जावरा UPDATE : मंदिर में गोवंश का कटा सिर फेंकने के मामले में 2 और गिरफ्तार, रासुका लगाकर निकाला जुलूस

गोवंश के बचे अवशेष को तलाशने में जुटी पुलिस, पुलिस ने जारी की सोशल मीडिया एडवाइजरी पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जावरा के शिव मंदिर जागनाथ महादेव में गोवंश का कटा सिर फेंकने के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने देर रात जावरा के नौशाद उर्फ हनुमार (40) पिता भुरे खां कुरैशी निवासी जूना कबाड़ा और शाहरुख (25) पिता अब्दुल सत्तार निवासी अरब साहब कॉलोनी को गिरफ्तार किया। शुक्रवार सुबह घटना सामने आने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो चुकी थी। जिसके बाद पुलिस ने आनन फानन में कटा सिर फेंकने वाले दो आरोपी सलमान और शाकिर को सुबह ही गिरफ्तार कर लिया था। इन दोनों पर गोवंश का कटा सिर फेंकने का आरोप है। वहीं आज गिरफ्तार नोशाद और शाहरुख द्वारा गोवंश काटने की भूमिका बताई जा रही है। शनिवार को आरोपियों का जुलूस पुलिस ने निकाला। एएसपी राकेश खाखा ने बताया चारों आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका NSA) की कार्रवाई की। चारों आरोपियों को उज्जैन के भेरूगढ़ स्थित सेंट्रल जेल भेज दिया गया। आरोपी नौशाद पर पहले से 28 केस दर्ज हैं। एक बार जिला बदर भी रह चुका है। बाकी के तीनों आरोपियों की पहले से कोई क्रिमिनल हिस्ट्री नहीं मिली है। सलमान गैरेज पर काम करता है। शाकिर कुछ नहीं करता है। गोवंश कहां काटा गया था उसके अवशेष कहां फेंके गए इस सब पर पुलिस पूछताछ करके छानबीन कर रही है। इसके पीछे किसी साजिश की आशंका है। पुलिस सभी तथ्यों पर गहनता से जांच में जुटी है। शहर में आगामी त्यौहार को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री को लेकर एडवाइजरी जारी की गई। अगर कोई भी नियमों का उलंघन करता है तो उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी। पूरा मामला जानने के लिए पढ़िए पूरी खबर

No. 1 हमारा रतलाम : सीएम राइज विनोबा स्कूल दुनिया के टॉप 10 बेस्ट स्कूलों में शामिल, कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप ने दी शुभकामनाएं

मध्यप्रदेश से रतलाम और झाबुआ ने किया मुकाम हासिल, जानिए क्या है “वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल प्राइज” पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। दुनिया के नक्शे पर शिक्षा जगत में रतलाम का नाम प्रख्यात करने पर रतलाम के सीएम राइस स्कूल प्रबंधन को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम, उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप ने शुभकामनाएं प्रेषित की है। उन्होंने कहा कि सीएम राइज स्कूल ने अपनी बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। आपको बता दे विश्व के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षा पुरस्कार द “वर्ल्ड्स बेस्ट स्कूल प्राइज“ जो कि विश्व की शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिष्ठित संस्था “टी फोर एजुकेशन“ द्वारा प्रदान किया जाता है,उसके इनोवेशन केटेगरी में मप्र के रतलाम के विनोबा स्कूल को अंतराष्ट्रीय ज्यूरी द्वारा वर्ल्ड टॉप 10 में चयन किया गया है। दुनिया भर के 100 देशों से हजारों आवेदन इन प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए प्राप्त होते है।यह पुरस्कार 5 केटेगरी कम्युनिटी कोलैबोरेशन, एनवायरमेंटल एक्शन, इनोवेशन, ओवरकमिंग एडवर्सिटी, फॉर सर्पोटिंग हेल्दी लाइव्स के लिए दिए जाते हैं। मंत्री काश्यप ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा जा रहा है। प्रदेश के बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले इस हेतु प्रदेश सरकार कटिबद्ध है। प्रदेश के लिए यह उपलब्धि है कि यूएसए की प्रमुख संस्था द्वारा विश्व स्तर पर की  स्पर्धा में मध्य प्रदेश के दो सीएम राइज़ स्कूल, सीएम राइज़ विनोबा, रतलाम और सीएम राइज़ मॉडल झाबुआ को स्थान दिया गया है। इससे प्रदेश सरकार द्वारा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के जो प्रयास लगातार हो रहे है, उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। इस तरह होता है चयनवर्ल्डस बेस्ट स्कूल प्राइस 2024 की इनोवेशन कैटेगरी में रतलाम के सी.