भारतीय रेलवे में KAVACH 4.0: नई सुरक्षा प्रणाली कवच से ट्रेनों की रफ्तार और सुरक्षा में होगा बड़ा सुधार

सिग्नल पासिंग, ओवरस्पीड और अन्य सुरक्षा परीक्षण सफल, कवच 4.0 (Kavach 4.0) एक स्वचालित ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) प्रणाली है, कवच 4.0 सिस्टम ट्रेन की गति पर नजर रखता है। पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। भारतीय रेलवे ने देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक, दिल्ली-मुंबई रूट पर कवच 4.0 (Kavach 4.0) प्रणाली का सफल परीक्षण और इंस्टॉलेशन कर लिया है। इस नई स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली से न केवल ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि सुरक्षा भी मजबूत होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की उपस्थिति में सवाई माधोपुर से इंदरगढ़ सुमेरगंज मंडी सेक्शन के बीच इसका ट्रायल सफल रहा, जिससे 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा। ट्रायल के दौरान सिग्नल पासिंग, ओवरस्पीड और अन्य सुरक्षा परीक्षण सफल रहे। रेलवे के इस मिशन रफ्तार के तहत 545 किमी ट्रैक पर कवच प्रणाली लागू की जा रही है, जो ट्रेन सुरक्षा में एक बड़ा कदम है। क्या है कवच 4.0?कवच 4.0 एक स्वचालित ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) प्रणाली है, जिसे भारतीय रेलवे ने स्वदेशी रूप से विकसित किया है। इसका उद्देश्य ट्रेनों के बीच संभावित टकराव की स्थिति को रोकना और लोको पायलट की गलतियों से होने वाली दुर्घटनाओं को कम करना है। यह तकनीक ट्रेनों को ट्रैक पर सिग्नल पासिंग, ओवरस्पीडिंग, और दुर्घटनाओं से बचाने के लिए बनाई गई है। कैसे काम करता है कवच 4.0?कवच 4.0 सिस्टम ट्रेन की गति पर नजर रखता है और जरूरत पड़ने पर स्वचालित रूप से ब्रेक लगाता है। अगर ट्रेन की गति निर्धारित सीमा से 2 किमी/घंटा अधिक हो जाती है, तो कवच ओवरस्पीड अलार्म जारी करता है। 5 किमी/घंटा से अधिक पर सामान्य ब्रेक और 7 किमी/घंटा से अधिक पर पूर्ण ब्रेकिंग सिस्टम एक्टिव हो जाता है। अगर 9 किमी/घंटा से ज्यादा हो जाती है, तो आपातकालीन ब्रेक स्वचालित रूप से लागू हो जाता है। यह प्रणाली विशेष रूप से लो विजिबिलिटी और कोहरे की स्थिति में भी लोको पायलट की मदद करती है। कवच 4.0 का महत्व– तेज रफ्तार: इस प्रणाली के जरिए दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर ट्रेनों की रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचाई जा सकती है।– सुरक्षा में बढ़ोतरी: यह तकनीक ट्रेन के टकराव, सिग्नल पासिंग और अन्य दुर्घटनाओं को रोकने में सहायक है।– स्वदेशी तकनीक: भारत में निर्मित यह प्रणाली रेलवे की आत्मनिर्भरता और तकनीकी उन्नति को दर्शाती है। पुराने और नए वर्जन में अंतरकवच 4.0, अपने पुराने संस्करणों से अधिक उन्नत है। यह सिस्टम अधिक सटीकता के साथ काम करता है और गति की छोटी से छोटी अनियमितताओं को भी तुरंत पहचान सकता है। यह संस्करण कोहरे और अन्य प्राकृतिक बाधाओं के बावजूद ट्रेनों की सुरक्षित संचालन में मददगार साबित होता है। रेल मंत्रालय के अनुसार कवच 4.0 के इंस्टॉलेशन से भारतीय रेलवे एक और कदम सुरक्षा और गति में सुधार की दिशा में बढ़ा है। अगले वर्ष तक इस नई प्रणाली के कारण दिल्ली-मुंबई रूट पर ट्रेनों की गति 160 किमी प्रति घंटे तक बढ़ने की संभावना है, जिससे यात्रा समय में कमी आएगी और सुरक्षा स्तर भी उन्नत होगा।

