Jammu & Kashmir Terror Attack: गगनगीर में श्रमिकों पर कायराना हमला, पांच की मौत, चार घायल, पूरे देश में उबाल

श्रीनगर – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Jammu & Kashmir Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गगनगीर, सोनमर्ग में रविवार को हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। ज़ेडमोढ़ सुरंग परियोजना में काम कर रहे श्रमिकों पर हुए इस हमले में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर आयुर्विज्ञान संस्थान (SKIMS) में भर्ती कराया गया है। पुलिस और सेना ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। मृतकों में डॉक्टर और इंजीनियर भी शामिलइस हमले में जान गंवाने वालों में मध्य प्रदेश के मैकेनिकल इंजीनियर अमित शुक्ला, बिहार के मोहम्मद हनीफ, कलीम और फहीम नासिर, और जम्मू के शशि अब्रॉल शामिल हैं। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने निर्माणाधीन सुरंग के पास श्रमिकों के आवास शिविर पर हमला किया। इस हमले में कई लोग घायल हुए, जिनमें से दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। केंद्र और राज्य सरकार की कड़ी प्रतिक्रियाइस कायराना हमले पर देशभर में आक्रोश व्याप्त है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे “घृणित और कायरतापूर्ण कृत्य” करार दिया। उन्होंने कहा, “इस हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें हमारे सुरक्षा बलों से कठोरतम जवाब मिलेगा।” शाह ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस हमले पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा, “मैं प्रार्थना करता हूं कि सभी घायल जल्द स्वस्थ हों।” उन्होंने इस प्रकार की घटनाओं को शांति और विकास के खिलाफ साजिश करार दिया। आतंकी हमले से देश में उबालस हमले के बाद पूरे देश में आक्रोश है। सुरक्षा एजेंसियों ने भी आतंकियों की धरपकड़ के लिए अभियान तेज कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह इलाका ज़ेडमोढ़ सुरंग और राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है, जहां बड़ी संख्या में श्रमिक काम कर रहे हैं। देशभर से आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांगें उठ रही हैं। जनता और सुरक्षा बल इस हमले को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं, और सरकार से सख्त कदम उठाने की अपील कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इस हमले से पहले सुरक्षा एजेंसियों को त्योहारों के दौरान कश्मीर में संभावित आतंकी हमलों की खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके बाद इलाके में अलर्ट जारी किया गया था।

Mahalaxmi Temple Ratlam: विदेशों से आ रहे फोन, हमारा “धन भी चढ़ाना है!”, हीरे – जवाहरातों की सजावट हुई शुरू

