New UPI Rules: 1 अप्रैल से बदलेंगे बैंकिंग और टैक्स से जुड़े ये नियम, जेब पर पड़ेगा असर

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। New UPI Rules: 1 अप्रैल 2025 से नया वित्तीय वर्ष शुरू होने जा रहा है और इसके साथ ही कई बैंकिंग, यूपीआई, एटीएम, टैक्स और निवेश से जुड़े नियमों में बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों का असर आम ग्राहकों से लेकर निवेशकों तक सभी पर पड़ेगा। अगर आप बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करते हैं या शेयर बाजार व म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं, तो इन नियमों की जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है।    एटीएम से पैसे निकालने के नियम बदले   भारतीय रिजर्व बैंक के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, अब ग्राहक दूसरे बैंक के एटीएम से सिर्फ तीन बार मुफ्त ट्रांजैक्शन कर सकेंगे। इसके बाद हर अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर 20 से 25 रुपये का शुल्क लगेगा।   बचत खाते में मिनिमम बैलेंस जरूरी   बैंकों ने मिनिमम बैलेंस को लेकर भी नए नियम लागू किए हैं। अगर आपके खाते में न्यूनतम बैलेंस नहीं होगा, तो जुर्माना देना पड़ेगा। यह जुर्माना बैंक, खाता प्रकार और ब्रांच लोकेशन जैसे मेट्रो, शहरी और ग्रामीण के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।    यूपीआई ट्रांजैक्शन से जुड़े नए नियम   अगर आपका यूपीआई खाता लंबे समय से निष्क्रिय है, तो बैंक उसे डीएक्टिवेट कर देगा। यूपीआई का लगातार उपयोग न करने वाले ग्राहकों को नया रजिस्ट्रेशन करना पड़ सकता है।    पॉजिटिव पे सिस्टम लागू होगा   50 हजार रुपये से अधिक के चेक जारी करने पर ग्राहकों को बैंक को पहले से जानकारी देनी होगी। बैंक चेक जारी करने वाले से डिटेल वेरिफाई करेगा, जिससे धोखाधड़ी रोकी जा सके।    क्रेडिट कार्ड से मिलने वाले फायदे कम होंगे   एसबीआई सिम्प्ली क्लिक कार्ड पर स्विगी रिवॉर्ड पांच गुना से घटाकर आधा कर दिया जाएगा। एयर इंडिया सिग्नेचर कार्ड पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट 30 से घटाकर 10 कर दिए जाएंगे। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने क्लब विस्तारा माइलस्टोन बेनेफिट्स को खत्म करने का फैसला किया है।   टैक्स नियमों में बदलाव   नया टैक्स सिस्टम लागू हो गया है। यदि आपने पुराने सिस्टम 80सी बेनिफिट्स का चयन नहीं किया, तो आप नए सिस्टम में अपने आप शामिल हो जाएंगे। पैन को आधार से लिंक नहीं करने पर डिविडेंड और कैपिटल गेन पर अधिक टीडीएस कटेगा।   डीमैट और म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए नया नियम   सभी डीमैट और म्यूचुअल फंड निवेशकों को केवाईसी और नॉमिनी डिटेल्स फिर से वेरिफाई करनी होंगी। केवाईसी अपडेट नहीं करने पर अकाउंट फ्रीज हो सकता है।   डिजिटल बैंकिंग में एआई और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन   बैंकों में डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने के लिए एआई बैंकिंग असिस्टेंट और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन की शुरुआत की जा रही है। इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोका जा सकेगा और ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।    क्या करें   एटीएम से निकासी सीमा का ध्यान रखें, ताकि अतिरिक्त शुल्क न देना पड़े। अपने यूपीआई खाते को निष्क्रिय होने से बचाने के लिए समय-समय पर ट्रांजैक्शन करें। अगर आप क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग करते हैं, तो रिवॉर्ड पॉलिसी के बदलावों की जानकारी लें। पैन-आधार लिंकिंग सुनिश्चित करें, वरना आपका डिविडेंड और टैक्स रिफंड अटक सकता है। अपने डीमैट और म्यूचुअल फंड अकाउंट को अपडेट रखें, वरना निवेश अटक सकता है।  