एम. राइज विनोबा स्कूल को यूएसए, थाईलैंड, ब्राजील, चिली, केन्या, इटली, मेक्सिको ,यूनाइटेड किंगडम के स्कूलों के साथ प्रथम दस में एक जटिल प्रक्रिया द्वारा चयनित किया गया है। विनोबा स्कूल ने अपनी बेस्ट प्रैक्टिसेज के माध्यम से अपनी चुनौतियों का सामना करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में विगत दो वर्षों में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। टीचर्स प्रोफेशनल डेवलपमेंट के अंतर्गत “साइकिल ऑफ़ ग्रोथ“ के माध्यम से शिक्षक को “बदलाव के वाहक“ के रूप में लाया गया। सरकारी सिस्टम में शिक्षकों के बारे में बनाई गई नकारात्मक धारणा को तोड़ने में ये विद्यालय सफल रहा। अपने स्कूल लीडर्स के मार्गदर्शन में जॉयफूल लर्निंग द्वारा विद्यार्थियों और पालकों को संस्था से जोड़ा गया। विद्यार्थियों की उपस्थिति और दक्षता में वृद्धि हुई।विश्वव्यापी संस्था “टी फोर एजुकेशन“ द्वारा दुनिया भर के स्कूल्स से फरवरी 2024 तक विभिन्न केटेगरी में विस्तृत आवेदन के माध्यम से अपने इस वर्ष के प्रतिष्ठित पचास हजार यूएस डॉलर के पुरस्कार की चयन प्रक्रिया शुरू की। प्राप्त हजारों आवेदनों में से शार्ट लिस्ट स्कूल्स के रूप में विनोबा स्कूल के उप प्राचार्य श्री गजेंद्र सिंह राठौर का स्कूल लीडर के रूप में “इनोवेशन“ केटेगरी में किये गए उल्लेखनीय कार्यो पर अन्तराष्ट्रीय शिक्षाविदों द्वारा 1 घण्टे का ऑनलाइन इंटरव्यू लिया गया। यहां से पुनः चयनित होने पर दस्तावेज आधारित मूल्यांकन किया गया। इसके पश्चात विभिन्न स्तरों की ऑनलाइन परीक्षण बैठक के उपरांत अंतिम रूप से टॉप 10 में चयन किया गया। इस पूरी प्रक्रिया में विनोबा स्कूल के लीडर्स और शिक्षक एक परिवार की तरह जुटे रहे। अपनी गतिविधियों के लिए है विख्यातपढ़ाई, खेलकूद और विद्यार्थियों के ओवरऑल डेवलपमेंट में विनोबा स्कूल मध्यप्रदेश का शिक्षा विभाग द्वारा घोषित लाइट हाउस स्कूल भी है। विद्यालय ने कम्युनिटी को लर्निंग रिसोर्स के रूप में जोड़ा। कक्षा 1 से 12 तक अंग्रेजी और हिंदी दोनों माध्यम में संचालित होने वाले विनोबा स्कूल के 577 में से 545 विद्यार्थी किसी ने किसी स्तर पर गतिविधि से वर्ष भर जुड़े रहते हैं। विद्यालय में टीचिंग लर्निंग मटेरियल, प्रिंट रिच, स्टूडेंट डायरी, टीचर्स डायरी, हुक बैंक, मॉर्निंग मीटिंग, सर्कल टाइम, एकेडमिक संवाद, बिहेवियर मैनेजमेंट जैसे कहीं उपक्रम किए जाते है जिसके माध्यम से विद्यालय में सहजता से सीखने का वातावरण बना। इनोवेटिव टीचर है गजेंद्रसिंह राठौरदो वर्ष पूर्व विनोबा स्कूल में ज्वाइन होने के बाद विद्यार्थियों की कम उपस्थिति और दक्षता में कमी पर संस्था के नवागत उपप्राचार्य श्री गजेंद्र सिंह राठौर ने वरिष्ठ शिक्षकों के साथ मिलकर “साइकिल आफ ग्रोथ मेकैनिज्म“ को प्लान किया। इसमें टीचर्स के प्रोफेशनल डेवलपमेंट के लिए टीम हडल और कैप्सूल ट्रेनिंग, क्लास रूम मॉनिटरिंग, वन आन वन फीडबैक, रीवार्ड एंड रिकगनाईजेशन की सकारात्मक चक्रीय योजना बनाई। शिक्षकों के साथ टीम बिल्डिंग एक्टिविटी के बीच नियमित रूप से रोचक तरीके से संस्थागत विषयों पर रोल प्ले सहित अन्य उत्साह के वातावरण को बनाया। संस्था के राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त नवाचारी स्कूल लीडर उपप्राचार्य गजेंद्र सिंह के साथ अन्य स्कूल लीडर प्राचार्य संध्या वोरा, प्र.अ. अनिल मिश्रा, सीमा चौहान, हीना शाह, पीपुल संस्था से प्रियल उपाध्याय, दीपक साही सहित शिक्षकों ने इस अवधारणा को नियमित रूप देकर मूर्त रूप प्रदान कर दिया। विद्यार्थियों के कामों को प्रदर्शित करने के लिए लर्निंग शोकेस, सृजन मेले, कम्युनिटी विजिट, प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग जैसे नियमित आयोजन हुए। पीपुल संस्था और स्कूल शिक्षा विभाग मप्र ने विद्यालय के नवाचारों को नियमित प्रोत्साहन और समर्थन दिया।

