Ratlam News: 71वां महारुद्र यज्ञ प्रारंभ; परिषद ने किया त्रिवेणी मेले का भव्य शुभारंभ, संस्कृति और खेल का अद्भुत संगम

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: त्रिवेणी तट पर 71वें वर्ष में जिस उद्देश्य को लेकर यज्ञ किया जा रहा नारायण पूर्ण करें, ऐसी हम प्रार्थना करते हैं। सनातन धर्म में यज्ञ कर्म सर्वश्रेष्ठ है, यज्ञ साक्षात विष्णु हैं और यह तो पूरे ब्रह्माण्ड के लिए यज्ञ हो रहा है। इसके लिए कार्यकर्ता धन्यवाद के पात्र हैं। सनातन परमात्मा है यहां सभी सनातनी है। यह बात शनिवार को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ त्रिवेणी के पावन तट पर शुरू हुए 71वें महारूद्र यज्ञ प्रारंभ अवसर पर महामंडलेश्वर विशोकानंद भारती ने कही। धर्मसभा के पूर्व महामंडलेश्वर, संत देवस्वरूपानंद, आत्मानंद सरस्वती आदि संतों के सान्निध्य में यज्ञ यजमान प्रेमलता व संजय दवे ने सनातन धर्म की ध्वजा फहराकर यज्ञाचार्य पंडित दुर्गाशंकर ओझा व 21 भूदेवों के मंत्रोच्चार के साथ हवन कुंड में अग्नि प्रवेश कराई। गूंजे हर हर महादेव के नारे पूरा त्रिवेणी परिसर हर-हर महादेव और सनातन धर्म…अग्नि नारायण के जयकारों से गूंज उठा। महामंडलेश्वर ने कहा कि सम्पूर्ण ब्रह्मांड सनातन के अन्तर्गत है, यज्ञ संपूर्ण ब्रह्माण्ड को ऊर्जा देने वाली नाभी है। नारी को नारायणी और नर को नारायण होना है। ये हमारी प्रकिया है। नारियों को अनुसुइयां तक पहुंचाना है, जिन्होंने तीनों देव को नियंत्रित किया है। संतों ने भी संबोधित किया। समाज प्रमुख किए गए आमंत्रितयज्ञ नारायण की आरती में विभिन्न समाज से प्रमुखों को भी आमंत्रित किया गया। जिसमें नागर ब्राह्मण समाज से दिलीप मेहता, राजपुत नवयुवक मंडल से राजेन्द्र सिंह  गोयल, भारत सिंह सिसौदिया, कायस्थ समाज से रत्नदीप निगम, गुर्जर समाज से देवेन्द्र गुर्जर एडवोकेट, राठौड़ तेली समाज से रतनलाल खन्नीवाल, क्षत्रिय पिपा समाज से रवि पंवार, नेपाली संस्कृति परिषद से नरेन्द्र श्रेष्ठ आदि मौजूद रहे। आरती पश्चात आमंत्रित सभी सनातन समाज बंधुओं का आयोजन समिति की और से भगवा दुपट्टा पहना कर स्वागत किया गया। संतों का सम्मान कर लिया आशीर्वादसनातन धर्मसभा एवं महारूद्र यज्ञ समिति संरक्षक पूर्व विधायक कोमलसिंह राठौर, अध्यक्ष अनिल झालानी, नवनीत सोनी, डॉ. राजेन्द्र शर्मा, ब्रजेश नंदन मेहता, सत्यदीप भट्ट, चेतन शर्मा आदि ने संतों का सम्मान कर आशीर्वाद लिया। समिति अध्यक्ष झालानी ने महारूद्र यज्ञ और पूर्व विधायक राठौर त्रिवेणी तट पर यज्ञ कब से ओर क्यो प्रारंभ से आज तक की जानकारी दी। इस अवसर पर लालचंद टांक, मोहनलाल भट्ट, सुरेश दवे, रमेश व्यास, पुष्पेन्द्र जोशी, कपूर सोनी, मनोज शर्मा, समरथ पाटीदार, राजेंद्रसिंह गोयल, राजेश दवे, सोहनलाल व्यास, सतीश पुरोहित, मुन्नालाल शर्र्मा, कैलाश झालानी, महिला मंडल की ताराबहन सोनी, राखी व्यास, आशा शर्मा सहित बड़ी संख्या में धर्मालुजन उपस्थित थे। मेले का हुआ शुभारंभत्रिवेणी के पावन तट पर आयोजित होने वाले 11 दिवसीय त्रिवेणी मेले का शुभारंभ शनिवार शाम 5 बजे विधिवत पूजा-अर्चना और भव्य समारोह के साथ किया गया। नगर निगम परिसर स्थित रंगमंच पर आयोजित उद्घाटन समारोह में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप, सांसद अनिता नागरसिंह चौहान और महापौर प्रहलाद पटेल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेल प्रतियोगिताओं की झलकत्रिवेणी मेले में प्रतिदिन शाम को विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें 22 दिसंबर को भजन संध्या, 23 दिसंबर को स्थानीय आर्केस्ट्रा, 24 दिसंबर को लोक गीत और नृत्य, 25 दिसंबर को श्रीकृष्ण लीला, 27 दिसंबर को बॉलीवुड नाइट और 29 दिसंबर को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।खेल भावना को बढ़ावा देने के लिए मेले में 26 दिसंबर को बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता, 27 से 29 दिसंबर तक कुश्ती, कबड्डी, खो-खो और सीनियर वॉलीबॉल जैसे खेलों का आयोजन होगा। शुभारंभ समारोह में व्यक्त विचारमहापौर प्रहलाद पटेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि त्रिवेणी मेला रतलाम की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। उन्होंने स्वच्छता और प्लास्टिक के उपयोग को कम करने पर जोर दिया।भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय ने नगर निगम द्वारा संस्कृति को जीवित रखने के प्रयासों की सराहना की। निगम अध्यक्ष श्रीमती मनीषा शर्मा ने मेले को जन-जन से जोड़ने और इसे सांस्कृतिक धरोहर के रूप में संरक्षित रखने की अपील की। मंचीय संचालन और आभार प्रदर्शनकार्यक्रम का संचालन सामान्य प्रशासन समिति प्रभारी धर्मेंद्र व्यास ने किया, जबकि आभार महापौर परिषद सदस्य अक्षय संघवी ने व्यक्त किया।इस अवसर पर नगर निगम के अधिकारी, क्षेत्रीय पार्षद और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। विशेष आयोजन और अपीलनगर निगम और महापौर परिषद ने नागरिकों से त्रिवेणी मेले में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इसे सफल बनाने की अपील की है। मेला रतलाम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को न केवल संरक्षित करता है, बल्कि नई पीढ़ी को इससे जोड़ने का माध्यम भी बनता है।त्रिवेणी मेला 31 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें हर दिन रतलाम की परंपरा, संस्कृति और खेल का अद्भुत समागम देखने को मिलेगा।

