरोपी महिला को दिए जाते है। दूल्हा पहुंचा गांव तो दिखा दिया चाकू! : पीड़ित मोहन पाटीदार ने बताया कि शादी के बाद वह अपनी दुल्हन पायल उर्फ गीता को लेकर अपने घर चले गया। गीता 6 दिनों तक घर में रही और 7वे दिन सुबह 5 बजे पहनी हुई ज्वेलरी और घर में रखे 50 हजार रुपये लेकर फरार हो गई। जिसके बाद उसने आरोपी दलाल आनंदीलाल पाठक और गोपाल राव को इसकी जानकारी दी। दोनों ही उस लड़की के बारे में कुछ नहीं जानते यह बोलकर पल्ला झाड़ लेते है। इसके अलावा मोहन को धमकाते भी है कि तुम ज्यादा खोज बीन करोगे तो वो लड़की पुलिस में रिपोर्ट करके किसी केस में तुम्हें फंसवा देगी। जिसके बाद डर के कारण कई दिनों तक मोहन पुलिस के पास तक नहीं पहुंचा। मोहन अपने स्तर पर ही इस मामले में छानबीन करते हुए अपने कुछ साथियों के साथ दुल्हन का पता करने उसके गांव आड़ा बयडा पहुंचता है। गांव में आरोपी महिला गीता उर्फ पायल और दलाल कमलेश कटारे उससे मिलते है। दोनों मोहन व साथियों को गांव के बाहर ले जाकर चाकू दिखाकर डराते व धमकाते है और गांव से भगा देते है। जिसके बाद दूल्हा मोहन परेशान होकर थाने पर जाकर अपनी आपबीती सुनाता है। सराहनीय भूमिका :टीआई बिलपांक ओपी सिंह, एसआई अल्केश सिंगाड़, एसआई सुरेश गोयल, प्रधान आरक्षक रमेश डाबी व आरक्षक गजेंद्र झाला की सराहनीय भूमिका रही।

नोट बदला या नहीं ? : 2 हजार का नोट 1 अक्टूबर से हो जाएगा बंद, कितने नोट आये और कितने अब भी बाकी?

