Ratlam News: लक्ष्मी नगर में रंगारंग भव्य गरबा आयोजन, आज अंतिम दिन फ्रिज, वाशिंग मशीन जैसे आकर्षक उपहार

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: शहर के लक्ष्मी नगर स्थित मां अंबे माता मंदिर में इस वर्ष का नवरात्रि महोत्सव बड़े धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। माँ अम्बे नवयुवक मंडल द्वारा आयोजित नौ दिवसीय गरबा महोत्सव आज अंतिम दिन पर पहुंचेगा। मां के दरबार में हर दिन भव्य महाआरती का आयोजन रात 8:30 बजे से शुरू हुआ, जिसके बाद रात 9 बजे से गरबा उत्सव की शुरुआत की गई। नवरात्र के अंतिम दिन यानी नवमीं पर पूरी रात मां की आराधना की जाएगी। प्रतिदिन 8 से 10 लकी ड्रा का खोले जा रहे है। जिसमें फ्रिज, टीवी, चांदी की पायल जैसे आकर्षक उपहार दिए जा रहे है। समिति के जलज सांखला ने बताया महोत्सव में गरबा खेलने वाली सभी बालिकाओं के लिए प्रोत्साहन पुरुस्कार रखे गए है। पंचमी, छठ, सप्तमी व अष्टमी पर विशेष लकी ड्रॉ का आयोजन हुआ, जिसमें मिक्सर, माइक्रो ओवन, 32 इंच स्मार्ट टीवी, वाशिंग मशीन और फ्रिज जैसे आकर्षक इनाम दिए गए। सर्वश्रेष्ठ गरबा करने वाली 10 बालिकाओं का चयन कर उन्हें चांदी के सिक्के भी वितरित किए जा रहे है। शस्त्र के साथ गरबा करते हुए भी मां की आराधना की गई। नवरात्रि के समापन के बाद कन्या भोज व विशाल महाप्रसादी भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

MP News: फटाकेदार साइलेंसर वाले वाहनों पर चला बुलडोजर, बुलेट का वायरल हुआ था वीडियो

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: रतलाम में यातायात को सुरक्षित और प्रदूषण-मुक्त बनाने के लिए पुलिस ने 09 अक्टूबर 2024 को अमानक साइलेंसर वाले वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार (IPS Amit Kumar) के निर्देशन में 97 दोपहिया वाहनों की चेकिंग की गई, जिनमें से 20 वाहनों पर अवैध साइलेंसर पाए गए। इन साइलेंसरों को जप्त कर महाराजा सज्जनसिंह चौराहा स्थित चौपाटी पर बुलडोजर से नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा, उप पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार रॉय और थाना प्रभारी अनोखीलाल परमार के साथ यातायात पुलिस की टीम शामिल थी। बुलेट वाले युवक को किया ट्रेकगौरतलब है की गरबा पंडाल से लौटते समय एक युवक तेज आवाज वाली बुलेट चला रहा था, जिससे लोग परेशान हो रहे थे। इस घटना का वीडियो पुलिस तक पहुंचा, जिसके बाद एसपी अमित कुमार के निर्देश पर युवक को ट्रैक कर बुलेट को थाने लाया गया। पुलिस ने उसका 1,000 रुपये का चालान काटा और मौके पर मैकेनिक बुलाकर साइलेंसर निकलवाया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने शहर भर में ऐसे अवैध साइलेंसर के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया, जिसमें कई वाहनों पर जुर्माना लगाया गया और साइलेंसर जप्त कर नष्ट किए गए। कार्रवाई एक नजर में97 वाहनों की चेकिंग: विशेष अभियान के तहत, रतलाम शहर में 97 दोपहिया वाहनों की जांच की गई।20 अवैध साइलेंसर जब्त: जिन वाहनों में फटाकेदार और प्रदूषणकारी साइलेंसर लगे थे, उनके चालकों पर ध्वनि प्रदूषण के आरोप में चालान किया गया।साइलेंसर का नष्टीकरण: चालान के बाद जप्त साइलेंसरों को शहर के प्रमुख स्थल महाराजा सज्जनसिंह चौराहे पर बुलडोजर के माध्यम से नष्ट कर दिया गया। पुलिस की यह कार्रवाई शहर के यातायात को सुगम और ध्वनि प्रदूषण से मुक्त करने के उद्देश्य से की गई थी। अवैध साइलेंसर से निकलने वाली तेज आवाज न केवल ध्वनि प्रदूषण फैलाती है, बल्कि शहर की शांति और लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनती है। पुलिस ने जनता को आगाह किया कि इस तरह के अवैध साइलेंसर लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। पुलिस का सख्त रुखपुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने स्पष्ट किया कि इस तरह के वाहन जो कानून का उल्लंघन करते हैं, उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि रतलाम के नागरिकों को सुरक्षित और शांतिपूर्ण यातायात मिले।” इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल कानून का पालन कराना नहीं था, बल्कि शहरवासियों को जागरूक करना भी था कि अवैध साइलेंसर ध्वनि प्रदूषण का बड़ा कारण बनते हैं और यह दूसरों की शांति और स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। रतलाम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले साइलेंसर का उपयोग न करें। पुलिस ने यह भी कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और शहर के विभिन्न हिस्सों में नियमित चेकिंग की जाएगी, ताकि यातायात व्यवस्था को और अधिक सुगम और सुरक्षित बनाया जा सके।