मामला जावरा का : मंदिर में गौवंश का कटा सर फेंकने वालों के घर पर चला बुल्डोजर, आरोपी सलमान और शाकिर का मकसद नहीं आया सामने

पुलिस ने किया लाठी चार्ज और दागे आंसू गैस के गोले, 8 लेन पर 14 गौवंश की मौत, फूंका ट्रक डीआईजी-कलेक्टर से रिपोर्ट तलब, खुफिया विभाग अलर्ट, दूसरे एंगल और कनेक्शन पर होगी जांच? पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जिले के जावरा शहर में शुक्रवार सुबह तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। मामला शिव मंदिर में गोवंश का कटा सिर मिलने का है। आक्रोशित लोगों ने जावरा शहर बंद करवाने के साथ फोरलेन जाम कर दिया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज एवं तकनिकी संसाधनो की मदद से जावरा के ही रहने वाले आरोपी सलमान पिता मोहम्मद मेवाती मुसलमान उम्र 24 साल निवासी मेवातीपुरा और शाकीर पिता शाहिद कुरैशी उम्र 19 साल निवासी जेल रोड को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 295,295(क) ,153(क) भादवि ,4,9 मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम , 11 डी पशु क्रुरता अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। सुबह से बढ़ते तनाव के बीच भारी पुलिस बल को लगाया गया। हालांकि पुलिस ने अब तक इनके शांति व्यवस्था भंग करने के पीछे का मकसद सार्वजनिक नहीं किया है। आपको बता दे आज मुस्लिम समाज के लिए प्रमुख दिन जुम्मा यानी शुक्रवार भी था, वहीं 2 दिन बाद ईद-उल-अदा यानी बकरीद का प्रमुख त्यौहार है। जावरा की हुसैन टेकरी अपने चेहल्लुम पर्व को लेकर विश्व प्रसिद्ध है। यहां चेहल्लुम में हर धर्म के लोग हिस्सा लेते है। ऐसे में इनके द्वारा किए गए इस गंभीर घटनाक्रम को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे है। मामले की जांच में कई चौकाने वाले खुलासे हो सकते है। रोते बिलखते रहे परिजन, खुफिया विभाग अलर्टमंदिर में गोवंश का कटा सिर फेंकने के आरोपी शाकिर और सलमान के मकान पर पुलिस-प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया। अवैध मकान तोड़ने की कार्रवाई से पूर्व भारी भीड़ जमा हो गई। मकान टूटता देख आरोपियों के परिजन रोते बिलखते रहे। मौके पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया था। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार प्रदेश का खुफिया विभाग अलर्ट मोड पर आ चुका है। लोकसभा चुनाव के निपटने के बाद हुए इस घटनाक्रम ने प्रदेश सरकार को सकते में डाल दिया है। पूरे मामले में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की कोई प्रतिक्रिया अब तक सामने नहीं आई है। जबकि पिछले दो दिनों से मुख्यमंत्री यादव गौरक्षा और गौसंवर्धन को लेकर विभिन्न घोषणाएं करते नजर आ रहे है। ग्रह विभाग ने डीआइजी व कलेक्टर से इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। दोनों आरोपियों की मानसिकता और लिंक को भी तलाशा जा रहा है। क्योंकि रतलाम जिले में युवकों की प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़ने की कई घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी है। फिलहाल पुलिस का कहना है की दोनों आरोपियों से गहनता से पूछताछ की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य निकलकर आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई होगी। इधर दागे आंसू गैस, उधर फूंका ट्रकजावरा में गोवंश के मंदिर में मिले अवशेष के मामले ने तूल पकड़ा हुआ ही था की इसी बीच दोपहर करीब 12.30 बजे 8 लेन पर गौवंश से भरा ट्रक पलट गया। जिसके बाद वहां मौके पर कई लोग इकठ्ठा हो गए। इसमें 26 गोवंश में से 14 की मौत हो गई। गुस्साए लोगों ने मौके पर पहुंचकर ट्रक में आग लगा दी। इधर, शहर में एक अन्य जगह भीड को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस को हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा। घटना के बाद हिंदू संगठन और दूसरे लोग जावरा सिटी थाने पहुंच गए। उन्होंने आरोपियों का जुलूस निकालने की मांग की। पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने उन्हें समझाने की कोशिश करता रहा। मंदिर में फेंका था गोवंश का सिर!रतलाम के जावरा के जागनाथ मंदिर परिसर में गोवंश का कटा सिर मिला है। शुक्रवार तड़के पुजारी मंदिर पहुंचे तो सिर देखकर लोगों व पुलिस को सूचना दी। इस घटना से नाराज हिंदू संगठन जावरा को शांतिपूर्ण ढंग से बंद कराया। इसके बाद फोरलेन पर चक्काजाम कर दिया। शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। सूचना मिलते ही डीआइजी मनोज सिंह, कलेक्टर राजेश बाथम, एएसपी राकेश खाखा सहित भारी मात्रा में प्रशासन व पुलिस का अमला पहुंचा। शाम करीब 6 बजे ज्ञापन के बाद पूरा मामला शांत हुआ। इससे पहले 5 बजे मंदिर का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुद्धिकरण किया गया। हिंदू समाज की और से ज्ञापन में आरोपियों पर रासुका लगाने, ऐसे और भी गोवंश तस्करी में लिप्त आरोपियों को चिन्हित करने, अवैध मकान तोड़ने, शहर में संचालित बूचडख़ानों को ध्वस्त करने जैसी मांगे रखी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती पूरे शहर में की गई है। विधायक व शहर काजी ने की अपीलघटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे जावरा विधायक डॉ राजेंद्र पांडेय ने कहा कि घटना दुर्भाग्य पूर्ण है। पुलिस अधिकारियों से लगातार संपर्क में है। उन्होंने सरकार पर विश्वास बनाए रखने की मांग की और लोगों से शांति व्यवस्था की अपील की। वहीं दूसरी और सांप्रदायिक रंग लेते इस मामले में मुस्लिम युवकों के होने की जानकारी लगने के बाद जावरा शहर काजी हाफिज भुरू भाईजान ने शहर में समाजजनों से शांति व सौहाद्र की अपील की है। उन्होंने जारी एक पत्र में कहा की मुस्लिम समाज इसकी कड़ी निंदा करता है। आरोपियों का कोई भी धर्म हो उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया पर भ्रामकता ना फैलाए ना ऐसी बातों पर ध्यान दे। अफवाहों से सावधान रहें। पुलिस ने भी आमजन से कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।

जावरा में तनाव : देर रात शिव मंदिर में फेंका गौवंश का कटा सर, पुलिस ने 2 संदिग्धों को किया गिरफ्तार

खबर लगते ही लोगों में छाया आक्रोश, जावरा करवाया बंद, भारी पुलिस बल तैनात पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जिले के जावरा शहर में शुक्रवार सुबह तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। मामला शिव मंदिर में गोवंश का कटा सिर मिलने का है। खबर लिखे जाने तक आक्रोशित लोगों ने जावरा शहर बंद करवाने के साथ फोरलेन जाम किया है। रतलाम के जावरा के जागनाथ मंदिर परिसर में गोवंश का कटा सिर मिला है। शुक्रवार तड़के पुजारी मंदिर पहुंचे तो सिर देखकर लोगों व पुलिस को सूचना दी। इस घटना से नाराज हिंदू संगठन जावरा को शांतिपूर्ण ढंग से बंद कराया। इसके बाद फोरलेन पर चक्काजाम कर दिया। शहर में भारी पुलिस बल तैनात है।  एएसपी राकेश खाखा ने बताया कि दो संदिग्धों को राउंडअप कर लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। संयुक्त कलेक्टर अनिल भाना, एसडीएम राधा महंत, सीएसपी जावरा शहर दुर्गेश आर्मो समेत तमाम पुलिस अधिकारी भी मौके पर मौजूद है। मौके पर पहुंचे जावरा विधायक डॉ राजेंद्र पांडेय ने कहा कि घटना दुर्भाग्य पूर्ण है। पुलिस अधिकारियों से लगातार संपर्क में है। सांप्रदायिक रंग लेते इस मामले में जावरा शहर काजी हाफिज भुरू भाईजान ने शहर में समाजजनों से शांति व सौहाद्र की अपील की है। जारी एक पत्र में शहर काजी ने कहा की मुस्लिम समाज इसकी कड़ी निंदा करता है। आरोपियों का कोई भी धर्म हो उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। सोशल मीडिया पर भ्रामकता ना फैलाए ना ऐसी बातों पर ध्यान दे। मंदिर के पुजारी गोरवपुरी गोस्वामी ने बताया कि प्रतिदिन की तरह तड़के 3 बजे मंदिर आए। गेट खोला तो भगवान गणेश जी की मूर्ति के यहां गोवंश का सिर कटा पड़ा हुआ था। गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद अधिकारी आए। विधायक राजेंद्र पांडे भी मंदिर पहुंचे। मंदिर से सिर हटवा कर साफ-सफाई कराई गई। बताया जा रहा है कि घटना से जुड़ा एक सीसीटीवी भी सामने आए है। हालांकि, इस बारे में अभी पुलिस कुछ कहने को तैयार नहीं है। खबर लिखे जाने तक विरोध जारी रहा….