Train Schedule: त्योहारों में भीड़ को देखते हुए पुणे-निजामुद्दीन स्पेशल ट्रेन, रतलाम मंडल से होकर निकलेगी

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। आगामी त्योहारों के दौरान रेलवे यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए पुणे से निजामुद्दीन के बीच स्पेशल ट्रेन चलाने जा रहा है। यह ट्रेन रतलाम मंडल से होकर गुजरेगी और दोनों दिशाओं में कुल चार फेरों में सेवा देगी। (Train Schedule) स्पेशल ट्रेन का शेड्यूलगाड़ी संख्या 01491 पुणे-निजामुद्दीन स्पेशल ट्रेन 25 अक्टूबर और 1 नवंबर को शुक्रवार के दिन पुणे से शाम 5:30 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन रतलाम मंडल के रतलाम जंक्शन पर सुबह 6:40 बजे पहुंचेगी और 6:50 बजे रवाना होगी। इसके बाद, शनिवार को रात 7:00 बजे निजामुद्दीन स्टेशन पर पहुंचेगी। वापसी में, गाड़ी संख्या 01492 निजामुद्दीन-पुणे स्पेशल 26 अक्टूबर और 2 नवंबर को शनिवार के दिन रात 10:30 बजे निजामुद्दीन से चलेगी। यह ट्रेन रतलाम जंक्शन पर सुबह 10:20 बजे पहुंचेगी और 10:30 बजे रवाना होकर अगले दिन रात 11:55 बजे पुणे स्टेशन पहुंचेगी। स्टेशनों पर ठहरावयह स्पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में निम्नलिखित स्टेशनों पर ठहरेगी: चिंचवड, लोनावला, कल्याण, बसई रोड, सूरत, वडोदरा, रतलाम, भवानी मंडी, कोटा, सवाई माधोपुर और मथुरा। ट्रेन में कोच की व्यवस्थायात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन में एक सेकंड एसी, चार थर्ड एसी, 11 स्लीपर, और 4 सामान्य श्रेणी के कोच रहेंगे। रेलवे द्वारा त्योहारों के समय अतिरिक्त ट्रेन चलाने का यह फैसला यात्रियों की भीड़ को कम करने और यात्रा को सुगम बनाने के लिए किया गया है। यात्रीगण समय रहते अपनी बुकिंग करा सकते हैं ताकि उन्हें यात्रा में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

राॅयल इंस्टीट्युट में विश्व फार्मेसी दिवस धूमधाम से मनाया गया

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। राॅयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड एडवांस्ड स्टडीज ने विश्व फार्मेसी दिवस के अवसर पर कई शैक्षणिक और जागरूकता कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत माॅ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद पूरे दिन पोस्टर प्रेजेंटेशन, क्विज प्रतियोगिता और स्वास्थ्य जांच शिविर जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए। फार्मेसी और स्वास्थ्य देखभाल से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर आधारित पोस्टर्स और बैनर परिसर में प्रदर्शित किए गए, जिन्होंने फार्मेसी के क्षेत्र में जागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभाई। राॅयल इंस्टीट्यूट के फार्मेसी प्राचार्य डाॅ. मनीष सोनी ने अपने संबोधन में बताया कि विश्व फार्मेसी दिवस की शुरुआत 25 सितम्बर 1912 को इंटरनेशनल फार्मास्युटिकल फेडरेशन की स्थापना के उपलक्ष्य में हुई थी। उन्होंने फार्मेसिस्ट की अनिवार्यता पर जोर देते हुए कहा कि “फार्मेसिस्ट के बिना औषधियों की कल्पना करना असंभव है।” साथ ही, उन्होंने विद्यार्थियों को फार्मेसी के क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न करियर विकल्पों के बारे में भी जानकारी दी। कार्यक्रम में राॅयल इंस्टीट्युट के फार्मेसी के छात्र-छात्राओं और प्राध्यापकों की सक्रिय भागीदारी रही। क्विज और पोस्टर प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित भी किया गया, जिससे विद्यार्थियों का उत्साह और प्रेरणा बढ़ी। राॅयल इंस्टीट्युट का यह आयोजन फार्मेसी क्षेत्र में शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

