Ratlam News: MP के इस यंग IPS अफसर ने पुलिसकर्मियों के लिए ईनामों की लगाई झड़ी, हर 15 दिन में देना होगा अपडेट, नहीं तो…

प्रदेश के यंग आईपीएस ऑफिसर और रतलाम एसपी अमित कुमार का नवाचार, हर जवान को 5 और 10 हजार का नगद ईनाम, हर 15 दिन में खुद लेंगे समीक्षा बैठक रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: प्रदेश के यंग आईपीएस ऑफिसर अमित कुमार (IPS Amit Kumar) ने पुलिस जवानों के काम में फुर्ती लाने के लिए एक अनूठा एक्सपीरिमेंट शुरू किया है। आईपीएस अमित कुमार रतलाम जिले के एसपी है। गौरतलब है की रतलाम शहर में तैनात पुलिस जवानों की क्विक रेस्पॉन्स टीम का नाम चीता पार्टी है। एसपी ने इन्हीं चीता जवानों के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें शहर की अपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए। साथ ही एसपी ने नवाचार करते हुए चीता जवानों के लिए ईनामों की झड़ी लगा दी है। एसपी ने चोरी के दौरान उपयोग में लाए उपकरण की जब्ती के लिए 5 हजार और चोरी के वाहन जब्ती के लिए प्रत्येक जवान को 10 हजार रुपए के नगद पुरुस्कार देने की घोषणा की है। इसके अलावा काम में कसावट के लिए हर 15 दिन में एसपी मीटिंग लेकर चीता के कामों की खुद अपडेट भी लेंगे। एसपी अमित कुमार के अनुसार चीता जवान हर बिट की मुख्य कड़ी है। सबसे ज्यादा फील्ड में यही रहते है और इनका लोगों से सीधा संपर्क है। गश्ती के दौरान एहतियात बरतने से चीता जवान कई अपराधों को रोकने में अहम भूमिका निभा सकते है। साथ ही घटित अपराधों की विवेचना में भी महत्वपूर्ण भूमिका इनकी रहती है। पुरस्कार देने से उनकी कार्यक्षमता और मनोबल में वृद्धि होती है। इससे वे अपने काम में अधिक जिम्मेदारी और उत्साह से जुटते हैं, अपराध रोकने और कार्रवाई में तेजी लाते हैं, और बेहतर परिणाम देने के लिए प्रेरित होते हैं। यह एक तरह से प्रोत्साहन का काम करता है, जिससे पुलिसकर्मी अपने कर्तव्यों का पालन और अधिक प्रभावी ढंग से करते हैं। इस बैठक में चीता पार्टी के जवानों को अपने कार्यक्षेत्र में सतर्कता बरतने और अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एसपी द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश 1. हर 15 दिन में समीक्षा बैठक: चीता पार्टी द्वारा किए गए कार्यों की हर 15 दिन में पुलिस अधीक्षक स्वयं समीक्षा करेंगे।   2. पुरस्कार योजना: किसी संदिग्ध व्यक्ति से चोरी करने के उपकरण (जैसे कटर या पाना) जब्त करने पर चीता पार्टी के जवान को ₹5000 का नकद इनाम दिया जाएगा। इसके साथ ही, चोरी किया गया वाहन पकड़ने पर ₹10,000 का नगद इनाम भी घोषित किया गया है। 3. धार्मिक स्थलों और अन्य क्षेत्रों की निगरानी: चीता पार्टी अपने क्षेत्र के मंदिर, मस्जिद, और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी और चेकिंग करेंगी। इन स्थानों से संबंधित जानकारियों को अपनी डायरी में दर्ज करेंगी। 4. सतत चेकिंग: होटल, लॉज, धर्मशाला, बैंक, कॉलोनी, गुंडे-बदमाशों के ठिकानों, गोल्ड लोन कंपनियों और एटीएम की सतत जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका विवरण साप्ताहिक डायरी में रखा जाएगा। 5. संदिग्ध व्यक्तियों की जाँच: चीता पार्टी शहर में सतत भ्रमण कर संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग करेगी, जिसमें यदि कोई हथियार या गैरकानूनी वस्तु मिलती है, तो उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। 6. तेज रफ्तार और खतरनाक बाइकर्स पर निगरानी: शहर में तेज रफ्तार से बाइक चलाने वाले युवकों की पहचान कर उन्हें समझाइश दी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। 7. लापरवाही पर सख्त कार्रवाई: इन निर्देशों का पालन न करने पर संबंधित चीता पार्टी के सदस्यों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। एसपी अमित कुमार ने इस बैठक के दौरान सभी चीता पार्टी के सदस्यों को अपने कार्यों के प्रति निष्ठावान रहने और किसी भी लापरवाही से बचने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि चीता पार्टी की सक्रियता से शहर की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सकता है और अपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।

Coldplay Concert India: कोल्डप्ले के मुंबई शो के लिए टिकट की मारामारी, 2 लाख तक में हो रहा ब्लैक! क्या है इस बैंड में ऐसा खास?

