LPG crisis India: LPG संकट का असर इंटरनेट पर? गैस की किल्लत से मोबाइल नेटवर्क ठप होने की आशंका

LPG crisis India: अमेरिका-ईरान-इजराइल तनाव के बीच भारत में LPG सप्लाई पर दबाव बढ़ रहा है। टेलीकॉम कंपनियों ने चेतावनी दी है कि अगर संकट लंबा चला तो मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। LPG crisis India: अमेरिका, ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दिखने लगा है। इस तनाव के कारण भारत में एलपीजी (LPG) की सप्लाई पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो इसका असर केवल रसोई गैस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाओं पर भी पड़ सकता है। टेलीकॉम टावरों के संचालन पर बढ़ सकता है असर दरअसल, कई जगह टेलीकॉम टावरों और डेटा सेंटरों के बैकअप जनरेटर के लिए एलपीजी का इस्तेमाल किया जाता है। यदि गैस की आपूर्ति बाधित होती है तो टेलीकॉम कंपनियों को संचालन में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।हालांकि कंपनियों के पास बिजली और अन्य ईंधन के विकल्प मौजूद होते हैं, लेकिन लंबे समय तक एलपीजी की कमी रहने पर संचालन लागत बढ़ सकती है और कुछ क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या भी सामने आ सकती है। DIPA ने सरकार को दी चेतावनी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन (DIPA) के अनुसार, सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद तेल कंपनियों ने टेलीकॉम टावर निर्माण से जुड़ी कुछ इकाइयों को एलपीजी की आपूर्ति रोक दी है।हालांकि फिलहाल देश में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं, लेकिन स्थिति लंबी चली तो समस्या बढ़ सकती है। टेलीकॉम टावर निर्माण भी हो सकता है प्रभावित टेलीकॉम टावर बनाने वाली फैक्ट्रियों में गैल्वनाइजेशन प्लांट में जिंक को पिघली हुई अवस्था में बनाए रखने के लिए लगातार ईंधन की जरूरत होती है।कुछ कंपनियों ने फिलहाल कम लौ पर प्लांट चलाने का विकल्प अपनाया है, लेकिन यदि एलपीजी की कमी जारी रही तो उत्पादन बंद करना पड़ सकता है। इससे नए टेलीकॉम टावरों के निर्माण में देरी हो सकती है और नेटवर्क विस्तार की गति धीमी पड़ सकती है। क्यों जरूरी है मजबूत टेलीकॉम नेटवर्क आज के दौर में टेलीकॉम नेटवर्क केवल कॉल और इंटरनेट तक सीमित नहीं है। 5G नेटवर्क, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े ऑपरेशन, आपातकालीन सेवाएं, डिजिटल भुगतान, सरकारी ऑनलाइन सेवाएं और टेलीमेडिसिन जैसी सुविधाएं पूरी तरह इस नेटवर्क पर निर्भर करती हैं। ऐसे में इसकी निर्बाध उपलब्धता बेहद जरूरी है। सरकार से की गई अहम मांग DIPA ने दूरसंचार विभाग से मांग की है कि टेलीकॉम टावर निर्माण इकाइयों को एलपीजी और एलएनजी आपूर्ति पर लगे प्रतिबंध से छूट दी जाए। साथ ही टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता के आधार पर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव से बढ़ी वैश्विक चिंता दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। दुनिया के कुल तेल और गैस व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है।यदि इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो वैश्विक ऊर्जा बाजारों में कीमतों में उछाल और सप्लाई संकट की स्थिति बन सकती है।

PM Kisan: 13 मार्च को आएगी PM किसान की 22वीं किस्त, करोड़ों किसानों के खाते में ट्रांसफर होंगे 2000 रुपये

पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त 13 मार्च को जारी होगी। पात्र किसानों के बैंक खातों में 2000 रुपये सीधे ट्रांसफर किए जाएंगे। जानिए किसे मिलेगा लाभ और कैसे चेक करें अपना स्टेटस। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PM Kisan: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Yojana) के तहत देशभर के करोड़ों किसानों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। केंद्र सरकार ने योजना की 22वीं किस्त जारी करने की तारीख का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। सरकार के अनुसार 13 मार्च को पात्र किसानों के बैंक खातों में 2000 रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी। इस घोषणा के बाद लंबे समय से किस्त का इंतजार कर रहे किसानों को बड़ी राहत मिली है। 2019 में शुरू हुई थी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को की गई थी। इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। यानी हर चार महीने में 2000 रुपये सीधे किसानों के खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं। अब तक सरकार किसानों को 21 किस्तें जारी कर चुकी है, जबकि अब 22वीं किस्त जारी होने जा रही है। किसानों को होली से पहले मिली खुशखबरी पिछले कुछ समय से किसानों के बीच यह चर्चा चल रही थी कि फरवरी के अंत तक किस्त जारी हो सकती है। इसके बाद कई रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि होली से पहले किसानों को किस्त मिल सकती है। अब सरकार ने आधिकारिक रूप से घोषणा करते हुए बताया है कि 13 मार्च को किसानों के खातों में 2000 रुपये की किस्त ट्रांसफर की जाएगी। इन कारणों से अटक सकती है किस्त कुछ किसानों को इस बार किस्त मिलने में परेशानी भी हो सकती है। अगर किसान ने जरूरी प्रक्रियाएं पूरी नहीं की हैं तो उनकी किस्त रुक सकती है। मुख्य कारण इस प्रकार हैं— इन वजहों से कई किसानों की किस्त अटक सकती है। ऐसे चेक करें अपने खाते की स्थिति किसान आसानी से ऑनलाइन यह जांच सकते हैं कि उनके खाते में किस्त आएगी या नहीं। इसके लिए उन्हें पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद ये स्टेप्स फॉलो करें— रुकी हुई किस्त भी मिल सकती है अगर किसी किसान की किस्त पहले किसी कारण से रुक गई थी और उसने अब सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं, तो भविष्य में उसे किस्त का लाभ मिल सकता है। कुछ मामलों में पहले की रुकी हुई किस्त भी बाद में जारी की जा सकती है, हालांकि यह पूरी तरह जांच और पात्रता पर निर्भर करता है।

Share Market: 1300 अंक टूटा सेंसेक्स: शेयर बाजार में कोहराम, निवेशकों के 5 लाख करोड़ डूबे

भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 1300 अंक टूटा और निफ्टी 23,900 के नीचे बंद हुआ। निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपये डूबे, जानिए गिरावट की बड़ी वजह। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Share Market: बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 1,342.27 अंक यानी 1.72% गिरकर 76,863.71 पर बंद हुआ, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 394.75 अंक यानी 1.63% टूटकर 23,866.85 के स्तर पर बंद हुआ। इस तेज गिरावट के कारण निवेशकों को बड़ा झटका लगा और बाजार पूंजीकरण में करीब 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की कमी दर्ज की गई। टॉप 30 शेयरों में अधिकांश में गिरावट बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 2 शेयरों में तेजी देखने को मिली, जबकि बाकी 28 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। बाजार की इस गिरावट में कई बड़े शेयरों ने अहम भूमिका निभाई। इनमें प्रमुख रूप से बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, भारती एयरटेल और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। निवेशकों की कमाई हुई साफ मंगलवार को शेयर बाजार में तेजी के कारण निवेशकों को करीब 6 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ था, लेकिन बुधवार की गिरावट ने यह कमाई लगभग पूरी तरह मिटा दी। बीएसई का कुल मार्केट कैप मंगलवार को करीब 447 लाख करोड़ रुपये था, जो गिरकर 441.90 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। इन सेक्टरों में ज्यादा गिरावट बाजार में आई इस गिरावट का असर कई सेक्टरों पर देखने को मिला। इन सभी क्षेत्रों के शेयरों में दबाव देखने को मिला। एफआईआई की बिकवाली बनी बड़ी वजह शेयर बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भी रही। 10 मार्च को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 4,673 करोड़ रुपये की नेट सेलिंग की। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 6,333 करोड़ रुपये की खरीदारी की, लेकिन यह बाजार को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं रही। प्रॉफिट बुकिंग का भी असर पिछले कारोबारी सत्र में बाजार में तेजी के बाद कई निवेशकों ने मुनाफावसूली यानी प्रॉफिट बुकिंग की। इससे भी बाजार पर दबाव बढ़ा और इंडेक्स नीचे आ गए। मिडिल ईस्ट संकट से बढ़ी चिंता वैश्विक स्तर पर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमलों की खबरों ने बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ। इंडिया VIX में उछाल बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडेक्स इंडिया VIX भी 11 मार्च को 8% से ज्यादा बढ़कर 20.5 पर पहुंच गया। इसका मतलब है कि आने वाले समय में बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। बाजार में आगे क्या रहेगा रुख विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक हालात, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों का रुख आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेगा। फिलहाल निवेशकों को सावधानी के साथ निवेश करने और किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले वित्तीय सलाहकार की सलाह लेने की सलाह दी जा रही है।

