Mahakumbh 2025: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़: 18 की मौत, 25 से अधिक घायल  

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Mahakumbh 2025: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात भीषण भगदड़ मच गई, जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक यात्री घायल हो गए। हादसा प्रयागराज महाकुंभ में जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण हुआ। घायलों को लोक नायक, कलावती सरण और लेडी हार्डिंग सहित अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है।   कैसे हुई भगदड़   यह घटना प्लेटफार्म नंबर 14 और 15 पर हुई, जहां से रात 8:05 बजे शिवगंगा एक्सप्रेस को रवाना होना था। इसी दौरान, एक अन्य ट्रेन प्लेटफार्म नंबर 15 पर पहुंच गई, जिससे पहले से मौजूद यात्रियों की भीड़ और बढ़ गई। धक्का-मुक्की के कारण अचानक भगदड़ मच गई।   – नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर अजमेरी गेट की तरफ से प्रवेश के लिए मुख्य रास्ता प्लेटफार्म नंबर 16 से होकर जाता है, जहां एस्केलेटर और सीढ़ियां हैं।   – शनिवार को छुट्टी के कारण प्रयागराज जाने वाले यात्रियों की संख्या अधिक थी।   – जनरल टिकट काउंटर रात तक खुले रहे, जिससे भीड़ लगातार बढ़ती रही।   रातभर चला पोस्टमॉर्टम, पुलिस ने संभाला मोर्चा   मृतकों के परिजनों को जल्द शव सौंपने के लिए पुलिस ने रातभर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया करवाई।   – लोक नायक अस्पताल में 18 मौतों की पुष्टि हुई।   – कलावती सरण में दो और लेडी हार्डिंग में एक व्यक्ति की मौत हुई।   – रात में ही 12 से अधिक शवों का पोस्टमॉर्टम कराया गया।   सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल   हादसे के वक्त स्टेशन पर रेलवे पुलिस और आरपीएफ के कुछ ही कर्मचारी मौजूद थे, जो इतनी भारी भीड़ को नियंत्रित नहीं कर सके।   – स्टेशन पर स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस और भुवनेश्वर राजधानी सहित कई ट्रेनें देरी से चल रही थीं, जिससे भीड़ बढ़ती गई।   – भगदड़ के बाद पुलिस और दमकल की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन घायलों की संख्या इतनी अधिक थी कि एंबुलेंस की कमी हो गई।   प्रशासन की लापरवाही या अव्यवस्था   इस हादसे ने रेलवे स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन की खामियों को उजागर कर दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या रेलवे प्रशासन ने महाकुंभ को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए थे? इस घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

MP News: गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ रतलाम का अनोखा लड़का; बालों से ढ़के चेहरे से कभी मचती थी चिढ़, आज दुनियाभर में छाया नाम

