Ratlam News: परशुराम कल्याण बोर्ड ब्राह्मणों के माध्यम से सनातन की परंपरा को समाज में व्याप्त करेगा – पं. विष्णु राजोरिया  

रतलाम में परशुराम कल्याण बोर्ड का वसंतोत्सव संपन्न, सनातन संस्कृति, वसंत महोत्सव और रतलाम राज्य के इतिहास पर डाला प्रकाश   रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: मध्यप्रदेश परशुराम कल्याण बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष पं. विष्णु राजोरिया ने कहा कि सनातन धर्म की परंपराओं को समाज में पुनः स्थापित करने का दायित्व सबसे पहले ब्राह्मणों का है। परशुराम कल्याण बोर्ड ब्राह्मणों के माध्यम से समाज में सनातन संस्कृति को विस्तारित करने का कार्य करेगा। जातियां कालांतर में अस्तित्व में आईं, लेकिन मूल रूप से समाज कर्म आधारित व्यवस्था थी। यह बात उन्होंने परशुराम कल्याण बोर्ड रतलाम इकाई द्वारा डॉ. कैलासनाथ काटजू विधि महाविद्यालय में आयोजित वसंतोत्सव 2025 में मुख्य अतिथि के रूप में कही।   ब्राह्मणों को वेदपाठी संतानों को बढ़ावा देना होगा   प्रदेश अध्यक्ष पं. विष्णु राजोरिया ने कहा कि प्रत्येक पर्व को केवल घर में नहीं बल्कि सामूहिक रूप से भी मनाया जाना चाहिए। उन्होंने ब्राह्मण परिवारों से अपील की कि वे कम से कम एक संतान को वेदपाठी अवश्य बनाएं, भले ही वह कर्मकांड न करे। उन्होंने जोर देकर कहा कि सनातन के बिना भारत की कल्पना संभव नहीं।   अक्षय तृतीया पर होगा सामूहिक विवाह आयोजन   उन्होंने बताया कि परशुराम कल्याण बोर्ड के कार्यकर्ता पूरे प्रदेश में जनजागरण कर अक्षय तृतीया पर सनातन समाज की कन्याओं का सामूहिक विवाह कराएंगे। साथ ही, रतलाम जिले के प्रत्येक ब्राह्मण परिवार की डायरेक्ट्री तैयार करने का सुझाव दिया, जिसमें उनकी पारिवारिक स्थिति का भी उल्लेख होगा।   सनातन को समझना है तो वेदों की ओर लौटें – डॉ. मुरलीधर चांदनीवाल   कार्यक्रम में मुख्य वक्ता शिक्षाविद् एवं वेदों के अनुवादक डॉ. मुरलीधर चांदनीवाल ने कहा कि सनातन धर्म को समझने के लिए वेदों का अध्ययन आवश्यक है। उन्होंने बताया कि वसंत का महत्व यज्ञों में विशेष रूप से वर्णित है। परशुराम को अग्नि की लपटों और समुद्र की तरंगों में देखें, वे ही पहले राम हैं।   रतलाम राज्य का गौरवशाली इतिहास – कैलाश व्यास   रंगकर्मी एवं पूर्व उप संचालक अभियोजन कैलाश व्यास (एडवोकेट) ने रतलाम राज्य के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि रतलाम राज्य की स्थापना प्रयाग से जुड़ी हुई है। उन्होंने 22 जनवरी 1641 को लाहौर में शाहजहां द्वारा आयोजित एक समारोह का जिक्र किया, जिसमें जालोर के राजा महेशदास के पुत्र रतनसिंह ने एक उग्र हाथी को काबू में कर लोगों की जान बचाई थी, जिसके उपहार स्वरूप उन्हें रतलाम परगना प्रदान किया गया था।   उन्होंने यह भी बताया कि रतलाम में सती प्रथा 1743 में ही समाप्त हो गई थी, जबकि देश में सती प्रथा को कानूनी रूप से 1829 में प्रतिबंधित किया गया था।   तीन शख्सियतों का सम्मान   समारोह में चिकित्सा, शिक्षा और संगीत शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाली तीन विभूतियों को सम्मानित किया गया   डॉ. अनुराधा गोखले – चिकित्सा क्षेत्र में योगदान   डॉ. सुलोचना शर्मा – शिक्षा क्षेत्र में योगदान   डॉ. स्नेहा पंडित – संगीत शिक्षा में योगदान   कार्यक्रम का हुआ भव्य आयोजन   कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्मश्री डॉ. लीला जोशी ने की। इस अवसर पर सनाढ्य ब्राह्मण समाज के श्याम उपाध्याय, परशुराम कल्याण बोर्ड के जिला अध्यक्ष अनुराग लोखंडे, डॉ. अनुराधा गोखले, डॉ. सुलोचना शर्मा, डॉ. स्नेहा पंडित सहित कई गणमान्य व्यक्ति मंचासीन रहे।   शुभारंभ वेदपाठ से हुआ, जिसे महर्षि पं. संजय दवे और वेदपाठी बटुकों ने प्रस्तुत किया। सरस्वती वंदना सुहाष चितलने ने प्रस्तुत की। समारोह का संचालन लगन शर्मा ने किया और आभार प्रदर्शन नीरज कुमार शुक्ला ने व्यक्त किया।   उपस्थित गणमान्य अतिथि   इस अवसर पर जिला पंचायत के एसीईओ निर्देशक शर्मा, त्रिवेदी आर्ट के ओमप्रकाश त्रिवेदी, सत्येंद्र जोशी, अशोक पांडेय, सुनील दुबे, शरद चतुर्वेदी, राकेश आचार्य, श्याम लालवानी, मनमीत कटारिया, महेंद्र भंडारी, नितेश कटारिया, राजेंद्र चतुर्वेदी, अजय तिवारी, पत्रकार शरद जोशी, डॉ. खुशालसिंह पुरोहित, गोपाल शर्मा टंच, गोपाल जोशी, गीता दुबे, विनीता ओझा, नीलू चंडालिया, देवशंकर पांडेय, लक्ष्मण पाठक, पं. मुस्तफा आरिफ, प्रकाश शुक्ला, प्रशांत शौचे, राजेंद्र गोयल, जलज शर्मा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।   – विशेष संवाददाता

