सट्टे पर संग्राम : 4 दिन पहले स्टेशन रोड पुलिस की सटोरियों पर दबिश, रेलवे साईकील स्टैंड ठेकेदार का भाई रवि मीणा और साथी फरार

पहले भी कर चुका है पुलिसकर्मियों से हाथापाई, लॉज के पीछे चल रहा था अंक वाला सट्टा पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर के स्टेशन रोड पर पुलिस द्वारा 4 दिन पूर्व सटोरियों पर बड़ी कार्रवाई की गई। जिसमें रेलवे का साईकील स्टैंड चलाने वाला ठेकेदार विजय मीणा का भाई रवि मीणा और उसका अन्य साथी अब तक फरार है। पुलिस रवि मीणा व अन्य फरार आरोपी की तलाश कर रही है। विश्वसनीय सूत्रों की माने तो साईकील स्टैंड ठेकेदार विजय मीणा व रवि मीणा साईकील स्टैंड की आड़ में कई सालो सट्टे का संचालन कर रहे है। जीआरपी में कई बार शिकायतें भी हो चुकी है मगर राजनीतिक संरक्षण और पुलिसीया सांठगांठ के चलते कोई ठोस कार्रवाई अब तक नहीं हुई है। कुछ समय पूर्व रवि मीणा पुलिसकर्मियों से उलझने के मामले में भी सुर्खियों में छाया रहा था। करीब 3 साल पहले रेलवे स्टेशन के पार्किंग एरिया में सट्टा चलाए जाने की सूचना मिलने पर रतलाम पुलिस के एसआई अनुराग यादव रतलाम रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4 के पास पार्किंग एरिया में पहुंचे थे जहां रवि मीणा और उसके साथियों ने एसआई अनुराग यादव के साथ बदतमीजी व हाथापाई की थी। जिसके कुछ माह बाद रवि मीणा ने इंटेलिजेंस के दो जवानों के साथ भी पार्किंग में गाड़ी रखने को लेकर हाथापाई की थी। गौरतलब है की थाना स्टेशन रोड पुलिस ने फ्रीगंज रोड स्थित लक्ष्मी लाज के पीछे गली मे लोगों से सट्टा अंक लिखकर पैसे ले रहे युवक को रंगेहाथ पकड़ा था। पुलिस ने मौके से जब्बार उर्फ अनवर पिता मोहम्मद रफीक अब्बासी (28) निवासी रामेश्वर मंदिर के पास जावरा रोड, सुरज उर्फ स्वाधीन पिता स्व.अशोक नांदेचा जाति जैन (27) निवासी घास बाजार, रईस खाँ पिता अब्दुल वहीद जाति मेवाती (49) निवासी जयभारत नगर, व मुजफ्फर पिता मुशर्रफ खाँ जाति मेवाती (40) निवासी काजीपुरा को रंगेहाथ धर दबोचा था। वहीं 2 अन्य आरोपी रवि मीणा निवासी मिडटाउन कॉलोनी व रवि बौरासी निवासी जावरा फाटक फरार हो गए थे। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस ने आरोपियों से 1 मोबाईल एवं 9510/- रुपये नगद जप्त व अंक लिखी पर्चियां जप्त की। पुलिस ने मामले में अप.क्र. 788/2024 धारा 4A व पब्लिक गेम्बलिंग एक्ट 109 भादवि के तहत कार्रवाई की। थाना प्रभारी दिनेश भोजक के नेतृत्व में पुलिस टीम के प्र.आर. मनोज पाण्डे, महेन्द्र फतरोड, आरक्षक नंदकिशोर, राकेश दांगी व अभिषेक पाठक की सराहनीय भूमिका रही।

नहीं चली चोरों की चालाकी : 5 महीनों में 15 से ज्यादा चोरियां करने वाला गिरोह सलाखों के पीछे, पुलिस को चकमा देने की हर कोशिश नाकाम

भेरूगढ़ जेल में दोस्त बने आरोपियों की करतूत, मोबाईल लोकेशन का रखते थे ध्यान! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। चोर चोरी करने के लिए आजकल हाईटेक हथकंडे अपनाने में जुट गए है। एक ऐसा ही मामला रतलाम के जावरा में सामने आया है। जहां पुलिस को चकमा देते हुए पिछले 5 महीनों से एक चोर गिरोह चोरियों को अंजाम दे रहा था। यह चोर मोबाइल ट्रेसिंग और सीसीटीवी से बचने के सारे इन्तेजामों के साथ चोरी को अंजाम देते। जिससे पुलिस को इनके पीछे काफी मेहनत करना पड़ी। रतलाम पुलिस ने इस गिरोह को पकड़ने के लिए 5 स्पेशल टीम गठित की। चोर गिरोह का एक सदस्य जावरा का है, जो उज्जैन के भेरूगढ़ स्थित सेंट्रल जेल में हत्या के केस में बंद था, इसी दौरान उसकी दोस्ती धार जिले के अन्य कैदियों से हुई थी। जिसके बाद गैंग बनाकर चोरी करने का सिलसिला शुरू हुआ। शनिवार को एएसपी राकेश खाखा ने जावरा में हुई एक दर्जन से अधिक चोरियों की वारदात का खुलासा प्रेस कांफ्रेंस में किया। कांफ्रेंस में जावरा सीएसपी दुर्गेश आर्मो, सिटी थाना प्रभारी जितेन्द्रसिंह जादौन भी मौजूद रहे। एएसपी राकेश खाखा ने बताया पिछले 5 माह से लगातार जावरा में चोरों की गैंग चोरी कर रही थी। जिसे पकड़ने के लिए एसपी राहुल लोढा के निर्देशन में पुलिस की 5 टीमों को लगाया गया। सायबर सेल और सीसीटीवी की मदद से आखिरकार पुलिस ने चोरों को पकड़ा और उनके पास से चोरी किए गए 12 लाख 83 हजार 500 के वाहन, आभूषण सहित वारदात में उपयोग किए जाने वाले औजार जब्त किए। चोर गिरोह के तीन आरोपियों ग्राम भिमाखेड़ी जावरा निवासी बबलू उर्फ राहुल माली (29), धार जिले के काकड़वा थाना टांडा निवासी नवल पिता बनसिंह अलावा(37), नाहवेल थाना बाग निवासी सप्पु पिता मोहन मेहड़ा(24) को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दो फरार आरोपियों धार जिले के ग्राम नाहावेल निवासी व8 उर्फ रोहित उर्फ रविंद्र पिता मानसिंह मेहड़ा व ग्राम बड़कच निवासी जोतसिंह पिता कोरसिंह डाबर की तलाश जारी है। फिलहाल पुलिस इनसे और भी जगह की गई चोरियों की जानकारी जुटा रही है। बचने के सारे हथकंडे अपनाए, लेकिन धराएएएसपी राकेश खाखा ने बताया चोर गिरोह के सभी आरोपी शातिर तरीके से चोरी को अंजाम देते। यह पहले रैकी करते और सीसीटीवी की निगरानी रखते। अधिकांश जगह इन्होंने सीसीटीवी से बचकर चोरी की। लेकिन पुलिस ने कड़ी मेहनत लगाकर आखिरकार इनको ट्रेस किया। जब भी चोरी होती इन लोगों की मूवमेंट और कद काठी से इनको सीसीटीवी में कैच किया। जिसके बाद मोबाइल लोकेशन की मदद ली गई। ये सभी इतने शातिर थे की अपना मोबाइल घर छोड़कर आते जिससे इनकी लोकेशन ट्रेस ना हो। बबलू उर्फ राहुल रेकी के बाद गिरफ्तार आरोपी नवल को किसी दूसरे के मोबाइल से सूचना देता था। इसके बाद यह चोरी की गैंग धार जिले के अलग-अलग गांव से एकजुट होकर बस से जावरा पहुंचती थी इसके अलावा यह लोग चोरी करने के दौरान दूसरे मोबाइल का उपयोग करते और उसे कुछ समय में बंद कर लेते जिससे इनको ट्रेस करना मुश्किल हो रहा था। इनको पकड़ने के लिए पुलिस की 5 टीमें लगाई गई। जिसके बाद आरोपी हाथ लगे। जावरा निवासी आरोपी बबलू माली ने सिमकार्ड के दस्तावेजों में पता भेरूगढ़ जेल का दे रखा है। जिससे पुलिस और भी गुमराह हुई। इसने अपना पता भेरूगढ़ सेंट्रल जेल कैसे करवाया और उस पते का सिमकार्ड लिया इसकी भी जांच की जाएगी। भेरूगढ़ में हुई दोस्ती, शुरू कर दी रेकीजावरा क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों को लेकर एसपी राहुल लोढ़ा के निर्देश पर टीम गठित कर गैंग की पड़ताल शुरू की गई। जावरा बस स्टैंड पर सीसीटीवी फूटेज और घटनास्थल पर फूटेज जांचने के बाद कुछ अहम सुराग हाथ लगे थे। इसके आधार पर सबसे पहले जावरा औद्योगिक थाना अंतर्गत ग्राम भीमाखेड़ी निवासी बबलू उर्फ राहुल (29) पिता कन्हैयालाल माली को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसने कबूला