प्रदेश के यंग आईपीएस ऑफिसर और रतलाम एसपी अमित कुमार का नवाचार, हर जवान को 5 और 10 हजार का नगद ईनाम, हर 15 दिन में खुद लेंगे समीक्षा बैठक पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। ब्रिटिश रॉक बैंड Coldplay एक बार फिर से भारत में सुर्खियों में है। जनवरी 2025 में मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में होने वाले उनके तीन शो को लेकर फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह है। कोल्डप्ले के ‘Music of the Spheres’ वर्ल्ड टूर के तहत 18, 19 और 21 जनवरी को ये शो आयोजित होंगे। टिकटों की बुकिंग के साथ ही वेबसाइट क्रैश हो गई, और चंद मिनटों में सारे टिकट बिक गए। इससे फैंस निराश हैं और सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कंसर्ट के टिकट की कालाबाजारी (Coldplay Tickets in black) का भी दावा किया जा रहा है। कालाबाजारी में टिकट को 50 हजार से 2 लाख रुपए तक में बेचने का आरोप है। खुलासे के बाद ऐसी खबर भी है की टिकट बुकिंग वेबसाइट बुक माय शो (Book My Show) ने कोल्डप्ले कॉन्सर्ट की नकली टिकट बेचने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। कौन है ये बैंड?Coldplay एक ब्रिटिश रॉक बैंड है, जिसकी शुरुआत 1996 में लंदन में हुई थी। फ्रंटमैन क्रिस मार्टिन और गिटारिस्ट जॉनी बकलैंड की मुलाकात यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL) में हुई थी। बाद में गाइ बेरीमैन और विल चैंपियन के जुड़ने से बैंड ने पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाई। उनके मशहूर एल्बम जैसे Yellow, A Rush of Blood to the Head और Viva la Vida ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय ख्याति दिलाई। टिकट विवाद और ब्लैक मार्केटिंगकोल्डप्ले के मुंबई कॉन्सर्ट के टिकट चंद मिनटों में ही बिक गए, लेकिन इसके बाद बुकमायशो पर कई यूजर्स टिकट खरीदने में असमर्थ रहे। इसके चलते ब्लैक मार्केट में टिकट की कीमतें कई गुना बढ़ गईं। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है की कुछ थर्ड-पार्टी साइट्स पर टिकटों को 30 से 50 गुना दाम पर बेचा जा रहा है, जिसके चलते मुंबई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। वकील अमित व्यास ने बुकमायशो और लाइव नेशन के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। होटलों की आसमान छूती कीमतेंकॉन्सर्ट के दौरान नवी मुंबई के होटलों का किराया 1.60 लाख रुपये तक पहुंच गया है, जबकि सामान्य दिनों में यह 10,000 से 25,000 रुपये के बीच होता है। आयोजन स्थल के पास सभी होटल पहले से ही बुक हो चुके हैं। Coldplay के इस कॉन्सर्ट को लेकर भारतीय फैंस में जबरदस्त उत्साह है। कॉन्सर्ट में क्या होगा खास?Coldplay के शो में 5 साल या उससे अधिक उम्र के बच्चों को प्रवेश की अनुमति होगी। शो में 4 घंटे की नॉन-स्टॉप परफॉर्मेंस होगी, जिसमें LED रिस्टबैंड और लाइव म्यूजिक का शानदार अनुभव शामिल होगा। लाउंज टिकट लेने वाले दर्शकों को प्रीमियम सुविधाएं मिलेंगी।

Ratlam News: 5 वर्षीय मासूम के साथ नाबालिग की गंदी करतूत, 80 फिट रोड स्थित सांईश्री स्कूल में हुई घटना