Navratri Special: इस मंदिर में जिंदा और मुर्दा दोनों जाते है एक रास्ते से, श्मशान में बनते है दाल – बाटी और लड्डू जैसे व्यंजन, मां काली का अनोखा मंदिर

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Navratri Special: नवरात्रि की धूम पूरे देशभर में है। भक्त मां दुर्गा के नो स्वरूपों की आराधना में जुट गए है। वहीं मध्यप्रदेश के रतलाम में एक ऐसा अनोखा मंदिर है, जहां जिंदा इंसान के साथ – साथ मुर्दा इंसान भी जाता है। इस मंदिर में जाने से पहले आपको जलती चिताओं के पास से गुजरना होगा। जिसके बाद आप मंदिर में पहुंचकर मां कालिका के दर्शन करेंगे। यह मंदिर रतलाम के महू रोड बस स्टैंड स्थित भक्तन की बावड़ी पर स्थित श्मशान में है। यहां मां काली के रुद्र स्वरूप की प्रतिमा स्थापित है। इसका निर्माण काले पाषाण से किया गया है। मां कालिका की मूर्ति में तेज और प्रताप ऐसा है की आप मंत्रमुग्ध हो जाए। मानो साक्षात देवी आपके सामने प्रकट है। श्मशान में स्थापित इस मंदिर की विशेषता है की यहां आने वाले मुर्दो और जिंदा इंसान दोनों का रास्ता एक है। मुर्दे यानी मृत शरीर की तो यात्रा इस मंदिर में आने के बाद समाप्त हो जाती है, मगर जीवित इंसान यहां दर्शन कर बाहर निकलकर अपनी जीवन यात्रा जारी रखता है। जीवन और मृत्यु चक्र दिखाता मंदिरधर्मशास्त्र के जानकार बताते है की श्मशान में मां कालिका का मंदिर होना जीवन और मृत्यु के चक्र का प्रतीक है। यह स्थान एक धार्मिक और आध्यात्मिक जुड़ाव को दर्शाता है, जहां जीवन के अंतिम संस्कार के साथ-साथ देवी की पूजा-अर्चना होती है। यह दर्शाता है कि मृत्यु केवल एक अंत नहीं है, बल्कि पुनर्जन्म और आत्मा की यात्रा का हिस्सा है। भक्तों के लिए, यह स्थान आशा और शांति का केंद्र है, जो उन्हें कठिन समय में संजीवनी प्रदान करता है। नवरात्रि में होती है विशेष आराधनारतलाम की मुक्तिधाम धर्मार्थ सेवा समिति के रामसिंह  भाटी, राजेंद्र पुरोहित, संदीप पांचाल, मनोज प्रजापति, संतोष ओगड़, आयुष माली, चेतन गुर्जर आदि भक्तगण सेवा देते है। इस मंदिर में हर साल चैत्र और शारदीय नवरात्रि के दौरान एकम को नहीं बल्कि अमावस्या के दिन अखंड ज्योति प्रज्वलित की जाती है, जो यहां की विशेषता है। दोनों नवरात्रि में यहां विशेष आयोजन होते है। भक्त दूर – दराज से यहां मनोकामना लेकर आते है। दशहरे पर भव्य भंडारे की प्रसादी का आयोजन होता है। प्रसादी में दाल – बाटी व लड्डु जैसे विशेष व्यंजन बनाए जाते है। श्मशान में ही लोग इस भोजन प्रसादी को ग्रहण करते है। नवरात्रि पर यहां विशेष दर्शन व मां के विभिन्न स्वरूपों को दर्शाया जाता है। संत सोनीनाथ महाराज जी द्वारा की स्थापनामंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से जुड़े भक्त राजेंद्र पुरोहित बताते है की यह मंदिर लगभग 50 साल पुराना है, जिसकी स्थापना गुरु संतश्री 1008 सोनीनाथ जी महाराज ने की थी। सोनीनाथ जी, जो स्व ब्राह्मण थे, ने अपने गुरु के आदेश पर जूते सुधारने का कार्य किया। शहर के रेलवे ग्राउंड के पास वे मोची का कार्य करते थे। वहीं उनकी दिव्यता के कारण भक्तों का जमावड़ा रहता था और दुकानदारी छोड़ सत्संग करते रहते थे। कई बार भक्तों ने उनसे कार्य छोड़कर स्थान पर विराजमान होने की अपील की लेकिन उन्होंने इंकार किया और सही समय व गुरु आज्ञा आने का कहा। जिसके बाद एक दिन उनसे जब निवेदन किया तो उन्होंने अपना काम छोड़कर संत सेवा में आने का आग्रह स्वीकार किया। उन्होंने श्मशान में रुकने की इच्छा जाहिर की तब उजाला ग्रुप के विजेंद्र जायसवाल द्वारा भक्तन बावड़ी में रुकने के लिए प्रबंध किए। महाराज ने सन 2005 में अपना मानव शरीर त्यागा और ब्रह्मलीन हुए। करीब 40 वर्षो से मंदिर समिति द्वारा महाशिवरात्रि पर छड़ी यात्रा का आयोजन किया जाता है। मां कालिका से सीधे करते थे बातसंत सोनीनाथ जी के बारे में कहा जाता है की वे भक्तों की समस्याएँ सुनकर दूर करने की क्षमता रखते थे। उन्होंने कभी चमत्कार जैसा कुछ नहीं आभास कराया लेकिन चमत्कार होता था। उनके पास ऐसी सिध्दि थी जिसके माध्यम से वे भक्तों की पीड़ा को मां कालिका से बताते और समाधान करने का विनय करते। जिसके बाद उनकी समस्याएं दूर हो जाती। भक्तों के अनुसार वे मां कालिका से सीधे जीवंत संपर्क में रहते थे और उनसे बात करते थे। यहां विराजित प्रतिमा में प्राण होने की अनुभूति भी कई भक्तों को होती है। (DISCLAIMER: इस लेख में वर्णित चमत्कारी मंदिर और संबंधित घटनाओं का विवरण भक्तों के अनुभवों और विश्वासों पर आधारित है। इसे किसी धार्मिक या वैज्ञानिक प्रमाण के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति का अनुभव और विश्वास अलग हो सकता है। पाठकों से अनुरोध है कि वे अपनी व्यक्तिगत धारणा और निर्णय के आधार पर मंदिरों और उनकी शक्ति के बारे में सोचें। किसी भी धार्मिक स्थान पर जाने से पहले उचित सावधानी बरतें और आवश्यक शोध करें।)