कि वह पूर्व में हत्या के मामले में भेरूगढ़ जेल में बंद था। जेल में उसकी मुलाकात नवल (37) पिता बनसिंह अलावा निवासी काकड़वा थाना टांडा (जिला धार) से हुई थी। नवल भी एक अन्य हत्या के केस में भेरूगढ़ जेल में था। जमानत पर छूटने के बाद दोनों ने वापस एक-दूसरे से संपर्क किया। इसके बाद बबलू उर्फ राहुल माली जावरा की कॉलोनियों में दिन में रैकी करता। ताले लगे घरों को चिंहित करने के बाद अन्य आरोपियों के साथ रात में  चोरी की वारदात को अंजाम देकर वापस चले जाते थे। काफी समय से हो रही चोरियों की वारदात पुलिस के लिए चुनौती बन चुकी थी। इसके लिए पुलिस ने जमीनीस्तर पर घटनास्थल पर प्राप्त सीसीटीवी फूटेज और चोरों की गैंग के मूवमेंट को अलग-अलग सार्वजनिक स्थानों पर मूवमेंट को आपस में मिलाया। आरोपियों की कद-काठी और हुलिए के आधार पर पुलिस ने जावरा के ग्राम भीमाखेड़ी निवासी बबलू उर्फ राहुल पिता कन्हैयालाल पर नजर रखना शुरू की। उसकी गतिविधियां संदिग्ध होने पर जब हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अब तक जावरा में 15 चोरी की वारदात धार जिले की चोर गैंग के साथ करना कबूला। इनकी रही सराहनीय भूमिकापुलिस टीम के एसआई रघुवीर जोशी, हेड कांस्टेबल जाकीर खान ,  मृदंग सातपुते, अजय दुबे, आरक्षक नितिन, ललित जगावत, यशवंत जाट, रामप्रसाद मीणा, जीवन, राधेश्याम, राजेश, अभय, अंतिम, सुरेन्द्र, लक्ष्मण, सोनपाल, स्नेहपाल, दिपेन्द्र, देवन्द्र शर्मा, आकाश, अश्विन, मोहित एवं सायबर सेल के विपुल भावसार की सराहनीय भुमिका रही।

अवैध संबंध, हत्या और खुलासा! : विवाहित महिला के दूसरे संबंधो से नाखुश था प्रेमी संतोष, गला घोंटकर लाश फेंकी थी नदी में

लापता महिला रचना उपाध्याय की लाश करवड़ में मिलने का मामला, पुलिस ने किया खुलासा पब्लिक वार्ता -रतलाम,जयदीप गुर्जर। 23 मई को थाना औद्योगिक क्षैत्र रतलाम पर वर्धमान नगर निवासी भगवतीलाल उपाध्याय अपनी पत्नी रचना उपाध्याय उम्र39 वर्ष की गुमशुदगी दर्ज करवाने पहुंचता है। 6 दिन बाद झाबुआ के करवड़ में माही नदी में में एक शव बरामद होता है। जिसकी सूचना रतलाम पुलिस को दी जाती है। जिसके बाद रचना के परिजनों को सूचना देकर बुलाया जाता है और शव की पहचान कराई जाती है। शव पानी में रहने के कारण सड़ गल चुका होता है। शरीर पर बने टेटू और कपड़ों से महिला की शिनाख्ती की जाती है। इसके बाद पुलिस मामले में हत्या का केस दर्ज कर तफ्तीश में जुट जाती है। पुलिस आखिरकार आरोपियों तक पहुंचती है और सोमवार को इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा होता है। मृतिका महिला रचना उपाध्याय की एक 19 वर्षीय बेटी व 13 वर्ष का बालक है। महिला के आरोपी के साथ अवैध संबंध होना सामने आए है। एसपी राहुल कुमार लोढा ने प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी। हत्या के मुख्य आरोपी हाकिमवाड़ा निवासी संतोष पिता श्यामलाल राव उम्र 39 वर्ष व उसका साथ देने वाले दोस्त चिंगीपुरा निवासी सलमान पिता मोहम्मद एहसान उम्र 32 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी संतोष लोडिंग वाहन चलाता है। वहीं उसका दोस्त आरोपी सलमान लोकेंद्र भवन (कान्वेंट तिराहे) स्थित बंगले मुफद्दल विला का चौकीदार है। महिला की हत्या इसी मुफद्दल विला में गला घोंटकर की गई थी। कांफ्रेंस के दौरान एएसपी राकेश खाखा, सीएसपी अभिनव वारंगे, औद्योगिक क्षेत्र टीआई राजेंद्र वर्मा मौजूद रहे। प्रेमी का शक, गुस्सा और हत्या!