गधा पालन पर सरकार दे रही लाखों की सब्सिडी, जानिए क्या है योजना और कैसे उठाएं फायदा

राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत केंद्र सरकार गधा, घोड़ा और ऊंट पालन को बढ़ावा देने के लिए 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दे रही है। जानिए योजना की पूरी जानकारी और आवेदन प्रक्रिया। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। देश में गधों की लगातार घटती संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ी पहल की है। राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) के तहत अब गधा पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार आर्थिक सहायता दे रही है। इस योजना के तहत गधे, घोड़े और ऊंट पालने वालों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है, जो अधिकतम 50 लाख रुपये तक हो सकती है। सरकार का उद्देश्य इन पशुओं का संरक्षण करना और पशुपालकों को नया रोजगार उपलब्ध कराना है। गधे के साथ इन जानवरों के लिए भी मिलेगा लाभ इस योजना के तहत सिर्फ गधा ही नहीं बल्कि घोड़े और ऊंट के पालन के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाएगी।अगर कोई पशुपालक इन पशुओं के पालन के लिए 1 करोड़ रुपये तक का प्रोजेक्ट शुरू करता है, तो सरकार उसमें 50 फीसदी यानी 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी देगी। योजना का फायदा लेने के लिए कितने गधे पालने होंगे? योजना के तहत सब्सिडी पाने के लिए पशुपालक को एक यूनिट बनानी होगी जिसमें— पालने होंगे। इसके लिए सरकार की ओर से 50 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी दी जाएगी। यह राशि अधिकतम 50 लाख रुपये तक हो सकती है। सरकार यह सहायता दो किस्तों में देती है— घोड़े और ऊंट के लिए क्या है नियम? घोड़ा पालन के लिए एक यूनिट में— पालने होंगे। वहीं ऊंट पालन के लिए यूनिट का आकार अलग-अलग प्रोजेक्ट के हिसाब से तय किया जाता है। कैसे करें आवेदन? इस योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक पशुपालकों को राष्ट्रीय पशुधन मिशन की आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन करना होगा। आवेदन के लिए प्रक्रिया इस प्रकार है— क्यों जरूरी है यह योजना? पिछले कुछ वर्षों में देश में गधों की संख्या तेजी से कम हुई है। कई इलाकों में गधे पारंपरिक कामों जैसे ईंट-भट्टों और ग्रामीण परिवहन में उपयोग होते रहे हैं। ऐसे में सरकार इस योजना के जरिए गधों के संरक्षण के साथ पशुपालन आधारित रोजगार को बढ़ावा देना चाहती है।