Ratlam News: श्री नित्य चिंताहरण गणपति मंदिर पर अन्नकूट महोत्सव महाआरती और महाप्रसादी का आयोजन

रतलाम – पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क| Ratlam News: रतलाम स्थित श्री नित्य चिंताहरण गणपति जी मंदिर, पेलेस रोड पर आज अन्नकूट महोत्सव का आयोजन धूमधाम से संपन्न हुआ। इस धार्मिक कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान श्री गणपति जी के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर मंदिर ट्रस्ट द्वारा भगवान गणपति जी को छप्पन भोग अर्पित किया गया। दोपहर 12 बजे महाआरती के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तजनों को महाप्रसादी के रूप में अन्नकूट वितरित किया गया। मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष जनक नागल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन हर वर्ष दीवाली के बाद होता है, जिसमें भक्तजनों को प्रसाद ग्रहण करने का सौभाग्य मिलता है। कार्यक्रम में प्रेस क्लब अध्यक्ष मुकेश गिरी गोस्वामी, उपाध्यक्ष सुजीत उपाध्याय, पत्रकार आशीष पाठक, राजेश पोरवाल, शुभ दशोत्तर, और सिकंदर पटेल सहित विशेष आमंत्रित अतिथियों का स्वागत किया गया। उन्हें दुपट्टा ओढ़ाकर तथा भगवान गणपति जी की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया गया। इस आयोजन में ट्रस्ट के अध्यक्ष जनक नागल, कार्याध्यक्ष सचिन सिंह देवड़ा, पंडित अमित रावल, मुकेश व्यास, महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती सारिका दवे, श्रीमती रत्ना पाल, राहुल शर्मा एडवोकेट, अमित देवड़ा, भुवनेश सिंह राठौर, अशोक मेहता, नवीन व्यास, रवि पंवार, और हितेश नागल ने मुख्य रूप से अतिथियों का स्वागत किया।

Ratlam News: मध निषेध सप्ताह के तहत निकाली नशामुक्ति जागरूकता रैली, 100 बालिकाओं को शैक्षणिक सामग्री वितरित

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: मध निषेध सप्ताह के तहत 2 से 8 अक्टूबर तक रतलाम के नवीन कन्या विद्यालय, आनंद कॉलोनी में नशामुक्ति के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान स्कूली छात्राओं ने बाजार क्षेत्र में जागरूकता रैली निकालकर नशामुक्ति की शपथ ली। कार्यक्रम के अंतर्गत 100 बालिकाओं को शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई, और 7 निर्धन छात्राओं की फीस के लिए आर्थिक मदद प्रदान की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत विकास परिषद के प्रदेश प्रचार मंत्री सीए शांतिलाल चपलोद ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी और कौशल विकास के महत्व पर जोर दिया। म.प्र. जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय ने नशामुक्त भारत अभियान के बारे में विस्तार से बताते हुए नशामुक्ति हेल्पलाइन नंबर 14446 की जानकारी दी। तंबाकू नियंत्रण समिति के सदस्य अशोक अग्रवाल ने नशे से होने वाले सामाजिक और आर्थिक नुकसान की चर्चा की। उन्होंने कैंसर जागरूकता पर भी जानकारी दी। वहीं, भारत विकास परिषद के जिला अध्यक्ष स्नेह सजदेव ने शिक्षा को नशे के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार बताते हुए विद्यार्थियों को शिक्षित होने की प्रेरणा दी। स्वास्थ्य विभाग रतलाम की अतिरिक्त मीडिया प्रभारी सरला कुरिल ने शिक्षा को सफलता की कुंजी बताया और कहा कि शिक्षा ही नशे की बुराइयों को दूर कर सकती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय प्राचार्य ममता अग्रवाल ने की, जिन्होंने नैतिक शिक्षा और संस्कारों के महत्व पर जोर दिया। इस आयोजन में विद्यालय के विद्यार्थी और शिक्षकगण उपस्थित थे, जिनका नशामुक्ति और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा।

सर्व पितृ अमावस्या : श्राद्ध कर्म में किन नियमों का करना होगा पालन और पितरों को प्रसन्न करने के क्या है उपाय?, जानिए…

