MP News: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य, दिसंबर से पहले जरूर कर ले ये काम!

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। MP News: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi) का लाभ लेने के लिए अब फार्मर रजिस्ट्री बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। दिसंबर 2024 के बाद केवल फार्मर आईडी के आधार पर ही योजना का लाभ दिया जाएगा। कलेक्टर राजेश बाथम ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते अपनी फार्मर रजिस्ट्री करवा लें।  फार्मर रजिस्ट्री कैसे बनवाएं?1. आधार कार्ड से अपना मोबाइल नंबर लिंक करें।  2. नजदीकी सीएससी केंद्र या गांव के पटवारी के माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री करवा सकते हैं।  3. किसान स्वयं https://mpfr.agristack.gov.in पर जाकर आधार ओटीपी के माध्यम से रजिस्ट्री कर सकते हैं।  4. मोबाइल ऐप के माध्यम से भी रजिस्ट्री की जा सकती है:   – Farmer Registry MP (किसानों के लिए)     – Farmer Sahayak MP (स्थानीय युवाओं के लिए)।  फार्मर रजिस्ट्री के उद्देश्य और लाभफार्मर रजिस्ट्री के जरिए किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ पारदर्शी और सरल तरीके से उपलब्ध कराया जाएगा। इसके तहत:  – योजना का लाभ सत्यापन के बिना: बार-बार सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी।  – कृषि सेवाओं की सुगमता: कृषि ऋण और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पंजीयन में आसानी।  – योजनाओं का लाभ: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, सैचुरेशन फसल बीमा योजना आदि का लाभ लेने में सहूलियत।  – सटीक योजना निर्धारण: किसानों का डेटा तैयार कर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन।  प्रचार-प्रसार के निर्देशएसएलआर अभिषेक मालवीय ने बताया कि फार्मर आईडी भविष्य में अन्य सरकारी योजनाओं के लिए भी अनिवार्य होगी। जिले के मैदानी अधिकारियों को किसानों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने और रजिस्ट्री प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।  पोर्टल और ऐप के माध्यम से करें रजिस्ट्रीकिसान अपनी फार्मर रजिस्ट्री https://mpfr.agristack.gov.in पोर्टल या Farmer Registry MP और Farmer Sahayak MP मोबाइल ऐप्स के जरिए पूरी कर सकते हैं।  किसान अपनी फार्मर रजिस्ट्री जल्द करवाकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और अन्य लाभकारी योजनाओं का लाभ सुगमता से प्राप्त कर सकते हैं।

Ratlam News: रतलाम के युवा नीरज बरमेचा का वीडियो सोशल मीडिया पर मचा रहा धूम, 2 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया 

रतलाम – पब्लिक वार्त,न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: सोशल मीडिया की दुनिया में इन दिनों रतलाम के एक युवा का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो को मात्र 5 दिनों में 20.1 मिलियन (2 करोड़ 10 लाख) व्यूज मिल चुके हैं। इसके साथ ही इसे 21 लाख लोगों ने लाइक किया है, पौने तीन लाख बार शेयर किया गया है और लगभग 30 हजार बार सेव किया गया है। यह वीडियो लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।  नीरज बरमेचा, जो “रतलामी फीवर” नाम से इंस्टाग्राम पेज चलाते हैं, इस वायरल वीडियो के केंद्र में हैं। उन्होंने यह वीडियो गुजरात के पावागढ़ स्थित बसाल्ट पैराडाइस रिसॉर्ट में अपने दोस्तों के साथ छुट्टियां बिताते समय बनाया। वीडियो में रेस्टोरेंट के शेफ को मजाकिया अंदाज में बुलाने और उनकी तारीफ करने का दृश्य दिखाया गया है, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों को हंसी से भर दिया।  नीरज ने बताया कि वीडियो बनाने और एडिट करने में गगन गाबा और नीतिका एरेन ने सहयोग दिया। इसके अलावा, वीडियो में रतलाम के मनीष सोनी, मिलेश कटकानी, हितेश सुराना, निलेश सेलोत, चेतन कोठारी, गौरव एरेन, पायल बरमेचा, चंचल सोनी और अन्य दोस्तों का भी योगदान रहा।  नीरज ने वीडियो के पीछे के उद्देश्य के बारे में बताया कि यह लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने का एक प्रयास था। उनका मानना है कि हास्य भी एक थेरेपी की तरह काम करता है, जो कई बीमारियों को ठीक करने में मदद करता है। वीडियो के वायरल होने पर नीरज ने कहा, “हमने लोगों को हंसाने की कोशिश की थी, और लोगों ने जो प्यार और समर्थन दिया है, वह हमारे प्रयास की सफलता को दर्शाता है। आगे भी हम इसी तरह सकारात्मकता फैलाने का प्रयास करेंगे।”  सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने न केवल रतलाम बल्कि पूरे देश में धूम मचा दी है। यह बताता है कि हास्य और सकारात्मकता से भरे छोटे-छोटे प्रयास कितने बड़े प्रभाव डाल सकते हैं।