मिडिल ईस्ट युद्ध से तेल 100 डॉलर पार, भारत में महंगाई का खतरा बढ़ा

मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के बीच कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल पार पहुंच गई है। भारत में महंगाई और LPG-पेट्रोल की कीमतों पर इसका असर पड़ सकता है। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए गए हमले के बाद शुरू हुआ संघर्ष अब गंभीर रूप ले चुका है। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने क्षेत्र के कई देशों को निशाना बनाया, जिसके चलते तेल उत्पादन और सप्लाई पर असर पड़ने लगा है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जो युद्ध शुरू होने के बाद से करीब 42% ज्यादा है। इससे भारत जैसे देशों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का लगभग 90% कच्चा तेल आयात करता है। भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है असर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर महंगाई और आम लोगों के बजट पर पड़ सकता है। रिजर्व बैंक के अनुमान के मुताबिक अगर कच्चे तेल की कीमतों में 10% की बढ़ोतरी का पूरा बोझ उपभोक्ताओं पर डाला जाता है तो इससे महंगाई में 30 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी हो सकती है और आर्थिक विकास दर में करीब 15 बेसिस पॉइंट्स की कमी आ सकती है। तेल महंगा होने से पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ परिवहन लागत भी बढ़ती है, जिससे खाद्य पदार्थों और अन्य जरूरी सामानों की कीमतें भी ऊपर जा सकती हैं। होर्मुज स्ट्रेट पर संकट से बढ़ी चिंता खाड़ी क्षेत्र एशियाई देशों के लिए ऊर्जा आपूर्ति का सबसे बड़ा केंद्र है। साल 2025 में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाला करीब 87% कच्चा तेल और 86% LNG एशियाई देशों में ही पहुंचा था। ऐसे में इस समुद्री मार्ग पर खतरा बढ़ने से सप्लाई बाधित होने का जोखिम भी बढ़ गया है। LPG की कीमतों पर भी असर मिडिल ईस्ट संकट का असर अब घरेलू गैस पर भी दिखने लगा है। हाल ही में LPG की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है, जो करीब एक साल बाद पहली वृद्धि है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा LPG उपभोक्ता है और देश में 90% से ज्यादा LPG मिडिल ईस्ट से आयात होती है। सरकार क्या कदम उठा सकती है? सरकार पहले भी तेल की कीमतों के झटके को कम करने के लिए टैक्स में कटौती जैसे कदम उठा चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो सरकार को फिर से टैक्स में राहत, रणनीतिक तेल भंडार के उपयोग और वैकल्पिक सप्लाई स्रोतों जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं। आम लोगों पर क्या असर होगा? तेल की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं तो आने वाले समय में फिलहाल सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है, लेकिन अगर युद्ध लंबा चला तो इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई दे सकता है।

Indian Railways PPP Policy: भारतीय रेलवे की PPP पॉलिसी में बदलाव की तैयारी, निवेश और प्रोजेक्ट्स को मिलेगा बढ़ावा

Indian Railways PPP Policy: भारतीय रेलवे 10 साल पुरानी PPP पॉलिसी में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। कंसेशन पीरियड 50 साल तक बढ़ाने और जमीन अधिग्रहण की जिम्मेदारी रेलवे लेने के प्रस्ताव से रेलवे प्रोजेक्ट्स में निजी निवेश बढ़ेगा और इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित होगा। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Indian Railways PPP Policy: यात्रियों की सुविधाओं और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए भारतीय रेलवे अब अपनी 10 साल पुरानी प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (PPP) पॉलिसी में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य निजी निवेशकों को ज्यादा सुरक्षा देना, जोखिम कम करना और रेलवे प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करना है। रेलवे की नई रणनीति के तहत दो बड़े बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं, जिनसे प्राइवेट कंपनियों के लिए रेलवे परियोजनाओं में निवेश करना पहले से ज्यादा आसान और आकर्षक हो जाएगा। 50 साल तक बढ़ सकता है कंसेशन पीरियड फिलहाल रेलवे के PPP प्रोजेक्ट्स में कंसेशन पीरियड 20 से 35 साल के बीच होता है। अब रेलवे इसे बढ़ाकर 50 साल तक करने का प्रस्तावला रहा है। इससे निजी कंपनियों को अपने निवेश की लागत निकालने के लिए ज्यादा समय मिलेगा और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निवेश करने का भरोसा भी बढ़ेगा। रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw पहले ही गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल (GCT) के लिए 50 साल का कंसेशन पीरियड घोषित कर चुके हैं, जिसे इस नई पॉलिसी की शुरुआत माना जा रहा है। जमीन अधिग्रहण की जिम्मेदारी रेलवे की होगी मौजूदा व्यवस्था में PPP प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया और खर्च का बोझ निजी कंपनियों पर पड़ता है, जबकि जमीन रेलवे की होती है। इस कारण कई प्रोजेक्ट्स में देरी हो जाती है। प्रस्तावित बदलाव के अनुसार अब जमीन अधिग्रहण की पूरी जिम्मेदारी रेलवे खुद ले सकता है। यह कदम हाईवे प्रोजेक्ट्स के अनुभव को देखते हुए उठाया जा रहा है, जिससे परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें। 35 हजार करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स रेलवे ने मार्च 2028 तक PPP मॉडल के तहत 15 बड़े प्रोजेक्ट्स को चुना है, जिनकी कुल लागत करीब 35,817 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं में नई रेल लाइन बिछाना, ट्रैक डबल करना और स्टेशन रीडेवलपमेंट जैसे काम शामिल हैं। वहीं, 2012 की मौजूदा PPP पॉलिसी के तहत दिसंबर 2025 तक 18 प्रोजेक्ट्स (16,686 करोड़ रुपये) पूरे हो चुके हैं, जबकि 7 प्रोजेक्ट्स (16,362 करोड़ रुपये) पर अभी काम जारी है। रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बड़ा फायदा नई PPP पॉलिसी लागू होने से रेलवे प्रोजेक्ट्स में निजी निवेश बढ़ेगा, काम की गति तेज होगी और रेलवे का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही देश में लॉजिस्टिक्स और माल परिवहन को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