गुमशुदा की तलाश : रतलाम की महिला इंदौर में हुई लापता, अपनी बड़ी बहन के साथ निकली थी घर से

पब्लिक वार्ता – इंदौर/रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर के नागरवास में रहने वाली महिला की इंदौर में गुमशुदा होने की खबर सामने आई है। लापता हुई महिला का मायका इंदौर शहर में स्थित है। 6-7 दिन पहले वह इंदौर अपने मायके पहुंची थी। महिला के गुम हो जाने की सूचना मिलते ही रतलाम से महिला का पति व अन्य परिजन इंदौर पहुंचे। लापता हुई महिला के 4 व 8 साल के 2 छोटे बेटे है और पति मोबाइल शॉप का संचालन करता है। पुलिस ने महिला की गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। गौरतलब है की इंदौर में लगातार गुमशुदगी के मामलों में इजाफा देखा जा रहा है। इंदौर के विष्णु विहार कॉलोनी में रहने वाली रेखा पति मुकेश भंडारी ने पुलिस को बताया की उसकी छोटी बहन रिंकी जैन पति अनूप जैन उम्र 29 साल निवासी नागर वास, रतलाम अपने मायके इंदौर आई थी। अपनी सहेली के घर पर गई हुई थी, जिसके बाद से वो अब तक घर नहीं पहुंची। 12 जून बुधवार को सुबह 11:30 के करीब मैंने अपनी बहन रिंकी जैन को सहेली के घर जाने के लिए इंदौर स्थित रेडिसन चौराहा शनि मंदिर के पास छोड़ा था, जो अभी तक घर वापस नहीं आई है। मोबाइल भी स्विच ऑफ बता रहा है। जिसके बाद अपनी बहन की तलाश आसपास और उसके ससुराल में की लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। मामले में विजय नगर थाना पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शूर कर दी है। परिजन भी महिला की तलाश में जुट गए है।

भरोसे का घोंटा गला : बुजुर्ग दंपत्ति ने जिस किराएदार को रखा बेटे जैसा, उसी ने घर का ताला तोड़ किया लाखों रुपयों पर हाथ साफ

12 घंटे में माणक चौक पुलिस ने किया चोरी का पर्दाफाश, आरोपी गिरफ्तार पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर के माणक चौक थाना क्षेत्र अंतर्गत एक बुजुर्ग दंपत्ति के साथ उसी के किराएदार ने विश्वासघात कर दिया। पति – पत्नी दोनों की कोई संतान नहीं होने से किराएदार को ही उन्होंने अपना बेटा माना और उसे बेटे की तरह रखा। लालची किराएदार ने भरोसे का गला घोंटते हुए दंपत्ति के बंद घर में ताला तोड़ चोरी को अंजाम दे दिया। यह पैसा कैंसर के इलाज के लिए जमा किया हुआ था। माणक चौक थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के 12 घंटे में आरोपी सोहेल पिता इफ्तेखार पठान (27) निवासी मौलाना आजाद नगर (हालमुकाम लक्ष्मी नगर) को गिरफ्तार कर लिया है। विवेचना में जुटी माणकचौक थाने की पुलिस टीम को पुरुस्कार की घोषणा की गई है । गुरुवार को नवीन कंट्रोल रूम पर प्रेस वार्ता में एएसपी राकेश खाखा ने वारदात का खुलासा किया। इस दौरान सीएसपी अभिनव बारंगे, माणक चौक थाना प्रभारी रणजीत सिंगार मौजदू रहे। एएसपी राकेश खाखा ने मीडिया को बताया की लक्ष्मी नगर निवासी महिला मुकर्रम पति शेर खां मेव ने थाने में शिकायत कर बताया की वह मंगलवार/बुधवार की रात्री में अपने कैंसर से पीड़ित पति शेर खान के इलाज के लिए उसे अस्पताल ले गई थी। जहां उसे भर्ती कर उसका इलाज किया जा रहा था। घर में दोनों पति पत्नी के अलावा कोई भी नहीं था इसलिए उसने घर पर ताला लगाया हुआ था। उसी दौरान उसके सुने मकान मे कोई अज्ञात बदमाश 4 लाख 35 हजार रुपये नगदी एवं सोने की एक अंगुठी तथा चांदी के छोटे छोटे जेवर जिनकी किमत करीब 90 हजार रुपये है। इस तरह कुल 5 लाख 25 हजार रुपये घर व गोदरजे का ताला तोड़ कर चुरा ले गया। फरियादी महिला की शिकायत पर थाना माणकचौक पर अपराध क्रमांक 323/24 धारा 457,380 पंजीबद्ध कर पुलिस ने जांच शुरू की। जिसमें 12 घन्टे के भीतर ही पुलिस को सफलता मिली और आरोपी सोहेल पिता इफ्तेखार पठान जो की महिला का किराएदार था उसे गिरफ्तार कर लिया गया। खुद आरोपी ने महिला को दी सूचनाआरोपी किराएदार सोहेल फरियादी महिला मुकर्रम खान के मकान में 6-7 माह से किराए से रह रहा था। आरोपी सोहेल शादीशुदा है और अपने घर से अलग किराए के मकान में रह रहा था। जब उसने चोरी की वारदात को अंजाम दिया तब उसकी पत्नी मायके गई हुई थी। वह घर पर अकेला था। महिला की कोई संतान नहीं होने से उसने सोहेल को बेटे की तरह रखना शुरू कर दिया। जिससे सोहेल को उसके घर में रखी नगदी व जेवर की जानकारी लग गई। आरोपी ने ताला तोड़कर घर में हाथ साफ किया। जिसके बाद पुलिस व महिला को बरगलाने के लिए चोरी की घटना के बारे में बताया। जिससे वह संदेह के घेरे में ना आए। पुलिस ने जब मौके पर छानबीन की तो पड़ोसी की छत से नगदी व सामान मिला। जिससे यह लगे कि पड़ोस की छत और उसके पास के नाले से चोर घर में घुसे हो। लेकिन पुलिस को यहां पर संदेह हुआ और सोहेल से सख्ती से पूछताछ की। फिर उसने सब कुछ कबूल कर लिया। आरोपी सोहेल लोहे की अलमारी बनाने का काम करता है।मामले में पुलिस टीम के एएसआई बसील गणावा , प्रआर नारायणसिंह जादौन, दिलीपसिंह रावत, अमिचंद सिगारे, आरक्षक रणवीर सिंह , गोविन्द गेहलोत, विरेन्द्र बारोड, संदीप शर्मा, अशरफ खान कि महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इप्का लेबोरेटरीज का दंगलः श्रमिकों का दिशाहीन आंदोलन कितना सही और कितना गलत?, आज हड़ताल का तीसरा दिन