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Mahalaxmi Temple Ratlam: विश्व प्रसिद्ध श्री महालक्ष्मी मंदिर दीपोत्सव के अवसर पर भक्तों द्वारा लाई जा रही स्वर्ण आभूषणों और नोटों की श्रृंगार सामग्री से सजने के लिए तैयार है। मंदिर में कार्यकर्ता नोटों की लड़ियां बनाते नजर आएंगे। जहां 10, 20, 50 से लेकर 2000 के नोट की लड़ियां बनाई जा रही है, जो मंदिर में सजने के लिए तैयार है। भक्तजन बड़ी संख्या में माणक चौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर में पहुंच रहे हैं, जहां हर साल की तरह इस बार भी महालक्ष्मी का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। मंदिर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिसमें मंदिर परिसर में 29 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही पुलिस बल और पटवारियों की भी तैनाती की गई है, ताकि मंदिर में लाई जाने वाली सामग्री और दान-दक्षिणा का सही हिसाब रखा जा सके। इस बार मंदिर में चढ़ावे के लिए दुबई और अमेरिका में रह रहे भारतीय भी उत्सुक है। वहां से भक्त रतलाम में अपने रिश्तेदारों से फोन पर संपर्क कर रहे है। उन्हें जानना है की वे किस माध्यम से अपनी धनराशि मां लक्ष्मी के चरणों में साज सज्जा के लिए दे सकते है। हालांकी मंदिर में फिलहाल बैंक एकाउंट व अन्य डायरेक्ट माध्यम से राशि व आभूषण लेने की कोई सुविधा नहीं है। जिससे विदेश में रहने वाले भक्त अपनी धन सामग्री चढ़ा नहीं सकते है। गौरतलब है की मध्यप्रदेश के रतलाम का महालक्ष्मी मंदिर दिवाली पर नोट, सोना – चांदी, हीरे – जवाहरातों की अपनी सजावट के लिए विश्व प्रसिद्ध है। लोग दूर – दूर से यहां दर्शन के लिए आते है। मान्यता है की यहां धन चढ़ाने से उसे वापस प्रसाद के रूप में ले जाने से घर व व्यापार – व्यवसाय में धन की वृद्धि होती है। भक्तों ने स्वर्ण आभूषण और नोट किए दानमंदिर में भक्त अपनी ओर से स्वर्ण आभूषणों और नोटों की गड्डियां मां के श्रृंगार के लिए भेंट कर रहे हैं। रतलाम के अलावा इंदौर, नागपुर, मुंबई, झाबुआ आदि अन्य राज्यों व शहरों से आए भक्तों ने आभूषणों और नोटों की गड्डियां दान की है। अब तक करीब 400 भक्तों ने महालक्ष्मी के श्रृंगार के लिए नोटों की गड्डियां सौंपी, जिसके बदले उन्हें मंदिर प्रशासन की ओर से टोकन प्रदान किया गया। यह टोकन दिवाली के बाद दिखाने पर ही श्रृंगार सामग्री भक्तों को वापस सौंपी जाएगी। सुरक्षा और रिकॉर्ड रखने की विशेष व्यवस्थामंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया गया है। मंदिर प्रशासन ने हर आने-जाने वाले भक्तों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 29 सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की है। इसके साथ ही, प्रशासन की ओर से पटवारियों को भी ड्यूटी पर लगाया गया है ताकि मंदिर में आई सामग्री और दान-दक्षिणा का पूरा रिकॉर्ड रखा जा सके। तहसीलदार ऋषभ ठाकुर ने बताया कि मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 6 लाख रुपये का स्टीमेट तैयार किया गया है। बाहर से रंगरोगन का काम जल्द करवा लिया जाएगा। जीर्णोद्धार का कार्य दीपोत्सव के बाद शुरू किया जाएगा, ताकि भक्तों को किसी तरह की असुविधा न हो। नोट कैसे जमा कराएंमहालक्ष्मी मंदिर में पांच दिवसीय दीपोत्सव का आयोजन हर साल की तरह इस बार भी धूमधाम से मनाया जाएगा। धनतेरस से शुरू होने वाले इस उत्सव में मंदिर को सजाने का काम भक्तों द्वारा लाई गई नोटों की गड्डियों से किया जाएगा। मंदिर के पुजारी ने बताया कि श्रद्धालुओं द्वारा 28 अक्टूबर तक श्रृंगार सामग्री स्वीकार की जाएगी। भक्तों को अपने साथ श्रृंगार सामग्री के अलावा नाम, पता, मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो लाना अनिवार्य होगा ताकि रजिस्टर में उनकी एंट्री की जा सके।

Blast In Delhi: धमाके से दहल उठी दिल्ली, आतंकी साजिश की जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियां

नई दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Blast In Delhi: राजधानी दिल्ली के प्रशांत विहार इलाके में सीआरपीएफ स्कूल के पास हुए जोरदार धमाके ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को हिला कर रख दिया है। दिवाली से ठीक पहले हुए इस धमाके की जांच दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं। घटना स्थल से सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं और आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह धमाका किसी आतंकी साजिश का हिस्सा है या किसी और कारण से हुआ है। लेकिन त्योहारों के इस मौसम में हुए इस धमाके ने एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। सुरक्षा कड़ी, दिल्ली में हाई अलर्ट घोषितरोहिणी के प्रशांत विहार इलाके में सुबह करीब 7.47 बजे हुए हुए इस धमाके के बाद दिल्ली पुलिस ने पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। विशेष रूप से प्रमुख बाजार क्षेत्रों जैसे चांदनी चौक, लाजपत नगर, कमला मार्केट, सरोजिनी नगर, सदर बाजार में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इन इलाकों में पुलिस की पैनी नजर संदिग्ध गतिविधियों पर बनी हुई है और सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अगर कोई संदिग्ध वस्तु दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी जाए। 13 साल बाद दिल्ली में बड़ा धमाकायह धमाका दिल्ली में लगभग 13 साल बाद हुआ है। इससे पहले, 2011 के बाद राजधानी में कोई बड़ा विस्फोट नहीं हुआ था। हालांकि, 14 जनवरी 2022 को गाजीपुर फूल मंडी के गेट पर एक बैग में आईईडी विस्फोटक मिला था, जिसे एनएसजी की टीम ने निष्क्रिय किया था। उस विस्फोटक में आरडीएक्स और अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया था। अब, इस हालिया धमाके ने एक बार फिर दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। NIA और NSG की टीम जुटी जांच मेंपुलिस सूत्रों के मुताबिक, त्योहारों के दौरान राजधानी में आतंकी साजिश के इनपुट्स पहले से ही मिले थे, जिसके बाद से दिल्ली में अलर्ट जारी किया गया था। घटना के बाद घटनास्थल पर डॉग स्क्वाड, बम स्क्वाड, IGL, NIA और NSG की टीमों ने जांच शुरू कर दी है। एनएसजी कमांडो ने सीआरपीएफ स्कूल के पास के इलाके में तलाशी अभियान भी चलाया है। विशेषज्ञों की जांच जारीरोहिणी के डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि धमाके की असल वजह का पता लगाने के लिए एक्सपर्ट्स को बुलाया गया है। शुरुआती जांच में क्रूड बम जैसा मटेरियल मिलने की बात सामने आई है, लेकिन विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है ताकि धमाके के सोर्स का पता लगाया जा सके। आतंकी साजिश की जांचदिल्ली पुलिस की एटीएस घटना की जांच आतंकी हमले के एंगल से भी कर रही है। आस-पास के पुलिस थानों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं और बाजारों में पैदल गश्त बढ़ा दी गई है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि कोई भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) की टीम को भी मौके पर बुला लिया गया है। स्थानीय लोगों में दहशतविस्फोट की आवाज सुनते ही स्थानीय लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। घटनास्थल के पास चश्मे की दुकान चलाने वाले सुमित ने कहा, “धमाका इतना जोरदार था कि मेरी दुकान के खिड़की के शीशे टूट गए और सारा सामान जमीन पर गिर गया।” वहीं, स्थानीय निवासी राकेश गुप्ता ने बताया, “सुबह करीब 7.30 बजे हमने बहुत तेज धमाके की आवाज सुनी। हमें लगा कि पास में कोई एलपीजी सिलेंडर फट गया है। कई दुकानों के शीशे टूट गए हैं।” इस धमाके ने एक बार फिर दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है, और इस मामले में आतंकी साजिश की आशंका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जांच जारी है, और जल्द ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

MP News: दीपावली से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा फैसला, शासकीय कर्मचारियों को दिया ये तोहफा