MP News: पुलिस ने निभाया परिवार का फर्ज, धूमधाम से की महिला कांस्टेबल की गोद भराई, जानिए पूरा मामला

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: भागदौड़ भरी लाइफ स्टाइल के बीच पुलिसकर्मी परिवार के लिए अपना समय ना के बराबर दे पाते है। चाहे वह कोई प्रमुख त्यौहार हो या घर – समाज के पारिवारिक कार्यक्रम। बहुत कम ही ऐसा होता है जब एक पुलिस जवान ठीक ढंग से उनका लुत्फ ले पाया हो। इसी पुलिसिया भागदौड़ के बीच एक महिला पुलिसकर्मी की भावनाओं का ध्यान कैसे पूरे स्टाफ ने रखा इसका एक जीवंत उदाहरण देखने में आया है, जो अब चारो और चर्चा का विषय बन गया है। हर कोई पुलिस की इस पहल का समर्थन कर रहा है। आपको बता दे शहर में एकमात्र थाना डीडी नगर है जो आईएसओ सर्टिफाइड है, तत्कालिक एसपी राहुल लोढा के प्रयासो से थाने को सर्वश्रेष्ठ होने का सर्टिफिकेट भी मिल चुका है। दरअसल मध्यप्रदेश के रतलाम शहर में डीडी नगर थाना क्षेत्र में पदस्थ महिला कांस्टेबल शानू जमरा मां बनने जा रही है। लेकिन उनके पिता के नहीं होने से उन्हें इसकी कमी खुब खलने लगी। क्योंकि एक महिला के मां बनने से पूर्व गोद भराई का कार्यक्रम होता है। जिसमें पिता की अहम भूमिका होती है। थाने के स्टाफ को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ गोद भराई का आयोजन करने की ठानी। आपको बता दे धार जिले की रहने वाली शानू जमरा पिछले छह महीने से डीडी नगर थाने में पदस्थ हैं। शानू के पिता का निधन हो चुका है। कार्यक्रम में मेहंदी से लेकर अन्य पारंपरिक रस्में पूरे रीति-रिवाजों के साथ निभाई गईं। इस आयोजन ने साबित कर दिया कि पुलिस विभाग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि एक बड़ा परिवार भी है। टीआई ने निभाई पिता की भूमिकागोद भराई के कार्यक्रम में थाना प्रभारी रविंद्र दंडोतिया ने पिता की भूमिका निभाई। थाने को सजाया गयाथाने के पूरे स्टाफ ने परिवार जैसा माहौल बनाया। नाच गाना हुआ, मिठाई बांटी गई और खाना भी रखा गया। शानू ने भावुक होकर बताया, “थाने के सभी स्टाफ ने मुझे बहन की तरह अपनाया और मेरे साथ परिवार जैसा व्यवहार किया। यह मेरे लिए बहुत खास और यादगार क्षण है।”  रतलाम एसपी अमित कुमार ने इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह पुलिस विभाग के भीतर पारिवारिक और सहयोगी माहौल का प्रतीक है। उन्होंने पूरे थाना स्टाफ की इस भावनात्मक पहल की प्रशंसा की और कहा कि इस तरह की घटनाएं पुलिसकर्मियों के बीच मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देती हैं। गौरतलब है की एसपी अमित कुमार ने कुछ दिनों पहले पुलिसकर्मियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए उनके जन्मदिन पर एक दिन की छुट्टी देने के निर्देश जारी किए थे। जिससे उनके मानसिक स्वास्थ को राहत मिल सके। एसपी अमित कुमार की इस पहल की भी जमकर तारीफ हुई थी।

