MP News: 18 महीने बाद जिंदा लौटी महिला, परिवार कर चुका था अंतिम संस्कार, चार लोग काट रहे थे हत्या की सजा  

मंदसौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जिस महिला को 18 महीने पहले मृत मानकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था, वह जिंदा लौट आई। इस घटना ने पुलिस और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि इस मामले में चार लोगों को हत्या का दोषी मानते हुए जेल भेज दिया गया था।   कैसे हुआ खुलासा   इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, ललिता बाई नामक यह महिला अचानक पुलिस स्टेशन पहुंची और अपने जीवित होने की पुष्टि की। जब यह खबर उसके परिवार तक पहुंची तो वे हैरान रह गए, क्योंकि उन्होंने डेढ़ साल पहले ही उसके शव की पहचान कर अंतिम संस्कार कर दिया था।   ललिता के पिता रमेश नानूराम बांछड़ा ने बताया कि उन्होंने शारीरिक निशानों के आधार पर शव की पहचान की थी, जिसमें उसके हाथ पर टैटू और पैर के चारों ओर बंधा काला धागा शामिल था। शव की पहचान के बाद परिवार ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया था।    हत्या का मामला दर्ज कर जेल भेजे गए थे चार लोग   इस कथित हत्या के मामले में पुलिस ने चार लोगों इमरान, शाहरुख, सोनू और एजाज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन ललिता के जिंदा लौटने के बाद अब यह मामला उलझ गया है।   ललिता ने बताई अपनी आपबीती   अपने लापता होने की कहानी बताते हुए ललिता ने पुलिस को बताया कि वह शाहरुख के साथ भानुपरा गई थी। वहां दो दिन रहने के बाद उसे कथित तौर पर शाहरुख नामक एक अन्य व्यक्ति को 5 लाख रुपये में बेच दिया गया। इसके बाद वह डेढ़ साल तक कोटा में रही और फिर किसी तरह भागकर अपने गांव लौटी।   जांच में जुटी पुलिस   ललिता ने अपनी पहचान की पुष्टि के लिए आधार कार्ड और वोटर आईडी जैसे दस्तावेज पेश किए। गांधी सागर पुलिस स्टेशन की प्रभारी तरुणा भारद्वाज ने बताया कि ललिता कुछ दिन पहले ही पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट करने आई थी कि वह जीवित है। पुलिस ने पड़ोसियों और परिवार के सदस्यों से उसकी पहचान सत्यापित कराई, जिन्होंने पुष्टि की कि वह सच में ललिता ही है।   अब पुलिस इस पूरे मामले की दोबारा जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया था, वह किसका था और हत्या के मामले में जेल में बंद चार लोगों का क्या होगा।   क्या होगा आगे   ललिता के जिंदा लौटने से कई सवाल खड़े हो गए हैं   1. जिस शव का अंतिम संस्कार किया गया, वह किसका था   2. क्या ललिता के परिवार से कोई गलती हुई या फिर किसी ने जानबूझकर उन्हें गुमराह किया   3. जिन चार लोगों को हत्या का दोषी मानकर जेल भेजा गया, उनके साथ अब क्या होगा   पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। यह घटना मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था और पुलिस जांच के तरीकों पर भी सवाल खड़े कर रही है।  

Ratlam News: रतलाम रेलवे हायर सेकेंडरी स्कूल के 1985-86 बैच के पूर्व छात्र मिले, स्कूली यादें हुईं ताजा