रतलाम – पब्लिक वार्ता, जयदीप गुर्जर। MP News: मध्य प्रदेश के छोटे से गांव का एक लड़का एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। देशभर की मीडिया में छाने के बाद अब इसने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड (Guinness World Record) में अपना नाम दर्ज करवा लिया है। वर्ल्ड रिकॉर्ड मिलने का कारण इस लड़के के चेहरे और शरीर पर लंबे-लंबे बालों का होना है। कभी बालों से ढके चेहरे के कारण लोग डरते थे, चिढ़ाते थे। लेकिन आज पूरे गांव की पहचान बनाने के बाद सभी प्यार से पेश आते है।  दरअसल, इस लड़के को ऐसी बीमारी है, जिसकी वजह से उसके चेहरे के बाल 5 सेंटीमीटर तक बढ़ जाते हैं। मध्य प्रदेश में रतलाम जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर नंदलेटा गांव में रहने वाले 19 वर्षीय ललित पाटीदार वरवोल्फ सिंड्रोम (werewolf syndrome) नाम की बीमारी है। इस दुर्लभ बीमारी के कारण उसके चेहरे पर असामान्य बाल उग आए हैं। पूरा चेहरा सुनहरे बालों से ढ़का रहता है, मानों कोई फिल्मी किरदार हो। इस कारण ललित वोल्फ मेन (Wolf Man) के नाम से प्रसिद्ध हो चुका है। अब इन बालों ने ललित को वर्ल्ड फेमस बना दिया और उसने वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम करवा लिया है। इटली में मिला सम्मान ललित पाटीदार ने पब्लिक वार्ता को बताया की 2 साल पहले गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम ने उनसे संपर्क किया था।  8 फरवरी को ललित ने अपने परिचित जितेंद्र कुमार पाटीदार के साथ इटली के लिए उड़ान भरी। ललित इटली के मिलान शहर में 6 दिनों तक रहा। इसी दौरान वहां के विशेषज्ञों ने उसकी जांच की। जिसके बाद गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के एक खास कार्यक्रम में उसे सर्टिफिकेट और मेडल प्रदान किया गया। गिनीज की टीम के अनुसार किसी व्यक्ति (पुरुष) के चेहरे पर सबसे अधिक बाल 201.72/सेमी² हैं। और इसे भारत के ललित पाटीदार ने हासिल किया। 13 फरवरी को मिलान, इटली में लो शो देई रिकॉर्ड के सेट पर सत्यापित किया गया। ऐसी रही ललित की कहानी जन्मजात बीमारी की वजह से ललित के पूरे शरीर पर भूरे बाल उग आए है। ललित के जन्म से ही ऐसे बाल है। नतीजतन, उनका पूरा शरीर बालों से ढका रहता है। आलम यह है कि वे बाकी बच्चों से बिलकुल अलग दिखते हैं। ललित की यह बीमारी दुनिया के सामने सबसे पहले 2019 में आई थी। आपको जानकर हैरानी होगी कि ललित पर अब कई ब्लॉग्स बन चुके हैं। भारत के कई राज्यों व शहरों के अलावा विदेशों से भी लोग ललित से मिलने उनके गांव नंदलेटा पहुंच रहे हैं। ललित को शुरुआत में समस्या आई लेकिन अब वे सामान्य जीवन जीते है। ललित को कभी अपने इस रूप से चिढ़ आती थी और इसी इलाज के लिए प्रयास करते थे। लेकिन अब ललित का कहना है की वे इसी तरह रहना चाहते है।  डर जाते थे लोग, लेकिन अब बना पहचान ललित बताते हैं कि, “मेरे मम्मी-पापा कहते हैं कि मेरा जब जन्म हुआ था तो डॉक्टर ने मेरी शेविंग की थी, क्योंकि मेरे पूरे शरीर पर लंबे-लंबे बाल थे, लेकिन जब तक मैं लगभग 6 या 7 साल का नहीं हुआ, तब तक मुझे कुछ भी अलग नहीं लगा. हालांकि जब मैं बड़ा होने लगा तो मैंने पहली बार नोटिस किया कि मेरे पूरे शरीर पर ऐसे बाल हैं, जैसे किसी को नहीं होते और वे लगातार बढ़ रहे थे. थोड़े समय बाद जब मैं घर से बाहर निकलता तो लोग मुझ पर पत्थर फेंकते, बच्चे डर जाते कि कहीं मैं उन्हें बंदर या भालू की तरह काटने के लिए ना चला आऊं. इसके बाद मम्मी-पापा मुझे डॉक्टर के पास ले कर गए, जहां डॉक्टरों ने देखा कि 6 साल की उम्र में मेरे शरीर के लगभग हर हिस्से पर असामान्य बाल बढ़ रहे हैं. डॉक्टरों ने इसे हाइपरट्रिचोसिस बताया, डॉक्टरों का कहना था कि दुनिया में केवल 50 लोग ही होते हैं, जो इस बीमारी से पीड़ित होते हैं, क्योंकि यह बहुत ही असामान्य बीमारी है.”

Mahakumbh 2025: भारतीय रेलवे युद्धस्तर पर जुटा, अब तक 12.5 लाख श्रद्धालु पहुंचे अपने गंतव्य

