MP WEATHER : अगले 2 दिनों तक प्रदेश में रहेगा बारिश का दौर, इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

भोपाल -पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। MP Weather:  शुक्रवार को भोपाल समेत मध्य प्रदेश के 23 जिलों में बारिश दर्ज की गई। खजुराहो और टीकमगढ़ में 1 इंच, जबकि नर्मदापुरम में 0.75 इंच बारिश हुई। मौसम विभाग ने उज्जैन, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी, गुना, शिवपुरी, निवाड़ी, और टीकमगढ़ में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में अब तक औसत 42.6 इंच वर्षा हो चुकी है, जिसमें मंडला में सबसे अधिक 59.5 इंच बारिश हुई है। रतलाम (Ratlam) में इस मानसून के दौरान लगभग 42 इंच बारिश दर्ज की गई है। सायसर (वायुमंडलीय दबाव) और मानसून ट्रफ की एक्टिविटी के कारण अगले दो दिन तक बारिश की संभावना बनी रहेगी, उसके बाद सिस्टम कमजोर हो सकता है। अगले 24 घंटों में उज्जैन, अलीराजपुर, और रतलाम जैसे जिलों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि मंडला, डिंडौरी, और अनूपपुर में धूप खिलने की संभावना है। भोपाल और इंदौर जैसे क्षेत्रों में हल्की बारिश जारी रहेगी, जबकि 28 सितंबर को इंदौर और उज्जैन संभागों में फिर से बारिश की संभावना है।  29 और 30 सितंबर को मौसम साफ होने की संभावना है।

Ratlam News: खाटू के कला भवन की तर्ज पर सजेगा बाबा श्याम का दरबार, भजनों के साथ भक्तों को लुभाएंगे कोलकाता के फूल

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: श्रीराधे श्याम सरकार के चतुर्थ वार्षिक उत्सव के उपलक्ष्य में श्री राधेश्याम दरबार सेवा परिवार द्वारा बाबा श्याम का चतुर्थ आनंद उत्सव रतलाम में आयोजित किया जा रहा है। यह भव्य आयोजन पावर हाउस रोड स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के पीछे लायंस क्लब हॉल में 28 सितंबर शनिवार की रात से शुरू होगा। कार्यक्रम में बाबा श्याम का दरबार खाटू के प्रसिद्ध कला भवन की तर्ज पर सजाया जाएगा, जो इस कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगा। (Khatu Shyam Ji) दरबार की साज-सज्जा के लिए कोलकाता के विशेष फूलों का उपयोग किया जाएगा, और सालासर बालाजी से श्रीराम पुजारी जी इस आयोजन के लिए विशेष रूप से पधारेंगे। बाबा श्याम के भक्तों के लिए भजन संध्याबाबा श्याम के इस वार्षिक उत्सव में भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें कई प्रसिद्ध भजन गायक बाबा की महिमा का गुणगान करेंगे। भजन गायक कनिका ग्रोवर (मनासा), दीपांशु अग्रवाल (ब्यावर), अनुज पारिक (भीलवाड़ा), प्रसन्न परसाई (रतलाम), जीतू धोरा (रतलाम) अपनी सुरीली आवाज में बाबा श्याम के भजनों की प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा, संगीत की धुनों पर मोहित बारोट म्यूजिकल ग्रुप (नागदा) भी अपनी विशेष प्रस्तुति से भक्तों को भक्ति रस में डुबो देंगे। विशेष छप्पन भोग और मंगला आरतीआगामी 28 तारीख शनिवार को रात 8 बजे से प्रारंभ होने वाला यह कार्यक्रम ब्रह्म मुहूर्त तक जारी रहेगा। बाबा श्याम के कीर्तन का विशेष आयोजन होगा, जिसमें भक्तजन रातभर बाबा के भजनों का आनंद लेंगे। कीर्तन के बाद बाबा श्याम को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा, जिसमें विशेष रूप से तैयार व्यंजनों का समावेश होगा। इसके बाद मंगला आरती की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। मां जीण भवानी और सालासर बालाजी का भी दरबार सजेगाइस आयोजन के दौरान बाबा श्याम के साथ ही मां जीण भवानी और सालासर बालाजी का भी दरबार विशेष रूप से सजाया जाएगा। श्री राधे श्याम दरबार सेवा परिवार के सेवादारों ने बताया कि इस आयोजन में शहर और आसपास के भक्तों की बड़ी संख्या में भागीदारी की संभावना है। आयोजन का उद्देश्य न केवल श्रद्धालुओं को भक्ति का अनुभव कराना है, बल्कि उन्हें बाबा श्याम की कृपा और आशीर्वाद से जोड़ना है।

