Diwali In Ayodhya: अयोध्या में राम मंदिर की पहली दिवाली, भव्य दीपोत्सव का आयोजन, गिनीज बुक में दर्ज हुए दो विश्व रिकॉर्ड

अयोध्या – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क| Diwali In Ayodhya : अयोध्या में इस बार दिवाली का पर्व खास धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। यहां 8वें दीपोत्सव का आयोजन किया गया है, जो पूरे विश्व में अपनी भव्यता के लिए चर्चित हो गया है। इस दीपोत्सव में 25 लाख 12 हजार 585 दीप जलाए गए, जो एक नया विश्व रिकॉर्ड है। साथ ही, सरयू नदी पर 1121 लोगों ने सामूहिक आरती की, जिसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। आपको बता दे 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह पहली दिवाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा की अद्भुत, अतुलनीय और अकल्पनीय! भव्य-दिव्य दीपोत्सव के लिए अयोध्यावासियों को बहुत-बहुत बधाई! लाखों दीयों से आलोकित राम लला की पावन जन्मस्थली पर यह ज्योतिपर्व भावविभोर कर देने वाला है। अयोध्या धाम से निकला यह प्रकाशपुंज देशभर के मेरे परिवारजनों में नया जोश और नई ऊर्जा भरेगा। मेरी कामना है कि भगवान श्री राम समस्त देशवासियों को सुख-समृद्धि और यशस्वी जीवन का आशीर्वाद प्रदान करें। जय श्री राम! सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा की 500 वर्षों के उपरांत हम सबके आराध्य प्रभु श्री रामलला के अपने भव्य मंदिर में पुनः विराजमान होने के पश्चात यह प्रथम दीपोत्सव है। अद्भुत-अलौकिक आभा से दीप्त श्री अयोध्या धाम का यह दिव्य-भव्य स्वरूप हम सभी को त्रेतायुग की अनुभूति करा रहा है। आज अयोध्या हर्षित है, संपूर्ण भारत गर्वित है। ‘दीपोत्सव 2024’ में सहभागी सभी रामभक्तों को हार्दिक बधाई एवं उनका अभिनंदन! जय जय श्री राम! दिवाली की रौनक और नए रिकॉर्डदेशभर में दिवाली की तैयारियों के बीच, 30 अक्तूबर को अयोध्या में दीपों से सरयू के घाटों को जगमगाया गया। इस भव्य आयोजन के लिए लगभग 28 लाख दीयों का प्रबंध किया गया था, ताकि 10% दीये भी खराब हो जाएं, तो भी 25 लाख दीये जलाकर यह विश्व रिकॉर्ड बनाया जा सके। अयोध्या पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ और कई प्रमुख नेतादीपोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने के लिए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanatha)खुद अयोध्या पहुंचे। सीएम योगी ने भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान बने कलाकारों के रथ को खींचकर समारोह में भाग लिया और सरयू घाट पर आरती की। उन्होंने रामलला के मंदिर में जाकर पूजा अर्चना भी की। लेजर शो और रंगारंग कार्यक्रमों से सजी अयोध्यादीपोत्सव के दौरान अयोध्या के घाटों को दीयों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। लेजर शो और ध्वनि-प्रकाश शो के जरिए रामलीला का मनोहारी वर्णन किया गया, जो दर्शकों को काफी पसंद आ रहा है। अयोध्या का दीपोत्सव बना आकर्षण का केंद्रदेशभर से लोग इस अद्वितीय दीपोत्सव को देखने के लिए अयोध्या पहुंच रहे हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि अयोध्या की विश्वस्तरीय पहचान को भी मजबूती दे रहा है। एक नजर में पूरा आयोजन– 25 लाख दीयों का प्रज्वलन: अयोध्या के दीपोत्सव में 25 लाख 12 हजार 585 दीये जलाए गए, जो एक विश्व रिकॉर्ड है।– 1121 लोगों की आरती: सरयू नदी के घाट पर 1121 लोगों ने एक साथ आरती की, जो एक नया कीर्तिमान है।– लेजर शो और रंगारंग कार्यक्रम: दीपोत्सव के दौरान लेजर और लाइट शो, ध्वनि-प्रकाश शो के माध्यम से रामलीला का प्रदर्शन।