प्रयागराज- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Mahakumbh 2025: महाकुंभ 2025 के दौरान तीर्थयात्रियों की यात्रा को सुगम बनाने के लिए भारतीय रेलवे पूरी क्षमता से कार्य कर रहा है। माघी पूर्णिमा के अगले अमृत स्नान से पहले रेलवे द्वारा प्रयागराज क्षेत्र के आठ स्टेशनों से तीर्थयात्रियों की भीड़ को कम करने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। रेलवे ने रविवार को 330 ट्रेनों का संचालन किया, जबकि आज दोपहर 3 बजे तक 201 ट्रेनें यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचा चुकी हैं।   रेलवे का द्रुत गति से संचालन, हर चार मिनट में एक ट्रेन रवाना   केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार ने महाकुंभ में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि भीड़ कम नहीं हो रही है, लेकिन भारतीय रेलवे हर चार मिनट में एक ट्रेन चलाकर यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित कर रहा है।   रेलवे ने स्पष्ट किया कि प्रयागराज क्षेत्र के आठ प्रमुख स्टेशन – प्रयागराज जंक्शन, प्रयागराज छिवकी, नैनी, सूबेदारगंज, प्रयाग, फाफामऊ, प्रयागराज रामबाग और झूसी – पूरी क्षमता से संचालित हो रहे हैं। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए रेलवे अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।    एक ट्रेन में औसतन 3780 यात्री, प्रयागराज संगम स्टेशन रहेगा बंद   रेलवे के अनुसार, प्रत्येक ट्रेन में औसतन 3780 यात्री यात्रा कर रहे हैं, जिससे साफ पता चलता है कि श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बनी हुई है। वहीं, प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन को अमृत स्नान से दो दिन पहले और दो दिन बाद तक बंद रखना एक नियमित प्रक्रिया है, जिसे प्रयागराज जिला प्रशासन के निर्देशानुसार लागू किया गया है।   सीसीटीवी निगरानी और मीडिया से सही जानकारी प्रसारित करने की अपील   रेल भवन के वॉर रूम से रेलवे के सभी स्टेशनों की सीसीटीवी फुटेज की निगरानी की जा रही है। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार ने मीडिया और जनता से अपील की कि वे प्रयागराज जंक्शन पर ट्रेनों के संचालन में बाधा से जुड़ी किसी भी भ्रामक खबर पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि जो भी तथ्य जांचना चाहे, वह आठों स्टेशनों पर जाकर सच्चाई देख सकता है, जहां महाकुंभ विशेष ट्रेनों का संचालन लगातार किया जा रहा है।   माघी पूर्णिमा और आगे आने वाले स्नानों को ध्यान में रखते हुए रेलवे पूरी तरह से मुस्तैद है। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे किसी भी गलत सूचना से बचें और नवीनतम जानकारी के लिए रेलवे के आधिकारिक स्रोतों का ही अनुसरण करें।   महाकुंभ में रेलवे की अब तक की उपलब्धियां   – 12.5 लाख यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया   – 330 ट्रेनों का रविवार को संचालन   – आज दोपहर 3 बजे तक 201 ट्रेनें रवाना   – हर 4 मिनट में एक ट्रेन का संचालन   – 8 प्रमुख रेलवे स्टेशन पूरी क्षमता से चालू   यात्रियों से अपील   भारतीय रेलवे तीर्थयात्रियों की सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, हेल्पलाइन नंबर और सूचना केंद्रों से सही जानकारी प्राप्त करें और किसी भी अफवाह से बचें।  

PM Kisan KYC Online 2025: पीएम किसान योजना के लिए केवाईसी अपडेट की प्रक्रिया शुरू

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PM Kisan KYC Online 2025: केंद्र सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना में नए नियमों के तहत केवाईसी (Know Your Customer) अपडेट को अनिवार्य कर दिया है। अब केवल वही किसान 19वीं किस्त का लाभ प्राप्त कर सकेंगे, जिन्होंने अपनी केवाईसी अपडेट करवा ली है। इस बदलाव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों का रिकॉर्ड आधार कार्ड से लिंक हो और वे योजना के लाभ के योग्य हों। पीएम किसान योजना के लिए केवाईसी अपडेट का महत्व पीएम किसान योजना के तहत किसान को हर साल ₹6000 की वित्तीय सहायता मिलती है, जो तीन किस्तों में ₹2000 के रूप में दी जाती है। योजना के तहत अब तक 18 किस्तें किसानों के खातों में भेजी जा चुकी हैं, और अब 19वीं किस्त का इंतजार हो रहा है। केवाईसी अपडेट करने से यह सुनिश्चित होगा कि किसान सही तरीके से योजना का लाभ उठा सकें और उनके बैंक खातों से भुगतान प्राप्त हो सके। केवाईसी प्रक्रिया का तरीका अब किसान अपनी केवाईसी को ऑनलाइन पूरा कर सकते हैं, जो पहले की तुलना में बहुत अधिक सुविधाजनक है। किसान अपने आधार कार्ड का उपयोग करते हुए अपनी केवाईसी ऑनलाइन अपडेट कर सकते हैं। इस प्रक्रिया को किसी भी कंप्यूटर सेंटर या हल्का पटवारी के माध्यम से भी पूरा किया जा सकता है। इसके अलावा, अगर किसान के पास एंड्रॉयड मोबाइल है, तो वे घर बैठे अपनी केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। ऑनलाइन केवाईसी करने के लाभ 1. समय की बचत: किसान अपने घर से ही केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। 2. सरल और तेज: ऑनलाइन प्रक्रिया को फॉलो करना बहुत ही आसान है और इसके लिए किसी भी कर्मचारी की आवश्यकता नहीं होती। 3. कम शुल्क: हालांकि सरकारी तौर पर कोई विशेष शुल्क नहीं है, लेकिन यदि किसान हल्का पटवारी या किसी कंप्यूटर सेंटर से केवाईसी करवाते हैं तो ₹50 तक शुल्क लिया जा सकता है। केवाईसी के फायदे 1. योजना की किस्तों का लाभ समय पर प्राप्त होगा। 2. किसानों को योजना से जुड़ी अन्य कृषि सुविधाओं का भी लाभ मिलेगा। 3. उन किसानों को योजना से बाहर किया जाएगा जो अपात्र हैं लेकिन अभी तक योजना का लाभ ले रहे हैं। केवाईसी अपडेट कैसे करें? 1. पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। 2. होम पेज पर केवाईसी अपडेट का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें। 3. अपने आधार नंबर को दर्ज करें और फिर सर्च पर क्लिक करें। 4. रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त करें और उसे वेबसाइट पर डालें। 5. ओटीपी सत्यापन के बाद, आपकी केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

