MP News: विश्व के हजारों स्कूलों को पछाड़कर अव्वल बना ये सरकारी स्कूल, देश में बनाई अलग पहचान

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। MP News: रतलाम के विनोबा नगर स्थित सीएम राइज स्कूल ने गुरुवार को विश्व के सर्वश्रेष्ठ स्कूलों में शीर्ष स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। लंदन स्थित संस्था टी4 एजुकेशन ने वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से रतलाम के इस सरकारी स्कूल को “इनोवेशन श्रेणी” में विश्व का सर्वश्रेष्ठ स्कूल घोषित किया। यह उपलब्धि न केवल स्कूल के लिए, बल्कि भारत के शिक्षा क्षेत्र के लिए भी एक महत्वपूर्ण क्षण है। टी4 एजुकेशन की घोषणा टी4 एजुकेशन के संस्थापक और सीईओ श्री विकास पोटा ने सीएम राइज विनोबा नगर स्कूल की टीम और मध्य प्रदेश सरकार को इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा, “यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि भारत के सरकारी स्कूल भी विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करने में सक्षम हैं। यह सफलता दुनिया भर के शिक्षकों और नीति निर्माताओं को प्रेरित करेगी।” 100 देशों के स्कूलों को दी मातटी4 एजुकेशन द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में 100 से अधिक देशों के हजारों स्कूलों ने भाग लिया था, जिनमें अमेरिका, यूरोप और एशिया के प्रतिष्ठित निजी स्कूल भी शामिल थे। रतलाम के इस स्कूल ने प्रतियोगिता के विभिन्न चरणों में कड़ी टक्कर देते हुए विश्व के शीर्ष 10 स्कूलों में अपनी जगह बनाई, और अंततः इनोवेशन श्रेणी में प्रथम स्थान पर पहुंचा। भावुक हुए स्कूल के सह प्राचार्यस्कूल के सह प्राचार्य गजेंद्र सिंह राठौर ने इस उपलब्धि पर भावुक होकर कहा, “हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारा स्कूल दुनिया में अव्वल आएगा। हमने चुनौतियों के बीच नए विचारों को वास्तविकता में बदलने के लिए हर दिन संघर्ष किया। यह उपलब्धि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक पहचान दिलाने वाला क्षण है।” मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री की बधाईमध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और शिक्षा मंत्री राव उदयप्रताप सिंह ने भी इस सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि रतलाम के इस स्कूल ने देश के लिए गर्व का क्षण प्रदान किया है। स्कूल की इनोवेटिव गतिविधियांसीएम राइज स्कूल ने विद्यार्थियों की उपस्थिति और दक्षता बढ़ाने के लिए कई इनोवेटिव तरीकों का प्रयोग किया। टीम हडल, कैप्सूल ट्रेनिंग, प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग और लर्निंग शोकेस जैसे कार्यक्रमों ने विद्यार्थियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Ratlam News: रतलाम की दिव्यांशी परिहार का MBBS के लिए चयन, परिवार में हर्ष का माहौल

