Ratlam News: विद्युत एवं यांत्रिकी समिति की बैठक में अहम निर्णय, अवैध केबल कनेक्शन पर कार्रवाई की सिफारिश

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क।Ratlam News: महापौर प्रहलाद पटेल के निर्देशानुसार विद्युत एवं यांत्रिकी सलाहकार समिति की बैठक समिति प्रभारी अक्षय संघवी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा कर अनुशंसाएं की गईं।   बैठक में मोबाइल कंपनियों द्वारा अवैध रूप से विद्युत पोल और सेंटर लाइट पोल पर केबल डालने का मुद्दा उठाया गया, जिसे अनुचित मानते हुए कंपनियों को नोटिस जारी करने की सिफारिश की गई। साथ ही, मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी द्वारा नए विद्युत पोल लगाने की जानकारी तत्काल नगर निगम को देने का प्रस्ताव भी पारित हुआ।   समिति ने यह भी सिफारिश की कि लाइट चेकरों द्वारा लापरवाही के मामले में कितने नोटिस जारी किए गए हैं, इसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा, सेवानिवृत्त कर्मचारियों के स्थान पर आउटसोर्स के माध्यम से भर्ती करने की अनुशंसा भी की गई।   बैठक में समिति प्रभारी अक्षय संघवी के साथ शक्तिसिंह राठौर, श्रीमती निशा सोमानी, श्रीमती संगीता सोनी, श्रीमती हीना मेहता, फकरूद्धीन मंसूरी, कार्यपालन यंत्री एवं समिति सचिव राहुल जाखड़, उपयंत्री बृजेश कुशवाह, मनीष तिवारी व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।  

MP News: अनियमितताओं के आरोपों में घिरे जामथून के सरपंच, गवानी पड़ गई सरपंची

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: जनपद पंचायत रतलाम की ग्राम पंचायत जामथून के सरपंच कचरू डाबी को विभिन्न अनियमितताओं के चलते उनके पद से हटा दिया गया है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शृंगार श्रीवास्तव ने मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत यह कार्रवाई की है।   6 वर्ष तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध   इस आदेश के तहत, कचरू डाबी अब किसी भी पंचायत के सदस्य नहीं रहेंगे और अगले 6 वर्षों तक किसी भी पंचायत चुनाव में भाग नहीं ले सकेंगे।   शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई   आधिकारिक आदेश के अनुसार, सरपंच कचरू डाबी अपने पद के दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर रहे थे। उन पर अनियमितताओं, लापरवाही, स्वच्छंदचारिता और उदासीनता का आरोप लगा था। इन मामलों को लेकर कई शिकायतें भी प्राप्त हुई थीं, जिनकी जांच के बाद यह निर्णय लिया गया।   सरपंच पद से हटाने का कानूनी आधार   मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के अनुसार, यदि कोई सरपंच या जनप्रतिनिधि अपने कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही करता है या अनियमितता बरतता है, तो उसे पद से हटाया जा सकता है।  

↑
0%