Ratlam News: राॅयल कॉलेज खेल महोत्सव; छात्राओं ने किया अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: राॅयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के कैम्पस में आयोजित “राॅयल खेल महोत्सव” के दूसरे दिन छात्राओं के लिए खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विभिन्न पाठ्यक्रमों की छात्राओं ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।  इस दिन हुई प्रतियोगिताओं में लेमन स्पून रेस, 100 मीटर दौड़, कुर्सी दौड़, रस्सी कूद, सेक रेस, योगा, खो-खो और रिले रेस जैसी रोचक गतिविधियां शामिल थीं।  व्यक्तिगत स्पर्धाओं के परिणाम:– लेमन स्पून रेस: बी.एससी. की सुमन सोमानी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।  – 100 मीटर दौड़: बी.फार्मा की टीना पाटीदार ने जीत दर्ज की।  – कुर्सी दौड़: बीबीए की काजल कुशवाह विजेता रहीं।  – रस्सी कूद: बी.एससी. की शिवानी चौहान प्रथम स्थान पर रहीं।  – योगा प्रतियोगिता: बीबीए की योगिता डोडिया ने बाजी मारी।  – सेक रेस: बी.एससी. की शिवानी चौहान ने फिर से शानदार प्रदर्शन किया।  ग्रुप स्पर्धाओं के परिणाम:– रस्साकशी: बी.एससी. की टीम ने जीत दर्ज की।  – खो-खो: फार्मेसी की टीम विजेता रही।  – रिले रेस: बी.फार्मेसी की टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया।  इस अवसर पर खेल समन्वयक प्राध्यापक दीपिका कुमावत और उनकी टीम ने प्रतियोगिताओं का सफल संचालन किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनीष सोनी, डॉ. प्रवीण मंत्री, डॉ. आर.के. अरोरा, डॉ. अमित शर्मा सहित अन्य शिक्षकों और प्राध्यापकों ने छात्राओं का हौसला बढ़ाया।  कॉलेज प्रशासक दिनेश राजपुरोहित ने कहा कि इस महोत्सव का उद्देश्य छात्राओं के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करना है। खेल महोत्सव के दौरान छात्राओं का जोश और प्रतिस्पर्धा देखने लायक थी। राॅयल खेल महोत्सव में अगले दिन और भी अधिक रोमांचक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।

MP News: Reliance बीमा कंपनी ने क्लेम देने से किया मना, उपभोक्ता फोरम ने मनमानी पर दिया ये फैसला, जानिए पुरा मामला

