Ratlam News: माधवराव सिंधिया की 23वीं पुण्यतिथि पर रतलाम मंडी प्रांगण में श्रद्धांजलि अर्पित

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Ratlam News: स्व. माधवराव सिंधिया की 23वीं पुण्यतिथि पर रतलाम कृषि उपज मंडी में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सिंधिया फैंस क्लब, रतलाम जिला और शहर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. माधवराव सिंधिया को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मंडी प्रांगण में स्थापित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया गया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, मध्यप्रदेश भाजपा कार्यसमिति  सदस्य निमिष व्यास, प्रवीण सोनी, श्रीमती मंगला देवड़ा, जीवन सिंह देवड़ा, एमआईसी सदस्य धर्मेंद्र व्यास, पार्षद हितेश कामरेड, गौरव त्रिपाठी, मधु शिरोड़कर, प्रभु नेका, महेश व्यास सहित कई प्रमुख नेता और पदाधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम में सिंधिया फैंस क्लब के जिला अध्यक्ष कीर्ति कुमार जायसवाल, शहर अध्यक्ष विक्रम लोहिया, विवेक लोहिया, राजेश कर्णधार, महेश पांचाल, चेतन शर्मा, नीरज बरमेचा, पूर्व पार्षद सत्यजीत भट्ट, सुधांशु व्यास, नरेंद्र राठौड़, पंकज चतुर्वेदी, कांतिलाल प्रजापत, राजेश दिनेश गुर्जर और अन्य पदाधिकारी भी शामिल रहे। मंडी प्रांगण में आए सभी गणमान्य व्यक्तियों ने स्व. माधवराव सिंधिया की स्मृतियों को याद किया।

MP News: गौशाला में सजाए फ़ूड स्टॉल, मेन्यू में गुलाब जामुन, रबड़ी घेवर जैसे 56 पकवान, पितरों के श्राद्ध का अनूठा कार्यक्रम

गायों के लिए शादियों के रिसेप्शन की तरह सजावट, गाय को भोजन देने से देवी-देवता होते हैं तृप्त, आयोजन में करीब 1 क्विंटल सामग्री का उपयोग. रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: मध्यप्रदेश के रतलाम में श्राद्ध पक्ष के दौरान एक अनूठा कार्यक्रम देखने में आया है। यहां एक गौशाला में मैरिज गार्डन की तर्ज पर फ़ूड स्टॉल लगाए गए। फ़ूड स्टॉल्स के साथ खाने की हर एक वैरायटी के स्टिकर्स भी लगाए। खास बात यह है की ये फ़ूड स्टॉल्स किसी इंसान के लिए नहीं बल्कि गौशाला की गायों के लिए थे। गायों के लिए मेन्यू में 56 पकवानों को बनाया गया। दरअसल रतलाम के गौसेवक परिवार द्वारा खेतलपुर स्थित गौशाला में एक अनूठा और प्रेरणादायक श्राद्ध कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में करीब 400 गायों को 56 प्रकार के विशेष व्यंजनों का भोग लगाया गया। इस अभिनव प्रयास का उद्देश्य पितृ शांति के लिए गायों की सेवा करना था। कार्यक्रम में गायों के लिए शादियों के रिसेप्शन की तरह सजावट की गई, और विभिन्न प्रकार के पकवानों के स्टॉल लगाए गए थे। मेन्यू में 56 प्रकार के व्यंजन शामिल किए गए, जो गायों के लिए एक विशेष भोग के रूप में प्रस्तुत किए गए। मेन्यू में गुलाब जामुन, जलेबी और भी बहुत कुछगायों के लिए परोसे गए भोजन में 12 प्रकार की मिठाइयों की खास व्यवस्था थी। इनमें गुलाब जामुन, जलेबी, बर्फी, काजू कतली, रबड़ी घेवर, मावा बाटी, पेड़ा, और बालूशाही जैसी मिठाइयाँ प्रमुख थीं। इसके अलावा, सेब, अनार, केला, पपीता, और पाइनएप्पल सहित 15 प्रकार के ताजे फलों का भी भोग लगाया गया। ड्राईफ्रूट्स और पशु आहार गायों के पोषण को ध्यान में रखते हुए दाख, तिल, परमल, मखाने, और गुड़ जैसे 20 – 25 प्रकार के ड्राईफ्रूट्स शामिल किए गए। इसके साथ ही, खली, कपास्या, ज्वार, बाजरा, जौ जैसे 6 प्रकार के पशु आहार और कई प्रकार की सब्जियाँ भी गायों के लिए भोग में रखी गईं। इस आयोजन में करीब 1 क्विंटल सामग्री का उपयोग किया गया। आयोजकों ने बताया कि पितरों की शांति और गौ सेवा को समर्पित यह आयोजन भविष्य में भी जारी रहेगा, ताकि समाज में इस प्रकार की सेवा का महत्व और बढ़े। पितृपक्ष में गाय का महत्वपितृपक्ष में गाय का विशेष महत्व है। इसी के कारण श्राद्ध के भोजन का एक अंश गाय माता को भी खिलाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, गाय को वैतरणी से पार लगाने वाले कहा गया है। इसके साथ ही गाय में देवी-देवताओं का वास होता है। ऐसे में गाय को भोजन देने से देवी-देवता तृप्त हो जाते है। इसके साथ बी पितर प्रसन्न हो जाते हैं। 

