बेख़ौफ गुंडागर्दी : मेला घूमने आए पति,पत्नी व मासूम बच्चों की कर दी पिटाई, सायकल स्टैंड के कर्मचारियों की करतूत

मेले में सायकल स्टैंड यानी गुंडागर्दी का लाईसेंस?, शुरुआत में ही रहवासियों से कर बैठे विवाद! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर में सरेआम गुंडागर्दी की घटना सामने आई है। जहां एक तरफ पुलिस ने लिस्टेड गुंडों की परेड लगाई वहीं दूसरी और 5 घंटे बाद ही मारपीट की घटना सामने आ गई। पुलिस की चेतावनी से बेख़ौफ बदमाशों ने साथ मेला घूमने आए पति, पत्नी व मासूम बच्चों के साथ मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया। फरियादी के अनुसार मारपीट करने वाले सभी युवक मेले में ठेके पर संचालित होने वाले सायकल स्टैंड पर काम करने वाले बताए जा रहे है।घटना की जानकारी मिलने के बाद थाना स्टेशन रोड पर बड़ी संख्या में परिजन व समाजजन पहुंचे और विरोध दर्ज करवाया। विवाद की सूचना मिलते ही थाने से चिता जवान मौके पर पहुंचे और दो बदमाशों को हिरासत में ले लिया। घटना देर रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। फरियादी महिला फलकनाज पति परवेज निवासी नाहरपुरा ने पुलिस को बताया कि पति परवेज और 3 साल की बेटी हुरेन व 1.5 साल के बेटे अजलान तीनों मेले से लोट रहे थे। तभी ओटो में बैठने के दौरान कान्वेंट तिराहे के यहां दो युवक तेज गति से बाइक चलाते हुए आए और टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दोनों को जब पति परवेज ने सही से बाइक चलाने की बात कही तो पति के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान युवकों के अन्य साथी भी वहां पहुंचे और उन्होनें महिला समेत बच्चों के साथ भी मारपीट शुरू कर दी। विवाद होता देख आसपास लोगों ने दोनों को बचाया और पुलिस को सूचना की। पुलिस ने मौके से नकुल व गौरव नाम के युवकों को हिरासत में लिया है। अन्य बदमाश पुलिस को देखकर भाग निकले। मारपीट व टक्कर की घटना में मासूम हुरेन को होंठ में व अजलान को हाथ व मुंह में चोट आई है। वहीं दोनों पति – पत्नी भी मारपीट में घायल हुए हैं। जिनका सिविल हॉस्पिटल में इलाज करवाया गया। सायकल स्टैंड या गुंडागर्दी का लाईसेंस :कालिका माता मेले के दौरान सायकल स्टैंड ठेके पर देना, गुंडागर्दी के लाइसेंस देने के समान हो गया है। यहां सायकल स्टैंड पर बगैर गिनती के युवकों को वसूली पर लगाया जा रहा है। जिनमें अधिकांश गुंडा तत्व शामिल होते है। यहां मेला घूमने आने वालो से मनमर्जी के मुताबिक 20 से 50 रुपए तक वसूले जा रहे है। इस बार निगम ने चार स्थानों पर स्टैंड बनाए है। यहां स्टैंड पर काम करने या बैठेने वाले युवकों की जानकारी तक पुलिस या निगम के पास उपलब्ध नहीं है। नवरात्रि शुरू होते ही स्टैंड के कर्मचारियों ने रहवासियों के साथ गुंडागर्दी शुरू कर दी थी। जिसकी शिकायत पुलिस के पास पहुंची। जिसके बाद पुलिस ने स्टैंड संचालकों को बुलाकर समझाईश दी थी।  

गुंडों की लगाई परेड : चार थानों पर 110 गुंडों ने लगाई हाजरी, सीएसपी ने चेतवानी देकर किया रवाना

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। एसपी राहुल कुमार लोढा ने चुनावी दौर और त्योहारों को देखते हुए पूरे जिले में गुंडा फाइल खुलवा दी है। जिले के सभी अधिकारियों को थाने के गुंडा रजिस्टर में अंकित व्यक्तियों की गुंडा परेड करने के लिए निर्देशित किया गया है।गुरुवार को शहर के चारों थानों पर दोपहर से लगी भीड़ को देखकर हर कोई हैरान था। शाम को जब एक साथ सभी को खड़ा करके चेतवानी दी गई तब मालूम हुआ कि ये सभी गुंडा लिस्ट में लिस्टेड बदमाश है। एएसपी राकेश खाखा एवं सीएसपी अभिनव बारंगे के मार्गदर्शन में रतलाम शहर के चारो थानों पर गुंडा रजिस्टर में दर्ज 110 गुंडों को थाने पर बुलाकर गुंडा परेड कराई गई। सीएसपी अभिनव बारंगे ने सभी थानों पर पहुंचकर लिस्टेड गुंडों, हिस्ट्रीशीटर से पुछताछ कर उनको चेतावनी दी। सीएसपी ने बताया की आगामी दिनों में होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान शांति भंग करने पर लिस्टेड गुंडों पर कड़ी केकार्रवाई की जाएगी। सभी 110 हिस्ट्रीशीटर, गुंडों, बदमाशों को किसी भी अवैधानिक गतिविधीयो का हिस्सा नहीं बनने की समझाईश दी गई। शहर में संदिग्ध गतिविधियों में सक्रिय गुंडों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक व अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान थाना प्रभारी स्टेशन रोड भुवानीराम वर्मा, थाना प्रभारी डीडी नगर सुरेंद्र गडरिया, थाना प्रभारी आईए राजेंद्र वर्मा, थाना प्रभारी माणकचौक प्रिती कटारे मौजूद रही।