Dhurandhar 2 Trailer: रणवीर सिंह का दमदार एक्शन अवतार, बदले की कहानी से बढ़ी फैंस की एक्साइटमेंट

Dhurandhar 2 Trailer रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा गया है। रणवीर सिंह के दमदार एक्शन, संजय दत्त और अर्जुन रामपाल के खतरनाक किरदार ने फिल्म को लेकर उत्साह बढ़ा दिया है। जानिए ट्रेलर में क्या है खास। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Dhurandhar 2 Trailer: बॉलीवुड अभिनेता Ranveer Singh की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘धुरंधर 2’ का ट्रेलर आखिरकार रिलीज हो गया है। करीब 3 मिनट 25 सेकेंड के इस ट्रेलर ने रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर धूम मचा दी है। ट्रेलर में जबरदस्त एक्शन, दमदार डायलॉग और बदले की कहानी की झलक देखने को मिल रही है, जिससे फैंस की एक्साइटमेंट और भी बढ़ गई है। ट्रेलर में दिखा रणवीर सिंह का खतरनाक अंदाज ट्रेलर की शुरुआत ही जबरदस्त एक्शन सीन से होती है, जिसमें Ranveer Singh पहले से ज्यादा आक्रामक और खतरनाक अंदाज में नजर आते हैं। कहानी में यह सवाल उठाया गया है कि रहमान डकैत की मौत के बाद ल्यारी का नया बादशाह कौन होगा? ट्रेलर के कई सीन देखकर ऐसा लगता है कि ल्यारी की कमान अब रणवीर सिंह के हाथ में आ गई है। एक सीन में पाकिस्तान के लोग उनकी जीत का जश्न मनाते हुए भी नजर आते हैं, जिससे कहानी में सस्पेंस और बढ़ जाता है। सच्चाई सामने आने पर मचा हड़कंप ट्रेलर में आगे दिखाया गया है कि जब ल्यारी के लोगों को रणवीर सिंह की असली पहचान और सच्चाई का पता चलता है, तो सभी हैरान रह जाते हैं। इसी के साथ फिल्म में बदले की एक बड़ी कहानी का संकेत मिलता है। संजय दत्त और अर्जुन रामपाल का दमदार रोल फिल्म में Sanjay Dutt और Arjun Rampal भी बेहद दमदार किरदार में नजर आए हैं। खासकर अर्जुन रामपाल का खतरनाक अंदाज ट्रेलर में अलग ही प्रभाव छोड़ता है। ट्रेलर का एक डायलॉग –“पाकिस्तान का मुस्तकबिल अब हिंदुस्तान तय करेगा”दर्शकों को काफी पसंद आ रहा है और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ईद पर होगी रिलीज, बॉक्स ऑफिस क्लैश टला निर्देशक Aditya Dhar के निर्देशन में बनी ‘धुरंधर 2’ 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। पहले इसी दिन Yash की फिल्म Toxic भी रिलीज होने वाली थी, लेकिन मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण इसकी रिलीज डेट आगे बढ़ाकर 4 जून 2026 कर दी गई है। ऐसे में ईद के मौके पर बॉक्स ऑफिस पर किसी बड़ी फिल्म से टक्कर नहीं होगी। पहली फिल्म ने किया था 1300 करोड़ से ज्यादा कलेक्शन गौरतलब है कि Dhurandhar 5 दिसंबर 2025 को रिलीज हुई थी। फिल्म में Ranveer Singh, Akshaye Khanna, Arjun Rampal, R. Madhavan, Sanjay Dutt और Sara Arjun जैसे कलाकार नजर आए थे। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत में 838.50 करोड़ रुपये और दुनियाभर में 1305.35 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था। अब ट्रेलर देखने के बाद साफ है कि ‘धुरंधर 2’ भी एक बड़ी एक्शन ब्लॉकबस्टर साबित हो सकती है।