Ratlam’s Lakshmi Temple : MP के इस शहर में है कुबेर का खजाना! ; प्रसाद में बंटते है कड़क नोट और गहने

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam’s Lakshmi Temple: आपसे कोई पूछे की कुबेर का खजाना कहां है? तो आपको जवाब नहीं मिलेगा। लेकिन मध्यप्रदेश के रतलाम शहर का एक ऐसा मंदिर है जिसे आप देख ले तो आपको आपका जवाब जरूर मिल जाएगा। रतलाम के माणक चौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर दिवाली पर कुछ ऐसे ही नजर आता है। इस मंदिर में इतना धन – दौलत देखकर हर कोई इसे कुबेर के खजाने से ही जोड़ता है। लेकिन असल में यह कुबेर का खजाना नहीं बल्कि भक्तों का धन है जो महालक्ष्मी को अर्पण किया जाता है। दरअसल दीपावली (Diwali) के पर्व पर रतलाम का ऐतिहासिक महालक्ष्मी (Ratlam Lakshmi Mandir) मंदिर देशभर में अनूठा आकर्षण बना हुआ है। यहां महालक्ष्मी की मूर्ति को सजाने के लिए भक्तों द्वारा दिए गए करोड़ों रुपये के नोट और आभूषणों से पूरा मंदिर परिसर कुबेर के खजाने की तरह जगमगा उठा है। यह देश का इकलौता मंदिर है जहां दीपावली पर भक्तों द्वारा दिए गए गहनों और नकदी से सजावट की जाती है। नोटों और आभूषणों की अद्भुत सजावटमंदिर में इस वर्ष दीपावली सजावट की शुरुआत 14 अक्टूबर, शरद पूर्णिमा से ही हो चुकी थी। विभिन्न मूल्यवर्ग के नोट, 1 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के नए-नए नोट, मंदिर के हर कोने में सजाए गए हैं। ये नोट और आभूषण भक्तों द्वारा स्वेच्छा से श्रद्धा के साथ दिए जाते हैं। मंदसौर, नीमच, इंदौर, उज्जैन, नागदा, खंडवा, देवास सहित राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, जम्मू कश्मीर आदि तक से भक्तजन धन और आभूषणों के साथ मंदिर में माता महालक्ष्मी का श्रृंगार करने पहुंचते हैं। श्रद्धालु अपने घरों की तिजोरी से नकदी और गहने लेकर मंदिर में सजावट के लिए जमा कराते हैं। यहां तक कि कई भक्त तो 5 लाख रुपये तक नकद भी श्रद्धापूर्वक रखते हैं। इन नोटों से मंदिर के लिए विशेष वंदनवार बनाए जाते हैं, जिससे पूरा गर्भगृह कुबेर के खजाने जैसा दिखाई देने लगता है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाममंदिर में इतने विशाल खजाने की सुरक्षा के लिए 4 गार्ड और सीसीटीवी कैमरे तैनात हैं। साथ ही, मंदिर के निकट स्थित माणक चौक पुलिस थाना 24 घंटे मंदिर की सुरक्षा में मुस्तैद रहता है। भक्तजनों की संपत्ति की पवित्रता बनाए रखने के लिए मंदिर प्रशासन हर प्रकार का एहतियात बरतता है। जितने विश्वास से भक्त यहां सजावट के लिए धन व आभूषण अर्पित करते है, उतने ही विश्वास से लेने भी आते है। हैरानी की बात है की आज तक कभी किसी के धन वापसी करते समय कोई विघ्न नहीं आया है। श्रद्धालुओं के नोट और आभूषण सुरक्षित, रजिस्टर में एंट्री के साथ टोकनमंदिर प्रशासन भक्तों की संपदा की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रबंध करता है। प्रत्येक भक्त के नोट और आभूषणों का नाम, पता और मोबाइल नंबर एक रजिस्टर में दर्ज किया जाता है। इसके साथ ही, भक्त का पासपोर्ट आकार का फोटो भी लगाया जाता है और टोकन देकर यह संपत्ति उन्हें बाद में सुरक्षित रूप से लौटाई जाती है। यह व्यवस्था इतनी पुख्ता है कि आज तक किसी भी भक्त की संपदा में कोई हेरफेर नहीं हुआ है। दीपावली के बाद प्रसाद में लौटाए जाएंगे गहने और नकदीसबसे विशेष और रहस्यमय पहलू यह है कि दीपावली का पर्व समाप्त होते ही भाई दूज के दिन भक्तों को उनका धन और गहने “प्रसाद” के रूप में लौटा दिए जाते हैं। मान्यता है कि जिनके धन से महालक्ष्मी का श्रृंगार होता है, उनके घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। दो शताब्दियों पुरानी परंपरामंदिर के कुलदीप त्रिवेदी के अनुसार लगभग 200 वर्ष पहले राजा रतन सिंह ने अपने राज्य की समृद्धि और प्रजा की खुशहाली के लिए यह परंपरा शुरू की थी। उन्होंने अपनी संपदा पांच दिनों तक देवी महालक्ष्मी के चरणों में अर्पित करने का संकल्प लिया, जो आज तक निभाया जा रहा है। इसी क्रम में इस मंदिर में महालक्ष्मी के आठ स्वरूपों—अधी लक्ष्मी, धान्य लक्ष्मी, लक्ष्मीनारायण, धन लक्ष्मी, विजयलक्ष्मी, वीर लक्ष्मी, संतान लक्ष्मी और ऐश्वर्य लक्ष्मी—की प्रतिमाएं स्थापित हैं। वास्तविक कुबेर के खजाने जैसा भव्य रूपदीपावली पर पूरे सप्ताह तक यह मंदिर वैभव और आस्था का अनोखा प्रतीक बन जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां दिए गए धन से महालक्ष्मी के आशीर्वाद से उनका घर और जीवन समृद्धि से भर जाता है।

