Guru Pushya Nakshatra 2024: दिवाली से पहले पुष्य नक्षत्र में अमृत सिद्धि का योग, शुभ मुहूर्त में इन चीजों की खरीदारी से होगा लाभ

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Guru Pushya Nakshatra 2024: इस वर्ष 24 अक्टूबर 2024, गुरुवार को दिवाली से पहले गुरु पुष्य नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है, जो हर प्रकार की खरीदारी और निवेश के लिए अत्यंत लाभकारी है। इस दिन अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग भी विद्यमान रहेगा, जो इसे और भी शुभ बनाता है। इस नक्षत्र को खास तौर पर सोना, चांदी और वाहन खरीदने के लिए उत्तम माना जाता है।  ज्योतिषाचार्य पं. अभिषेक जोशी के अनुसार 2024 में गुरु पुष्य नक्षत्र 24 अक्टूबर कार्तिक कृष्ण अष्टमी गुरुवार प्रातः सूर्योदय पूर्व 6:15 से प्रारम्भ होकर दिनांक 25 अक्टूबर शुक्रवार को प्रातः 7:40 तक रहेगा। गुरुवार को प्रातः 06:42 से 08:07 तक, प्रातः 09:32 से दोपहर 03:12, (चल, लाभ, अमृत) सायं 16:37 से 07:37 के मध्य बही खाता लाने का व चांदी – सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त रहेगा। क्या खरीदें गुरु पुष्य नक्षत्र में?ज्योतिष के अनुसार, पुष्य नक्षत्र में सोना, चांदी, वाहन, लोहा, वस्त्र, और बहीखाते खरीदने का विशेष महत्व है। इसका संबंध गुरु (बृहस्पति) और शनि ग्रह से होता है, इसलिए इस नक्षत्र में की गई खरीदारी लंबे समय तक लाभकारी सिद्ध होती है। साथ ही, इस दिन नए व्यापार की शुरुआत या बड़े निवेश भी सफलता और समृद्धि लेकर आते हैं। अमृत और सर्वार्थ सिद्धि योग का महत्वगुरु पुष्य नक्षत्र के साथ अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग का बनना इस दिन को और भी खास बनाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस प्रकार के योगों में किया गया कार्य विशेष रूप से सफल और शुभ होता है। अगर आप नया व्यापार शुरू करना चाह रहे हैं, तो यह दिन इसके लिए बेहद अनुकूल है। साथ ही, वाहन, संपत्ति या घर खरीदना भी लाभकारी होगा। दीपावली महापर्व के अवसर पर गुरु पुष्य नक्षत्र 24 अक्टूबर 2024 को होने वाले शुभ मुहूर्त के बारे में है। चौघड़िया मुहूर्त, स्थिरलम मुहूर्त, अभिजीत मुहूर्त और राहु काल का विवरण निम्न है-चौघड़िया मुहूर्त:शुभ: प्रातः 06:24 से 07:50चर: सुबह 10:41 से 12:07लाभ: दोपहर 12:07 से 01:33अमृत: दोपहर 01:33 से 02:59शुभ: शाम 04:24 से 05:50अमृत: शाम 05:50 से 07:24चर: शाम 07:24 से 08:59स्थिरलम मुहूर्त:वृश्चिक: प्रातः 08:11 से 10:27कुम्भ: दोपहर 02:19 से 03:52वृषभ: रात 07:03 से 09:01अभिजीत मुहूर्त:सुबह 11:44 से 12:30 तकराहु काल:दोपहर 01:33 से 02:59 तकयह मुहूर्त विशेष रूप से नए वस्त्र क्रय करने हेतु सबसे श्रेष्ठ माना गया है। कौन सी राशियों के लिए है खास दिन?इस विशेष संयोग का कुछ राशियों पर विशेष प्रभाव रहेगा। तुला, मकर, और वृषभ राशियों के जातकों को भाग्य का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे उन्हें सुख, समृद्धि और सफलता की प्राप्ति होगी। इनके लिए यह समय किसी भी बड़े निवेश या नए कार्य की शुरुआत के लिए सर्वोत्तम है। गुरु पुष्य नक्षत्र में क्यों करे खरीदारीअगर आप दिवाली (Diwali) से पहले अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना चाहते हैं, तो गुरु पुष्य नक्षत्र 2024 का दिन सबसे अनुकूल समय है। चाहे आप सोना-चांदी खरीदें, या फिर किसी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत करें, यह समय आपके लिए शुभ और फलदायी सिद्ध होगा। (Disclaimer: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। पब्लिक वार्ता न्यूज नेटवर्क इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करे।)

Rail Waiting Ticket: GNWL या PQWL, कौन सी टिकट होती है पहले कंफर्म, समझें ट्रेन की वेटिंग टिकटों का पूरा फंडा

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क : Rail Waiting Ticket: भारत में ट्रेन यात्रा सबसे सस्ती और पसंदीदा साधन है, लेकिन सीटों की मांग हमेशा बनी रहती है। खासकर त्योहारों जैसे दिवाली और छठ के दौरान टिकट की मांग अपने चरम पर होती है। इस दौरान, बहुत से यात्रियों को कंफर्म टिकट नहीं मिल पाता और वे वेटिंग लिस्ट में शामिल हो जाते हैं। कई यात्री वेटिंग टिकट से परिचित होते हैं, परंतु कम ही लोग जानते हैं कि ये कितने प्रकार की होती हैं और किस वेटिंग लिस्ट से कंफर्म टिकट मिलने के चांस ज्यादा होते हैं। जब ट्रेन की सभी सीटें बुक हो जाती हैं, तब रेलवे वेटिंग टिकट जारी करता है, ताकि कोई यात्री टिकट कैंसिल करता है तो वह सीट वेटिंग लिस्ट में शामिल किसी अन्य यात्री को मिल सके। वेटिंग टिकट मुख्य रूप से चार प्रकार की होती हैं—जनरल वेटिंग लिस्ट (GNWL), रिमोट लोकेशन वेटिंग लिस्ट (RLWL), पूल्ड कोटा वेटिंग लिस्ट (PQWL), और तत्काल कोटा वेटिंग लिस्ट (TQWL)। आइए, जानते हैं किस वेटिंग लिस्ट के कंफर्म होने की कितनी संभावना होती है। जनरल वेटिंग लिस्ट (GNWL)GNWL उस स्थिति में जारी की जाती है, जब यात्री ट्रेन के ओरिजिन स्टेशन से यात्रा कर रहा हो। उदाहरण के लिए, अगर आप दिल्ली से मुंबई जाने वाली ट्रेन का टिकट दिल्ली से बुक करते हैं, तो आपको GNWL मिलेगा। इस वेटिंग लिस्ट के कंफर्म होने के चांस सबसे ज्यादा होते हैं, क्योंकि इसमें ओरिजिन और डेस्टिनेशन स्टेशनों के लिए सीटों की संख्या अधिक होती है। रिमोट लोकेशन वेटिंग लिस्ट (RLWL)RLWL वेटिंग लिस्ट उन यात्रियों के लिए होती है जो बीच के महत्वपूर्ण स्टेशनों से टिकट बुक करते हैं। उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति हावड़ा से दिल्ली जाने वाली ट्रेन में पटना से यात्रा करता है, तो उसे RLWL मिलेगा। इस लिस्ट के कंफर्म होने के चांस GNWL के मुकाबले कम होते हैं। पूल्ड कोटा वेटिंग लिस्ट (PQWL)PQWL उन यात्रियों के लिए होती है, जो ट्रेन के शुरू और अंत के बीच के स्टेशनों से यात्रा करते हैं। यह वेटिंग टिकट छोटे स्टेशनों से बुक की जाती है, और इसके कंफर्म होने की संभावना भी काफी कम होती है। तत्काल कोटा वेटिंग लिस्ट (TQWL)तत्काल कोटा में वेटिंग टिकट तब जारी की जाती है, जब तत्काल टिकट बुक करते समय कंफर्म सीट नहीं मिलती। यह सबसे कम संभावनाओं वाली वेटिंग लिस्ट होती है, क्योंकि इसके लिए कोई अलग कोटा नहीं होता।

lawrance bishnoi: लॉरेंस बिश्नोई का एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मी को मिलेगा 1 करोड़ 11 लाख का इनाम, क्षत्रिय करणी सेना का ऐलान