Ratlam News: रतलाम में आवारा सांडों का आतंक, 4 महीने में दूसरी मौत, नगर निगम पर उठे गंभीर सवाल!

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। रतलाम में आवारा सांडों के आतंक का खौफनाक सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को सांड के हमले में घायल एक व्यक्ति की मौत ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले 4 महीनों में सांड के हमले से यह दूसरी मौत है, जिससे शहर में आक्रोश व्याप्त हो गया। नगर निगम अधिकारियों और महापौर के खिलाफ जमकर नारेबाजी लोगों ने की। (Ratlam News) सांड की लड़ाई में घायल व्यक्ति की दर्दनाक मौतदो दिन पहले, वार्ड 23 के तेजानगर ब्लॉक में रहने वाले राजेश गुगलिया (45) और उनकी मां मोहनबाई घर के बाहर बैठे थे। तभी दो सांड लड़ते हुए आए और इन दोनों पर हमला कर दिया। हमले में मां-बेटे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जहां मोहनबाई को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, वहीं राजेश की हालत बिगड़ती चली गई। बुधवार सुबह 6 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। बताया जाता है कि राजेश को अंदरूनी चोटें लगी थीं, जिससे उनकी जान चली गई। परिजनों और स्थानीय निवासियों का फूटा गुस्सा, चक्काजामराजेश की मौत के बाद, गुस्साए परिजन और स्थानीय निवासियों ने संत रविदास चौक पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। करीब 2 घंटे तक नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। गुस्साए लोगों की मांग थी कि दोषियों पर कार्रवाई हो और परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। चक्काजाम की सूचना मिलने पर निगम कमिश्नर हिमांशु भट्ट, एसडीएम अनिल भाना समेत कई अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बावजूद परिजनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। आखिरकार, रतलाम के महापौर प्रहलाद पटेल के आश्वासन पर ही चक्काजाम खत्म किया गया। उन्होंने मृतक के परिवार रेडक्रॉस और आदि की और से 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया। नगर निगम की लापरवाही: 4 महीने में दूसरी जान गईयह पहली बार नहीं है कि रतलाम में सांड के हमले ने किसी की जान ली है। चार महीने पहले, टाटा नगर निवासी शांताबाई (60) की भी सांड की लड़ाई में मौत हो गई थी। बावजूद इसके, नगर निगम ने सड़कों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों को पकड़ने की कार्रवाई को गंभीरता से नहीं लिया। कुछ दिन तक मवेशियों को पकड़ने की मुहिम चलाई गई, लेकिन जल्द ही यह कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई। शहर की सड़कों पर मवेशियों की संख्या बढ़ते ही जा रही है। शहहर के अंदर अवैध रूप से पशुपालन करने वाले दूध निकालकर इन्हें सड़कों पर छोड़ देते है। जिससे बाजारों व गलियों में लोगों को इनका सामना करना पड़ता है। खासकर महिलाएं और छोटे बच्चे गाय व सांड के हमलों का ज्यादा शिकार हो रहे है। सांठगांठ के आरोप: निगम की टीम ने नहीं लिया सबक?स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम के अधिकारी और पशुपालक सांठगांठ कर मवेशियों को पकड़ने में लापरवाही बरतते हैं। सूत्रों का दावा है कि मवेशियों को पकड़ने की सूचना पहले ही पशुपालकों तक पहुंचा दी जाती है, जिससे वे उन्हें गायब कर देते हैं। इसके चलते सड़कों पर आवारा मवेशी बेखौफ घूमते रहते हैं, जिससे ऐसे हादसों का सिलसिला जारी है। कौन लेगा जिम्मेदारी?राजेश गुगलिया की मौत ने रतलाम में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। क्या इन मौतों का जिम्मेदार निगम है, जिसने कार्रवाई करने में कोताही बरती? आवारा मवेशियों के हमलों का शिकार हो रहे लोग कब तक इस खतरनाक स्थिति का सामना करेंगे? मामले में नगर निगम कमिश्नर ने कहा, सांड के मरने से व्यक्ति की असमय में मृत्यु हुई है, उसका सभी को दुख है। आज से नगर निगम अनाउंसमेंट शुरू करेगा। किसी का भी पशु बाहर पाया जाएगा तो उसको पकड़ा जाएगा। ऐसे पशु मालिक के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई भी की जाएगी।

Ratlam News: पैदल निकली 12 वीं की छात्राएं तो बीच रास्ते कलेक्टर पहुंचे मनाने, MP में शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलती तस्वीरें, जानिए क्या है मामला!

कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई न होने पर मजबूर होकर उठाया कदम, कन्या शिक्षा परिसर की अधीक्षिका सुनीता खराड़ी सस्पेंड, प्रिंसिपल गणतंत्र मेहता को नोटिस जारी. रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। रतलाम में मंगलवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब कन्या शिक्षा परिसर की 12वीं की छात्राएं 8 किलोमीटर पैदल चलकर अचानक कलेक्टर ऑफिस पहुंच गईं। इस अप्रत्याशित कदम से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। छात्राओं ने फिजिक्स और केमिस्ट्री के शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे उनकी पढ़ाई से पूरी तरह असंतुष्ट हैं। कई बार शिकायत के बावजूद स्कूल प्रशासन ने उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया, जिससे परेशान होकर उन्हें पैदल मार्च करने पर मजबूर होना पड़ा। (Ratlam News) छात्राओं के पैदल मार्च की खबर मिलते ही कलेक्टर राजेश बाथम ने तुरंत एडीएम और एसडीएम को गाड़ी भेजकर छात्राओं को रोकने की कोशिश की। अधिकारी आधे रास्ते में पहुंचकर छात्राओं को समझाने लगे, लेकिन छात्राएं इतनी गुस्से में थीं कि उन्होंने अधिकारियों की एक नहीं सुनी। इसके बाद खुद कलेक्टर राजेश बाथम भी उन्हें मनाने पहुंचे, लेकिन छात्राओं ने साफ कहा— “हम कलेक्टोरेट पहुंचकर ही अपनी बात रखेंगे!” वहीं इस घटनाक्रम के बाद जिला प्रशासन में हलचल मच गई है। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर स्कूल प्रशासन ने इतने समय तक छात्राओं की शिकायतों को क्यों नजरअंदाज किया? क्या स्कूल के भीतर और भी ऐसी समस्याएं हैं, जो अब तक सामने नहीं आई हैं? फिजिक्स – केमिस्ट्री टीचर्स को पढाने में नहीं इंटरेस्टकलेक्ट्रेट पहुंचते ही छात्राओं ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। छात्राओं ने कलेक्टर को बताया कि फिजिक्स और केमिस्ट्री के टीचर्स उनकी पढ़ाई में बिल्कुल रुचि नहीं ले रहे हैं। कलेक्टर बाथम ने जब मामले की गंभीरता देखी, तो तत्काल प्रभाव से कन्या शिक्षा परिसर की अधीक्षिका सुनीता खराड़ी को सस्पेंड कर दिया और प्रिंसिपल गणतंत्र मेहता को नोटिस जारी किया। साथ ही, शिकायत किए गए टीचर्स को भी बदलने के आदेश दिए गए। छात्राओं को नाश्ता कराकर गाड़ी से भेजा वापसकलेक्टर ने छात्राओं की समस्या सुनने के बाद उन्हें नाश्ता कराया और गाड़ी की व्यवस्था कर उन्हें वापस हॉस्टल भेजा। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रशासन ने छात्राओं की समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लिया और उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। कन्या शिक्षा परिसर, जो कि रतलाम से 8 किलोमीटर दूर बाजना रोड पर स्थित है, में 6वीं से 12वीं तक की 452 छात्राएं पढ़ाई करती हैं। इनमें से 12वीं कक्षा की 37 छात्राएं हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही हैं।

Hemp cultivation : MP के इस जिले में अवैध गांजा की खेती का पर्दाफाश, 7.8 किलो गांजा के 30 पौधे बरामद

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। जिले की थाना दीनदयाल नगर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध मादक पदार्थ गांजा की खेती (Hemp cultivation) का खुलासा किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में 7.8 किलो वजनी गांजे के 30 हरे पौधे बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 80,000 रुपए बताई जा रही है। रतलाम एसपी अमित कुमार ने बताया की  अवैध गतिविधियों व मादक पदार्थों से जुड़ी जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचित करें ताकि ऐसे मामलों पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की जा सके। आरोपी फरार, पुलिस जांच में जुटीपुलिस की दबिश के दौरान आरोपी रामचंद्र सिंघाड मौके से फरार हो गया और घर पर नहीं मिला। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 710/2024 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया है और उसकी तलाश की जा रही है। दीनदयाल नगर थाना प्रभारी रविंद्र दंडोतिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। उपनिरीक्षक के. एल. रजक, आरक्षक दीपक सिंह, आरक्षक दीपक वसुनिया, और आरक्षक बंकट शर्मा की भूमिका महत्वपूर्ण रही। जानकारी के अनुसार पुलिस को मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम मउड़ीपाड़ा में रामचंद्र पिता मेघा सिंगर ने अपने घर के पीछे के खेत में अवैध रूप से गांजे के पौधे लगा रखे हैं। इस सूचना पर थाना दीनदयाल नगर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। जब पुलिस टीम ने आरोपी रामचंद्र के घर के पीछे के खेत में छापा मारा, तो वहां गांजे के 30 हरे पौधे पाए गए, जिनका कुल वजन 7 किलो 817 ग्राम था।

Laapataa Ladies in Oscar : MP में शूट हुईलापता लेडीज मूवी की ऑस्कर में एंट्री, CM मोहन यादव ने दी बधाई