Ratlam News: दिवाली से पहले पटाखा लाइसेंस नवीनीकरण के लिए करे आवेदन, जानिए आखरी तारीख

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Ratlam News: दशहरा और दीपावली के त्योहारों को ध्यान में रखते हुए, रतलाम शहर और जिले के अन्य क्षेत्रों में पटाखा बिक्री के लाइसेंस (Fire Crackers License) नवीनीकरण के लिए कलेक्टर राजेश बाथम ने जरूरी निर्देश जारी किए हैं। हालांकि इस बार नए लाइसेंस बनाने या जारी करने संबंधी कोई दिशा निर्देश नहीं दिए गए है। आवेदन प्रक्रियालाइसेंसधारी 16 अक्टूबर 2024 तक अपने आवेदन संबंधित एसडीएम (अनुविभागीय अधिकारी) के पास जमा कर सकते हैं। इसके लिए आवेदकों को एमपी ई-सेवा पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा और सरकार द्वारा तय शुल्क जमा करना होगा। लाइसेंस नवीनीकरण की अवधिइस साल अस्थायी पटाखा लाइसेंस 25 अक्टूबर से 5 नवंबर तक के लिए नवीनीकृत किए जाएंगे। हर अनुभाग में वैध लाइसेंसों का नवीनीकरण संबंधित एसडीएम द्वारा किया जाएगा। लाइसेंसधारियों की सूचीकलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्र के वैध पटाखा लाइसेंसधारियों की सूची तैयार करें, नवीनीकरण प्रक्रिया पूरी करें और सूची जिला कार्यालय को सौंपें। दुकानों के लिए सुरक्षित स्थानअस्थायी पटाखा दुकानों के लिए स्थान का चयन एसडीएम, नगर पालिका, पुलिस और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मिलकर करेंगे। यह ध्यान रखा जाएगा कि ये दुकानें आबादी से दूर और सुरक्षित जगहों पर हों। साथ ही, धार्मिक स्थल, अस्पताल, स्कूल और अन्य प्रतिबंधित स्थानों के पास कोई पटाखा दुकान नहीं लगाई जाएगी। आगामी त्योहारों के चलते पटाखा विक्रेताओं को समय पर अपना लाइसेंस नवीनीकृत कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि कानूनी या सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं से बचा जा सके।