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क : lawrance bishnoi: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के एनकाउंटर पर इनाम की घोषणा करते हुए क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने एक बड़ा ऐलान किया है। शेखावत ने कहा कि यदि कोई पुलिसकर्मी लॉरेंस बिश्नोई का एनकाउंटर करता है, तो उसे 1 करोड़ 11 लाख, 11 हजार 1 सौ 11 रुपए का इनाम दिया जाएगा। यह घोषणा उन्होंने हाल ही में सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो के माध्यम से की है। गोगामेड़ी की हत्या का आरोप शेखावत ने इस इनाम की घोषणा करते हुए कहा कि बिश्नोई पर क्षत्रिय करणी सेना के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या कराने का आरोप है। पिछले साल 5 दिसंबर 2023 को राजस्थान के जयपुर में गोगामेड़ी की उनके घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली थी। गैंग के सदस्य गोल्डी बराड़ ने दावा किया था कि गोगामेड़ी उनके कामकाज में अड़चन डाल रहे थे और उन्हें चेतावनी देने के बाद उनकी हत्या कराई गई। शेखावत ने अपने बयान में कहा, “हमारे आदरणीय सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या लॉरेंस बिश्नोई द्वारा कराई गई थी। अब हमें भयभीत नहीं, भयमुक्त भारत चाहिए। जो भी पुलिसकर्मी लॉरेंस बिश्नोई का एनकाउंटर करेगा, उसे करणी सेना की ओर से 1 करोड़ 11 लाख, 11 हजार 1 सौ 11 रुपए का इनाम दिया जाएगा।” करणी सेना की केंद्र सरकार से मांगकरणी सेना ने केंद्र सरकार से भी यह मांग की है कि जल्द से जल्द लॉरेंस बिश्नोई का एनकाउंटर किया जाए, ताकि देश को गैंगस्टर के आतंक से मुक्ति मिल सके। इस संबंध में शेखावत ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर भी एक पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की है। गुजरात की जेल में बंद है बिश्नोईलॉरेंस बिश्नोई फिलहाल गुजरात की जेल में बंद है और उस पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। बिश्नोई का नाम कई हाई-प्रोफाइल मामलों में भी सामने आया है, जिसमें सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मामला प्रमुख है। करणी सेना द्वारा किए गए इस इनाम के ऐलान के बाद यह मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है और देखना होगा कि इस पर केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियां क्या कदम उठाती हैं।

Train Time: वडोदरा मंडल में ब्लॉक के चलते ट्रेनों का परिचालन प्रभावित

भोपाल – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क । Train Time: पश्चिम रेलवे के वडोदरा मंडल में आणंद-गोधरा खंड के दोहरीकरण कार्य हेतु प्रस्तावित ब्लॉक के कारण रतलाम मंडल से होकर गुजरने वाली कई ट्रेनें प्रभावित होंगी। यात्रियों की सुविधा और सुगम यात्रा के मद्देनजर कुछ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है, जबकि कुछ ट्रेनें आंशिक रूप से रद्द रहेंगी। प्रभावित ट्रेनों का विवरण इस प्रकार है: 1. गाड़ी संख्या 09350 (दाहोद-आणंद स्पेशल)     यह ट्रेन 24 अक्टूबर तक दाहोद से गोधरा के बीच ही चलेगी, जबकि गोधरा से आणंद के बीच इसका परिचालन रद्द रहेगा। 2. गाड़ी संख्या 20935 (गांधीधाम-इंदौर एक्सप्रेस)    यह ट्रेन 21 अक्टूबर को गांधीधाम से इंदौर के लिए परिवर्तित मार्ग से चलेगी। नया मार्ग: गांधीधाम-विरमगाम-अहमदाबाद-आणंद-बाजवा-छायापुरी-गोधरा-रतलाम-उज्जैन-इंदौर। 3. गाड़ी संख्या 19320 (इंदौर- वेरावल एक्सप्रेस)   22 अक्टूबर को इंदौर से वेरावल के लिए चलने वाली यह ट्रेन भी परिवर्तित मार्ग से चलेगी। नया मार्ग: इंदौर-उज्जैन-रतलाम-गोधरा-छायापुरी-बाजवा-आणंद-अहमदाबाद-विरमगाम। 4. गाड़ी संख्या 09452 (भागलपुर-गांधीधाम स्पेशल)   21 अक्टूबर को भागलपुर से गांधीधाम के लिए चलने वाली इस ट्रेन का मार्ग भी परिवर्तित किया गया है। नया मार्ग: गोधरा-छायापुरी-बाजवा-आणंद-गीर-अहमदाबाद। यात्रियों से अनुरोध है कि वे यात्रा से पहले अपने ट्रेन शेड्यूल की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किए हैं।