Ratlam News: श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति के त्रैवार्षिक चुनाव संपन्न, सर्वसम्मति से सरदार गुरनाम सिंह बने अध्यक्ष  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शास्त्री नगर स्थित श्री गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल भवन में रविवार को श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति के त्रैवार्षिक चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हुए। इस चुनाव में सर्वसम्मति से सरदार गुरनाम सिंह को समिति का अध्यक्ष चुना गया।     नवगठित समिति के पदाधिकारी   – अध्यक्ष – सरदार गुरनाम सिंह   – उपाध्यक्ष – सरदार हरजीत सिंह चावला   – सचिव – अजीत सिंह छाबड़ा   – सह सचिव – हरजीत सिंह सलूजा   – कोषाध्यक्ष – सरदार देवेंद्र सिंह वाधवा   संचालन समिति के सदस्य   सतपाल सिंह डंग, सुरेंद्र सिंह भामरा, धर्मेंद्र सिंह गुरुदत्ता, गगनदीप सिंह डंग, गुरविंदर सिंह को समिति में स्थान मिला।   इस अवसर पर सुरेंद्र सिंह धीमान, गुरवेश सिंह बग्गा, जीएस भाटिया, चरणजीत सिंह सलूजा, कुलवंत सिंह सग्गू, बलजीत सिंह खनूजा, जसपाल सिंह सलूजा, अमरपाल वाधवा, गुरमीत सिंह गुरुदत्ता और गुरमीत सिंह गांधी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।   संस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प   नवनिर्वाचित अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह ने कहा कि संस्था की नींव हमारे बुजुर्गों ने रखी थी और आज उनकी तीसरी पीढ़ी स्कूल के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन कर रही है। उन्होंने कहा, हमारे वरिष्ठों ने शिक्षा और समाज सेवा के प्रसार के लिए इस संस्था की स्थापना की थी और यह इस कार्य में अत्यधिक सफल रही है। अब हमारा लक्ष्य इसे और ऊंचाइयों तक ले जाना और सेवा कार्यों के नए कीर्तिमान स्थापित करना है।   समिति के प्रवक्ता सुरेंद्र सिंह भामरा ने बताया कि नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को समाज के गणमान्य लोगों ने शुभकामनाएं और बधाई दी।  

Ratlam News: आज 2100 वीरांगनाएं करेगी प्रदर्शन; रत्नेश्वर महादेव की आरती के साथ शुरू हुआ रतलाम स्थापना गौरव दिवस के तीन दिवसीय समारोह का भव्य शुभारंभ

