Ratlam News: जावरा इंडस्ट्रियल एरिया में क्लोरीन गैस रिसाव, 10 फैक्ट्रियों में काम बंद; 5 लोग बीमार

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के जावरा औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार शाम क्लोरीन गैस के रिसाव से हड़कंप मच गया। फेरिक सल्फेट बनाने वाली एक फैक्ट्री में अचानक गैस लीक होने पर फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गैस फैलते ही कर्मचारी जान बचाने के लिए बाहर भागने लगे। WATCH VIDEO फायरकर्मी भी चपेट में आए, 5 लोगों की हालत बिगड़ी घटना के समय फैक्ट्री में मौजूद तीन कर्मचारी गैस रिसाव को नियंत्रित नहीं कर सके। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और पानी डालकर कंट्रोल करने का प्रयास किया। इस दौरान तीन दमकलकर्मी – पुष्कर देवरिया, बालाराम गेहलोत और कुलदीप गेहलोत गैस की चपेट में आ गए। इसके अलावा पास की फैक्ट्री के दो कर्मचारी भी प्रभावित हुए। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक सभी की हालत स्थिर है। सावधानी के तहत 10 फैक्ट्रियों में छुट्टी गैस फैलाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आसपास की करीब 10 फैक्ट्रियों में काम बंद करवाया और कर्मचारियों को घर भेज दिया।  रेडक्रॉस और सिविल अस्पताल की एंबुलेंस तैनातप्रभावितों को सांस लेने में दिक्कत, चक्कर और उल्टी की शिकायत टेक्निकल टीम ने रात तक रिसाव पर काबू पाया गैस रिसाव की जानकारी मिलते ही रतलाम की इप्का फैक्ट्री और नागदा से विशेषज्ञ टीम जावरा पहुंची। टीम ने रात करीब 9:45 बजे गैस सिलेंडर के रिसाव पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया। रिसाव कर रहे सिलेंडर को पानी में डुबोया गयाछोटा क्लोरीन टैंक ब्लॉकेज कर दिया गया विधायक, कलेक्टर और एसपी मौके पर घटना की सूचना मिलते ही जावरा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय, कलेक्टर मिशा सिंह और एसपी अमित कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मास्क लगाकर फैक्ट्री का निरीक्षण किया। विधायक ने बताया —“स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।” पुराना सिलेंडर बना हादसे का कारण प्रारंभिक जांच में सामने आया कि प्लांट में रखा पुराना क्लोरीन सिलेंडर रिसाव का कारण बना। प्रशासन की राजस्व टीम ने घटना का पंचनामा तैयार करना शुरू कर दिया है।

Ratlam News: इप्का लेबोरेट्री के श्रमिक संगठनों ने 35 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: इप्का लेबोरेट्री लिमिटेड के चार प्रमुख श्रमिक संगठनों ने संयुक्त रूप से 35 सूत्रीय मांग पत्र कंपनी के प्रबंधक और श्रम अधिकारी को सौंपा। इसमें श्रमिकों के वेतन, भत्तों और अन्य सुविधाओं में वृद्धि की मांग की गई है।   मांग पत्र में मुख्य रूप से मूल वेतन में ₹20,000 की वृद्धि, महंगाई भत्ता ₹5 प्रति प्वाइंट, त्योहारों पर काम करने वाले श्रमिकों को तीन गुना वेतन, उत्पादन बोनस ₹6,000 प्रति वर्ष, शिक्षा भत्ता ₹10,000 की वृद्धि, ₹20,000 आपात सहायता, अनाज खरीदने के लिए ₹20,000 एडवांस और मेडिकल, शिक्षा एवं मकान के लिए ₹2 लाख का लोन शामिल है।   इस अवसर पर चारों श्रमिक संगठनों – इप्का फार्मा एवं केमिकल्स श्रमिक कर्मचारी कामगार संघ (शिवसेना), केमिकल वर्कर्स यूनियन (एटक), इप्का फार्मा एवं केमिकल्स श्रमिक संघ (बीएमएस) और ड्रग्स एंड केमिकल्स श्रमिक कर्मचारी संघ (इंटक) के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।   कार्यक्रम में शिवसेना कामगार सेना के प्रदेश अध्यक्ष जनक नागल, बीएमएस संघ के संरक्षक श्याम मनोहर यादव, दिलीप मेहता, इंटक संघ के संरक्षक भंवर सिंह चौहान, और एटक संघ के संरक्षक अश्विनी शर्मा समेत कई प्रमुख पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। शिवसेना यूनियन के अध्यक्ष ओमप्रकाश धीमान, महासचिव लखन मालवीय और अन्य पदाधिकारी भी इस मौके पर उपस्थित रहे।   श्रमिक संगठनों ने प्रबंधन से जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम उठाने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।