ऐसा आयोजन पूरे प्रदेश में संभवतः कहीं नहीं होता – कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। पत्रकार या फिर कलमकार अपनी कलम और लेखनी से कई समस्याओं को उजागर करते है और उनको हल करवाते है। लेकिन पर्दे के पीछे के उनके इस काम को उचित सम्मान मिलना यदा कदा ही संभव होता है। रतलाम प्रेस क्लब ने पत्रकारों के काम को उचित सम्मान के लिए विगत वर्ष से रतलाम में उत्कृष्ट पत्रकारिता सम्मान समारोह शुरू हुआ। जो लगातार दूसरे साल भी आयोजित किया गया। “पत्रकारिता के भाल पर उत्कृष्टता का तिलक” की टेग लाइन से शोभित इस कार्यक्रम में रतलाम के पत्रकारों में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया। जेएमडी पैलेस (JMD PALACE) में गरिमामय आयोजन में उत्कृष्ट पत्रकारिता पुरस्कार प्रदान किए गए। समारोह में केबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप के साथ भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, समाजसेवी प्रवीण सोनी, कलेक्टर राजेश बाथम, एसपी राहुल कुमार लोढ़ा, देश के ख्यात पत्रकार और समारोह में निर्णायक की भूमिका निभाने वाले ललित उपमन्यु, सुुधीर गोरे, हर्षवर्धन प्रकाश, सचिन बोंदरिया, संस्था अध्यक्ष मुकेशपुरी गोस्वामी, सचिव यश शर्मा बंटी मंचासीन रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा पत्रकारिता का मूल आधार है समाचार। लेकिन समाचार क्या है, क्या जानना आवश्यक है, समाज में जागृति आए, बुराईयो को उजागर करने के साथ-साथ अच्छाईयों को सामने लाना ये काम रतलाम के लिए पत्रकारों ने एक अलग मुकाम पर ले जाकर खड़ा कर दिया है। पुरस्कार का एक अलग ही महत्व है और भी अधिक महत्व है और आज यहां निर्णायकों ने आधार बताएं हैं वे महत्वपूर्ण हैं। जब भी निष्पक्ष प्रतियोगिता होती और पुरस्कारों की घोषणा होती है तो उलटफेर भी होते हैं। किसी भी नए काम को प्रारंभ करना तो आसान है परंतु उसे निरंतरता से चलाते रहना बहुत मुश्किल है जिसे रतलाम प्रेस क्लब ने सच कर दिखाया है। अपने ही साथियों के बीच से श्रेष्ठ को चुनना और फिर उन्हें मंच पर लाकर सम्मानित करना ये अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है। रतलाम प्रेस क्लब ने जो आयोजन कर दिखाया है, वैसे आयोजन संभवत: पूरे प्रदेश में कहीं नहीं होता। रतलाम मीडिया बुराई और अच्छाई दोनों दिखाती – भाजपा जिलाध्यक्षविशेष अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय ने कहा कि पत्रकारिता वही है जो समाज की बुराईयां, कमियां भी दिखाएं और अच्छाईयों को भी सराहे। इसमें रतलाम की पत्रकारिता सदैव ही आगे रही है। यहां से अनेकों पत्रकार राष्ट्रीय स्तर पर आज काम कर रहे हैं और यहां भी राष्ट्रीय स्तर की खबरें लिखी जा रही हैं। यह आयोजन उन्हें पुरस्कार देने का ही नहीं बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारियों का भाव जागृत करने का समारोह है। रतलाम में हुआ यह आयोजन सब सभी के लिए गर्व का विषय है जिसमें हम सबकी सहभागिता होना हमारे लिए भी हर्ष का विषय है। रतलाम में संगठित है पत्रकार – कलेक्टरकलेक्टर राजेश बाथम ने कहा कि रतलाम में पत्रकार इतने एक्टिव हैं जो समस्याओं को तत्काल उजागर करते हैं। इससे हमें भी कई बार इनका निराकरण समय रहते करने में मदद मिलती है। हमें ये बहुत कम देखने को मिला है। एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने कहा कि रतलाम के पत्रकार इतने संगठित होकर एक ग्रुप के रूप में इतनी एकता रखते हैं ये भी अपने आप में अनूठी बात है। डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के इस दौर में जहां ब्रेकिंग और तत्काल का इतना प्रेशर हैैं, वहां भी इतनी जिम्मेदारी के साथ खबर प्रेषित करना पुरस्कार ही है। बेस्ट खबर चुनना हुआ मुश्किल – निर्णायक सुधीर गोरेप्रविष्ठियों का गहन अध्य्यन कर 10 श्रेष्ठ का चुनाव करने वाले वरिष्ठ पत्रकार इंदौर के ललित उपमन्यु ने कहा कि रतलाम से उनका पुराना नाता है। लेकिन जिस रफ्तार से रतलाम विकास कर रहा है, बदल रहा है, उसी रफ्तार से रतलाम की पत्रकारिता बदली है। रतलाम से भेजी गई हर खबर अपने आप में इतनी अच्छी थी कि हमारे लिए श्रेष्ठ का चुनाव हमारी परीक्षा जैसा था। अन्य निर्णायक और देश के ख्यात पत्रकार सुधीर गोरे ने कहा कि रतलाम जैसे छोटे शहर में बैठकर जिस तरह की पत्रकारिता की जा रही है, उसे देखकर हर्ष होता है। सीमित संसाधनों के बीच भी इस तरह की पत्रकारिता और ऐसा आयोजन बड़े शहरों में भी नहीं हो रहा है। यह पूरे पत्रकार जगत के लिए गर्व की बात है। निर्णायक और ख्यात अखबार कृषक जगत के संपादक सचिन बोंदरिया ने कहा कि भारत की मूल आत्मा कृषि है, आप लोग कृषि से जुड़ी समस्याओं और उपलब्धियों पर भी खबरें प्रकाशित करें। नगद पुरस्कार के साथ जीती शील्डप्रिंट मीडिया श्रेणी में कमल सिंह जादव ने स्व. अमृत नलवाया स्मृति पुरस्कार, शिवेंद्र दुबे ने स्व. तेजमल लोढ़ा स्मृति पुरस्कार, विकल्प मेहता ने स्व. पारस मूणत स्मृति पुरस्कार प्राप्त किया। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में सुधीर जैन को स्व. रामनाथ शुक्ल स्मृति पुरस्कार, अमित निगम को स्व. रविंद्र भट्ट स्मृति पुरस्कार, साजिद खान और राजेंद्र केलवा ने स्व. शांतिलाल कांठेड़ स्मृति पुरस्कार प्राप्त किया। डिजिटल मीडिया श्रेणी में असीम राज पांडेय को स्व. रमेश शर्मा स्मृति पुरस्कार, नीरज कुमार शुक्ला को स्व. कैलाश बरमेचा स्मृति पुरस्कार और के. के. शर्मा और दिव्यराज सिंह राठौर को स्व. इंदरमल कटारिया स्मृति पुरस्कार प्राप्त हुआ। सामाजिक सरोकार पर स्व. लक्ष्मीदेवी मूणत स्मृति पुरस्कार सौरभ कोठारी ने जीता। फोटोग्राफी में स्वदेश शर्मा ने भगवतीलाल केलवा स्मृति पुरस्कार जीता। ग्रामीण पत्रकारिता में स्व. ओमप्रकाश दवे स्मृति पुरस्कार वीरेंद्र त्रिवेदी ने प्राप्त किया। संस्था की ओर से स्व. बी. एल. मीणा एवं स्व. वंदना मीणा स्मृति में वरिष्ठ पत्रकार और संस्थापक सदस्य रहे शरद जोशी को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया गया। नए पुरुस्कारों की हुई घोषणास्पर्धा में निष्पक्षता और समारोह की गरिमा देखकर आंचलिक पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ सदस्य रमेश टांक ने आंचलिक पत्रकारों के लिए अगले वर्ष से पुरस्कार की घोषणा की। पूर्व अध्यक्ष राजेश जैन ने, सह सचिव रमेश सोनी ने, वरिष्ठ पत्रकार प्रियेश कोठारी ने माता श्रीमती राजल देवी की स्मृति, लगन शर्मा ने अपने पिता गजानन शर्मा माय डियर की स्मृति में, शिवेंद्र दुबे ने अपनी माता नलिनी दुबे की स्मृति में पुरस्कार देने की घोषणा की। इसके अलावा निर्णायक के रूप में पधारे इंदौर के सचिन बोंदरिया … Read more