Ratlam News: सेवा भारती ने मानव श्रंखला बनाकर दिया “सुपोषण भारत – समर्थ भारत” का संदेश

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: समाजिक संस्था सेवा भारती ने कुपोषण के खिलाफ अपनी मुहिम को आगे बढ़ाते हुए आज रतलाम में “सुपोषण जागरूकता अभियान” का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कुपोषण के खिलाफ जागरूकता फैलाना और समाज में सुपोषण के प्रति सजगता लाना था। नगर के महाराजा सज्जनसिंह चौराहे पर आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत मां भारती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर संघ के विभाग सेवा प्रमुख गजेंद्र वर्मा, रतलाम जिला संघचालक सुरेन्द्र सुरेका, जिला महिला बाल विकास अधिकारी रजनीश जी सिन्हा, स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. रोमा शर्मा हाड़ा और सेवा भारती रतलाम के अध्यक्ष अनुज छजेड सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। विभाग सेवा प्रमुख गजेंद्र वर्मा ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि सेवा भारती हर साल सितंबर महीने में यह अभियान चलाती है, जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों में सुपोषण के प्रति जागरूकता फैलाना है। उन्होंने कहा, “यदि भारत का युवा और महिलाएं सही पोषण प्राप्त करें, तो हमारा देश प्रगति के नए सोपान प्राप्त करेगा।” मुख्य वक्ता डा. रोमा शर्मा हाड़ा ने सुपोषण प्राप्त करने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि सामान्य जीवन में कुछ छोटे-छोटे परिवर्तन करके हम न केवल खुद को बल्कि समाज को भी सुपोषित कर सकते हैं। महिला बाल विकास अधिकारी रजनीश सिन्हा ने शासन की योजनाओं के बारे में जानकारी दी और कहा कि “सरकार हर नागरिक के सुपोषण के लिए कई योजनाएं चला रही है। हमें इनका लाभ उठाना चाहिए।” मानव श्रृंखला बनाकर दी जागरूकताकार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण था मानव श्रंखला का निर्माण, जिसमें उपस्थित जनशक्ति ने मिलकर “सुपोषित भारत – समर्थ भारत” का संकल्प लिया। इस दौरान सेवा भारती सह सचिव श्रीमती आशा दुबे ने नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। जिला सेवा प्रमुख पवन कसेरा ने उपस्थित सभी का आभार व्यक्त किया। सह सेवा प्रमुख मनीष सोनी द्वारा अतिथि परिचय दिया। मंच संचालन सेवा भारती सचिव मोहित कसेरा ने किया। कार्यक्रम में नगर सेवा प्रमुख पंकज भाटी, सकल जैन समाज के महेंद्र बोथरा, लायन पूर्व रिजनल चेयर पर्सन वीणा छाजेड सहित बड़ी संख्या में समाज जन और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सेवा भारती निरंतर समाज में परिवर्तन लाने के लिए कटिबद्ध है, और कुपोषण के खिलाफ उनकी यह मुहिम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Ratlam News: खाटू के कला भवन की तर्ज पर सजेगा बाबा श्याम का दरबार, भजनों के साथ भक्तों को लुभाएंगे कोलकाता के फूल