रतलाम – पब्लिक वार्ता, जयदीप गुर्जर। Ratlam News: रतलाम के अलकापुरी निवासी होमगार्ड नायक पवन कुमार परिहार की बेटी दिव्यांशी परिहार ने नीट 2024 मॉप-अप काउंसलिंग में शानदार सफलता प्राप्त कर रतलाम के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में MBBS की सीट हासिल की है। यह न केवल परिवार के लिए, बल्कि पूरे रतलाम शहर के लिए गर्व का क्षण है। खास बात यह है की दिव्यांशी अब रतलाम के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज से डॉक्टर बनने का सपना साकार करेगी। दिव्यांशी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और अभ्यास कैरियर इंस्टीट्यूट को दिया है। उसने बताया कि उसका संयुक्त परिवार हमेशा से चाहता था कि परिवार का एक सदस्य डॉक्टर बने, और इसी सपने को साकार करने के लिए दिव्यांशी ने अभ्यास कैरियर इंस्टीट्यूट से नीट की तैयारी की। कोचिंग की मेहनत और समर्थन से मिली सफलता दिव्यांशी ने कोचिंग संस्थान की सराहना करते हुए कहा, “अभ्यास कैरियर इंस्टीट्यूट की फैकल्टी ने पूरे समर्पण के साथ मेरी मदद की। DTS, माइनर टेस्ट और Pre-NEET टेस्ट ने मेरी तैयारी को और मजबूत किया।” अभ्यास कैरियर इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर नीलिमा कुमावत ने बताया कि इस वर्ष कोचिंग से 50 से अधिक विद्यार्थियों का मेडिकल कॉलेजों में चयन हुआ है, जिसमें से तीन विद्यार्थियों को रतलाम के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में MBBS की सीट मिली है। इसमें दिव्यांशी परिहार के साथ-साथ सज्जन विहार कॉलोनी निवासी संदीप राठौर और झाबुआ निवासी नीरज खराड़ी भी शामिल हैं। रतलाम को मिला गौरव दिव्यांशी की इस सफलता पर पूरे शहर में हर्ष का माहौल है। परिवार और दोस्तों ने उसकी इस उपलब्धि पर बधाई दी। दिव्यांशी के पिता पवन कुमार परिहार, जो होमगार्ड नायक के पद पर कार्यरत हैं, अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं। अभ्यास कैरियर इंस्टीट्यूट की ओर से सभी चयनित विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी गई हैं। रतलाम के लिए यह गर्व की बात है कि यहां के छात्र मेडिकल क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर रहे हैं और शहर का नाम रोशन कर रहे हैं।

Abhyas Career Institute: रतलाम में NEET विद्यार्थियों के लिए बायो-केम टेस्ट सीरीज का आयोजन

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Abhyas Career Institute: रतलाम में स्थित अभ्यास कैरियर इंस्टिट्यूट ने नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए बायोलॉजी और केमिस्ट्री विषयों पर केंद्रित Bio-Chem टेस्ट सीरीज का आयोजन किया है। यह टेस्ट सीरीज 16 अक्टूबर से शुरू होगी, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों की नीट परीक्षा की तैयारी को और भी मजबूत करना है। अभ्यास कैरियर इंस्टिट्यूट की मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) नीलिमा कुमावत ने बताया कि रतलाम और आसपास के क्षेत्र के कई विद्यार्थी नीट परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं। हालांकि, उनमें से कई विद्यार्थी आर्थिक कारणों या अन्य वजहों से कोचिंग इंस्टिट्यूट से जुड़ नहीं पाते, और उन्हें सेल्फ स्टडी या ऑनलाइन माध्यम से तैयारी करनी पड़ती है। इसके चलते, उनकी तैयारी नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षा के लिए उतनी प्रभावी नहीं हो पाती। नीलिमा कुमावत ने बताया कि इन विद्यार्थियों की इस समस्या के समाधान हेतु ऑफलाइन टेस्ट सीरीज (पेन और पेपर मोड में) आयोजित की जा रही है। इस टेस्ट सीरीज का पैटर्न नीट के वास्तविक परीक्षा पैटर्न के अनुरूप होगा, जिससे विद्यार्थियों को परीक्षा की वास्तविक स्थिति का अनुभव प्राप्त होगा। टेस्ट सीरीज का सिलेबस उन विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जो ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं, ताकि वे अपनी तैयारियों को बेहतर कर सकें। MD नीलिमा कुमावत का मानना है कि यह टेस्ट सीरीज विद्यार्थियों को नीट परीक्षा के पैटर्न को समझने में मदद करेगी और उन्हें समयबद्ध तरीके से प्रश्न हल करने की रणनीति सिखाएगी। यह टेस्ट सीरीज उनके डॉक्टर बनने के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। विद्यार्थी इस टेस्ट सीरीज से जुड़कर अपने नीट की तैयारी को मजबूती दे सकते हैं और अधिक जानकारी के लिए अभ्यास कैरियर इंस्टिट्यूट, शास्त्री नगर, रतलाम से संपर्क कर सकते हैं।

RRB RPF SI 2024: रेलवे की इस वैकेंसी में क्या है आपके आवेदन की स्थिति, आपका फॉर्म हुआ स्वीकृत या खारिज?