सट्टे पर संग्राम : पुलिस की पकड़ से कोसों दूर बड़े सफेदपोश, बुलियन की आड़ में फल-फूल रहा MCX का काला धंधा

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। सेंव, साड़ी और सोना शहर की अपनी पहचान है।  इस पहचान के पीछे सोने का बड़ा रोल है, इसी सोने की आड़ में आज MCX सट्टेबाजी के काले धंधे ने जड़े जमा ली है। सेंव, साड़ी और सोने के अलावा अब “सट्टा” शहर की काली पहचान बन चुका है। पिछले 8 दिनों से थाना माणक चौक पुलिस की एमसीएक्स (MCX) सट्टेबाजों पर की गई कार्रवाई के लिए पीठ थपथपाई जा रही है। सूत्रों की माने तो अब तक MCX सट्टे में जिनको आरोपी बनाया गया है, वे सभी MCX का छोटा सट्टा करते है या करवाते है। इसके पीछे के तार बहुत लंबे और दूर तक फैले है। शहर में बुलियन व्यापार की आड़ में अवैध रूप से एमसीएक्स (MCX) का सट्टा संचालित हो रहा है। यहां व्हाइट कॉलर लोग बुलियन और सर्राफे का सफेद धंधा दिखाकर सट्टेबाजी के काले धंधे को तेजी से बढ़ा रहे है। इस काले कारोबार का महीनों का हिसाब किताब अरबों रुपयों में पहुंचता है। MCX की अवैध सट्टेबाजी से सरकार को करोड़ों के टैक्स की अलग से चपत लगाई जा रही है। इन सफेदपोश सट्टेबाजों को पुलिस या तो जानबूझकर अनदेखा कर रही है या फिर इन तक पहुंचने के पहले ही राजनीतिक रसूख आड़े आ जाता है। पब्लिक वार्ता के पास सट्टे से जुड़ी और भी कई कड़ियां है जो पाठकों तक जल्द ही पहुंचाई जाएगी। गैर कानूनी व काले कारनामे में हुई अचानक इस कार्रवाई के बाद पुलिस की भूमिका व सक्रियता पर भी सवाल उठ रहे है। थाना प्रभारी प्रीति कटारे के आने के बाद एक के बाद एक कड़ियां खुली, मगर ये केवल छोटे सटोरियों तक सीमित रही। इतने लंबे समय बाद अचानक हुई कार्रवाई से शहर में चर्चा बनी हुई है। लोगों का कहना है कि इतने समय तक पुलिस केवल पर्ची और क्रिकेट के सट्टे पर ही कार्रवाई क्यों करती थी? खेर देखना यह होगा कि क्या आगे कार्रवाई में शहर के इन व्हाइट कॉलर तक कानून का हाथ पहुंचेगा या नहीं? या फिर हर बार की तरह कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डालकर खानापूर्ति कर दी जाएगी। क्या है बुलियन का व्यापार ? :सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं का व्यापार बूलियन मार्केट के जरिए ही होता है। सोने की खरीद दो तरह से की जाती है। आम लोग सर्राफा बाजार से सोने की खरीददारी करते हैं। वहीं कारोबारी इत्यादि लोग वायदा बाजार के जरिए सोने की खरीददारी करते हैं। बूलियन मार्केट वह जगह होती है जहां सोने-चांदी का व्यापार वायदा बाजार (फ्यूचर मार्केट) के जरिए होता है। साथ ही ओवर द काउंटर भी सोने-चांदी की खरीददारी वहां की जा सकती है। बूलियन मार्केट 24 घंटे खुला रहता है। यहां सोना व चांदी 99 प्रतिशत शुद्ध रूप में मिलती है, जो कि ईंट, सिल्ली, सिक्के या बिस्किट के रूप होती है। सोने-चांदी के औद्योगिक इस्तेमाल से इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। ऐसे में बूलियन मार्केट को सोने के इन्वेस्टमेंट के लिए सबसे सुरक्षित जगह माना जाता है। ऐसे शुरू हुआ MCX पर दबिश का दौर :माणकचौक थाना पुलिस ने एमसीएक्स सट्टा का कारोबार करने वाले फरार आरोपी को पकड़ा। पुलिस ने आरोपी का थाने से कोर्ट तक जुलूस निकाला। माणकचौक पुलिस ने एमसीएक्स का सट्टा कारोबार में फरार चल रहे आरोपी विशाल उर्फ लाला पिता अशोक दुग्गड़ निवासी भरावा की कुई को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लाला दुग्गड़ को मुखिया बताया जा रहा है। जिसका कोर्ट तक पैदल जुलूस निकालते हुए ले जाया गया। 11 अक्टूबर को पुलिस ने चांदनीचौक क्षेत्र स्थित तालवालों की गली से सनी उर्फ बंटी (40) पिता लक्ष्मीनारायण राजोरा निवासी तेजा नगर को एमसीएक्स (MCX) का सट्टा करते पकड़ा था। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने 12 अक्टूबर को अंकित उर्फ लाला (34) पिता सुशील कुमार जैन निवासी सेठजी का बाजार, विजय (34) पिता मोहनलाल राठौर निवासी कल्याण नगर व पीयूष पिता राजेंद्र कुमार सोनी निवासी बिचलावास को गिरफ्तार किया।पूछताछ में आरोपियों ने विशाल उर्फ लाला, राहुल राठौड़, चरण सिंह जाट, कमलेश मराठा, दिनेश राठौर, संजय संघवी, अनिल कटकानी सहित अन्य का नाम बताया था। आरोपियों के कब्जे से जब्त दस्तावेजों से 56 लाख 11 हजार 739 रुपए का हिसाब मिला था। पुलिस फिलहाल फरार चल रहे और आरोपियों की तलाश में जुटी है।