Festival Special Train: पश्चिम रेलवे ने त्‍योहारों में यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन किया

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Festival Special Trains: त्‍योहारी सीजन के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्‍या को देखते हुए पश्चिम रेलवे ने उधना-कटिहार-उज्‍जैन स्‍पेशल, उधना-दानापुर-वडोदरा अनारक्षित स्‍पेशल, और उधना-प्रयागराज-उधना अनारक्षित स्‍पेशल ट्रेनों का संचालन करने का निर्णय लिया है। ये ट्रेनें यात्रियों की सुविधा के लिए एक-एक फेरे में चलेंगी। 1. उधना-कटिहार-उज्‍जैन स्‍पेशल (गाड़ी संख्‍या 09047/09048):गाड़ी संख्‍या 09047 उधना-कटिहार स्‍पेशल 01 नवंबर को उधना से रात 00:20 बजे रवाना होगी और 02 नवंबर को दोपहर 14:00 बजे कटिहार पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्‍या 09048 कटिहार से 02 नवंबर को शाम 17:00 बजे चलकर 03 नवंबर को रात 23:30 बजे उज्‍जैन पहुंचेगी। यह ट्रेन भरुच, वडोदरा, रतलाम, नागदा और उज्‍जैन सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में सेकंड एसी, थर्ड एसी, स्लीपर और सामान्य श्रेणी के कोच होंगे। 2. उधना-दानापुर-वडोदरा अनारक्षित स्‍पेशल (गाड़ी संख्‍या 09053/09054):गाड़ी संख्‍या 09053 उधना-दानापुर स्‍पेशल 31 अक्टूबर को सुबह 10:00 बजे उधना से रवाना होगी और अगले दिन 01 नवंबर को रात 23:30 बजे दानापुर पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्‍या 09054, 02 नवंबर को सुबह 04:00 बजे दानापुर से चलकर 03 नवंबर को दोपहर 12:00 बजे वडोदरा पहुंचेगी। इस ट्रेन का रतलाम, उज्‍जैन, बीना और कई अन्य स्टेशनों पर ठहराव रहेगा। इसमें 16 स्लीपर कोच होंगे जो पूरी तरह अनारक्षित होंगे। 3. उधना-प्रयागराज-उधना अनारक्षित स्‍पेशल (गाड़ी संख्‍या 09011/09012):गाड़ी संख्‍या 09011 उधना-प्रयागराज स्‍पेशल 31 अक्टूबर को सुबह 07:00 बजे उधना से रवाना होगी और अगले दिन 01 नवंबर को सुबह 09:15 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्‍या 09012, 01 नवंबर को दोपहर 12:30 बजे प्रयागराज से चलकर 02 नवंबर को शाम 16:05 बजे उधना पहुंचेगी। इस ट्रेन में 20 सामान्य श्रेणी के कोच होंगे जो पूरी तरह अनारक्षित होंगे। यात्रियों से अनुरोध है कि वे इन ट्रेनों के ठहराव और समय की अधिक जानकारी के लिए [www.enquiry.indianrail.gov.in](http://www.enquiry.indianrail.gov.in) पर विजिट करें।