RRB RPF SI भर्ती के लिए लाखों उम्मीदवारों ने किया था आवेदन, अब जानिए आपका फॉर्म हुआ स्वीकृत या नहीं पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। RRB RPF SI 2024: रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने RPF सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती 2024 के लिए आवेदन की स्थिति जारी कर दी है। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट rrbapply.gov.in पर जाकर अपनी आवेदन स्थिति जांच सकते हैं। आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें?1. RRB की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।2. लॉगिन करें और आवेदन स्थिति के लिंक पर क्लिक करें।3. अपनी आवश्यक जानकारी दर्ज करें और सबमिट करें।4. आपकी आवेदन स्थिति स्क्रीन पर प्रदर्शित होगी। आवेदन की स्थिति के विभिन्न प्रकारअनंतिम रूप से स्वीकृत: आपका आवेदन प्रारंभिक स्क्रीनिंग पास कर गया है।शर्तों के साथ अनंतिम रूप से स्वीकृत: आपके आवेदन को कुछ शर्तों के साथ स्वीकार किया गया है।अस्वीकृत: आपका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया है। RRB जल्द ही RPF SI भर्ती परीक्षा की तारीख की घोषणा करेगा।

RRB ALP Exam 2024: नवंबर में होगी सीबीटी 1 परीक्षा, जानिए कैसे होगा आवेदन

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। RRB ALP Exam 2024:  रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) ने असिस्टेंट लोको पायलट (एएलपी) भर्ती परीक्षा की संभावित तारीखों का ऐलान कर दिया है। इस भर्ती के माध्यम से लगभग 6000 पदों को भरा जाएगा।महत्वपूर्ण तारीखें:सीबीटी 1 परीक्षा: 25 नवंबर 2024 से 29 नवंबर 2024 तकआवेदन प्रक्रिया: 20 जनवरी से 19 फरवरी 2024 तक परीक्षा का पैटर्न:एएलपी भर्ती परीक्षा दो चरणों में होगी:1. सीबीटी 1: यह कंप्यूटर आधारित परीक्षा होगी जिसमें सामान्य ज्ञान, गणित, तार्किक अभिक्षमता आदि विषय शामिल होंगे।2. सीबीटी 2: इस चरण में अधिक तकनीकी विषयों पर आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे।एडमिट कार्ड:एडमिट कार्ड परीक्षा से लगभग 10 दिन पहले जारी किए जाएंगे। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट rrbapply.gov.in पर जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया:उम्मीदवारों का चयन निम्नलिखित चरणों में होगा:1. सीबीटी 12. सीबीटी 23. कंप्यूटर आधारित टेस्ट4. दस्तावेज सत्यापन5. मेडिकल परीक्षणअन्य महत्वपूर्ण बातें:लाखों उम्मीदवारों ने इस भर्ती के लिए आवेदन किया है।रेलवे भर्ती बोर्ड जल्द ही परीक्षा की आधिकारिक तारीखों की घोषणा करेगा।उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से अपडेट्स की जांच करते रहें।यह खबर उन सभी उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण है जो रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलट बनने का सपना देखते हैं।

Ratlam News: ग्रीन रतलाम, क्लीन रतलाम अभियान में अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट ने किया श्रमदान