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। सनातन धर्म में सर्व पितृ अमावस्या (Sarv Pitra Amavasya) का विशेष महत्व है। यह दिन उन पितरों के श्राद्ध के लिए होता है, जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं होती। साल 2024 में सर्व पितृ अमावस्या 2 अक्टूबर, बुधवार को पड़ेगी। इसे पितृ विसर्जनी अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन किए गए श्राद्ध कर्म और दान-पुण्य से पितृ दोष भी समाप्त होता है और पितरों को शांति मिलती है। लेकिन श्राद्ध कर्म के कुछ महत्वपूर्ण नियम होते हैं, जिनका पालन करना जरूरी है। आइए जानते हैं गरुड़ पुराण के अनुसार सर्व पितृ अमावस्या पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं। सर्व पितृ अमावस्या पर क्या करें? 1. काले तिल का प्रयोग: श्राद्ध कर्म में काले तिल का प्रयोग अनिवार्य माना गया है। तर्पण करते समय और पिंड बनाते समय काले तिल का उपयोग अवश्य करें। मान्यता है कि काले तिल में तीर्थों का जल होता है, जिससे पितर तृप्त होते हैं।  2. ब्राह्मण भोज: इस दिन ब्राह्मणों को भोजन कराने से पितरों को शांति मिलती है। ब्राह्मण भोज पितरों की संतुष्टि के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। 3. कुश का उपयोग: श्राद्ध करते समय या तर्पण देते समय कुश का उपयोग करें। गरुड़ पुराण के अनुसार, कुश का तर्पण आत्मा को शांति प्रदान करता है। 4. भूखे को भोजन कराएं: इस दिन कोई भूखा व्यक्ति दरवाजे पर आ जाए, तो उसे भोजन जरूर कराएं। पितृ पक्ष में पितर किसी भी रूप में आ सकते हैं। 5. पंचबलि निकालें: ब्राह्मण भोज से पहले पंचबलि निकालने की परंपरा का पालन करें। पंचबलि का अर्थ है 5 प्राणियों—गाय, कुत्ता, कौवा, देवता और चींटियों के लिए भोजन निकालना। 6. गीत का पाठ करें: सर्व पितृ अमावस्या के दिन गीत का पाठ करना बहुत लाभकारी माना जाता है। 7. दान-पुण्य करें: इस दिन धन, वस्त्र, अनाज और काले तिल का दान करने से पितर खुश होते हैं और वंश वृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। सर्व पितृ अमावस्या पर क्या न करें? 1. रात्रि में भोजन न कराएं: श्राद्ध का भोजन कभी भी रात में न कराएं। यह अशुभ माना जाता है। 2. तामसिक भोजन न करें: इस दिन घर के सदस्यों को तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए। 3. मौन व्रत रखें: ब्राह्मण भोज के दौरान मौन रहना चाहिए और बिना अपशब्दों का प्रयोग किए शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना चाहिए। 4. स्टील के बर्तनों का प्रयोग न करें: श्राद्ध का भोजन केले के पत्तों या स्टील के बर्तनों में नहीं परोसना चाहिए। चांदी, तांबे, कांसे के बर्तनों में भोजन परोसें। 5. कर्ज लेकर श्राद्ध न करें: यह ध्यान रखें कि श्राद्ध का आयोजन कर्ज लेकर नहीं करना चाहिए। 6. किसी का अपमान न करें: इस दिन किसी का अपमान नहीं करना चाहिए और अपशब्दों से बचना चाहिए।

Ratlam News: माधवराव सिंधिया की 23वीं पुण्यतिथि पर रतलाम मंडी प्रांगण में श्रद्धांजलि अर्पित

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Ratlam News: स्व. माधवराव सिंधिया की 23वीं पुण्यतिथि पर रतलाम कृषि उपज मंडी में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सिंधिया फैंस क्लब, रतलाम जिला और शहर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. माधवराव सिंधिया को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मंडी प्रांगण में स्थापित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया गया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, मध्यप्रदेश भाजपा कार्यसमिति  सदस्य निमिष व्यास, प्रवीण सोनी, श्रीमती मंगला देवड़ा, जीवन सिंह देवड़ा, एमआईसी सदस्य धर्मेंद्र व्यास, पार्षद हितेश कामरेड, गौरव त्रिपाठी, मधु शिरोड़कर, प्रभु नेका, महेश व्यास सहित कई प्रमुख नेता और पदाधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम में सिंधिया फैंस क्लब के जिला अध्यक्ष कीर्ति कुमार जायसवाल, शहर अध्यक्ष विक्रम लोहिया, विवेक लोहिया, राजेश कर्णधार, महेश पांचाल, चेतन शर्मा, नीरज बरमेचा, पूर्व पार्षद सत्यजीत भट्ट, सुधांशु व्यास, नरेंद्र राठौड़, पंकज चतुर्वेदी, कांतिलाल प्रजापत, राजेश दिनेश गुर्जर और अन्य पदाधिकारी भी शामिल रहे। मंडी प्रांगण में आए सभी गणमान्य व्यक्तियों ने स्व. माधवराव सिंधिया की स्मृतियों को याद किया।