Diwali 2024: जानें दिवाली की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजाविधि

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Diwali 2024 Date, Time, Muhurat and Poojavidhi: दिवाली का पर्व हर साल कार्तिक माह की अमावस्या को धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल पंचांग भेद के कारण दिवाली दो दिनों तक मनाई जाएगी—31 अक्टूबर और 1 नवंबर को। दीपावली पर मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा का खास महत्व होता है। जानिए दिवाली की सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, और पूजाविधि। कब है दिवाली?पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत 29 अक्टूबर को धनतेरस से हो चुकी है। इसके बाद 31 अक्टूबर को छोटी दिवाली और फिर दिवाली का मुख्य पर्व मनाया जाएगा। कुछ स्थानों पर दिवाली 31 अक्टूबर को, तो कुछ जगहों पर 1 नवंबर को मनाई जाएगी। दिवाली के अगले दिन, 2 नवंबर को गोवर्धन पूजा और 3 नवंबर को भाई दूज के साथ यह उत्सव समाप्त होगा। दिवाली पूजा का शुभ मुहूर्त– अमावस्या तिथि प्रारंभ: 31 अक्टूबर, दोपहर 3:52 बजे– अमावस्या तिथि समाप्त: 1 नवंबर, शाम 6:16 बजे– लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त:  – 31 अक्टूबर, शाम 5:36 बजे से शाम 6:16 बजे तक    – शाम 6:27 बजे से रात 8:32 बजे तक– निशिता काल पूजा:  – 31 अक्टूबर, रात 11:39 बजे से 12:31 बजे तक दिवाली पूजाविधि1. साफ-सफाई: दिवाली की पूजा से पहले घर की सफाई करें, विशेषकर ईशान कोण का ध्यान रखें, जिसे देवी-देवताओं का स्थान माना गया है।2. पूजा की तैयारी: लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति स्थापित करें। साथ ही कुबेर देवता की तस्वीर भी लगाएं।3. कलश की स्थापना: चौकी पर जल से भरे कलश में कौड़ियां, सिक्के, सुपारी, और गंगाजल डालें। कलश पर स्वास्तिक का निशान बनाकर मोली लपेटें और आम के पत्ते लगाएं।4. लक्ष्मी पूजन: मां लक्ष्मी के सामने लाल कपड़े की थैली में 5 कौड़ी, 5 गोमती चक्र, हल्दी की गांठ रखें। पूजन के बाद इसे तिजोरी में रखें।5. दीप जलाना: गणेशजी, लक्ष्मी जी, और कुबेर देवता के सामने घी का 5 या 11 दीपक जलाएं। घर के कोनों में सरसों के तेल के दीपक लगाएं।6. मंत्र जाप और पाठ: गणेश अथर्वशीर्ष और श्री सूक्तम का पाठ करें और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए पूजा समाप्त करें। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारी परंपरागत मान्यताओं पर आधारित है। इसे अपनाने से पहले किसी विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

Dhanteras2024: जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और माता लक्ष्मी के लिए भोग रेसिपी