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: श्रीराधे श्याम सरकार के चतुर्थ वार्षिक उत्सव के उपलक्ष्य में श्री राधेश्याम दरबार सेवा परिवार द्वारा बाबा श्याम का चतुर्थ आनंद उत्सव रतलाम में आयोजित किया जा रहा है। यह भव्य आयोजन पावर हाउस रोड स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के पीछे लायंस क्लब हॉल में 28 सितंबर शनिवार की रात से शुरू होगा। कार्यक्रम में बाबा श्याम का दरबार खाटू के प्रसिद्ध कला भवन की तर्ज पर सजाया जाएगा, जो इस कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगा। (Khatu Shyam Ji) दरबार की साज-सज्जा के लिए कोलकाता के विशेष फूलों का उपयोग किया जाएगा, और सालासर बालाजी से श्रीराम पुजारी जी इस आयोजन के लिए विशेष रूप से पधारेंगे। बाबा श्याम के भक्तों के लिए भजन संध्याबाबा श्याम के इस वार्षिक उत्सव में भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें कई प्रसिद्ध भजन गायक बाबा की महिमा का गुणगान करेंगे। भजन गायक कनिका ग्रोवर (मनासा), दीपांशु अग्रवाल (ब्यावर), अनुज पारिक (भीलवाड़ा), प्रसन्न परसाई (रतलाम), जीतू धोरा (रतलाम) अपनी सुरीली आवाज में बाबा श्याम के भजनों की प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा, संगीत की धुनों पर मोहित बारोट म्यूजिकल ग्रुप (नागदा) भी अपनी विशेष प्रस्तुति से भक्तों को भक्ति रस में डुबो देंगे। विशेष छप्पन भोग और मंगला आरतीआगामी 28 तारीख शनिवार को रात 8 बजे से प्रारंभ होने वाला यह कार्यक्रम ब्रह्म मुहूर्त तक जारी रहेगा। बाबा श्याम के कीर्तन का विशेष आयोजन होगा, जिसमें भक्तजन रातभर बाबा के भजनों का आनंद लेंगे। कीर्तन के बाद बाबा श्याम को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा, जिसमें विशेष रूप से तैयार व्यंजनों का समावेश होगा। इसके बाद मंगला आरती की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। मां जीण भवानी और सालासर बालाजी का भी दरबार सजेगाइस आयोजन के दौरान बाबा श्याम के साथ ही मां जीण भवानी और सालासर बालाजी का भी दरबार विशेष रूप से सजाया जाएगा। श्री राधे श्याम दरबार सेवा परिवार के सेवादारों ने बताया कि इस आयोजन में शहर और आसपास के भक्तों की बड़ी संख्या में भागीदारी की संभावना है। आयोजन का उद्देश्य न केवल श्रद्धालुओं को भक्ति का अनुभव कराना है, बल्कि उन्हें बाबा श्याम की कृपा और आशीर्वाद से जोड़ना है।

परंपरा निभाता रतलाम: रिमझिम बारिश और सदाबहार गीतों पर खनके चंटिये, पुरुषों का गरबा बना आकर्षण