रतलाम-  पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रेलवे हायर सेकेंडरी स्कूल, रेलवे कॉलोनी रतलाम के वर्ष 1985-86 बैच के पूर्व छात्र 25 साल बाद एक बार फिर मिले और पुरानी यादों को ताजा किया। यह पुनर्मिलन कार्यक्रम शिवपुर रोड स्थित ग्राम इटावा खुर्द में आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से आए साथी शामिल हुए।   इस मिलन समारोह की योजना सुनील गुप्ता ने बनाई, जबकि गोपाल बारवाल और शरद चतुर्वेदी ने फिल्म “कभी अलविदा ना कहना” गीत प्रस्तुत कर भावनात्मक माहौल बना दिया। कार्यक्रम में “जोड़ी मिलाओ,” “कौन है श्रेष्ठ,” “स्कूल का अच्छा विद्यार्थी” जैसी रोचक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें विजेताओं को सम्मानित भी किया गया।   समारोह के दौरान सभी पूर्व छात्रों ने एक साथ मिलकर “तेरे जैसा यार कहाँ, कहाँ ऐसा याराना” गीत गाया, जिससे माहौल भावुक हो उठा और कई लोगों की आंखें नम हो गईं। इस मौके पर दिवंगत शिक्षकों और साथियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।   अगले वर्ष फिर मिलने का लिया संकल्प कार्यक्रम के अंत में सभी ने अगले वर्ष पुनः मिलने का वादा किया। इस पुनर्मिलन में बड़ोदरा, अहमदाबाद, इंदौर और रतलाम से आए साथी शामिल हुए, जिनमें प्रमुख रूप से अरविंद तिवारी, शैलेंद्र गोठवाल, सुशील माथुर, कमल शर्मा, राजेश मोदी, ओम प्रकाश यादव, अनिल शर्मा, राजीव गोधरा, किशोर सिंगला, श्याम अकोदिया, दुर्गालाल मीणा, कमलेश दरवानी, प्रदीप वर्मा, बाबूलाल पाल, राजेश जैन और मनोज पोरवाल उपस्थित थे।  

Ratlam News: पालक संघ और अभा ग्राहक पंचायत का बुक बैंक शुरू, पहले दिन 100 लोगों ने लिया लाभ  

रियायती दरों पर स्टेशनरी भी उपलब्ध, गौ सेवा में होगी राशि का उपयोग   रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: पालक  संघ और अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत द्वारा संचालित बुक बैंक का शुभारंभ शनिवार को हुआ। पहले ही दिन 100 से अधिक विद्यार्थियों और अभिभावकों ने इस सुविधा का लाभ उठाया। विद्यार्थियों ने अपनी पुरानी किताबें जमा कराई और नई कक्षा की पाठ्य पुस्तकें प्राप्त कीं। यह सेवा टीआईटी रोड स्थित दत्त कृपा कार्यालय (एचडीएफसी बैंक के पीछे) पर 22 से 29 मार्च तक प्रतिदिन शाम 5 से 8 बजे तक उपलब्ध रहेगी।   पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर पुस्तक वितरण   इस बार बुक बैंक में पहले आओ, पहले पाओ की व्यवस्था लागू की गई है। 13 मार्च से ही पुस्तकें जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी, जिसके लिए विद्यार्थियों को टोकन जारी किए गए। टोकन धारकों को प्राथमिकता के आधार पर पुस्तकें दी जा रही हैं, जिससे बड़ी संख्या में विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं।   स्टेशनरी पर 40 प्रतिशत तक छूट, गौसेवा में होगा लाभ   इस वर्ष पालक संघ और ग्राहक पंचायत ने बुक बैंक के साथ ही विद्यार्थियों को राहत देने के लिए रियायती दरों पर कॉपियां भी उपलब्ध कराने की पहल की है। मांगल्य मंदिर ट्रस्ट द्वारा संचालित इस स्टेशनरी स्टॉल पर बाजार मूल्य से 30 से 40 प्रतिशत कम कीमत पर कॉपियां उपलब्ध कराई जा रही हैं। खास बात यह है कि स्टेशनरी की बिक्री से प्राप्त राशि श्री कृष्ण कामधेनु गौशाला में गौ सेवा के लिए उपयोग की जाएगी।   सेवा प्रकल्प में सक्रिय कार्यकर्ता   इस समाजसेवी पहल में पालक संघ और अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के प्रांत सह संयोजक अनुराग लोखंडे, महेंद्र भंडारी, श्याम लालवानी, सत्येंद्र जोशी, कमलेश मोदी, नीरज कुमार शुक्ला, राजेश व्यास, रूपसिंह बघेल, पारस कसेरा, नीतेश कटारिया सहित कई कार्यकर्ता सेवा दे रहे हैं।   कैसे उठाएं लाभ   – पुस्तकें प्राप्त करने व जमा कराने के लिए शाम 5 से 8 बजे तक दत्त कृपा कार्यालय, टीआईटी रोड पर जाएं।   – पहले पुस्तकें जमा कराने वालों को प्राथमिकता मिलेगी।   – स्टेशनरी स्टॉल से 30 से 40 प्रतिशत तक की छूट पर कॉपियां खरीद सकते हैं।   समाजसेवा और शिक्षा को बढ़ावा देने की इस पहल को अभिभावकों और विद्यार्थियों का भरपूर समर्थन मिल रहा है।