परंपरा निभाता रतलाम: रिमझिम बारिश और सदाबहार गीतों पर खनके चंटिये, पुरुषों का गरबा बना आकर्षण

त्रिनेत्र सांस्कृतिक संगम समिति का 3 दिवसीय आयोजन, डालूमोदी बाजार में जुटे खेल प्रेमी रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। शहर के मध्य में आयोजित त्रिनेत्र सांस्कृतिक संगम समिति के तीन दिवसीय पारंपरिक चंटिया खेल कार्यक्रम ने पुराने जमाने की यादों को ताजा कर दिया। 26 से 28 सितंबर तक आयोजित इस आयोजन में सैकड़ों की संख्या में पुरुष खिलाड़ी बांस की चंटियों के साथ पुराने फिल्मों के सदाबहार नगमों पर थिरकते नजर आए। रिमझिम बारिश और ढोल की थाप के साथ शहनाई की सुमधुर धुनों पर खेल प्रेमियों और दर्शकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। परंपरागत तौर पर चंटियों को पुरुषों का गरबा कहा जाता है। इसमें पुरुषों के हाथ में छोटे डांडिया नहीं बल्कि 3 से 4 फिट के डंडे होते है। यह कार्यक्रम डालूमोदी बाजार में आयोजित किया गया, जहां रात 8:30 बजे से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। जैसे-जैसे रात ढलती गई, माहौल और भी जीवंत हो उठा। यह आयोजन खासतौर से पुरुषों के लिए आयोजित किया गया था, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के पुरुष खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। पुरानी पीढ़ी के खिलाड़ी जहां अपने अनुभवों और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाते नजर आए, वहीं युवा पीढ़ी भी अपनी ऊर्जा और उत्साह से कार्यक्रम में रंग भरते दिखे। पुराने दिनों की परंपरा को जीवित रखने का प्रयासइस कार्यक्रम का उद्देश्य पुरानी परंपराओं को जीवित रखना और नई पीढ़ी को इससे जोड़ना है। पुराने खिलाड़ी बताते है की चंटिया खेलने की परंपरा राजा-महाराजाओं के समय से चली आ रही है। महाराजा सज्जनसिंह के समय में यह खेल महलवाड़ा में खेला जाता था, फिर थावरिया बाजार और अब डालूमोदी बाजार में इस परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। उन्होंने त्रिनेत्र सांस्कृतिक संगम समिति के प्रयासों की सराहना की और कहा कि यह आयोजन पुराने दिनों की यादें ताजा कर देता है। शहर के युवाओं को आगे आकर इसमें सहभागिता करना चाहिए। सदाबहार गीतों की गूंज और खिलाड़ियों का जोशकार्यक्रम की शुरुआत गुरुवार रात दीप प्रज्ज्वलित कर की गई, जिसमें शहर के अखाड़े और व्यायामशाला के प्रमुखों ने हिस्सा लिया। चंटियों की खनक और खिलाड़ियों के पैरों की लय का तालमेल शहनाई वादक और ढोल की थाप के साथ मिलकर मनोरम दृश्य उत्पन्न कर रहा था। एक से बढ़कर एक पुराने सदाबहार गीतों की धुनों पर सभी खिलाड़ी पूरे जोश के साथ चंटिया खेलते नजर आए। तीन दिन तक रहेगा उत्साहत्रिनेत्र सांस्कृतिक संगम के संस्थापक अध्यक्ष सुरेंद्र वोरा और अध्यक्ष राकेश पीपाड़ा ने बताया कि यह आयोजन 28 सितंबर तक चलेगा। आयोजन स्थल पर चंटियों की विशेष व्यवस्था मंच के समीप की गई थी, ताकि खिलाड़ी बिना किसी बाधा के खेल सकें और दर्शक खेल का आनंद ले सकें। कार्यक्रम में शहरवासियों ने भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और पुराने दिनों की यादों में खो गए। रिमझिम बारिश की फुहारों के बीच रातभर खिलाड़ियों ने चंटियों के खेल का भरपूर आनंद लिया। ढोल-शहनाई की धुनों पर सदाबहार गीतों के साथ खेल की मस्ती ने जैसे माहौल को संगीतमय बना दिया। न केवल पुराने खिलाड़ी बल्कि युवा पीढ़ी भी इस आयोजन में शामिल होकर अपने आप को रोक नहीं पाई और चंटिया खेलने का लुत्फ उठाया। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम ने रतलाम के लोगों को उनकी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ा और एक बार फिर से इस परंपरा को जीवित रखने का संकल्प लिया।