PF Withdrawal Process: EPFO मेंबर्स के लिए बड़ी राहत: अब ATM और UPI से निकाल सकेंगे PF का पैसा, जून से मिलेगी सुविधा

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PF Withdrawal Process: EPFO मेंबर्स के लिए बड़ी खुशखबरी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन जल्द ही अपने मेंबर्स को ATM और UPI के जरिए PF विड्रॉल की सुविधा देने जा रहा है। इससे EPFO मेंबर्स अपने PF अकाउंट से सीधे 1 लाख रुपए तक की निकासी कर सकेंगे। इस सुविधा को मई के अंत या जून की शुरुआत तक लागू किए जाने की उम्मीद है।   श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव सुमिता डावरा ने बुधवार को इस नई सुविधा की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि EPFO सब्सक्राइबर्स को एक खास EPFO विड्रॉल कार्ड मिलेगा, जिससे वे ATM से आसानी से पैसे निकाल सकेंगे। वहीं, UPI के जरिए मेंबर्स अपना PF बैलेंस भी चेक कर पाएंगे और सीधे अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर सकेंगे।   PF निकालने की नई प्रक्रिया क्या होगी   1. EPFO विड्रॉल कार्ड – EPFO अपने सब्सक्राइबर्स को एक विशेष ATM कार्ड जारी करेगा, जिसे मेंबर्स अपने PF अकाउंट से लिंक कर सकेंगे। यह कार्ड किसी भी ATM में इस्तेमाल किया जा सकेगा।   2. UPI से निकासी – EPFO मेंबर्स अपने PF अकाउंट को UPI से लिंक कर सकेंगे। इसके बाद वे UPI ऐप के जरिए अपने PF अकाउंट से बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर पाएंगे।   PF निकासी के मौजूदा नियम   – नौकरी जाने पर PF निकासी – यदि किसी मेंबर की नौकरी चली जाती है, तो वह एक महीने बाद अपने PF अकाउंट से 75 प्रतिशत रकम निकाल सकता है। बाकी 25 प्रतिशत राशि दो महीने बाद निकाली जा सकती है।   – इनकम टैक्स नियम     – यदि कर्मचारी ने पांच साल की सेवा पूरी कर ली है, तो PF निकासी पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।     – यदि पांच साल से पहले 50,000 रुपए से ज्यादा की निकासी की जाती है, तो 10 प्रतिशत TDS देना होगा।     – यदि कर्मचारी के पास पैन कार्ड नहीं है, तो 30 प्रतिशत TDS कटेगा।     – फॉर्म 15G या 15H भरने पर TDS से छूट मिल सकती है।   नई सुविधा क्यों जरूरी है   वर्तमान में EPFO मेंबर्स को ऑनलाइन क्लेम प्रोसेस में दो हफ्ते तक का समय लग जाता है। ATM और UPI के जरिए निकासी की सुविधा से यह प्रक्रिया काफी तेज और आसान हो जाएगी।   EPFO की इस नई सुविधा से करोड़ों कर्मचारियों को राहत मिलेगी। अब उन्हें PF का पैसा निकालने के लिए लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा, बल्कि सीधे ATM और UPI के माध्यम से फंड ट्रांसफर कर सकेंगे। 