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: मध्यप्रदेश के रतलाम में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने हेल्थ इंश्योरेंस दावे को अनुचित तरीके से खारिज करने के मामले में बीमा कंपनी के खिलाफ परिवादी के पक्ष में निर्णय सुनाया है। आयोग ने इसे सेवा में कमी मानते हुए बीमा कंपनी को दावे की राशि ब्याज सहित चुकाने और मानसिक संताप के लिए अतिरिक्त मुआवजा प्रदान करने का आदेश दिया है। उक्त आदेश जिला उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष मुकेश कुमार तिवारी व सदस्य श्रीमती जयमाला संघवी की कोर्ट ने दिया। मामले में पैरवी कर रहे एडवोकेट प्रणय ओझा ने बताया यह फैसला उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। आयोग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बीमा कंपनियां अनुचित तरीके से दावे को खारिज नहीं कर सकतीं। यह निर्णय अन्य उपभोक्ताओं को भी उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेगा और बीमा कंपनियों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा।  यह था मामलापरिवादी श्रीमती प्रेमलता पाटीदार, निवासी ग्राम नगरा रतलाम ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ हेल्थ गेन पॉलिसी के तहत चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति न करने की शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी ने पॉलिसी के लिए 11,614/- रुपये का प्रीमियम अदा किया था। पॉलिसी अवधि 15 सितंबर 2023 से 14 सितंबर 2024 तक थी।  परिवादी को 18 मार्च 2024 को सिरदर्द, सर्दी-खांसी, बुखार और पेट दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें रतलाम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान परिवादी को Acute Febrile Illness और Acute Gastroenteritis का निदान हुआ। 21 मार्च 2024 को डिस्चार्ज होने के बाद, इलाज पर कुल 29,174/- रुपये का खर्च हुआ।  परिवादी ने बीमा कंपनी को ऑनलाइन क्लेम प्रस्तुत किया, लेकिन बीमा कंपनी ने 8 अप्रैल 2024 को क्लेम खारिज करते हुए कहा कि यह मामला पॉलिसी की शर्त 5.1.1 के तहत भुगतान योग्य नहीं है। कंपनी ने दावा किया कि परिवादी को पहले से डायबिटीज और हाईपरटेंशन की बीमारियां थीं, जिनकी जानकारी पॉलिसी लेते समय नहीं दी गई थी।  आयोग का परिवादी के पक्ष में निर्णयपरिवादी ने आयोग में दस्तावेज़ और साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिनमें अस्पताल द्वारा जारी प्रमाण पत्र शामिल था। इसमें स्पष्ट किया गया कि उन्हें भर्ती किए जाने का कारण केवल Acute Febrile Illness और Acute Gastroenteritis था, न कि पूर्व की बीमारियां।  वहीं, बीमा कंपनी यह साबित नहीं कर सकी कि पॉलिसी जारी करने से पहले परिवादी डायबिटीज और हाईपरटेंशन से ग्रसित थीं। कंपनी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज़ों में इस तथ्य का कोई ठोस प्रमाण नहीं था।  आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी ने अनुचित आधार पर दावे को खारिज किया और पॉलिसी की शर्तों का गलत उपयोग किया। आदेश में कहा गया कि पॉलिसी दस्तावेज़ में उल्लेखित शर्त 5.1.1 मौजूद ही नहीं है।  आयोग द्वारा पारित आदेश1. बीमा कंपनी को 29,174/- रुपये की दावे की राशि परिवाद प्रस्तुत करने की तिथि (18 जुलाई 2024) से अदायगी तक 6% वार्षिक साधारण ब्याज सहित भुगतान करने का निर्देश दिया गया।  2. मानसिक संताप और परिवाद व्यय के लिए 5,000/- रुपये का मुआवजा भी देने का आदेश दिया गया।  3. कंपनी को 60 दिनों के भीतर उक्त राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया गया। विलंब होने पर यह राशि 8% वार्षिक ब्याज के साथ देय होगी।

MP News: विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार रतलाम पहुंचे, जात – पात से ऊपर उठने पर दिया जोर; समाज के प्रबुद्धजनों से मिले

