Lady Of Justice: सुप्रीम कोर्ट में ‘न्याय की देवी’ की प्रतिमा में बड़ा बदलाव, आंखों से पट्टी और हाथ से तलवार हटाई

नई दिल्ली- पब्लिक वार्तान्यूज़ डेस्क। Lady Of Justice: सुप्रीम कोर्ट में ‘न्याय की देवी’ की प्रतिमा में बड़ा बदलाव किया गया है। इस बदलाव के तहत अब प्रतिमा की आंखों से पट्टी हटा दी गई है और हाथ में तलवार की जगह संविधान की प्रति दी गई है। इस नई प्रतिमा को सुप्रीम कोर्ट के परिसर में पिछले साल स्थापित किया गया था, लेकिन हाल ही में इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिसने जनता और कानूनी विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है। (Supreme Court Of India) पारंपरिक रूप से, ‘न्याय की देवी’ को आंखों पर पट्टी और हाथ में तलवार के साथ दिखाया जाता है, जो न्याय की निष्पक्षता और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। लेकिन इस नई प्रतिमा में आंखों से पट्टी हटाकर न्याय की प्रक्रिया में पारदर्शिता और संविधान को सर्वोच्चता दी गई है। इस बदलाव को न्यायिक व्यवस्था के आधुनिक दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है, जहां कानून और संविधान को सर्वोपरि माना गया है। प्रतिमा के इस नए रूप को लेकर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोग इसे न्याय की नई व्याख्या के रूप में देख रहे हैं, जहां कानून और संविधान की अहमियत को प्रमुखता दी गई है, वहीं कुछ पारंपरिक दृष्टिकोण के समर्थक इस बदलाव पर सवाल उठा रहे हैं।

Train Time Table: दिवाली से पहले कई ट्रेनों का मार्ग बदला, पश्चिम और उत्तर मध्य रेलवे में यार्ड रिमॉडलिंग कार्य नूं,

भोपाल – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Train Time Table: पश्चिम और उत्तर मध्य रेलवे के विभिन्न मंडलों में यार्ड रिमॉडलिंग कार्य के चलते कई महत्वपूर्ण ट्रेनें प्रभावित हो रही हैं। रेलवे प्रशासन द्वारा जारी सूचना के अनुसार, जबलपुर मंडल के कटनी-सिंगरौली खंड में गोंदवाली स्टेशन के यार्ड रिमॉडलिंग कार्य और प्रयागराज मंडल के प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर ब्लॉक के कारण कई ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है। इन ट्रेनों में कई प्रमुख गाड़ियां शामिल हैं, जो अलग-अलग तारीखों पर अपने निर्धारित मार्ग से हटकर नए मार्गों से संचालित होंगी। पश्चिम मध्य रेलवे में प्रभावित ट्रेनेंपश्चिम मध्य रेलवे के रतलाम मंडल से गुजरने वाली निम्नलिखित ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलेंगी: 1. गाड़ी संख्या 19608 मदार जंक्शन-कोलकाता एक्सप्रेस 21 एवं 28 अक्टूबर को कटनी मुडवारा-सतना-प्रयागराज छिवकी- पं. दीनदयाल उपाध्याय जं. होते हुए चलेगी। 2. गाड़ी संख्या 19607 कोलकाता-मदार एक्सप्रेस 17 एवं 24 अक्टूबर को गढ़वा रोड-सोननगर-पं. दीनदयाल उपाध्याय जं.-प्रयागराज छिवकी होते हुए चलेगी। 3. गाड़ी संख्या 18009 संतरागाछी-अजमेर एक्सप्रेस 18 एवं 25 अक्टूबर को गढ़वा रोड-पं. दीनदयाल उपाध्याय जं.-प्रयागराज छिवकी मार्ग से जाएगी। 4. गाड़ी संख्या 18010 अजमेर-संतरागाछी एक्सप्रेस 20 एवं 27 अक्टूबर को कटनी मुड़वारा-सतना-प्रयागराज छिवकी मार्ग से चलेगी। 5. गाड़ी संख्या 19413 अहमदाबाद-कोलकाता एक्सप्रेस 23 अक्टूबर को कटनी मुड़वारा-सतना-प्रयागराज छिवकी मार्ग से चलेगी। 6. गाड़ी संख्या 19414 कोलकाता-अहमदाबाद एक्सप्रेस 19 एवं 26 अक्टूबर को गढ़वा रोड-पं. दीनदयाल उपाध्याय जं.-प्रयागराज छिवकी मार्ग से जाएगी। उत्तर मध्य रेलवे में प्रभावित ट्रेनें उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल में भी ब्लॉक के कारण कुछ ट्रेनें प्रभावित हुई हैं: 1. गाड़ी संख्या 09067 उधना-बरौनी स्पेशल 17 अक्टूबर को इटावा-कानपुर सेंट्रल-लखनऊ-जंघई-वाराणसी मार्ग से चलेगी। 2. गाड़ी संख्या 09068 बरौनी-उधना स्पेशल 18 अक्टूबर को वाराणसी-जंघई-लखनऊ-कानपुर सेंट्रल-इटावा मार्ग से संचालित होगी। विशेष जानकारी:उक्त ट्रेनें अपने परिवर्तित मार्गों से गुजरते समय कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर ठहराव लेंगी। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे इन परिवर्तनों का ध्यान रखें और यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी प्राप्त करें।

UP NEWS: मऊ जिला अस्पताल में सांसद और डॉक्टर के बीच तू-तू मैं-मैं, सासंद से कहा- नेतागिरी बाहर करो!, वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। UP NEWS: मऊ जिला अस्पताल में बुधवार को उस समय हंगामा मच गया जब घोसी लोकसभा के सपा सांसद राजीव राय और अस्पताल में तैनात डॉ. सौरभ त्रिपाठी के बीच तीखी बहस हो गई। घटना तब हुई जब सांसद राजीव राय मरीजों की शिकायतों पर औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने देखा कि डॉक्टर सौरभ त्रिपाठी अपने कक्ष से बाहर जाने की तैयारी में थे, जबकि मरीजों को उपचार की आवश्यकता थी। जब सांसद ने डॉक्टर को रोकने का प्रयास किया, तो डॉक्टर त्रिपाठी ने आक्रामक भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा, “नेतागिरी जाओ बाहर करो।” इस घटना ने सांसद राजीव राय को नाराज कर दिया और दोनों के बीच जमकर बहस हो गई। यह पूरी घटना  कैमरे में कैद हो गई, और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। डॉक्टर पर पहले भी लगे हैं बदसलूकी के आरोपडॉ. सौरभ त्रिपाठी पहले भी अपने बदसलूकी के लिए चर्चा में रहे हैं। कुछ समय पहले उन्होंने अस्पताल में कवरेज करने आए एक पत्रकार के साथ भी दुर्व्यवहार किया था, जिसमें डॉक्टर ने पत्रकार का मोबाइल तोड़ दिया था और हेलमेट से हमला करने का भी आरोप है। इसके बावजूद, डॉक्टर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। सांसद की नाराजगी और जांच के आदेशघटना के बाद सांसद राजीव राय ने अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की और प्रशासन से इस मामले की जांच की मांग की। अस्पताल के सीएमएस डॉ. धनंजय  ने जानकारी दी कि डॉक्टर सौरभ की रिपोर्ट जिलाधिकारी (डीएम) को भेजी जाएगी, और इस मामले की पूरी जांच की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया कि उच्च स्तरीय जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि मामला अब हाई प्रोफाइल हो चुका है।

When to celebrate Diwali?: देशभर में इस दिन मनेगी 2024 की दिवाली, जयपुर की धर्मसभा में हुआ निर्णय

धर्मसभा में 100 से अधिक विद्वान, ज्योतिषाचार्य और धर्माचार्य उपस्थित हुए, गहन विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि दीपावली (Diwali 2024) का पर्व 31 अक्टूबर 2024 को मनाने का निर्णय जयपुर – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। कब मनाएं दिवाली?: दीपावली पर्व की तिथि को लेकर देशभर में जारी असमंजस के बीच, 15 अक्टूबर 2024 को जयपुर स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के नवीन सभागार में अखिल भारतीय विद्वत परिषद द्वारा एक महत्वपूर्ण धर्मसभा का आयोजन किया गया। धर्मसभा में 100 से अधिक विद्वान, ज्योतिषाचार्य और धर्माचार्य उपस्थित हुए। प्रमुख ज्योतिषाचार्य प्रो. रामपाल शास्त्री की अध्यक्षता में हुई इस धर्मसभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष दीपावली (When to celebrate Diwali?) का महापर्व 31 अक्टूबर 2024, गुरुवार को ही मनाया जाएगा। धर्मसभा के अनुसार, यह तिथि शास्त्रसम्मत है और इसी दिन लक्ष्मी पूजन (Lakshmi Pujan) का सही समय है। धर्मसभा का निर्णय: 31 अक्टूबर को मनाई जाएगी दीपावलीधर्मसभा में विद्वानों ने विभिन्न पंचांगों, ज्योतिषीय गणनाओं और शास्त्रीय प्रमाणों का सूक्ष्म अध्ययन किया। गहन विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि दीपावली का पर्व 31 अक्टूबर 2024 को ही मनाना शास्त्रों के अनुसार उचित और शुभ है। इस दिन प्रदोषकाल में व्यापिनी कार्तिकी अमावस्या का समय रहेगा, जो लक्ष्मी पूजन के लिए सबसे शुभ मानी जाती है। धर्मसभा के संयोजक प्रो. मोहनलाल शर्मा ने बताया कि विद्वानों ने पंचांगों की गणनाओं और सूर्य सिद्धांत के आधार पर इस निर्णय को अंतिम रूप दिया। उन्होंने कहा, “31 अक्टूबर की रात को पूरी अमावस्या व्यापिनी रहेगी, और शास्त्रों के अनुसार कर्मकाल में तिथि की प्राप्ति आवश्यक होती है। इस कारण 31 अक्टूबर को ही दीपावली मनाई जानी चाहिए।” शास्त्रों का समर्थन: प्रदोषकाल में लक्ष्मी पूजन का महत्वधर्मशास्त्रों के अनुसार, प्रदोषकाल में लक्ष्मी पूजन को अत्यधिक शुभ और फलदायी माना जाता है। धर्मसभा में इस बात पर जोर दिया गया कि 31 अक्टूबर को प्रदोषकाल के समय व्यापिनी अमावस्या रहेगी, और उसी समय लक्ष्मी पूजन करना शास्त्रों के अनुसार सबसे उचित होगा। धर्मसभा के अध्यक्ष प्रो. रामपाल शास्त्री ने कहा, “दीपावली का पर्व तब तक सही नहीं माना जा सकता जब तक कि वह प्रदोषकाल में व्यापिनी अमावस्या के समय न हो।” विरोध के स्वर: 1 नवंबर को भी दिवाली के पक्ष में विद्वानों की रायहालांकि धर्मसभा में 31 अक्टूबर की तिथि को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया, कुछ विद्वानों ने इसका विरोध भी जताया। जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रवक्ता शास्त्री कोसलेंद्रदास सहित अन्य विद्वानों ने तर्क दिया कि 1 नवंबर को सूर्योदय और सूर्यास्त के बाद अमावस्या रहेगी, जो लक्ष्मी पूजन के लिए अधिक शुभ मानी जाती है। शास्त्री कोसलेंद्रदास ने कहा, “शास्त्रों में यह स्पष्ट उल्लेख है कि जब दो दिन अमावस्या का योग हो, तो दूसरे दिन अमावस्या को पर्व मनाना चाहिए। इस वर्ष 1 नवंबर को भी अमावस्या सूर्योदय के बाद तक बनी रहेगी, इसलिए 1 नवंबर को दीपावली का पर्व मनाना शास्त्रसम्मत होगा।” ज्योतिषाचार्य पंडित दिनेश शर्मा ने भी इसी प्रकार का तर्क देते हुए कहा, “दो दिन अमावस्या होने पर शास्त्रों के अनुसार उत्तर वाली अमावस्या (दूसरे दिन) को लक्ष्मी पूजन करना सही होता है। 1 नवंबर को स्वाति नक्षत्र का भी संयोग रहेगा, जिससे लक्ष्मी पूजन का महत्व और बढ़ जाएगा।” देशभर में विविधता: अलग-अलग राज्यों में अलग तिथियों पर दीपावलीदीपावली पर्व को लेकर देशभर में अलग-अलग पंचांगों के आधार पर विभिन्न तिथियों का निर्धारण किया गया है। अयोध्या के राममंदिर में 1 नवंबर को दीपावली मनाई जाएगी, जबकि काशी में सौर पंचांग सिद्धांत के अनुसार 31 अक्टूबर को ही पर्व मनाने का निर्णय लिया गया है। दिल्ली के कुछ पंचांगकर्ता 1 नवंबर को दीपावली मानने के पक्ष में हैं, वहीं राजस्थान के जयविनोदी पंचांग और सर्वेश्वर जयादित्य पंचांग के अनुसार 31 अक्टूबर को ही दीपावली मनाई जाएगी। जयपुर के प्रसिद्ध गोविंद देव जी मंदिर में भी 31 अक्टूबर को ही लक्ष्मी पूजन होगा। धर्मसभा का उद्देश्य: एकरूपता और धार्मिक अनुशासन की स्थापनाधर्मसभा के निर्णय का उद्देश्य पूरे देश में दीपावली की तिथि को लेकर चल रहे भ्रम को समाप्त करना और सनातन धर्म के अनुयायियों के बीच धार्मिक अनुशासन और एकरूपता को बढ़ावा देना है। धर्मसभा के विद्वानों ने कहा कि शास्त्रों के आधार पर 31 अक्टूबर को दीपावली मनाना सर्वश्रेष्ठ और शुभ है। धर्मसभा का निर्णय यह सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है कि सनातन धर्म के अनुयायी सही समय पर दीपावली का महापर्व मना सकें।

Maharashtra – Jharkhand Election Date: महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, 23 नवंबर को नतीजे

न्यू दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क| Maharashtra – Jharkhand Election Date: चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। महाराष्ट्र में एक चरण में 20 नवंबर को मतदान होगा, जबकि झारखंड में चुनाव दो चरणों में होंगे। झारखंड में पहले चरण का मतदान 13 नवंबर और दूसरे चरण का मतदान 20 नवंबर को होगा। दोनों राज्यों के नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। नक्सल प्रभावित इलाकों में विशेष सुरक्षाझारखंड के कई जिले नक्सल प्रभावित हैं, जिसकी वजह से वहां चुनाव सुरक्षा एक अहम मुद्दा है। इसीलिए झारखंड में दो चरणों में चुनाव कराने का फैसला लिया गया है। 2019 के चुनावों में यहां पांच चरणों में मतदान हुआ था, लेकिन इस बार दो चरणों में इसे संपन्न कराया जाएगा। उपचुनाव की तारीखों का भी ऐलानचुनाव आयोग ने कई उपचुनावों की तारीखें भी घोषित की हैं। 13 नवंबर को वायनाड लोकसभा सीट पर उपचुनाव होगा, जो राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, केरल और उत्तराखंड की विधानसभा सीटों पर भी उपचुनाव होंगे। उत्तर प्रदेश में 9 सीटों पर 13 नवंबर को उपचुनाव होगा, जबकि उत्तराखंड की केदारनाथ सीट पर 20 नवंबर को उपचुनाव कराया जाएगा। महाराष्ट्र और झारखंड में बहुमत का आंकड़ामहाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 सीटें हैं, जहां बहुमत के लिए 145 सीटों की जरूरत है। वहीं, झारखंड में 81 सीटें हैं और बहुमत का आंकड़ा 42 है। महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त हो रहा है, जबकि झारखंड में 5 जनवरी तक नई सरकार का गठन हो जाना चाहिए। महाराष्ट्र में एक लाख से ज्यादा पोलिंग बूथमहाराष्ट्र में 1 लाख से ज्यादा पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे। महिला मतदाताओं के लिए विशेष बूथों की व्यवस्था होगी, साथ ही बूथों पर बुजुर्गों और महिलाओं के लिए बैठने की व्यवस्था भी होगी। झारखंड में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा है, जहां 1.6 करोड़ महिला वोटर्स और 1.3 करोड़ से अधिक पुरुष मतदाता हैं। निष्पक्ष चुनाव पर जोरचुनाव आयोग ने मनी और मसल पावर पर सख्ती से लगाम लगाने की बात कही है। चुनाव के दौरान नकद, नशे और अवैध हथियारों की आवाजाही रोकने के लिए महाराष्ट्र और झारखंड की सीमाओं पर कड़ी चौकसी रखी जाएगी। 23 नवंबर को आएंगे नतीजेमहाराष्ट्र और झारखंड में मतदान के बाद 23 नवंबर को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।

Train Ticket Rule: ट्रेन का टिकट खोने या फटने पर क्या करें? ट्रेन छूट गई तो? यहां जानें सभी नियम

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Train Ticket Rule: भारतीय रेलवे  देश की लाइफलाइन मानी जाती है, और इसके माध्यम से प्रतिदिन लाखों लोग अपनी मंजिल तक पहुंचते हैं। सफर के दौरान कई बार यात्रियों को टिकट खोने या फटने जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि रेलवे ने इस समस्या के समाधान के लिए कुछ सरल प्रक्रियाएं तय की हैं। टिकट खोने पर क्या करें:यदि आपका ट्रेन टिकट खो जाता है, तो सबसे पहले आपको रेलवे के आरक्षण केंद्र पर सूचना देनी चाहिए। इसके बाद आपको एक डुप्लीकेट टिकट जारी किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए आपको शुल्क देना होगा:– स्लीपर और सेकेंड क्लास के लिए: 50 रुपये– अन्य श्रेणियों के लिए: 100 रुपये इस डुप्लीकेट टिकट से आप अपनी यात्रा आराम से पूरी कर सकते हैं। ध्यान रहे कि आपको टिकट जारी करते समय मिली पर्ची को संभालकर रखना है। टिकट फटने पर क्या करें:यदि आपका टिकट फट जाता है या किसी कारण से खराब हो जाता है, तो आपको केवल यात्रा की कुल राशि का 25% भुगतान कर डुप्लीकेट टिकट प्राप्त हो सकता है। उदाहरण के लिए, यदि टिकट की कीमत 100 रुपये है, तो आपको केवल 25 रुपये देना होगा। वेटिंग टिकट पर डुप्लीकेट टिकट:वेटिंग टिकट की स्थिति में डुप्लीकेट टिकट जारी नहीं किया जाता है, क्योंकि आपको वेटिंग टिकट पर सीट नहीं मिलती है। ऐसे में आप कोच में यात्रा कर सकते हैं। खोया टिकट मिलने पर:अगर डुप्लीकेट टिकट लेने के बाद आपका असली टिकट मिल जाता है, तो आप ट्रेन के छूटने से पहले रेलवे काउंटर पर जाकर डुप्लीकेट टिकट वापस कर सकते हैं और अपना पैसा वापस ले सकते हैं। ट्रेन छूटने पर:अगर किसी कारणवश आपकी ट्रेन छूट जाती है, तो आपकी सीट अगले तीन स्टेशनों तक सुरक्षित रहती है और टीटीई द्वारा सीट कैंसिल नहीं की जा सकती। इन उपायों को जानकर आप ट्रेन यात्रा के दौरान किसी भी असुविधा से बच सकते हैं और अपनी यात्रा को सुगम बना सकते हैं।

RSS पथ संचलन: महाराष्ट्र में RSS के जुलूस को मुस्लिम भीड़ द्वारा रोकने की कोशिश, तनाव के बाद पुलिस ने दर्ज की FIR

मुंबई – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क।RSS पथ संचलन: दशहरा से एक दिन पहले महाराष्ट्र के रत्नागिरी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के जुलूस यानी पथ संचलन के दौरान तनाव पैदा हो गया। जानकारी के मुताबिक जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पथ संचलन को रोकने का प्रयास किया।वहीं कथित तौर पर नारेबाजी की। इससे इलाके का माहौल तनावपूर्ण हो गया। रत्नागिरी के एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक शुक्रवार रात को कोंकण नगर इलाके में यह घटना हुई। इसके बाद पुलिस ने दो मामले दर्ज किए हैं। महाराष्ट्र विधानसभा में कणकवली से विधायक और बीजेपी नेता नितेश राणे ने एक तथाकथित वीडियो शेयर किया है, जिसमें कुछ लोगों को नारेबाजी करते हुए देखा गया था। घटना को लेकर नितेश ने वीडियो के साथ लिखा- ‘इसका हिसाब तो होगा… इंटरेस्ट के साथ’! रत्नागिरी में शुक्रवार शाम निकला था RSS का मार्चरत्नागिरी में शुक्रवार शाम को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता कदम ताल करते हुए घोष के साथ मार्च कर रहे थे। संघ कार्यकर्ता कतार लगाकर चल रहे थे। इसी बीच कुछ अराजक तत्वों का झुंड इस मार्च को बाधित करने की कोशिश करते हुए दिखाई दिया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी उन लोगों को रोककर खड़े हुए थे, ताकि आरएसएस का मार्च निकल सके।वीडियो में देखा गया कि संघ कार्यकर्ताओं के आते ही वहां मौजूद अराजक तत्व नारेबाजी करने लगे। उन लोगों ने धार्मिक नारे लगाए। काफी देर तक ये लोग संघ कार्यकर्ताओं के मार्च के बीच नारेबाजी करते रहे। पुलिस वहां मोर्चा संभालकर डटी हुई थी और संघ का मार्च वहां से धीरे-धीरे आगे निकल गया था। फिलहाल पुलिस ने बताया कि जब दशहरा उत्सव की पूर्व संध्या पर आरएसएस ने इलाके में पथ संचलन किया तो अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले नारे लगाए। हालांकि कोई हिंसा नहीं हुई। मगर रात को लोगों की भीड़ थाने में जुट गई। लोगों ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। अधिकारी ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अभी किसी की गिरफ्तारी नहींपुलिस अधिकारी ने बताया कि हमने शिकायतों के आधार पर दो मामले दर्ज किए हैं। पांच आरोपियों की पहचान कर ली गई है। उन्हें नोटिस जारी कर दिए हैं। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। भागवत ने विजयादशमी पर क्या कहा?नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने विजयादशमी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने हिंदुओं से एक होने की अपील की। भागवत ने बांग्लादेश का उदाहरण दिया और कहा कि पहली बार हिंदू एकजुट हुए और अपनी रक्षा के लिए सड़कों पर उतरे। उन्होंने कहा कि जब तक अत्याचार करने की कट्टरपंथी प्रकृति बनी रहेगी तब तक न केवल हिंदू बल्कि सभी अल्पसंख्यक खतरे में रहेंगे। कमजोरी कोई विकल्प नहींसंघ प्रमुख ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा की निंदा की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जो कुछ हो रहा है, वह भारत के हिंदुओं के लिए भी सीख है। हमारे पड़ोसी बांग्लादेश में जो कुछ हुआ? इसके कुछ तात्कालिक कारण हो सकते हैं और जो लोग चिंतित हैं, वे इस पर चर्चा करेंगे। मगर मूल मुद्दा हिंदुओं के खिलाफ बार-बार हो रहा अत्याचार है। भागवत ने आगे कहा कि अगर हम कमजोर हैं तो हम अत्याचार को आमंत्रित कर रहे हैं। हम जहां भी हैं, हमें एकजुट और सशक्त होने की जरूरत है। कमजोरी कोई विकल्प नहीं है। बांग्लादेश पर भड़के भागवतभागवत ने कहा कि बांग्लादेश में ऐसी चर्चाएं चल रही हैं कि उन्हें पाकिस्तान का साथ देना चाहिए क्योंकि उसके पास परमाणु शक्ति है और उन्हें भारत से खतरा है। उन्होंने कहा कि जिस देश को उसके निर्माण में पूरा समर्थन मिला, वह अब भारत के खिलाफ इस तरह के बयान को बढ़ावा दे रहा है।

Ratan Tata Died: उद्योग जगत के “रतन” ने कहा अलविदा, मशहूर उद्योगपति रतन टाटा ने86 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस

मुंबई – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क| Ratan Tata Died: मशहूर उद्योगपत‍ि रतन टाटा का 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया। बुधवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। कुछ दिनों पहले ही उन्हें तबीयत बिगड़ने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वे आईसीयू में थे। इससे तीन दिन पहले उनके निधन की अफवाहें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं, जिन्हें खुद रतन टाटा ने खारिज करते हुए कहा था कि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। रतन टाटा, जो टाटा संस के चेयरमैन थे, का पूरा नाम रतन नवल टाटा था। उनका जन्म 28 दिसंबर 1937 को मुंबई में हुआ था। वे नवल टाटा और सूनी कमिसारीट के पुत्र थे। बचपन में माता-पिता के अलग होने के बाद, उनकी देखभाल उनकी दादी नवाजबाई टाटा ने की और उन्हें औपचारिक रूप से गोद ले लिया। रतन टाटा की परवरिश उनके सौतेले भाई नोएल टाटा के साथ हुई। रतन टाटा न सिर्फ एक सफल उद्योगपति थे, बल्कि अपने परोपकारी कार्यों के लिए भी विख्यात थे। उनके नेतृत्व में टाटा समूह ने अद्भुत ऊंचाइयों को छुआ और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई। चाय से लेकर जैगुआर लैंड रोवर तक, नमक बनाने से लेकर हवाई जहाज उड़ाने और होटलों के ग्रुप तक, जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में टाटा समूह की उपस्थिति महत्वपूर्ण है। पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित रतन टाटा का जीवन प्रेरणादायक था। उनकी सोच और उनके निर्णय लेने की क्षमता उन्हें सबसे अलग बनाती थी। उन्होंने एक बार कहा था, “मैं सही निर्णय लेने में विश्वास नहीं करता, मैं निर्णय लेता हूं और फिर उन्हें सही साबित करता हूं।” उनका कहना था कि शक्ति और धन उनके लिए प्राथमिकता नहीं हैं, बल्कि उनका उद्देश्य समाज की भलाई करना था। रतन टाटा का जाना उद्योग जगत और देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका योगदान और उनकी विरासत सदैव याद की जाएगी।

Haryana Election: बीजेपी की हरियाणा में जीत के बाद राहुल गांधी के घर भेजी गई जलेबी – राजनीतिक तंज या जीत का जश्न?

हरियाणा पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क| Haryana Election: हरियाणा विधानसभा चुनाव (Harayana vidhan sabha election) में तीसरी बार ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद, बीजेपी ने एक दिलचस्प कदम उठाया। पार्टी ने दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित बीकानेरवाला स्वीट्स से कांग्रेस मुख्यालय, 24 अकबर रोड पर राहुल गांधी के लिए एक किलो जलेबी भिजवाई। यह कदम न सिर्फ राजनीतिक तंज था, बल्कि पूरे चुनावी प्रचार के दौरान चले जलेबी विवाद का अंतिम जवाब भी था। जलेबी का चुनावी विवादयह सारा मामला तब शुरू हुआ जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गोहाना की एक रैली में स्थानीय जलेबी की तारीफ करते हुए उसे ‘सबसे अच्छी’ जलेबी बताया। उन्होंने कहा कि यह जलेबी भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में जानी चाहिए और इस दुकान को फैक्ट्री में बदल देना चाहिए, ताकि हजारों को रोजगार मिल सके। राहुल की इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी, और चुनाव के दौरान जलेबी एक हॉट टॉपिक बन गई। (BJP) बीजेपी की राजनीतिक चालचुनाव में कांग्रेस की हार और बीजेपी की जीत के बाद, बीजेपी ने राहुल गांधी की जलेबी टिप्पणी को लेकर तंज कसते हुए उनके घर जलेबी भेजने का फैसला किया। बीजेपी ने अपने ट्विटर हैंडल से इस घटना का जिक्र करते हुए ऑर्डर का स्क्रीनशॉट भी साझा किया, जिसमें बीकानेरवाला से ऑर्डर की गई जलेबी की कीमत 609 रुपये बताई गई थी। ट्वीट में पार्टी ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी हरियाणा के समस्त कार्यकर्ताओं की तरफ से राहुल गांधी जी के लिए उनके घर पर जलेबी भिजवा दी है।” जलेबी के जरिए तंजबीजेपी नेताओं ने इस जलेबी विवाद का इस्तेमाल कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधने के लिए किया। यूपी के एक बीजेपी नेता ने चुटकी लेते हुए कहा, “राहुल गांधी को अब जलेबी कड़वी लग रही होगी।” इस तरह, चुनावी रुझानों के बाद भी जलेबी विवाद सुर्खियों में रहा और भाजपा ने इसका उपयोग अपने विपक्षी दल पर कटाक्ष करने के लिए किया। नतीजाबीजेपी की जीत के बाद इस प्रतीकात्मक कदम से यह साफ है कि भारतीय राजनीति में तंज और प्रतीकों का कितना महत्व है। जलेबी, जो आमतौर पर मिठास और खुशी का प्रतीक है, यहां राजनीतिक कटाक्ष का साधन बन गई।

“Ashtami 2024: व्रत, कन्या पूजन के महत्व और शुभ मुहूर्त जानें”

पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क| ashtami 2024: हर वर्ष नवरात्रि का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है, जिसमें माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान अष्टमी और नवमी का विशेष महत्व है, जब कन्या पूजन का आयोजन किया जाता है। (Ashtami)अष्टमी तिथि:इस वर्ष, शारदीय नवरात्रि 3 अक्टूबर से शुरू हो रही है और 12 अक्टूबर को समाप्त होगी। अष्टमी का व्रत 11 अक्टूबर को मनाया जाएगा, क्योंकि इस दिन अष्टमी तिथि सुबह 6:52 बजे समाप्त होगी। कन्या पूजन का उत्तम समय:कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। इस बार अष्टमी पर कन्या पूजन का शुभ समय सुबह 9 बजे से 10 बजे के बीच रहेगा। व्रत और पूजा का शुभ मुहूर्त:– अष्टमी तिथि: 10 अक्टूबर दोपहर 12:23 बजे से शुरू होकर 11 अक्टूबर सुबह 6:52 बजे समाप्त होगी।– नवमी तिथि: 11 अक्टूबर सुबह 6:52 बजे से शुरू होकर 12 अक्टूबर भोर 5:12 बजे तक रहेगी।– अष्टमी का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए 11अक्टूबर  का दिन पूजा और हवन के लिए शुभ है। कन्याओं को विदाई:कन्या पूजन के बाद, सभी कन्याओं को विदा करते समय पान, फल, दक्षिणा और लाल चुनरी अर्पित करना न भूलें। यह माता दुर्गा की कृपा का मार्ग प्रशस्त करता है।इस नवरात्रि, श्रद्धालुओं को माता दुर्गा की आराधना में पूरी श्रद्धा के साथ शामिल होने का निमंत्रण है। नवमी तिथि के कारण महाष्टमी और महानवमी एक ही दिन हो जा रहा उन्होंने कहा कि क्षयवती नवमी तिथि के कारण महाष्टमी और महानवमी एक ही दिन हो जा रहा है। माता दुर्गा का प्राण- प्रतिष्ठा तिथि सप्तमी और मूल नक्षत्र के योग 9 अक्टूबर बुधवार को मध्याह्न मे किया जाएगा। सामान्यतः माता – बहन गोदी भरने का कार्य प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही आरम्भ कर देती है जो नवमी तक चलता है। इस हिसाब से यह कार्य 9 अक्टूबर बुधवार मध्याह्न बेला से 11 अक्टूबर शुक्रवार तक कर सकते है।