रतलाम – पब्लिक वार्ता, न्यूज डेस्क।  Ratlam News: रतलाम स्थापना महोत्सव समिति के संयुक्त तत्वावधान में बसंत पंचमी के अवसर पर रतलाम स्थापना गौरव दिवस के तीन दिवसीय समारोह का शुभारंभ हुआ। महापौर प्रहलाद पटेल ने सपत्निक रत्नेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना और आरती कर कार्यक्रम की शुरुआत की। रतलाम स्थापना महोत्सव समिति के संयोजक मुन्नालाल शर्मा और सचिव मंगल लोढ़ा ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रमों का उद्देश्य शहर के गौरवशाली इतिहास को संजोना और नागरिकों को अपनी विरासत से जोड़ना है। इस अवसर पर निगम अध्यक्ष मनीषा शर्मा, भाजपा जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष विप्लव जैन, मंडल अध्यक्ष आदित्य डागा, क्षेत्रिय पार्षद श्रीमती उमा रामचन्द्र डोई, श्रीमती आयुषी सांकला, पार्षद हितेश कामरेड, श्रीमती हीना मेहता, कमल चौहान, विक्रम गुर्जर, ललीत दख, राजेन्द्र अग्रवाल, गौरव मूणत, रविन्द्र पाटीदार, अनिल कटारिया, राकेश नाहर, राजेन्द्र पाटीदार (आयुष्मान), राकेश पीपाड़ा, सौरभ श्रीमाल, मनीश सुरेका, नरेन्द्र श्रेष्ठ, सत्यजीत राजावत, महेन्द्र मूणत, गट्टू गुर्जर, लोकेश, लालूजी, अभय काबरा व नागरिकों ने भी रत्नेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना की। सहित शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मंदिर परिसर में भव्य आतिशबाजी के साथ प्रसादी का वितरण किया गया। पूजा अर्चना पश्चात मंदिर परिसर में आतिशबाजी की गई व प्रसादी का वितरण किया गया।  2100 नारी शक्ति दिखाएंगी शस्त्र कौशल रतलाम की धरती पर पहली बार महिला सशक्तिकरण और नारी सुरक्षा के संदेश के साथ 2,100 वीरांगनाएं 2 फरवरी को नेहरू स्टेडियम में शस्त्र कला कौशल का प्रदर्शन करेंगी। यह ऐतिहासिक आयोजन दोपहर 3:30 बजे होगा। महाराजा रतनसिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण 3 फरवरी को सुबह 11 बजे रतलाम राज्य के जनक महाराजा रतनसिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी। कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप होंगे मुख्य अतिथि समारोह में मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। सांसद अनिता नागरसिंह चौहान कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में धार से राष्ट्र सेविका समिति की बौद्धिक प्रमुख अमृता भावसार मौजूद रहेंगी। विशेष अतिथि के रूप में महापौर प्रहलाद पटेल, नगर निगम अध्यक्ष मनीषा शर्मा और भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।

पब्लिक गपशप : एक आयोजन के दो सूत्रधार!; एक निकालेंगे रैली तो दूसरे दिखाएंगे कलाबाजी, नहीं लौटा पाए गौरव तो, नाम से चला रहे काम!