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Ratlam News: शहर में स्वच्छता और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महापौर प्रह्लाद पटेल की पहल “ग्रीन रतलाम, क्लीन रतलाम” के अंतर्गत अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट ने श्रमदान कर महत्वपूर्ण योगदान दिया। अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर राकेश कुमावत ने बताया कि “साफ़ हाथों से सफ़ाई की पहचान है, स्वच्छता की कड़ी में पूरा रतलाम है।” इसी भावना के साथ शास्त्री नगर में संस्थान के स्टाफ और विद्यार्थियों ने श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश फैलाया। इस अवसर पर महापौर प्रह्लाद पटेल, युवा जिला अध्यक्ष विप्लव जैन, वार्ड पार्षद मनीषा विजय सिंह चौहान, विजय सिंह चौहान और वार्ड संयोजक संतोष कोलम्बेकर का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। महापौर ने अपने उद्बोधन में रतलाम को मध्य प्रदेश ही नहीं, पूरे भारत में स्वच्छता में नंबर वन बनाने का संकल्प दिलाया। अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट की मैनेजिंग डायरेक्टर नीलिमा कुमावत, अनिमेष कुमावत, अजय कुमावत, विकास जैन, नीरज गुप्ता, नंद किशोर जांगिड़, नंद किशोर लवांशी, पुष्कर पाटीदार, राहुल मालवीय, पवन और सभी विद्यार्थियों ने मिलकर अतिथियों के साथ श्रमदान किया। इस अभियान के तहत शास्त्री नगर से स्वच्छता की शुरुआत की गई। “ग्रीन रतलाम, क्लीन रतलाम” अभियान रतलाम शहर को स्वच्छता के नए आयाम पर ले जाने का प्रयास है, जिसमें हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। स्वच्छ रतलाम, हरा-भरा रतलाम का सपना अब होगा साकार!

Shailaja Paik: कौन है शैलजा पाइक:पुणे की झुग्गी से मैकआर्थर ‘जीनियस’ फेलोशिप तक की कहानी!

“यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी पहचान है। एक दलित महिला और एक रंग की महिला के रूप में मुझे यह सम्मान मिलना मेरे लिए गर्व का क्षण है।” – Shailaja Paik पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Shailaja Paik: पुणे के येरवडा की एक छोटी झुग्गी से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का सफर आसान नहीं था, लेकिन शैलजा पाइक की यह असाधारण कहानी हमें बताती है कि सच्ची लगन और दृढ़ निश्चय के साथ कोई भी बाधा पार की जा सकती है। आज शैलजा पाइक दुनिया भर में दलित अध्ययन की प्रमुख विद्वान के रूप में जानी जाती हैं और हाल ही में उन्हें प्रतिष्ठित मैकआर्थर ‘जीनियस’ अनुदान (MacArthur ‘Genius’ Grant) से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने अपनी असाधारण रचनात्मकता और सामाजिक योगदान के माध्यम से दुनिया में बदलाव लाने की क्षमता दिखाई हो। इस फेलोशिप के साथ 8 लाख डॉलर का अनुदान भी दिया जाता है। भारतीय रुपये के हिसाब से ये करीब 6.64 करोड़ है। शैलजा पाइक का सफर बेहद प्रेरणादायक है। येरवडा (Yerawada) की झुग्गियों में पली-बढ़ी शैलजा ने बचपन में ही गरीबी, जातिगत और लैंगिक भेदभाव का सामना किया। उनका परिवार एक छोटे से एक कमरा घर में रहता था, जिसकी छत लकड़ी के खंभों से सहारा पाती थी। उनके पिता देवराम पाइक राज्य कृषि विभाग में काम करते थे, जबकि उनकी मां सरिता पाइक एक गृहिणी थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति कठिन थी, लेकिन उनके माता-पिता ने हमेशा शिक्षा को प्राथमिकता दी। शैलजा और उनकी तीन बहनों को पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। शैलजा को पहली बार जातिगत भेदभाव का सामना अपने पैतृक गांव ब्रह्मगांव तकली में करना पड़ा, जहां दलित परिवारों को ऊंची जातियों से अलग रहना पड़ता था और उन्हें सार्वजनिक कुओं से पानी लेने की अनुमति नहीं थी। यह अनुभव उनके जीवन में एक गहरी छाप छोड़ गया और आगे चलकर उनके शोध का आधार बना। शैलजा ने स्थानीय रोशनी स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की, जहां उन्होंने हमेशा कक्षा में शीर्ष स्थान हासिल किया। जब उन्होंने 10वीं कक्षा में 98% अंक हासिल किए, तो उनका नाम अखबार में आया और यह उनके स्कूल के लिए भी गर्व का क्षण था। इसके बाद, उन्होंने सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। हालांकि उनका सपना यूपीएससी पास कर आईएएस बनने का था, लेकिन पिता की मृत्यु के बाद उन्हें अपने परिवार की मदद करने के लिए वह सपना छोड़ना पड़ा। अपने शुरुआती संघर्षों के बावजूद, शैलजा ने अपनी ऊर्जा दलित महिलाओं के अधिकारों और उनके सामाजिक संघर्षों पर केंद्रित की। उन्होंने 2007 में ब्रिटेन के वारविक विश्वविद्यालय से पीएचडी की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद वह अमेरिका के येल विश्वविद्यालय और यूनियन कॉलेज में पढ़ाने के बाद सिनसिनाटी विश्वविद्यालय में इतिहास की प्रोफेसर बनीं। आज वह दक्षिण एशियाई अध्ययन, महिला अध्ययन, और समाजशास्त्र के साथ ही चार्ल्स फेल्प्स टैफ्ट प्रतिष्ठित शोध प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। शैलजा की पहली पुस्तक, Dalit Women’s Education in Modern India: Double Discrimination (2014), दलित महिलाओं के संघर्ष और शिक्षा की जटिलताओं पर केंद्रित थी। उनकी दूसरी पुस्तक, The Vulgarity of Caste: Dalits, Sexuality, and Humanity in Modern India (2022), जाति, लैंगिकता और मानवीयता के आपसी संबंधों पर आधारित है। इन किताबों के माध्यम से शैलजा ने दिखाया कि कैसे जाति और लैंगिकता भारतीय समाज में अन्याय को बढ़ावा देती हैं। शैलजा की यात्रा का सबसे प्रेरणादायक पहलू उनका येरवडा से अमेरिका तक का सफर है। एक दलित महिला के रूप में उन्होंने जातिगत और लैंगिक भेदभाव के साथ-साथ रंगभेद का भी सामना किया, लेकिन इन सभी चुनौतियों का डटकर मुकाबला किया। जब उन्हें मैकआर्थर फेलोशिप के लिए चुने जाने की खबर मिली, तो वह अमेरिका में थीं। उन्होंने इसे अपने जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा, “यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी पहचान है। एक दलित महिला और एक रंग की महिला के रूप में मुझे यह सम्मान मिलना मेरे लिए गर्व का क्षण है।” शैलजा का मानना है कि जातिगत भेदभाव के खिलाफ लड़ाई में केवल दलितों को ही संघर्ष करने की जिम्मेदारी नहीं उठानी चाहिए, बल्कि ऊंची जातियों को भी इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। वह कहती हैं, “जाति के दमन के खिलाफ सिर्फ पीड़ितों को ही नहीं, बल्कि सभी को साथ आकर लड़ना होगा।” शैलजा पाइक की यह यात्रा उन लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो सामाजिक भेदभाव, गरीबी और अन्याय का सामना कर रहे हैं। उनकी कहानी बताती है कि शिक्षा, संघर्ष, और समर्पण किसी भी बाधा को पार कर सकता है। शैलजा की उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि अगर आप में संघर्ष करने की हिम्मत और सपनों को पाने का जुनून हो, तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती।

SSC CGL Answer Key 2024 जारी: आंसर की लिंक ssc.gov.in पर एक्टिव, 6 अक्टूबर तक दर्ज करें आपत्ति