मचा हड़कंप : मेडीकल कॉलेज की बिल्डिंग पर चढ़ी महिला, पाइप के सहारे उतरने का कर रही थी प्रयास

पब्लिक वार्ता- रतलाम,जयदीप गुर्जर। मेडिकल कॉलेज में उस समय हड़कंप मच गया जब एक मानसिक रूप से बीमार महिला कॉलेज की बिल्डिंग पर दिखाई दी। महिला पाइप के सहारे नीचे उतरने का प्रयास कर रही थी। इसी दौरान वह बिल्डिंग के तीसरे माले पर फंस गई। महिला को सबसे पहले मेडिकल कॉलेज के सुरक्षा गार्ड ने देखा और पुलिस चौकी पर सूचना दी। इसी दौरान महिला का बेटा भी मौके पर पहुंचा। मां की जान बचाने के लिए वह पाइप के सहारे ही ऊपर चढ़ गया और महिला को संभाला। सबकुछ होता देख मेडिकल कॉलेज परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी के एएसआई सुनील सिंह ने मौके पर फायर ब्रिगेड बुलवाई और सीढ़ी और रस्सी के सहारे बीमार महिला को नीचे उतारा गया। रेस्क्यू के बाद बीमार महिला को फिर से मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है। जानकारी के अनुसार घटना करीब 10:30 बजे की है जब मेडिकल कॉलेज के गार्ड ने देखा कि एक महिला तीसरे माले की खिड़की के पास बैठी हुई है। मेडिकल कॉलेज स्थित पुलिस चौकी पर इसकी सूचना गार्ड ने दी। देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा हो गई। किसी को भी समझ नहीं आ रहा था कि महिला आखिर तीसरे माले की खिड़की के बाहर पहुंची कैसे। इसी दौरान महिला का बेटा महेश चरपोटा मौके पर पहुंचा। अपनी मां को खतरे में देख महेश पाइप के सहारे तीसरी मंजिल पर चढ़ गया और मां को जाकर संभाला। महिला के रेस्क्यू के लिए फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस की मदद से महिला को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। महिला के बेटे महेश ने बताया कि वह इमलीपाड़ा बाजना के रहने वाले हैं। पिताजी की मृत्यु के बाद माता पारी बाई मानसिक रूप से बीमार हो गई है। उन्हें 17 तारीख को मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया था। वह नाश्ता लेने बाहर आया था तभी उसकी मां अस्पताल की छत पर पहुंच गई और पाइप के सहारे नीचे उतरने का प्रयास करने लगी। बहरहाल गनीमत रही कि समय रहते पुलिस और फायर ब्रिगेड की मदद से महेश ने अपनी मां की जान बचा ली। अन्यथा कोई जानलेवा हादसा हो सकता था।


शहर में तेंदुआ : रेलवे कॉलोनी में देखने पहुंचे युवक को किया घायल, सूचना के 3 घंटे बाद तक नहीं पहुंची वन विभाग की टीम