Jammu & Kashmir Terror Attack: गगनगीर में श्रमिकों पर कायराना हमला, पांच की मौत, चार घायल, पूरे देश में उबाल

श्रीनगर – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Jammu & Kashmir Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गगनगीर, सोनमर्ग में रविवार को हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। ज़ेडमोढ़ सुरंग परियोजना में काम कर रहे श्रमिकों पर हुए इस हमले में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर आयुर्विज्ञान संस्थान (SKIMS) में भर्ती कराया गया है। पुलिस और सेना ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। मृतकों में डॉक्टर और इंजीनियर भी शामिलइस हमले में जान गंवाने वालों में मध्य प्रदेश के मैकेनिकल इंजीनियर अमित शुक्ला, बिहार के मोहम्मद हनीफ, कलीम और फहीम नासिर, और जम्मू के शशि अब्रॉल शामिल हैं। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने निर्माणाधीन सुरंग के पास श्रमिकों के आवास शिविर पर हमला किया। इस हमले में कई लोग घायल हुए, जिनमें से दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। केंद्र और राज्य सरकार की कड़ी प्रतिक्रियाइस कायराना हमले पर देशभर में आक्रोश व्याप्त है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे “घृणित और कायरतापूर्ण कृत्य” करार दिया। उन्होंने कहा, “इस हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें हमारे सुरक्षा बलों से कठोरतम जवाब मिलेगा।” शाह ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस हमले पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा, “मैं प्रार्थना करता हूं कि सभी घायल जल्द स्वस्थ हों।” उन्होंने इस प्रकार की घटनाओं को शांति और विकास के खिलाफ साजिश करार दिया। आतंकी हमले से देश में उबालस हमले के बाद पूरे देश में आक्रोश है। सुरक्षा एजेंसियों ने भी आतंकियों की धरपकड़ के लिए अभियान तेज कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह इलाका ज़ेडमोढ़ सुरंग और राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण है, जहां बड़ी संख्या में श्रमिक काम कर रहे हैं। देशभर से आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांगें उठ रही हैं। जनता और सुरक्षा बल इस हमले को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं, और सरकार से सख्त कदम उठाने की अपील कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इस हमले से पहले सुरक्षा एजेंसियों को त्योहारों के दौरान कश्मीर में संभावित आतंकी हमलों की खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके बाद इलाके में अलर्ट जारी किया गया था।

Blast In Delhi: धमाके से दहल उठी दिल्ली, आतंकी साजिश की जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियां

नई दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Blast In Delhi: राजधानी दिल्ली के प्रशांत विहार इलाके में सीआरपीएफ स्कूल के पास हुए जोरदार धमाके ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को हिला कर रख दिया है। दिवाली से ठीक पहले हुए इस धमाके की जांच दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं। घटना स्थल से सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं और आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह धमाका किसी आतंकी साजिश का हिस्सा है या किसी और कारण से हुआ है। लेकिन त्योहारों के इस मौसम में हुए इस धमाके ने एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। सुरक्षा कड़ी, दिल्ली में हाई अलर्ट घोषितरोहिणी के प्रशांत विहार इलाके में सुबह करीब 7.47 बजे हुए हुए इस धमाके के बाद दिल्ली पुलिस ने पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। विशेष रूप से प्रमुख बाजार क्षेत्रों जैसे चांदनी चौक, लाजपत नगर, कमला मार्केट, सरोजिनी नगर, सदर बाजार में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इन इलाकों में पुलिस की पैनी नजर संदिग्ध गतिविधियों पर बनी हुई है और सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अगर कोई संदिग्ध वस्तु दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी जाए। 13 साल बाद दिल्ली में बड़ा धमाकायह धमाका दिल्ली में लगभग 13 साल बाद हुआ है। इससे पहले, 2011 के बाद राजधानी में कोई बड़ा विस्फोट नहीं हुआ था। हालांकि, 14 जनवरी 2022 को गाजीपुर फूल मंडी के गेट पर एक बैग में आईईडी विस्फोटक मिला था, जिसे एनएसजी की टीम ने निष्क्रिय किया था। उस विस्फोटक में आरडीएक्स और अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया था। अब, इस हालिया धमाके ने एक बार फिर दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। NIA और NSG की टीम जुटी जांच मेंपुलिस सूत्रों के मुताबिक, त्योहारों के दौरान राजधानी में आतंकी साजिश के इनपुट्स पहले से ही मिले थे, जिसके बाद से दिल्ली में अलर्ट जारी किया गया था। घटना के बाद घटनास्थल पर डॉग स्क्वाड, बम स्क्वाड, IGL, NIA और NSG की टीमों ने जांच शुरू कर दी है। एनएसजी कमांडो ने सीआरपीएफ स्कूल के पास के इलाके में तलाशी अभियान भी चलाया है। विशेषज्ञों की जांच जारीरोहिणी के डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि धमाके की असल वजह का पता लगाने के लिए एक्सपर्ट्स को बुलाया गया है। शुरुआती जांच में क्रूड बम जैसा मटेरियल मिलने की बात सामने आई है, लेकिन विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है ताकि धमाके के सोर्स का पता लगाया जा सके। आतंकी साजिश की जांचदिल्ली पुलिस की एटीएस घटना की जांच आतंकी हमले के एंगल से भी कर रही है। आस-पास के पुलिस थानों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं और बाजारों में पैदल गश्त बढ़ा दी गई है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि कोई भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) की टीम को भी मौके पर बुला लिया गया है। स्थानीय लोगों में दहशतविस्फोट की आवाज सुनते ही स्थानीय लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। घटनास्थल के पास चश्मे की दुकान चलाने वाले सुमित ने कहा, “धमाका इतना जोरदार था कि मेरी दुकान के खिड़की के शीशे टूट गए और सारा सामान जमीन पर गिर गया।” वहीं, स्थानीय निवासी राकेश गुप्ता ने बताया, “सुबह करीब 7.30 बजे हमने बहुत तेज धमाके की आवाज सुनी। हमें लगा कि पास में कोई एलपीजी सिलेंडर फट गया है। कई दुकानों के शीशे टूट गए हैं।” इस धमाके ने एक बार फिर दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है, और इस मामले में आतंकी साजिश की आशंका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जांच जारी है, और जल्द ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

Web Series On Lawrence: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की जिंदगी पर बनेगी एक्शन वेब सीरीज, कौन निभाएगा किरदार!

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Web Series On Lawrence: गुजरात की जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की जिंदगी पर आधारित वेब सीरीज बनने जा रही है। इस सीरीज का नाम ‘लॉरेंस ए गैंगस्टर स्टोरी’ रखा गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस सीरीज का निर्माण फायरफॉक्स फिल्म प्रोडक्शन हाउस द्वारा किया जा रहा है, और इसका टाइटल इंडियन मोशन पिक्चर एसोसिएशन से मंजूरी भी मिल गई है।  वेब सीरीज में लॉरेंस बिश्नोई के साधारण लड़के से खतरनाक गैंगस्टर बनने की पूरी कहानी को दिखाया जाएगा। इसमें बताया जाएगा कि कैसे वह अपराध की दुनिया में कदम रखता है और उसके जीवन के विभिन्न पहलुओं को उजागर किया जाएगा। सीरीज में भरपूर एक्शन सीक्वेंस होंगे, जो दर्शकों को अपराध की दुनिया से रूबरू कराएंगे। प्रोडक्शन हाउस के प्रमुख अमित जानी ने बताया कि इस सीरीज के माध्यम से वे सच्चाई को सामने लाने की कोशिश करेंगे। हालांकि, अभी तक इस वेब सीरीज की कास्ट और इसे किस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया जाएगा, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। गौरतलब है कि फायरफॉक्स फिल्म प्रोडक्शन हाउस इससे पहले भी सच्ची घटनाओं पर आधारित कई फिल्में बना चुका है, जिनमें ‘कराची टू नोएडा’ और ‘ए टेलर मर्डर स्टोरी’ प्रमुख हैं। इनमें ‘कराची टू नोएडा’ फिल्म, सचिन और सीमा हैदर की कहानी पर आधारित थी, जिसने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। लॉरेंस बिश्नोई फिलहाल गुजरात की साबरमती जेल में बंद है, जहां उसे हाई सिक्योरिटी जोन में रखा गया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस वेब सीरीज के जरिए गैंगस्टर की असल जिंदगी और अपराध की दुनिया को कैसे पेश किया जाएगा।