नई दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Dhanteras2024:  धनतेरस का पर्व हर साल दिवाली से दो दिन पहले मनाया जाता है, जिससे दीपावली की शुरुआत होती है। इस वर्ष धनतेरस का पर्व मंगलवार, 29 अक्टूबर 2024 को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देवता की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन को लेकर लोगों के मन में शुभ मुहूर्त और तिथि को लेकर कई सवाल रहते हैं। यहां जानिए धनतेरस की पूजा तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और माता लक्ष्मी के भोग के बारे में। धनतेरस 2024 की तिथि और शुभ मुहूर्तज्योतिषाचार्य के अनुसार, त्रयोदशी तिथि की शुरुआत मंगलवार, 29 अक्टूबर को सुबह 10:31 बजे से होगी और यह बुधवार, 30 अक्टूबर दोपहर 1:15 बजे तक रहेगी। चूंकि धनतेरस की पूजा शाम को होती है, इसलिए धनतेरस 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा।  धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6:31 बजे से 8:13 बजे तक रहेगा। धनतेरस पूजा विधिधनतेरस के दिन शाम के समय कुबेर देवता के साथ माता लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की मूर्ति या तस्वीर को पूजास्थल पर स्थापित करें। दीप जलाकर उन्हें फल और फूल अर्पित करें और उनका प्रिय भोग लगाएं। पूजा के दौरान “ॐ ह्रीं कुबेराय नमः” मंत्र का जाप करें और अंत में आरती करें। धनतेरस के लिए विशेष भोग रेसिपीमाता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए धनतेरस के दिन मखाने और दूध की खीर का भोग लगाया जा सकता है। इसे बनाने के लिए मखाने, दूध, चीनी, ड्राई फ्रूट्स और इलायची पाउडर का उपयोग करें।

Diwali 2024 Date: 31 अक्टूबर या 1 नवंबर? जानें महालक्ष्मी पूजा की सही तिथि और शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Diwali 2024 Date: इस साल दिवाली के दिन को लेकर असमंजस की स्थिति है क्योंकि अमावस्या तिथि दो दिन, 31 अक्टूबर और 1 नवंबर, को पड़ रही है। ऐसे में लोग यह जानना चाहते हैं कि लक्ष्मी पूजा कब करनी चाहिए।  दिवाली की सही तारीखज्योतिषाचार्य पं. अभिषेक जोशी के अनुसार हिंदू धर्म में दिवाली का पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। पंचांग के अनुसार, इस साल अमावस्या तिथि 31 अक्टूबर 2024 को दोपहर 3:52 बजे शुरू होगी और 1 नवंबर 2024 को शाम 5:14 बजे समाप्त होगी।  वेदिक पंचांग के अनुसार, व्रत और त्योहारों को उदया तिथि के आधार पर मनाया जाता है। हालांकि, दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में की जाती है, जो सूर्यास्त के बाद से लेकर रात के समय तक रहता है। इस साल, ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, 31 अक्टूबर को प्रदोष काल और निशिता काल (मध्यरात्रि) में लक्ष्मी पूजा करना सबसे शुभ रहेगा।  लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्तज्योतिषियों के अनुसार, 31 अक्टूबर 2024 को लक्ष्मी पूजा के लिए यह शुभ मुहूर्त होंगे:  – प्रदोष काल: शाम 5:36 से रात 8:11 तक  – वृषभ लग्न: शाम 6:25 से रात 8:20 तक  – लक्ष्मी पूजा का निशिता मुहूर्त: रात 11:39 से 12:31 तक  इस दिन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त शाम 6:25 से 7:13 के बीच माना गया है। इस 48 मिनट के दौरान लक्ष्मी पूजन करना सबसे अधिक शुभ होगा।  क्यों 31 अक्टूबर है सही तिथि?ज्योतिषीय गणना के अनुसार, अमावस्या तिथि 31 अक्टूबर से शुरू हो रही है और लक्ष्मी पूजा का सबसे शुभ समय प्रदोष काल और निशिता काल में ही आता है। इसलिए 31 अक्टूबर को दिवाली मनाना और लक्ष्मी पूजा करना श्रेष्ठ माना गया है। 1 नवंबर को निशिता काल उपलब्ध नहीं है, जिससे इस दिन पूजा करना शुभ नहीं माना जाएगा।  (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और पंचांग के आधार पर है। इसे किसी भी प्रकार से उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करे।)

Sanjeev Khanna New Chief Justice:  जस्टिस संजीव खन्ना होंगे भारत के नए चीफ जस्टिस, 11 नवंबर को लेंगे शपथ