Ashutosh Sharma: भूख मिटाने के लिए अम्पायरिंग तक करने वाले आशुतोष शर्मा की संघर्षभरी कहानी बनी मिसाल  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ashutosh Sharma: मध्य प्रदेश के युवा क्रिकेटर आशुतोष शर्मा की संघर्षभरी कहानी आज हर किसी को प्रेरित कर रही है। एक समय था जब आशुतोष के पास खाने तक के पैसे नहीं थे और गुजारा करने के लिए उन्होंने अम्पायरिंग तक करनी पड़ी। लेकिन अपनी मेहनत और जुनून की बदौलत उन्होंने खुद को साबित किया और अब चारों तरफ उनकी तारीफ हो रही है।   क्रिकेटर बनने का सपना और मुश्किलों से भरा सफर   आशुतोष बचपन से ही क्रिकेटर बनना चाहते थे। उन्होंने कई टूर्नामेंट खेले और शानदार प्रदर्शन किया। लेकिन एक वक्त ऐसा आया जब उन्हें क्रिकेट में लगातार मौके नहीं मिले। उन्होंने खुलासा किया कि एक ट्रायल मैच में 45 गेंदों पर 90 रन बनाने के बावजूद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। इस फैसले से वे डिप्रेशन में चले गए।   आशुतोष ने बताया, मैं सिर्फ जिम जाता और होटल के कमरे में जाकर सो जाता। क्रिकेट में कोई मौका न मिलने के कारण मैं बहुत निराश था।   पेट भरने के लिए की अम्पायरिंग   परिस्थितियां इतनी कठिन हो गईं कि आशुतोष के पास खाने तक के पैसे नहीं थे। मजबूरन उन्होंने गुजारा करने के लिए अम्पायरिंग करनी शुरू कर दी। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपने क्रिकेट करियर को बचाने के लिए मेहनत जारी रखी।   संघर्ष के बाद मिली पहचान   अपने प्रदर्शन और मेहनत के दम पर आशुतोष ने खुद को साबित किया और अब वे सुर्खियों में हैं। उनकी कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो मुश्किल हालातों में भी अपने सपनों को साकार करने का जुनून रखते हैं।  

 PM Kisan Samman Nidhi: पीएम किसान सम्मान निधि में बड़ा घोटाला: राजस्थान में 7 करोड़ की हेराफेरी, 29 हजार फर्जी खाते मिले  

पाली/ राजस्थान- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PM Kisan Samman Nidhi: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है। पाली जिले की तीन तहसीलों—रानी, मारवाड़ जंक्शन और देसूरी में भौतिक सत्यापन के दौरान 29 हजार से अधिक फर्जी खाते मिले हैं। इन खातों के जरिए करीब 7 करोड़ रुपए की राशि गलत तरीके से ट्रांसफर की गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि केंद्र सरकार द्वारा राजस्थान के किसानों के लिए भेजी गई यह रकम पश्चिम बंगाल और बिहार के खातों में चली गई।   तीन तहसीलों में बड़ा घोटाला, 7 करोड़ की गड़बड़ी   पाली जिला प्रशासन के निर्देश पर हुए सत्यापन में देसूरी में 20 हजार, रानी में 9 हजार 4 और मारवाड़ जंक्शन में 62 फर्जी खाते मिले। जांच में खुलासा हुआ कि   – देसूरी तहसील में 1.51 करोड़ रुपए ट्रांसफर हुए।   – रानी तहसील में 5.40 करोड़ रुपए फर्जी खातों में गए।   मामले में एफआईआर दर्ज, प्रशासन सख्त   पाली जिला कलेक्टर एलएल मंत्री ने बताया कि मारवाड़ जंक्शन, देसूरी और रानी तहसीलों के तहसीलदारों ने घोटाले की रिपोर्ट संबंधित थानों में दर्ज करवाई है। वहीं, पूरे मामले की जांच एडीएम सीलिंग अश्विन के पवार को सौंपी गई है। प्रशासन ने कहा है कि जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।   क्या है पीएम किसान सम्मान निधि योजना   प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र सरकार पात्र किसानों को हर साल 6 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देती है। यह राशि तीन किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। लेकिन राजस्थान में इस योजना का पैसा गलत खातों में ट्रांसफर होने से यह बड़ा घोटाला उजागर हुआ है।   जांच जारी, दोषियों पर होगी कार्रवाई   सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में आंतरिक मिलीभगत की भी आशंका है। लिहाजा, जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, प्रशासन और पुलिस मिलकर इस घोटाले की तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं।  