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। बसंत पंचमी आते ही रतलाम के जनम की गाथा का गान शुरू हो जाता है। इसी गाथा को राजनीति के आटे में गूंथने का काम भी जबरदस्त फल – फूल चुका है। यहां रतलाम यानी रतनपुरी का जन्मदिन दो – दो तरीको से अलग – अलग गुट मना रहा है। और दोनों में यह कांमीपीटीशन पिछले कुछ सालों से बढ़ता जा रहा है। मगर इन दोनों गुटों के आंख के अंधे लोगो को “रतलाम का बेरंग बसंत” नहीं दिखाई पड़ता है। 4 दिन का इनका नगर प्रेम बसंत पंचमी के बाद गोदड़े की घड़ी हो जाता है, ठीक वैसे ही जैसे ठंड जाते ही घर में रजाई गोदड़ी घड़ी हो जाती है और फिर ठंड में ही बाहर आती है। इस बार इन्होंने रतलाम स्थापना “गौरव दिवस” नाम दिया है। जबकी अब तक रतलाम का गौरव नहीं लौटा है। यहां “गौरव” नाम से ही काम चलाया जा रहा है। महिलाओं को मुफ्त की तलवार देकर इन्हें रतलाम के गौरव का अनुभव होगा ये अपने आप में अनोखी और विचारणीय बात है। एक तरफ अपनी राजनीति नैय्या डूबने के बाद बुलबुले छोड़ रही जगत “सेठ” की सवारी है तो वहीं दूसरी तरफ एक ऐसी टीम है जो जग जाहिर “भैय्याजी” के हिंडोलों की मजबूत नैय्या पर सवार है। यह अच्छी बात है की आमजनता को लगता है दोनों में देशप्रेम के साथ नगर प्रेम की भावनाएं निहित है। लेकिन इसके उलट इनकी अंदरूनी मंशा तो कुछ और ही सुनाई व दिखाइ देती है। उद्धार करोगे या उधार ही रखोगे?इनसे इतने सालों में वाहनों के पेट्रोल फूंकने, पटाखे छोड़ने जैसे फिजूलखर्ची के काम ही हुए है। रही कहि कसर ये भगवान के आगे सिर फोड़ के पूरी कर लेते है। इनका राजनीतिक मजमा ऊपरी मन से रतनपुरी के रत्नेश्वर महादेव पर जाकर अगरबत्तियां लगाकर अपने आपको नगर प्रेमी साबित कर देता है। बरहाल ये अलग बात है की उन महादेव को उसके अलावा ये लोग पूछने परखने तक नहीं आते। वहां के दिल फरियाद भक्त और सेवादार ही वहां का जीर्णोद्धार से लेकर हर कार्यक्रम तक करते है। वे भी यही कहते है – कब तक ये महादेव की नगरी का उधार ही रखेंगे, क्या कभी उद्धार भी करेंगे? इनसे मंदिर छोड़ो राजा महाराजाओं की चिताए (छतरियां व स्मारक) तक नहीं सवारी जा रही है। इसके अलावा ये उस प्राचीन धरोहर के लिए इतने सालों में कुछ नहीं कर पाए जहां आज हर दूसरा व्यक्ति कौना ढूंढ कर मूत रहा है। महलवाड़ा या रणजीत विलास पैलेस आज भी अपनी वैभवता का यश गाता है और अपनी दुरदशा पर रोता – बिलखता है। इन राजनीति के अंधे बहरों से उसकी सुध नही ली जाएगी। केवल पेपरबाजी कर इन्हें रतलाम स्थापना दिवस मनाना है। और उसे गौरवशाली क्षण बताना है। आज और कल हम सब जानते है की सत्ता क्या कुछ नहीं कर सकती। मगर मजाल है राजमहल का उद्धार हो जाए। कैसे होगा? आत्मविश्वास और मनोबल भी तो यहां के जनप्रतिनिधियों का होना चाहिए। खेर इन सब में ये रतलाम मेरे बाप दादा की जागिरी नहीं है, यह कह कर में अपनी बात को विराम देता हूं। क्योंकि यहां की जनता को भगतसिंह तो चाहिए लेकिन बशर्ते वो पड़ोसी के घर पैदा हो!!! जय रतलाम, जय हिंद, जय भारत!

Ratlam News: श्री गुरु तेग बहादुर एकेडमी में धूमधाम से मनाई गई बसंत पंचमी

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: अरविंद मार्ग स्थित श्री गुरु तेग बहादुर एकेडमी में बसंत पंचमी का पावन पर्व पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। विद्यालय की प्राचार्य डॉ. रेखा शास्त्री एवं प्रधानाध्यापिका सुनीता तोमर ने छात्रों को बसंत पंचमी के धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व की जानकारी दी।   मां सरस्वती की पूजा-अर्चना   डॉ. शास्त्री ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बसंत पंचमी को मां सरस्वती के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन ज्ञान, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। इस अवसर पर विद्यालय में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने मिलकर मां सरस्वती की आरती की।    बसंत पंचमी का वैज्ञानिक महत्व   प्रधानाध्यापिका सुनीता तोमर ने बताया कि बसंत पंचमी का पीले रंग से विशेष संबंध है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पीला रंग मानसिक तनाव को कम करने और दिमाग को सक्रिय रखने में सहायक होता है। यह रंग उल्लास और सकारात्मकता को भी बढ़ावा देता है।   विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए भजन   कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने “हे शारदे मां, हे शारदे मां, अज्ञानता से हमें तार दे मां…” जैसे सुमधुर भजन प्रस्तुत कर माहौल भक्तिमय बना दिया। इस शुभ अवसर पर विद्यार्थी एवं शिक्षकगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और मां सरस्वती से आशीर्वाद प्राप्त किया।  