2 हजार रुपये का नोट बदलने की अंतिम तारीख 30 सितंबर है, आप एक दिन में 20 हजार तक बदल सकेंगे। खास बात यह है की नोट बदलने के लिए कोई फॉर्म या स्लिप नहीं भरना होगा। पब्लिक वार्ता – नई दिल्ली,जयदीप गुर्जर। आज से 5 माह पूर्व यानी 19 मई 2023 को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने 2 हजार रुपये के नोट को सर्कुलेशन यानी चलन से बाहर करने का एलान किया था। आरबीआई के अनुसार 2 हजार रुपये के नोट बैंक में जाकर बदलवाना या फिर खाते में जमा करवाने को कहा गया था। साथ ही नोट बदलने के लिए आरबीआई ने बैंकों को कहा कि वो कैश डिपॉजिट नियमों का पालन करें। इसके लिए आरबीआई ने 23 मई से 30 सितंबर 2023 तक बैंकों में 2 हजार रुपये के नोटों को बदलने और जमा करने की बात कही थी। साथ ही कहा था कि पैनिक ना हो इसलिए ये नोट लीगल टेंडर में बने रहेंगे। नोट जमा करवाने के लिए अब लोगों के पास केवल 16 दिन और शेष बचे है। असुविधा और नुकसान से बचने के लिए तुरंत अपने नजदीकी बैंक में जाकर 2 हजार के नोट को बदलवाने का काम जरूर कर ले। देशभर में कितने नोट हुए जमा ? :भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक रिपोर्ट में बताया कि जितने भी 2 हजार रुपये के नोट चलन में थे, उनमें से 93 प्रतिशत नोट बदले जा चुके हैं या बैंकों में जमा करा दिए गए है। बैंक ने बताया कि 31 अगस्त तक केवल 24 हजार करोड़ रुपये के वैल्यू के 2 हजार रुपये के नोट ही सर्कुलेशन में थे। बैंक के आंकड़ों के अनुसार 31 अगस्त 2023 तक सर्कुलेशन से वापस आए 2 हजार रुपये के बैंक नोटों का कुल मूल्य 3.32 लाख करोड़ रुपये है। इस प्रकार, 19 मई, 2023 तक प्रचलन में 2 हजार रुपये के 93 फीसदी बैंक नोट वापस आ गए हैं। प्रमुख बैंकों से कलेक्ट किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि सर्कुलेशन से वापस प्राप्त 2 हजार रुपये के कुल बैंक नोटों में से लगभग 87 प्रतिशत जमा किए गए है। बाकी को अन्य रुपये के बैंक नोटों से बदल दिया गया है। आंकड़ो पर गौर करें तो अभी भी लोगों के पास 0.24 लाख करोड़ रुपये यानी 24 हजार करोड़ रुपये के 2 हजार के नोट मौजूद है। ये आंकड़ा कुल नोटों का सात प्रतिशत है। (उक्त आंकड़ा एक रिपोर्ट के अनुसार) जानिए क्या है नियम! कैसे बदले नोट :लोग अपने बैंक खाते में 2 हजार के नोट जमा कर सकते हैं या किसी भी बैंक की शाखा में जाकर अपने नोट बदल सकते है। किसी भी बैंक में एक बार में 20 हजार रुपये तक यानी 2 हजार के 10 नोट बदले जा सकते है। नोट बदली के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क या फ़ीस नहीं ली जाएगी। इसके लिए आपको कोई फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है, ना ही कोई आईडी प्रूफ आपको देने की जरूरत है। हालांकि यदि 2 हजार का नोट आप अपने बैंक खाते में जमा कर रहे है तो इसकी कोई लिमिट नहीं है। यहां इंकम टैक्स का पैच जरूर बीच में आएगा। अगर आप दो हजार के नोट, जिसकी वैल्यू 50 हजार या उससे अधिक है। जमा करते हैं तो आपको पैन कार्ड (PAN Card) देना होगा।

बड़ी कार्रवाई : देश विरोधी गतिविधियों में रांची से जुड़ा रतलाम का लिंक, रतलाम के युवक को एनआईए ने दबोचा

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। पिछले कुछ सालों में रतलाम का नाम लगातार आतंकी गतिविधियों में जुड़ता आ रहा है। मामला आतंकी से जुड़ा हो या उनके संगठनों का मध्यप्रदेश का रतलाम लगता है आतंकियों का पनाहगाह यानी सेफ जोन बनता दिख रहा है।ताजे मामले में रांची के देश विरोधी गतिविधियों में शामिल एक युवक का लिंक रतलाम के युवक से जुड़ा मिला। रतलाम के आलोट से पुलिस ने 23 साल के एक युवक को गिरफ्तार कर एनआईए को सौंप दिया है। अब आगे की कार्रवाई एनआईए द्वारा की जाएगी। पुलिस के अनुसार एनआईए (NIA) रांची द्वारा देश विरोधी व अवैधानिक गतिविधियों में संलिप्त फहजान अंसारी को गिरफ्तार किया गया था। जिससे पूछताछ करने पर रतलाम जिले के व्यक्ति से सोशल मीडिया के माध्यम से कनेक्शन मिलने पर एनआईए रांची द्वारा रतलाम पुलिस से संपर्क किया गया।मामले की जानकारी मिलते ही एसपी राहुल कुमार लोढा द्वारा एएसपी राकेश कुमार खाखा के मार्गदर्शन में एनआईए, एटीएस, व थाना आलोट की संयुक्त टीम बनाई गई। नाम बदलकर चला रहा था सोशल मीडिया :आरोपी राहुल सेन अपना नाम सोशल मीडिया पर ओमर नाम से आईडी चला रहा था। वह झारखंड के युवक से भी इसी नाम से बात कर रहा था। उसका यूट्यूब व अन्य हैंडल आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़ी जानकारी को सर्च करता रहता है। सूत्रों की माने तो 2014 से वह इस आतंकी संगठन से प्रभावित हुआ था। जिसके बाद वह 2021 में इस तरह से सोशल मीडिया पर एक्टिव हुआ। फिलहाल अब पुलिस पूरे कनेक्शन की जांच में जुटी है। सराहनीय भूमिका –निरीक्षक एनआईए अभिषेक, थाना प्रभारी आलोट निरीक्षक दिनेश कुमार, उनि जोरावर सिंह एएसआई अशोक चौहान, आर अंकित काला, आर. महेंद्र सिंह, आर शुभम भाटी, म.आर. अनिता जाटव, उनि शिशुपाल सिंह (NIA), एएसआई शिवकुमार द्विवेदी, आर सीताराम तांडेकर।