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। SSC CGL Tier-1 Answer Key 2024: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) परीक्षा 2024 की टियर-1 आंसर की जारी कर दी है। जिन उम्मीदवारों ने यह परीक्षा दी थी, वे अब आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाकर उत्तर कुंजी डाउनलोड कर सकते हैं। यह उत्तर कुंजी अभ्यर्थियों को उनके उत्तरों का मिलान करने और संभावित परिणामों का अनुमान लगाने में मदद करेगी। अगर किसी उत्तर से आप सहमत नहीं हैं, तो 6 अक्टूबर 2024 तक आपत्ति दर्ज की जा सकती है। परीक्षा का आयोजन: SSC CGL टियर-1 परीक्षा 9 से 26 सितंबर 2024 तक देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। अब उम्मीदवार SSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उत्तर कुंजी की जांच कर सकते हैं। आपत्ति दर्ज करने की अंतिम तिथि: अगर उम्मीदवारों को उत्तर कुंजी में किसी भी प्रश्न के उत्तर पर संदेह है, तो वे 6 अक्टूबर तक अपनी आपत्ति ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। सही पाई गई आपत्तियों पर पुनर्विचार कर अंक प्रदान किए जाएंगे। अंकों की गणना कैसे करें: परीक्षा में कुल 100 प्रश्न पूछे गए थे, जिनका कुल स्कोर 200 अंकों का है। प्रत्येक सही उत्तर के लिए 2 अंक दिए जाएंगे और हर गलत उत्तर पर 0.50 अंक की कटौती की जाएगी। सही और गलत उत्तरों की गणना के बाद अभ्यर्थी अपने संभावित अंक जान सकते हैं। SSC CGL आंसर की कैसे डाउनलोड करें1. SSC की आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं।2. होमपेज पर उपलब्ध Answer Key लिंक पर क्लिक करें।3. अपनी लॉगिन डिटेल्स (रोल नंबर और पासवर्ड) दर्ज करें।4. उत्तर कुंजी डाउनलोड करें और प्रश्नों के उत्तरों का मिलान करें।

Ratlam News: सी.एम. राइज विनोबा स्कूल रतलाम में अकादमिक संवाद आयोजित, शिक्षकों ने दी त्रैमासिक परीक्षा की समीक्षा

रतलाम –  पब्लिक वार्ताजयदीप गुर्जर। Ratlam News: सी.एम. राइज विनोबा स्कूल में एक महत्वपूर्ण अकादमिक संवाद का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न शैक्षणिक अवधारणाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम का नेतृत्व उप-प्राचार्य गजेंद्र सिंह राठौर ने किया, जिन्होंने स्कूल की विश्व के टॉप-3 विद्यालयों में शामिल होने की चुनौतीपूर्ण यात्रा और सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने “सायकल ऑफ ग्रोथ” और “विनोबा मॉडल ऑफ पेरेंटल इंगेजमेंट” के साथ-साथ शिक्षकों के पेशेवर विकास द्वारा विद्यार्थियों और समुदाय में आए सकारात्मक बदलावों पर भी चर्चा की। इसके अलावा, श्री राठौर ने वैश्विक संस्था टी-फोर एजुकेशन द्वारा स्कूल को एक ‘स्ट्रांग स्कूल कल्चर’ के रूप में चिन्हित किए जाने के पैरामीटर्स पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान, शिक्षक शोभा ओझा और मीनाक्षी अग्रवाल ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए, जिससे कई शिक्षक भाव-विभोर हो गए। त्रैमासिक परीक्षा परिणाम की समीक्षा करते हुए शिक्षक राजाराम सेकवाडिया, भावना रावत, और हर्षिता सोलंकी ने बोर्ड और स्थानीय परीक्षाओं के परिणामों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। प्राचार्य संध्या वोरा ने भी संवाद को संबोधित किया, जबकि संचालन हीना शाह ने किया और आभार सुनीता पंवार ने व्यक्त किया। इस संवाद में कुल 30 शिक्षकों ने भाग लिया और यह कार्यक्रम शिक्षकों के लिए एक प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक सत्र साबित हुआ।

Top School In World: कैसे एक टीचर ने MP के सरकारी स्कूल को झुग्गियों से निकाल इंटरनेशनल लेवल पर पहुंचाया, आज देशभर में नाम