Ratlam News: महापौर चैंपियंस ट्रॉफी का भव्य शुभारंभ, खिलाड़ियों में उत्साह  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: नगर निगम रतलाम द्वारा आयोजित महापौर चैंपियंस ट्रॉफी का भव्य शुभारंभ नेहरू स्टेडियम (पोलोग्राउंड) में हुआ। 22 से 30 मार्च तक चलने वाले इस क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन महापौर प्रहलाद पटेल, उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल, पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, निगम अध्यक्ष मनीषा शर्मा सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में किया गया। शुभारंभ समारोह में भव्य आतिशबाजी, लेजर लाइट शो और बैंड की सुमधुर धुन ने आयोजन को यादगार बना दिया।   खेल से बढ़ता है अनुशासन और जीतने का जज़्बा   महापौर प्रहलाद पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि खेल से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि अनुशासन और जीतने की मानसिकता भी विकसित होती है। उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल ने महापौर चैंपियंस ट्रॉफी को सराहनीय पहल बताते हुए कहा, व्यक्ति को कभी मैदान नहीं छोड़ना चाहिए, सफलता और असफलता जीवन का हिस्सा हैं।   पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए ऐसे आयोजनों की महत्त्वपूर्ण भूमिका है, जिससे खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय ने भी नगर में लगातार हो रहे खेल आयोजनों की सराहना की।    आठ दिनों तक रोमांचक मुकाबले, विजेता को एक लाख इक्यावन हजार का पुरस्कार   महापौर चैंपियंस ट्रॉफी में दस टीमें भाग ले रही हैं, जो अगले आठ दिनों तक अंतरराष्ट्रीय चैंपियंस ट्रॉफी के पैटर्न पर रोमांचक मुकाबले खेलेंगी। टूर्नामेंट का पहला मैच जवाहर इलेवन और श्री इलेवन के बीच हुआ, जिसमें श्री इलेवन ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी।   टूर्नामेंट में विजेताओं के लिए आकर्षक पुरस्कार रखे गए हैं   विजेता टीम को एक लाख इक्यावन हजार रुपये और ट्रॉफी   उपविजेता टीम को इकहत्तर हजार रुपये और ट्रॉफी   मैन ऑफ द सीरीज को इकतीस हजार रुपये और ट्रॉफी   सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज को ग्यारह हजार रुपये और ट्रॉफी   सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज को ग्यारह हजार रुपये और ट्रॉफी   सर्वश्रेष्ठ फील्डर को पांच हजार एक सौ रुपये और ट्रॉफी   मैन ऑफ द मैच को दो हजार एक सौ रुपये और ट्रॉफी   खेल प्रेमियों और गणमान्य नागरिकों की शानदार उपस्थिति   उद्घाटन समारोह में भाजपा जिला उपाध्यक्ष बलवंत भाटी, सुनील सारस्वत, मंडल अध्यक्ष मयूर पुरोहित, निलेश गांधी, कृष्ण कुमार सोनी, विनोद यादव, महापौर परिषद सदस्यों सहित कई जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, क्रिकेट जगत की प्रतिष्ठित हस्तियां और सभी दस टीमों के खिलाड़ी उपस्थित रहे।   कार्यक्रम का संचालन विकास शैवाल ने किया और आभार प्रदर्शन राकेश मिश्रा ने किया। महापौर चैंपियंस ट्रॉफी के भव्य शुभारंभ ने नगर में खेलों के प्रति नई ऊर्जा का संचार किया है।  