भोपाल – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीपावली के मद्देनजर प्रदेश के सभी शासकीय सेवकों के लिए एक बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि अक्टूबर माह का वेतन 28 अक्टूबर तक आहरित कर लिया जाए, ताकि सभी शासकीय कर्मचारियों को दीपावली से पहले वेतन मिल सके। यह कदम शासकीय सेवकों के त्यौहार को और भी आनंददायक बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर सभी शासकीय कर्मचारियों को दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा, “त्यौहार से पूर्व वेतन प्राप्त होने से सभी कर्मचारियों का दीपोत्सव और भी विशेष हो जाएगा। दीपावली परिवार और प्रियजनों के साथ मिलकर मनाने का पर्व है, और वेतन समय पर मिलना इसे और खुशहाल बनाएगा।” सरकार के इस फैसले से प्रदेश के हजारों कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई है, क्योंकि दीपावली के खर्चों के लिए समय पर वेतन मिलना उनके लिए बेहद सहूलियत भरा रहेगा।

दिवाली पर रहे सावधान! : रतलाम जिले में मिलावट का जहर, प्रतिष्ठित दुकानों व फैक्ट्रियों के सैंपल फेल

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। दिवाली पर रहे सावधान! : त्योहारों का मौसम आते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है, लेकिन इस बीच एक गंभीर खतरा भी मंडरा रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा हाल ही में की गई जांच में 13 खाद्य पदार्थों को मानकों पर खरा नहीं पाया गया। कलेक्टर राजेश बाथम के निर्देशन में लिए गए 109 खाद्य सैंपलों की रिपोर्ट ने त्योहार की खुशियों पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। दीवाली जैसे महत्वपूर्ण त्यौहार के समय पर मिलावटखोरों का यह खेल लाखों लोगों की सेहत और जान से खिलवाड़ प्रतीत हो रहा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश जमरा ने बताया कि जिन संस्थाओं के नमूने अवमानक पाए गए हैं, उनमें कई प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं। इनमें बिलपांक स्थित ग्रीन ईडन सिस्टमैटिक प्राइवेट लिमिटेड का चना दाल, जावरा के राजश्री नमकीन सेंटर के सेव, ढोढर के श्री गणेश रेस्टोरेंट का सेव, जावरा के श्री राधे नमकीन की मावा बर्फी, रावटी के जाट दूध डेरी का मिक्सड दूध, रतलाम के सज्जन मिल रोड स्थित फायदा बाजार का काबुली चना, पिपलौदा के मां आशापुरा मिल्क चिलिंग सेंटर का मिक्सड दूध, परवलिया के होटल ग्रीन प्लाजा का पनीर, सज्जन पद के साइन मिलकर प्रोसेसिंग प्लांट का भैंस का दूध, सैलाना के हकीम ब्रदर का रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, सैलाना के देवेंद्र स्वीट्स का मावा पेडा, ढोढर के बालाजी नाश्ता सेंटर की मिठाई और पीर हिंगोरिया के नाथूलाल मावा भट्टी का भैंस का दूध शामिल हैं। सवाल उठता है कि क्या ऐसे समय में जब लोग अपने परिवार के साथ त्यौहार की खुशियाँ मना रहे हैं, मिलावटखोर अपनी जेबें भरने के लिए उनकी जिंदगी से खेल रहे हैं? क्या ये मिलावट सिर्फ सस्ती चीजों तक सीमित है या फिर ये हमारे त्योहारी खाद्य पदार्थों में भी जहर घोल रहे हैं? प्रशासन ने सभी संबंधित उत्पादकों को सुधार के लिए एक माह की समय सीमा दी है। अगर इस अवधि में अपील नहीं की गई, तो उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत न्यायालय में मामला दर्ज किया जाएगा। लेकिन सवाल यह भी उठता है कि जब तक कार्रवाई होगी, तब तक कितने और लोग इन मिलावटी उत्पादों का शिकार बनेंगे? खाद्य सुरक्षा की यह ढीली निगरानी लाखों लोगों के जीवन से खेल रही है। इस दीवाली, जहाँ लोग मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, वहां इस तरह की घातक मिलावट समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। जनता को इस बारे में सतर्क रहना होगा और प्रशासन को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि त्यौहार की खुशियाँ किसी के लिए दुखदाई न बनें।

Web Series On Lawrence: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की जिंदगी पर बनेगी एक्शन वेब सीरीज, कौन निभाएगा किरदार!