Bahraich Violence: राम गोपाल हत्याकांड के आरोपियों पर एसटीएफ का बड़ा एक्शन, एनकाउंटर में दो घायल, पांच गिरफ्तार

बहराइच – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Bahraich Violence: राम गोपाल हत्याकांड में यूपी एसटीएफ और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से दो मुख्य आरोपी सरफराज उर्फ रिंकू और तालीम उर्फ सबलू को एनकाउंटर में घायल कर पकड़ा गया है। एनकाउंटर के दौरान दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी, जिन्हें नानपारा सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने सरफराज की हालत गंभीर बताई है, जबकि दोनों को खतरे से बाहर बताया जा रहा है। क्या है पूरा मामला?13 अक्टूबर को बहराइच के महाराजगंज इलाके में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान पथराव के बाद हिंसा भड़क उठी थी। इस हिंसा में 25 वर्षीय राम गोपाल मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद जिले में तनाव फैल गया था और आगजनी की घटनाएं भी हुई थीं। इस हत्याकांड में सरफराज, तालीम और अब्दुल हमीद सहित 10 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। सभी आरोपी हत्या के बाद फरार हो गए थे। घटना के बाद यूपी एसटीएफ चीफ अमिताभ यश के नेतृत्व में टीमें आरोपियों की तलाश में जुट गईं। गुरुवार दोपहर एसटीएफ को सूचना मिली कि आरोपी नेपाल भागने की फिराक में हैं। पुलिस ने नानपारा कोतवाली क्षेत्र के हांडा बसहरी इलाके में घेराबंदी की, जहां एनकाउंटर के बाद सरफराज और तालीम को गिरफ्तार किया गया। पुलिस पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायलपुलिस ने जब आरोपियों को गिरफ्तार किया, तो उनके द्वारा झाड़ियों में छिपाकर रखे गए असलहों से फायरिंग की गई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिससे सरफराज और तालीम के पैरों में गोली लगी। घटना स्थल से दो अवैध असलहे भी बरामद किए गए हैं। एसटीएफ ने बताया कि अगर पुलिस सक्रिय न होती, तो घायल हो सकती थी। परिजनों के आरोपसरफराज की बहन रुखसार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि उनके पिता अब्दुल हमीद, भाई सरफराज, फहीम और एक अन्य युवक को एसटीएफ ने पहले ही हिरासत में ले लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिजनों का एनकाउंटर किए जाने की साजिश रची जा रही है। रुखसार ने एक वीडियो जारी करते हुए अपने भाई और शौहर की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है। अस्पताल में भारी सुरक्षापुलिस मुठभेड़ में घायल हुए आरोपियों को नानपारा सीएचसी और फिर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है। पुलिस और पीएसी के जवानों के साथ आरआरएफ की तैनाती भी की गई है। एसपी वृंदा शुक्ला समेत अन्य अधिकारी भी अस्पताल में मौजूद हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए तीमारदारों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है और पूरा अस्पताल परिसर खाली करा दिया गया है। सरकार का बयानयूपी सरकार के मंत्री ओ.पी. राजभर ने इस मुठभेड़ पर बयान देते हुए कहा, “अगर पुलिस किसी को पकड़ने जाएगी और उन पर गोलियों की बौछार की जाएगी, तो क्या पुलिस उन्हें माला पहनाएगी? अपराधियों को जिंदा या मुर्दा पकड़ना ही होगा।” पुलिस द्वारा इस मुठभेड़ और गिरफ्तारी के बाद हिंसा में शामिल अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए भी जांच जारी है।

Train Ticket Rules: दिवाली से पहले रेलवे का बड़ा फैसला, 60 दिन में होगा अब टिकट रिज़र्वेशन!