MP News: जावरा रोड पर शराब की दुकान हटाने की मांग, स्थानीय नागरिकों में रोष  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क।  MP News: वार्ड क्रमांक 31, जावरा रोड पर स्थित देशी शराब की दुकान को हटाने की मांग जोर पकड़ रही है। प्रांतीय मंत्री अनिल रानीवाल ने इस संबंध में जिला कलेक्टर को पत्र भेजकर जनहित और समाजहित में दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित करने की अपील की है। मुख्य आपत्तियाँ   शराब की दुकान मेन रोड पर होने के कारण आए दिन शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे स्थानीय नागरिकों को असुविधा होती है।   दुकान के पास ही पीर बाबा की दरगाह दस मीटर, शीतला माता मंदिर तीस मीटर और शासकीय विद्यालय सत्तर मीटर की दूरी पर स्थित हैं। धार्मिक स्थल और स्कूल के पास शराब की दुकान होना सामाजिक दृष्टि से आपत्तिजनक है।   शराबियों की गतिविधियों से सड़क पर झगड़े और विवाद बढ़ रहे हैं, जिससे महिलाओं और बच्चों को असुरक्षा महसूस होती है।   यह इलाका मुख्य सड़क से जुड़ा होने के कारण यहाँ से भारी वाहनों की आवाजाही होती है, जिससे शराबियों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।   प्रशासन को दी चेतावनी   पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि जल्द से जल्द इस शराब दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया गया, तो स्थानीय नागरिक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।   स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया   क्षेत्रवासियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों, धार्मिक स्थलों और शैक्षणिक संस्थानों के पास शराब की दुकान होने से सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। महिलाओं और बच्चों को यहाँ से गुजरने में डर लगता है।   क्या होगा अगला कदम   वप्रिल दो हजार पच्चीस में नए शराब दुकान लाइसेंस जारी होने हैं, ऐसे में प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है कि इस दुकान को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या निर्णय लेता है।  

MP News: मध्यप्रदेश में बलात्कार के मामलों में 19% वृद्धि, प्रतिदिन 20 घटनाएं  

पिछले पांच वर्षों में इंदौर में सर्वाधिक 2301 मामले, झाबुआ में 158% वृद्धि   भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की स्थिति गंभीर होती जा रही है। वर्ष 2024 में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 20 बलात्कार की घटनाएं दर्ज की गईं। वर्ष 2020 में यह संख्या 6134 थी, जो 2024 में बढ़कर 7294 हो गई, यानी पांच वर्षों में बलात्कार के मामलों में 19% की वृद्धि हुई।   मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह जानकारी विधानसभा में विधायक पंकज उपाध्याय के प्रश्न के उत्तर में दी। मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि 2023-24 के वार्षिक प्रतिवेदन में दर्शाई गई बलात्कार की कुल संख्या 5374 असत्य थी। वास्तविक आंकड़ा 7202 था, जिसमें से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं से जुड़े मामलों की संख्या 3831 थी। जबकि वार्षिक प्रतिवेदन में इसे केवल 883 बताया गया था।   वार्षिक प्रतिवेदन के आंकड़े असत्य   मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि महिला सुरक्षा शाखा और अजाक शाखा से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर यह गड़बड़ी हुई। जिलों से वास्तविक आंकड़े मंगाने पर पता चला कि रिपोर्ट में दी गई संख्या से वास्तविक आंकड़े काफी अधिक हैं।   विधायक पंकज उपाध्याय ने आरोप लगाया कि वार्षिक प्रतिवेदन में वास्तविक संख्या छिपाने का प्रयास किया गया और विधानसभा में गलत आंकड़े पेश कर उसकी अवमानना की गई।   2023 की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक कुल बलात्कारों की संख्या 5374 थी, जबकि असल में यह 7202 रही। अनुसूचित जाति की महिलाओं से जुड़े मामले 883 बताए गए, लेकिन असल में यह 3831 थे। यानी अनुसूचित जाति व जनजाति की महिलाओं से बलात्कार के मामले 340% अधिक निकले।   जातिगत आधार पर बलात्कार के बढ़ते आंकड़े   मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, अनुसूचित जाति की महिलाओं से बलात्कार की घटनाओं में 10%, अनुसूचित जनजाति में 26%, पिछड़ा वर्ग में 20% और सामान्य वर्ग में 24% की वृद्धि हुई है।   2020 से 2024 के बीच अनुसूचित जाति की महिलाओं के बलात्कार के मामलों में सरकारी रिपोर्ट और वास्तविक आंकड़ों में भारी अंतर देखा गया।   वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार 2020 में 546, 2021 में 611, 2022 में 593, 2023 में 538 और 2024 में 557 मामले थे, जबकि वास्तविक आंकड़ों के अनुसार 2020 में 1640, 2021 में 1712, 2022 में 1861, 2023 में 1769 और 2024 में 1799 मामले सामने आए।   इसी प्रकार अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए भी सरकारी रिपोर्ट में आंकड़े काफी कम बताए गए। वार्षिक रिपोर्ट में 2020 में 395, 2021 में 394, 2022 में 403, 2023 में 345 और 2024 में 359 मामले बताए गए, जबकि वास्तविक आंकड़े 2020 में 1742, 2021 में 1968, 2022 में 2874, 2023 में 2062 और 2024 में 2194 रहे।   जिलावार बलात्कार के आंकड़े   पिछले पांच वर्षों में इंदौर जिला बलात्कार के मामलों में सबसे आगे रहा, जहां 2301 मामले दर्ज हुए। इसके बाद भोपाल में 1949, धार में 1602, खरगोन में 1230, सागर में 1200, जबलपुर में 1056 और रतलाम में 1018 मामले सामने आए।   सबसे अधिक वृद्धि झाबुआ में देखी गई, जहां 158% की बढ़ोतरी दर्ज हुई। इंदौर शहर में 103% वृद्धि, इंदौर ग्रामीण में 69% वृद्धि, भोपाल शहर में 59% वृद्धि और रतलाम में 46% वृद्धि दर्ज की गई।   वहीं, बालाघाट और जबलपुर में क्रमशः 33% और 15% की कमी आई। गुना, अशोकनगर, भिंड, बुरहानपुर, शाजापुर, कटनी, सिवनी, पन्ना, सतना, अनूपपुर और राजगढ़ में भी मामले घटे। ग्वालियर, दमोह और विदिशा में संख्या स्थिर रही।   न्यायालय में सजा का प्रतिशत कम   विधायक पंकज उपाध्याय ने न्यायालय में बलात्कार के मामलों की सफलता दर पर भी सवाल उठाया। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में बलात्कार के मामलों में सजा की दर बेहद कम रही। अनुसूचित जाति के 2739 मामलों में सिर्फ 23% दोषसिद्धि हुई और 77% आरोपी बरी हुए। अनुसूचित जनजाति के 3163 मामलों में 22% दोषसिद्धि हुई और 78% आरोपी बरी हो गए। पिछड़ा वर्ग के 3982 मामलों में 21% दोषसिद्धि और 79% बरी हुए। सामान्य वर्ग के 1222 मामलों में केवल 18% दोषसिद्धि हुई और 82% आरोपी छूट गए।   महिला सुरक्षा पर सवाल   बलात्कार के मामलों में लगातार वृद्धि और न्यायिक प्रक्रिया में कम दोषसिद्धि दर ने महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। विधायक पंकज उपाध्याय ने मांग की है कि सरकार को बलात्कार के मामलों में सही आंकड़े प्रस्तुत करने, दोषियों को कड़ी सजा दिलाने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।  

Ratlam News: चांदनी चौक में सराफाकर्मी पर जानलेवा हमला, पीठ में फंसा चाकू, 2 नाबालिग गिरफ्तार