वेतन वृद्धि पर सुनवाई तक हाईकोर्ट का स्टे, मामला अब तक है लंबित! समझिए पूरा मामला… पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। पिछले 3 दिनों से देश की नामी दवा निर्माता कंपनी इप्का लेबोरेटरीज (ipca Laboratories) की रतलाम यूनिट पर अस्थाई श्रमिकों द्वारा हड़ताल सुर्खियों में बनी हुई है। संभवतः पहली बार इतना बड़ा कोई आंदोलन इस कंपनी के विरुद्ध देखा जा रहा है। जिसमें रतलाम की लेबोरेटरी में संचालित करीब 20 से ज्यादा प्लांट ठप्प पड़े है और प्रोडक्शन पर सीधा असर पड़ रहा है। हैरानी की बात है अस्थाई श्रमिकों ने वेतन वृद्धि का मामले को कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में लिखा ही नहीं। बल्कि ज्ञापन पूरी तरह उन पर हो रहे शोषण, सम्मान और अधिकारों की बात पर केंद्रित रहा। आज हड़ताल का तीसरा दिन है। हड़ताली श्रमिक अन्य श्रमिकों को कंपनी में जाने से रोक रहे है। इसको लेकर पुलिस में कुछ हड़ताली श्रमिकों पर मुकदमा भी दर्ज हुआ है।हालांकि इप्का के जनसंपर्क अधिकारी विक्रम कोठारी ने पब्लिक वार्ता को बताया की शासन जो दर तय करेगा हम उसी में भुगतान करने को तैयार है। हाईकोर्ट द्वारा स्टे देने पर श्रमिकों को पुरानी दरों से वेतन दिया गया। अगर शासन की दर बढ़ती है तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। आपको बता दे इप्का लेबोरेटरीज ने रतलाम में अपना यूनिट सन 1985 में स्थापित किया था। जिसके बाद तकरीबन 39 साल से इप्का रतलाम में सफलता पूर्वक अपना प्रोडक्शन कर रहा है। वहीं रतलाम यूनिट इप्का लेबोरेटरीज की अहम यूनिट मानी जाती है। कंपनी में श्रमिकों के साथ अभद्र व्यवहार या शोषण की बातें गलत है। ऐसा है तो वे प्रबंधन में शिकायत सेल से शिकायत कर सकते है। जिस पर उचित कार्रवाई होती है।उद्योगों की किल्लत और बेरोजगारी झेल रहे रतलाम में इप्का लेबोरेटरीज रोजगार का एक प्रमुख उपक्रम है। जिले के करीब 5 हजार परिवारों का रोजगार इससे सीधा जुड़ा है। हालांकि प्रदूषण संबंधी नियमों को ताक पर रखने के मामले में इप्का कई बार सुर्खियों में भी बनी रही है। इस बार भी मजदूरों की हड़ताल का कारण कुछ ऐसा ही माना जा रहा है। आइए जानते है की आखिर मजदूरों की इप्का के खिलाफ नाराजगी कितनी जायज है और उनका यह आंदोलन कितना सही या गलत है? ठेकेदारों और श्रमिकों की लड़ाई में इप्का की फजीहत!इप्का कंपनी में स्थाई और अस्थाई दो प्रकार से वर्कर काम करते है। अस्थाई में श्रमिक भी आते है जिन्हें अपनी उपस्थिति के अनुसार दैनिक वेतन मिलता है। अस्थाई श्रमिक आउटसोर्सिंग फर्म के कांट्रेक्टर या ठेकेदार द्वारा इप्का को मुहैय्या कराए जाते है। इप्का प्रबंधन का इन श्रमिकों में प्रत्यक्ष रूप से कोई हस्तक्षेप नहीं है। ठेकेदारों के साथ विशेष अनुबंध के जरिए इप्का अपने यहां श्रमिकों को रोजगार देती है। श्रमिकों का नियमानुसार बीमा, पीएफ, वेतन आदि का जिम्मा ठेकेदार की फर्म का होता है। इन श्रमिकों पर कंट्रोल व डायरेक्शन इन्हीं ठेकेदारी फर्म के सुपरवाइजर का होता है। रतलाम में जो श्रमिक इस समय हड़ताल कर रहे है वे सभी अस्थाई और दैनिक वेतन लेने वालों में है। अधिकांश श्रमिकों को वेतन वृद्धि की जानकारी है मगर उसमें वापस कटौती क्यों हुई इसकी कोई जानकारी नहीं है। ठेकेदारों और श्रमिकों के बीच की इस लड़ाई ने इप्का प्रबंधन को फजीहत में डाल दिया है। ऐसे पकड़ा वेतनवृद्धि के मामले ने तूलदरअसल मध्यप्रदेश में 1 अप्रैल 2024 से समस्त औद्योगिक एवं असंगठित श्रमिकों को 25 प्रतिशत अधिक मजदूरी देने का आदेश जारी किया गया। साल 2014 के पश्चात प्रदेश में पहली बार मजदूरों का वेज रिवीजन किया गया। इसके अनुसार प्रदेश में श्रमिकों को मई माह में बढ़ा हुआ वेतन मिला। लेकिन इसके बाद अगले महीने वापस पुरानी दर से भुगतान किया गया। इसके बाद श्रमिकों के बीच एक अपुष्ट खबर चली की जो वेतन बढ़ाकर दिया गया उसे वापस अगले माह के वेतन से काट लिया जाएगा। जिससे इप्का के श्रमिकों में असंतोष फैला और उन्होंने मौखिक विरोध शुरू किया। श्रमिकों में कई बातों का आक्रोश पहले से भरा पड़ा था। जिसमें ठेकेदार व सुपरवाइजर द्वारा उनसे अभद्र व्यवहार करना, गाली देना, ओवरटाइम, सम्मान नहीं देने जैसी बातें है, जिनको उन्होंने अपने ज्ञापन में लिखा भी है। बस इन्हीं सब कारणों से कंपनी में कुछ श्रमिकों ने विरोध का तरीका आंदोलन और हड़ताल है, यह समझाकर बाकी श्रमिकों को अपने साथ कर लिया। यह बात इप्का प्रबंधन तक पहुंची और ठेकेदारों के द्वारा श्रमिकों को समझाने का प्रयास अपने – अपने स्तर से शुरू हुआ। इसके बाद भी ठेकेदार श्रमिकों को तार्किक स्तर पर समझाने की बजाय उन पर अधिकार और धौंस जमाने की कोशिश करते रहे। जिससे मामला और बिगड़ गया। श्रमिकों ने ठेकेदारों के अंदाज को धमकी समझ लिया और फिर क्या था हड़ताल की चिंगारी को यहां से हवा मिल गई। और देखते ही देखते श्रमिकों ने एकजुट होकर कंपनी के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया। जिसके बाद आज तीसरे दिन यानी 12 जून को कंपनी के अंदर वर्कर की कमी से प्रोडक्शन और कंपनी के रेपो पर सीधा असर पड़ रहा है। आगे जानिए क्यों है दिशाहीन आंदोलन…. हाइकोर्ट का स्टे, अगली सुनवाई 1 जुलाई को!औद्योगिक और असंगठित क्षेत्र से जुड़े ट्रेंड-अनट्रेंड सभी श्रमिकों के मेहनताने में 1 अप्रैल 2024 से बढ़ोतरी की गई। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सुनवाई होने तक इस नोटिफिकेशन पर स्टे लगा दिया। दरअसल पीथमपुर औद्योगिक संगठन और मध्य प्रदेश टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन द्वारा वेतन बढ़ोतरी के नोटिफिकेशन को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी गई। इसमें कहा गया  कि इस नोटिफिकेशन को लागू करने में कई तरह की दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है। जिसके बाद डिवीजन बेंच ने इस मामले की सुनवाई होने तक इस पर स्टे का आर्डर दे दिया। जिससे पुनः श्रमायुक्त द्वारा पुरानी वेतन दर से भुगतान जारी करने के आदेश जारी किए गए। आपको बता दे इस मामले में सुनवाई दो बार टल चुकी है। इस मामले में अगली सुनवाई 1 जुलाई 2024 को होना है। वहीं श्रमिकों के एक संगठन भारतीय मजदूर संघ ने श्रमिकों के हित में एक एप्लीकेशन कोर्ट में दाखिल कर हस्तक्षेप किया है। प्रदेश महामंत्री कुलदीपसिंह गुर्जर के माध्यम से दायर एप्लिकेशन में पुराने आदेशों का हवाला देते हुए श्रमिकों की वेतन वृद्धि पर लगी … Read more