Today gold rate: सोने के दाम ने तोड़ा रिकॉर्ड, कीमतें ऑल टाइम हाई पर, चांदी भी हुई महंगी  

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Today gold rate: सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है और आज यह अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया है। सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना 1313 रुपये की बढ़त के साथ 84323 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 77240 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है।   चांदी की कीमतों में भी तेजी   सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी जोरदार उछाल दर्ज किया गया है। चांदी 1629 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी होकर 95421 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। निवेशकों और ज्वेलरी कारोबारियों के बीच इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।   क्यों बढ़ रही हैं सोने-चांदी की कीमतें   – अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी: ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है।   – डॉलर में कमजोरी: डॉलर इंडेक्स में गिरावट के चलते निवेशकों का रुझान सोने की ओर बढ़ा है।   – मांग में बढ़ोतरी: शादी-ब्याह के सीजन और निवेशकों की ओर से अधिक खरीदारी के कारण सोने की कीमतों में तेजी आई है।   – जियोपॉलिटिकल तनाव: वैश्विक अस्थिरता और आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने को प्राथमिकता दे रहे हैं।   क्या सोना 90000 तक पहुंचेगा   मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने की कीमतों में आगे भी तेजी जारी रह सकती है। इस साल सोना 90000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है, जबकि चांदी के भी 100000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को पार करने की संभावना है।   निवेशकों के लिए क्या सही रहेगा   विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा समय में सोने और चांदी में निवेश लॉन्ग टर्म के लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, निवेश से पहले बाजार की चाल पर नजर रखना जरूरी है।  

ICAI ने रचा इतिहास: दिल्ली में हुआ विश्व का सबसे बड़ा अकाउंटिंग प्रोफेशनल कॉनक्लेव  