पटवारियों की हड़ताल : सरकार को सदबुद्धि की कामना लेकर लोटन यात्रा पर निकले पटवारी, आज 18वे दिन मां कालिका से की प्रार्थना

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर रतलाम जिले के पटवारी 28 अगस्त से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर है। हड़ताल के 18वें दिन आज गुरुवार को जिले के सभी पटवारियों द्वारा गुलाब चक्कर से कालिका माता मंदिर तक लुढ़कन यात्रा निकाली गई। यात्रा में शिवराज सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी हुई। नारेबाजी करते हुए पटवारियों ने लुढ़कने वाले अपने साथियों पर पुष्प वर्षा भी की। इस दौरान महिला पटवारी हाथों में संघ का बैनर थामे चलती नजर आई। पटवारी संघ के तहसील कोषाध्यक्ष अमृत कुमार आंजना ने बताया की मप्र पटवारी संघ के आह्वान पर मप्र के 19 हजार पटवारियों के साथ हमारी हड़ताल को आज 18 दिन हो चुके है। पिछले 18 दिन से हम अलग अलग तरीकों से शिवराज सरकार को मनाने की कोशिश कर रहे है मगर अब तक उन पर कोई असर नहीं हुआ है। आज हमने लोटन यात्रा करते हुए मा कालिका से शिवराज सरकार को सदबुद्धि देने की प्रार्थना कि है। ताकि हमारी मागों का निराकरण जल्द कर सके। आंदोलित पटवारियों का कहना है कि वे करीब 25 साल से ग्रेड-पे समयमान वेतनमान, पदोन्नति, भत्तों में बढ़ोत्तरी और तकनीकी संसाधनों में कमी सहित अन्य मांगें कर रहे है। लेकिन उनकी मांगों का अभी तक कोई निराकरण नहीं हुआ है। यात्रा में संघ के जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पाटीदार, सचिव धीरज परमार, कोषाध्यक्ष बालमुकुंद चौहान, मीडिया प्रभारी दिग्विजय जलधारी आदि मौजूद रहे।

संवरेगा भविष्य : शहर विधायक के प्रयास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुहर, पीएम रखेंगे वर्चुअल आधारशिला