क्या कहते है एक्सपर्ट?कम होते जंगलों और शिकार ने बढ़ाया शहर में तेंदुओं का मूवमेंट, किसी की जान लेकर उड़ेगी विभाग की सुस्ती! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर में तेंदुए के घुस आने से लोगों में दहशत और अफरा तफरी मच गई। रविवार शाम 5 बजे से सोशल मीडिया पर तेंदुए की मूवमेंट के मैसेज वायरल होना शुरू हो गए। उसकी लोकेशन के बारे में जानने की कोशिश की गई तो मालूम हुआ कि तेंदुआ शहर की रेलवे कॉलोनी में डेरा डाले हुए है। जिसके बाद पुलिस के साथ ही वन विभाग की टीम को सूचना दी गई। करीब 3 घण्टे तक वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। लोगों की भीड़ मौके पर जमा होने लगी तो तेंदुआ गांधीनगर, मीरा कुटी की तरफ चला गया। भीड़ होने से तेंदुआ फिर से रेलवे कालोनी की रोड नंबर 13 की तरफ आ गया। इस दौरान उसे देखने आए युवक सतीश मीणा पर तेंदुए ने हमला कर दिया, जिससे कमर के पास चोट पहुंची। बाद में डीएफओ डीएस निगवाल ने पहुंचकर लोगों से जानकारी ली। इस दौरान रेलवे पुलिस व अधिकारी भी मौके पर पहुंच चुके थे। गौरतलब है कि बढ़ती घटनाओं के बाद भी वन विभाग के पास संसाधन के नाम पर सिर्फ पिंजरा ही है। ट्रेंकुलाइजेशन के लिए उज्जैन व इंदौर से टीम बुलाई गई है। डीएफओ निगवाल ने बताया की जंगली जानवर की सूचना मिली थी। प्रथम दृष्टया वीडियो और पूछताछ में तेंदुआ ही लग रहा है जो कि जंगल के रास्ते भटक गया होगा। इंदौर व उज्जैन में टीम को सूचना कर दी गई है। तेंदुआ हिंसक जानवर है, लोग भीड़ उसे देखने के लिए भीड़ नहीं जमा करे। टीम के आने तक उसकी लोकेशन ट्रेस की जा रही है। दिखाई देने पर उसे रेसक्यू किया जाएगा। फिलहाल क्षेत्रवासी अब डर के मारे घबराए हुए है। घटना के दौरान क्षेत्र में बिजली जाने से अंधेरा छा गया जिससे रहवासियों में और दहशत बढ़ गई। वन विभाग की सुस्ती, लगातार बढ़ रहा मूवमेंट :यहां विभाग के कई कर्मचारी ऐसे है जो हाजरी लगाने के बाद घरों में आराम फरमाते नजर आते है। तेंदुओं की रहवासी इलाकों में घुसपैठ को रोकने को लेकर विभाग के पास अब तक कोई ठोस योजना नहीं है। किसी दिन यह सुस्ती किसी नागरिक की जान लेकर ही उड़ेगी। रतलाम जिले में सैलाना, पिपलौदा क्षेत्र में तेंदुए की सक्रियता रहती है। 15 मार्च 2022 को रतलाम में सागोद रोड स्थित मांगलिक भवन जेएमडी में तेंदुआ घुस गया था, जो थोड़ी देर रहने के बाद वापस चला गया। हालांकि वन विभाग ने उसे जंगली बिल्ली करार देकर पल्ला झाड़ लिया था। इधर नवंबर 2019 में बड़ायला माताजी में तेंदुआ घुस आया था, जिसे पकड़कर वन विभाग की टीम ने गांधीसागर के वन क्षेत्र में छोड़ा था। इसी वर्ष मार्च से जुलाई तक सैलाना के ग्राम पंचायत पाटड़ी व बरड़ा के कई ग्रामों में रात्रि में तेंदुए ने बकरे-बकरियों व कुछ गाय-बछड़े का शिकार किया था। पांच जुलाई को तेंदुआ बोदिना में एक घर में घुसा, तब विभाग की टीम ने पिंजरा लगाकर पकड़ने के बाद देवास वनक्षेत्र में छोड़ा। यहां भी शुरुआत में वन विभाग ने तेंदुए के होने की बात से इंकार किया था। क्या कहता है एक्सपर्ट व्यू :तेज से शहरीकरण के अलावा और भी कई कारण हैं जिससे देश भर के शहरी इलाकों में तेंदुए देखे जा रहे हैं और वह मनुष्यों पर हमले भी कर रहे है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि रियल एस्टेट परियोजनाओं ने तेंदुओं के प्राकृतिक आवास को कम कर दिया है जिससे वे मनुष्यों के रिहायशी इलाकों में भटक कर आने लगे है। विशेषज्ञ कहते हैं कि अब तेंदुओं को अपने अधिकार क्षेत्र वाले जंगलों में कम शिकार मिल रहे हैं, उनका अधिकार क्षेत्र सिकुड़ता जा रहा है, आंतरिक संघर्ष बढ़ गए हैं और मानव आबादी तेजी से बढ़ रही है जिससे वह ‘तनावग्रस्त’ हो गए हैं। बाघों जैसी बड़ी पैंथेरा प्रजातियों के विपरीत तेंदुए मानव बस्तियों के आसपास भी रह सकते है। इसके अलावा शिकार की प्रजातियों की कमी के कारण भी तेंदुए कुत्तों, बकरियों और कुछ मामलों में गायों जैसे छोटे स्तनधारियों की तलाश में बस्ती क्षेत्रों में चले जाते है। एक रिपोर्ट के अनुसार आदमखोर तेंदुए जानबूझ कर मारने के इरादे से हमला करते हैं और लोगों की मौत का कारण बनते है। रिपोर्ट में कहा गया है कि तेंदुए आमतौर पर मनुष्यों से दूर भागते है मगर वक्त के साथ तेंदुओं के मनुष्यों के रिहाइश वाले इलाकों में आने और उन पर हमला करने की वारदात बढ़ रही है।