Ratlam News: ग्रीन रतलाम, क्लीन रतलाम अभियान में अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट ने किया श्रमदान

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Ratlam News: शहर में स्वच्छता और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महापौर प्रह्लाद पटेल की पहल “ग्रीन रतलाम, क्लीन रतलाम” के अंतर्गत अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट ने श्रमदान कर महत्वपूर्ण योगदान दिया। अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर राकेश कुमावत ने बताया कि “साफ़ हाथों से सफ़ाई की पहचान है, स्वच्छता की कड़ी में पूरा रतलाम है।” इसी भावना के साथ शास्त्री नगर में संस्थान के स्टाफ और विद्यार्थियों ने श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश फैलाया। इस अवसर पर महापौर प्रह्लाद पटेल, युवा जिला अध्यक्ष विप्लव जैन, वार्ड पार्षद मनीषा विजय सिंह चौहान, विजय सिंह चौहान और वार्ड संयोजक संतोष कोलम्बेकर का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। महापौर ने अपने उद्बोधन में रतलाम को मध्य प्रदेश ही नहीं, पूरे भारत में स्वच्छता में नंबर वन बनाने का संकल्प दिलाया। अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट की मैनेजिंग डायरेक्टर नीलिमा कुमावत, अनिमेष कुमावत, अजय कुमावत, विकास जैन, नीरज गुप्ता, नंद किशोर जांगिड़, नंद किशोर लवांशी, पुष्कर पाटीदार, राहुल मालवीय, पवन और सभी विद्यार्थियों ने मिलकर अतिथियों के साथ श्रमदान किया। इस अभियान के तहत शास्त्री नगर से स्वच्छता की शुरुआत की गई। “ग्रीन रतलाम, क्लीन रतलाम” अभियान रतलाम शहर को स्वच्छता के नए आयाम पर ले जाने का प्रयास है, जिसमें हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। स्वच्छ रतलाम, हरा-भरा रतलाम का सपना अब होगा साकार!

Ratlam News: रानी दुर्गावती एवं राणा पूंजा भील जयंती पर विश्व हिंदू परिषद द्वारा पुष्पांजलि समारोह आयोजित

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Ratlam News: विश्व हिंदू परिषद सामाजिक समरसता द्वारा वीरांगना रानी दुर्गावती और मेवाड़ के जनजातीय शिरोमणि, हल्दीघाटी युद्ध में महाराणा प्रताप के सहयोगी महान योद्धा राणा पूंजा भील की जयंती के अवसर पर पुष्पांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के सामाजिक समरसता प्रमुख मनोज और जिला मंत्री गौरव ने उनके जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती ने अपने शासनकाल में मुगलों के विरुद्ध संघर्ष करते हुए देश और धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया। गोंडवाना की इस वीरांगना ने 1564 में अकबर के सेनापति आसफ खान से युद्ध किया और अंतिम क्षण तक अपने राज्य की रक्षा की। उनकी शौर्य और बलिदान की गाथा आज भी हर भारतीय को गर्व से भर देती है। राणा पूंजा भील ने हल्दीघाटी के ऐतिहासिक युद्ध में महाराणा प्रताप का साथ दिया और मुगल सेना के खिलाफ संघर्ष में अपनी भील सेना के साथ वीरता का प्रदर्शन किया। जनजातीय समाज से आने वाले राणा पूंजा ने मुगलों के खिलाफ जन-जन को संगठित किया और हल्दीघाटी की धरती पर अपने साहस की अमिट छाप छोड़ी। उनका योगदान जनजातीय समाज और राजस्थान के इतिहास में अमूल्य है। समारोह में कई प्रमुख व्यक्तियों की उपस्थिति रही, जिनमें विभाग सह मंत्री पवन बंजारा, जिला सह संयोजक आशु, मंदिर अर्चक संपर्क प्रमुख दीपक शर्मा, जिला प्रचार प्रसार प्रमुख मोंटी जयसवाल, जिला प्रचार प्रसार सह प्रमुख रिक्की सेन, जिला साप्ताहिक मिलन प्रमुख सुनील, जिला सेवा प्रमुख अनिल, जिला विद्यार्थी प्रमुख कृष्णा, जिला सह साप्ताहिक मिलन प्रमुख शुभम शर्मा, दीपांशु, विजय, रोमित, लखन और महेश डोडियार शामिल थे।