Ratlam News: रतलाम जिले में गुजराती लोहार समाज की बैठक संपन्न, जितेंद्र परमार बने युवा संगठन के नए अध्यक्ष

रतलाम- पब्लिक वार्ता, नेस डेस्क। Ratlam News: गुजराती लोहार समाज की युवा संगठन जिला रतलाम की बैठक श्री राम मंदिर, लोहार रोड पर संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश संगठन मंत्री अभिषेक चौहान (दलौदा) एवं प्रदेश महामंत्री गणेश चौहान (रतलाम) ने की। इस दौरान जिला युवा संगठन अध्यक्ष कुलदीप गेहलोत ने अपने कार्यकाल में किए गए कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत किया, वहीं कोषाध्यक्ष जगदीश पंवार ने तीन वर्षों के आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत किया, जिसे सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से अनुमोदित किया।   बैठक में सर्वसम्मति से जितेंद्र परमार (राडीखेड़ा), सुपुत्र स्व. शिवनारायण परमार को रतलाम जिला युवा संगठन का नया अध्यक्ष चुना गया। अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालते ही उन्होंने अपने पहले कार्य के रूप में रक्तदान शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया। साथ ही, उन्होंने जल्द ही संगठन की अगली बैठक बुलाकर अपनी कार्यकारिणी की घोषणा करने की बात कही।   इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजन एवं युवा संगठन के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

Ratlam News: बसंत पंचमी पर मनाया जाएगा मां सरस्वती अवतरण और रतलाम स्थापना दिवस, मप्र परशुराम कल्याण बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु राजोरिया होंगे शामिल

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: मध्यप्रदेश परशुराम कल्याण बोर्ड की रतलाम जिला इकाई बसंत पंचमी के पावन अवसर पर मां सरस्वती का अवतरण दिवस और रतलाम स्थापना दिवस धूमधाम से मनाएगी। इस भव्य आयोजन में मप्र परशुराम कल्याण बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष (मंत्री दर्जा प्राप्त) पं. विष्णु राजोरिया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।    बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय   इस संबंध में जिला इकाई की महत्वपूर्ण बैठक जिला अध्यक्ष अनुराग लोखंडे के टीआईटी रोड स्थित निवास पर आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बसंत पंचमी का पर्व धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं के साथ हर्षोल्लास से मनाया जाएगा।    यहां होगा आयोजन, ये होंगे मुख्य अतिथि   समारोह 2 फरवरी (रविवार), 2025 को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक स्थानीय डॉ. कैलाशनाथ काटजू विधि महाविद्यालय, रतलाम में आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन के मुख्य अतिथि मप्र परशुराम कल्याण बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष (मंत्री दर्जा प्राप्त) पं. विष्णु राजोरिया होंगे, जबकि अध्यक्षता पद्मश्री डॉ. लीला जोशी करेंगी।   संस्कारों और संस्कृति से जुड़ेगा समाज   जिला अध्यक्ष अनुराग लोखंडे ने बताया कि बसंत पंचमी को मां सरस्वती का अवतरण दिवस माना जाता है, इसलिए इस अवसर पर मां सरस्वती की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। साथ ही साहित्यकार एवं शिक्षाविद् डॉ. मुरलीधर चांदनीवाला बसंत पंचमी के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालेंगे।   इसके अलावा, बसंत पंचमी के दिन महाराजा रतनसिंह राठौर द्वारा रतलाम राज्य की स्थापना किए जाने के ऐतिहासिक प्रसंग को भी विशेष रूप से रेखांकित किया जाएगा। इस संदर्भ में रंगकर्मी और एडवोकेट कैलाश व्यास रतलाम राज्य के इतिहास, उपलब्धियों और विशिष्टताओं पर अपने विचार साझा करेंगे।   सामाजिक समरसता और एकता का संदेश   लोखंडे ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य सर्व ब्राह्मण समाज और समस्त सनातन समाज को संगठित करना है। साथ ही, इस अवसर पर अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत और अन्य धार्मिक-सांस्कृतिक संगठनों की भी भागीदारी रहेगी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराओं से जोड़ने का संदेश देगा।   बैठक में ये लोग रहे उपस्थित   इस बैठक में सत्येंद्र जोशी, ओमप्रकाश त्रिवेदी, राकेश देसाई, लगन शर्मा, श्याम ललवानी, महेंद्र भंडारी, अशोक पांडेय, वीरेंद्र वाफगांवकर, मनमीत कटारिया, नीरज कुमार शुक्ला सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।  