फिल्म की शूटिंग मध्य प्रदेश के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में की गई है। खासकर, भोपाल के नजदीकी सीहोर जिले के गांव बमुलिया और हीरापुर में फिल्म की प्रमुख शूटिंग हुई, 97वें अकादमी अवॉर्ड्स (Oscar 2025) में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी ‘Laapataa Ladies‘. पब्लिक वार्ता,ENTERTAINMENT डेस्क। ऑस्कर 2025 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के रूप में आमिर खान प्रोडक्शन्स की फिल्म ‘लापता लेडीज’ (Laapataa Ladies) को चुना गया है। यह फिल्म एक सोशल ड्रामा है, जिसे किरण राव ने निर्देशित किया है। यह फिल्म इस साल 2024 में रिलीज हुई थी और दर्शकों के बीच लोकप्रिय रही थी। अब यह फिल्म 97वें अकादमी अवॉर्ड्स (Oscar 2025) में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। 29 फिल्मों को पीछे छोड़ बनी ऑस्कर एंट्रीऑस्कर के लिए इस बार कड़ी प्रतिस्पर्धा रही, जिसमें 29 फिल्मों की लिस्ट में ‘लापता लेडीज’ को चुना गया। अन्य प्रमुख फिल्मों में रणबीर कपूर की ‘एनिमल’, प्रभास अभिनीत ‘कल्कि 2898 एडी’, ‘तंगलान’, ‘जोरम’ और कई साउथ इंडियन फिल्में शामिल थीं। इन सबके बीच ‘लापता लेडीज’ ने अपनी खास जगह बनाई और भारत की आधिकारिक एंट्री के रूप में ऑस्कर के मंच पर जाने का मौका हासिल किया। फिल्म की कहानी में सामाजिक संदेशलापता लेडीज एक सामाजिक मुद्दे पर आधारित फिल्म है, जो कम उम्र में लड़कियों की शादी और उसके प्रभावों पर केंद्रित है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक लड़की जो पढ़ाई करना चाहती है, उसे जबरदस्ती शादी के बंधन में बांध दिया जाता है। फिल्म में कहानी उस वक्त एक नया मोड़ लेती है, जब दो दुल्हनों की अदला-बदली हो जाती है। इस घटना के बाद दोनों के जीवन में जो बदलाव आते हैं, वही फिल्म का मुख्य केंद्र है। फिल्म का भावनात्मक और सामाजिक संदेश दर्शकों को छूने में सफल रहा है। मध्यप्रदेश में हुई फिल्म की शूटिंगफिल्म की शूटिंग मध्य प्रदेश के विभिन्न ग्रामीण इलाकों में की गई है। खासकर, भोपाल के नजदीकी सीहोर जिले के गांव बमुलिया और हीरापुर में फिल्म की प्रमुख शूटिंग हुई। फिल्म की शूटिंग लगभग 42 दिनों तक MP में चली। इन स्थानों की खूबसूरत और प्रामाणिक ग्रामीण पृष्ठभूमि ने फिल्म की कहानी को और प्रभावशाली बना दिया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दी बधाईमध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने फिल्म ‘लापता लेडीज’ की ऑस्कर में एंट्री पर बधाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक्स के माध्यम से लिखा, “97वें ऑस्कर अवॉर्ड्स 2025 की फॉरेन लैंग्वेज कैटेगरी में भारत की ओर से फिल्म ‘लापता लेडीज’ को नामित किया गया है। फिल्म की पूरी टीम और प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई। मध्य प्रदेश साहित्य, कला और फिल्म की उर्वरा भूमि है, जहां भविष्य में और भी उत्कृष्ट फिल्मों का निर्माण होगा।” सिनेमा जगत के लिए गर्व ‘लापता लेडीज’ की ऑस्कर में एंट्री न केवल फिल्म की टीम के लिए, बल्कि पूरे देश और विशेष रूप से मध्य प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है। यह फिल्म एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगी और भारतीय सिनेमा की पहचान को और मजबूत करेगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह फिल्म ऑस्कर में कैसी प्रदर्शन करती है और भारतीय सिनेमा के लिए कितनी बड़ी उपलब्धि बनती है। ऑस्कर में भारत का प्रतिनिधित्वलापता लेडीज जैसी फिल्में यह दिखाती हैं कि भारतीय सिनेमा केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के गहरे मुद्दों को भी उजागर करता है। फिल्म के निर्देशन से लेकर कहानी तक, यह फिल्म भारत की कला और संस्कृति को विश्व स्तर पर ले जाने में सक्षम है। फिल्म अब नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है और दर्शक इस सामाजिक ड्रामा का आनंद ले सकते हैं।

Illegal pistol: रतलाम में अवैध हथियारों के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार, तीन पिस्टल और कारतूस बरामद