Ratlam News: मासूम से यौन शोषण मामले में एबीवीपी के गंभीर आरोप, एसआईटी की जांच पर उठाए सवाल

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: रतलाम के 80 फीट रोड स्थित सांई श्री स्कूल में 5 वर्षीय मासूम से यौन उत्पीडऩ में जांच कर रही एसआईटी अब सवालों के घेरे में आ गई है। शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा  औद्योगिक क्षेत्र थाने में कलेक्टर व एसपी के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें एबीवीपी (ABVP) ने एसआईटी जांच में शामिल अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए है। आपको बता दे की पुलिस ने गुरुवार को स्कूल डायरेक्टर राकेश देसाई के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। स्कूल के अन्य छात्रों के परिजन ने मामले में जमकर प्रदर्शन किया था। परिजनों ने लिखित शिकायत कर डायरेक्टर देसाई और स्टॉफ के खिलाफ लापरवाही बरतने और जानकारी छिपाने के गंभीर आरोप लगाए थे। नगर मंत्री सिद्धार्थ मराठा ने बताया की छात्रा वे साथ यौन उत्पीड़न मामले में एफआईआर के बाद एसआईटी जांच गठित की गई थी। स्कूल को 5 दिनों के लिए सील किया था। लेकिन उसके बावजूद स्कूल कर्मचारियों व अन्य लोगों का आना जाना लगा रहा है। जिससे सबूतों के साथ आसानी से छेड़छाड़ की जा सकती है। जांच अधिकारी ने पीड़िता की मां के साथ आरोपियों जैसा व्यवहार किया। जांच अधिकारी ने पीड़िता की मां के बयान को कांट छांट कर दर्ज किया। यही प्रक्रिया अन्य गवाहों व परिजनों के बयानों के लेते समय भी अपनाई गई। जिससे सभी असहज हो गए। इस प्रक्रिया से तो पीड़ित मासूम को न्याय मिलने की की कोई उम्मीद नहीं बचती है। एबीवीपी की मांग है की स्कूल संचालक, प्राचार्य, कक्षा प्राध्यापक व अन्य संबंधित से भी कड़ी पूछताछ की जाए। संलिप्तता एवं मोन स्वीकृत के आधार पर इन्हें भी उक्त प्रकरण में सह-आरोपी बनाया जाए। जांच अधिकारी को हटाने जैसी प्रमुख मांगे रखी है, अगर मांगे नहीं मानी जाती है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इन बिंदुओ पर जांच की मांगएबीवीपी की प्रांत सहमंत्री रागिनी यादव ने बताया की घटनाक्रम को यदि गंभीरता से समझा जाए तो इसमें कई आयामों से जांच की आवश्यकता है। जैसे की बालिका का कक्षा मैं नहीं होना, कक्षा से जाने पर कक्षा अध्यापक व अन्य सहायक कर्मचारीयों की जिम्मेदारी, दुष्कर्म के समय बालिका की चिल्लाने की आवाज नहीं सुनाई देना। घटना के बाद विद्यालय में शिकायत किए जाने पर उनके द्वारा ध्यान ना देना व घटना को गलत व मनगढंत बताना। विद्यालय परिसर में उचित स्थान पर सीसीटीवी कैमरा का ना होना। क्या पूर्व में भी इसी परिसर में अन्य घटनाए हुई है, ऐसे अहम पहलुओं पर जांच किया जाना चाहिए। जिस पर गठित एसआईटी का कोई ध्यान नहीं है। क्या था पूरा मामला, खबर पढ़ेRatlam News: मामला रतलाम में स्कूली छात्रा से हैरेसमेंट का: सांईश्री स्कूल के संचालक राकेश देसाई के खिलाफ FIR, छिपाने का आरोप – PUBLIC वार्ताCLICK HEREhttps://publicvarta.com/ratlam-news-fir-against-sai-sri-school-director-rakesh-desai-for-harassment-of-schoolgirl-in-ratlam/ Ratlam News: बच्ची से दरिंदगी का मामला, सांईश्री स्कूल कांड में SIT करेगी जांच, अन्य परिजनों के बयान दर्ज – PUBLIC वार्ताCLICK HEREhttps://publicvarta.com/ratlam-news-case-of-cruelty-to-girl-sit-will-investigate-into-saishree-school-incident/?amp=1