MP News: महिला सशक्तिकरण की प्रतीक: देवी अहिल्याबाई होल्कर  

 लेखिका ममता चंद्रशेखर की पुस्तक “युगंधरा देवी अहिल्याबाई होल्कर” का भव्य विमोचन   इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: महिला सशक्तिकरण और आदर्श नेतृत्व का दूसरा नाम देवी अहिल्याबाई होल्कर हैं। इन्हीं के जीवन और संघर्षों को लेखिका डॉ. ममता चंद्रशेखर ने अपनी पुस्तक “युगंधरा देवी अहिल्याबाई होल्कर” में उतारा है। बुधवार को मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति के सभागार में इस पुस्तक का विमोचन किया गया।    समारोह में विशिष्ट जनों की उपस्थिति   इस अवसर पर पूर्व राज्यपाल सदाशिव कोकजे, महापौर पुष्पमित्र भार्गव, होलकर वंशज श्रीमंत उदय सिंह होलकर, पद्मश्री सत्येन सिंह लोहिया, लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष चंद्रशेखर रायकवार, पूर्व कुलपति नरेंद्र धाकड़, डॉ. माला ठाकुर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।   इतिहास को वर्तमान से जोड़ने का प्रयास   पुस्तक पर चर्चा करते हुए लेखिका डॉ. ममता चंद्रशेखर ने कहा, इस कृति के माध्यम से मैंने इतिहास को वर्तमान से जोड़ने का प्रयास किया है। इसमें स्वर्गीय वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण कुमार अष्ठाना का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। यह पुस्तक देवी अहिल्याबाई द्वारा किए गए महान कार्यों के महासागर में एक छोटी सी बूंद के समान है।   देवी अहिल्याबाई: सशक्त महिला नेतृत्व का आदर्श   कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल सदाशिव कोकजे ने कहा, हम सभी को अहिल्याबाई होल्कर के कार्यों का प्रचार-प्रसार करने के साथ उन्हें आत्मसात भी करना चाहिए। वहीं, होलकर परिवार के श्रीमंत उदय सिंह होलकर ने कहा, अहिल्याबाई हर महिला के लिए एक आदर्श हैं, जिनका अनुसरण किया जाना चाहिए।   अहिल्याबाई से सीखें संपूर्ण नारीत्व   कार्यक्रम में डॉ. माला ठाकुर ने कहा, हम अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती मना रहे हैं। ऐसे में इस तरह की पुस्तकें नई पीढ़ी को प्रेरित करेंगी। अहिल्याबाई सिखाती हैं कि एक स्त्री अच्छी बेटी, पत्नी, बहू, मां और कुशल प्रशासक कैसे बन सकती है। विषम परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों को कैसे निभाना चाहिए, यह उनसे सीखना चाहिए।   23 वर्षों की 23 पुस्तकों की प्रदर्शनी का उद्घाटन   इस अवसर पर लेखिका ममता चंद्रशेखर की 23 वर्षों में लिखी गई 23 पुस्तकों की प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया गया।   कार्यक्रम का संचालन एवं समापन   कार्यक्रम का संचालन डॉ. कला जोशी ने किया और प्रो. वंदना जोशी ने कार्यक्रम की जानकारी दी।  

MP News: मालवा मीडिया फेस्ट 2025; कल से शुरु होगा परंपरा, संस्कृति और नवाचार का भव्य संगम