Ratlam News: एसपी अमित कुमार निकले शहर की  नब्ज टटोलने, टीआई से पूछा – “हथियारबंद जवान तैनात रहता है या नहीं?”

एसपी का “एक दिवस – एक रोड” अभियान पर फोकस, जनता से जाने सुझाव, सफल होगी पहल! रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नवागत एसपी अमित कुमार (IPS Amit Kumar) ने एक अहम पहल की है। एसपी ने अपने ‘एक दिवस एक रोड’ अभियान के तहत गुरुवार को खुद शहर की सड़कों पर पैदल भ्रमण कर यातायात की स्थिति का जायजा लिया। बारिश के बावजूद, एसपी ने प्रमुख बाजार क्षेत्रों का दौरा किया और यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस दौरान उन्होंने रतलाम (Ratlam news) के व्यापारियों से मुलाकात कर उनके सुझाव भी प्राप्त किए। चांदनी चौक स्थित सराफा में निरीक्षण के दौरान एसपी ने माणक चौक टीआई सुरेंद्रसिंह गडरिया से पूछा की हथियारबंद जवान तैनात रहता है या नहीं? इस पर टीआई ने हांमी भरते हुए हां में उत्तर दिया। गुरुवार दोपहर करीब 4 बजे, एसपी अमित कुमार अपने दल के साथ शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों में पहुंचे। राम मंदिर चौराहे पर अक्सर लगने वाले जाम की स्थिति का निरीक्षण करते हुए उन्होंने पार्किंग व्यवस्था को सुधारने और अस्थायी अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। इसके बाद एसपी ने माणक चौक थाना क्षेत्र के गणेश देवरी और धानमंडी इलाके का दौरा किया। यहां उन्होंने सड़क पर अव्यवस्थित तरीके से खड़े वाहनों पर नाराजगी जाहिर की और ट्रैफिक डीएसपी अनिल राय से दिन के समय हो रही लोडिंग-अनलोडिंग की प्रक्रिया को रात में शिफ्ट करने का सुझाव दिया। कार चालक को दी समझाईशएसपी अमित कुमार का पैदल भ्रमण चांदनी चौक क्षेत्र तक जारी रहा, जहां उन्होंने स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों से बातचीत की। क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था और यातायात सुधार पर चर्चा करते हुए उन्होंने पार्किंग स्थलों का भी निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बीच सड़क पर खड़े वाहनों को देखकर यातायात डीएसपी से पूछा कि वाहन इस तरह सड़कों पर क्यों खड़े हैं। रास्ते में खड़ी एक कार को देखकर एसपी उसके चालक के पास भी गए और इस तरह कार पार्क करने पर उसे समझाईश दी। एसपी माणक चौक थाने पहुंचे और वहां व्यापारियों और नागरिकों के साथ जनसंवाद किया। उन्होंने जनता से उनके सुझावों को सुना और यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। एसपी अमित कुमार की इस पहल से शहरवासियों में यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है। शहर में यातायात व्यवस्था में जल्द सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।