नई दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Train Ticket Rules: भारतीय रेलवे ने दिवाली से पहले ट्रेन टिकटों की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। यात्रियों की सुविधाओं और टिकटों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने टिकट बुकिंग के नियमों में अहम बदलाव किया है। रेलवे ने गुरुवार को घोषणा की कि 1 नवंबर 2024 से एडवांस में टिकट बुकिंग की समय सीमा 120 दिनों से घटाकर 60 दिन कर दी जाएगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह कदम टिकटों की कालाबाजारी पर लगाम लगाने और टिकट वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। नए नियमों के तहत बदलावअब तक भारतीय रेलवे (Indian Railways) यात्रियों को 120 दिन पहले से ट्रेन टिकट बुक करने की सुविधा देता था, लेकिन 1 नवंबर से यह समय सीमा घटाकर 60 दिन कर दी जाएगी। इसका मतलब है कि यात्री अब अपनी यात्रा के लिए 60 दिन पहले तक ही टिकट बुक कर सकेंगे। इस 60 दिन की अवधि में यात्रा की तारीख को शामिल नहीं किया जाएगा। 31 अक्टूबर तक पुरानी व्यवस्था यानी 120 दिन की एडवांस बुकिंग का नियम लागू रहेगा। कालाबाजारी पर रोक लगाने का प्रयासट्रेन टिकटों की कालाबाजारी लंबे समय से एक गंभीर समस्या रही है। त्योहारों और छुट्टियों के दौरान ट्रेन टिकटों की भारी मांग होती है, जिससे कई बार टिकट दलालों द्वारा कालाबाजारी की जाती है। एडवांस बुकिंग की समय सीमा को कम करने से रेलवे को उम्मीद है कि इस समस्या पर काफी हद तक काबू पाया जा सकेगा। कम समय में टिकट बुकिंग से दलालों द्वारा बड़ी संख्या में टिकट खरीदकर उन्हें ऊंचे दामों पर बेचने की गुंजाइश कम होगी। यात्रियों को होगा सीधा लाभरेलवे के इस कदम से यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है। पहले, 120 दिन पहले बुक किए गए टिकटों की कालाबाजारी की संभावना अधिक थी, जिससे असली यात्रियों को टिकट पाने में कठिनाई होती थी। अब 60 दिन की बुकिंग अवधि से यात्रियों के लिए टिकट प्राप्त करना अधिक सुलभ होगा और उन्हें उचित दरों पर यात्रा करने का मौका मिलेगा। इसके अलावा, इस बदलाव से रेलवे को भी टिकट वितरण प्रणाली को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। त्योहारी सीजन के मद्देनजर निर्णययह बदलाव खासतौर पर दिवाली और अन्य प्रमुख त्योहारों के मद्देनजर लिया गया है, जब देशभर में रेल यात्रा की मांग चरम पर होती है। इस समय यात्रियों की भारी भीड़ होती है, और कालाबाजारी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। नए नियम लागू होने से टिकटों की कालाबाजारी रोकने में काफी हद तक सफलता मिलने की उम्मीद है। रेलवे ने इस निर्णय को लागू करने से पहले सभी यात्रियों को इस बदलाव की जानकारी देने का प्रयास किया है ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

Lawrance bishnoi: कॉलेज की पढ़ाई छोड़ कैसे बना सबसे खतरनाक गैंगस्टर?, लॉरेंस बिश्नोई की सलमान से क्या है दुश्मनी!