Navratri 2024: मध्यप्रदेश के गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक, शहर काजी का फरमान – “मेले में जाना दीन-ए-इस्लाम के खिलाफ!”

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Navratri 2024: मध्यप्रदेश के रतलाम में इस वर्ष नवरात्रि के दौरान गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर सख्त रोक लगा दी गई है। इस निर्णय के तहत कई गरबा पंडालों के प्रवेश द्वारों पर बैनर लगाए गए हैं, जिनमें गैर हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की सूचना दी गई है। यह कदम हिंदू संगठनों और आयोजन समितियों की सहमति से लिया गया है, जिसका उद्देश्य गरबा आयोजन को धार्मिक और सांस्कृतिक सीमाओं के भीतर सुरक्षित और मर्यादित रखना है। मेला और गरबा से दूर रहें मुस्लिम समुदायशहर काजी सैयद अहमद अली ने कथित तौर पर एक लेटर जारी करते हुए मुस्लिम समुदाय से अपील की है कि वे नवरात्रि के दौरान मेला और गरबा देखने से बचें और अपने घरों में रहें। उन्होंने इसे दीन-ए-इस्लाम के खिलाफ बताया और कहा कि वर्तमान माहौल को ध्यान में रखते हुए मुस्लिम नौजवान, महिलाएं और बच्चे गरबा या मेले में न जाएं। काजी ने कहा, “बाजार और मेलों में जाना इस्लाम में जायज नहीं है और इसलिए हम चाहते हैं कि हमारी मां-बहनें इन गैर-धार्मिक गतिविधियों से दूर रहें।” व्हाट्सअप के संदेश से लिया फैसलाकाजी सैयद अहमद अली ने स्पष्ट किया कि उनका यह कदम रतलाम शहर के माहौल को देखते हुए नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर फैल रहे संदेशों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा, “रतलाम एक शांतिपूर्ण शहर है, लेकिन बाहर से आने वाले वॉट्सऐप संदेशों के चलते हमने यह निर्णय लिया है ताकि कोई भी अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।” उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अपील की कि वे प्रशासन के साथ सहयोग करें और किसी भी प्रकार की अवांछनीय गतिविधियों से बचें। गरबा पंडालों में सुरक्षा और मर्यादित वेशभूषा पर जोरनगर व जिले के कई प्रमुख गरबा स्थलों, जैसे मां कालिका माता मंदिर और श्री राम नवयुवक मंडल आदि में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने वाले बैनरों के साथ-साथ मर्यादित वेशभूषा की भी अपील की गई है। पंडालों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, और सभी संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस का अलर्ट मोडरतलाम पुलिस भी नवरात्रि के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए अलर्ट मोड पर है। एसपी अमित कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जिले में 735 स्थानों पर गरबा रास का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें से 28 स्थानों को संवेदनशील घोषित किया गया है। पुलिस द्वारा इन स्थानों पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है ताकि धार्मिक आयोजन बिना किसी विघ्न के संपन्न हो सके।

Ratlam News: बालम ककड़ी खाने से परिवार हुआ फूड प्वाइजनिंग का शिकार, 5 वर्षीय बालक की मौत, रखे ये सावधानियां