मामला आत्महत्या का : शहर के लेस व्यापारी की पत्नी ने लगाई फांसी, कुछ दिनों पहले ही आई थी मायके से ससुराल

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर के थाना स्टेशन रोड अंतर्गत शास्त्री नगर में एक नवविवाहिता ने दुपट्टे से फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। नवविवाहिता युवती मंदसौर स्थित अपने मायके से 3 दिन पूर्व ही रतलाम अपने ससुराल आई थी। मृतिका पूर्वी पति दर्शन चौपड़ा उम्र 26 वर्ष की करीब डेढ़ साल पहले ही शादी हुई थी। वह पिछले कुछ महीनों से अपने मायके मंदसौर गई हुई थी। मृतिका के पति का साड़ी की लेस का व्यापार है। घटना की जानकारी मिलते ही शहर के कई व्यापारी भी मौके पर पहुंच चुके थे।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शनिवार रात करीब 9 बजे मृतिका का पति दर्शन चौपड़ा दुकान से घर आया तब घर के सभी दरवाजे खुले मिले। अपनी पत्नी को ढूंढता हुआ जब वह तीसरी मंजिल पर पहुंचा तो उसकी पत्नी पंखे से लटकी मिली। वह घबराता हुआ नीचे पहुंचा और पड़ोसियों को इसकी जानकारी देने के बाद सीधे स्टेशन रोड थाने पहुंचकर सूचना दी। फिलहाल पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच में जुट गई है। सूचना के बाद सीएसपी अभिनव बारंगे, एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल, तहसीलदार मनोज चौहान व थाना स्टेशन रोड एसआई आनंद बागवान घटनास्थल पर पहुंचे। सीएसपी अभिनव बारंगे ने बताया की मृतिका पूर्वी पति दर्शन चोपड़ा की कुछ माह पहले ही शादी हुई थी। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। पुलिस के पहुंचने के दौरान शव पंखे से लटका हुआ था और शरीर पर चोट के बाहरी निशान भी नहीं मिले। पीएम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। मंदसौर से परिजनों के आने के बाद शव को रात 1 बजे करीब मेडिकल कॉलेज रवाना किया। जहां रविवार सुबह पीएम होने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। परिवार लोनावला में मना रहा छुट्टियां :मृतिका के ससुराल में पति दर्शन चौपड़ा के अलावा ससुर राहुल चौपड़ा, सांस अल्का व ननंद चाइना रहती है। सांस, ससुर व ननंद 2-3 दिन पहले ही महाराष्ट्र के लोनावला में घूमने के लिए निकले थे। घर में मृतिका व पति के अलावा कोई नहीं था। पति के अनुसार वह जब घर आया तब पत्नी फंदे पर लटकी मिली और घर के सभी दरवाजे भी खुले थे। उसने तुरंत आसपास जानकारी देकर थाने पहुंचकर घटना सुनाई। वहीं सूत्रों के अनुसार मृतिका पूर्वी चौपड़ा के डिप्रेशन में होने की बात भी सामने आ रही है, जिसकी दवाइयां भी वह समय समय पर लेती रहती थी। पुलिस ने पति के बयान लिए है, जिसके बाद अब आगे जांच में परिजनों के बयान होंगे।  

फिर धराया गोल्ड : रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने मुंबई के युवक से 85 लाख की गोल्ड ज्वैलरी पकड़ी, आयकर व अन्य विभाग कर रहे जांच