Gold Rate Today: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सोना-चांदी चमके, 24 कैरेट सोना ₹1.63 लाख के पार

Gold Rate Today 7 March 2026: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी तेजी, जानें 24K, 22K और 18K गोल्ड का ताजा भाव और बड़े शहरों में आज का सराफा रेट। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Gold Rate Today: सराफा बाजार में कई दिनों की गिरावट के बाद शनिवार (7 मार्च 2026) को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों का रुझान फिर से सुरक्षित निवेश यानी सोने और चांदी की ओर बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और लगातार हो रही जवाबी कार्रवाइयों के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम वाले बाजारों से पैसा निकालकर सोने और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में लगा रहे हैं, जिससे इनके दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। 24 कैरेट सोने का ताजा भाव सराफा बाजार में आज 24 कैरेट सोना 163800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। एक दिन पहले इसकी कीमत 161280 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। यानी एक ही दिन में सोना करीब 2520 रुपये महंगा हो गया है। 22 कैरेट सोने का रेट आज 22 कैरेट सोना 150150 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है।जबकि शुक्रवार को इसका भाव 147850 रुपये प्रति 10 ग्राम था। इस तरह इसमें भी करीब 2300 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 18 कैरेट सोने का भाव 18 कैरेट सोने की कीमत में भी तेजी देखने को मिली है।आज इसका भाव 122880 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि एक दिन पहले यह 121000 रुपये प्रति 10 ग्राम था। बड़े शहरों में आज का गोल्ड रेट क्यों बढ़ रही हैं सोने-चांदी की कीमतें? विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते सैन्य तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं। सोना पारंपरिक रूप से एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, इसलिए ऐसे हालात में इसकी मांग बढ़ जाती है और कीमतों में तेजी आ जाती है।

LPG Price Hike: घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा, मध्यप्रदेश में 900 रुपए के पार पहुंचे दाम