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Web Series On Lawrence: गुजरात की जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की जिंदगी पर आधारित वेब सीरीज बनने जा रही है। इस सीरीज का नाम ‘लॉरेंस ए गैंगस्टर स्टोरी’ रखा गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस सीरीज का निर्माण फायरफॉक्स फिल्म प्रोडक्शन हाउस द्वारा किया जा रहा है, और इसका टाइटल इंडियन मोशन पिक्चर एसोसिएशन से मंजूरी भी मिल गई है।  वेब सीरीज में लॉरेंस बिश्नोई के साधारण लड़के से खतरनाक गैंगस्टर बनने की पूरी कहानी को दिखाया जाएगा। इसमें बताया जाएगा कि कैसे वह अपराध की दुनिया में कदम रखता है और उसके जीवन के विभिन्न पहलुओं को उजागर किया जाएगा। सीरीज में भरपूर एक्शन सीक्वेंस होंगे, जो दर्शकों को अपराध की दुनिया से रूबरू कराएंगे। प्रोडक्शन हाउस के प्रमुख अमित जानी ने बताया कि इस सीरीज के माध्यम से वे सच्चाई को सामने लाने की कोशिश करेंगे। हालांकि, अभी तक इस वेब सीरीज की कास्ट और इसे किस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया जाएगा, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। गौरतलब है कि फायरफॉक्स फिल्म प्रोडक्शन हाउस इससे पहले भी सच्ची घटनाओं पर आधारित कई फिल्में बना चुका है, जिनमें ‘कराची टू नोएडा’ और ‘ए टेलर मर्डर स्टोरी’ प्रमुख हैं। इनमें ‘कराची टू नोएडा’ फिल्म, सचिन और सीमा हैदर की कहानी पर आधारित थी, जिसने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। लॉरेंस बिश्नोई फिलहाल गुजरात की साबरमती जेल में बंद है, जहां उसे हाई सिक्योरिटी जोन में रखा गया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस वेब सीरीज के जरिए गैंगस्टर की असल जिंदगी और अपराध की दुनिया को कैसे पेश किया जाएगा।

Karwa Chauth 2024: कल है करवा चौथ, जानें कब निकलेगा चंद्रमा और पूजन का शुभ मुहूर्त

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Karwa Chauth 2024 Date and Significance:कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा जाने वाला करवा चौथ का व्रत इस साल 20 अक्टूबर 2024 को मनाया जाएगा। यह व्रत सौभाग्यवती महिलाओं द्वारा पति की दीर्घायु और सुखमय वैवाहिक जीवन की कामना के लिए रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह व्रत भगवान कृष्ण ने द्रौपदी को और भगवान शिव ने माता पार्वती को बताया था। व्रत के दिन भगवान गणेश, माता गौरी और चंद्रमा की पूजा की जाती है। करवा चौथ 2024 शुभ मुहूर्त (Karwa Chauth 2024 Shubh Muhurat): हिंदू पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि की शुरुआत 20 अक्टूबर को सुबह 6:46 बजे होगी और इसका समापन 21 अक्टूबर को सुबह 4:16 बजे होगा। पूजा के लिए मुख्य रूप से दो शुभ मुहूर्त मिलेंगे:– अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:43 से दोपहर 12:28 तक।– विजय मुहूर्त: दोपहर 1:59 से 2:45 तक।  चंद्रोदय का समय (Karwa Chauth Moonrise Time):  इस साल करवा चौथ पर चंद्रमा का उदय शाम 7:54 बजे होगा। करवा चौथ की पूजन विधि (Karwa Chauth Pujan Vidhi)– सूर्योदय से पहले स्नान करके पूजा घर की सफाई करें।  – सास द्वारा दिए गए भोजन का सेवन करें और निर्जला व्रत का संकल्प लें।  – शाम को एक मिट्टी की वेदी पर सभी देवताओं की स्थापना करें और करवे रखकर पूजा प्रारंभ करें।  – चंद्रोदय से एक घंटा पहले पूजा शुरू करें और करवा चौथ की कथा सुनें।  – चंद्रमा के दर्शन के बाद छलनी से चंद्र दर्शन करके अर्घ्य दें। फिर सास को थाली में मिष्ठान, फल और उपहार देकर आशीर्वाद प्राप्त करें। करवा चौथ पर विशेष सावधानियां (Karwa Chauth Precautions):– पूजा के बाद विवाहित महिलाओं में करवा बांटें।  – दिन भर निराहार रहकर गणेश मंत्र का जाप करें।  – चंद्रमा को अर्घ्य प्रदान करने के साथ गणेश जी और चतुर्थी माता को भी अर्घ्य दें।  – नमक युक्त भोजन से दूर रहें।  – व्रत को कम से कम 12 या 16 साल तक रखें और इसके बाद उद्यापन करें।  करवा चौथ व्रत से जुड़ी इन परंपराओं और नियमों का पालन करके महिलाएं अपने वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं।

