Bank Holiday August 2026: अगस्त 2026 में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, पहले देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट

Bank Holidays August 2026: अगस्त में स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन, रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार समेत 14 दिन बैंक बंद रहेंगे। देखें पूरी छुट्टियों की लिस्ट। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Bank Holiday August 2026: अगर आप अगस्त 2026 में बैंक शाखा जाकर कोई जरूरी काम निपटाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले बैंक हॉलिडे कैलेंडर जरूर देख लें। अगले महीने स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन, मिलाद-उन-नबी, ओणम और साप्ताहिक अवकाशों के कारण देशभर में अलग-अलग राज्यों में कुल 14 दिन बैंक बंद रहेंगे। इन छुट्टियों का असर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) समेत सभी सरकारी और निजी बैंकों की शाखाओं पर पड़ेगा। हालांकि, सभी राज्यों में हर छुट्टी लागू नहीं होगी क्योंकि कुछ अवकाश स्थानीय और क्षेत्रीय त्योहारों से जुड़े हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अवकाश कैलेंडर के अनुसार बैंक बंद रहने वाले दिनों में शाखाओं में नकद लेन-देन, चेक क्लियरेंस, डिमांड ड्राफ्ट और अन्य ऑफलाइन सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी। इसलिए जरूरी बैंकिंग कार्य पहले ही निपटा लेना बेहतर रहेगा। Bank Holiday August 2026: अगस्त 2026 में बैंक अवकाश की पूरी सूची अगस्त महीने में राष्ट्रीय पर्व, क्षेत्रीय त्योहार, रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार को मिलाकर बैंक कुल 14 दिन बंद रहेंगे। हालांकि, कुछ छुट्टियां केवल संबंधित राज्यों में ही लागू होंगी। देखें कब और कहां बैंक बंद रहेंगे— पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे इन राज्यों में रहेगी बैंक छुट्टी किन सेवाओं पर पड़ेगा असर? बैंक बंद रहने के दौरान शाखाओं में मिलने वाली कई सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी। प्रभावित सेवाएं इन सेवाओं पर नहीं पड़ेगा कोई असर बैंक अवकाश के बावजूद डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहेंगी। ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं रहेंगी चालू बैंक जाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान RBI के अवकाश कैलेंडर के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक प्रत्येक वर्ष Negotiable Instruments Act, Real Time Gross Settlement (RTGS) और Banks’ Closing of Accounts के आधार पर बैंक अवकाश घोषित करता है। इनमें राष्ट्रीय अवकाश, क्षेत्रीय त्योहार और नियमित साप्ताहिक छुट्टियां शामिल होती हैं। अलग-अलग राज्यों में स्थानीय पर्वों के अनुसार छुट्टियों में अंतर हो सकता है।

31 जुलाई नहीं, इन टैक्सपेयर्स के लिए 31 अगस्त है ITR फाइल करने की आखिरी तारीख, जानें पूरा नियम

31 जुलाई सभी के लिए ITR की आखिरी तारीख नहीं है। जानें किन टैक्सपेयर्स को 31 अगस्त 2026 तक रिटर्न भरने की छूट मिली है और नए नियम क्या कहते हैं। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। ITR Filling: अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं और आपको लगता है कि 31 जुलाई 2026 ही अंतिम तारीख है, तो एक बार अपने टैक्स प्रोफाइल की जांच जरूर कर लें। सभी टैक्सपेयर्स के लिए यह डेडलाइन समान नहीं है। वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए सरकार ने कुछ श्रेणी के टैक्सपेयर्स को ITR दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। खासतौर पर बिजनेस इनकम वाले लोगों, कुछ प्रोफेशनल्स और इंट्राडे या फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेड करने वालों के लिए अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 हो सकती है। यदि आपने पूरे वित्त वर्ष में केवल एक बार भी इंट्राडे ट्रेडिंग या F&O में ट्रेड किया है, तो इनकम टैक्स कानून के तहत आपकी आय का वर्गीकरण बदल सकता है। ऐसे में आपकी ITR फाइलिंग की डेडलाइन भी अलग हो सकती है। किन लोगों के लिए 31 अगस्त 2026 है आखिरी तारीख? वित्त अधिनियम 2026 के अनुसार जिन टैक्सपेयर्स की आय बिजनेस या प्रोफेशन से है और जिनके खातों का टैक्स ऑडिट आवश्यक नहीं है, वे 31 अगस्त 2026 तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। इस श्रेणी में शामिल हो सकते हैं— इंट्राडे ट्रेडिंग करने वालों के लिए क्या नियम है? अगर आपने पूरे साल में सिर्फ एक बार भी इंट्राडे शेयर ट्रेडिंग की है, तो इनकम टैक्स विभाग इसे स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम मानता है। इसका मतलब यह है कि आपकी आय केवल कैपिटल गेन के रूप में नहीं बल्कि बिजनेस इनकम के रूप में भी मानी जा सकती है। ऐसी स्थिति में ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई के बजाय 31 अगस्त 2026 हो सकती है। स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम क्या होती है? इंट्राडे ट्रेडिंग में शेयर उसी दिन खरीदे और बेचे जाते हैं। इस तरह होने वाला लाभ या नुकसान स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम माना जाता है। इसके नुकसान को केवल स्पेकुलेटिव मुनाफे से ही समायोजित (Adjust) किया जा सकता है। F&O ट्रेडिंग करने वालों के लिए क्या है नियम? फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग से होने वाली आय को नॉन-स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम माना जाता है। हालांकि इसमें शेयरों की डिलीवरी नहीं होती, लेकिन इनकम टैक्स कानून के तहत इसे बिजनेस इनकम की श्रेणी में रखा गया है। इसलिए F&O ट्रेड करने वालों को भी अपनी ITR फाइलिंग की समय-सीमा समझना जरूरी है। टैक्स ऑडिट जरूरी होने पर क्या होगी आखिरी तारीख? यदि F&O या अन्य बिजनेस गतिविधियों के कारण आपका टर्नओवर टैक्स ऑडिट की निर्धारित सीमा से अधिक हो जाता है, तो पहले टैक्स ऑडिट कराना होगा। ऐसे मामलों में ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 होगी। महत्वपूर्ण जानकारी ITR फाइल करने से पहले यह जरूर जांच लें