DP Wires incident: डीपी वायर्स के अरविंद कटारिया और मैनेजर विजय सोनी के खिलाफ कोर्ट में आपराधिक मामला दर्ज, श्रम न्यायालय में भी चलेगा केस

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। औद्योगिक क्षेत्र में हुई एक मजदूर की दुखद मौत के मामले में शहर की प्रतिष्ठित डीपी वायर्स (DP Wires) लिमिटेड के मालिक अरविंद कटारिया और प्रबंधक विजय सोनी के खिलाफ रतलाम की मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अदालत में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। यह मामला 22 वर्षीय कर्मचारी नितिन सरोज की मौत के बाद औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा दायर किया गया है। गौरतलब है की 3 जुलाई, 2024 को नितिन सरोज, जो कि डी. पी. वायर्स में रात्रिकालीन शिफ्ट में वायर ड्राइंग मशीन पर कार्यरत था, करंट लगने से उसकी जान चली गई। घटना सुबह करीब 6 बजे हुई, जब कारखाने में बारिश का पानी फैलने से नितिन करंट की चपेट में आ गया। नितिन की शिफ्ट समाप्त होने से मात्र डेढ़ घंटा पहले ही यह हादसा हुआ था। जांच और प्रबंधन की लापरवाहीघटना की जांच औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के करखाना निरीक्षक हिमांशु सोलोमन ने की। जांच में पाया गया कि कारखाने में कारखाना अधिनियम 1948 की धारा 7ए-2सी एवं नियम 73 का उल्लंघन हुआ है। इसके चलते संचालक अरविंद कटारिया और प्रबंधक विजय सोनी को जिम्मेदार ठहराया गया। दोनों के खिलाफ आपराधिक वाद दायर किया गया है, जिसमें दोष सिद्ध होने पर एक लाख रुपए का जुर्माना, दो साल की सजा, या दोनों हो सकते हैं। श्रम न्यायालय में भी केसऔद्योगिक अधिनियम के अनुसार, मृतक श्रमिक के परिवार को क्षतिपूर्ति प्रदान करने का प्रावधान है। इसी के तहत नितिन के आश्रितों को मुआवजा दिलाने के लिए श्रम न्यायालय में भी मामला दर्ज किया गया है। परिवार की स्थिति और मजदूरों का आक्रोशमिर्जापुर, उत्तर प्रदेश से रतलाम आकर बसे नितिन का परिवार शिवनगर क्षेत्र में रहता है। उसके परिवार में एक 8 महीने का बेटा भी है। इस घटना के बाद उद्योग के मजदूरों में काफी आक्रोश है। उनका कहना है कि उद्योग में सुरक्षा मानकों की अनदेखी होती है और सभी मजदूर जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हैं। यह घटना न केवल उद्योग के सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाती है, बल्कि प्रशासन और प्रबंधन की लापरवाही की भी गंभीरता को दर्शाती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अदालत और श्रम न्यायालय इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं।

Ratlam News: रतलाम में आवारा सांडों का आतंक, 4 महीने में दूसरी मौत, नगर निगम पर उठे गंभीर सवाल!

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। रतलाम में आवारा सांडों के आतंक का खौफनाक सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को सांड के हमले में घायल एक व्यक्ति की मौत ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले 4 महीनों में सांड के हमले से यह दूसरी मौत है, जिससे शहर में आक्रोश व्याप्त हो गया। नगर निगम अधिकारियों और महापौर के खिलाफ जमकर नारेबाजी लोगों ने की। (Ratlam News) सांड की लड़ाई में घायल व्यक्ति की दर्दनाक मौतदो दिन पहले, वार्ड 23 के तेजानगर ब्लॉक में रहने वाले राजेश गुगलिया (45) और उनकी मां मोहनबाई घर के बाहर बैठे थे। तभी दो सांड लड़ते हुए आए और इन दोनों पर हमला कर दिया। हमले में मां-बेटे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जहां मोहनबाई को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, वहीं राजेश की हालत बिगड़ती चली गई। बुधवार सुबह 6 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। बताया जाता है कि राजेश को अंदरूनी चोटें लगी थीं, जिससे उनकी जान चली गई। परिजनों और स्थानीय निवासियों का फूटा गुस्सा, चक्काजामराजेश की मौत के बाद, गुस्साए परिजन और स्थानीय निवासियों ने संत रविदास चौक पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। करीब 2 घंटे तक नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। गुस्साए लोगों की मांग थी कि दोषियों पर कार्रवाई हो और परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। चक्काजाम की सूचना मिलने पर निगम कमिश्नर हिमांशु भट्ट, एसडीएम अनिल भाना समेत कई अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बावजूद परिजनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। आखिरकार, रतलाम के महापौर प्रहलाद पटेल के आश्वासन पर ही चक्काजाम खत्म किया गया। उन्होंने मृतक के परिवार रेडक्रॉस और आदि की और से 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया। नगर निगम की लापरवाही: 4 महीने में दूसरी जान गईयह पहली बार नहीं है कि रतलाम में सांड के हमले ने किसी की जान ली है। चार महीने पहले, टाटा नगर निवासी शांताबाई (60) की भी सांड की लड़ाई में मौत हो गई थी। बावजूद इसके, नगर निगम ने सड़कों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों को पकड़ने की कार्रवाई को गंभीरता से नहीं लिया। कुछ दिन तक मवेशियों को पकड़ने की मुहिम चलाई गई, लेकिन जल्द ही यह कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई। शहर की सड़कों पर मवेशियों की संख्या बढ़ते ही जा रही है। शहहर के अंदर अवैध रूप से पशुपालन करने वाले दूध निकालकर इन्हें सड़कों पर छोड़ देते है। जिससे बाजारों व गलियों में लोगों को इनका सामना करना पड़ता है। खासकर महिलाएं और छोटे बच्चे गाय व सांड के हमलों का ज्यादा शिकार हो रहे है। सांठगांठ के आरोप: निगम की टीम ने नहीं लिया सबक?स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम के अधिकारी और पशुपालक सांठगांठ कर मवेशियों को पकड़ने में लापरवाही बरतते हैं। सूत्रों का दावा है कि मवेशियों को पकड़ने की सूचना पहले ही पशुपालकों तक पहुंचा दी जाती है, जिससे वे उन्हें गायब कर देते हैं। इसके चलते सड़कों पर आवारा मवेशी बेखौफ घूमते रहते हैं, जिससे ऐसे हादसों का सिलसिला जारी है। कौन लेगा जिम्मेदारी?राजेश गुगलिया की मौत ने रतलाम में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। क्या इन मौतों का जिम्मेदार निगम है, जिसने कार्रवाई करने में कोताही बरती? आवारा मवेशियों के हमलों का शिकार हो रहे लोग कब तक इस खतरनाक स्थिति का सामना करेंगे? मामले में नगर निगम कमिश्नर ने कहा, सांड के मरने से व्यक्ति की असमय में मृत्यु हुई है, उसका सभी को दुख है। आज से नगर निगम अनाउंसमेंट शुरू करेगा। किसी का भी पशु बाहर पाया जाएगा तो उसको पकड़ा जाएगा। ऐसे पशु मालिक के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई भी की जाएगी।

Ratlam News: पैदल निकली 12 वीं की छात्राएं तो बीच रास्ते कलेक्टर पहुंचे मनाने, MP में शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलती तस्वीरें, जानिए क्या है मामला!

कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई न होने पर मजबूर होकर उठाया कदम, कन्या शिक्षा परिसर की अधीक्षिका सुनीता खराड़ी सस्पेंड, प्रिंसिपल गणतंत्र मेहता को नोटिस जारी. रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। रतलाम में मंगलवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब कन्या शिक्षा परिसर की 12वीं की छात्राएं 8 किलोमीटर पैदल चलकर अचानक कलेक्टर ऑफिस पहुंच गईं। इस अप्रत्याशित कदम से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। छात्राओं ने फिजिक्स और केमिस्ट्री के शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे उनकी पढ़ाई से पूरी तरह असंतुष्ट हैं। कई बार शिकायत के बावजूद स्कूल प्रशासन ने उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया, जिससे परेशान होकर उन्हें पैदल मार्च करने पर मजबूर होना पड़ा। (Ratlam News) छात्राओं के पैदल मार्च की खबर मिलते ही कलेक्टर राजेश बाथम ने तुरंत एडीएम और एसडीएम को गाड़ी भेजकर छात्राओं को रोकने की कोशिश की। अधिकारी आधे रास्ते में पहुंचकर छात्राओं को समझाने लगे, लेकिन छात्राएं इतनी गुस्से में थीं कि उन्होंने अधिकारियों की एक नहीं सुनी। इसके बाद खुद कलेक्टर राजेश बाथम भी उन्हें मनाने पहुंचे, लेकिन छात्राओं ने साफ कहा— “हम कलेक्टोरेट पहुंचकर ही अपनी बात रखेंगे!” वहीं इस घटनाक्रम के बाद जिला प्रशासन में हलचल मच गई है। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर स्कूल प्रशासन ने इतने समय तक छात्राओं की शिकायतों को क्यों नजरअंदाज किया? क्या स्कूल के भीतर और भी ऐसी समस्याएं हैं, जो अब तक सामने नहीं आई हैं? फिजिक्स – केमिस्ट्री टीचर्स को पढाने में नहीं इंटरेस्टकलेक्ट्रेट पहुंचते ही छात्राओं ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। छात्राओं ने कलेक्टर को बताया कि फिजिक्स और केमिस्ट्री के टीचर्स उनकी पढ़ाई में बिल्कुल रुचि नहीं ले रहे हैं। कलेक्टर बाथम ने जब मामले की गंभीरता देखी, तो तत्काल प्रभाव से कन्या शिक्षा परिसर की अधीक्षिका सुनीता खराड़ी को सस्पेंड कर दिया और प्रिंसिपल गणतंत्र मेहता को नोटिस जारी किया। साथ ही, शिकायत किए गए टीचर्स को भी बदलने के आदेश दिए गए। छात्राओं को नाश्ता कराकर गाड़ी से भेजा वापसकलेक्टर ने छात्राओं की समस्या सुनने के बाद उन्हें नाश्ता कराया और गाड़ी की व्यवस्था कर उन्हें वापस हॉस्टल भेजा। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रशासन ने छात्राओं की समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लिया और उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। कन्या शिक्षा परिसर, जो कि रतलाम से 8 किलोमीटर दूर बाजना रोड पर स्थित है, में 6वीं से 12वीं तक की 452 छात्राएं पढ़ाई करती हैं। इनमें से 12वीं कक्षा की 37 छात्राएं हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही हैं।

Hemp cultivation : MP के इस जिले में अवैध गांजा की खेती का पर्दाफाश, 7.8 किलो गांजा के 30 पौधे बरामद

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। जिले की थाना दीनदयाल नगर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध मादक पदार्थ गांजा की खेती (Hemp cultivation) का खुलासा किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में 7.8 किलो वजनी गांजे के 30 हरे पौधे बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 80,000 रुपए बताई जा रही है। रतलाम एसपी अमित कुमार ने बताया की  अवैध गतिविधियों व मादक पदार्थों से जुड़ी जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचित करें ताकि ऐसे मामलों पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की जा सके। आरोपी फरार, पुलिस जांच में जुटीपुलिस की दबिश के दौरान आरोपी रामचंद्र सिंघाड मौके से फरार हो गया और घर पर नहीं मिला। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 710/2024 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया है और उसकी तलाश की जा रही है। दीनदयाल नगर थाना प्रभारी रविंद्र दंडोतिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। उपनिरीक्षक के. एल. रजक, आरक्षक दीपक सिंह, आरक्षक दीपक वसुनिया, और आरक्षक बंकट शर्मा की भूमिका महत्वपूर्ण रही। जानकारी के अनुसार पुलिस को मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम मउड़ीपाड़ा में रामचंद्र पिता मेघा सिंगर ने अपने घर के पीछे के खेत में अवैध रूप से गांजे के पौधे लगा रखे हैं। इस सूचना पर थाना दीनदयाल नगर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। जब पुलिस टीम ने आरोपी रामचंद्र के घर के पीछे के खेत में छापा मारा, तो वहां गांजे के 30 हरे पौधे पाए गए, जिनका कुल वजन 7 किलो 817 ग्राम था।

Illegal pistol: रतलाम में अवैध हथियारों के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार, तीन पिस्टल और कारतूस बरामद

रतलाम – पब्लिक वार्ता,News डेस्क। रतलाम जिले के औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियारों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पॉइंट 32 एमएम की तीन पिस्टल (Pistol), पांच जिंदा कारतूस और एक सफेद रंग की स्कोडा कार (MP-09-ZH-9871) बरामद की गई है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की, जिसमें तीनों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए। पुलिस के अनुसार मुखबिर द्वारा सूचना मिली थी कि डेलनपुर की ओर से एक सफेद रंग की स्कोडा कार रतलाम आ रही है, जिसमें तीन व्यक्ति सवार हैं, जिनके पास अवैध पिस्टल हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने नंदलई फंटा, रतलाम-सैलाना रोड पर एक सफेद स्कोडा कार को रोक लिया। कार में तीन व्यक्ति बैठे थे, जिनसे पूछताछ करने पर उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। शक के आधार पर पुलिस ने तीनों की तलाशी ली और उनके पास से तीन अवैध पिस्टल (Illegal pistol) और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए। पुलिस ने दानिश अली (25) निवासी नयापुरा हाट रोड रतलाम, जावेद उर्फ गोलु (33) निवासी 16 शहर सराय रतलाम, व अहमद हुसैन (30) निवासी ताल नाका, जावरा को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान, दानिश अली की कमर से .32 एमएम की पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए। वहीं, जावेद और अहमद की कमर से भी .32 एमएम की पिस्टल और कारतूस मिले। तीनों आरोपियों के पास पिस्टल रखने का कोई लाइसेंस नहीं था, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि वे अवैध हथियार लेकर चल रहे थे। आर्म्स एक्ट में दर्ज किया प्रकरणआरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे अवैध हथियारों की सप्लाई के संबंध में पूछताछ की जा रही है। साथ ही, पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है। फिलहाल आरोपियों से अवैध पिस्टल कहां से लाए व इसे रखने के पीछे की वजह जैसे बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार (ips Amit Kumar) के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा और नगर पुलिस अधीक्षक अभिनव वारंगे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी औद्योगिक क्षेत्र, रतलाम वी.डी. जोशी के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। इस टीम में उपनिरीक्षक सत्येंद्र रघुवंशी, प्रधान आरक्षक योगेंद्र सिंह जादौन, दिनेश जाट, तेज सिंह जगावत, हर्षवर्धन सिंह, अमित त्यागी, जितेंद्र सिंह गौड़ सहित अन्य आरक्षकों की सराहनीय भूमिका रही।

MP’s Vyapam Scam: सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया, 11 साल में कहां पहुंची जांच!

व्यापमं घोटाले (Vyapam Scam) में 2010 से 2013 तक की अवधि में हुए भ्रष्टाचार पर जिम्मेदार अधिकारियों से पूछताछ की मांग, एसटीएफ और सीबीआई पर घोटाले की जांच में बड़े अधिकारियों को बचाने का आरोप! भोपाल – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। सुप्रीम कोर्ट ने बहुचर्चित व्यापमं घोटाले (Vyapam Scam) के मामले में सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस पूर्व विधायक और व्यापमं घोटाले के व्हिसिल ब्लोअर पारस सकलेचा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद जारी किया गया। सकलेचा ने व्यापमं घोटाले में 2010 से 2013 तक की अवधि में हुए भ्रष्टाचार पर जिम्मेदार अधिकारियों से पूछताछ की मांग की थी, जो पहले इंदौर हाईकोर्ट द्वारा खारिज कर दी गई थी। आपको बता दे 2013 में मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यवसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले का पर्दाफाश हुआ था। माना जाता है कि आजाद भारत में व्यापमं सबसे बड़ा घोटाला रहा। मामले में जब जांच शुरू हुई तो जांचकर्ता और आरोपियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने लगी। घोटाले के तार मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, आंध्र प्रदेश समेत राज्यों से जुड़े होने की बात सामने आई। आखिरकार सुप्रीम कोर्ट में यह मामला पहुंचने पर इस मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) को सौंप दी गई। व्यापमं घोटाला जांच में गड़बड़ी के आरोपपारस सकलेचा ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि एसटीएफ और सीबीआई ने व्यापमं घोटाले की जांच में बड़े अधिकारियों को बचाने के लिए कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को शामिल नहीं किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच में लीपापोती की गई है और सिर्फ छोटे रैकेटियर, दलाल, स्कोरर, छात्र और अभिभावकों पर ही कार्रवाई की गई है। सकलेचा का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर चलने वाला रैकेट सरकार और प्रशासन की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। 850 पेज का दस्तावेजी साक्ष्य पेशसकलेचा ने अपने आवेदन में लगभग 850 पेज के दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए हैं, जिसमें उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा सचिव, और व्यापमं के उच्च अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। सकलेचा का दावा है कि इन बड़े अधिकारियों की संलिप्तता के बिना व्यापमं जैसा बड़ा घोटाला संभव नहीं था। इंदौर हाईकोर्ट से निरस्त हुई थी याचिकाइससे पहले, पारस सकलेचा ने व्यापमं घोटाले को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे 19 अप्रैल 2024 को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां पर आज जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की बेंच ने सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। आरोप: बड़े अधिकारियों पर नहीं हुई कार्रवाई!सकलेचा ने अपने आवेदन में कहा कि एसटीएफ और सीबीआई को व्यापमं घोटाले के बारे में विस्तृत जानकारी और दस्तावेज देने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने एसटीएफ को 350 पेज का आवेदन और मौखिक साक्ष्य के अलावा 240 पेज के दस्तावेज सौंपे थे। इसके बावजूद, बड़े अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और केवल छोटे स्तर के लोगों पर ही शिकंजा कसा गया। प्रशासन और सरकार की भूमिका पर सवालपारस सकलेचा ने कहा कि व्यापमं घोटाले की जांच में प्रशासन और सरकार की भूमिका संदिग्ध रही है। उन्होंने बताया कि 2009 में जब व्यापमं घोटाले का पर्दाफाश हुआ था, तब भी निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की भर्ती की जांच नहीं की गई, जबकि यह भी घोटाले का एक प्रमुख हिस्सा था। अब आगे क्या ?व्यापमं घोटाले (Vyapam) की जांच को लेकर पारस सकलेचा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और क्या बड़े अधिकारियों पर कोई कार्रवाई की जाती है। गौरतलब है की व्यापमं घोटाले को करीब 11 साल हो चुके है। मध्यप्रदेश सरकार के मुताबिक रिश्वत लेकर प्रवेश परीक्षाओं और भर्तियों में नकल करने के मामले में 4046 लोगों को आरोपी बनाया गया। इसमें से 956 आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पाई है। वहीं CBI ने 1242 लोगों को आरोपी बनाया है। गौर करने वाली बात यह है कि इस मामले में मध्य प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल राम नरेश यादव के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज है। इतना ही नहीं व्यापमं घोटाले में तत्कालीन शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। एक अनुमान के मुताबिक घोटाले से जुड़े 40 से ज्यादा लोगों की संदिग्ध परिस्थतियों में मौत हो चुकी है। इनमें टीवी चैनल आजतक के पत्रकार अक्षय सिंह भी शामिल है, जिनकी मौत झाबुआ में एक इंटरव्यू के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। घोटाले के व्हिसलब्लोअर डॉक्टर आनंद राय बताते हैं कि यह घोटाला पूरी तरह से पिरामिड की तरह काम कर रहा था। इस पिरामिड में सबसे नीचे स्टूडेंट्स और उनके पैरेंट्स थे। जबकि ऊपर रसूखदार लोग थे, जिन्हें इस पूरे घोटाले का पैसा जा रहा था। जो रसूखदार लोग थे उन्हें कभी जेल नहीं हुई। कुछ लोग जेल गए भी तो सबूत के अभाव में छूट गए। 

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