त्रिनेत्र सांस्कृतिक संगम समिति का 3 दिवसीय आयोजन, डालूमोदी बाजार में जुटे खेल प्रेमी रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। शहर के मध्य में आयोजित त्रिनेत्र सांस्कृतिक संगम समिति के तीन दिवसीय पारंपरिक चंटिया खेल कार्यक्रम ने पुराने जमाने की यादों को ताजा कर दिया। 26 से 28 सितंबर तक आयोजित इस आयोजन में सैकड़ों की संख्या में पुरुष खिलाड़ी बांस की चंटियों के साथ पुराने फिल्मों के सदाबहार नगमों पर थिरकते नजर आए। रिमझिम बारिश और ढोल की थाप के साथ शहनाई की सुमधुर धुनों पर खेल प्रेमियों और दर्शकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। परंपरागत तौर पर चंटियों को पुरुषों का गरबा कहा जाता है। इसमें पुरुषों के हाथ में छोटे डांडिया नहीं बल्कि 3 से 4 फिट के डंडे होते है। यह कार्यक्रम डालूमोदी बाजार में आयोजित किया गया, जहां रात 8:30 बजे से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। जैसे-जैसे रात ढलती गई, माहौल और भी जीवंत हो उठा। यह आयोजन खासतौर से पुरुषों के लिए आयोजित किया गया था, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के पुरुष खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। पुरानी पीढ़ी के खिलाड़ी जहां अपने अनुभवों और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाते नजर आए, वहीं युवा पीढ़ी भी अपनी ऊर्जा और उत्साह से कार्यक्रम में रंग भरते दिखे। पुराने दिनों की परंपरा को जीवित रखने का प्रयासइस कार्यक्रम का उद्देश्य पुरानी परंपराओं को जीवित रखना और नई पीढ़ी को इससे जोड़ना है। पुराने खिलाड़ी बताते है की चंटिया खेलने की परंपरा राजा-महाराजाओं के समय से चली आ रही है। महाराजा सज्जनसिंह के समय में यह खेल महलवाड़ा में खेला जाता था, फिर थावरिया बाजार और अब डालूमोदी बाजार में इस परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। उन्होंने त्रिनेत्र सांस्कृतिक संगम समिति के प्रयासों की सराहना की और कहा कि यह आयोजन पुराने दिनों की यादें ताजा कर देता है। शहर के युवाओं को आगे आकर इसमें सहभागिता करना चाहिए। सदाबहार गीतों की गूंज और खिलाड़ियों का जोशकार्यक्रम की शुरुआत गुरुवार रात दीप प्रज्ज्वलित कर की गई, जिसमें शहर के अखाड़े और व्यायामशाला के प्रमुखों ने हिस्सा लिया। चंटियों की खनक और खिलाड़ियों के पैरों की लय का तालमेल शहनाई वादक और ढोल की थाप के साथ मिलकर मनोरम दृश्य उत्पन्न कर रहा था। एक से बढ़कर एक पुराने सदाबहार गीतों की धुनों पर सभी खिलाड़ी पूरे जोश के साथ चंटिया खेलते नजर आए। तीन दिन तक रहेगा उत्साहत्रिनेत्र सांस्कृतिक संगम के संस्थापक अध्यक्ष सुरेंद्र वोरा और अध्यक्ष राकेश पीपाड़ा ने बताया कि यह आयोजन 28 सितंबर तक चलेगा। आयोजन स्थल पर चंटियों की विशेष व्यवस्था मंच के समीप की गई थी, ताकि खिलाड़ी बिना किसी बाधा के खेल सकें और दर्शक खेल का आनंद ले सकें। कार्यक्रम में शहरवासियों ने भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और पुराने दिनों की यादों में खो गए। रिमझिम बारिश की फुहारों के बीच रातभर खिलाड़ियों ने चंटियों के खेल का भरपूर आनंद लिया। ढोल-शहनाई की धुनों पर सदाबहार गीतों के साथ खेल की मस्ती ने जैसे माहौल को संगीतमय बना दिया। न केवल पुराने खिलाड़ी बल्कि युवा पीढ़ी भी इस आयोजन में शामिल होकर अपने आप को रोक नहीं पाई और चंटिया खेलने का लुत्फ उठाया। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम ने रतलाम के लोगों को उनकी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ा और एक बार फिर से इस परंपरा को जीवित रखने का संकल्प लिया।

Indore News : भूतपूर्व छात्र मिलन समारोह, छात्रों ने दी सामाजिक एकता की मिसाल, आदिवासी परंपरा में झूमे पूर्व छात्र