स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल!, आरोपी को भेजा बाल संप्रेक्षण ग्रह रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Ratlam News: हाल ही में प्रदेश की राजधानी भोपाल में मासूम बच्ची से दुष्कर्म और निर्मम हत्या का मामला सामने आया था। जिसमें पुलिस जांच में कई चोंकाने वाले खुलासे हो रहे है। वहीं अब प्रदेश के रतलाम में एक निजी स्कूल में 5 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। हैरानी कि बात यह है की 80 फीट रोड स्थित सांईश्री स्कूल में मासूम के साथ गंदी हरकत को अंजाम देने वाला आरोपी खुद नाबालिग है। पूरे मामले में सांईश्री स्कूल प्रबंधन की लापरवाही भी खुलकर सामने आई है। सूत्रों की माने तो स्कूल परिसर में दूसरी और तीसरी मंजिल पर सीसीटीवी कैमरे भी नहीं है। पुलिस ने पीड़ित मासूम की मां की शिकायत पर आरोपी बाल अपचारी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया है। प्राइवेट स्कूलों में परिजनों से मोटी-मोटी फीस लेने के बाद भी बच्चों की सुरक्षा के लिए उचित प्रबंध नहीं होना सांईश्री स्कूल प्रबंधन की लापरवाही को दर्शाता है। मामले में सांईश्री एकेडमी स्कूल के प्रबंधक राकेश देसाई से जानकारी लेना चाही मगर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। बाथरूम के लिए गई तो मालूम पड़ाजानकारी के अनुसार 5 वर्षीय मासूम की मां ने पुलिस को बताया कि उनकी बच्ची सांईश्री स्कूल में पढ़ाई करती है। मासूम बच्ची को घर से स्कूल और स्कूल से घर लाने का काम उसकी मौसी करती है। पिछले तीन दिन से उनकी बच्ची को बुखार आ रहा था और बाथरूम कम हो रही थी। 27 सितंबर की दरमियानी रात मासूम बाथरूम करने के लिए उठी तो उसने अपनी मौसी को बताया कि उसे जलन हो रही है। इसके बाद मौसी ने उसकी मम्मी को उठाया। जब बची के प्राइवेट पार्ट को देखा तो वह सामान्य नहीं था। बच्ची ने मां और मौसी को बताया कि एक लडक़ा उसके साथ गंदी हरकत करता है। इस दौरान मौसी को कुछ याद आया और उसने अपनी बहन को बताया कि 24 सितंबर 2024 को जब वह भतीजी को स्कूल से लेकर लौट रही थी, तब उसके टी-शर्ट के बटन खुले हुए थे और उसका पूरा शरीर लाल होने के अलावा तेज बुखार से तप रहा था। बाल अपचारी को भेजा संप्रेक्षण ग्रहमासूम के परिजनों ने स्कूल प्रबंधन से शिकायत के बाद औद्योगिक क्षेत्र पुलिस थाने पर लिखित शिकायत की। एसआई सत्येंद्र रघुवंशी ने जांच कर बच्ची के साथ गलत हरकत करना पाया। जांच के दौरान सांईश्री स्कूल प्रबंधन की लापरवाही भी सामने आई है। पुलिस ने बाल अपचारी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 65(2), 75, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 6,7 और 8 में मुकदमा दर्ज किया है। बाल अपचारी को पुलिस ने बाल संप्रेक्षण गृह भेजा है।

Hezbollah leader Hassan Nasrallah died: जम्मू-कश्मीर में हिजबुल्ला नेता हसन नसरुल्ला की मौत पर इजराइल विरोधी प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे लोग!

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। लेबनान के हिजबुल्ला नेता हसन नसरुल्ला (Hezbollah leader Hassan Nasrallah died) की हत्या के बाद जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) में शनिवार को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। श्रीनगर के विभिन्न इलाकों में इजराइल और अमेरिका विरोधी नारे गूंज उठे, जब लोग काले झंडे लेकर सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने हिजबुल्ला प्रमुख की हत्या की निंदा करते हुए इजराइल और अमेरिका के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। श्रीनगर के हसनाबाद, रैनावारी, सैदाकदल, मीर बेहरी और आशाबाग जैसे इलाकों में प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ उमड़ी, जिसमें बच्चों समेत कई लोग शामिल थे। विरोध प्रदर्शन के चलते कई स्थानों पर ट्रैफिक बाधित हुआ, वहीं पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। कश्मीरी नेताओं की प्रतिक्रियाहिजबुल्ला प्रमुख हसन नसरुल्ला की मौत पर कश्मीरी नेताओं ने भी गहरा दुख जताया। अंजुमन-ए-शरी के अध्यक्ष ने अपने बयान में कहा, “हसन नसरुल्ला के खून से हजारों नसरुल्ला पैदा होंगे,” और इस घटना की कड़ी निंदा की। कई अन्य राजनीतिक और धार्मिक संगठनों ने भी इस घटना पर विरोध दर्ज कराया है। यह विरोध प्रदर्शन हिजबुल्ला और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में हुआ है, जिसने वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। जम्मू-कश्मीर में इस घटना ने स्थानीय भावनाओं को प्रभावित किया है, जिससे जनता के बीच गुस्सा और असंतोष देखने को मिला है। शांति बनाए रखने की अपीलअधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और इस तनावपूर्ण माहौल में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

Ratlam News: महिला एवं बाल विकास का “मिशन वात्सल्य”, किशोर न्याय अधिनियम पर प्रशिक्षण सहकार्यशाला का आयोजन