बजरंग दल ज्ञापन : प्रदेश में बढ़ रही गौवंश तस्करी को लेकर आक्रोश, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

गौरक्षा विभाग ने की मांग – जिस थाना क्षेत्र में हो तस्करी, वहां थाना प्रभारी हो निलंबित! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। विश्व हिंदू परिषद के गौरक्षा विभाग द्वारा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन प्रदेश में लगातार बढ़ती जा रही गौवंश तस्करी की रोकथाम के लिए दिया गया। सोमवार सुबह विहिप बजरंगदल के कार्यकर्ता नवीन कलेक्टर ऑफिस रतलाम में एकत्रित हुए और जमकर नारेबाजी की। नारेबाजी के बाद ज्ञापन वहां उपस्थित नायब तहसीलदार को सौंपा गया। इस दौरान प्रांत गौ रक्षा प्रमुख जगदीश धाकड़, विभाग सहमंत्री पवन बंजारा, विभाग संयोजक विनोद शर्मा, विभाग गौरक्षा प्रमुख नटवर सिंह, विभाग सामाजिक समरसता प्रमुख राहुल सोनी, जिला उपाध्यक्ष राधेश्याम रावल, जिला उपाध्यक्ष रवि निंदाने, जिला मंत्री गौरव शर्मा, जिला संयोजक मुकेश व्यास, सह संयोजक आशु टांक, गौरक्षा प्रमुख योगेश चौहान, सहगौरक्षा प्रमुख दीपक प्रजापत, जिला कोषाध्यक्ष शंकर सिंह, जिला सहमंत्री पवन देवड़ा, अक्षय गोमे, जिला सामाजिक समरसता प्रमुख मनोज पंवार, जिला सेवा प्रमुख अनिल रौतेला, लखन बरगुंडा, जिला साप्ताहिक मिलन प्रमुख सुनील राठौड़, हीरालाल सीरवी व अन्य प्रखंड के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे। ज्ञापन में रखी यह मांगेविहिप द्वारा दिए गए ज्ञापन में कहा गया की प्रदेश में गोवंश तस्करी बंद हो, पशु बाजार बंद किए जाए। यदि मेले की चिट्ठी पर गोवंश नियम विरुद्ध भरा हो तो मेला समिति पर गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाएं। आबकारी के नियम जैसे नियम विरुद्ध गोवंश परिवहन पर वहन राजसात अनिवार्य करें।जिस थाना क्षेत्र में गो तस्करी होती हैं तो थाना प्रभारी को निलंबित किया जावे। एक से अधिक बार वाहन गो तस्करी करते पकड़े जाने पर रासुका के तहत प्रकरण दर्ज किया जावे।1962 संजीवनी पशु एंबुलेंस को गोवंश के लिए 150 रुपए शुल्क से मुक्त रखा जावे। खेत की मेड़ पर लगने वाली झटका मशीन पर प्रतिबंध लगाया जावे। गो तस्करी रोकने में बलिदान या अंग विहीन होने पर गो भक्तों को गौ सेवक सम्मान दिया जाए। परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी दी जाए। गौशालाओं को भूमि आवंटन प्रक्रिया सरल कर तुरंत भूमि आवंटित की जाए। गौशालाओं को 5 हॉर्स पावर का विद्युत कनेक्शन मुक्त दिया जाए,जनभागीदारी से गौशालाओं में निर्माण कार्य की अनुमति हो। स्वयंसेवी संस्थाओं को मनरेगा से मजदूर (सेवक) दिया जावे। गोचर भूमि अतिक्रमण मुक्त की जावे। गौशालाओं द्वारा निर्मित वर्मी कंपोस्ट, किट नियंत्रक, को फर्टिलाइजर्स एक्ट से बाहर किया जाए। गौशालाओं द्वारा निर्मित वर्मी कंपोस्ट, किट नियंत्रक को शासन खरीद कर सहकारी संस्थाओं के माध्यम से बिक्री करें। गो उत्पाद को टैक्स मुक्त किया जाएं। पशु जांच चौकिया स्थापित की जाए। गो समाधि स्थल का चयन कर सुरक्षित की जाए। प्रदेश में नवनिर्मित मनरेगा गौशाला को पूर्ण कर गोवंश रखा जाए ताकि बारिश में गोवंश सुरक्षित रह सके। प्रत्येक गोपालक जो की घर में गौ माता की सेवा करता है। उसे प्रति गाय के हिसाब से प्रति माह 1200 रुपए गो वंदन राशि दी जाए।