Weather Update: भारत के शहर भीषण गर्मी से निपटने को तैयार नहीं, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Weather Update: भारत के प्रमुख शहरों में भीषण गर्मी से बचाव के लिए दीर्घकालिक समाधान की कमी है। सस्टेनेबल फ्यूचर्स कोलैबोरेटिव की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, नीति निर्माता सिर्फ तत्काल राहत देने वाले उपायों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जबकि लंबे समय तक प्रभावी रहने वाली रणनीतियों की कमी बनी हुई है।    9 प्रमुख शहरों का अध्ययन, स्थिति चिंताजनक   रिपोर्ट में दिल्ली, बेंगलुरु, फरीदाबाद, ग्वालियर, कोटा, लुधियाना, मेरठ, मुंबई और सूरत में गर्मी से बचाव की तैयारियों का विश्लेषण किया गया। इसमें सामने आया कि इन शहरों में पानी की उपलब्धता, कार्यस्थल समय में बदलाव और अस्पतालों की तैयारियों जैसे तात्कालिक उपाय किए जा रहे हैं। लेकिन हीट एक्शन प्लान को लेकर कोई ठोस दीर्घकालिक नीति नहीं बनाई गई है।   हीटवेव का खतरा बढ़ेगा, समाधान जरूरी   विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले वर्षों में हीटवेव की तीव्रता और अवधि बढ़ने की आशंका है। यदि शहरी नियोजन में बदलाव, ग्रीन कवर बढ़ाने, ऊर्जा व्यवस्था मजबूत करने और कमजोर वर्गों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया, तो गर्मी से होने वाली मौतों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है।   संस्थान और प्रशासन में तालमेल की कमी   रिपोर्ट में बताया गया कि नगर निकाय और सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय की भारी कमी है। हीट एक्शन प्लान का संस्थागत ढांचा कमजोर है और इसे प्रभावी रूप से लागू करने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी नजर आती है।   क्या करने की जरूरत? रिपोर्ट में अहम सुझाव   1. स्थानीय प्रशासन को दीर्घकालिक रणनीति अपनानी होगी, जिसमें ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर, गर्मी सहन करने योग्य इमारतें और सार्वजनिक स्थानों को अधिक आरामदायक बनाने पर जोर दिया जाए।   2. आपदा प्रबंधन निधि से हीटवेव से निपटने के लिए धन जुटाने की व्यवस्था करनी होगी।   3. हीट ऑफिसर्स की नियुक्ति कर उनके अधिकार बढ़ाने होंगे, ताकि वे गर्मी से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर सकें।   4. शहरी नियोजन में बदलाव कर गर्मी से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकता देनी होगी।   हीटवेव से बचने के लिए ठोस रणनीति जरूरी   सस्टेनेबल फ्यूचर्स कोलैबोरेटिव के विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को भीषण गर्मी से बचने के लिए तत्काल उपायों से आगे बढ़कर दीर्घकालिक समाधान अपनाने होंगे। अन्यथा, भविष्य में गर्मी का संकट और गंभीर हो सकता है।  

Holi Festival: पाकिस्तान में कड़ी सुरक्षा के बीच लाहौर के कृष्ण मंदिर में धूमधाम से मनाई गई होली