MP News: गौशाला में सजाए फ़ूड स्टॉल, मेन्यू में गुलाब जामुन, रबड़ी घेवर जैसे 56 पकवान, पितरों के श्राद्ध का अनूठा कार्यक्रम

गायों के लिए शादियों के रिसेप्शन की तरह सजावट, गाय को भोजन देने से देवी-देवता होते हैं तृप्त, आयोजन में करीब 1 क्विंटल सामग्री का उपयोग. रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: मध्यप्रदेश के रतलाम में श्राद्ध पक्ष के दौरान एक अनूठा कार्यक्रम देखने में आया है। यहां एक गौशाला में मैरिज गार्डन की तर्ज पर फ़ूड स्टॉल लगाए गए। फ़ूड स्टॉल्स के साथ खाने की हर एक वैरायटी के स्टिकर्स भी लगाए। खास बात यह है की ये फ़ूड स्टॉल्स किसी इंसान के लिए नहीं बल्कि गौशाला की गायों के लिए थे। गायों के लिए मेन्यू में 56 पकवानों को बनाया गया। दरअसल रतलाम के गौसेवक परिवार द्वारा खेतलपुर स्थित गौशाला में एक अनूठा और प्रेरणादायक श्राद्ध कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में करीब 400 गायों को 56 प्रकार के विशेष व्यंजनों का भोग लगाया गया। इस अभिनव प्रयास का उद्देश्य पितृ शांति के लिए गायों की सेवा करना था। कार्यक्रम में गायों के लिए शादियों के रिसेप्शन की तरह सजावट की गई, और विभिन्न प्रकार के पकवानों के स्टॉल लगाए गए थे। मेन्यू में 56 प्रकार के व्यंजन शामिल किए गए, जो गायों के लिए एक विशेष भोग के रूप में प्रस्तुत किए गए। मेन्यू में गुलाब जामुन, जलेबी और भी बहुत कुछगायों के लिए परोसे गए भोजन में 12 प्रकार की मिठाइयों की खास व्यवस्था थी। इनमें गुलाब जामुन, जलेबी, बर्फी, काजू कतली, रबड़ी घेवर, मावा बाटी, पेड़ा, और बालूशाही जैसी मिठाइयाँ प्रमुख थीं। इसके अलावा, सेब, अनार, केला, पपीता, और पाइनएप्पल सहित 15 प्रकार के ताजे फलों का भी भोग लगाया गया। ड्राईफ्रूट्स और पशु आहार गायों के पोषण को ध्यान में रखते हुए दाख, तिल, परमल, मखाने, और गुड़ जैसे 20 – 25 प्रकार के ड्राईफ्रूट्स शामिल किए गए। इसके साथ ही, खली, कपास्या, ज्वार, बाजरा, जौ जैसे 6 प्रकार के पशु आहार और कई प्रकार की सब्जियाँ भी गायों के लिए भोग में रखी गईं। इस आयोजन में करीब 1 क्विंटल सामग्री का उपयोग किया गया। आयोजकों ने बताया कि पितरों की शांति और गौ सेवा को समर्पित यह आयोजन भविष्य में भी जारी रहेगा, ताकि समाज में इस प्रकार की सेवा का महत्व और बढ़े। पितृपक्ष में गाय का महत्वपितृपक्ष में गाय का विशेष महत्व है। इसी के कारण श्राद्ध के भोजन का एक अंश गाय माता को भी खिलाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, गाय को वैतरणी से पार लगाने वाले कहा गया है। इसके साथ ही गाय में देवी-देवताओं का वास होता है। ऐसे में गाय को भोजन देने से देवी-देवता तृप्त हो जाते है। इसके साथ बी पितर प्रसन्न हो जाते हैं। 