Karwa Chauth Vrat Katha: करवा चौथ व्रत की कथा, क्या है इसके पीछे का रहस्य?

नई दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Karwa Chauth Vrat Katha: करवा चौथ का पर्व सनातन धर्म में खास महत्व रखता है। यह व्रत पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है। इस साल करवा चौथ 20 अक्टूबर 2024, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिनें माता करवा और चंद्रमा की पूजा करती हैं और करवा चौथ की व्रत कथा सुनती हैं। कहा जाता है कि इस कथा के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। यहां जानिए करवा चौथ व्रत की पूरी कथा। करवा चौथ व्रत की कथा :प्राचीन समय में एक ब्राह्मण के सात पुत्र और एक पुत्री थी, जिसका नाम करवा था। करवा का विवाह एक योग्य ब्राह्मण के साथ हुआ था। एक दिन कार्तिक माह की चतुर्थी तिथि को करवा अपने ससुराल में थी। उस दिन उसने पूरे विधि-विधान से करवा चौथ का व्रत रखा। शाम के समय, जब चंद्रमा निकलने से पहले करवा चांद का इंतजार कर रही थी, तभी उसके भाइयों ने उसकी भूख देखकर उसे भोजन करने का आग्रह किया। करवा ने अपने भाइयों से कहा कि वह चंद्रमा के दर्शन के बाद ही भोजन करेगी, लेकिन उसके भाइयों से उसकी भूख बर्दाश्त नहीं हुई। इसलिए उन्होंने एक चाल चली। भाइयों ने पीपल के पेड़ के पीछे एक दीपक जलाकर छलपूर्वक करवा से कहा, “देखो, चांद निकल आया है, अब तुम अपना व्रत तोड़ सकती हो।” करवा ने बिना ध्यान दिए, उनके कहे अनुसार चंद्रमा के दर्शन कर व्रत तोड़ दिया और भोजन कर लिया। व्रत तोड़ते ही करवा का पति बीमार हो गया और उसका स्वास्थ्य बिगड़ने लगा। करवा को एहसास हुआ कि उसने चंद्रमा के उदय से पहले व्रत तोड़ा था, जो व्रत के नियमों का उल्लंघन था। उसने अपने गलती के लिए पश्चाताप किया और अगले वर्ष फिर से पूरे विधि-विधान से करवा चौथ का व्रत रखा। इस बार उसने सच्चे मन और श्रद्धा से व्रत किया और चंद्रमा के दर्शन कर विधिपूर्वक अपना व्रत तोड़ा। इस व्रत के प्रभाव से उसका पति स्वस्थ हो गया और उन्हें सुख-समृद्धि प्राप्त हुई। तब से यह मान्यता है कि करवा चौथ का व्रत सुहागिन स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए करती हैं।करवा चौथ की यह कथा स्त्रियों को पति की दीर्घायु, प्रेम और विश्वास का प्रतीक बनाती है, और इसे पूर्ण निष्ठा से मनाने की परंपरा आज भी चलती आ रही है। करवा चौथ व्रत का महत्वकरवा चौथ व्रत न केवल पति की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है, बल्कि यह पति-पत्नी के बीच प्रेम और विश्वास को भी बढ़ाता है। इस व्रत को करने से रिश्तों में मजबूती आती है और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। विवाहित महिलाएं इस व्रत को अपने सुखी वैवाहिक जीवन और समृद्धि के लिए रखती हैं। यह व्रत महिलाओं को संपूर्ण जीवन में सौभाग्यशाली बनाता है और उनके जीवन में खुशहाली लाता है।