ICAI ने रचा इतिहास: दिल्ली में हुआ विश्व का सबसे बड़ा अकाउंटिंग प्रोफेशनल कॉनक्लेव  

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। ICAI: द इंस्टिट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया (ICAI) ने देश की राजधानी में इतिहास रचते हुए 31 जनवरी से 2 फरवरी तक तीन दिवसीय वर्ल्ड फोरम ऑफ अकाउंटेंट्स (WOFA) का भव्य आयोजन किया। यह विश्व का सबसे बड़ा अकाउंटिंग प्रोफेशनल कॉन्क्लेव था, जिसमें 7000 से अधिक प्रोफेशनल्स, इंटरप्रेन्योर, अकाउंटेंट्स, 400 से अधिक विदेशी प्रतिनिधि, 46 से अधिक देशों के डेलीगेट्स और 40 से अधिक कॉनकरंट सेशंस आयोजित किए गए।   इस ऐतिहासिक आयोजन का शुभारंभ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया, जबकि समापन भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने किया। कार्यक्रम ICAI के प्रेसिडेंट रंजीत अग्रवाल और वाइस प्रेसिडेंट चरणजोत सिंह नंदा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।    ICAI के नेतृत्व में वैश्विक भागीदारी   इस सम्मेलन में अमेरिका, कनाडा, फिलीपींस, मिडिल ईस्ट, दुबई, ओमान, अबू धाबी, सिंगापुर, हांगकांग सहित 46 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। साथ ही, ICAEW, CISA, IFSC, ACCA जैसी अंतरराष्ट्रीय अकाउंटिंग बॉडीज के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।   ICAI के प्रेसिडेंट रंजीत अग्रवाल ने बताया कि अकाउंटिंग क्षेत्र में इनोवेशन को कैसे जोड़ा जाए, इस विषय पर गहन चर्चा हुई। वहीं, वाइस प्रेसिडेंट चरणजोत सिंह नंदा ने सीए प्रोफेशनल्स को फाइनेंशियल सोल्जर बताया।    ICAI UK चैप्टर की सदस्य सीए मयूरी चोरड़िया बनीं खास आकर्षण   मध्यप्रदेश के रतलाम की बेटी और ICAI UK चैप्टर की सदस्य सीए मयूरी चोरड़िया को गेस्ट स्पीकर के रूप में आमंत्रित किया गया। उन्होंने अपने सेशन में नारी सशक्तिकरण और वित्तीय स्वतंत्रता पर जोर देते हुए कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए जेंडर विविधता को अपनाना और वित्तीय शिक्षा को बढ़ावा देना जरूरी है।    ICAI का ऐतिहासिक रिकॉर्ड   इस भव्य आयोजन में 7000 से अधिक प्रतिभागियों की उपस्थिति के साथ ICAI ने विश्व स्तर पर सबसे बड़ा अकाउंटिंग प्रोफेशनल कॉन्क्लेव आयोजित कर नया इतिहास रच दिया। चौरड़िया ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि ICAI और भारत की मातृभूमि का हिस्सा बनना गर्व की बात है। उन्होंने रंजीत अग्रवाल और चरणजोत सिंह नंदा के नेतृत्व को युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बताया।  

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