रात में सभी की तबीयत अचानक खराब हो गई और उल्टियां होने लगीं, रतलाम के सैलाना में सबसे ज्यादा होता है उत्पादन, खाने से पहले सावधानियां रखनी जरूरी रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Ratlam News: रतलाम के जड़वासा कलां गांव में कथित तौर पर बालम ककड़ी खाने से एक ही परिवार के पांच लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए, जिसमें 5 वर्षीय बालक की इलाज के दौरान मौत हो गई। माता-पिता और दो बेटियां मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों का कहना है कि यह मामला फूड प्वाइजनिंग का दिखाई दे रहा है, जिसकी वजह से पूरे परिवार की तबीयत बिगड़ी। जानकारी के अनुसार परिवार ने बालम ककड़ी खाई थी, जो सीजन में मिलने वाला एक स्थानीय फल है। परिवार के सदस्य  मांगीलाल पाटीदार ने अपनी पत्नी कविता, बेटियां दक्षिता, साक्षी और बेटे क्रियांश के साथ बालम ककड़ी खाई थी। रात में सभी की तबीयत अचानक खराब हो गई और उल्टियां होने लगीं। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए रतलाम के मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां 5 वर्षीय क्रियांश की मौत हो गई, जबकि अन्य सदस्यों का इलाज जारी है। मृतक बालक के चाचा रवि पाटीदार ने बताया कि मांगीलाल तीन दिन पहले सैलाना-धामनोद रोड से बालम ककड़ी खरीदकर लाए थे। परिवार के सभी सदस्यों ने इसे एक साथ खाया, जिसके बाद यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। परिवार के इंकार के बाद मृतक बालक का पोस्टमार्टम नहीं हो सका, इसलिए मृत्यु की असल वजह स्पष्ट नहीं हो पाई, लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि यह फूड प्वाइजनिंग का मामला हो सकता है। फिलहाल, पिता की हालत में सुधार होने पर उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि मां और दोनों बेटियों का इलाज मेडिकल कॉलेज में जारी है। कीटनाशक भी हो सकती है वजहरतलाम मेडिकल कॉलेज के ऐपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. गौरव बोरीवाल ने बताया कि पांचों मरीज फूड पॉइजनंग के कारण बीमार होकर आए थे। सही इलाज मिलने में लंबा गैप होने से भी स्थिति बिगड़ी। क्रियांश का ब्लड सैम्पल लिया है, जांच करवाई जाएगी। मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. विनय शर्मा ने कहा कि प्रथम दृष्टया बच्चे की मौत फूड पॉइजनिंग से हुई है। मां और दो बेटियों को इलाज किया जा रहा है। पुलिस चौकी को इन्वेस्टिगेशन के लिए लिखकर दिया था। वहीं, पुलिस चौकी प्रभारी सुनील राघव ने बताया कि फिलहाल इस तरह का मामला नहीं आया है। जानकारी आएगी तो पड़ताल की जाएगी। विशेषज्ञों की माने तो बच्चे की मौत को सीधे तौर पर बालम ककड़ी का इफेक्ट नहीं मान सकते। इसकी पैदावार में पेस्टीसाइट्स का उपयोग किया जाता है। हो सकता है कि परिवार ने खाने से पहले ककड़ी को अच्छी तरह धोया नहीं होगा। उल्टी-दस्त के कारण बच्चों के शरीर में पानी की कमी आ जाती है, इससे भी मौत हो सकती है। रखे ये सावधानीबालम ककड़ी या साधारण ककड़ी/खीरा खाने से पहले सावधानियां रखनी जरूरी है। ककड़ी का कच्चा फल जहरीला होता है, खाने से बीमार हो सकते हैं। ककड़ी को बेल से तोड़कर सीधे नहीं खाना चाहिए। ककड़ी पर कीट से बचाने के लिए जिन कीटनाशक का प्रयोग होता है, उनका असर 5 से 6 दिनों तक नहीं जाता है, ऐसे में किसान कीटनाशक का छिडकाव करने के 1 से 2 दिन में अगर फसल बेचते है तो यह खतरनाक साबित हो सकता है। जब भी आप ककड़ी ले उसे पानी से अच्छे से साफ कर ले और उसके छिलके उतार कर ही खाएं। गर्म पानी में नमक डालकर उसमें भी कुछ देर रख सकते है।रात में ककड़ी नहीं खानी चाहिए। इससे पाचन संबंधी समस्या हो सकती है। ककड़ी के सेवन के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए। ककड़ी को पकाने की सलाह नही ं दी जाती क्योंकि इसमें पानी ज्यादा मात्रा में होता है। भोजन के साथ ककड़ी खा रहे हैं तो ज्यादा मात्रा में न खाएं। बालम ककड़ी क्या है?बालम ककड़ी एक फल है। यह लौकी जैसी दिखती है। पकने पर अंदर से केसरिया रंग की हो जाती है। इसलिए इसे केसरिया बालम ककड़ी भी कहते हैं। यह स्वाद में हल्की मीठी होती है। इसमें पानी की भरपूर मात्रा होती है। रतलाम के सैलाना में सबसे ज्यादा उत्पादन होता है। इसके अलावा बालम ककड़ी की पैदावार सबसे ज्यादा झाबुआ और धार जिलों में होती है। सैलाना क्षेत्र में उगने वाली बालम ककड़ी का स्वाद और आकार सबसे अच्छा होता है। इसकी मांग देश में दूर – दूर तक है।