सट्टे पर संग्राम : 4 दिन पहले स्टेशन रोड पुलिस की सटोरियों पर दबिश, रेलवे साईकील स्टैंड ठेकेदार का भाई रवि मीणा और साथी फरार

पहले भी कर चुका है पुलिसकर्मियों से हाथापाई, लॉज के पीछे चल रहा था अंक वाला सट्टा पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर के स्टेशन रोड पर पुलिस द्वारा 4 दिन पूर्व सटोरियों पर बड़ी कार्रवाई की गई। जिसमें रेलवे का साईकील स्टैंड चलाने वाला ठेकेदार विजय मीणा का भाई रवि मीणा और उसका अन्य साथी अब तक फरार है। पुलिस रवि मीणा व अन्य फरार आरोपी की तलाश कर रही है। विश्वसनीय सूत्रों की माने तो साईकील स्टैंड ठेकेदार विजय मीणा व रवि मीणा साईकील स्टैंड की आड़ में कई सालो सट्टे का संचालन कर रहे है। जीआरपी में कई बार शिकायतें भी हो चुकी है मगर राजनीतिक संरक्षण और पुलिसीया सांठगांठ के चलते कोई ठोस कार्रवाई अब तक नहीं हुई है। कुछ समय पूर्व रवि मीणा पुलिसकर्मियों से उलझने के मामले में भी सुर्खियों में छाया रहा था। करीब 3 साल पहले रेलवे स्टेशन के पार्किंग एरिया में सट्टा चलाए जाने की सूचना मिलने पर रतलाम पुलिस के एसआई अनुराग यादव रतलाम रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4 के पास पार्किंग एरिया में पहुंचे थे जहां रवि मीणा और उसके साथियों ने एसआई अनुराग यादव के साथ बदतमीजी व हाथापाई की थी। जिसके कुछ माह बाद रवि मीणा ने इंटेलिजेंस के दो जवानों के साथ भी पार्किंग में गाड़ी रखने को लेकर हाथापाई की थी। गौरतलब है की थाना स्टेशन रोड पुलिस ने फ्रीगंज रोड स्थित लक्ष्मी लाज के पीछे गली मे लोगों से सट्टा अंक लिखकर पैसे ले रहे युवक को रंगेहाथ पकड़ा था। पुलिस ने मौके से जब्बार उर्फ अनवर पिता मोहम्मद रफीक अब्बासी (28) निवासी रामेश्वर मंदिर के पास जावरा रोड, सुरज उर्फ स्वाधीन पिता स्व.अशोक नांदेचा जाति जैन (27) निवासी घास बाजार, रईस खाँ पिता अब्दुल वहीद जाति मेवाती (49) निवासी जयभारत नगर, व मुजफ्फर पिता मुशर्रफ खाँ जाति मेवाती (40) निवासी काजीपुरा को रंगेहाथ धर दबोचा था। वहीं 2 अन्य आरोपी रवि मीणा निवासी मिडटाउन कॉलोनी व रवि बौरासी निवासी जावरा फाटक फरार हो गए थे। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस ने आरोपियों से 1 मोबाईल एवं 9510/- रुपये नगद जप्त व अंक लिखी पर्चियां जप्त की। पुलिस ने मामले में अप.क्र. 788/2024 धारा 4A व पब्लिक गेम्बलिंग एक्ट 109 भादवि के तहत कार्रवाई की। थाना प्रभारी दिनेश भोजक के नेतृत्व में पुलिस टीम के प्र.आर. मनोज पाण्डे, महेन्द्र फतरोड, आरक्षक नंदकिशोर, राकेश दांगी व अभिषेक पाठक की सराहनीय भूमिका रही।

नहीं चली चोरों की चालाकी : 5 महीनों में 15 से ज्यादा चोरियां करने वाला गिरोह सलाखों के पीछे, पुलिस को चकमा देने की हर कोशिश नाकाम