Bahraich Violence: राम गोपाल हत्याकांड के आरोपियों पर एसटीएफ का बड़ा एक्शन, एनकाउंटर में दो घायल, पांच गिरफ्तार

बहराइच – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Bahraich Violence: राम गोपाल हत्याकांड में यूपी एसटीएफ और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से दो मुख्य आरोपी सरफराज उर्फ रिंकू और तालीम उर्फ सबलू को एनकाउंटर में घायल कर पकड़ा गया है। एनकाउंटर के दौरान दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी, जिन्हें नानपारा सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने सरफराज की हालत गंभीर बताई है, जबकि दोनों को खतरे से बाहर बताया जा रहा है। क्या है पूरा मामला?13 अक्टूबर को बहराइच के महाराजगंज इलाके में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान पथराव के बाद हिंसा भड़क उठी थी। इस हिंसा में 25 वर्षीय राम गोपाल मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद जिले में तनाव फैल गया था और आगजनी की घटनाएं भी हुई थीं। इस हत्याकांड में सरफराज, तालीम और अब्दुल हमीद सहित 10 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। सभी आरोपी हत्या के बाद फरार हो गए थे। घटना के बाद यूपी एसटीएफ चीफ अमिताभ यश के नेतृत्व में टीमें आरोपियों की तलाश में जुट गईं। गुरुवार दोपहर एसटीएफ को सूचना मिली कि आरोपी नेपाल भागने की फिराक में हैं। पुलिस ने नानपारा कोतवाली क्षेत्र के हांडा बसहरी इलाके में घेराबंदी की, जहां एनकाउंटर के बाद सरफराज और तालीम को गिरफ्तार किया गया। पुलिस पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायलपुलिस ने जब आरोपियों को गिरफ्तार किया, तो उनके द्वारा झाड़ियों में छिपाकर रखे गए असलहों से फायरिंग की गई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिससे सरफराज और तालीम के पैरों में गोली लगी। घटना स्थल से दो अवैध असलहे भी बरामद किए गए हैं। एसटीएफ ने बताया कि अगर पुलिस सक्रिय न होती, तो घायल हो सकती थी। परिजनों के आरोपसरफराज की बहन रुखसार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि उनके पिता अब्दुल हमीद, भाई सरफराज, फहीम और एक अन्य युवक को एसटीएफ ने पहले ही हिरासत में ले लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिजनों का एनकाउंटर किए जाने की साजिश रची जा रही है। रुखसार ने एक वीडियो जारी करते हुए अपने भाई और शौहर की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है। अस्पताल में भारी सुरक्षापुलिस मुठभेड़ में घायल हुए आरोपियों को नानपारा सीएचसी और फिर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है। पुलिस और पीएसी के जवानों के साथ आरआरएफ की तैनाती भी की गई है। एसपी वृंदा शुक्ला समेत अन्य अधिकारी भी अस्पताल में मौजूद हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए तीमारदारों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है और पूरा अस्पताल परिसर खाली करा दिया गया है। सरकार का बयानयूपी सरकार के मंत्री ओ.पी. राजभर ने इस मुठभेड़ पर बयान देते हुए कहा, “अगर पुलिस किसी को पकड़ने जाएगी और उन पर गोलियों की बौछार की जाएगी, तो क्या पुलिस उन्हें माला पहनाएगी? अपराधियों को जिंदा या मुर्दा पकड़ना ही होगा।” पुलिस द्वारा इस मुठभेड़ और गिरफ्तारी के बाद हिंसा में शामिल अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए भी जांच जारी है।