थमा भागवत का उल्लास : काश्यप फाउंडेशन द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का भव्य समापन, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

विधायक चेतन्य काश्यप की घोषणा, 33 लाख में विरुपाक्ष महादेव मंदिर का बनेगा भव्य द्वार पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। चेतन्य काश्यप फाउंडेशन द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का रविवार को सुप्रसिद्ध कथावाचक एवं मोटीवेशनल स्पीकर जया किशोरी ने सबको राम-राम कहकर भव्य समापन किया। उन्होने कहा कि चेतन्य काश्यप परिवार ने भव्य आयोजन किया। भगवान इन पर सदैव कृपा बनाए रखे और यह धर्म के काम करते रहे। अंतिम दिवस की कथा की शुभारंभ आरती में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी शामिल हुए। विधायक चेतन्य काश्यप ने इस मौके पर अपने फाउंडेशन से बिलपांक के प्रसिद्ध श्री विरूपाक्ष मंदिर के प्रवेश मार्ग पर 33 लाख रुपए से भव्य द्वारा बनाने की घोषणा की। भागवत समापन पर यज्ञ हुआ, जिसमें शहर विधायक ने सपरिवार आहुतियां दी। जिसके बाद भागवत पौथी का पूजन कर उन्हें विदा कर विप्रभोज कराया गया। मिनी महाकुंभ के रूप में आयोजित इस विराट आयोजन के समापन में महाप्रसादी भी हुई, जिसका असंख्य श्रद्धालुओं ने धर्म लाभ लिया। जया किशोरी ने भागवत कथा श्रवण कराते हुए कहा कि भगवान ने सीख दी है कि स्वार्थ वाला प्रेम, भक्ति, मित्रता ज्यादा समय तब नहीं टिकती। सबसे ऊपर कुछ है तो वह सिर्फ निःस्वार्थ प्रेम है। सच्चे भक्त को सिर्फ भगवान पर भरोसा होता है। भगवान अपनी हर लीला में यहीं सीख देते है। उन्होने कहा कि जीवन में आपकी संगत और सलाहकार बहुत मायने रखते है। पांच पांडव भगवान श्री कृष्ण की सलाह से सत्य के मार्ग पर चलकर बचे रहे, जबकि 100 कौरव, मामा शकुनि की सलाह मानकर खत्म हो गए। आप अपनी जिंदगी को शकुनी मामाओं से दूर रखे। दुनिया में सबसे कीमती चीज है समय, यदि आप उसे बर्बाद करेंगे तो एक दिन वह आपको बर्बाद कर देगा। कर्म का हिसाब भगवान भी चुका कर गए है। श्रीमद् भागवत कथा की यह सीख सबको याद रखनी चाहिए। कथा के शुरुआत में फाउंडेशन अध्यक्ष एवं विधायक चेतन्य काश्यप, श्रीमती नीता काश्यप, सिद्धार्थ काश्यप, पूर्वी काश्यप एवं श्रवण काश्यप ने पौथी पूजन किया। इसके बाद समिति सदस्यों एवं अतिथियों द्वारा आरती की गई। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कथा में लिया हिस्सा :केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भागवत कथा का रसपान कर रहा जनमानस ही भारत की ताकत है। जया किशोरी हमारे अतीत और भविष्य को जोड़ने का काम कर रही है। हमारी माता-बहनों की ताकत से देश आगे बढ़ रहा है। दुनिया की कोई ताकत अब हमे रोक नहीं पाएगी। गोयल ने विधायक चेतन्य काश्यप को इस भव्य आयोजन के लिए साधुवाद दिया। वड़ोदरा