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Sanjeev Khanna New Chief Justice: जस्टिस संजीव खन्ना 11 नवंबर, 2024 को भारत के 51वें चीफ जस्टिस के रूप में शपथ लेंगे। मौजूदा चीफ जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ 10 नवंबर को पदमुक्त होंगे। जस्टिस खन्ना का कार्यकाल 13 मई, 2025 तक रहेगा। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने संविधान द्वारा दी गई शक्ति का उपयोग करते हुए उनकी नियुक्ति की है। जस्टिस संजीव खन्ना का करियर प्रोफाइलजस्टिस संजीव खन्ना का कानूनी करियर प्रतिष्ठित रहा है। उन्होंने 1983 में दिल्ली बार काउंसिल में पंजीकरण कराकर अपने करियर की शुरुआत की। शुरुआत में दिल्ली की जिला अदालतों में काम किया और बाद में दिल्ली हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने लगे। उन्होंने संवैधानिक कानून, कंपनी कानून, आपराधिक कानून और मध्यस्थता में अनुभव हासिल किया। 2005 में दिल्ली हाईकोर्ट में एडिशनल जज बने और 2006 में स्थायी जज नियुक्त हुए। मुख्य फैसले जिनसे चर्चा में आएजस्टिस संजीव खन्ना कई महत्वपूर्ण फैसलों के लिए जाने जाते हैं: – लोकतांत्रिक भागीदारी के समर्थक: उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार के लिए अंतरिम जमानत दी थी।  – पीएमएलए मामलों में विचार: जस्टिस खन्ना ने पीएमएलए कानून के तहत देरी को जमानत का वैध आधार माना। वह इस समय पीएमएलए प्रावधानों की समीक्षा करने वाली पीठ के अध्यक्ष भी हैं। – ईवीएम और वीवीपैट सत्यापन: अप्रैल 2024 में ईवीएम में 100% वीवीपैट सत्यापन के अनुरोध को उन्होंने अस्वीकार किया था, जिससे भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चुनावों की सटीकता सुनिश्चित करने के कदमों की पुष्टि हुई। – अनुच्छेद 370 और चुनावी बॉन्ड योजना: इस साल, जस्टिस खन्ना उस पांच-न्यायाधीशीय पीठ का हिस्सा थे, जिसने चुनावी बॉन्ड योजना को असंवैधानिक घोषित किया और अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के फैसले को बरकरार रखा। जस्टिस खन्ना के ये फैसले उनकी न्यायिक समझ और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

Special train: दीपावली और छठ पूजा के अवसर पर अहमदाबाद, वडोदरा से दानापुर, बनारस और गया के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन

अहमदाबाद- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क| Special Train: पश्चिम रेलवे द्वारा दीपावली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए रतलाम मंडल से होकर अहमदाबाद से दानापुर, अहमदाबाद से बनारस और वडोदरा से गया के लिए विशेष किराए पर त्योहारी स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इन स्पेशल ट्रेनों की बुकिंग 25 अक्टूबर 2024 से सभी पीआरएस काउंटर और आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर शुरू होगी। गाड़ी संख्या 09461/09462 अहमदाबाद-दानापुर-अहमदाबाद स्पेशल  गाड़ी संख्या 09461 अहमदाबाद-दानापुर स्पेशल ट्रेन 26 अक्टूबर से 16 नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को अहमदाबाद से सुबह 08:25 बजे प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन रतलाम मंडल के रतलाम (14:40/14:50), नागदा (15:53/15:55), उज्जैन (17:25/17:35) और मक्सी (18:59/19:01) होते हुए रविवार को 16:50 बजे दानापुर पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 09462 दानापुर-अहमदाबाद स्पेशल ट्रेन 27 अक्टूबर से 17 नवंबर तक प्रत्येक रविवार को 21:55 बजे दानापुर से रवाना होकर मंगलवार को 07:10 बजे अहमदाबाद पहुंचेगी। इस ट्रेन में विभिन्न श्रेणियों के कोच उपलब्ध रहेंगे। गाड़ी संख्या 09403/09404 अहमदाबाद-बनारस-अहमदाबाद स्पेशलगाड़ी संख्या 09403 अहमदाबाद-बनारस स्पेशल ट्रेन 29 अक्टूबर से 12 नवंबर तक प्रत्येक मंगलवार को रात 22:40 बजे अहमदाबाद से रवाना होगी। यह ट्रेन बुधवार को रतलाम मंडल के दाहोद (02:26/02:28), रतलाम (04:20/04:25), नागदा (05:12/05:14) होते हुए गुरुवार सुबह 04:05 बजे बनारस पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 09404 बनारस-अहमदाबाद स्पेशल प्रत्येक गुरुवार को बनारस से सुबह 07:15 बजे प्रस्थान करेगी और शुक्रवार शाम 18:00 बजे अहमदाबाद पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 09115/09116 वडोदरा-गया-वडोदरा स्पेशल गाड़ी संख्या 09115 वडोदरा-गया स्पेशल ट्रेन 29 अक्टूबर को वडोदरा से 00:45 बजे रवाना होकर रतलाम मंडल के दाहोद (02:50/02:52), रतलाम (05:00/05:10), नागदा (05:50/05:52), उज्जैन (07:10/07:15) और मक्सी (08:00/08:02) होते हुए बुधवार सुबह 07:00 बजे गया पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 09116 गया-वडोदरा स्पेशल बुधवार को गया से 10:00 बजे प्रस्थान कर गुरुवार को 14:00 बजे वडोदरा पहुंचेगी। यात्री अधिक जानकारी के लिए www.enquiry.indianrail.gov.in पर देख सकते हैं।