Train Ticket Rules: दिवाली से पहले रेलवे का बड़ा फैसला, 60 दिन में होगा अब टिकट रिज़र्वेशन!

नई दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Train Ticket Rules: भारतीय रेलवे ने दिवाली से पहले ट्रेन टिकटों की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। यात्रियों की सुविधाओं और टिकटों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने टिकट बुकिंग के नियमों में अहम बदलाव किया है। रेलवे ने गुरुवार को घोषणा की कि 1 नवंबर 2024 से एडवांस में टिकट बुकिंग की समय सीमा 120 दिनों से घटाकर 60 दिन कर दी जाएगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह कदम टिकटों की कालाबाजारी पर लगाम लगाने और टिकट वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। नए नियमों के तहत बदलावअब तक भारतीय रेलवे (Indian Railways) यात्रियों को 120 दिन पहले से ट्रेन टिकट बुक करने की सुविधा देता था, लेकिन 1 नवंबर से यह समय सीमा घटाकर 60 दिन कर दी जाएगी। इसका मतलब है कि यात्री अब अपनी यात्रा के लिए 60 दिन पहले तक ही टिकट बुक कर सकेंगे। इस 60 दिन की अवधि में यात्रा की तारीख को शामिल नहीं किया जाएगा। 31 अक्टूबर तक पुरानी व्यवस्था यानी 120 दिन की एडवांस बुकिंग का नियम लागू रहेगा। कालाबाजारी पर रोक लगाने का प्रयासट्रेन टिकटों की कालाबाजारी लंबे समय से एक गंभीर समस्या रही है। त्योहारों और छुट्टियों के दौरान ट्रेन टिकटों की भारी मांग होती है, जिससे कई बार टिकट दलालों द्वारा कालाबाजारी की जाती है। एडवांस बुकिंग की समय सीमा को कम करने से रेलवे को उम्मीद है कि इस समस्या पर काफी हद तक काबू पाया जा सकेगा। कम समय में टिकट बुकिंग से दलालों द्वारा बड़ी संख्या में टिकट खरीदकर उन्हें ऊंचे दामों पर बेचने की गुंजाइश कम होगी। यात्रियों को होगा सीधा लाभरेलवे के इस कदम से यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है। पहले, 120 दिन पहले बुक किए गए टिकटों की कालाबाजारी की संभावना अधिक थी, जिससे असली यात्रियों को टिकट पाने में कठिनाई होती थी। अब 60 दिन की बुकिंग अवधि से यात्रियों के लिए टिकट प्राप्त करना अधिक सुलभ होगा और उन्हें उचित दरों पर यात्रा करने का मौका मिलेगा। इसके अलावा, इस बदलाव से रेलवे को भी टिकट वितरण प्रणाली को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। त्योहारी सीजन के मद्देनजर निर्णययह बदलाव खासतौर पर दिवाली और अन्य प्रमुख त्योहारों के मद्देनजर लिया गया है, जब देशभर में रेल यात्रा की मांग चरम पर होती है। इस समय यात्रियों की भारी भीड़ होती है, और कालाबाजारी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। नए नियम लागू होने से टिकटों की कालाबाजारी रोकने में काफी हद तक सफलता मिलने की उम्मीद है। रेलवे ने इस निर्णय को लागू करने से पहले सभी यात्रियों को इस बदलाव की जानकारी देने का प्रयास किया है ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

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