रतलाम – पब्लिक वार्ता,News डेस्क। रतलाम जिले के औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियारों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पॉइंट 32 एमएम की तीन पिस्टल (Pistol), पांच जिंदा कारतूस और एक सफेद रंग की स्कोडा कार (MP-09-ZH-9871) बरामद की गई है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की, जिसमें तीनों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए। पुलिस के अनुसार मुखबिर द्वारा सूचना मिली थी कि डेलनपुर की ओर से एक सफेद रंग की स्कोडा कार रतलाम आ रही है, जिसमें तीन व्यक्ति सवार हैं, जिनके पास अवैध पिस्टल हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने नंदलई फंटा, रतलाम-सैलाना रोड पर एक सफेद स्कोडा कार को रोक लिया। कार में तीन व्यक्ति बैठे थे, जिनसे पूछताछ करने पर उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। शक के आधार पर पुलिस ने तीनों की तलाशी ली और उनके पास से तीन अवैध पिस्टल (Illegal pistol) और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए। पुलिस ने दानिश अली (25) निवासी नयापुरा हाट रोड रतलाम, जावेद उर्फ गोलु (33) निवासी 16 शहर सराय रतलाम, व अहमद हुसैन (30) निवासी ताल नाका, जावरा को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान, दानिश अली की कमर से .32 एमएम की पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए। वहीं, जावेद और अहमद की कमर से भी .32 एमएम की पिस्टल और कारतूस मिले। तीनों आरोपियों के पास पिस्टल रखने का कोई लाइसेंस नहीं था, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि वे अवैध हथियार लेकर चल रहे थे। आर्म्स एक्ट में दर्ज किया प्रकरणआरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे अवैध हथियारों की सप्लाई के संबंध में पूछताछ की जा रही है। साथ ही, पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है। फिलहाल आरोपियों से अवैध पिस्टल कहां से लाए व इसे रखने के पीछे की वजह जैसे बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार (ips Amit Kumar) के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा और नगर पुलिस अधीक्षक अभिनव वारंगे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी औद्योगिक क्षेत्र, रतलाम वी.डी. जोशी के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। इस टीम में उपनिरीक्षक सत्येंद्र रघुवंशी, प्रधान आरक्षक योगेंद्र सिंह जादौन, दिनेश जाट, तेज सिंह जगावत, हर्षवर्धन सिंह, अमित त्यागी, जितेंद्र सिंह गौड़ सहित अन्य आरक्षकों की सराहनीय भूमिका रही।

MP News: चोरी की शंका में दलित युवक को पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा, चार आरोपी गिरफ्तार

मजदूरी करके गुजरात से लौट रहा था पीड़ित, रात में पैदल अपने गांव जा रहा था तभी उसके पीछे कुछ कुत्ते पड़ गए, जिससे बचने के लिए वह भागने लगा… रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां चोरी के शक में एक दलित युवक को पेड़ से बांधकर क्रूरता से पीटा गया। ताल थाना क्षेत्र के नासिरगंज गांव के रहने वाले श्रवण पिता केशूराम (चंद्रवंशी) के साथ यह बर्बरता की गई। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। (MP News) घटना 16 सितंबर की रात की है, जब श्रवण मजदूरी करके गुजरात से लौट रहा था। जिले के ताल में बस से उतरने के बाद वह पैदल अपने गांव नासिरगंज जा रहा था। रात के समय उसके पीछे कुछ कुत्ते पड़ गए, जिससे बचने के लिए वह भागने लगा। इस बीच टुंगनी गांव के कुछ ग्रामीणों ने उसे चोर समझ लिया। श्रवण ने स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने उसकी बातों को नजरअंदाज करते हुए उसे पेड़ से बांध दिया और लकड़ियों, लात-घूंसों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। वीडियो हुआ वायरल, पुलिस ने की कार्रवाई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया। जांच में पता चला कि आरोपी दशरथ सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, बबलू सिसौदिया और बाबूलाल हाड़ा ने श्रवण को पेड़ से बांधकर उसकी पिटाई की थी। श्रवण के पिता केशूराम की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। युवक के हाथ-पैर हुए फ्रैक्चर मारपीट में श्रवण के हाथ-पैर फ्रैक्चर हो गए हैं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। श्रवण मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालता है, लेकिन इस घटना ने उसकी जिंदगी में त्रासदी ला दी है। ताल थाना पुलिस ने आरोपियों दशरथ सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, बबलू सिसौदिया और बाबूलाल हाड़ा के खिलाफ आईपीसी की धारा 126(2), 296, 115(2), 351(2), 3(5) बीएनएस और एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(1)द, 3(1)ध, 3(2)VA के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। इस घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और लोग इस क्रूरता की निंदा कर रहे हैं। स्थानीय समाजिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है।