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। ICAI: द इंस्टिट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया (ICAI) ने देश की राजधानी में इतिहास रचते हुए 31 जनवरी से 2 फरवरी तक तीन दिवसीय वर्ल्ड फोरम ऑफ अकाउंटेंट्स (WOFA) का भव्य आयोजन किया। यह विश्व का सबसे बड़ा अकाउंटिंग प्रोफेशनल कॉन्क्लेव था, जिसमें 7000 से अधिक प्रोफेशनल्स, इंटरप्रेन्योर, अकाउंटेंट्स, 400 से अधिक विदेशी प्रतिनिधि, 46 से अधिक देशों के डेलीगेट्स और 40 से अधिक कॉनकरंट सेशंस आयोजित किए गए।   इस ऐतिहासिक आयोजन का शुभारंभ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया, जबकि समापन भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने किया। कार्यक्रम ICAI के प्रेसिडेंट रंजीत अग्रवाल और वाइस प्रेसिडेंट चरणजोत सिंह नंदा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।    ICAI के नेतृत्व में वैश्विक भागीदारी   इस सम्मेलन में अमेरिका, कनाडा, फिलीपींस, मिडिल ईस्ट, दुबई, ओमान, अबू धाबी, सिंगापुर, हांगकांग सहित 46 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। साथ ही, ICAEW, CISA, IFSC, ACCA जैसी अंतरराष्ट्रीय अकाउंटिंग बॉडीज के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।   ICAI के प्रेसिडेंट रंजीत अग्रवाल ने बताया कि अकाउंटिंग क्षेत्र में इनोवेशन को कैसे जोड़ा जाए, इस विषय पर गहन चर्चा हुई। वहीं, वाइस प्रेसिडेंट चरणजोत सिंह नंदा ने सीए प्रोफेशनल्स को फाइनेंशियल सोल्जर बताया।    ICAI UK चैप्टर की सदस्य सीए मयूरी चोरड़िया बनीं खास आकर्षण   मध्यप्रदेश के रतलाम की बेटी और ICAI UK चैप्टर की सदस्य सीए मयूरी चोरड़िया को गेस्ट स्पीकर के रूप में आमंत्रित किया गया। उन्होंने अपने सेशन में नारी सशक्तिकरण और वित्तीय स्वतंत्रता पर जोर देते हुए कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए जेंडर विविधता को अपनाना और वित्तीय शिक्षा को बढ़ावा देना जरूरी है।    ICAI का ऐतिहासिक रिकॉर्ड   इस भव्य आयोजन में 7000 से अधिक प्रतिभागियों की उपस्थिति के साथ ICAI ने विश्व स्तर पर सबसे बड़ा अकाउंटिंग प्रोफेशनल कॉन्क्लेव आयोजित कर नया इतिहास रच दिया। चौरड़िया ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि ICAI और भारत की मातृभूमि का हिस्सा बनना गर्व की बात है। उन्होंने रंजीत अग्रवाल और चरणजोत सिंह नंदा के नेतृत्व को युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बताया।  

Budget 2025: विकसित भारत की नींव, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ा बढ़ावा

बजट 2025 में इंफ्रा डेवलपमेंट को मिलेगा बूस्ट, राज्यों को 1.5 लाख करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त लोन   नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 पेश करते हुए विकसित भारत के विजन को मजबूती देने के लिए कई बड़े ऐलान किए। इस बार का बजट खासतौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और अर्बन डेवलपमेंट को गति देने वाला है। वित्त मंत्री ने राज्यों को 1.5 लाख करोड़ रुपये तक का ब्याज मुक्त लोन देने की घोषणा की, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को तेजी मिलेगी।   इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए राज्यों को ब्याज मुक्त लोन   वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि राज्यों को 50 साल के लिए बिना ब्याज का 1.5 लाख करोड़ रुपये तक का लोन मिलेगा। यह लोन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए दिया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया कि देश के विकास के लिए निजी क्षेत्र के साथ मिलकर आगे बढ़ना होगा, जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।   मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा, मेक इन इंडिया पर जोर   सरकार ने मेक इन इंडिया को और मजबूत करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को कई प्रोत्साहन देने का ऐलान किया। खासतौर पर टॉय इंडस्ट्री को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना लाई जाएगी। इसके अलावा एमएसएमई और माइक्रो बिजनेस सेक्टर को आगे बढ़ाने के लिए भी नई योजनाओं की घोषणा की गई है।   अर्बन डेवलपमेंट के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का अर्बन चैलेंज फंड   शहरी विकास को नई रफ्तार देने के लिए मोदी सरकार ने स्वामिह फंड-2 के तहत 15,000 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की, जिससे 1 लाख नए घर बनाए जाएंगे। 2025 के अंत तक इनमें से 40,000 यूनिट्स तैयार हो जाएंगी। इसके अलावा अर्बन चैलेंज फंड 1 लाख करोड़ रुपये का होगा, जिसका इस्तेमाल ग्रोथ हब, जल आपूर्ति और स्वच्छता पर किया जाएगा।    मैरीटाइम डेवलपमेंट और उड़ान योजना का विस्तार   – मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड के तहत 25,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे बंदरगाहों और समुद्री व्यापार को मजबूती मिलेगी।   – उड़ान योजना का भी विस्तार किया गया है, जिसमें 120 नए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी डेस्टिनेशन जोड़े जाएंगे। इससे छोटे शहरों और गांवों में भी हवाई यात्रा का विस्तार होगा।    एमएसएमई सेक्टर को बड़ा समर्थन, स्टार्टअप्स के लिए भी राहत   – एमएसएमई के लिए कवर 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया गया है।   – स्टार्टअप्स को मिलने वाले कवर को 20 करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया है।   – फुटवियर और लेदर इंडस्ट्री के लिए सरकार ने 4 लाख करोड़ रुपये के कारोबार और 22 लाख नई नौकरियां देने का लक्ष्य रखा है।   बजट 2025: विकसित भारत के लक्ष्य की ओर एक और कदम   वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 पेश करते हुए कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, स्टार्टअप्स और एमएसएमई सेक्टर को बूस्ट देने के लिए बड़े ऐलान किए गए हैं।  

My Bharat Quiz: “विकसित भारत चैलेंज” में भाग लें और बनें विकसित भारत के युवा लीडर, लाखों के इनाम जितने के साथ देश की हस्तियों से मिलने का मौका

नई – दिल्ली – पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। My Bharat Quiz: भारत के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने और देश के विकास में योगदान देने का शानदार मौका “विकसित भारत चैलेंज” के माध्यम से मिल रहा है। इस चार चरणीय प्रतियोगिता के तहत युवा अपने कौशल और विचारों से विकसित भारत के निर्माण में भागीदार बन सकते हैं।  चार चरणों में होगी प्रतियोगिता1. विकसित भारत क्विज – यह प्रतियोगिता का पहला चरण है, जिसमें ज्ञान और समझ का परीक्षण होगा।  2. निबंध/ब्लॉग लेखन – प्रतिभागी अपने विचारों को लेखन के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे।  3. विकसित भारत विजन पिच डेक – इस चरण में प्रतिभागी अपनी दृष्टि और योजनाओं को प्रस्तुत करेंगे।  4. विकसित भारत राष्ट्रीय प्रतियोगिता – राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता का अंतिम चरण होगा।  पुरस्कार– प्रथम पुरस्कार: ₹1,00,000  – द्वितीय पुरस्कार: ₹75,000  – तृतीय पुरस्कार: ₹50,000  – अगले 100 प्रतिभागियों को ₹2,000 का सांत्वना पुरस्कार।  – इसके अतिरिक्त, अगले 200 प्रतिभागियों को ₹1,000 का अतिरिक्त सांत्वना पुरस्कार दिया जाएगा।  विशेष अवसरप्रतियोगिता के विजेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं के प्रेरणास्त्रोत विराट कोहली, अक्षय कुमार, एमएस धोनी और अन्य यूथ आइकन्स से मिलने का अवसर मिलेगा।  आवेदन की अंतिम तिथि और पात्रताप्रतियोगिता में 15 से 29 वर्ष के भारत के युवा भाग ले सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 5 दिसंबर 2024 है।  कैसे करें आवेदनप्रतियोगिता में भाग लेने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाकर क्विज में हिस्सा लें:  [https://quiz2.mygov.in/](https://quiz2.mygov.in/)  देशभर के युवाओं से अपील है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।

Train General Ticket Update: 1 दिसंबर से जनरल टिकट वालों को मिलेगी बड़ी खुशखबरी? जानिए सच्चाई