LPG गैस सिलेंडर महंगा हो गया है। घरेलू सिलेंडर 60 रुपए lPऔर कमर्शियल सिलेंडर 115 रुपए बढ़ा। मध्यप्रदेश के भोपाल और इंदौर में कीमत 900 रुपए के पार पहुंची। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। LPG Price Hike: देशभर में रसोई गैस के दामों में बढ़ोतरी ने आम लोगों के बजट पर असर डाल दिया है। 7 मार्च 2026 से घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं। तेल कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी की है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर 115 रुपए महंगा हो गया है। इस बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 853 रुपए से बढ़कर 913 रुपए हो गई है। वहीं मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों भोपाल और इंदौर में भी सिलेंडर की कीमत 900 रुपए के पार पहुंच गई है। यह बढ़ोतरी अप्रैल 2025 के बाद पहली बार की गई है, जिससे आम लोगों की रसोई का बजट प्रभावित होने की संभावना है। अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण बढ़े दाम बताया जा रहा है कि एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण हुई है। विशेष रूप से इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के चलते कच्चे तेल की आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। इस स्थिति का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों पर पड़ा है, जिसके चलते तेल कंपनियों को गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाने पड़े। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है और पेट्रोल-डीजल की सप्लाई सामान्य बनी हुई है। एमपी में भी बढ़े गैस सिलेंडर के दाम मध्यप्रदेश में गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से आम उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ा है। भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में अब घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 900 रुपए से ज्यादा हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में गैस सिलेंडर के दाम और बढ़ सकते हैं। कमर्शियल सिलेंडर भी हुआ महंगा घरेलू सिलेंडर के साथ-साथ कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 115 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और फूड बिजनेस पर पड़ सकता है। इंदौर के सराफा बाजार और छप्पन दुकान जैसे फूड हब में काम करने वाले कारोबारियों के लिए यह बढ़ोतरी लागत बढ़ाने वाली साबित हो सकती है। बड़े शहरों में घरेलू LPG सिलेंडर की नई कीमतें FAQ एलपीजी सिलेंडर के दाम क्यों बढ़े? एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का मुख्य कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और इजरायल-ईरान संघर्ष माना जा रहा है, जिससे कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। मध्यप्रदेश में सिलेंडर की नई कीमत क्या है? मध्यप्रदेश में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 60 रुपए महंगा हो गया है और भोपाल-इंदौर में इसकी कीमत 900 रुपए से ऊपर पहुंच गई है। कमर्शियल सिलेंडर कितना महंगा हुआ? कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 115 रुपए की बढ़ोतरी की गई हैLPG Price Hike:

IND vs ENG Semi Final: T20 विश्व कप 2026: भारत ने इंग्लैंड को 7 रन से हराया, फाइनल में बनाई जगह

T20 विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 7 रन से हराकर फाइनल में जगह बनाई। संजू सैमसन ने 89 रन की शानदार पारी खेली, जबकि इंग्लैंड के जैकब बेथल ने शतक लगाया। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। IND vs ENG Semi Final: टी20 विश्व कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने इंग्लैंड को 7 रन से हराकर फाइनल में जगह बना ली। वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस हाईस्कोरिंग मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 253 रन बनाए। जवाब में इंग्लैंड की टीम 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 246 रन ही बना सकी। आखिरी ओवर में इंग्लैंड को जीत के लिए 30 रन चाहिए थे, लेकिन टीम 22 रन ही बना सकी और भारत ने रोमांचक जीत दर्ज कर ली। संजू सैमसन की तूफानी पारी, शतक से चूके भारत की ओर से संजू सैमसन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 42 गेंद में 89 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। सैमसन शतक से सिर्फ 11 रन दूर रह गए। उनके अलावा हार्दिक पांड्या ने आखिरी ओवरों में दो छक्के लगाकर भारत का स्कोर 250 के पार पहुंचाया। इंग्लैंड की ओर से विल जैक्स और आदिल राशिद ने 2-2 विकेट लिए। ईशान किशन और सैमसन के बीच 97 रन की साझेदारी भारत की पारी में दूसरे विकेट के लिए ईशान किशन और संजू सैमसन के बीच 45 गेंद में 97 रन की तेज साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने भारत को मजबूत स्कोर की ओर बढ़ाया। इंग्लैंड की खराब शुरुआत 254 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने पावरप्ले में ही तीन विकेट गंवा दिए। इसके बाद जैकब बेथल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 105 रन की शतकीय पारी खेली और टीम को मुकाबले में बनाए रखा। आखिरी ओवर में बढ़ा रोमांच मैच का रोमांच आखिरी ओवर तक बना रहा। इंग्लैंड को अंतिम ओवर में जीत के लिए 30 रन चाहिए थे। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने 22 रन बना दिए, लेकिन टीम लक्ष्य से 7 रन दूर रह गई और भारत ने मुकाबला जीत लिया। भारत की प्लेइंग XI अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड की प्लेइंग XI फिल सॉल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), हैरी ब्रूक (कप्तान), जैकब बेथल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, जेमी ओवरटन, लियाम डॉसन, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद