Sustainable Electricity: 2035 तक चाहिए 100% रिन्यूएबल बिजली: ग्लोबल बिज़नेस लीडर्स ने सरकारों को दिया अल्टीमेटम

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Sustainable Electricity: दुनिया भर के कारोबारी नेताओं ने साफ़ संदेश दिया है – अब वक्त आ गया है कि सरकारें कोयला और गैस जैसे पारंपरिक ईंधनों से हटकर सौर और पवन ऊर्जा पर पूरी तरह शिफ्ट हों। एक नए वैश्विक सर्वे के मुताबिक, 15 देशों के 97% बिज़नेस लीडर्स चाहते हैं कि 2035 तक बिजली उत्पादन पूरी तरह रिन्यूएबल सोर्स से हो। इस सर्वे को Savanta ने किया और E3G, Beyond Fossil Fuels व We Mean Business Coalition ने कमिशन किया था। इसमें शामिल मिड और बड़ी कंपनियों के टॉप एक्ज़ीक्यूटिव्स ने बताया कि अगर उनकी सरकारें रिन्यूएबल एनर्जी की दिशा में तेजी नहीं दिखाएंगी, तो वे अपने ऑपरेशन्स और सप्लाई चेन उन देशों में शिफ्ट कर सकती हैं, जहां ये सुविधाएं बेहतर हैं। रिन्यूएबल एनर्जी = विकास और सुरक्षासर्वे में 75% नेताओं ने माना कि सौर और पवन ऊर्जा से ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी, जबकि 77% ने इसे आर्थिक विकास से जोड़ा। जर्मनी के 78% लीडर्स ने कहा कि इससे उनके देश को महंगे और अस्थिर ऊर्जा आयात से राहत मिलेगी। “ये अब पर्यावरण नहीं, बिज़नेस का मामला है”Iberdrola के क्लाइमेट डायरेक्टर गोंज़ालो साएंज दे मीरा ने कहा, “रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश अब CSR नहीं, बल्कि स्मार्ट बिज़नेस स्ट्रैटेजी है। इससे लॉन्ग-टर्म ग्रोथ और कीमतों में स्थिरता आती है।” Schneider Electric के स्टुअर्ट लेमन ने कहा कि रिन्यूएबल अपनाने वाली कंपनियां इनोवेशन और कॉस्ट सेविंग में आगे रहेंगी। भारत समेत कई देशों में दिखा मज़बूत समर्थन गैस नहीं, सीधा रिन्यूएबल चाहिएकरीब दो-तिहाई लीडर्स का मानना है कि कोयला हटाने के बाद गैस को मिडवे सॉल्यूशन न बनाया जाए। सीधे रिन्यूएबल, स्टोरेज और ग्रिड पर फोकस किया जाए। सरकारों को चाहिए क्लियर पॉलिसीकंपनियों ने चेताया कि धीमी परमिटिंग और अस्पष्ट लक्ष्यों से निवेश का माहौल बिगड़ता है। उन्हें क्लियर रोडमैप, री-स्किलिंग प्लान और जॉब क्रिएशन की ज़रूरत है। “ये क्लाइमेट नहीं, कॉम्पिटिशन की रेस है”We Mean Business Coalition की CEO मारिया मेंडीलूसे ने कहा, “रिन्यूएबल एनर्जी अब वैश्विक प्रतिस्पर्धा का मुद्दा है। जो देश पहले कदम उठाएंगे, वहीं भविष्य की नौकरियां और निवेश आकर्षित करेंगे।”

Today Gold Rate: सोना 1 लाख के पार: 24 कैरेट गोल्ड ने बनाया नया रिकॉर्ड, जानें आगे क्या रहेगा भाव?

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Today Gold Rate: सोने की कीमतों में तेजी का सिलसिला लगातार जारी है। 22 अप्रैल, सोमवार को 24 कैरेट सोने का दाम जीएसटी सहित 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आंकड़े को पार कर गया। एमसीएक्स (MCX) पर आज सुबह 11:03 बजे तक सोना 98,753 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। टैक्स जोड़ने पर इसकी कीमत 1,01,715 रुपये तक पहुंच रही है। इससे पहले 24 कैरेट गोल्ड ने 99,012 रुपये प्रति 10 ग्राम का अब तक का उच्चतम स्तर भी छू लिया है। सिर्फ बीते एक दिन में ही सोने की कीमत में 2000 रुपये प्रति 10 ग्राम का उछाल देखा गया है। 26% का सालाना उछालपीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, 31 दिसंबर 2023 से अब तक सोने की कीमत में 20,850 रुपये प्रति 10 ग्राम यानी करीब 26% का इजाफा हुआ है। क्या आगे भी बढ़ेगा सोने का भाव?विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और चीन के बीच बढ़ता ट्रेड वॉर, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और निवेशकों की सतर्कता सोने की कीमतों को और ऊंचा ले जा सकती है। ऐसे हालातों में निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर गोल्ड को चुन रहे हैं। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से टैरिफ पर रोक की घोषणा और शेयर बाजार में आई हल्की रिकवरी के चलते थोड़ी स्थिरता भी देखी जा सकती है। लेकिन अगर वैश्विक तनाव और बढ़ता है, तो सोने की कीमतों में और तेजी आ सकती है।

Construction and Demolition Waste Management Rules: मलबे पर अब सख्त कानून: निर्माण से पहले बताना होगा – मलबा कहां जाएगा?

नई दिल्ली- पब्लिक  वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Construction and Demolition Waste Management Rules: अब बात सिर्फ इमारतें खड़ी करने की नहीं, उन्हें गिराने के बाद बचने वाले मलबे की भी होगी — और इस बार सरकार ने इसे कानूनी रूप दे दिया है। Construction and Demolition Waste Management Rules, 2024 अब औपचारिक रूप से अधिसूचित हो चुके हैं, जो 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू होंगे। ये नियम 2016 वाले पुराने कानून की जगह लेंगे, लेकिन इस बार ज्यादा सख्ती, ज्यादा जवाबदेही और पूरी पारदर्शिता के साथ। नए नियमों की प्रमुख बातें क्या हैं? ऊर्जा क्षेत्र पर क्या असर पड़ेगा? नए नियम सिर्फ रियल एस्टेट तक सीमित नहीं हैं। अब पावर सेक्टर से जुड़े सभी निर्माण कार्य भी इन नियमों के तहत आएंगे — चाहे वह थर्मल पावर प्लांट हो, सोलर पार्क हो या फिर ग्रीन एनर्जी के बड़े EPC प्रोजेक्ट्स। इसका मतलब यह है कि अब ऊर्जा उत्पादन से पहले निर्माण प्रक्रिया में पर्यावरणीय जवाबदेही भी सुनिश्चित करनी होगी। EPC कंपनियों, पावर डेवलपर्स और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एजेंसियों को अपने मौजूदा टेंडर डॉक्युमेंट्स, वर्कफ़्लो और ऑन-ग्राउंड प्रथाओं की नए सिरे से समीक्षा करनी होगी।

Indian Railways: भारत गौरव ट्रेन से इंदौर से दक्षिण भारत के धार्मिक स्थलों की सैर, IRCTC ने शुरू की बुकिंग

इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Indian Railways: मध्यप्रदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IRCTC) एक खास टूर लेकर आया है। भारत गौरव पर्यटक ट्रेन 9 जून 2025 को इंदौर से दक्षिण भारत की “दक्षिण दर्शन यात्रा” पर रवाना होगी। यह यात्रा कुल 9 रातों और 10 दिनों की होगी, जिसमें तिरुपति, रामेश्वरम, मदुरई, कन्याकुमारी और त्रिवेंद्रम जैसे प्रमुख तीर्थ और पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इस ट्रेन के माध्यम से यात्री इंदौर, उज्जैन, शुजालपुर, सीहोर, रानी कमलापति, इटारसी, बैतूल और नागपुर स्टेशनों से यात्रा शुरू कर सकते हैं। यात्रा के लिए तीन श्रेणियों में पैकेज निर्धारित किए गए हैं। स्लीपर क्लास (इकॉनॉमी) में प्रति व्यक्ति 18,000 रुपये, 3AC (स्टैंडर्ड) में 29,500 रुपये और 2AC (कम्फर्ट) में 38,500 रुपये खर्च होगा। यह यात्रा एक सर्व समावेशी पैकेज है, जिसमें एलएचबी कोच में आरामदायक रेल यात्रा, ऑन-बोर्ड और ऑफ-बोर्ड भोजन, स्थानीय भ्रमण के लिए गुणवत्तायुक्त बसें, यात्रा कार्यक्रम के अनुसार होटल में ठहराव, टूर एस्कॉर्ट्स, यात्रा बीमा, ऑन-बोर्ड सुरक्षा और हाउसकीपिंग की सुविधा शामिल है। इस टूर की बुकिंग IRCTC की वेबसाइट www.irctctourism.com पर ऑनलाइन की जा सकती है। इसके अलावा अधिकृत एजेंट या IRCTC के क्षेत्रीय कार्यालयों से भी बुकिंग कराई जा सकती है। अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए संपर्क नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है: इंदौर: 0731-2522200, 9321901865, 8287931624, 8287931711, 8287931729भोपाल: 9321901862, 9321901861, 9321901866, 7021090644, 8287931723जबलपुर: 0761-2998807, 7021091459, 9321901832, 8287931723नागपुर: 9321901862, 8287931723 यह यात्रा धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर अनुभव प्रदान करने वाली है। दक्षिण भारत की ऐतिहासिक धरोहरों को देखने का यह एक सुनहरा अवसर है।

Kedarnath Yatra: अब केदारनाथ जाना हुआ और भी आसान, हेलीकॉप्टर सेवा से सीधे बाबा केदार के दरबार, जानिए रूट्स, किराया और बुकिंग प्रक्रिया

रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड)- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Kedarnath Yatra: केदारनाथ धाम यात्रा 2025 की शुरुआत हो चुकी है और इस बार श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। अब 16 किलोमीटर की कठिन पैदल चढ़ाई से बचकर सीधे हेलीकॉप्टर से बाबा केदार के दर्शन किए जा सकते हैं। उत्तराखंड सरकार ने हेलीकॉप्टर सेवा की आधिकारिक बुकिंग वेबसाइट पर टिकट उपलब्ध करा दिए हैं। तीन हेलीपैड से चलेंगी उड़ानें श्रद्धालुओं के लिए गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी से केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर उड़ानें चलाई जा रही हैं। उड़ान का समय करीब 8 से 10 मिनट का होगा। सेवा सुबह 6:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक उपलब्ध रहेगी। वापसी की आखिरी उड़ान दोपहर 3 बजे तक होगी। हेलीकॉप्टर बुकिंग कैसे करें उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट heliservices.uk.gov.in पर जाकर ऑनलाइन बुकिंग की जा सकती है। जरूरी दस्तावेज: राउंड ट्रिप किराया: वन-वे और ग्रुप बुकिंग विकल्प भी उपलब्ध हैं। लगेज से जुड़ी गाइडलाइंस प्रत्येक यात्री के लिए अधिकतम वजन सीमा 80 किलो (व्यक्ति सहित सामान) निर्धारित है। केवल 2 से 5 किलो का छोटा बैग ले जाने की अनुमति है। बड़े बैग, ट्रॉली या सूटकेस ले जाना मना है। हेलिपैड पर रिपोर्टिंग यात्रियों को उड़ान समय से कम से कम डेढ़ घंटा पहले हेलीपैड पर पहुंचना जरूरी है। यात्रा से पहले यह रखें ध्यान: हेलीकॉप्टर यात्रा के फायदे इस सेवा से समय की बचत होती है और एक ही दिन में केदारनाथ के दर्शन संभव हैं। बुजुर्गों और अस्वस्थ यात्रियों के लिए यह यात्रा काफी आरामदायक है। साथ ही बर्फ से ढकी चोटियों और मंदाकिनी घाटी का अद्भुत एरियल व्यू मिलता है। चार्टर हेलीकॉप्टर विकल्प देहरादून से प्राइवेट चार्टर सेवा भी उपलब्ध है। इसमें वीआईपी सेवा, दर्शन में सहायता और भोजन की सुविधा शामिल होती है। इसकी कीमत करीब ढाई लाख से चार लाख रुपये तक हो सकती है। यात्रियों के लिए जरूरी सुझाव अब केदारनाथ यात्रा पहले से कहीं ज्यादा सरल और सुलभ हो गई है। कुछ ही मिनटों में बाबा के दर्शन संभव हैं। इस बार की यात्रा को बनाएं सुरक्षित, सुगम और अविस्मरणीय।

Gas Cylinder Price hike: घरेलू गैस सिलेंडर हुआ महंगा, सरकार ने पेट्रोल-डीजल के बाद बढ़ाए गैस सिलेंडर के भी दाम

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Gas Cylinder Price Hike: केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी के बाद अब गैस सिलेंडर के दामों में भी बढ़ा दिए हैं। पाठकों को बता दें कि आज आमजन पर पेट्रोल, डीजल और गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाने के बाद यह तीसरी महंगाई की मार पड़ी है। सरकार ने आज 7 अप्रैल को घरेलू गैस सिलेंडर दाम 50 रुपए बढ़ाने का फैसला लिया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गैस सिलेंडर के दामों में ₹50 की बढ़ोतरी की जानकारी दी है। गैस सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में गैस सिलेंडर 803 रुपए की जगह अब 853 रुपए में मिलेगा। इससे पहले सरकार ने 8 मार्च 2024 को महिला दिवस पर सिलेंडर के दाम 100 रुपए कम किए थे। उस समय दिल्ली में 803 रुपए में मिलने वाला सिलेंडर 903 रुपए में मिलता था। सरकार द्वारा ₹100 कम करने पर सिलेंडर के दाम 803 रुपए हो गए थे। आज सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी ₹2 बढ़ाने के बाद अब गैस सिलेंडर के दाम भी ₹50 बढ़ाने का फैसला लिया है।  पेट्रोल डीजल हुआ 2 रुपए महंगा देश में एक बार फिर लोगों पर महंगाई की मार पड़ने जा रही है। केंद्र सरकार ने देश में पेट्रोल और डीजल के दामों में 2 रुपए की बढ़ोतरी की है। हालांकि कच्चे तेल के दामों में लगातार गिरावट देखी जा रही है लेकिन फिर भी केंद्र सरकार ने लोगों को झटका देते हुए देश में पेट्रोल और डीजल 2 रुपए महंगा कर दिया है।  पाठकों को बता दें कि सरकार ने आज 7 अप्रैल को पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी 2 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दी है। इससे पेट्रोल-डीजल के दाम  आज रात 12 बजे से 2 रुपए बढ़ जाएंगे। लोगों को हैरानी इस बात की हो रही है कि क्रूड ऑयल में लगातार हो रही गिरावट के बावजूद सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम सस्ते करने की बजाय बढ़ा दिए हैं।  पेट्रोल पर 19.90% और डीजल पर 15.80%  एक्साइज ड्यूटी ले रही है सरकार देश में वर्तमान में सरकार पेट्रोल पर 19.90 रुपए और डीजल पर 15.80 रुपए एक्साइज ड्यूटी के रूप में लोगों से वसूल रही है। अब सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में 2 रुपए की बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी 21.90 रुपए और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी 17.80 रुपए हो जाएगी।  हालांकि क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट के बावजूद सरकार ने ₹2 एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर पेट्रोल पर 21.90 रुपए लीटर और डीजल पर 17.80 रुपए प्रती लीटर कर दी है। सरकार के एक्साइज ड्यूटी बढ़ने से आमजन पर पड़ेगा असर  सरकार द्वारा आज पेट्रोल और डीजल के दामों पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी के दामों में ₹2 बढ़ोतरी करने के बाद अब आमजन की जेब पर इसका असर पड़ना शुरू हो जाएगा। पाठकों को बता दें कि आज रात से पेट्रोल डीजल के दामों में ₹2 बढ़ोतरी होने के बाद आने वाले दिनों में ट्रांसपोर्ट खर्च अधिक होने के कारण महंगाई भी बढ़ेगी। इसके अलावा वाहन चालकों को अपनी गाड़ियों में अब पहले से महंगे दामों पर पेट्रोल और डीजल डलवाना पड़ेगा। देश की राजधानी दिल्ली में आज रात 12:00 से एक्साइज ड्यूटी में ₹2 की बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल 96 रुपए प्रति लीटर, डीजल 89 रुपए लीटर के हिसाब से मिलेगा। वर्तमान में दिल्ली में डीजल 87 रुपए लीटर और पेट्रोल ₹94 लीटर मिल रहा है।  आपकी जानकारी जानकारी के लिए बता दें कि एक्साइज ड्यूटी बढ़ने के साथ डीजल और पेट्रोल पर सेस व वैट भी बढ़ने के आधार पर ही नए दाम तय होंगे।

Gold Rate: गिरते बाजार में निवेशकों की प्रॉफिट बुकिंग, सोना ₹2,613 सस्ता होकर ₹88,401 पर आया; चांदी भी ₹4,535 गिरकर ₹88,375 किलो पर पहुंची

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Gold Rate: शेयर बाजार में भारी गिरावट के बीच सोने-चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 7 अप्रैल को सेंसेक्स में 3000 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली, जिससे घबराए निवेशकों ने प्रॉफिट बुकिंग शुरू कर दी। इसका असर बुलियन मार्केट पर भी साफ नजर आया। सोना ₹2,613 सस्ता, अब ₹88,401 प्रति 10 ग्राम इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत ₹2,613 की बड़ी गिरावट के साथ ₹91,014 से घटकर ₹88,401 पर आ गई है। यह गिरावट बाजार में बढ़ती अस्थिरता और वैश्विक संकेतकों के कारण आई है। चांदी ₹4,535 लुढ़की, अब ₹88,375 प्रति किलो सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। IBJA के अनुसार, चांदी ₹4,535 की गिरावट के साथ ₹92,910 से घटकर ₹88,375 प्रति किलो पर आ गई है। चांदी में यह गिरावट एक दिन में आई सबसे बड़ी गिरावटों में से एक मानी जा रही है। क्या आगे और सस्ता होगा सोना-चांदी? विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में जब तक स्थिरता नहीं आती, तब तक सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। वैश्विक मार्केट में डॉलर की मजबूती, अमेरिका में ब्याज दरों की स्थिति और मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव जैसे फैक्टर कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। निवेशकों के लिए सलाह विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि बाजार की मौजूदा अस्थिरता को देखते हुए जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। लॉन्ग टर्म निवेश के नजरिए से सोना अभी भी सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है।

CBSE Board Result 2025: जल्द खत्म होगा इंतजार, इस तारीख को आ सकता है रिजल्ट

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। CBSE Board Result 2025 : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड CBSE द्वारा वर्ष 2025 की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं सफलतापूर्वक संपन्न हो चुकी हैं। अब लाखों छात्रों को अपने रिजल्ट का इंतजार है। उम्मीद की जा रही है कि सीबीएसई मई 2025 के दूसरे सप्ताह में परीक्षा परिणाम घोषित कर सकता है। CBSE Class 10th 12th Result 2025 कब होगा जारी पिछले वर्षों के परिणाम जारी करने के पैटर्न को देखते हुए संभावना है कि CBSE Board 10वीं और 12वीं का रिजल्ट मई के दूसरे सप्ताह में जारी हो सकता है। 2024 में रिजल्ट 13 मई को आया था।2023 में रिजल्ट 12 मई को घोषित हुआ था।2025 में भी रिजल्ट मई के दूसरे सप्ताह में आने की संभावना है। कैसे चेक करें CBSE 10वीं 12वीं का रिजल्ट छात्र अपना रिजल्ट सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर देख सकते हैं। CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर रिजल्ट ऐसे चेक करें Digilocker और UMANG App से भी मिलेगा रिजल्ट CBSE छात्रों के लिए Digilocker और UMANG ऐप पर भी रिजल्ट उपलब्ध कराएगा। सीबीएसई छात्रों के डिजिलॉकर अकाउंट्स बनाएगा और लॉगिन डिटेल्स पहले ही साझा कर देगा।छात्र मार्कशीट और प्रमाण पत्र डिजिलॉकर और उमंग ऐप से डाउनलोड कर सकते हैं। CBSE Result 2025: 44 लाख से ज्यादा छात्रों को रिजल्ट का इंतजार इस साल सीबीएसई की परीक्षाओं में कुल 44 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए, जिनमें कक्षा 10वीं के 24.12 लाख छात्रकक्षा 12वीं के 17.88 लाख छात्र ताजा अपडेट के लिए CBSE की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।