Pushpa Part 2 : इस दिन बॉक्स ऑफिस पर ‘पुष्पा 2’ होगी रिलीज, अल्लू अर्जुन फिर करेंगे धमाका

मुंबई – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Pushpa Part 2 : भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, “पुष्पा 2: द रूल” (Pushpa 2 : The Rule) 5 दिसंबर को बड़े पर्दे पर धमाल मचाने के लिए तैयार है। टॉलीवुड के आइकॉन स्टार अल्लू अर्जुन एक बार फिर अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीतने आ रहे हैं। फिल्म निर्माताओं ने इसकी रिलीज़ डेट की आधिकारिक घोषणा कर दी है, और देशभर में इसे रिकॉर्ड संख्या में सिनेमाघरों में रिलीज़ करने की योजना बनाई जा रही है। पुष्पा 2: द रूल से उम्मीदें काफी ऊंची हैं, क्योंकि फिल्म का पहला भाग, पुष्पा: द राइज़’ (Pushpa : The Rise), जबरदस्त हिट साबित हुआ था और बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक कलेक्शन किया था। अल्लू अर्जुन की पावर-पैक परफॉर्मेंस और फिल्म के डायलॉग्स ने दर्शकों के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की थी। फिल्म को लेकर जबरदस्त बजअल्लू अर्जुन (Allu Arjun) की स्टारडम और फिल्म के धमाकेदार ट्रेलर ने पहले ही दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा कर दिया है। सोशल मीडिया पर फिल्म के प्रति उत्सुकता और ‘पुष्पा 2’ के गानों ने ट्रेंड सेट कर दिया है। फ़िल्म निर्माता इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी रिलीज़ बनाने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं। अल्लू अर्जुन का दमदार अवतारइस बार अल्लू अर्जुन पहले से भी ज्यादा पावरफुल अंदाज़ में नजर आएंगे। फिल्म में उनके एक्शन सीक्वेंस, स्टाइल और दमदार डायलॉग्स पहले ही चर्चा का विषय बन चुके हैं। अल्लू अर्जुन के फैंस बेसब्री से उनके इस नए अवतार को देखने के लिए इंतजार कर रहे हैं। पुष्पा 2: द रूल’ का धमाका 5 दिसंबर से बॉक्स ऑफिस पर होगा, और यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म कितने रिकॉर्ड्स तोड़ने में सफल होती है। बॉक्स ऑफिस पर टूट सकते हैं रिकॉर्डफिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि ‘पुष्पा 2: द रूल’ के साथ बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड स्थापित हो सकते हैं। ट्रेंड्स के अनुसार, यह फिल्म देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़े पैमाने पर रिलीज़ की जाएगी। फिल्म की एडवांस बुकिंग को लेकर भी दर्शकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