सेंव, साड़ी और सोने की प्रसिद्धि से ट्रिपल S नगरी कहे जाने वाले रतलाम में एक और S जुड़ा, वो S है STUDY यानी शिक्षा!, विज्ञान के शिक्षक गजेन्द्रसिंह राठौर के प्रयासों ने बनाया अव्वल… मध्यप्रदेश – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Top School In World: मध्यप्रदेश के  रतलाम का सीएम राइज विनोबा स्कूल (CM RISE SCHOOL RATLAM) न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित कर चुका है। इस सरकारी स्कूल को T4 अंतर्राष्ट्रीय संस्था (T4 Education :World’s Best School Prizes 2024) द्वारा नवाचार श्रेणी में विश्वभर के टॉप 10 स्कूलों में शामिल किया गया और अंततः इसने तीसरा स्थान हासिल किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद से स्कूल के छात्रों, शिक्षकों और परिजनों में गर्व है। इस स्कूल को 1991 में रतलाम की शहरी झुग्गियों में स्थापित किया गया था। इस स्कूल ने अपनी शुरुआती चुनौतियों के बावजूद, नवाचारी प्रक्रियाओं और सामुदायिक जुड़ाव के माध्यम से आज यह मुकाम हासिल किया है।  सरकारी स्कूल के एडमिशन में अब प्रवेश के लिए होड़ मची हुई है। इसके यहां तक पहुंचने के पीछे की कहानी में एक शिक्षक गजेन्द्रसिंह सिंह राठौर की भूमिका बहुत मायने रखती है। राठौर स्कूल के वाईस प्रिंसीपल भी है। साइंस टीचर गजेन्द्रसिंह राठौर (Science Teacher Gajendra Singh Rathore) के पढाने का तरीका बहुत अलग है। उनका कहना है विज्ञान रट्टा मारने का नहीं बल्कि समझने का विषय है। किताब में छपे विषयों को राठौर प्रेक्टिकल कर बच्चों को समझाते है। रॉकेट उड़ता कैसे है, घर्षण होता क्या है, भूकंप आता क्यो है ऐसे कई रहस्यों को पढ़ाने की बजाय उन्हें प्रेक्टिकल से समझाते है। राठौर ऑनलाइन भी बच्चों को विज्ञान को समझने के लिए प्रेरित करते है। नहीं बदला अंदाज, राठौर से पढ़ने का क्रेजविद्यार्थियों में राठौर से पढ़ने का अलग ही क्रेज है। जहां भी शिक्षक रहे उन्होंने अपने पढ़ाने के अंदाज नहीं बदले। पढ़ाने में इनोवेशन के तरीकों को उन्होंने यहां भी लागू रखा। उनके साथ अन्य स्टाफ ने भी सहभागिता की और गजेन्द्रसिंह के तरीकों को अपनाया। जिसकी बदौलत आज पूरे विश्व में MP का सरकारी स्कूल चमक रहा है। आपको बता दे साल 2016 में राठौर राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हो चुके है। आज भी राठौर अपने पढ़ाए विद्यार्थियों के साथ जीवंत संपर्क में रहते है। विद्यार्थी भी उनसे जीवन की कठिनाइयों से निकलने के टिप्स लेते है। परेशानियों में उनसे सलाह लेते है।अवार्ड की घोषणा के समय कार्यक्रम के दौरान राठौर भावुक हो उठे थे और उनके आंसू निकल आए थे। राठौर ने बनाई योजना, नवाचार किए लागूदो साल पहले विनोबा स्कूल में उप प्राचार्य गजेंद्र सिंह राठौर ने स्कूल में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति को सुधारने के लिए वरिष्ठ शिक्षकों के साथ मिलकर “साइकिल ऑफ ग्रोथ मेकैनिज्म” योजना बनाई। इस योजना का उद्देश्य शिक्षकों के पेशेवर विकास के साथ-साथ छात्रों की भागीदारी बढ़ाना था। इसमें टीचर्स के लिए टीम हर्डल, कैप्सूल ट्रेनिंग, क्लासरूम मॉनिटरिंग, वन-ऑन-वन फीडबैक, और रीवार्ड एवं रिकग्निशन जैसी गतिविधियाँ शामिल की गईं।