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। एक माह पहले रतलाम में पुलिस ने 13 किलो से अधिक का सोना (GOLD) पकड़ा था। जिसमें दो युवकों के पास से करीब 8 करोड़ रुपए से अधिक का सोना जप्त हुआ था। जप्ती के बाद रतलाम सहित अन्य जिलों के सराफा व्यापारियों में हड़कंप मच गया था। यह सोना मुंबई से रतलाम लाया गया था।एक माह बाद फिर रतलाम में जीआरपी पुलिस ने अवैध रूप से परिवहन हो रहे गोल्ड (GOLD) पर शिकंजा कसा है। जप्त गोल्ड, ज्वैलरी के रूप में था जिसमें गले के हार, कंगन, झुमके आदि शामिल है। जीआरपी थाना प्रभारी बीएस देवड़े के अनुसार रतलाम रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म 4 पर किसी व्यक्ति के गोल्ड ज्वैलरी तस्करी की सूचना मिली थी। जिसके बाद सघन चेकिंग शुरू की गई। इस दौरान  प्लेटफार्म 4 पर फुटओवर ब्रिज के नीचे एक व्यक्ति बैग लिए खड़ा था। तलाशी लेने पर उसके बैग से गोल्ड की अलग-अलग प्रकार ज्वैलरी मिली। जिसका कुल वजन 1.56 किग्रा था। जिसकी बाजार में कुल कीमती लगभग 85 लाख रुपये बताई जा रही है। उक्त व्यक्ति ने पूछताछ के दौरान अपना नाम कमलेश सिंह बताया। कमलेश के पास अपने साथ ले जाए जा रहे गोल्ड का बिल व अन्य दस्तावेज मौके पर नहीं थे। पुलिस ने तुरंत तस्करी के संदेह में जीएसटी व आयकर अधिकारी को सूचना दी। जिसके बाद विधिवत जप्ती की कार्रवाई करते हुए मामला जीएसटी व आयकर विभाग के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने संबंधित फर्म को सूचना कर दी है। मुंबई की फर्म का है गोल्ड, दिखाने लाया था सेंपल  :राउंडअप किया गया युवक कमलेश मुंबई की फर्म टीएस गोल्ड का कर्मचारी बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार वह मुंबई से बाय रोड उदयपुर गया जहां उसने व्यापारियों को अपने पास रखी गोल्ड ज्वैलरी बतौर सेम्पल बताई। जिसके बाद वह बस से रतलाम आया। यहां उसने कुछ व्यापारियों से संपर्क किया मगर सैंपल नहीं दिखाया। रात को ट्रेन से वह फिर मुंबई के लिए रवाना होने वाला था। जिसके पहले ही पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।आगामी धार्मिक त्योहारो एवं विधानसभा चुनाव को देखते हुए ट्रेनो में सघन चेकिंग, स्टेशनों में फ्लैग मार्च, मुसाफिरखाना, आउटर, प्लेटफार्म तथा रेलवे स्टेशन परिसर में संदिग्धों की चेकिंग, ऑटो चालको से सघन पूछताछ, अवैध मादक पदार्थों के परिवहन व अवैध गतिविधियो के विरुद्ध कार्यवाही, प्रतिबंधात्मक कार्यवाही, व मोटर व्हीकल एक्ट की कार्यवाही लगातार जारी रहेगी। रेलवे का उपयोग अवैध परिवहन हेतु नही करने दिया जायेगा।  

काला कारोबार : रतलाम में स्मैक के साथ इंदौर के दो युवक धराए, राजस्थान से मध्यप्रदेश-गुजरात में धड़ल्ले से सप्लाय हो रहा नशा