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में “मिशन वात्सल्य” के तहत किशोर न्याय अधिनियम पर आधारित एक विशेष प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों के संरक्षण और उनके सर्वोत्तम हितों को सुनिश्चित करने के लिए कानून की समझ बढ़ाना था। इस दौरान कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चों के साथ किस प्रकार संवेदनशील और जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से व्यवहार किया जाए, इस पर विशेष जोर दिया गया। कार्यशाला का उद्घाटन जिला न्यायाधीश अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने किया। उन्होंने किशोर न्याय अधिनियम के तहत उन बच्चों के साथ की जाने वाली कार्रवाई में विशेष सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया, जो कानून का उल्लंघन करते हैं। उन्होंने कहा कि इन बच्चों के मामलों में संवेदनशीलता और मानवता के साथ काम करना आवश्यक है, ताकि उनके अधिकारों की सुरक्षा हो सके और उन्हें समाज में पुनर्वासित किया जा सके। कर्तव्यों से परे जाकर काम करना होगा – एसपी अमित कुमारपुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार ने किशोर न्याय अधिनियम की संवेदनशीलता पर प्रकाश डाला और बताया कि हमें बच्चों के सर्वोत्तम हितों को प्राथमिकता देते हुए कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमें अपने सामान्य पुलिस कर्तव्यों से परे जाकर काम करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चों की हर संभव मदद की जाए।” एसपी ने यह भी कहा कि पुलिस और बाल कल्याण समितियों के बीच तालमेल बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि बच्चों की देखभाल और संरक्षण के मामले में कोई चूक न हो। छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना जरूरी – कृतिका सिंहकार्यशाला में किशोर न्याय बोर्ड की प्रधान न्यायाधीश सुश्री कृतिका सिंह ने प्रतिभागियों को बताया कि कानून के तहत बच्चों के साथ काम करते समय छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने बताया कि किशोर न्याय अधिनियम का उद्देश्य न केवल बच्चों के संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करना है, बल्कि उन्हें सही मार्ग पर लाने के लिए अवसर प्रदान करना भी है। सुश्री सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों के मामलों में जल्दबाजी और कठोरता से बचते हुए संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। प्रश्न मंच और समाधानकार्यशाला के दौरान, बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, स्पेशल जूवेनाइल पुलिस यूनिट और चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्यों ने अपनी जिज्ञासाओं को प्रश्न मंच के माध्यम से व्यक्त किया। इन प्रश्नों का समाधान जिला न्यायाधीश और अन्य विशेषज्ञों द्वारा अधिनियम के अनुसार किया गया। इस सत्र में अधिकारियों ने कानून से संबंधित कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे, जिनका उत्तर न्यायाधीशों ने स्पष्ट और व्यावहारिक ढंग से दिया। विशेष सहयोग और उपस्थितिइस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाका, बाल सुरक्षा अधिकारी श्रीमती पवनकुंवर सिसोदिया सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही। इस कार्यशाला के सफल आयोजन में गिरिश दुबे (विशेष किशोर पुलिस इकाई) और श्रीमती मनीषा पाटीदार व आयुषी पोरवाल का विशेष योगदान रहा। कार्यशाला का संचालन पवनकुंवर सिसोदिया द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को प्रभावी और सुगम तरीके से चलाया। यह कार्यशाला रतलाम जिले के बाल कल्याण और किशोर न्याय से जुड़े अधिकारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रही। इसने सभी प्रतिभागियों को किशोर न्याय अधिनियम के तहत बच्चों की देखभाल, संरक्षण और उनके सर्वोत्तम हितों के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को बेहतर तरीके से समझने का अवसर प्रदान किया।

Top School In World: कैसे एक टीचर ने MP के सरकारी स्कूल को झुग्गियों से निकाल इंटरनेशनल लेवल पर पहुंचाया, आज देशभर में नाम