लाहौर(पाकिस्तान)- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Holi Festival: पाकिस्तान में रह रहे हिंदू समुदाय ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लाहौर के ऐतिहासिक कृष्ण मंदिर में हर्षोल्लास के साथ होली का त्योहार मनाया। इस खास मौके पर मंदिर को रंग-बिरंगी लाइटों और सजावट से रोशन किया गया था, जिससे पूरे परिसर में उत्सव का माहौल बना रहा।   ईटीपीबी की देखरेख में हुआ आयोजन   यह समारोह इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) द्वारा आयोजित किया गया था, जो पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों की देखभाल करता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में हिंदू श्रद्धालु शामिल हुए और गुलाल उड़ाकर, भजन-कीर्तन और पारंपरिक नृत्य के साथ होली का आनंद लिया।   कड़ी सुरक्षा व्यवस्था   पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने कृष्ण मंदिर के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती के बीच श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण ढंग से इस पर्व को मनाया।   #mसांप्रदायिक सौहार्द का संदेश   समारोह में आए श्रद्धालुओं ने पाकिस्तान में धार्मिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसे त्योहारों के आयोजन से समाज में समरसता और शांति को बढ़ावा मिलेगा।   पाकिस्तान में हिंदू समुदाय और होली का महत्व   पाकिस्तान में हिंदू समुदाय, खासकर सिंध, पंजाब और बलूचिस्तान प्रांतों में, होली को बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाता है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से त्योहार को कई जगहों पर सीमित रूप से आयोजित किया जाता है।    सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल   इस आयोजन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। श्रद्धालुओं ने मंदिर में होली मनाने के खास पलों को साझा करते हुए खुशी जाहिर की।  

Amit Shah Reaction On Vandematram: 7 साल की बच्ची ने गाया ‘वंदे मातरम्’, अमित शाह हुए भावुक, उपहार में दिया गिटार

आइजोल (मिजोरम)- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Amit Shah Reaction On Vandematram: मिजोरम की 7 वर्षीय बच्ची एस्तेर लालदुहावमी हनामते ने अपनी मधुर आवाज में ‘वंदे मातरम्’ गाकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत समारोह में मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया। देशभक्ति से भरे इस प्रदर्शन ने अमित शाह को इतना प्रभावित किया कि उन्होंने बच्ची को गिटार उपहार में दिया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।   अमित शाह मिजोरम की राजधानी आइजोल से 15 किलोमीटर दूर जोखावसांग में असम राइफल्स के प्रतिष्ठानों के स्थानांतरण के मौके पर आयोजित समारोह में शामिल हुए थे। इसी कार्यक्रम में एस्तेर ने जब ‘वंदे मातरम्’ गाया, तो उसकी मासूम और भावनात्मक प्रस्तुति से हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया।   अमित शाह ने इस खास पल का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए लिखा, “भारत के प्रति प्रेम हम सभी को जोड़ता है। आज आइजोल में मिजोरम की अद्भुत बच्ची एस्तेर लालदुहावमी हनामते को ‘वंदे मातरम्’ गाते हुए सुनकर भावुक हो गया। सात वर्षीय बच्ची का भारत माता के प्रति प्रेम उसके गीत में झलक रहा था। उसे एक गिटार उपहार में दिया और उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद दिया।”   मिजोरम के विकास को लेकर केंद्र की प्रतिबद्धता   कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने असम राइफल्स के शिविर को जोखावसांग स्थानांतरित करने के फैसले को मिजोरम के विकास में एक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि आइजोल की भौगोलिक स्थिति और बढ़ती भीड़भाड़ के कारण पिछले 35 वर्षों से इस स्थानांतरण की मांग उठ रही थी, जिसे अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने पूरा किया है।   गृह मंत्री ने कहा, “यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं है, बल्कि मिजो लोगों के प्रति केंद्र की जिम्मेदारी और उनकी आकांक्षाओं के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।”   मिजोरम में केंद्र सरकार के विकास कार्य   अमित शाह ने मिजोरम में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर राज्यों में अभूतपूर्व विकास हो रहा है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार मिजोरम की संस्कृति, पहचान और प्रगति को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य करती रहेगी।  

Indian Railway: गुजरात में रेलवे परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लेने पहुंचे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