Chath Puja & Diwali Special Train: दीपावली और छठ पूजा के अवसर पर यात्रियों के लिए विशेष ट्रेनें, इन स्टेशनों से बुकिंग हुई शुरू

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Chath Puja & Diwali Special Train: पश्चिम रेलवे ने दीपावली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए रतलाम मंडल से होकर गुजरने वाली दो त्‍यौहार विशेष ट्रेनों का परिचालन करने का निर्णय लिया है। इन ट्रेनों को विशेष किराये पर संचालित किया जाएगा, जिससे यात्रियों को राहत मिल सके। 1.अहमदाबाद-जयनगर-अहमदाबाद त्‍यौहार स्‍पेशल ट्रेन:गाड़ी संख्‍या 09467 अहमदाबाद-जयनगर स्‍पेशल ट्रेन 25 अक्‍टूबर, 2024 को अहमदाबाद से शाम 4:35 बजे प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन रतलाम मंडल के रतलाम (रात 10:00 बजे), नागदा (रात 10:38 बजे) और उज्‍जैन (रात 11:45 बजे) होते हुए 27 अक्‍टूबर को सुबह 7:30 बजे जयनगर पहुंचेगी। वापसी में, गाड़ी संख्‍या 09468 जयनगर-अहमदाबाद स्‍पेशल 27 अक्‍टूबर, 2024 को सुबह 10:30 बजे जयनगर से चलेगी और 28 अक्‍टूबर को रतलाम मंडल के उज्‍जैन (शाम 4:55 बजे), नागदा (शाम 5:55 बजे), और रतलाम (शाम 7:00 बजे) होते हुए 29 अक्‍टूबर को सुबह 1:10 बजे अहमदाबाद पहुंचेगी। इस ट्रेन का दोनों दिशाओं में रतलाम, नागदा, उज्जैन, प्रयागराज छिवकी, पाटलिपुत्र, दरभंगा, मधुबनी समेत कई प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है। यह ट्रेन फर्स्‍ट एसी, सेकंड एसी, थर्ड एसी, स्‍लीपर एवं सामान्‍य श्रेणी के कोच के साथ चलेगी। ट्रेन संख्या 09467 की बुकिंग 24 अक्टूबर, 2024 से शुरू होगी। 2. उधना-गया-वडोदरा त्‍यौहार स्‍पेशल ट्रेन:गाड़ी संख्‍या 09011 उधना-गया स्‍पेशल 25 अक्‍टूबर, 2024 को रात 10:00 बजे उधना से प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन रतलाम मंडल के दाहोद (रात 2:50 बजे), रतलाम (सुबह 5:00 बजे), नागदा (सुबह 5:50 बजे), उज्जैन (सुबह 7:10 बजे) और मक्‍सी (सुबह 8:00 बजे) होते हुए अगले दिन सुबह 7:00 बजे गया पहुंचेगी। वापसी में, गाड़ी संख्‍या 09012 गया-वडोदरा स्‍पेशल 27 अक्‍टूबर, 2024 को सुबह 10:00 बजे गया से चलेगी और 28 अक्‍टूबर को रतलाम मंडल के मक्‍सी (सुबह 7:55 बजे), उज्जैन (सुबह 8:40 बजे), नागदा (सुबह 9:25 बजे), रतलाम (सुबह 10:00 बजे) और दाहोद (सुबह 11:30 बजे) होते हुए दोपहर 2:00 बजे वडोदरा पहुंचेगी। इस ट्रेन का दोनों दिशाओं में वडोदरा, गोधरा, रतलाम, नागदा, उज्जैन, प्रयागराज छिवकी और डेहरी ओन सोन समेत कई प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव रहेगा। यह ट्रेन सेकंड एसी, थर्ड एसी, स्‍लीपर और सामान्‍य श्रेणी कोचों के साथ चलेगी।  ट्रेन संख्या 09011 की बुकिंग भी 24 अक्टूबर, 2024 से शुरू होगी। रतलाम मंडल जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीना ने बताया यात्रियों से अनुरोध है कि ट्रेन के ठहराव और संरचना संबंधी विस्तृत जानकारी के लिए www.enquiry.indianrail.gov.in पर अवलोकन करें।