सेंव, साड़ी और सोने की प्रसिद्धि से ट्रिपल S नगरी कहे जाने वाले रतलाम में एक और S जुड़ा, वो S है STUDY यानी शिक्षा!, विज्ञान के शिक्षक गजेन्द्रसिंह राठौर के प्रयासों ने बनाया अव्वल… मध्यप्रदेश – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Top School In World: मध्यप्रदेश के  रतलाम का सीएम राइज विनोबा स्कूल (CM RISE SCHOOL RATLAM) न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित कर चुका है। इस सरकारी स्कूल को T4 अंतर्राष्ट्रीय संस्था (T4 Education :World’s Best School Prizes 2024) द्वारा नवाचार श्रेणी में विश्वभर के टॉप 10 स्कूलों में शामिल किया गया और अंततः इसने तीसरा स्थान हासिल किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद से स्कूल के छात्रों, शिक्षकों और परिजनों में गर्व है। इस स्कूल को 1991 में रतलाम की शहरी झुग्गियों में स्थापित किया गया था। इस स्कूल ने अपनी शुरुआती चुनौतियों के बावजूद, नवाचारी प्रक्रियाओं और सामुदायिक जुड़ाव के माध्यम से आज यह मुकाम हासिल किया है।  सरकारी स्कूल के एडमिशन में अब प्रवेश के लिए होड़ मची हुई है। इसके यहां तक पहुंचने के पीछे की कहानी में एक शिक्षक गजेन्द्रसिंह सिंह राठौर की भूमिका बहुत मायने रखती है। राठौर स्कूल के वाईस प्रिंसीपल भी है। साइंस टीचर गजेन्द्रसिंह राठौर (Science Teacher Gajendra Singh Rathore) के पढाने का तरीका बहुत अलग है। उनका कहना है विज्ञान रट्टा मारने का नहीं बल्कि समझने का विषय है। किताब में छपे विषयों को राठौर प्रेक्टिकल कर बच्चों को समझाते है। रॉकेट उड़ता कैसे है, घर्षण होता क्या है, भूकंप आता क्यो है ऐसे कई रहस्यों को पढ़ाने की बजाय उन्हें प्रेक्टिकल से समझाते है। राठौर ऑनलाइन भी बच्चों को विज्ञान को समझने के लिए प्रेरित करते है। नहीं बदला अंदाज, राठौर से पढ़ने का क्रेजविद्यार्थियों में राठौर से पढ़ने का अलग ही क्रेज है। जहां भी शिक्षक रहे उन्होंने अपने पढ़ाने के अंदाज नहीं बदले। पढ़ाने में इनोवेशन के तरीकों को उन्होंने यहां भी लागू रखा। उनके साथ अन्य स्टाफ ने भी सहभागिता की और गजेन्द्रसिंह के तरीकों को अपनाया। जिसकी बदौलत आज पूरे विश्व में MP का सरकारी स्कूल चमक रहा है। आपको बता दे साल 2016 में राठौर राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हो चुके है। आज भी राठौर अपने पढ़ाए विद्यार्थियों के साथ जीवंत संपर्क में रहते है। विद्यार्थी भी उनसे जीवन की कठिनाइयों से निकलने के टिप्स लेते है। परेशानियों में उनसे सलाह लेते है।अवार्ड की घोषणा के समय कार्यक्रम के दौरान राठौर भावुक हो उठे थे और उनके आंसू निकल आए थे। राठौर ने बनाई योजना, नवाचार किए लागूदो साल पहले विनोबा स्कूल में उप प्राचार्य गजेंद्र सिंह राठौर ने स्कूल में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति को सुधारने के लिए वरिष्ठ शिक्षकों के साथ मिलकर “साइकिल ऑफ ग्रोथ मेकैनिज्म” योजना बनाई। इस योजना का उद्देश्य शिक्षकों के पेशेवर विकास के साथ-साथ छात्रों की भागीदारी बढ़ाना था। इसमें टीचर्स के लिए टीम हर्डल, कैप्सूल ट्रेनिंग, क्लासरूम मॉनिटरिंग, वन-ऑन-वन फीडबैक, और रीवार्ड एवं रिकग्निशन जैसी गतिविधियाँ शामिल की गईं।इसके अलावा, “विनोबा मॉडल ऑफ पैरेंटल एंगेजमेंट”, “कम्युनिटी एज ए लर्निंग रिसोर्स”, और “ट्रैकिंग डाटा के इनोवेटिव आइडिया” जैसी पहलें भी जुड़ती गईं। इन सब नवाचारों ने स्कूल में एक उत्साही और सकारात्मक वातावरण तैयार किया, जहाँ बच्चे आसानी से सीखने लगे। इस योजना को सफल बनाने में प्राचार्य संध्या वोरा, उप प्राचार्य गजेंद्र सिंह राठौर, प्रधान अध्यापक अनिल मिश्रा, सीमा चौहान, हीना शाह और अन्य शिक्षकों ने नियमित रूप से योगदान दिया। इस प्रकार हुआ चयनटी फॉर एजुकेशन ने दुनिया भर के स्कूलों से फरवरी 2024 तक विभिन्न श्रेणियों में आवेदन मांगे थे। हजारों आवेदनों में से विनोबा स्कूल को “इनोवेशन” श्रेणी में चुना गया, जहाँ उप प्राचार्य और राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक गजेंद्र सिंह राठौर को स्कूल लीडर के रूप में नामित किया गया। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय शिक्षाविदों द्वारा एक घंटे का ऑनलाइन इंटरव्यू लिया गया। इंटरव्यू के बाद दस्तावेजों के आधार पर मूल्यांकन किया गया।शिक्षकों की ऑनलाइन मीटिंग और विभिन्न स्तरों के परीक्षण के बाद, 13 जून को पहले चरण में स्कूल टॉप 10 में आया और गुरुवार को टॉप 3 में जगह बनाई। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण शिल्पा गुप्ता, और संचालक लोक शिक्षण डीएस कुशवाह ने उन्हें इस सफलता पर बधाई दी। इनोवेशन कैटेगरी में ऐतिहासिक उपलब्धिरतलाम का यह शासकीय स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में नवीनतम तकनीक और प्रयोगात्मक तरीकों का उपयोग कर रहा है, जिससे छात्रों को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ शिक्षा दी जा रही है। गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि विद्यालय में कुल 577 छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें से 525 छात्रों ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस सफलता के पीछे स्कूल के सामूहिक प्रयास और शिक्षकों की कड़ी मेहनत है। मुख्यमंत्री ने दी बधाईमध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्कूल की उपलब्धि पर बधाई दी। शहर विधायक व मंत्री चैतन्य काश्यप ने स्कूल का दौरा कर छात्रों और शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने इस अवसर पर स्कूल की प्राचार्य संध्या वोहरा और उप प्राचार्य गजेंद्र सिंह को विशेष रूप से सम्मानित किया। काश्यप ने कहा कि यह स्कूल प्रदेश के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा और भविष्य में अन्य शासकीय स्कूलों को भी इसी प्रकार से ऊंचाइयों पर पहुंचाने का काम करेगा। सीएम राइज स्कूल: एक ड्रीम प्रोजेक्टगौरतलब है कि सीएम राइज स्कूल योजना मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के शासकीय स्कूलों को उन्नत और आधुनिक सुविधाओं से लैस कर शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने का प्रयास किया गया। आज रतलाम के विनोबा स्कूल ने इस पहल की सफलता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिद्ध कर दिया है। लाइटहाउस स्कूल का दर्जाअब इस स्कूल को “लाइटहाउस” का दर्जा दिया गया है, जिसका मतलब है कि अन्य स्कूल भी इसके नवाचार और सफलता से प्रेरणा लेकर अपने छात्रों के लिए बेहतर शिक्षा प्रणाली विकसित करेंगे। गजेंद्र सिंह राठौड़ के अनुसार, स्कूल की यह सफलता अभिभावकों के लिए एक संकेत है कि अब उन्हें महंगे निजी स्कूलों में अपने बच्चों को भेजने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकारी स्कूल भी उन्हें उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान कर सकते हैं। रतलाम के इस स्कूल ने साबित कर दिया है कि सही दिशा में मेहनत और दृढ़ संकल्प से … Read more