अहमदाबाद- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Indian Railway: रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुजरात के अहमदाबाद, आणंद और दाहोद रेलवे स्टेशनों का दौरा कर विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चरल परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्टेशन पुनर्विकास, बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट और दाहोद में नए 9000 HP लोकोमोटिव निर्माण की प्रगति का निरीक्षण किया।   अहमदाबाद स्टेशन पुनर्विकास कार्य तेज़ी से जारी   रेल मंत्री अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पहुंचे और वहां चल रहे पुनर्विकास कार्य का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि अहमदाबाद स्टेशन को स्थानीय विरासत और आधुनिक संरचना के संयोजन से विकसित किया जा रहा है। रेलवे ट्रैक के ऊपर कॉनकोर्स रूफ प्लाजा बनाया जाएगा, जिसमें यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं होंगी।   स्टेशन को मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम से जोड़ा जा रहा है, जिसमें बुलेट ट्रेन टर्मिनल, मेट्रो और बस रैपिड ट्रांसपोर्ट (BRT) का एकीकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कालूपुर आरओबी और सारंगपुर आरओबी को जोड़ने के लिए एक एलिवेटेड रोड नेटवर्क भी तैयार किया जा रहा है, जिससे मौजूदा सड़क नेटवर्क का सतही क्षेत्र दोगुना हो जाएगा।   वैष्णव ने कहा कि गुजरात में रेलवे के लिए इस वर्ष 17,155 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जो 2009-14 की तुलना में 29 गुना अधिक है।    आणंद में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट और रेलवे विकास कार्यों का निरीक्षण   रेल मंत्री आणंद रेलवे स्टेशन भी पहुंचे, जहां उन्होंने वन स्टेशन वन प्रोडक्ट (OSOP) स्टॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि गुजरात में 2014 के बाद से 1000 से अधिक रेल ओवर ब्रिज और रेल अंडर ब्रिज बनाए गए हैं, जबकि 3,144 किलोमीटर रेलवे लाइन का विद्युतीकरण किया गया है।   उन्होंने बुलेट ट्रेन परियोजना के ट्रैक निर्माण बेस का भी दौरा किया और श्रमिकों से मुलाकात कर उनके योगदान की सराहना की। वैष्णव ने कहा कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का कार्य पूरा हो चुका है, जिससे पोर्ट कनेक्टिविटी में वृद्धि हुई है।    दाहोद में देश के सबसे शक्तिशाली लोकोमोटिव का निरीक्षण   रेल मंत्री दाहोद स्थित लोकोमोटिव रोलिंग स्टॉक वर्कशॉप पहुंचे, जहां उन्होंने 9000 HP डब्ल्यूएजी लोकोमोटिव के नवविकसित प्रोटोटाइप का निरीक्षण किया। यह लोकोमोटिव मेक इन इंडिया पहल के तहत निर्मित किया गया है और इसमें कवच तकनीक सहित कई उन्नत सुविधाएं मौजूद हैं।   उन्होंने कहा कि जल्द ही 9000 HP लोकोमोटिव का निर्यात शुरू होगा, जिससे दाहोद एक वैश्विक पहचान बनाएगा। वर्कशॉप ने स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर दिए हैं, और इसका उद्घाटन जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।    गुजरात में रेलवे के ऐतिहासिक विकास कार्य जारी   रेल मंत्री ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत गुजरात के 87 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रेलवे विकास कार्यों की गति बढ़ाई जा रही है, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलें और परिवहन प्रणाली अधिक कुशल बने।   इस दौरे में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा स्थानीय सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।  

Weather Updates: भारत में बढ़ने लगी गर्मी, कई राज्यों में हीटवेव का असर, जानिए कारण और आगे का अनुमान  