इंदौर – पब्लिक वार्ता,प्रदीप रावत। राजीव गांधी बालक छात्रावास, भंवरकुआ में भूतपूर्व छात्र मिलन समारोह धूमधाम से आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने सामाजिक एकता का संदेश दिया। इस विशेष आयोजन में अनुसूचित जनजाति हॉस्टल के पूर्व छात्रों ने वर्तमान छात्रों के साथ मिलकर कार्यक्रम का आनंद लिया। समारोह में आदिवासी परंपरा के वाद्य यंत्रों—ढोल, फेफरिये—की धुन पर सभी ने जमकर नृत्य किया। पूर्व छात्रों का पुष्पहार से स्वागत किया गया और ट्रॉफी के रूप में स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। (Indore News) अतीत से वर्तमान तक का सफरराजीव गांधी बालक छात्रावास में सन 1993 से 2024 तक शिक्षा प्राप्त करने वाले पूर्व छात्रों ने इस मिलन समारोह का आयोजन किया, जिसमें कई पूर्व छात्र आज शासकीय पदों पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपने अनुभवों को वर्तमान छात्रों के साथ साझा किया और उन्हें भविष्य की शिक्षा व्यवस्था के बारे में मार्गदर्शन दिया। इस अवसर पर बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए और एक-दूसरे का पुष्पों की वर्षा से स्वागत किया। समारोह में सम्मानित हुए वरिष्ठ अधिकारीइस अनूठे मिलन समारोह में कई सरकारी कर्मचारी और अधिकारी शामिल हुए, जिनमें एमपीबी के मुख्य महाप्रबंधक श्री प्रकाश चौहान, सहायक संचालक रविंद्र देवड़ा, आबकारी अधिकारी रमेश सिसोदिया, पीडब्ल्यूडी के देवराम मालवीय, सहायक मानचित्रकार जामसिंह चौहान, और असिस्टेंट प्रोफेसर सज्जन सिंह मौर्य प्रमुख थे। इसके अलावा विभिन्न सरकारी विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस मिलन समारोह का हिस्सा बने। अनुभवों का साझा करनाकार्यक्रम में भूतपूर्व छात्रों ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानियां सुनाई, जिससे वर्तमान छात्रों को प्रेरणा मिली। उन्होंने बताया कि छात्रावास के दिन उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा थे, और अब वे अपने कार्यक्षेत्र में भी उसी लगन और एकता को बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। इस भव्य आयोजन का संचालन  वीरेंद्र पटेल, सुरेश चौहान, सुरेंद्र डोडवे, मनोहर मडलोई, मगन भाबर और महेश गिरवाल द्वारा किया गया। इस भूतपूर्व छात्र मिलन समारोह ने न केवल छात्रों के बीच सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश फैलाया, बल्कि यह भी साबित किया कि शिक्षा के माध्यम से कैसे व्यक्ति समाज में अपने कर्तव्यों को पूरा कर सकता है।