दो राज्यों की पुलिस के बीच फंसा रहता है पेंच, आखिर क्यों प्रतापगढ़ बना है अड्डा, पढ़िए पूरी खबर पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर में अवैध नशे के कारोबार को लेकर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी बीच पिपलोदा थाना अंतर्गत पुलिस ने इंदौर के दो युवकों को गिरफ्तार किया। दोनों अवैध मादक पदार्थ स्मैक को ले जा रहे थे। पुलिस ने इनसे 25 ग्राम स्मैक जप्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत 50 हजार के करीब बताई जा रही है। बरहाल पुलिस के लिए नशे का अवैध कारोबार सिर दर्द बना हुआ है। एमडी ड्रग्स, कोकीन, ब्राऊन शुगर जैसे घातक नशे की खेप मध्यप्रदेश के पड़ोसी राज्य राजस्थान से एंट्री कर रही है। जिस पर अंकुश लगाने में पुलिस अब तक कोई ठोस अंजाम तक नहीं पहुंची है। राजस्थान से नशा एंट्री करते हुए मध्यप्रदेश के बड़े शहरों समेत गुजरात में पहुंचता है। वहीं नशे के सरगनाओं तक पहुंचने की बात की जाए तो रतलाम पुलिस के हाथ अब तक खाली है।रतलाम पुलिस ने नशे के कारोबार पर जो कार्रवाई अब तक कि है, उनमें से अधिकांश का तार सीधे राजस्थान से जुड़ा मिला है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या रतलाम पुलिस प्रतापगढ़ से रतलाम में एंट्री कर रहे नशे के कारोबार के ठिकानों और सरगनाओं तक पहुंचेगी या इसी तरह केवल तस्करी पर कार्रवाई करते हुए अपनी पीठ थपथपाती रहेगी। इसके अलावा गौर करने वाली बात यह है की नशे के कारोबार पर निगरानी रखने वाला मुख्य विभाग नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) कार्रवाई के मामले में कहीं नजर नहीं आता दिखाई देता है, सारी धरपकड़ पुलिस के जिम्मे ही नजर आती है। आपको बता दे कि रतलाम में विगत माह ड्रग्स के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन युवाओं ने किया था। जिसके बाद पुलिस ने खास अभियान चलाकर एमडी, कोकीन जैसी हैवी ड्रग्स पर एक के बाद एक कार्रवाई की। रतलाम एसपी राहुल कुमार लोढा ने जिले के सभी थानों पर अवैध मादक पदार्थों के व्यापार एवं परिवहन से जुड़े संदिग्ध लोगों पर कड़ी निगरानी रखकर सभी को सख्त निर्देश दिए है। पिपलोदा थाना प्रभारी विक्रमसिंह चौहान के अनुसार शनिवार को टीम ने मुखबिर की सूचना पर इंदौर के रोहित पिता मनोज सिमोलिया उम्र 20 वर्ष नि. कृष्णबाग कॉलोनी मालवीय नगर व मुनेन्द्रसिंह पिता मानवेन्द्रसिंह सेंगर उम्र 22 वर्ष निवासी महेशबाग कॉलोनी को 25 ग्राम अवैध मादक पदार्थ स्मैक के साथ गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी एक होंडा कम्पनी की स्कूटी से स्मैक ले जा रहे थे। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ स्मैक व स्कूटी (mp09uj2016) को जप्त कर लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। राजस्थान का प्रतापगढ़ बना अड्डा :सूत्रों की माने तो इंदौर के ये दोनों युवक अपने खुद के इस्तेमाल के लिए स्मैक ले जा रहे थे। दोनों ही राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के गांव कोटड़ी से स्मैक इंदौर ले जा रहे थे। तस्कर और नशाखोरी के आदि लोग जावरा के पिपलोदा से सीधे राजस्थान में एंट्री करते है। यहां से राजस्थान में पनप रही नशा कारोबार की दुनिया शुरू होती है। प्रतापगढ़ के गांव कोटड़ी, नौगावा, देवल्दी, कोटडी, धमोमर के आस पास के कई इलाके में जहरीले नशे का कारोबार चला रहा है। जो मध्यप्रदेश की युवा पीढ़ी को खोखला कर रहा है। गरीब तबके के लोगों को इस अवैध नशे के कारोबार में शामिल किया जाता है। गरीब युवाओं को नशीले पदार्थ को कोरियर करने के लिए उपयोग में लिया जाता है। नशा कारोबारियों की गुंडई के कारण लोकल आदमी शिकायत से डरता है।  सूत्रों की माने तो बड़े पैमाने पर चल रहे इस कारोबार को राजनीतिक शह के साथ ही विभागीय साठगांठ जान फूंके हुए है। कहा जाता है की इनका खुफिया तंत्र और ऊपर तक परोसा गया पैसा पुलिस तंत्र से ज्यादा सक्रिय है। यहां अफीम की बेहतरीन खेती, बनी फैक्ट्रियां :राजस्थान के प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़ और मध्यप्रदेश के मंदसौर, नीमच की जमीन अफीम उत्पादन के लिए बेहतरीन जमीन है। यहां हर साल बड़ी मात्रा में अफीम का उत्पादन होता है और इसी से एमडीएमए ड्रग बनती है। इसके अलावा हेरोइन, कोकीन सहित अन्य नशीले ड्रग्स भी इसी से बनाए जाते हैं। कुछ समय पहले तक ड्रग तस्कर यहां से सिर्फ अफीम लेकर जाते थे और बाद में अन्य राज्यों और जिलों में छोटे घरेलू प्लांट के माध्यम से इनमें कैमिकल मिलाते हुए अन्य ड्रग्स बनाते थे।एक रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने जब कार्रवाई करते हुए अफीम तस्करी पर ही रोकथाम लगा दी तो तस्करों ने नया जुगाड़ निकाला। लोकल स्तर पर ही छोटे – छोटे घरों में इसका निर्माण शुरू कर दिया। इसे बनाने के लिए ज्यादा बड़े प्लांट की आवश्यकता नहीं होती और जिन कैमिकल की जरूरत होती है वह कैमिस्ट्री शॉप या ऑनलाइन आर्डर कर मिल जाते हैं।मध्यप्रदेश और राजस्थान में नशे के सरगना के रूप में लाला-पठान बंधुओं का नाम पहले नंबर पर आता है। कुनबे के कई लोग मादक पदार्थों की तस्करी, हथियारों की तस्करी, सूदखोरी और जमीन हथियाने के धंधे में शामिल हैं। इन पर पुलिस ने पिछले 3 सालों में कई बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। लेकिन फिर भी नशे के काले कारोबार के बंद होने का कोई अंदेशा अब तक नजर आता नहीं दिख रहा है।

मामला सरेराह हत्या का : परिजनों ने शव रख प्रदर्शन शुरू किया, आरोपियों को फांसी व घर तोड़ने की मांग

मामला कल रात हुए हत्याकांड का, करीब 1 घंटे से जारी है विरोध प्रदर्शन.. पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर के औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत 80 फीट रोड पर हुई 16 वर्षीय नाबालिग की हत्या के मामले में परिजनों में आक्रोश फुट चुका है। बुधवार सुबह 11 बजे साक्षी पेट्रोल पंप चौराहे पर परिजनों ने शव रखकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। खबर लिखे जाने तक विरोध जारी था। परिजन व समाज के लोग हमला करने वाले सभी आरोपियों के मकान तोड़ने, फांसी देने व परिवार के भरण पोषण की मांग कर रहे है। मौके पर थाना प्रभारी राजेंद्र वर्मा, सीएसपी अभिनव बारंगे व तहसीलदार भी पहुंच चुके है। प्रदर्शन के कारण सैलाना रोड पर जाम लग गया है, जिससे आवागमन बाधित हो चुका है। आपको बता दे मृतक बालक गरीब परिवार से था और इकलौता होने के साथ सबसे छोटा था, उससे बड़ी दो बहनें है। मृतक के पिता मजदूरी का कार्य करते है। परिजनों के अनुसार घटना के समय मृतक को फोन लगाकर किसी ने बुलाया और वह घर से कुछ सामान लाने का कहकर निकला था। यह हुआ था कल रात घटनाक्रम :16 वर्षीय विनोद पिता जगदीश पांचाल निवासी महेश नगर की मौत हो गई। मृतक विनोद घटनास्थल पर घायल अवस्था में था जिसने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मौके पर 3-4 युवकों ने मिलकर विनोद के साथ चाकूबाजी की घटना को अंजाम दिया। आरोपियों ने प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को बताया की वे एक दूसरे को जानते थे और सोशल मीडिया पर इनके बीच स्टोरी या पोस्ट को लेकर कुछ विवाद हुए थे। 2 – 3 दिन पहले भी इनका आपस में विवाद हुआ था, तब से आरोपी मृतक विनोद की तलाश कर रहा था। आरोपियों ने बताया कि घटना के समय आरोपी व मृतक दोनों 80 फिट रोड से गुजर रहे थे तभी इनकी कहासुनी हुई और विनोद पर चाकू से हमला कर दिया। फिलहाल पुलिस आरोपियों से विवाद का मुख्य कारण पता लगाने में जुट गई है।