MP Police Recruitment 2023: बारिश के चलते दौड़ के मैदानों पर पड़ा असर, पुलिस मुख्यालय ने फिजिकल की तारीख बढ़ाई

भोपाल – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। MP Police Recruitment 2023: 26, 27 और 28 सितंबर 2024 को हुई भारी बारिश के कारण, मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक (जीडी) एवं (रेडियो) भर्ती वर्ष 2023 के शारीरिक दक्षता परीक्षण स्थगित कर दिए गए हैं। पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, भारी वर्षा के कारण परीक्षण मैदान उपयुक्त नहीं रहे, जिसके चलते 30 सितंबर, 1 अक्टूबर और 2 अक्टूबर 2024 को होने वाले शारीरिक दक्षता परीक्षण अब क्रमश: 18, 19 और 20 नवंबर 2024 को आयोजित किए जाएंगे। (MP police Physical Test New Date) आपको बता दे ग्वालियर, उज्जैन सहित प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश की वजह से वो मैदान खराब हो गए हैं, जहां दक्षता परीक्षा ली जानी थी। ऐसे में इसे आगे बढ़ाना पड़ा है। नई तिथियां– 30 सितंबर 2024 की परीक्षा अब 18 नवंबर 2024 को होगी।– 1 अक्टूबर 2024 की परीक्षा अब 19 नवंबर 2024 को होगी।– 2 अक्टूबर 2024 की परीक्षा अब 20 नवंबर 2024 को होगी। हालांकि, परीक्षण केंद्र, स्थान, और बाकी शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उम्मीदवारों को अपने संशोधित प्रवेश पत्र मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मण्डल (ESB) की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद, वे नई तिथियों पर शारीरिक दक्षता परीक्षण में शामिल हो सकते हैं। सव्यसाची सराफ, सहायक पुलिस महानिरीक्षक (चयन भर्ती), पुलिस मुख्यालय, भोपाल ने कहा की उम्मीदवारों से अनुरोध है कि वे नई तिथियों को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारी जारी रखें और संबंधित वेबसाइट पर अपडेट्स चेक करते रहें। आचार संहिता के चलते रुका था फिजिकलमध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा 7411 पदों पर भर्ती की जा रही है। इसमें से ओबीसी आरक्षण को लेकर 13 प्रतिशत पदों पर परिणाम रोका गया था। भर्ती परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा होना थी। लेकिन लोकसभा चुनाव की आचार संहिता की वजह से इसे आगे बढ़ा दिया गया था। 2023 में हुई थी 6 हजार आरक्षकों की भर्ती इसके पहले 2023 में 6 हजार पुलिस आरक्षकों के पदों पर भर्ती हुई थी। प्रदेश में इसके बाद फिर से जून 2023 में 7411 आरक्षकों के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इसके बाद से यह प्रक्रिया चल रही है। इन पदों में 33 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।मध्य प्रदेश में यहां बनाए गए हैं सेंटरपुलिस भर्ती शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, रीवा, रतलाम, बालाघाट, सागर और मुरैना में होनी है। यहां हर दिन 200 से अधिक अभ्यर्थी इसमें हिस्सा लेंगे। इसमें से 15 प्रतिशत महिला अभ्यर्थीं होंगी।