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Weather Updates: साल 2025 की शुरुआत में ही भारत में गर्मी ने तेजी पकड़ ली है। महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और गुजरात के तटीय इलाकों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर चला गया है। मुंबई में 25 और 26 फरवरी को हीटवेव की चेतावनी जारी की गई थी, जहां तापमान 38.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 5.9 डिग्री ज्यादा था।    किन शहरों में कितनी बढ़ी गर्मी   महाराष्ट्र और गोवा के अलावा कर्नाटक और गुजरात के तटीय इलाकों में भी लू जैसे हालात बने हुए हैं। नीचे दिए गए आंकड़ों में 25 और 26 फरवरी को दर्ज किए गए अधिकतम तापमान को दर्शाया गया है।   राज्य – स्थान – 26 फरवरी (डिग्री सेल्सियस) – 25 फरवरी (डिग्री सेल्सियस)   महाराष्ट्र – मुंबई (सांताक्रूज) – 38.5 – 38.7   महाराष्ट्र – रत्नागिरी – 37.2 – 37   महाराष्ट्र – दहानू – 38.2 – 38.1   गोवा – पणजी – 37.6 – 36.5   कर्नाटक – कारवार – 38.4 – 37.6   कर्नाटक – होन्नावर – 38.2 – 35.9   कर्नाटक – मंगलौर – 37 – 36.9   गुजरात – पोरबंदर – 36.6 – 36.5   गुजरात – महुवा – 37 – 36.4   गुजरात – सूरत – 38.4 – 37.8   गर्मी क्यों बढ़ रही है   मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस साल ठंड के मौसम में बारिश बेहद कम हुई, जिससे तापमान तेजी से बढ़ रहा है।   एंटी-साइक्लोन का असर – मध्य प्रदेश के ऊपर एक एंटी-साइक्लोन बनने से पश्चिमी तट की ओर गर्म हवाएं आईं।   समुद्र से ठंडी हवा देर से आई, जिससे तटीय इलाकों में तापमान अचानक बढ़ गया।   नमी अधिक होने से उमस बढ़ी, जिससे गर्मी असहनीय हो गई।    जलवायु परिवर्तन का असर   ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के मौसम वैज्ञानिक डॉ अक्षय देवरस के अनुसार, जलवायु परिवर्तन का हीटवेव पर सीधा असर दिख रहा है।   पणजी में 25 से 27 फरवरी के बीच तापमान में 5 गुना बढ़ोतरी जलवायु परिवर्तन की वजह से हुई।   मुंबई में तापमान 3 गुना ज्यादा बढ़ा, जो सीधे ग्लोबल वॉर्मिंग का असर है।   हीटवेव के कारण बढ़ रहा है खतरा   2000 से 2019 के बीच भारत में हीटवेव से होने वाली मौतों की संख्या 62 प्रतिशत तक बढ़ गई है।   हीटवेव के प्रकार   शुष्क हीटवेव – जब तापमान बढ़ जाता है लेकिन नमी कम होती है।   आर्द्र हीटवेव – जब गर्मी के साथ उमस अधिक होती है, जिससे शरीर पसीने के जरिए ठंडा नहीं हो पाता।   हीट स्ट्रोक का खतरा   अगर वेट बल्ब तापमान 35 डिग्री के करीब पहुंच जाए, तो शरीर ठंडा नहीं रह पाता और गंभीर हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।   वातावरण का तापमान 40 डिग्री से ज्यादा हो और नमी अधिक हो, तो शरीर में गर्मी बढ़ती जाती है, जिससे मौत भी हो सकती है।   बारिश की कमी से और बिगड़े हालात   जनवरी और फरवरी में कई राज्यों में बारिश बेहद कम हुई, जिससे गर्मी और बढ़ गई है।   राज्य – 1 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक हुई बारिश (मिलीमीटर) – सामान्य बारिश (मिलीमीटर) – कमी (प्रतिशत)   गुजरात – 0 – 1.0 – 100   गोवा – 0 – 1.6 – 100   महाराष्ट्र – 0 – 7.6 – 99   कर्नाटक – 0.9 – 4.6 – 80   केरल – 7.2 – 19.7 – 64    आगे क्या होगा   भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक गर्मी और उमस बनी रहेगी। हालांकि हीटवेव में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन 2025 भारत के सबसे गर्म सालों में शामिल हो सकता है।   विशेषज्ञों की राय   मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत के अनुसार, भारत में गर्मी का मौसम अब लंबा होता जा रहा है और सर्दी छोटी। बारिश का पैटर्न भी अनियमित हो गया है। जब तक ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम नहीं किया जाता, हीटवेव की घटनाएं और बढ़ती जाएंगी।   कैसे करें बचाव   दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर जाने से बचें।   हल्के और ढीले कपड़े पहनें।   खूब पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें।   घर से बाहर निकलते समय टोपी या छाता साथ रखें।   अगर किसी को हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।   सोर्स – क्लाइमेट कहानी, आईएमडी, स्काईमेट वेदर