गायत्री परिवार रतलाम द्वारा सामूहिक श्राद्ध तर्पण कार्यक्रम सम्पन्न

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। पितृ पक्ष के अवसर पर गायत्री परिवार रतलाम द्वारा सिद्ध बड़बड़ हनुमानजी मंदिर, सैलाना रोड पर रविवार, 22 सितंबर 2024 को सामूहिक श्राद्ध तर्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में 61 श्रद्धालुओं ने भाग लिया और अपने पितरों के मोक्ष की कामना के साथ श्राद्ध तर्पण की विधि संपन्न की। गायत्री परिवार के आचार्य नरेंद्र पाठक ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यजमानों से तर्पण संस्कार करवाया, जिसमें पितरों के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया गया। इस आयोजन में महिला आचार्य प्रेमलता साहू ने सहायक की भूमिका निभाई, जबकि वरिष्ठ परिजन डीपी चौधरी का सानिध्य प्राप्त हुआ। गायत्री परिवार के सदस्य जैसे जिला समन्वयक दामोदर शर्मा, अर्जुनसिंह चौहान, मदनमोहन साहू, महेश गोयल, गोपाल सिंह तोमर, महेश चौहान, दलबीर चौधरी, श्यामलाल भावसार, श्रवणकुमार भावसार, किशोर चौधरी, शिवपाल छपरी, परितोष जोशी, लालशंकर पाटीदार और महिला मंडल की वीणा पाठक एवं मधुबाला हीरे ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। आने वाले तर्पण कार्यक्रम गायत्री परिवार द्वारा हर साल पितृ पक्ष के दौरान नि:शुल्क सामूहिक तर्पण कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस वर्ष 29 सितंबर को कालिका माता मंदिर धर्मशाला में और 1 अक्टूबर को गायत्री शक्तिपीठ डोंगरेधाम शंकरगढ़ में तर्पण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा 2 अक्टूबर को ग्राम रानीसिंग में माही नदी के तट पर भी सामूहिक तर्पण कार्यक्रम होगा। जावरा में गायत्री शक्तिपीठ लालागली पर प्रतिदिन तर्पण संस्कार हो रहे हैं। वहीं, 29 सितंबर को ग्राम रिंगनोद के पास मिंडाजी संगम तीर्थ स्थल पर भी सामूहिक तर्पण संस्कार का आयोजन किया जाएगा, जहां सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति की उम्मीद है।इच्छुक श्रद्धालु निकटतम गायत्री मंदिर अथवा गायत्री परिवार नगर ट्रस्ट से संपर्क कर इन आयोजनों में भाग ले सकते हैं।

नुक्कड़ नाटक से विद्यार्थियों को 4 प्रकार के कचरे के पृथक्कीकरण को समझायागीले कचरे से खाद बनाने की विधि से कराया अवगत

रतलाम – पब्लिक वार्ता, जयदीप गुर्जर। रतलाम 21 सितम्बर। 17 से 2 अक्टूबर तक चलाये जा रहे स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत महापौर प्रहलाद पटेल के निर्देशानुसार 20 अक्टूबर शनिवार को देहली पब्लिक स्कूल में स्वच्छता हेतु नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया जिसमें विद्यार्थियों को 4 प्रकार के कचरे के पृथक्कीकरण करने व गीले कचरे से घर में ही खाद बनाने की विधि से अवगत कराया। इसके अलावा उत्कृष्ट कार्य करने वाले सफाई मित्रों का अमृत सागर झोन में सम्मान किया गया। स्वच्छता अभियान के तहत आज विभिन्न गतिविधियों को आयोजनरतलाम 21 सितम्बर । 17 से 2 अक्टूबर तक चलाये जा रहे स्वच्छता ही सेवा अभियान के अन्तर्गत आज 22 सितम्बर रविवार को प्रातः 10 बजे त्रिवेणी मेला ग्राउण्ड में एक पेड़ मॉं के नाम, वार्डवार सफाई मित्रों का सम्मान व शासकीय योजनाओं का लाभ दिये जाने हेतु शिविर का आयोजन किया जायेगा।नगर निगम द्वारा नागरिकों से अपील की जाती है कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में रतलाम नगर को स्वच्छता में नम्बर 1 बनाये जाने हेतु स्वच्छता अभियान के तहत 19 सितम्बर बुधवार को आयोजित विभिन्न गतिविधियों में अधिकाधिक की संख्या में उपस्थित रहकर आयोजित कार्यक्रमों को सफल बनावें।

पूर्वजों की स्मृति में शिवानी परिवार ने मेडिकल कॉलेज को भेंट किया आरओ प्लांट

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। डॉ लक्ष्मीनारायण पांडेय मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को अब शुद्ध पेयजल मिलेगा। रतलाम के शिवानी परिवार ने मेडिकल कॉलेज में अपने पूर्वजों की स्मृति में आरओ प्लांट सिस्टम दान किया है। गुरुवार को मेडिकल कॉलेज में विधिवत पूजा अर्चना कर प्लांट लगाया गया। इस अवसर पर हासी शिवानी, पदमा भाभरा, आनंद व्यास, यश राजेश व्यास, यशपाल झाला और श्री शक्ति आरओ के प्रतिनिधि उपस्थित थे। देवी शिवानी पिता गोविंद राम शिवजी और आनंद भाभरा पिता खुबचंद भाभरा की स्मृति में 100 एलपीएच का आरओ प्लांट सिस्टम दान किया गया है। मेडिकल कॉलेज डीन डॉ. अनिता मूथा ने इस कार्य को लेकर दानदाता परिवार को धन्यवाद दिया। इस आरओ प्लांट सिस्टम के स्थापित होने से मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को शुद्ध पेयजल मिलेगा, जिससे उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा होगी। शिवानी परिवार की यह पहल प्रशंसनीय है और समाज में एक अच्छी मिसाल पेश करती है।