इसके अलावा, “विनोबा मॉडल ऑफ पैरेंटल एंगेजमेंट”, “कम्युनिटी एज ए लर्निंग रिसोर्स”, और “ट्रैकिंग डाटा के इनोवेटिव आइडिया” जैसी पहलें भी जुड़ती गईं। इन सब नवाचारों ने स्कूल में एक उत्साही और सकारात्मक वातावरण तैयार किया, जहाँ बच्चे आसानी से सीखने लगे। इस योजना को सफल बनाने में प्राचार्य संध्या वोरा, उप प्राचार्य गजेंद्र सिंह राठौर, प्रधान अध्यापक अनिल मिश्रा, सीमा चौहान, हीना शाह और अन्य शिक्षकों ने नियमित रूप से योगदान दिया। इस प्रकार हुआ चयनटी फॉर एजुकेशन ने दुनिया भर के स्कूलों से फरवरी 2024 तक विभिन्न श्रेणियों में आवेदन मांगे थे। हजारों आवेदनों में से विनोबा स्कूल को “इनोवेशन” श्रेणी में चुना गया, जहाँ उप प्राचार्य और राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक गजेंद्र सिंह राठौर को स्कूल लीडर के रूप में नामित किया गया। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय शिक्षाविदों द्वारा एक घंटे का ऑनलाइन इंटरव्यू लिया गया। इंटरव्यू के बाद दस्तावेजों के आधार पर मूल्यांकन किया गया।शिक्षकों की ऑनलाइन मीटिंग और विभिन्न स्तरों के परीक्षण के बाद, 13 जून को पहले चरण में स्कूल टॉप 10 में आया और गुरुवार को टॉप 3 में जगह बनाई। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण शिल्पा गुप्ता, और संचालक लोक शिक्षण डीएस कुशवाह ने उन्हें इस सफलता पर बधाई दी। इनोवेशन कैटेगरी में ऐतिहासिक उपलब्धिरतलाम का यह शासकीय स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में नवीनतम तकनीक और प्रयोगात्मक तरीकों का उपयोग कर रहा है, जिससे छात्रों को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ शिक्षा दी जा रही है। गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि विद्यालय में कुल 577 छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें से 525 छात्रों ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस सफलता के पीछे स्कूल के सामूहिक प्रयास और शिक्षकों की कड़ी मेहनत है। मुख्यमंत्री ने दी बधाईमध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्कूल की उपलब्धि पर बधाई दी। शहर विधायक व मंत्री चैतन्य काश्यप ने स्कूल का दौरा कर छात्रों और शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने इस अवसर पर स्कूल की प्राचार्य संध्या वोहरा और उप प्राचार्य गजेंद्र सिंह को विशेष रूप से सम्मानित किया। काश्यप ने कहा कि यह स्कूल प्रदेश के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा और भविष्य में अन्य शासकीय स्कूलों को भी इसी प्रकार से ऊंचाइयों पर पहुंचाने का काम करेगा। सीएम राइज स्कूल: एक ड्रीम प्रोजेक्टगौरतलब है कि सीएम राइज स्कूल योजना मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के शासकीय स्कूलों को उन्नत और आधुनिक सुविधाओं से लैस कर शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने का प्रयास किया गया। आज रतलाम के विनोबा स्कूल ने इस पहल की सफलता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिद्ध कर दिया है। लाइटहाउस स्कूल का दर्जाअब इस स्कूल को “लाइटहाउस” का दर्जा दिया गया है, जिसका मतलब है कि अन्य स्कूल भी इसके नवाचार और सफलता से प्रेरणा लेकर अपने छात्रों के लिए बेहतर शिक्षा प्रणाली विकसित करेंगे। गजेंद्र सिंह राठौड़ के अनुसार, स्कूल की यह सफलता अभिभावकों के लिए एक संकेत है कि अब उन्हें महंगे निजी स्कूलों में अपने बच्चों को भेजने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकारी स्कूल भी उन्हें उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान कर सकते हैं। रतलाम के इस स्कूल ने साबित कर दिया है कि सही दिशा में मेहनत और दृढ़ संकल्प से … Read more