विधायक केयूरभाई ने फाउंडेशन एवं विधायक चेतन्य काश्यप का अभिनंदन करते हुए कहा कि जया किशोरी भागवत सप्ताह के माध्यम से धर्म, संस्कृति को संजोने का काम कर रही है। भाजपा जिला प्रभारी प्रदीप पांडे्य ने कहा कि चेतन्य काश्यप फाउंडेशन धर्म की ध्वजा लेकर जब काम करता है तब हमारा मस्तक ऊंचा होता है, हमारी छाती चौड़ी होती है। इसी कड़ी में विरूपाक्ष महादेव मंदिर के द्वार का निर्माण चेतन्य काश्यपजी द्वारा कराया जा रहा है। इस दौरान सांसद गुमानसिंह डामोर, विधायक दिलीप मकवाना, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्रसिंह लुनेरा, महापौर प्रहलाद पटेल आदि मौजूद रहे। देश को मोदी और रतलाम को काश्यप की जरूरत :अखंड ज्ञान आश्रम के स्वामी श्रीदेव स्वरूपानंद जी महाराज ने कहा कि यह भागवत कथा का कुंभ है। रतलाम में चेतन्य काश्यप धर्म प्रेमी है। भगवान यदि किसी को दौलतवान बनाए तो इतना उदारवान भी बनाए कि वह धर्म और समाज के लिए खर्च कर सके। वह सभी धर्म के लिए कार्य करते है, यह रतलाम के लिए गर्व की बात है। रतलाम में बीते दस वर्षों में जो विकास देखा है, वह अद्भुत है। देश के लिए यदि नरेंद्र मोदी की जरूरत है तो रतलाम के लिए चेतन्य काश्यप की जरूरत है। सर्व समाज के आयोजन परिवार का सौभाग्य :फाउंडेशन अध्यक्ष एवं विधायक चेतन्य काश्यप ने कहा कि जया किशोरी ने सात दिन तक जो धर्म गंगा यहां बहाई है, उससे निश्चित रूप से रतलाम में एक इतिहास बना है। कथा के आरंभ में निकली कलश यात्रा ने भी इतिहास रच दिया। समावेशी सोच के साथ सर्व समाज के आयोजन करना मेरा व परिवार का सौभाग्य है। काश्यप ने बिलपांक स्थित विरूपाक्ष मंदिर के प्रवेश मार्ग पर अपने फाउंडेशन से भव्य द्वार निर्माण की घोषणा करते हुए मंदिर के इतिहास पर प्रकाश डाला। विधायक काश्यप ने कहा कि दस वर्ष पूर्व आपने मुझे जनप्रतिनिधि बनाया। उसके बाद रतलाम के विकास की गति को बहुत तेज रखा है और इसे आगे भी जारी रखेंगे। हमे भौतिकता, शैक्षणिक, स्वास्थ्य, आध्यात्मिकता और सामाजिक समरसता को साथ लेकर चलना है। सनातन संस्कृति हमारी हिंदू संस्कृति को सदैव पल्लवित करती रहेगी। उन्होने कथा आयोजन में सहयोगियों एवं शहरवासियों का आभार जताया। विभिन्न संस्थाओं ने किया स्वागत-अभिनन्दन :कथा के आरंभ में आयोजन समिति सहित विभिन्न संस्थाओं द्वारा कथावाचक जया किशोरी एवं विधायक चेतन्य काश्यप का स्वगत-अभिनंदन किया गया। इस दौरान महाराष्ट्र समाज, माहेश्वरी समाज, अग्रवाल समाज, मारवाड़ी स्वर्णकार समाज, जनशक्ति संस्था, यादव समाज, गुजराती समाज एवं स्कूल ट्रस्ट, रतलाम प्रापर्टी ब्रोकर्स एसोसिएशन, न्यू सुपर क्लॉथ मर्चेंट एसोसिएशन, जवाहर व्यायाम शाला परिवार, मैजिक ऐसोसिएशन, सनातन धर्म महासभा, पुजारी संघ, भांभी समाज, कैलाश मानसरोवर समिति एवं रतलाम प्रेस क्लब सदस्यगण उपस्थित रहे।