रतलाम – पब्लिक वार्ता, जयदीप गुर्जर। MP News: मालवा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, कला, और नवाचार को एक साथ लाने वाला मालवा मीडिया फेस्ट 2025 का दूसरा संस्करण होटल बालाजी सेंट्रल, रतलाम में पूरे उत्साह के साथ आयोजित हो रहा है। इस दो दिवसीय भव्य आयोजन का उद्देश्य मालवा की परंपराओं और आधुनिकता को एक मंच पर लाना है, जिससे क्षेत्रीय प्रतिभाओं को न केवल प्रेरणा मिले, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर पहचान भी मिले। यह बात फाउंडेशन के सदस्यों ने प्रेस वार्ता कर बताई। प्रेस वार्ता में पत्रकारों को संबोधित करते हुए सक्षम संचार फाउंडेशन द्वारा बताया की 24 से 25 जनवरी तक आयोजित इस फेस्ट में साहित्य, कला, थिएटर, डिजिटल मीडिया, और सामयिक मुद्दों पर आधारित सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रख्यात व्यक्तित्वों की उपस्थिति इसे और भी खास बना रही है।  मालवा अलंकरण पुरस्कार: परंपरा का सम्मान इस वर्ष से फेस्ट में मालवा अलंकरण पुरस्कार की शुरुआत हो रही है, जिसके माध्यम से उन व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने समाज और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इस वर्ष यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रो. अजहर हाशमी, जो मालवा के प्रसिद्ध कवि और साहित्यकार हैं, और सीएम राइज स्कूल विनोबा, रतलाम को प्रदान किया जाएगा। प्रो. अजहर हाशमी का साहित्य और समाज के प्रति योगदान अमूल्य है। उनकी कविताएं और साहित्यिक कृतियां मालवा की परंपराओं को संरक्षित करने का अद्वितीय उदाहरण हैं। वहीं, सीएम राइज स्कूल विनोबा ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हुए रतलाम को गौरवान्वित किया है। फेस्ट के मुख्य आकर्षण 1. सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियां: फेस्ट का उद्देश्य न केवल मालवा की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करना है, बल्कि इसे नई पीढ़ी के बीच प्रचारित करना भी है। रील मेकिंग प्रतियोगिता: युवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी रचनात्मकता दिखाने का अवसर। निबंध लेखन प्रतियोगिता: “लोकमाता अहिल्याबाई होलकर” पर केंद्रित, जो छात्रों को इतिहास और परंपराओं से जुड़ने का मौका देगा। 2. विशेष सत्र और कार्यशालाएं: डिजिटल कंटेंट निर्माण और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर वर्कशॉप: इस सत्र में युवाओं को डिजिटल युग में प्रभावी कंटेंट निर्माण के गुर सिखाए जाएंगे। थिएटर वर्कशॉप: इसमें प्रतिभागियों को अभिनय और मंचन की बारीकियां सिखाई जाएंगी। 3. प्रेरणादायक सत्र: “एक राष्ट्र, एक चुनाव”: डॉ. निवेदिता शर्मा (मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य) इस सामयिक विषय पर अपने विचार साझा करेंगी। “नस्लवाद और समानता”: ऑक्सफोर्ड स्टूडेंट यूनियन की पहली भारतीय महिला अध्यक्ष, रश्मि सामंत, अपने वैश्विक अनुभव साझा करेंगी। “जासूसी और सुरक्षा का रोमांच”: लक्की बिष्ट (पूर्व NSG कमांडो और फिल्म निर्माता) अपने साहसिक अनुभव साझा करेंगे। “अभिनय के संघर्ष और सफलता”: दुर्गेश कुमार (प्रसिद्ध अभिनेता, “पंचायत” वेब सीरीज) युवाओं को प्रेरित करेंगे। “बॉलीवुड में महिला सशक्तिकरण”: सौम्या पांडे (अभिनेत्री और निर्माता) सिनेमा में महिलाओं की बदलती भूमिका पर चर्चा करेंगी। 4. प्रदर्शनियां और नाट्य मंचन: जवाहर व्यायामशाला द्वारा मलखंब प्रदर्शन: रतलाम की पारंपरिक मलखंब कला का प्रदर्शन। “लोकमाता अहिल्याबाई होलकर” पर नाट्य मंचन: नंदकिशोर पंत और उनकी टीम (मुंबई) द्वारा भव्य प्रस्तुति। कार्यक्रम की समय-सारणी पहला दिन (24 जनवरी 2025): 11:00 AM: वैदिक ऋचा और दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुभारंभ (प्रो. अजहर हाशमी)। 11:30 AM: रील मेकिंग प्रतियोगिता। 12:30 PM: निबंध लेखन प्रतियोगिता। 2:00 PM: डिजिटल कंटेंट वर्कशॉप। 3:00 PM: “एक राष्ट्र, एक चुनाव” (स्पीकर: डॉ. निवेदिता शर्मा)। 4:00 PM: मलखंब प्रदर्शन। दूसरा दिन (25 जनवरी 2025): 10:30 AM: “नस्लवाद और समानता” (स्पीकर: रश्मि सामंत)। 12:00 PM: “जासूसी और सुरक्षा का रोमांच” (स्पीकर: लक्की बिष्ट)। 2:30 PM: “अभिनय के संघर्ष और सफलता” (स्पीकर: दुर्गेश कुमार)। 4:00 PM: “बॉलीवुड में महिला सशक्तिकरण” (स्पीकर: सौम्या पांडे)। 7:00 PM: “लोकमाता अहिल्याबाई होलकर” पर नाट्य मंचन। 8:15 PM: पुरस्कार वितरण और समापन समारोह। फेस्ट का उद्देश्य मालवा मीडिया फेस्ट न केवल एक कार्यक्रम है, बल्कि यह मालवा की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह आयोजन युवाओं और समाज को जोड़ते हुए उन्हें सशक्त बनाने का कार्य कर रहा है। — अधिक जानकारी के लिए संपर्क सूत्र 📞 +91 9582051780 📧 sakshamsanchar@gmail.com 🌐 www.sakshamsanchar.org मालवा मीडिया फेस्ट 2025 का यह संस्करण रचनात्मकता, ज्ञान और संस्कृति का संगम साबित हो रहा है, जो रतलाम और मालवा को गौरवांवित करने वाला एक ऐतिहासिक आयोजन बन गया है।