सरेराह चाकूबाजी : सोशल मीडिया की रंजिश ने दिया हत्या को अंजाम, इलाज के दौरान नाबालिक ने तोड़ा दम

थाने से महज 500 मीटर पर हुई वारदात, पुलिस ने 3 नाबालिग आरोपियों को किया राउंडअप पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर के औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत 80 फीट रोड पर चाकूबाजी में एक 16 वर्षीय नाबालिग की हत्या कर दी गई। हमला करने वाले सभी आरोपी भी नाबालिग बताए जा रहे हैं, जिनकी उम्र 14 से 16 वर्ष बताई जा रही है। मामले में पुलिस ने तत्काल मुख्य आरोपी सहित दो अन्य को राउंडअप कर लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक बालक गरीब परिवार से था और इकलौता होने के साथ सबसे छोटा था, उससे बड़ी दो बहनें है। मृतक के पिता मजदूरी का कार्य करते है। परिजनों के अनुसार घटना के समय मृतक  को फोन लगाकर किसी ने बुलाया और वह घर से कुछ सामान लाने का कहकर निकला था। सुबह अस्पताल से पीएम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। सीएसपी अभिनव बारंगे ने बताया कि मंगलवार रात करीब 9.30  बजे 80 फीट रोड पर चाकूबाजी की घटना हुई। जिसमें 16 वर्षीय विनोद पिता जगदीश पांचाल निवासी महेश नगर की मौत हो गई। मृतक विनोद घटनास्थल पर घायल अवस्था में था जिसने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मौके पर 3-4 युवकों ने मिलकर विनोद के साथ चाकूबाजी की घटना को अंजाम दिया। आरोपियों ने प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को बताया की वे एक दूसरे को जानते थे और सोशल मीडिया पर इनके बीच स्टोरी या पोस्ट को लेकर कुछ विवाद हुए थे। 2 – 3 दिन पहले भी इनका आपस में विवाद हुआ था, तब से आरोपी मृतक विनोद की तलाश कर रहा था। आरोपियों ने बताया कि घटना के समय आरोपी व मृतक दोनों 80 फिट रोड से गुजर रहे थे तभी इनकी कहासुनी हुई और विनोद पर चाकू से हमला कर दिया। फिलहाल पुलिस आरोपियों से विवाद का मुख्य कारण पता लगाने में जुट गई है। थाने से महज 500 मीटर की दूरी, ट्रेंड बढ़ा रहा अपराध :चाकूबाजी जहां हुई वो घटनास्थल औद्योगिक थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर है। पुलिस से बेख़ौफ इन नाबालिग आरोपियों ने पहले मृतक के साथ मारपीट की उसके बाद उस पर चाकू से हमला कर दिया। पिछले कुछ सालों में सोशल मीडिया पर हुए विवादों ने संगीन अपराधों को जन्म दिया है। गैंगस्टर पर फिल्माये गए कई तरह के गाने ट्रेंड बने हुए। जिस पर युवा वर्ग रील व स्टोरी अपलोड कर अपराध की दुनियां में कदम रख रहे है। इसमें 14 से 17 वर्ष के नाबालिग युवा सबसे अधिक संख्या में है। हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें युवतियां भी शामिल है। कई तरह के गैंगस्टर स्टाइल के डाइलोग है जिनमें मारने काटने की बात होती है और उस पर लिपसिंग कर रिल्स अपलोड किए जाते है। जिसके बाद शुरू होता है सोशल मीडिया पर पर्सनल वार और वह रील से रियल लाइफ में आ जाता है। ट्रेंड में फॉलोवर्स के साथ खुद को आगे व बड़ा दिखाने की होड़ मची हुई है। हैरानी की बात है कि सोशल मीडिया कच्ची उम्र में नाबालिग युवाओं को जुर्म के रास्ते पर धकेल रहा है। बच्चों का परिजनों की निगरानी से दूर मोबाइल चलाना ऐसी घटनाओं पर अंकुश ना लगने का बड़ा कारण बन रहा है।

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