सेवा कार्य सबसे बड़ा कार्य, देश व धर्म को बचाकर सेवा कार्य करना बहुत आवश्यक है – आलोक कुमार रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: विश्व हिन्दू परिषद सामाजिक समरसता विभाग द्वारा रतलाम में सामाजिक समरसता संगोष्ठी व प्रबुद्धजन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में विशेष मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार उपस्थित हुए। इस आयोजन का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों के बीच समरसता और एकता को बढ़ावा देना है। संगोष्ठी से पूर्व अतिथियों ने भारत माता व भगवान श्रीराम के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रांत मंत्री विनोद शर्मा, संगठन मंत्री अर्जुन गेहलोद, समाजसेवी व व्यापारी अनोखीलाल कटारिया, प्रकाश शर्मा सांवरिया आदि मौजूद रहे। मंच का संचालन जिला सामाजिक समरसता प्रमुख मनोज सगरवंशी व विशेष संपर्क प्रमुख मनोज पंवार ने किया। अपने संबोधन में आलोक कुमार ने भारत में सनातन धर्म में सामाजिक समरसता को लेकर जात-पात से ऊपर उठकर सभी समाज को एक साथ रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारे मन में भगवान विराजमान हैं, तो छोटा-बड़ा का कोई प्रश्न नहीं उठता। हिंदू धर्म में पहले समय में व्यक्ति हजार कष्टों को सहकर चार धाम तीर्थ यात्रा करता था। उस समय सड़क, परिवहन आदि की व्यवस्था नहीं होती थी। लोग अपने सभी हिसाब-किताब को सुधारते, गलतियों को स्वीकार करते और यह सोचकर जाते कि यदि मृत्यु हुई तो मोक्ष की प्राप्ति होगी, और यदि लौट आए तो ईश्वर की कृपा मानी जाती। यह सब इसलिए होता था क्योंकि लोग देश को एक मानते थे। उन्होंने कहा कि हम सभी को जात, मत, पंथ से ऊपर उठकर हिंदू के रूप में एकजुट रहना चाहिए और बच्चों को हिंदू धर्म की शिक्षा देना अति आवश्यक है। अन्यथा विधर्मी हमारे समाज को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे लव जिहाद जैसे गंभीर मामले सामने आते हैं। आलोक कुमार ने कहा कि आज कुछ राजनेता आदिवासी समाज को अन्य समाज से अलग करने का प्रयास कर रहे हैं, उन्हें उकसा रहे हैं। जबकि वैज्ञानिक शोध से यह सिद्ध हो चुका है कि आदिवासी समाज और सनातन को मानने वाले अन्य पंथ के सभी बंधु मूल निवासी हैं और हिंदू हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भी बौद्ध धर्म अपनाने से पूर्व ईसाई और इस्लाम मत पर विचार किया, लेकिन निष्कर्ष निकाला कि बौद्ध धर्म भारत के लिए अधिक उपयुक्त है। उन्होंने इस विषय पर “Thoughts on Pakistan” पुस्तक भी लिखी, जिसे सभी को पढ़ना चाहिए। इस आयोजन में विभाग से सह मंत्री पवन बंजारा, वीनू शर्मा, मोहित चौबे; जिला उपाध्यक्ष राधेश्याम रावल, पवन देवड़ा; जिला संयोजक मुकेश व्यास, मनोज सगरवंशी, मनोज पंवार, मुन्नू कुशवाहा, अक्षय गोमै, योगेश चौहान, आशु टॉक, राजा राम ओहरी, अनिल रौतेला, कृष्ण भामा, पाखंड से विजय, नीरज सतवानी, दीपांशु गुप्ता, जिला प्रचार प्रसार प्रमुख मोंटी जायसवाल, जिला शाह पसार रिकी सेन; शंकर सिंह, हीरालाल सीरवी एवं विभाग, जिला एवं प्रखंड टीम के सदस्य उपस्थित रहे। जानकारी जिला प्रचार प्रसार प्रमुख मोंटी जायसवाल ने दी।

MP News: आपको नहीं मिल रहा है वाहन दुर्घटना का क्लेम, तो कोर्ट का यह फैसला आपके लिए है