Ratlam News: नानी बाई का मायरा: भगवान राम के अयोध्या पाठोत्सव में भक्तों ने लिया आशीर्वाद, भक्ति में डूबे श्रद्धालु

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: कस्तूरबा नगर, गली नंबर 6 स्थित बगीचे में मनीषा मनोज शर्मा मित्र मंडल द्वारा आयोजित नानी बाई का मायरा महोत्सव भक्तिमय वातावरण में मनाया जा रहा है। तीसरे दिन के आयोजन में सहस्त्र ओदिच्य ब्राह्मण समाज, श्रीमाली ब्राह्मण समाज, नागर ब्राह्मण समाज, प्रभु प्रेमी संघ, गोपाल गौशाला, साईं बाबा मंदिर ट्रस्ट, गोपाल जी का बड़ा मंदिर न्यास, नमो ग्रुप, वैष्णव बैरागी समाज, रिद्धि-सिद्धि गणेश उत्सव समिति, रामेश्वर महादेव मंदिर समिति, सनातन सुरक्षा दल और विश्व हिंदू महासंघ समेत भाजपा पार्षद दल के पदाधिकारी उपस्थित रहे।   आयोजन का शुभारंभ पोथी पूजन और आयोजक मनीषा शर्मा एवं मनोज शर्मा के सम्मान के साथ हुआ। सभी समाज के अध्यक्षों और सचिवों ने उनका दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया।   भगवान राम का अयोध्या पाठोत्सव और भक्ति का महत्व   तीसरे दिन की कथा में अनिरुद्ध मुरारी ने भगवान राम के अयोध्या पाठोत्सव का महत्व बताते हुए कहा कि भगवान राम की मूर्ति की स्थापना को एक वर्ष पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में तीन का विशेष महत्व है। तीन देव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश), तीन लोक (आकाश, पाताल, पृथ्वी), और तीन काल (भूत, भविष्य, वर्तमान) हमारी संस्कृति के मूल स्तंभ हैं।   मुरारी ने गीता में बताए गए तीन मार्गों—कर्म मार्ग, ज्ञान मार्ग और भक्ति मार्ग का महत्व भी समझाया। उन्होंने भक्ति मार्ग को सबसे श्रेष्ठ बताते हुए कहा, “भक्ति मार्ग में भगवान स्वयं अपने भक्तों के आगे-पीछे नृत्य करते हैं।”   भजन, नृत्य और आरती   कथा के दौरान मुरारी ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुतियां दीं, जिसमें महिलाओं और पुरुषों ने जमकर नृत्य किया। कार्यक्रम का समापन भक्तिमय आरती के साथ हुआ, जिसमें निगम अध्यक्ष मनीषा मनोज शर्मा, भाजपा पार्षद दल और अन्य भक्तगण शामिल रहे।   कथा का समय और अनुरोध   कथा संयोजक मनीषा मनोज शर्मा ने बताया कि नानी बाई का मायरा की कथा प्रतिदिन दोपहर 1:00 बजे से प्रारंभ हो रही है। धर्म प्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण करने और धर्म लाभ लेने का अनुरोध किया गया।  

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