Ratlam News: रतलाम को मिला इंटरनेशनल शूटिंग कोच, मध्यप्रदेश में एकमात्र उमंग पोरवाल ने हासिल की उपलब्धि

शहर को 96 स्टेट और 4 नेशनल मेडलिस्ट देने वाला कोच, जर्मनी में हुई ट्रेनिंग, 16 में से 4 कोच भारत के चयनित, MP से अकेले उमंग रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: अगर आप राइफल या गन से शूटिंग का शौक रखते है और आपको एक बेहतर कोच की तलाश है, तो मिलिए शहर के पहले इंटरनेशनल शूटिंग कोच उमंग पोरवाल से। जिन्होंने हालही में यह उपलब्धि हासिल की है। आपको बता दे उमंग रतलाम डिस्ट्रिक्ट रायफल एसोसिएशन के सेक्रेटरी और नेशनल लेवल मेडलिस्ट हैं। जिन्होंने अब इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन (ISSF) द्वारा आयोजित कोचेस (D Level) लाइसेंस कोर्स उत्तीर्ण कर रतलाम को गौरवान्वित किया है। यह कोर्स जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित किया गया, जिसमें संपूर्ण विश्व से 16 कोचों का चयन किया गया था। उमंग पोरवाल मध्य प्रदेश से चयनित होने वाले एकमात्र प्रतिभागी थे, जबकि पूरे भारत से 4 लोग चयनित हुए, जिनमें से तीन भारतीय सुरक्षा बलों से थे। शूटर्स के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाला यह कोर्स जून से जुलाई 2024 तक चला, जिसमें उमंग ने अंतिम परीक्षा में उच्चतम अंक अर्जित कर यह प्रतिष्ठित प्रमाण पत्र प्राप्त किया। ISSF एक विश्वस्तरीय संस्था है, जो ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन करती है। उमंग को विश्व रिकॉर्ड होल्डर और ग्रीस की राष्ट्रीय कोच श्रीमती अगाथी कसूमी से प्रशिक्षण मिला, जो स्वयं 6 बार ओलंपिक में हिस्सेदारी कर चुकी हैं। 10 सप्ताह चला प्रशिक्षणISSF के अध्यक्ष लुशियानो रोसी (इटली) और ISSF अकादमी डायरेक्टर वैसा निसिनिन (फिनलैंड) ने उमंग को यह लाइसेंस और प्रमाण पत्र प्रदान किया। इस 10-सप्ताह लंबे प्रशिक्षण के दौरान उमंग ने एंटी डोपिंग एजुकेशन एंड लर्निंग के तहत कोचेस ऑफ हाई परफॉर्मेंस एजुकेशन प्रोग्राम से भी प्रमाण पत्र प्राप्त किया। 96 स्टेट और 4 नेशनल मेडलिस्ट दे चुकेउमंग पोरवाल ने अब तक रतलाम को 96 स्टेट मेडल और 4 नेशनल मेडलिस्ट शूटर दिए हैं। 12 शूटर भारतीय शूटिंग टीम के ट्रायल्स में हिस्सा ले रहे हैं। उनकी इस उत्कृष्टता को देखते हुए मुंबई, हरियाणा, हिमाचल, मेरठ, बिहार और पुणे के शूटर भी उनसे ऑनलाइन प्रशिक्षण ले रहे हैं। अब रतलाम के बच्चों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं है, बल्कि दूसरे शहरों से शूटर रतलाम आकर उमंग से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उमंग पोरवाल की इस बड़ी उपलब्धि पर लघु एवं सूक्ष्म उद्योग मंत्री चैतन्य कश्यप, एडिशनल कलेक्टर मंडलोई, CSP अभिनव बारंगे, रोटरी क्लब के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश सेठिया और रतलाम पत्रकार संघ के पूर्व उपाध्यक्ष राकेश पोरवाल ने हर्ष व्यक्त किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।

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