50 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार, दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेस वे यानी 8 लेन से होगा जुड़ाव, 1848.86 करोड़ रुपये होंगे खर्च रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। अब इंदौर, पीथमपुर, धार, देवास, झाबुआ, उज्जैन, खण्डवा, बुरहानपुर, नीमच, मंदसौर के बाद रतलाम में भी 1800 हेक्टेयर में नया बड़ा औद्योगिक क्षेत्र बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने रतलाम प्रवास के दौरान रतलाम में मेगा औद्योगिक पार्क विकसित करने की घोषणा की थी। इस नए औद्योगिक क्षेत्र में इंडस्ट्रियल पार्क , टेक्सटाइल्स पार्क के साथ लॉजिस्टिक हब बनाए जाएंगे। आपको बता दे कि शहर विधायक चेतन्य काश्यप लगातार शहर को उद्योगों से जोड़ने के प्रयास में थे। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को मध्य प्रदेश के दौरे के दौरान रतलाम इंडस्ट्रियल पार्क की आधारशिला रखेंगे। रतलाम के पास प्रस्तावित बिबडौद निवेश क्षेत्र में बुनियादी कामों के लिए एमपीआइडीसी (MPIDC) ने 16 करोड़ रुपये का टेंडर जारी करने के बाद वर्क ऑर्डर भी दे दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीना में होने वाले कार्यक्रम से वर्चुअल रतलाम इंडस्ट्रियल पार्क की आधारशिला रखेंगे। यह पार्क रतलाम के लिए बड़ी सौगात है। शहर से करीब 8 किलोमीटर दूर बिबड़ौद-जुलवानिया विशेष निवेश क्षेत्र की आधारशिला प्रधानमंत्री मोदी द्वारा रखी जाएगी। खास बात यह है कि यहां किसी भी उद्योग की बाध्यता नहीं है, यानी हर प्रकार का उद्योग यहां लगाया जा सकेगा। इसके चलते लाजिस्टिक, टैक्सटाइल, रैनवियर, फार्मा, प्रोडक्शन, एजूकेशन, डीपी सहित सभी प्रकार के उद्योग लग सकेंगे। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से बड़ा फायदा :मेगा पार्क में कपड़ा, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए एक प्रमुख केंद्र बनाने की अवधारणा की गई है। यह पार्क दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे (delhi – mumbai Xpress way) से बेहतर तरीके से जुड़ा होगा और पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा। रतलाम का यह निवेश क्षेत्र लाजिस्टिक हब के रूप में विकसित होगा। प्रदेश शासन ने पहले चरण के लिए 462 करोड़ रुपये आवंटित कर दिए है। इसके विकास के लिए एमपीआइडीसी (MPIDC) को नोडल एजेंसी बनाया गया है। मिलेगा रोजगार, 1 हजार से अधिक उद्योग :पार्क में छोटे-बड़े 1000 उद्योग आने की संभावना है, जिससे प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर करीब 50 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे के चालू होने के बाद निवेश क्षेत्र की मांग की असल तस्वीर सामने आने लगेगी। विभागीय स्तर पर भी इसका इंतजार किया जा रहा है। दरअसल रतलाम शहर दिल्ली व मुंबई के मध्य में स्थित है। जिस कारण दोनों महानगरों के औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी सामग्री की आपूर्ति को लेकर यहां डिपो स्थापित होने की संभावना बढ़ गई है। यहां समय की बचत होगी, जो दूरी सड़क के रास्ते 13 में तय की जाती आ रही है वो अब करीब 8 घण्टे में तय की जा सकेगी। निवेश क्षेत्र में एक नजर में :यह निवेश क्षेत्र 1482.53-हेक्टेयर शासकीय भूमि पर तैयार होगा। निवेश क्षेत्र की संपूर्ण भूमि शासकीय है। पार्क को मूर्त रूप देने के लिए1848.86 करोड़ रुपये विकास कार्य के लिए खर्च होंगे। 462 करोड़ रुपये का आवंटन पहले चरण में हो चुका है। 16 करोड़ के कामों का टेंडर शुरुआत में हो चुका है। इसमें बिबडौद 724.23हेक्टेयर, सरवनी खुर्द 28.660हेक्टेयर, जामथुन 2.15000हेक्टेयर, जुलवानिया 87.030हेक्टेयर, पलसोड़ी 634.523हेक्टेयर, रामपुरिया 5.940हेक्टेयर गांवो की भूमि का उपयोग होगा।

फिर धराया “सोना” : शहर सराय में पकड़ा 1 लाख से अधिक का अवैध सोना, उज्जैन के युवक को लिया हिरासत में