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शहर में अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। शुक्रवार रात आजाद चौक पर दो बदमाशों ने सराफा कर्मी योगेश राठौर (30) निवासी रामगढ़ पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में चाकू उसकी पीठ में ही फंस गया, जिसे अस्पताल में ऑपरेशन कर निकाला गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।    चाकूबाजी की वारदात से दहशत   शुक्रवार रात करीब 8 बजे योगेश अपनी बाइक लेने और लघुशंका करने आजाद चौक पहुंचा था। तभी वहां पहले से मौजूद दो युवकों ने उस पर अचानक हमला कर दिया। उन्होंने ताबड़तोड़ चाकू से वार किए, जिससे योगेश गंभीर रूप से घायल हो गया। हमलावरों में से एक ने उसकी पीठ पर चाकू घोंप दिया, जो वहीं फंसा रह गया।   रत्यक्षदर्शियों ने बताया घटनाक्रम   प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बादल जाट (ग्राम मूंदड़ी) और महेंद्र सिंह (ग्राम कनेरी) भी उसी समय अपनी बाइक लेने पहुंचे थे। उन्होंने देखा कि दो लड़के योगेश पर चाकू से हमला कर रहे हैं। जब वे बचाने आए, तो हमलावरों ने उन पर भी चाकू लहराया, जिसके बाद वे पीछे हट गए।    पुराने विवाद के चलते हुआ हमला   पीड़ित योगेश और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार शाम चार बजे आजाद चौक पर ये दोनों हमलावर 17 वर्षीय एक किशोर को डरा-धमका रहे थे। योगेश ने इसका विरोध किया और लड़कों से पूछा कि वे उसे क्यों धमका रहे हैं। माना जा रहा है कि इसी विवाद के चलते उन्होंने रात में योगेश पर हमला किया।    अस्पताल में ऑपरेशन कर निकाला चाकू   हमले के बाद आसपास के लोगों ने योगेश को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी पीठ में फंसे चाकू को ऑपरेशन कर निकाला। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।   पुलिस जांच में जुटी   घटना 21 मार्च को हुई, जब योगेश राठौर की दोपहर करीब 2 बजे दो नाबालिग लड़कों से कहासुनी हो गई थी। शाम को दोनों आरोपियों ने इसी विवाद के चलते योगेश पर चाकू से हमला कर दिया। घटना के बाद थाना माणकचौक में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 148 25 धारा 109, 296, 3 5 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।   पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को चाकूबाजी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। उनके मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा और नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया के नेतृत्व में थाना प्रभारी माणकचौक उपनिरीक्षक अनुराग यादव की अगुवाई में एक टीम गठित की गई।   पुलिस टीम ने घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर 3 घंटे के भीतर ही दोनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में ले लिया।   गिरफ्तार आरोपियों में एक विधि विरुद्ध बालक 17 वर्ष और दूसरा 16 वर्ष का है।   इस मामले को सुलझाने में थाना प्रभारी अनुराग यादव, सउनि शिवनाथ राठौर, प्र आर नारायण जादौन, प्र आर दिलीप रावत, आर राजेंद्र, आर नितिन और आर अविनाश की महत्वपूर्ण भूमिका रही।   रतलाम पुलिस की तत्परता से इस मामले में त्वरित कार्रवाई हुई और आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया गया। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने अपराधों पर रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