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क: Lawrance bishnoi: लॉरेंस बिश्नोई का नाम हाल के दिनों में आपराधिक गतिविधियों के चलते सुर्खियों में रहा है। वह एक ऐसा नाम है, जो उत्तर भारत में गैंगस्टर की दुनिया में बड़ा बन चुका है। पंजाब के फिरोजपुर जिले के घत्तरांवाली गांव का रहने वाला लॉरेंस बिश्नोई एक संपन्न किसान परिवार से आता है। वह बिश्नोई समुदाय से ताल्लुक रखता है, जो पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में बसा हुआ है। चंडीगढ़ से हुई शुरुआतलॉरेंस ने 12वीं तक अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की और फिर 2010 में उच्च शिक्षा के लिए चंडीगढ़ गया। वहां उसने डीएवी कॉलेज, पंजाब यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया और जल्द ही छात्र राजनीति में सक्रिय हो गया। 2011-2012 में वह पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र संगठन (SOPU) का अध्यक्ष भी बना। हालांकि, इस दौरान उसकी गतिविधियां अपराध की ओर मुड़ गईं और 2010 में उस पर हत्या की कोशिश का पहला केस दर्ज हुआ। क्या है सलमान से लॉरेंस बिश्नोई की दुश्मनी की वजह?सलमान खान के ऊपर 1998 में काले हिरणों के शिकार का आरोप लगा। इस मामले को लेकर काफी हंगामा हुआ। सलमान पर आरोप था कि उन्होंने जोधपुर में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान शहर से सटे कांकाणी गांव के पास दो काले हिरणों को मारा था। राजस्थान में बिश्नोई समाज काले हिरण को अपने परिवार की तरह मानता है। उनके बीच काले हिरण की पूजा होती है। ऐसे में सलमान खान बिश्नोई समाज के निशाने पर आ गए। मामला कोर्ट तक भी पहुंचा। अप्रैल 2018 में सलमान खान को इस मामले में दोषी मानते हुए 5 साल की सजा सुनाई गई। हालांकि, उसी दिन सलमान 50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर जमानत लेकर बाहर आ गए। गैंगस्टर बनने की शुरुआत(Lawrance bishnoi) लॉरेंस बिश्नोई की आपराधिक गतिविधियां जल्द ही बढ़ने लगीं। वह जबरन वसूली, तस्करी और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग जैसी गंभीर अपराधों में शामिल हो गया। साबरमती सेंट्रल जेल में बंद होने के बावजूद, उसने अपने गैंग को बाहर से नियंत्रित करना जारी रखा। बिश्नोई का गैंग कई गैंग वॉर का हिस्सा रहा है और उत्तर भारत में यह एक प्रमुख आपराधिक गिरोह बन गया है। गैंग की गतिविधियां(Lawrance bishnoi) लॉरेंस बिश्नोई गैंग की गतिविधियां उत्तर भारत के अलावा मुंबई तक फैली हुई हैं। इस गैंग का नाम कई हाई-प्रोफाइल हत्याओं से जुड़ा है, जिसमें पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला और महाराष्ट्र के राजनेता बाबा सिद्दीकी की हत्या शामिल हैं। गैंग की विशेषता यह है कि यह राजनीति और व्यापार से जुड़े प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाता है। जेल से चलाता है साम्राज्यहालांकि बिश्नोई फिलहाल जेल में बंद है, लेकिन उसने जेल से ही अपनी आपराधिक गतिविधियों को संचालित करना जारी रखा है। कथित तौर पर मोबाइल फोन के जरिए वह अपने गैंग के सदस्यों के संपर्क में रहता है और बाहर के कामों को निर्देशित करता है। बाबा सिद्दीकी की हत्या में संलिप्ततामहाराष्ट्र के राजनेता बाबा सिद्दीकी की हत्या ने लॉरेंस बिश्नोई के गैंग को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। 12 अक्टूबर, 2024 को बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद इस गैंग का नाम सामने आया है। मुंबई पुलिस इसकी जांच में लगी हुई है, और इस बात की जांच की जा रही है कि हत्या राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता या अन्य कारणों से हुई थी। उत्तर भारत से लेकर मुंबई तक गैंग का विस्तारउत्तर भारत में पैर जमाने के बाद, बिश्नोई का गैंग अब मुंबई के अंडरवर्ल्ड में भी अपनी जगह बना रहा है। मुंबई पुलिस को शक है कि बिश्नोई गैंग दाऊद इब्राहिम और रवि पुजारी जैसे गैंगस्टर्स की जगह लेने की कोशिश कर रहा है। खासकर बॉलीवुड और स्थानीय राजनीति में अपने संबंधों के जरिए यह गैंग अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। लॉरेंस बिश्नोई की कहानी एक ऐसे शख्स की है, जिसने कॉलेज की पढ़ाई छोड़ अपराध की दुनिया में कदम रखा और आज उत्तर भारत के सबसे बड़े और खतरनाक गैंगस्टर्स में से एक बन गया है।