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। कुछ दिनों पहले रतलाम पुलिस ने स्टेशन रोड क्षेत्र में अवैध सोने को लेकर एक बड़ी कार्रवाई की थी। इस दौरान पुलिस ने करीब 8 करोड़ रुपये का सोना अवैध परिवहन करते पकड़ा था। जिसकी जांच अभी तक चल ही रही है। बुधवार को दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र पुलिस ने करीब 1 लाख 6 हजार कीमत का अवैध सोना पकड़ा है। पुलिस ने बताया की सूचना मिली थी की स्टेशन रोड से एक व्यक्ति जिसने सफ़ेद रंग की टी शर्ट व नीले रंग का पेंट पहना हुआ है, उसके पास अवैध सोना है। सुचना पर एसपी राहुल कुमार लोढा के निर्देशन व एएसपी राकेश कुमार खाखा के मार्गदर्शन में एसआई अनुराग यादव ने जवानों के साथ शहर सराय चौराहे पर चेक करते व्यक्ति को रोका। पुछताछ में उसने अपना नाम सावन कसेरा पिता गोपाल कसेरा उम्र 38 वर्ष निवासी शांति पैलस के पीछे तिरुपति प्लैटिनम कालोनी 138, नाना खेडा उज्जैन का रहने वाला बताया। तलाशी के दौरान उसके पास बेग में ज्वेलरी मिली। जिसके ज्वेलर्स के संबंध मे कोई विधिवत दस्तावेज पुलिस को नहीं मिला। उक्त ज्वेलरी को लाने और ले कर जाने के सम्बन्ध में कोई संतोषजनक उत्तर नहीं देने पर उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुछताछ के बाद ज्वेलरी वजनी करीब 28.47 ग्राम के लगभग ज्वेलरी मिली। जिसकी किमती करीब 1 लाख 6 हजार रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने सोना जप्त करते हुए जांच के लिए अन्य संबंधित विभागों को भी सूचना कर दी है।

बछ बारस पर्व : विजयवर्गीय वैश्य समाज का नवाचार, पहली बार 13 परिवारों ने किया सामूहिक व्रत का उद्यापन

बछ बारस की कहानी भी अनूठी, जब पहली बार जंगल गए कृष्ण तो हुआ कुछ ऐसा! रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। विजयवर्गीय वैश्य समाज रतलाम के विजयवर्गीय महिला मंडल द्वारा बछ बारस का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस बार बछ बारस पर्व पर समाज ने एक नवाचार की शुरुआत की। समाज के आव्हान पर 13 परिवारों ने बछ बारस व्रत का अलग – अलग उद्यापन करने की बजाय सामुहिक रूप से उद्यापन किया। यह संभवतः पहली बार है जब बछ बारस व्रत का उद्यापन सामूहिक हुआ है। समाज के रत्नेश विजयवर्गीय ने बताया कि विजयवर्गीय वैश्य समाज रतलाम की पहल पर पहली बार सामूहिक व्रत की परंपरा प्रारंभ की गई। इस अवसर पर 200 से अधिक महिलाओं ने सामुहिक भोजन किया। सामुहिक उद्यापन से एक अकेले व्यक्ति पर भार नहीं पड़ा, बल्कि इसका खर्च अलग अलग 13 परिवारों ने उठाया। जिससे प्रत्येक परिवार के खर्च व समय दोनों की बचत हुई। कार्यक्रम में सम्मिलित सभी महिलाओं को चांदी की बिछिया भेंट दी गई। इस दौरान महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमति श्रद्धा विजयवर्गीय, श्रीमति ललिता विजयवर्गीय, श्रीमतिउषा विजयवर्गीय, श्रीमति कांति विजयवर्गीय, श्रीमति सुधा विजयवर्गीय, श्रीमति कोसल्या विजयवर्गीय, श्रीमति अंजना विजयवर्गीय, श्रीमति सुमन विजयवर्गीय, श्रीमति दीपिका विजयवर्गीय, श्रीमति आकांक्षा विजयवर्गीय,श्रीमति सुरभि विजयवर्गीय, श्रीमति रितु विजयवर्गीय,श्रीमति आयुषी विजयवर्गीय, श्रीमति नेहा विजयवर्गीय आदि शामिल रही। पहली बार गाय चराने निकले थे भगवान :बछ बारस मनाने के पीछे मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण पहली बार गाय चराने घर से निकले थे। यह पर्व माता यशोदा और श्रीकृष्ण के बीच स्नेह का जीवंत प्रतीक है। भाद्रपद की कृष्ण पक्ष की द्वादशी को भगवान श्रीकृष्ण जंगल में गाय चराने गए थे। पुत्र की चिंता और उसे कष्ट व दुविधा से बचाने के लिए माता यशोदा ने कई जतन किए। उनका लाड़ला इतनी देर घर से बाहर रहने वाला था। इसलिए माता पुत्र के पसंद के सभी व्यंजन बनाए। श्रीकृष्ण के प्रथम बार जंगल में जाने पर गोकुल गांव की हर माता ने कृष्ण के प्रति दुलार प्रकट करने के लिए उनके पसंद के व्यंजन बनाए। श्रीकृष्ण के साथ जंगल जाने वाली गायों और बछड़ों के लिए भी मूंग, मोठ और बाजरा अंकुरित किया गया। जब वे वापस लौटे तो गोकुल वासियों ने गाय व बछड़ों का पूजन किया। इस तरह बछ बारस का व्रत और पर्व अस्तित्व में आया।