MP Job Vacancies: मध्यप्रदेश में प्राथमिक शिक्षक की बंपर भर्तियां, क्या है आवेदन की आखरी तारीख, जानिए सबकुछ!

भोपाल – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। MP Job Vacancies: मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में ‘प्राथमिक शिक्षक (वर्ग-3)’ (Primary Teacher Job in MP) बनने के लिए पात्रता परीक्षा 10 नवंबर से शुरू होगी। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने इस परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 1 से 15 अक्टूबर के बीच किए जाएंगे। प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों के 8 हजार पद खाली हैं। 2023 में उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती के बाद, अब प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए पात्रता परीक्षा के बाद चयन परीक्षा भी होगी। इसका मतलब यह है कि अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने के लिए दो परीक्षाओं को पास करना होगा। यह परीक्षा स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के स्कूलों के लिए संयुक्त रूप से आयोजित की जा रही है। पात्रता के लिए अनिवार्य शैक्षणिक योग्यतापरीक्षा में शामिल होने के लिए कम से कम 60% अंकों के साथ हायर सेकंडरी या समकक्ष और प्रारंभिक शिक्षा में दो साल का डिप्लोमा या समकक्ष योग्यता आवश्यक है। अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को 5% अंकों की छूट दी जाएगी। इनके लिए न्यूनतम 45% अंक अनिवार्य होंगे, बशर्ते उनके पास सक्षम अधिकारी से जारी जाति प्रमाण पत्र हो। बीएड वाले अभ्यर्थी पात्र नहींसुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त 2023 को अपने आदेश में एनसीटीई की 28 जून 2018 की अधिसूचना को निरस्त कर दिया था, जिसके तहत बीएड डिग्री धारक प्राथमिक शिक्षक के लिए पात्र होते थे। अब बीएड योग्यताधारी उम्मीदवार प्राथमिक शिक्षक पद के लिए पात्र नहीं होंगे। पात्रता परीक्षा की वैधताप्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा-2020 और उसके बाद आयोजित की जाने वाली पात्रता परीक्षाओं की वैधता आजीवन रहेगी। यानी 2020 में सफल हुए अभ्यर्थियों को इस परीक्षा में दोबारा बैठने की जरूरत नहीं है। भविष्य में जब भी शिक्षक भर्ती निकाली जाएगी, पहले से पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी इसके लिए पात्र माने जाएंगे और चयन मेरिट के आधार पर होगा। वेतनमान और पदों का विवरणप्राथमिक शिक्षक का न्यूनतम वेतन 25,300 रुपए होगा, साथ ही महंगाई भत्ता भी मिलेगा। प्रारंभिक नियुक्ति के दौरान उन्हें 12 दिसंबर 2019 के नियमों के अनुसार वेतन दिया जाएगा। प्रदेश में कुल 45 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं, जिनमें से 8 हजार प्राथमिक शिक्षक के हैं। हालांकि, परीक्षा के लिए पदों का विस्तृत विवरण जारी नहीं किया गया है। चयन परीक्षा के समय ही यह विवरण प्रदान किया जाएगा। परीक्षा का शेड्यूल और अन्य जानकारी: – परीक्षा 10 नवंबर से शुरू होगी।– आवेदन 1 से 15 अक्टूबर तक ऑनलाइन भरे जाएंगे।– आवेदन पत्र में संशोधन 20 अक्टूबर तक किया जा सकेगा।– अनारक्षित वर्ग के लिए परीक्षा शुल्क 500 रुपए और आरक्षित वर्ग के लिए 250 रुपए है।– परीक्षा दो पालियों में होगी: सुबह 9:00 से 11:30 बजे और दोपहर 2:30 से 5:00 बजे तक।– परीक्षा केंद्र 13 शहरों में होंगे: बालाघाट, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, खंडवा, इंदौर, नीमच, रतलाम, रीवा, सीधी, सतना और उज्जैन। यह पात्रता परीक्षा मध्यप्रदेश के शिक्षण क्षेत्र में प्रवेश के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। सफल अभ्यर्थी स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग में शिक्षक पदों के लिए पात्र होंगे और उनका चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा।

Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: तारक मेहता शो की सोनू यानी पलक सिधवानी ने लगाए आरोप, आखिर क्यों बनाया शो छोड़ने का मन!