Women Safety : यहां गणेशजी के प्रसाद में लड्डू नहीं बल्की बांटी गई “लाठियां”, जानिए क्या है वजह

प्रसादी के रूप में लड्डूओं की जगह लाठियों का वितरण, इसके पीछे का कारण सुनकर आप भी हो जाएंगे हैरान! रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश के रतलाम में गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान श्री गणेश की आरती के बाद प्रसादी के रूप में लड्डूओं की जगह लाठियों का वितरण किया गया। सुनने में यह अजीब जरूर है लेकिन इसके पीछे का कारण सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे। दरअसल देश में बढ़ते (Women crime) महिला अपराधों के चलते रतलाम की एक गणेश समिति ने मातृशक्ति को हौसला देने और उनमें आत्मविश्वास जगाने के लिए प्रसादी में लकड़ी की सामान्य लाठियों का वितरण किया। शहर के धभाई जी का वास में वंदेमातरम ग्रुप द्वारा आयोजित भगवान श्री गणेश की आरती में यह अनोखी पहल की गई, जिसके तहत मातृशक्ति को आत्मरक्षा (Women Safety) के लिए दण्ड वितरित किए गए। इस अवसर पर गणमान्य नागरिकों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान प्रमुख अतिथि निगम अध्यक्षा मनीषा शर्मा ने सराहना करते हुए इसे महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। शर्मा ने कहा की हाल ही में महिलाओं से जुड़े कई गंभीर घटनाक्रम ने महिलाओं में असुरक्षा की भावना को पैदा किया है। ऐसे में महिलाओं में आत्मविश्वास और सुरक्षा के भाव को जागृत करना अत्यंत आवश्यक है। समिति के सदस्यों के अनुसार आत्मरक्षा और महिलाओं की सशक्तिकरण की दिशा में यह एक प्रेरणादायक पहल के रूप में प्रस्तुत किया है। वर्तमान में कई ऐसे घटनाक्रम सामने आ रहे है जो महिलाओं के अस्तित्व और सुरक्षा पर बड़ा आघात कर रहे है। ऐसे में महिलाओं में असुरक्षा का वातावरण बना हुआ है, जबकि भारत देश की परंपरा नारी प्रधान है, यहां नारी को पूजा जाता है उसे शक्ति का स्वरूप माना जाता है। दण्ड वितरण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मरक्षा (women safety) के प्रति जागरूक करना और उन्हें इस कला में निपुण बनाना है, ताकि वे किसी भी विपरीत परिस्थिति में अपनी रक्षा कर सकें। यह दंड केवल पशु भगाने के लिए नहीं है बल्कि विधर्मियों से स्वयं की सुरक्षा के लिए है। कार्यक्रम में निगम अध्यक्ष मनीषा शर्मा, भाजपा नेता मनोज शर्मा, राजेश कटारिया, महेंद्रसिंह सोलंकी, दिग्विजयसिंह धभाई, किशन माहेश्वरी, मनीष रावल, प्रद्युम्न शर्मा और दीपक परमार आदि उपस्थित रहे। इन सभी ने वंदेमातरम ग्रुप की इस पहल की प्रशंसा की और महिलाओं को सशक्त बनाने के इस प्रयास में अपना समर्थन व्यक्त किया। आयोजन के दौरान भगवान गणेश की आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और धार्मिक माहौल के बीच आत्मरक्षा के इस संदेश को भी बल मिला। महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में यह पहल अन्य संगठनों के लिए भी एक प्रेरणा बनेगी।

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