Ratlam News: किसानों को एमएसपी से कम दाम पर बेचना पड़ रहा गेहूं, जानिए वजह

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में किसानों को अपनी मेहनत की फसल गेहूं न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दाम पर बेचनी पड़ रही है। कृषि उपज मंडी में गेहूं की कीमतें सरकार द्वारा निर्धारित 2425 रुपये प्रति क्विंटल से नीचे जा रही हैं, जिससे किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि सरकारी खरीदी केंद्रों पर अब तक गेहूं की खरीद शुरू नहीं हुई है, जिसके कारण उन्हें मजबूरी में निजी व्यापारियों को औने-पौने दाम पर फसल बेचनी पड़ रही है।   मंडी में गेहूं की बंपर आवक बनी वजह   रतलाम और आसपास के क्षेत्रों में गेहूं की तेजी से हार्वेस्टिंग हो रही है, जिससे कृषि उपज मंडियों में बंपर आवक देखने को मिल रही है। लेकिन सरकारी खरीदी शुरू न होने से किसानों को कम दाम पर ही फसल बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है।   नौगांवा गांव के किसान दीपक प्रजापत ने बताया कि पिछले एक हफ्ते में गेहूं के दाम 300 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर गए हैं। एमएसपी 2425 रुपये प्रति क्विंटल होने के बावजूद मंडी में 2200-2400 रुपये प्रति क्विंटल तक ही दाम मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि खेती से जुड़े खर्चों, मजदूरी और केसीसी की किश्त चुकाने के लिए उन्हें मजबूरी में कम दाम पर गेहूं बेचना पड़ रहा है।   सरकारी खरीद में देरी से बढ़ी किसानों की परेशानी   किसानों का कहना है कि सरकारी खरीदी अप्रैल में शुरू होगी और भुगतान मिलने में भी समय लगेगा। ऐसे में उन्हें तुरंत नकद पैसों की जरूरत होने के कारण मंडी में गेहूं बेचना पड़ रहा है। किसान समर्थ पाटीदार का कहना है कि गेहूं की वास्तविक कीमत 3000 रुपये प्रति क्विंटल तक मिलनी चाहिए, लेकिन फिलहाल हमें एमएसपी से भी कम दाम मिल रहे हैं। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसान को एमएसपी से कम दाम न मिले।   गेहूं के दाम गिरने की बड़ी वजहें   मंडी में गेहूं खरीदने वाले व्यापारी नरेंद्र जैन ने बताया कि इस बार मंडी में नमीयुक्त और मध्यम गुणवत्ता का गेहूं अधिक मात्रा में आ रहा है, जिससे उसके दाम 2200-2400 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर गए हैं। हालांकि, अच्छी गुणवत्ता और सूखा गेहूं 2700-2800 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है।   किसानों को चाहिए समय पर सरकारी खरीद   किसान संगठनों का कहना है कि अगर सरकार समय पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदारी शुरू कर दे, तो किसानों को मजबूरी में गेहूं औने-पौने दाम पर नहीं बेचना पड़ेगा। सरकार को चाहिए कि वह मंडियों में एमएसपी से कम में हो रही बिक्री पर सख्त कदम उठाए और तत्काल खरीद शुरू करे, ताकि किसानों को उनकी फसल का सही मूल्य मिल सके।  

Ratlam News: विश्व डाउन सिंड्रोम दिवस: रतलाम में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, विशेषज्ञों ने दिया महत्वपूर्ण संदेश

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: विश्व डाउन सिंड्रोम दिवस के अवसर पर रतलाम ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनिक सोसायटी द्वारा पोलो ग्राउंड स्थित जन चेतना परिषद द्वारा संचालित दिव्यांग विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में समाजसेवियों, डॉक्टरों और अभिभावकों ने भाग लिया।   कार्यक्रम की शुरुआत में दिव्यांग बच्चों ने सोसायटी अध्यक्ष डॉ. सुनीता वाधवानी, सचिव डॉ. अदिति राठौर, डॉ. राजकुमारी पुरोहित, समाजसेवी सविता तिवारी और स्कूल अध्यक्ष एम.एल. दुबे का स्वागत किया।    डाउन सिंड्रोम को समझें और जागरूक बनें   कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सोसायटी अध्यक्ष डॉ. सुनीता वाधवानी ने बताया कि प्रत्येक वर्ष 21 मार्च को विश्व डाउन सिंड्रोम दिवस मनाया जाता है। यह दिवस उन बच्चों और वयस्कों को समर्पित है जो डाउन सिंड्रोम से पीड़ित हैं। उन्होंने कहा कि डाउन सिंड्रोम एक जेनेटिक विकार है, जो बच्चे के जन्म से पहले ही हो जाता है और उसके शारीरिक व मानसिक विकास को प्रभावित करता है। हालांकि, प्यार, समर्थन और सही देखभाल से ये बच्चे भी सामान्य जीवन जी सकते हैं।    बड़ी उम्र में विवाह से बढ़ता है जोखिम   विशेषज्ञों ने बताया कि बड़ी उम्र में विवाह करने से बच्चों में डाउन सिंड्रोम का खतरा बढ़ सकता है। जब माता-पिता की उम्र अधिक होती है, तो उनके शिशु में इस विकार की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए, युवाओं को इस बारे में जागरूक करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है।    समाज में समावेशी माहौल जरूरी   डॉ. अदिति राठौर ने कहा कि हमें डाउन सिंड्रोम से पीड़ित बच्चों को प्यार, समर्थन और सम्मान देना चाहिए। हमें उनकी क्षमताओं को पहचानकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करनी चाहिए।   समाजसेवी सविता तिवारी ने कहा कि हर बच्चे में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है, हमें इसे पहचानकर उसे विकसित करना चाहिए।   डॉ. राजकुमारी पुरोहित ने कहा कि डाउन सिंड्रोम से पीड़ित बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, इसलिए उनका संपूर्ण इलाज और देखभाल बेहद जरूरी है। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि हम सब मिलकर एक समावेशी और सहयोगी समाज का निर्माण करें।    अभिभावकों की जिज्ञासाओं का समाधान   इस अवसर पर डॉक्टरों ने उपस्थित अभिभावकों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। साथ ही, बच्चों को मनोरंजन के साधन और उपयोगी वस्तुएं वितरित की गईं।    इनकी रही उपस्थिति   कार्यक्रम में अनुराधा खाबिया, उषा तिवारी, रूपा पाल, सोनू पांचाल, कमलेश नारोलिया, रामचंद्र गोखले, ऋषिका चौहान सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे।   कार्यक्रम का संचालन शशि सिंह ने किया और आभार डॉ. अदिति सिंह ने व्यक्त किया।  