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। लोकप्रिय टीवी शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा(Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah) इन दिनों अपने कलाकारों के विवादों के कारण सुर्खियों में है। शो में सोनू भिड़े का किरदार निभा रही अभिनेत्री पलक सिधवानी ने शो के मेकर्स पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हाल ही में, पलक ने दावा किया कि वह शो को छोड़ना चाहती हैं, लेकिन मेकर्स उनके इस्तीफे को जानबूझकर लटका रहे हैं। प्रोडक्शन हाउस ने पलक को भेजा लीगल नोटिस मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शो के प्रोडक्शन हाउस नीला टेलीफिल्म्स ने पलक पर उनके कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। प्रोडक्शन हाउस का दावा है कि पलक बिना सहमति के थर्ड पार्टी गतिविधियों में शामिल हो रही थीं, जिससे शो और प्रोडक्शन को नुकसान हो रहा है। कई बार चेतावनी देने के बावजूद उन्होंने नियमों का पालन नहीं किया, जिसके बाद उन्हें लीगल नोटिस भेजा गया। पलक सिधवानी का जवाबपलक सिधवानी ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह शो को हेल्थ और प्रोफेशनल ग्रोथ के कारण छोड़ना चाहती हैं। बॉम्बे टाइम्स को दिए इंटरव्यू में पलक ने कहा कि उन्होंने मेकर्स को अपनी इस्तीफे की जानकारी दी थी, लेकिन इसे मंजूर करने में जानबूझकर देरी की जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मेकर्स उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। पलक ने कहा, “मैंने शो छोड़ने का फैसला किया क्योंकि मेरा स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है और मेरे करियर की ग्रोथ रुक गई है। मैंने कई बार प्रोडक्शन हाउस से बात की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।” क्या पलक सिधवानी शो छोड़ देंगी?पलक का कहना है कि उनका *तारक मेहता का उल्टा चश्मा* में आखिरी दिन 30 सितंबर को है। हालांकि, मेकर्स की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अभिनेत्री के आरोपों और शो छोड़ने की खबरों से यह विवाद और गहराता दिख रहा है। निष्कर्ष  पलक सिधवानी और प्रोडक्शन हाउस के बीच चल रहा यह विवाद दर्शकों और इंडस्ट्री में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि यह मामला किस दिशा में जाता है और क्या पलक वाकई शो को छोड़ देंगी।

UP News: स्कूल की तरक्की के लिए मासूम छात्र की चढ़ा दी “बलि”, स्कूल निदेशक और स्टाफ गिरफ्तार

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। UP News: हाथरस में तंत्र-मंत्र के नाम पर दूसरी कक्षा में पढ़ रहे 11 साल के बच्चे  कृतार्थ  की बलि देने की घटना ने सभी को हिला कर रख दिया है। पुलिस के मुताबिक, एक स्कूल संचालक और उसके स्टाफ ने मिलकर दूसरी कक्षा के छात्र की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में स्कूल मैनेजर दिनेश बघेल, उनके पिता जशोधन समेत प्रिंसिपल लक्ष्मण सिंह, कंप्यूटर शिक्षक वीरपाल और एक अन्य टीचर रामप्रकाश को गिरफ्तार किया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।  हत्या का मकसद स्कूल की समृद्धि के लिए बलि देना थापुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि स्कूल के संचालक और स्टाफ ने तंत्र-मंत्र के लिए बलि देने की योजना बनाई थी। उनका मानना था कि बलि से स्कूल की सफलता और आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी। स्कूल संचालक पर कर्ज भी था, जिसके कारण वे इस तरह की अंधविश्वासी सोच में फंस गए थे।  कैसे हुआ मामला उजागरपीड़ित छात्र के पिता कृष्ण कुशवाह ने पुलिस को बताया कि स्कूल प्रशासन ने उन्हें फोन कर सूचना दी कि उनका बेटा बीमार हो गया है। जब वे स्कूल पहुंचे तो बताया गया कि निदेशक बच्चे को अस्पताल लेकर गए हैं। बाद में, बच्चे का शव स्कूल निदेशक की कार में मिला।  पहले भी हो चुकी थी हत्या की कोशिशइससे पहले भी 6 सितंबर को एक और बच्चे राज की हत्या की योजना बनाई गई थी, लेकिन वह बच गया। राज का मेडिकल टेस्ट हुआ, जिसमें गला दबाने की पुष्टि हुई थी। स्कूल के ट्यूबवेल के पास से पूजा सामग्री भी मिली, जिससे साफ हुआ कि यहां तंत्र-मंत्र किया जा रहा था।   पुलिस ने इस घिनौनी घटना की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों को जेल भेज दिया है। यह मामला अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर हो रही अपराधी गतिविधियों को सामने लाता है, जिससे समाज में जागरूकता फैलाने की जरूरत है।

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