बड़ी कार्रवाई : 8 करोड़ का 13 किलो गोल्ड चढ़ा रतलाम पुलिस के हत्थे, बैग से मिला जीपीएस ट्रेकर और विदेशी मुद्राएं, देखे वीडियो

बड़ी कार्रवाई : 8 करोड़ का 13 किलो गोल्ड चढ़ा रतलाम पुलिस के हत्थे, बैग से मिला जीपीएस ट्रेकर और विदेशी मुद्राएं, देखे वीडियो रतलाम – पब्लिक वार्ता, जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश के रतलाम में पुलिस ने 13 किलो से अधिक का सोना (GOLD) पकड़ा। दो युवकों के पास से जप्त इस सोने की कीमत 8 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। यह सोना मुंबई से रतलाम लाया गया। पुलिस की कार्रवाई के बाद जप्त सोने के बारे में जांच के लिए जीएसटी (GST) व आयकर (INCOME TAX DEPARTMNET) के अधिकारी भी थाने पहुंचे व जांच में जुट गए है। इतनी बड़ी मात्रा में सोना जप्ती की खबर लगते ही रतलाम के सराफा व्यापारी भी पुलिस थाने पर पहुंच गए। देखे वीडियो : [embedyt] https://www.youtube.com/watch?v=bnm_fBs3joE[/embedyt] कार्रवाई को अंजाम देने वाले प्रशिक्षु आईपीएस मयूर खंडेलवाल ने बताया की मुखबिर से सूचना मिलने पर शनिवार सुबह 5 बजे दो संदिग्ध युवकों को थाना स्टेशन रोड क्षेत्र से पकड़ा। तलाशी के दौरान इनके पास बैग में 100 अलग-अलग पार्सल थे, जिनमे सोने के आभूषण रखे थे। बैग में 1 जीपीएस ट्रैकर, तथा विदेशी मुद्राएं (डॉलर, दिरहम, रियाल) भी मिली है। पूछताछ में पकड़ाए गए युवकों ने पुलिस को बताया कि यह सोना मुंबई से रतलाम लाए थे। पुलिस के अनुसार पकड़े गए युवक सुभाष वर्मा पिता शैतानराम निवासी रामपुरा, तहसील श्रीमाधोपुर सीकर (राजस्थान) तथा दूसरा युवक प्रवीण पिता राम निवास सैनी, निवासी महेंद्रगढ़ (हरियाणा) है। यह दोनों कोरियर कंपनी के युवक बताए जा रहे है। जो कि मुंबई से रतलाम कोरियर बॉय के रूप में सोना लाने का काम करते है। फिलहाल पुलिस इनसे गहनता से पूछताछ कर रही है और मामले की जांच में जुटी है। किसी का नहीं बैठा जुगाड़, जमा हुए व्यापारी : सोना पकड़ने की सूचना जैसे ही रतलाम के सराफा व्यापारियों को लगी तो सभी पुलिस थाने पहुंच गए। सूत्रों की माने तो जप्त किया गया सोना रतलाम के साथ ही उज्जैन जिले के खाचरौद, राजस्थान के प्रतापगढ़ एवं बांसवाड़ा आदि क्षेत्रों के सराफा व्यापारियों का है जो कि आर्डर के बाद रतलाम में डिलिवर होना था। व्यापारी सुबह से ही थाने पर पहुंचकर बिल आदि दिखाने में जुट गए थे। मगर पूरा मामला आयकर से जुड़ा होने पर पुलिस ने सभी को कॉपरेट करने की बात कही। मामले में अब आयकर व जीएसटी के अधिकारी जांच में जुटे है।