नई दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Train General Ticket Update: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक खबर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि भारतीय रेलवे 1 दिसंबर 2024 से जनरल टिकट वाले यात्रियों को बड़ी राहत देने वाला है। कहा जा रहा है कि रेलवे जनरल टिकट धारकों को आरक्षित सीट देने और टिकट की कीमतें स्थिर रखने की योजना बना रहा है। लेकिन क्या यह खबर सच है? आइए जानते हैं इस वायरल दावे की सच्चाई।  क्या कहता है भारतीय रेलवे?भारतीय रेलवे ने अभी तक ऐसी किसी योजना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक घोषणाओं में इस तरह की किसी विशेष सुविधा का जिक्र नहीं है। यह दावा पूरी तरह से अफवाह प्रतीत होता है।  हालांकि, रेलवे समय-समय पर यात्रियों की सुविधा के लिए नियमों और सेवाओं में बदलाव करता रहा है। हाल ही में, रेलवे ने टिकट बुकिंग, किराया नीति और जनरल टिकट से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।  — रेलवे के मौजूदा नियम और नई सुविधाएं | विवरण                | नया नियम                               |  |—————————|——————————————-|  | टिकट बुकिंग की अवधि    | 60 दिन पहले (पहले 120 दिन थी)             |  | जनरल टिकट             | चुनिंदा ट्रेनों में ऑनलाइन उपलब्ध          |  | बच्चों का किराया      | 5-12 वर्ष के लिए सीट लेने पर पूरा किराया   |  | सीनियर सिटीजन छूट    | पुरुष: 40%, महिलाएं: 50%                   |  | तत्काल टिकट बुकिंग    | यात्रा की तारीख से 1 दिन पहले उपलब्ध       |  | रद्दीकरण और रिफंड     | यात्रा से पहले रद्दीकरण संभव (तत्काल पर नहीं)|  — 1 दिसंबर से रेलवे का कोई नया बदलाव?1 दिसंबर से रेलवे द्वारा किसी विशेष बदलाव या सुविधा की घोषणा नहीं की गई है। वायरल खबर में दावा किया गया है कि जनरल टिकट वाले यात्रियों को कंफर्म सीटें दी जाएंगी, लेकिन यह पूरी तरह से भ्रामक है।  हाल में हुए बड़े बदलाव 1. टिकट बुकिंग की अवधि घटाई गईअब यात्री अधिकतम 60 दिन पहले टिकट बुक कर सकते हैं। पहले यह अवधि 120 दिन थी।  2. ऑनलाइन जनरल टिकट की सुविधा  IRCTC की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर अब जनरल टिकट भी बुक किए जा सकते हैं। इससे स्टेशन पर लंबी कतारों से राहत मिली है।  3. बच्चों के किराए में बदलाव– 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए यात्रा मुफ्त है (बिना सीट)।  – 5-12 साल के बच्चों के लिए सीट चाहिए तो पूरा किराया देना होगा।  4. तत्काल टिकट बुकिंग के नियम सख्त किए गए – तत्काल टिकट केवल यात्रा से 1 दिन पहले बुक किया जा सकता है।  – कोई रद्दीकरण और रिफंड नहीं मिलता।  — यात्रियों के लिए नई सुविधाएं 1. स्टेशनों पर साफ-सफाई   – रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में स्वच्छता पर खास ध्यान दे रहा है।  2. डिजिटल सेवाएं   – IRCTC ऐप के जरिए टिकट बुकिंग, लाइव ट्रेन लोकेशन और PNR स्टेटस।     डिजिटल भुगतान की सुविधा।  3. सीनियर सिटीजन और दिव्यांग छूट   – वरिष्ठ नागरिकों को 40-50% की छूट।      – दिव्यांग यात्रियों को 25-75% तक की छूट।  — रेलवे का सुझाव: अफवाहों से बचेंभारतीय रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट या प्रेस विज्ञप्ति पर भरोसा करें। सोशल मीडिया पर वायरल खबरें अक्सर भ्रामक होती हैं।  — डिस्क्लेमर: यह लेख मौजूदा सूचनाओं पर आधारित है। भविष्य में किसी भी नए बदलाव के लिए रेलवे की आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार करें।

Supreme court: बुलडोज़र एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: “मनमाना रवैया बर्दाश्त नहीं