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: रतलाम में न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में वाहन दुर्घटना के पीड़ितों और उनके परिजनों को राहत देते हुए कहा है कि दुर्घटना के छह महीने बाद भी क्लेम किया जा सकता है। न्यायालय के इस फैसले से उन लोगों को बड़ी राहत मिली है जो समय सीमा के कारण क्लेम नहीं कर पा रहे थे। अब वे छह महीने बाद भी मुआवजे के लिए आवेदन कर सकेंगे। न्यायालय के प्रथम सदस्य, एमएसीसी (मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण) आदित्य रावत ने एक विशेष मामले पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। मामला प्रेमशंकर शर्मा की 22 जनवरी 2022 को हुई एक सड़क दुर्घटना से जुड़ा था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। इस दुर्घटना के बाद, उनकी पत्नी आशा शर्मा ने 26 अप्रैल 2023 को बीमा क्लेम दायर किया। इस क्लेम पर बीमा कंपनी ने आपत्ति जताते हुए कहा कि मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के संशोधन के अनुसार क्लेम की अवधि दुर्घटना के 6 महीने के भीतर होनी चाहिए। लेकिन आशा शर्मा ने दुर्घटना के एक साल से अधिक समय बाद क्लेम दायर किया था। बीमा कंपनी की आपत्ति के बावजूद न्यायाधीश आदित्य रावत ने बीमा कंपनी की याचिका को खारिज कर दिया और क्लेम को सुनवाई योग्य माना। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि मोटर यान अधिनियम (मोटर व्हीकल एक्ट) एक कल्याणकारी कानून है, जिसका उद्देश्य दुर्घटना से पीड़ित परिवारों की मदद करना है। न्यायालय ने यह भी कहा कि सिर्फ देर से क्लेम दाखिल करने के आधार पर पीड़ित पक्ष को सुनवाई का अवसर दिए बिना मुआवजे के आवेदन को रद्द करना उचित नहीं है। न्यायाधीश ने कहा कि इस मामले में आवेदिका एक गृहिणी हैं और उन्हें इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं थी, इसलिए विलंब को नजरअंदाज करना न्यायोचित है। इस मामले में आवेदिका की ओर से एडवोकेट देवेंद्र सिरधाना गुर्जर ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि न्यायालय का यह निर्णय उन सभी परिवारों के लिए राहत लेकर आया है जो दुर्घटना की समय सीमा के कारण क्लेम नहीं कर पा रहे थे। वर्ष 2019 के मोटर व्हीकल एक्ट संशोधन में क्लेम दाखिल करने की अवधि छह महीने निर्धारित की गई थी, जिससे कई लोग जानकारी के अभाव में इस सीमा का पालन नहीं कर पाते थे। इस फैसले के बाद, दुर्घटना में घायल या मृतकों के परिजन छह महीने बाद भी मुआवजे का दावा कर सकते हैं, जो उनके लिए एक बड़ी राहत है।

Ratlam News: घरों में हुई गोवर्धन पूजा, विहिप ने किया महिलाओं को पुरुस्कृत

रतलाम – पब्लिक वार्ता, न्यूज डेस्क। Ratlam News: विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के कालिका माता प्रखंड में महावीर नगर में मातृशक्ति द्वारा गोवर्धन पूजा का आयोजन किया गया। इस विशेष मौके पर महिलाओं और बहनों ने पूरी श्रद्धा के साथ गोवर्धन जी का निर्माण कर पूजा-अर्चना की। इस आयोजन में विश्व हिंदू परिषद द्वारा महिलाओं को पुरस्कृत भी किया गया, जिससे उनकी श्रद्धा और भक्ति को सम्मान मिला। इस अवसर पर जिला से मोंटी जी जायसवाल और पंकज जी चौहान, प्रखंड से विजय प्रजापत और अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने इस पूजा के महत्व को समझाया और श्रद्धालुओं के साथ गोवर्धन पर्व का आनंद लिया। गोवर्धन पूजा का महत्व हिंदू धर्म में अत्यधिक माना जाता है। मान्यता है कि त्रेतायुग में भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्रदेव के प्रकोप से गोकुलवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी अंगुली पर उठाया था। इस पर्वत की पूजा कर उन्होंने लोगों को अपने कार्यों का महत्व समझाया और प्रकृति की पूजा करने का संदेश दिया। गोवर्धन पूजा के माध्यम से आज भी भक्तजन भगवान श्रीकृष्ण के उस अद्भुत कार्य को याद करते हुए प्रकृति और जीवन में संतुलन बनाए रखने का संकल्प लेते हैं।

MP News: मध्यप्रदेश के इस शहर में मुर्दे नहीं दीपक जलाते है; दिवाली पर फुलझड़ियों व रंगोलियों से सजता है श्मशान, जानिए क्या है वजह

