Ratlam News: आलोट में 16 माह पुरानी चोरी का खुलासा : राजेश उर्फ दीपक गिरफ्तार, चांदी की बट्टियां और कड़े बरामद

रतलाम – पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: आलोट कस्बे में 16 माह पूर्व हुई बड़ी चोरी का आलोट पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने ग्राम कडिया सांसी, जिला राजगढ़ निवासी राजेश उर्फ दीपक पिता चंदुलाल (38) को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर चोरी गया माल बरामद किया है। घटना का विवरण : 7 मई 2024 को फरियादी बसंत सिंह पिता भंवर सिंह सोंधिया (55), निवासी ग्राम डाबडिया ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उन्होंने गिरवी से छुड़ाई गई 600-600 ग्राम की दो चांदी की बट्टियां और दो पैर के कड़े अपनी मोटरसाइकिल की डिक्की में रखे थे। संजय चौक पर खरीददारी के दौरान अज्ञात बदमाश उनकी मोटरसाइकिल की डिक्की से आभूषण चोरी कर ले गए। इस पर आलोट थाने में अपराध क्रमांक 250/2024 धारा 379 भादवि दर्ज किया गया था। CCTV से मिली अहम सुराग : पुलिस ने घटना स्थल और आसपास के करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की जांच की, जिनमें चार संदिग्ध बदमाश नजर आए। जांच में आरोपियों की पहचान अनिकेत उर्फ कोका, राजेश उर्फ दीपक, निकील और शमशेर सांसी के रूप में हुई। गिरफ्तारी और बरामदगी : 11 सितंबर 2025 को पुलिस टीम ने ग्राम कडिया सांसी से राजेश उर्फ दीपक को दबोच लिया। पूछताछ में उसने चोरी का जुर्म कबूलते हुए बताया कि पकड़े जाने के डर से चोरी का माल छिपाकर रखा था। उसकी निशानदेही पर दो चांदी की बट्टियां और दो पैर के कड़े बरामद किए गए। गिरफ्तार और फरार आरोपी : पुलिस टीम की भूमिका : इस कार्रवाई में निरीक्षक शंकर सिंह चौहान, उनि मनोज पाटीदार, सउनि अशोक चौहान, सउनि कैलाश मीणा, आर. बाबुलाल, अजीत, सुनिल चुनारा, अंकित काला, रोनक पोरवाल और शुभम भाटी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Gujrat News: रतलाम के दो युवक गुजरात में ड्रग्स तस्करी करते गिरफ्तार, 20 लाख की एमडी ड्रग्स जब्त

दाहोद- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Gujrat News: गुजरात पुलिस ने दाहोद में बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश के रतलाम के दो युवकों को ड्रग्स तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनकी कार से 204.960 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 20.49 लाख रुपए आंकी गई है। कार्रवाई के दौरान एक अन्य आरोपी फरार होने में सफल रहा। राज्य निगरानी प्रकोष्ठ (एसएमसी) को सूचना मिली थी कि मध्यप्रदेश से गुजरात में ड्रग्स सप्लाई लाई जा रही है। इसी आधार पर दाहोद शहर के स्टेशन रोड स्थित केके सर्जिकल अस्पताल और बस स्टैंड के बीच कार को रोका गया। तलाशी में ड्रग्स बरामद होने पर दो युवक गिरफ्तार किए गए। आरोपियों की पहचान उनकी कार (कीमत करीब 5 लाख) और तीन मोबाइल फोन (कुल कीमत लगभग 15 हजार रुपए) भी जब्त किए गए हैं। राजस्थान से हुई थी सप्लाई पुलिस जांच में सामने आया कि यह ड्रग्स प्रतापगढ़ (राजस्थान) निवासी लाला पठान ने सप्लाई की थी। पकड़े गए युवक इसे गुजरात के बड़े शहरों—अहमदाबाद, वडोदरा या राजकोट—में पहुँचाने वाले थे। एसएमसी इंस्पेक्टर बीएच राठौड़ ने बताया कि तस्करों ने पुलिस की नजर से बचने के लिए कटवाड़ा चेकपोस्ट से परहेज किया और आंतरिक रास्तों का उपयोग किया। लगातार निगरानी के बाद उन्हें दाहोद में दबोचा गया। गिरफ्तार तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(सी), 22(सी) और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और ड्रग्स सप्लाई चैन की गहन जांच जारी है।

Ratlam News: रतलाम-सैलाना में नापतौल विभाग की बड़ी कार्रवाई : 6 दुकानों पर अपराध प्रकरण दर्ज, अमानक कीटनाशक जब्त

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: किसानों और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए नापतौल विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर राजेश बाथम एवं नियंत्रक नापतौल मध्यप्रदेश भोपाल के निर्देश पर निरीक्षक भारत भूषण ने तहसील सैलाना और शहर रतलाम की कृषि सेवा केन्द्रों एवं दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान पाटीदार ट्रेडर्स हार्डवेयर एंड खाद्य भंडार (सैलाना), श्री बालाजी कृषि सेवा केन्द्र (सैलाना), ईफ्को ई-बाजार (सैलाना), प्यारेनाथ एग्रो केयर (रतलाम), ऋषभ सीड्स एंड पेस्टीसाइड्स (रतलाम) और वेदान्त एग्रो टेक (रतलाम) पर अमानक कीटनाशक और कृषि दवाइयों के पैकेज बंद उत्पाद बिक्री हेतु पाए गए। विधिक माप विज्ञान अधिनियम-2009 का उल्लंघन और दंडनीय अपराध मानते हुए विभाग ने इन 6 दुकानों पर अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किए हैं। साथ ही, जब्त उत्पादों के निर्माता, पैककर्ता और विपणनकर्ता के खिलाफ भी कार्यवाही शुरू की गई है। निरीक्षक भारत भूषण ने कृषकों से अपील की है कि बीज, कीटनाशक और कृषि दवाइयाँ खरीदते समय हमेशा निर्माता/पैककर्ता का नाम-पता, वस्तु की शुद्ध मात्रा, एमआरपी (सभी कर सहित), यूनिट सेल प्राइस और शिकायत हेतु दिए गए नंबर व ई-मेल जरूर जांचें। यदि कोई दुकान एमआरपी काटकर, मिटाकर या स्टिकर लगाकर ज्यादा दाम वसूलती है, तो उपभोक्ता इसकी शिकायत नापतौल विभाग को कर सकते हैं।

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