Gold Price On High: सोने की कीमत ने छुआ नया ऑल टाइम हाई, सोने पर प्रति 10 ग्राम और चांदी पर किलो के हिसाब से भाव तेज

लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो सोना और चांदी में अभी भी निवेश का अच्छा मौका हो सकता है, सोना साल के आखिर तक 78 हजार और चांदी 1 लाख तक पहुंच सकती है! पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। सोने की कीमतें (Gold Price) आज फिर एक नए शिखर पर पहुंच गई हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, मंगलवार को 24 कैरेट सोने की कीमत में 204 रुपए की बढ़त दर्ज की गई, जिसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव 74,671 रुपए हो गया। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। सोमवार को सोने की कीमत 74,467 रुपए प्रति 10 ग्राम थी।  चांदी की कीमत (Silver Price) में भी उछाल देखा गया है। चांदी 312 रुपए महंगी होकर 88,068 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि सोमवार को यह 87,756 रुपए पर थी। इस साल चांदी ने 29 मई को 94,280 रुपए प्रति किलोग्राम का ऑल टाइम हाई छुआ था। सोने की कीमत में 11,319 रुपए की बढ़तसाल 2024 की शुरुआत में 1 जनवरी को सोने की कीमत 63,352 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। इसके बाद से अब तक इसमें 11,319 रुपए का इजाफा हो चुका है। इसी तरह, चांदी की कीमत भी साल के शुरुआत में 73,395 रुपए प्रति किलोग्राम थी, जो अब 88,068 रुपए हो गई है। 4 महानगरों और भोपाल में सोने की कीमतें (24 सितंबर 2024) – दिल्ली: 22 कैरेट सोने की कीमत 70,150 रुपए और 24 कैरेट सोने की कीमत 76,510 रुपए प्रति 10 ग्राम है। – मुंबई: 22 कैरेट सोने की कीमत 70,000 रुपए और 24 कैरेट सोने की कीमत 76,360 रुपए प्रति 10 ग्राम है। – कोलकाता: 22 कैरेट सोने की कीमत 70,000 रुपए और 24 कैरेट सोने की कीमत 76,360 रुपए प्रति 10 ग्राम है। – चेन्नई: 22 कैरेट सोने की कीमत 70,000 रुपए और 24 कैरेट सोने की कीमत 76,360 रुपए प्रति 10 ग्राम है। – भोपाल: 22 कैरेट सोने की कीमत 70,050 रुपए और 24 कैरेट सोने की कीमत 76,410 रुपए प्रति 10 ग्राम है। सोना साल के आखिर तक 78 हजार और चांदी 1 लाख तक पहुंच सकती है!विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतें आगे और बढ़ सकती हैं। HDFC सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी हेड अनुज गुप्ता के अनुसार, सोना इस साल के अंत तक 78,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है, जबकि चांदी 1 लाख रुपए प्रति किलोग्राम तक जा सकती है। क्या हैं सोने और चांदी की कीमतों में उछाल के कारण?विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग और अमेरिकी डॉलर में कमजोरी, वैश्विक अस्थिरता, और निवेशकों की रुचि में बढ़ोतरी के कारण सोने और चांदी की कीमतों में तेजी आई है। इसके अलावा, त्योहारी सीजन और शादी-ब्याह के मौसम में मांग बढ़ने से भी कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। निवेशकों के लिए सलाहविशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि अगर वे लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो सोना और चांदी में अभी भी निवेश का अच्छा मौका हो सकता है। वहीं, शॉर्ट टर्म में निवेश करने वालों को बाजार के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए सावधानी से निवेश करने की सलाह दी जा रही है। सोने और चांदी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, और आने वाले महीनों में इनकी कीमतें और भी अधिक बढ़ने की संभावना है। ऐसे में निवेशकों को सोने और चांदी में निवेश करने से पहले बाजार की स्थिति को समझकर सही फैसला लेना चाहिए।

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