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Supreme court: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बुलडोज़र एक्शन को लेकर एक सख्त टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के आरोपी या दोषी होने मात्र से उसका घर गिराया नहीं जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि इस तरह की कार्रवाई किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है, और अधिकारियों को मनमाने तरीके से काम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। कोर्ट ने जोर देते हुए कहा, “अफसर जज नहीं बन सकते और यह फैसला नहीं कर सकते कि कौन दोषी है। ताकत का गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।” इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी अधिकारी को यह अधिकार नहीं है कि वह कानून से ऊपर होकर किसी के खिलाफ कार्रवाई करे। यह टिप्पणी हाल ही में देश के विभिन्न हिस्सों में बुलडोज़र का उपयोग कर संदिग्धों और आरोपियों के घरों पर की जा रही कार्यवाही के संदर्भ में आई है। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि इस तरह की कार्रवाइयों में संतुलन बनाए रखना जरूरी है और सिर्फ अदालत के निर्देशानुसार ही उचित कदम उठाए जा सकते हैं। जानिए मुख्य बिंदुसिर्फ इसलिए घर नहीं गिराया जा सकता क्योंकि कोई व्यक्ति आरोपी है. राज्य आरोपी या दोषी के खिलाफ मनमानी कार्रवाई नहीं कर सकता.बुलडोजर एक्शन सामूहिक दंड देने के जैसा है, जिसकी संविधान में अनुमति नहीं है.निष्पक्ष सुनवाई के बिना किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता.कानून के शासन, कानूनी व्यवस्था में निष्पक्षता पर विचार करना होगा.कानून का शासन मनमाने विवेक की अनुमति नहीं देता है. चुनिंदा डिमोलेशन से सत्ता के दुरुपयोग का सवाल उठता है.आरोपी और यहां तक कि दोषियों को भी आपराधिक कानून में सुरक्षा दी गई है. कानून के शासन को खत्म नहीं होने दिया जा सकता है.संवैधानिक लोकतंत्र में नागरिक अधिकारों और आजादी की सुरक्षा जरूरी है.अगर कार्यपालिका मनमाने तरीके से किसी नागरिक के घर को इस आधार पर ध्वस्त करती है कि उस पर किसी अपराध का आरोप है तो यह संविधान कानून का उल्लंघन है.अधिकारियों को इस तरह के मनमाने तरीके से काम करने के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए.अधिकारियों को सत्ता का दुरुपयोग करने पर बख्शा नहीं जा सकता.स्थानीय कानूनों का उल्लंघन करने वाले घर को गिराने पर विचार करते वक्त यह देखना चाहिए कि नगरपालिका कानून में क्या अनुमति है. अनधिकृत निर्माण समझौता योग्य हो सकता है या घर का केवल कुछ हिस्सा ही गिराया जा सकता है.अधिकारियों को यह दिखाना होगा कि संरचना अवैध है और अपराध को कम करने या केवल एक हिस्से को ध्वस्त करने की कोई संभावना नहीं हैनोटिस में बुलडोजर चलाने का कारण, सुनवाई की तारीख बताना जरूरी होगी. डिजिटल पोर्टल 3 महीने में बनाया जाना चाहिए, जिसमें नोटिस की जानकारी और संरचना के पास सार्वजनिक स्थान पर नोटिस प्रदर्शित करने की तारीख बताई गई है.व्यक्तिगत सुनवाई की तारीख जरूर दी जानी चाहिए.आदेश में यह जरूर नोट किया जाना चाहिए कि बुलडोजर एक्शन की जरूरत क्यों है.केवल तभी इमारत गिराई जा सकती है, जब अनधिकृत संरचना सार्वजनिक सड़क/रेलवे ट्रैक/जल निकाय पर हो. इसके साथ ही प्रक्रिया का पालन करने के बाद ही इमारत गिराई जा सकती हैकेवल वे संरचनाएं ध्वस्त की जाएंगी, जो अनाधिकृत पाई जाएंगी और जिनका निपटान नहीं किया जा सकता.अगर अवैध तरीके से इमारत गिराई गई है, तो अधिकारियों पर अवमानना की कार्रवाई की जाएगी और उन्हें हर्जाना देना होगा.अनाधिकृत संरचनाओं को गिराते वक्त विस्तृत स्पॉट रिपोर्ट तैयार की जाएगी. पुलिस और अधिकारियों की मौजूदगी में तोड़फोड़ की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी. यह रिपोर्ट पोर्टल पर पब्लिश की जाएगी. अगर घर गिराने का आदेश पारित किया जाता है, तो इस आदेश के खिलाफ अपील करने के लिए वक्त दिया जाना चाहिए.बिना अपील के रात भर ध्वस्तीकरण के बाद महिलाओं और बच्चों को सड़कों पर देखना सुखद दृश्य नहीं हैघर के मालिक को रजिस्टर्ड डाक द्वारा नोटिस भेजा जाएगा और संरचना के बाहर चिपकाया जाएगा.नोटिस से 15 दिनों का वक्त नोटिस तामील होने के बाद है.तामील होने के बाद कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट द्वारा सूचना भेजी जाएगी.कलेक्टर और डीएम नगरपालिका भवनों के ध्वस्तीकरण आदि के प्रभारी नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे.प्राधिकरण व्यक्तिगत सुनवाई सुनेगा, रिकॉर्ड किया जाएगा और उसके बाद अंतिम आदेश पारित किया जाएगा.आदेश के 15 दिनों के अंदर मालिक को अनधिकृत संरचना को ध्वस्त करने या हटाने का मौका दिया जाएगा. सभी निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए और इन निर्देशों का पालन न करने पर अवमानना और अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी और अधिकारियों को मुआवजे के साथ ध्वस्त संपत्ति को अपनी लागत पर वापस करने के लिए उत्तरदायी ठहराया जाएगा.सभी मुख्य सचिवों को निर्देश दिए जाने चाहिए.

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