वेतन का इंतजार : सफाई मित्रों को नहीं मिला समय पर वेतन, त्यौहार मनाने के लिए नहीं है रुपये! कैसे मनाएंगे गोगा नवमीं?

वेतन का इंतजार : सफाई मित्रों को नहीं मिला समय पर वेतन, त्यौहार मनाने के लिए नहीं है रुपये! कैसे मनाएंगे गोगा नवमीं? सैलाना/रतलाम – पब्लिक वार्ता, (रिपोर्ट – जयदीप गुर्जर) वाल्मिकी समाज के आराध्य देव गोगा देवजी का जन्मोत्सव शुक्रवार को धूमधाम से मनाया जाएगा है। इस दिन को समाज गोगा नवमीं के रूप में मनाता है। तरह – तरह की मिठाईयां, नये कपड़े आदि की आवश्यकता त्यौहार मनाने के लिए होती है। मगर रतलाम की सैलाना नगर परिषद के सफाई मित्र इस बार अपने आराध्य का त्यौहार हर्षोल्लास से नही मना पाएंगे। मामला सैलाना नगर परिषद के सफाई कार्य में लगे दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के वेतन से जुड़ा है। करीब 8 से 10 कर्मियों का पिछले माह के वेतन का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। जबकी हर माह की पहली तारीख को वेतन का भुगतान कर दिया जाता है। लेकिन इस बार परिषद के अधिकारियों की अनदेखी व लेटलतीफी के चलते सफाई मित्रों के आराध्य गोगा देवजी के जन्मोत्सव का हर्षोल्लास कई परिवार नहीं मना पाएंगे। पूरे मामले में सैलाना नगर परिषद के सीएमओ अनिल जोशी से पब्लिक वार्ता न्यूज ने संपर्क करना चाहा मगर संपर्क नहीं हो पाया। प्रभारी अकाउंटेंट नगर परिषद भीमसेन लहरी से जब संपर्क किया तो उनका कहना था की मेरे पास अतिरिक्त प्रभार है, ज्यादा जानकारी मैं नहीं दे पाऊंगा। जानकारी सीएमओ साहब ही दे पाएंगे। ना कपड़े ना मिठाई, कैसे मनाएं त्यौहार : सफाई कर्मियों ने पब्लिक वार्ता से बातचीत में बताया कि “सालभर में एक बार गोगादेवजी का त्यौहार आता है। लेकिन, इस बार अब तक वेतन ना मिलने से घर में त्योहार की कोई तैयारी नही कर पाए हैं। ना कोई नए कपड़े, ना घर में कोई सामान ला पाए हैं। ऐसे में कैसे त्योहार मना पाएंगे।” संज्ञान में नहीं था, तुरंत दिखवाता हूं : पिछले माह के वेतन का भुगतान सफाई मित्रों को अब तक नहीं होने का मामला संज्ञान में नहीं था। भुगतान संबंधित कार्य सीएमओ देखते है। तुरंत इसे दिखवाता हूं। – चेतन्य लक्की शुक्ला (नगर परिषद अध्यक्ष, सैलाना)