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश के रतलाम में दिवाली से एक दिन पहले श्मशान दीपक से जगमगाते हुए दिखेगा। यहां रंगोलियां बनाई जाती है, आतिशबाजियां होती है। आमतौर पर श्मशान में जाने से लोग कतराते है, वो भी किसी खास त्योहार वाले दिन। लेकिन यहां इसके बिल्कुल उल्टा है। शहर का प्रसिद्ध त्रिवेणी मुक्तिधाम बुधवार शाम को दीपदान के आयोजन से जगमगा उठा। पूरे परिसर को रंगोली और दीपों से सजाया गया, जहां बच्चों ने फुलझड़ियां जलाकर और लोगों ने आतिशबाजी करके इस विशेष मौके को मनाया। महिलाओं ने ढोल की थाप पर पारंपरिक नृत्य कर माहौल को उल्लासमय बना दिया। त्रिवेणी मुक्तिधाम के अलावा शहर के भक्तन की बावड़ी और जवाहर नगर मुक्तिधाम में भी दीपों का यह उजाला देखने को मिला। आयोजन को करने वाले संस्था के प्रमुख सदस्य गोपाल सोनी ने बताया, “दीपावली का यह 5 दिवसीय पर्व न केवल हमारे घर-आंगन को रोशन करता है, बल्कि पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का भी एक माध्यम है। हम मुक्तिधाम में दीप जलाकर, रंगोली सजाकर, और आतिशबाजी कर पूर्वजों को श्रद्धांजलि देते हैं। इससे हम यह प्रार्थना करते हैं कि यदि हमारे पूर्वज अंधकार में हों, तो वे प्रकाश की ओर जाएं।” सोनी के अनुसार, इस परंपरा का आरंभ 2006 में हुआ था, और अब यह हर वर्ष बड़े उत्साह से मनाई जाती है। मोनिका शर्मा, जो अपने परिवार के साथ इस अवसर पर आईं, ने बताया, “पहले मुक्तिधाम में आने से लोग हिचकते थे, लेकिन अब यह परंपरा का हिस्सा बन गया है और सभी लोग इसमें शामिल होकर दीपदान करते हैं।” इस आयोजन का धार्मिक महत्व भी है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर किए जाने वाले इस दीपदान का उद्देश्य यमराज से यमयातना से मुक्ति प्राप्त करना है। गोपाल सोनी ने बताया, “नरक चतुर्दशी के इस दिन यमराज को दीपदान करने का विधान है, जिससे हमारे पूर्वजों को शांति प्राप्त होती है। माना जाता है कि राजा बलि ने इस दिन का वरदान मांगा था कि जो व्यक्ति इस दिन यमराज को दीपदान करेगा, वह दुखों से मुक्त रहेगा।” पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, पूर्वजों की प्रसन्नता से देवताओं का आशीर्वाद मिलता है और पितृदोष भी समाप्त हो जाता है। रतलाम में इस अद्वितीय आयोजन ने न केवल पूर्वजों की स्मृति को जीवित रखा है बल्कि समाज में आस्था और परंपरा के महत्व को भी उजागर किया है।

Ratlam’s Lakshmi Temple : MP के इस शहर में है कुबेर का खजाना! ; प्रसाद में बंटते है कड़क नोट और गहने