US Tariff on India Live: अमेरिका ने भारत पर लगाया 26% टैरिफ, ट्रंप बोले – भारत हमारे साथ अच्छा व्यवहार नहीं करता

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। US Tariff on India Live: डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर टैरिफ बढ़ाने के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि भारत अमेरिका के साथ व्यापार में उचित व्यवहार नहीं कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत अमेरिकी उत्पादों पर 52 प्रतिशत तक टैरिफ लगाता है, जबकि अमेरिका अब केवल 26 प्रतिशत टैरिफ लगा रहा है। ट्रंप ने कहा कि वे इसे और अधिक बढ़ा सकते थे, लेकिन कई देशों के साथ संतुलन बनाए रखने के लिए ऐसा नहीं किया गया। किन देशों पर लगा टैरिफ ट्रंप सरकार ने भारत के अलावा कई अन्य देशों पर भी टैरिफ बढ़ाया है। प्रमुख देशों पर लगने वाला नया टैरिफ इस प्रकार है चीन 34 प्रतिशतवियतनाम 46 प्रतिशतताइवान 32 प्रतिशतयूरोपीय यूनियन 20 प्रतिशतसाउथ कोरिया 25 प्रतिशतजापान 24 प्रतिशत कुल मिलाकर, अमेरिका ने लगभग 60 देशों पर उनके द्वारा लगाए जाने वाले टैरिफ की तुलना में आधा टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। 5 अप्रैल से लागू होगा न्यूनतम 10 प्रतिशत टैरिफ डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार देर रात एक और अहम फैसला लिया, जिसके तहत अब अमेरिका में दूसरे देशों से आने वाले सभी उत्पादों पर न्यूनतम 10 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। यह टैरिफ 5 अप्रैल से लागू होगा, जबकि रेसिप्रोकल टैरिफ नीति के तहत नए टैरिफ 9 अप्रैल से प्रभावी होंगे। भारत अमेरिका संबंधों पर असर अमेरिका के इस फैसले के बाद भारत और अमेरिका के व्यापारिक संबंधों में कड़वाहट बढ़ सकती है। भारत पहले ही कई अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क लगाता है, और अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है। क्या भारत इस टैरिफ के खिलाफ कोई कदम उठाएगा लेटेस्ट अपडेट के लिए जुड़े रहें।

Waqf Amendment Bill 2024: देर रात लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पारित; भारी हंगामे के बीच मोदी सरकार का बड़ा कदम…अब आगे क्या?