Ratlam News: औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने जुआ खेलते 7 आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क।Ratlam News: पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा तथा नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया के मार्गदर्शन में औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने जुआरियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा। थाना प्रभारी निरीक्षक मुनेंद्र गौतम के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में ताश के पत्ते और 14,390 रुपये नकद जब्त किए गए।   बापू नगर में हो रहा था अवैध जुआ   20 मार्च 2025 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि बापू नगर, रतलाम में कुछ लोग अवैध रूप से जुआ खेल रहे हैं। इस सूचना पर औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 207/2025, धारा 13 जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।   गिरफ्तार आरोपी   1. मोहम्मद रफीक पिता मोहम्मद हनीफ शेख (उम्र 43) निवासी बापू नगर, जावरा रोड, रतलाम   2. सरताज खान पिता सत्तार खान (उम्र 35) निवासी सम्यक सिटी, डी-मार्ट के पास, रतलाम   3. अनिल टांक पिता गोपाल टांक (उम्र 32) निवासी लक्ष्मणपुरा, हरिजन मोहल्ला, रतलाम   4. अजय पाल पिता बाबूलाल पाल (उम्र 35) निवासी लक्ष्मणपुरा, रेलवे क्वार्टर, रतलाम   5. रोसीक खान पिता सत्तार खान (उम्र 28) निवासी सम्यक गोल्ड सिटी, डी-मार्ट के पास, रतलाम   6. नरेंद्र प्रजापत पिता मांगीलाल प्रजापत (उम्र 28) निवासी भगतपुरी, मकान नंबर 13/1, थाना माणक चौक, रतलाम   7. सलमान पिता शाकीर शाह (उम्र 32) निवासी कुली कॉलोनी, रहमत नगर, थाना स्टेशन रोड, रतलाम   जब्त सामान   – ताश के पत्ते   – नगद राशि – 14,390 रुपये   अवैध गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई जारी   पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार शहर में अवैध गतिविधियों, जुआ, मादक पदार्थों की बिक्री और असामाजिक तत्वों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने यह कार्रवाई कर जुआरियों को गिरफ्तार किया।   पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका   इस कार्रवाई में थाना प्रभारी मुनेंद्र गौतम के नेतृत्व में सउनि नरेश पांडेय, आरक्षक कपिल, इमरान, महेंद्र, रवि चंदेल, अभिषेक पाठक, लंकेश पाटीदार और राणा प्रताप का अहम योगदान रहा।  

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