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam’s Lakshmi Temple: आपसे कोई पूछे की कुबेर का खजाना कहां है? तो आपको जवाब नहीं मिलेगा। लेकिन मध्यप्रदेश के रतलाम शहर का एक ऐसा मंदिर है जिसे आप देख ले तो आपको आपका जवाब जरूर मिल जाएगा। रतलाम के माणक चौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर दिवाली पर कुछ ऐसे ही नजर आता है। इस मंदिर में इतना धन – दौलत देखकर हर कोई इसे कुबेर के खजाने से ही जोड़ता है। लेकिन असल में यह कुबेर का खजाना नहीं बल्कि भक्तों का धन है जो महालक्ष्मी को अर्पण किया जाता है। दरअसल दीपावली (Diwali) के पर्व पर रतलाम का ऐतिहासिक महालक्ष्मी (Ratlam Lakshmi Mandir) मंदिर देशभर में अनूठा आकर्षण बना हुआ है। यहां महालक्ष्मी की मूर्ति को सजाने के लिए भक्तों द्वारा दिए गए करोड़ों रुपये के नोट और आभूषणों से पूरा मंदिर परिसर कुबेर के खजाने की तरह जगमगा उठा है। यह देश का इकलौता मंदिर है जहां दीपावली पर भक्तों द्वारा दिए गए गहनों और नकदी से सजावट की जाती है। नोटों और आभूषणों की अद्भुत सजावटमंदिर में इस वर्ष दीपावली सजावट की शुरुआत 14 अक्टूबर, शरद पूर्णिमा से ही हो चुकी थी। विभिन्न मूल्यवर्ग के नोट, 1 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के नए-नए नोट, मंदिर के हर कोने में सजाए गए हैं। ये नोट और आभूषण भक्तों द्वारा स्वेच्छा से श्रद्धा के साथ दिए जाते हैं। मंदसौर, नीमच, इंदौर, उज्जैन, नागदा, खंडवा, देवास सहित राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, जम्मू कश्मीर आदि तक से भक्तजन धन और आभूषणों के साथ मंदिर में माता महालक्ष्मी का श्रृंगार करने पहुंचते हैं। श्रद्धालु अपने घरों की तिजोरी से नकदी और गहने लेकर मंदिर में सजावट के लिए जमा कराते हैं। यहां तक कि कई भक्त तो 5 लाख रुपये तक नकद भी श्रद्धापूर्वक रखते हैं। इन नोटों से मंदिर के लिए विशेष वंदनवार बनाए जाते हैं, जिससे पूरा गर्भगृह कुबेर के खजाने जैसा दिखाई देने लगता है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाममंदिर में इतने विशाल खजाने की सुरक्षा के लिए 4 गार्ड और सीसीटीवी कैमरे तैनात हैं। साथ ही, मंदिर के निकट स्थित माणक चौक पुलिस थाना 24 घंटे मंदिर की सुरक्षा में मुस्तैद रहता है। भक्तजनों की संपत्ति की पवित्रता बनाए रखने के लिए मंदिर प्रशासन हर प्रकार का एहतियात बरतता है। जितने विश्वास से भक्त यहां सजावट के लिए धन व आभूषण अर्पित करते है, उतने ही विश्वास से लेने भी आते है। हैरानी की बात है की आज तक कभी किसी के धन वापसी करते समय कोई विघ्न नहीं आया है। श्रद्धालुओं के नोट और आभूषण सुरक्षित, रजिस्टर में एंट्री के साथ टोकनमंदिर प्रशासन भक्तों की संपदा की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रबंध करता है। प्रत्येक भक्त के नोट और आभूषणों का नाम, पता और मोबाइल नंबर एक रजिस्टर में दर्ज किया जाता है। इसके साथ ही, भक्त का पासपोर्ट आकार का फोटो भी लगाया जाता है और टोकन देकर यह संपत्ति उन्हें बाद में सुरक्षित रूप से लौटाई जाती है। यह व्यवस्था इतनी पुख्ता है कि आज तक किसी भी भक्त की संपदा में कोई हेरफेर नहीं हुआ है। दीपावली के बाद प्रसाद में लौटाए जाएंगे गहने और नकदीसबसे विशेष और रहस्यमय पहलू यह है कि दीपावली का पर्व समाप्त होते ही भाई दूज के दिन भक्तों को उनका धन और गहने “प्रसाद” के रूप में लौटा दिए जाते हैं। मान्यता है कि जिनके धन से महालक्ष्मी का श्रृंगार होता है, उनके घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। दो शताब्दियों पुरानी परंपरामंदिर के कुलदीप त्रिवेदी के अनुसार लगभग 200 वर्ष पहले राजा रतन सिंह ने अपने राज्य की समृद्धि और प्रजा की खुशहाली के लिए यह परंपरा शुरू की थी। उन्होंने अपनी संपदा पांच दिनों तक देवी महालक्ष्मी के चरणों में अर्पित करने का संकल्प लिया, जो आज तक निभाया जा रहा है। इसी क्रम में इस मंदिर में महालक्ष्मी के आठ स्वरूपों—अधी लक्ष्मी, धान्य लक्ष्मी, लक्ष्मीनारायण, धन लक्ष्मी, विजयलक्ष्मी, वीर लक्ष्मी, संतान लक्ष्मी और ऐश्वर्य लक्ष्मी—की प्रतिमाएं स्थापित हैं। वास्तविक कुबेर के खजाने जैसा भव्य रूपदीपावली पर पूरे सप्ताह तक यह मंदिर वैभव और आस्था का अनोखा प्रतीक बन जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां दिए गए धन से महालक्ष्मी के आशीर्वाद से उनका घर और जीवन समृद्धि से भर जाता है।

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