करीब 12 घंटे तक चली लंबी बहस के बाद इसे मंजूरी दी गई। विपक्षी दलों ने इसे अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला बताया, जबकि सरकार ने इसे वक्फ संपत्तियों के पारदर्शी और निष्पक्ष प्रबंधन के लिए एक बड़ा सुधारात्मक कदम करार दिया नई दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Waqf Amendment Bill 2024:वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 बुधवार देर रात लोकसभा में बहुमत से पारित हो गया। इस विधेयक के समर्थन में 288 वोट पड़े, जबकि इसके विरोध में 232 सांसदों ने मतदान किया। करीब 12 घंटे तक चली लंबी बहस के बाद इसे मंजूरी दी गई। विपक्षी दलों ने इसे अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला बताया, जबकि सरकार ने इसे वक्फ संपत्तियों के पारदर्शी और निष्पक्ष प्रबंधन के लिए एक बड़ा सुधारात्मक कदम करार दिया।इस दौरान संसद में गहमागहमी का माहौल रहा। विपक्षी सांसदों ने विधेयक को लेकर भारी हंगामा किया और इसे संविधान विरोधी बताते हुए कई संशोधन पेश किए, जिन्हें सदन में ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया। विधेयक के प्रमुख प्रावधान• वक्फ संपत्तियों की पारदर्शी निगरानी – अब सरकार वक्फ बोर्डों की संपत्तियों की अधिक सख्ती से निगरानी कर सकेगी और गैरकानूनी कब्जे को रोकने के लिए कड़े प्रावधान लागू होंगे।• गैर-मुस्लिम सदस्यों की भागीदारी – राज्य वक्फ बोर्डों में अब गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति अनिवार्य होगी, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी।• सरकार की सीधी भूमिका – विधेयक सरकार को यह अधिकार देता है कि वह वक्फ संपत्तियों के स्वामित्व को सत्यापित करे और विवादित मामलों की जांच कर सके।• संशोधन प्रस्ताव खारिज – विपक्ष द्वारा पेश किए गए अधिकांश संशोधन प्रस्तावों को ध्वनिमत से अस्वीकृत कर दिया गया, जिससे एनडीए सरकार की मजबूती साबित हुई।• विपक्ष का कड़ा विरोध – कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (TMC), समाजवादी पार्टी (SP) और AIMIM सहित कई विपक्षी दलों ने इसे धार्मिक आजादी के खिलाफ बताया और विधेयक को संविधान विरोधी करार दिया। लोकसभा में हंगामे के प्रमुख क्षण• गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि “वक्फ संपत्तियों का भ्रष्टाचार से बचाव और उचित प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए यह कानून आवश्यक था।”• अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि7 “यूपीए सरकार के दौरान वक्फ कानूनों को अन्य कानूनों से ऊपर रख दिया गया था, जिसे संतुलित करने के लिए यह संशोधन आवश्यक था।”• कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार पर मुस्लिमों को हाशिए पर धकेलने का आरोप लगाया।• स्पीकर ओम बिड़ला को कई बार सदन को शांत करना पड़ा, क्योंकि विपक्षी दल लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। संशोधन प्रस्ताव जो खारिज हुए• TMC सांसद सौगत रॉय का संशोधन ध्वनिमत से अस्वीकृत।• कांग्रेस नेता गौरव गोगोई और इमरान मसूद द्वारा पेश संशोधन बहुमत न मिलने के कारण खारिज।• एन.के. प्रेमचंद्रन के संशोधन प्रस्ताव को 231 सांसदों ने समर्थन दिया, लेकिन 288 के विरोध में होने के कारण यह भी गिर गया। भारत सरकार का पक्षसरकार का कहना है कि यह विधेयक वक्फ बोर्डों की कार्यप्रणाली में सुधार लाने और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए लाया गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि यह कानून किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि इससे वक्फ संपत्तियों का उचित उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। ग्रह मंत्री अमित शाह का बयान• “यह विधेयक देश के कानूनी संतुलन को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।”• “हम किसी भी धार्मिक समुदाय के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि बेहतर प्रशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करना हमारा लक्ष्य है।”• “विपक्ष जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है, जबकि यह विधेयक देश के हित में लाया गया है।” विपक्ष का विरोध और आरोपविपक्ष ने इस विधेयक को अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला करार दिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा,“यह कानून संविधान की भावना के खिलाफ है। सरकार अल्पसंख्यकों के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।”AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी:“सरकार वक्फ संपत्तियों को हड़पने की कोशिश कर रही है। यह मुस्लिम समुदाय के धार्मिक मामलों में दखलंदाजी है।” अब आगे क्या होगा?• राज्यसभा में विधेयक पर चर्चा होगी।• विपक्ष इसे राज्यसभा में रोकने के लिए रणनीति बना रहा है।• संभावना है कि सुप्रीम कोर्ट में इसे चुनौती दी जा सकती है।वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 के पारित होने के साथ ही राजनीतिक संग्राम तेज हो गया है। जहां सरकार इसे पारदर्शिता और निष्पक्षता का प्रतीक मान रही है, वहीं विपक्ष इसे संविधान विरोधी और मुस्लिम विरोधी करार दे रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विधेयक राज्यसभा में भी इसी बहुमत से पारित हो पाता है या नहीं।

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