Mahashivratri 2025: पति-पत्नी एक साथ करें शिव-पार्वती की पूजा, सुहाग सामग्री का करें दान  

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि 2025 का पर्व 26 फरवरी, बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन शिव-पार्वती की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पति-पत्नी को एक साथ शिव-पार्वती की पूजा करनी चाहिए। इससे आपसी प्रेम और तालमेल बढ़ता है।   महाशिवरात्रि 2025 का महत्व   महाशिवरात्रि भगवान शिव और देवी पार्वती के मिलन का पावन पर्व है। इस दिन शिवलिंग का पूजन, अभिषेक और मंत्र जप करने से विशेष फल प्राप्त होता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, महाशिवरात्रि पर घर में सुख-समृद्धि और शांति के लिए शिव-पार्वती की पूजा करनी चाहिए। पूजा में ऊँ उमा महेश्वराय नमः मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।   महाशिवरात्रि पर पति-पत्नी को क्यों करनी चाहिए एक साथ पूजा   धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, पति-पत्नी को एक साथ पूजा-पाठ, तीर्थ यात्रा और अन्य धार्मिक कार्य करने चाहिए। इससे दांपत्य जीवन में सामंजस्य बढ़ता है और रिश्ते में मधुरता बनी रहती है। आपसी विवाद और मतभेद की संभावनाएं कम हो जाती हैं। पूजा के दौरान समर्पण भाव जाग्रत होता है, जिससे रिश्ते मजबूत होते हैं।   महाशिवरात्रि पर महामृत्युंजय मंत्र का जप करें   महाशिवरात्रि के दिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। इससे भय, चिंता और नकारात्मकता दूर होती है।   महामृत्युंजय मंत्र:   ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।   उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।   शिव जी की सरल पूजा विधि   सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।   किसी शिव मंदिर जाएं और शिवलिंग पर जल अर्पित करें।   जल चढ़ाते समय ऊँ नमः शिवाय, ऊँ महेश्वराय नमः, ऊँ रुद्राय नमः मंत्रों का जाप करें।   चंदन, फूल, धतूरा, बेलपत्र, चावल और प्रसाद अर्पित करें।   घी का दीपक जलाएं और शिवजी की आरती करें।   आधी परिक्रमा करें और भक्तों में प्रसाद बांटें।   घर पर भी विधि-विधान से शिव पूजा कर सकते हैं।   महाशिवरात्रि पर दान-पुण्य का महत्व   इस दिन सुहागिन महिलाओं को सुहाग सामग्री जैसे लाल साड़ी, लाल चुनरी, कुमकुम, चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, आभूषण आदि दान करना शुभ माना जाता है।   गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन और वस्त्र दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।   ग्रहों का विशेष संयोग: महाशिवरात्रि 2025   इस वर्ष महाशिवरात्रि के दिन सूर्य, बुध और शनि कुंभ राशि में एक साथ स्थित रहेंगे। यह दुर्लभ योग 1965 के बाद पहली बार बन रहा है। ऐसे संयोग में शिव पूजा करने से विशेष फल मिलता है और कुंडली दोष शांत होते हैं।   महाशिवरात्रि पर 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन का महत्व   जो लोग किसी ज्योतिर्लिंग के दर्शन नहीं कर सकते, वे घर पर ही भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं। शिवपुराण में वर्णित 12 ज्योतिर्लिंगों का नाम स्मरण करने से भी पुण्य लाभ मिलता है।   (ध्यान दें: यह लेख धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है, जिसका उद्देश्य जानकारी देना है। किसी भी पूजा-पद्धति को अपनाने से पहले अपने गुरु या विशेषज्ञ से सलाह लें।)  

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