भेरूगढ़ जेल में दोस्त बने आरोपियों की करतूत, मोबाईल लोकेशन का रखते थे ध्यान! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। चोर चोरी करने के लिए आजकल हाईटेक हथकंडे अपनाने में जुट गए है। एक ऐसा ही मामला रतलाम के जावरा में सामने आया है। जहां पुलिस को चकमा देते हुए पिछले 5 महीनों से एक चोर गिरोह चोरियों को अंजाम दे रहा था। यह चोर मोबाइल ट्रेसिंग और सीसीटीवी से बचने के सारे इन्तेजामों के साथ चोरी को अंजाम देते। जिससे पुलिस को इनके पीछे काफी मेहनत करना पड़ी। रतलाम पुलिस ने इस गिरोह को पकड़ने के लिए 5 स्पेशल टीम गठित की। चोर गिरोह का एक सदस्य जावरा का है, जो उज्जैन के भेरूगढ़ स्थित सेंट्रल जेल में हत्या के केस में बंद था, इसी दौरान उसकी दोस्ती धार जिले के अन्य कैदियों से हुई थी। जिसके बाद गैंग बनाकर चोरी करने का सिलसिला शुरू हुआ। शनिवार को एएसपी राकेश खाखा ने जावरा में हुई एक दर्जन से अधिक चोरियों की वारदात का खुलासा प्रेस कांफ्रेंस में किया। कांफ्रेंस में जावरा सीएसपी दुर्गेश आर्मो, सिटी थाना प्रभारी जितेन्द्रसिंह जादौन भी मौजूद रहे। एएसपी राकेश खाखा ने बताया पिछले 5 माह से लगातार जावरा में चोरों की गैंग चोरी कर रही थी। जिसे पकड़ने के लिए एसपी राहुल लोढा के निर्देशन में पुलिस की 5 टीमों को लगाया गया। सायबर सेल और सीसीटीवी की मदद से आखिरकार पुलिस ने चोरों को पकड़ा और उनके पास से चोरी किए गए 12 लाख 83 हजार 500 के वाहन, आभूषण सहित वारदात में उपयोग किए जाने वाले औजार जब्त किए। चोर गिरोह के तीन आरोपियों ग्राम भिमाखेड़ी जावरा निवासी बबलू उर्फ राहुल माली (29), धार जिले के काकड़वा थाना टांडा निवासी नवल पिता बनसिंह अलावा(37), नाहवेल थाना बाग निवासी सप्पु पिता मोहन मेहड़ा(24) को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दो फरार आरोपियों धार जिले के ग्राम नाहावेल निवासी व8 उर्फ रोहित उर्फ रविंद्र पिता मानसिंह मेहड़ा व ग्राम बड़कच निवासी जोतसिंह पिता कोरसिंह डाबर की तलाश जारी है। फिलहाल पुलिस इनसे और भी जगह की गई चोरियों की जानकारी जुटा रही है। बचने के सारे हथकंडे अपनाए, लेकिन धराएएएसपी राकेश खाखा ने बताया चोर गिरोह के सभी आरोपी शातिर तरीके से चोरी को अंजाम देते। यह पहले रैकी करते और सीसीटीवी की निगरानी रखते। अधिकांश जगह इन्होंने सीसीटीवी से बचकर चोरी की। लेकिन पुलिस ने कड़ी मेहनत लगाकर आखिरकार इनको ट्रेस किया। जब भी चोरी होती इन लोगों की मूवमेंट और कद काठी से इनको सीसीटीवी में कैच किया। जिसके बाद मोबाइल लोकेशन की मदद ली गई। ये सभी इतने शातिर थे की अपना मोबाइल घर छोड़कर आते जिससे इनकी लोकेशन ट्रेस ना हो। बबलू उर्फ राहुल रेकी के बाद गिरफ्तार आरोपी नवल को किसी दूसरे के मोबाइल से सूचना देता था। इसके बाद यह चोरी की गैंग धार जिले के अलग-अलग गांव से एकजुट होकर बस से जावरा पहुंचती थी इसके अलावा यह लोग चोरी करने के दौरान दूसरे मोबाइल का उपयोग करते और उसे कुछ समय में बंद कर लेते जिससे इनको ट्रेस करना मुश्किल हो रहा था। इनको पकड़ने के लिए पुलिस की 5 टीमें लगाई गई। जिसके बाद आरोपी हाथ लगे। जावरा निवासी आरोपी बबलू माली ने सिमकार्ड के दस्तावेजों में पता भेरूगढ़ जेल का दे रखा है। जिससे पुलिस और भी गुमराह हुई। इसने अपना पता भेरूगढ़ सेंट्रल जेल कैसे करवाया और उस पते का सिमकार्ड लिया इसकी भी जांच की जाएगी। भेरूगढ़ में हुई दोस्ती, शुरू कर दी रेकीजावरा क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों को लेकर एसपी राहुल लोढ़ा के निर्देश पर टीम गठित कर गैंग की पड़ताल शुरू की गई। जावरा बस स्टैंड पर सीसीटीवी फूटेज और घटनास्थल पर फूटेज जांचने के बाद कुछ अहम सुराग हाथ लगे थे। इसके आधार पर सबसे पहले जावरा औद्योगिक थाना अंतर्गत ग्राम भीमाखेड़ी निवासी बबलू उर्फ राहुल (29) पिता कन्हैयालाल माली को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसने कबूला कि वह पूर्व में हत्या के मामले में भेरूगढ़ जेल में बंद था। जेल में उसकी मुलाकात नवल (37) पिता बनसिंह अलावा निवासी काकड़वा थाना टांडा (जिला धार) से हुई थी। नवल भी एक अन्य हत्या के केस में भेरूगढ़ जेल में था। जमानत पर छूटने के बाद दोनों ने वापस एक-दूसरे से संपर्क किया। इसके बाद बबलू उर्फ राहुल माली जावरा की कॉलोनियों में दिन में रैकी करता। ताले लगे घरों को चिंहित करने के बाद अन्य आरोपियों के साथ रात में  चोरी की वारदात को अंजाम देकर वापस चले जाते थे। काफी समय से हो रही चोरियों की वारदात पुलिस के लिए चुनौती बन चुकी थी। इसके लिए पुलिस ने जमीनीस्तर पर घटनास्थल पर प्राप्त सीसीटीवी फूटेज और चोरों की गैंग के मूवमेंट को अलग-अलग सार्वजनिक स्थानों पर मूवमेंट को आपस में मिलाया। आरोपियों की कद-काठी और हुलिए के आधार पर पुलिस ने जावरा के ग्राम भीमाखेड़ी निवासी बबलू उर्फ राहुल पिता कन्हैयालाल पर नजर रखना शुरू की। उसकी गतिविधियां संदिग्ध होने पर जब हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अब तक जावरा में 15 चोरी की वारदात धार जिले की चोर गैंग के साथ करना कबूला। इनकी रही सराहनीय भूमिकापुलिस टीम के एसआई रघुवीर जोशी, हेड कांस्टेबल जाकीर खान ,  मृदंग सातपुते, अजय दुबे, आरक्षक नितिन, ललित जगावत, यशवंत जाट, रामप्रसाद मीणा, जीवन, राधेश्याम, राजेश, अभय, अंतिम, सुरेन्द्र, लक्ष्मण, सोनपाल, स्नेहपाल, दिपेन्द्र, देवन्द्र शर्मा, आकाश, अश्विन, मोहित एवं सायबर सेल के विपुल भावसार की सराहनीय भुमिका रही।