पुलिस के अनुसार हत्या की वजह महिला के अन्य संबंध का शक बना। आरोपी संतोष के करीब 1 साल से महिला के साथ अवैध संबंध थे। इस दौरान उसे महिला के और भी अन्य लोगों के साथ संबंध होने का शक था। इसी बीच आरोपी संतोष अपनी शादीशुदा प्रेमिका रचना से प्यार करने लगा। 23 मई की शाम जब मृतिका संतोष से मिलने मुफद्दल विला पहुंची तो संतोष और महिला विवाद हुआ। विवाद इस बात को लेकर हुआ था की मृतिका रचना आरोपी संतोष मिलने से पहले किसी और से मिलकर उसके पास आई थी। संतोष ने शक में मृतिका रचना से विवाद किया और गुस्से में आकर गला दबा दिया। जिससे रचना अचेत हो गई। जानकारी के अनुसार 23 मई को दोपहर 4 बजे करीब रचना अपने ससुराल से मायके जाने का कहकर स्कूटी से निकली थी। रचना का मायका रतलाम में ही श्रृंगी नगर में है। रचना के परिवार वाले उस दिन हरिद्वार गए हुए थे। टेप से पैक की लाश, लोडिंग में डालीविवाद के दौरान जब संतोष ने रचना का गला दबाया तो वह अचेत हो गई। जिसके बाद उसने बंगले के चौकीदार अपने दोस्त सलमान को बुलाया और दोनों ने रचना को पानी छिड़क कर होश में लाने की कोशिश की। लेकिन तब तक रचना का शरीर ठंडा पड़ चुका था। दोनों ने मिलकर अब लाश ठिकाने लगाने की कोशिश शुरू कर दी। संतोष लोडिंग वाहन लेकर बंगले के अंदर आया। बंगले में लोडिंग खड़ी की, इसके बाद दोनों आरोपी महिला की स्कूटी से खाचरौद (उज्जैन) पहुंचे। रास्ते में स्कूटी की नंबर प्लेट निकालकर फेंक दी। महिला का मोबाइल भी तोड़कर रास्ते में फेंक दिया। स्कूटी को खाचरौद के उज्जैन गेट पर खड़ी कर वापस रतलाम लौट आए। आरोपियों ने महिला के शव को पुस्टे में टैप लगाकर पैक किया। आरोपियों ने महिला के शव को ठीक उसी तरह पैक किया जैसे कोई डिलवरी का सामान किसी लोडिंग में पैक कर पहुंचाया जाता है। संतोष शाम 7 बजे करीब महिला को लेकर बंगले मुफद्दल विला में घुसा था। जिसकी जानकारी उसके चौकीदार दोस्त सलमान को थी। महिला के शव को पैक कर दोनों ने लोडिंग में डाला और 40 किलोमीटर दूर करवड़ जाकर नदी में फेंक दिया। मशक्कत के बाद पुलिस के हाथ आएमृतिका रचना की गुमशुदगी से लेकर हत्या के दिन तक के करीब 150 से अधिक सीसीटीवी फूटेज को पुलिस ने खंगालना शूर किया। 23 मई की शाम महिला को संदेही संतोष के साथ नगर निगम के यहां देखा गया। जिसके बाद आरोपी संतोष को लगातार ट्रेस किया गया। आरोपी उसे बंगले में ले जाते हुए भी ट्रेस हुआ। पुलिस ने तुरंत संतोष की तलाश शुरू की और उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने महिला के साथ अवैध संबंधो को स्वीकार किया और हत्या करने की वजह बताई। आरोपियों को पकड़ने में पुलिस को पहले खूब दिमागी कसरत करना पड़ी। उसके बाद इनकी गिरफ्तारी को लेकर भी पुलिस को इधर – उधर खूब घूमना पड़ा। पुलिस की टीम जिसकी सराहनीय भूमिकाएसपी ने इस मामले को चिंहित अपराध में दर्ज किया। 10 हजार का इनाम भी पूर्व में घोषित किया। हत्या के इस सनसनीखेज मामले को सुलझाने में थाना औद्योगिक क्षेत्र टीआई राजेन्द्र वर्मा, एसआई सत्येन्द्र रघुवंशी, अमित शर्मा सायबर सेल, एएसआई बबलू डागा, इशाक खान, प्र.आर. नीरज त्यागी, राहुल जाट, तपेश गोसाई, बलराम पाटीदार, मनमोहन शर्मा, हिम्मत सिंह, आरक्षक कपिल, लखन, अर्जुन खींची, मोहन पाटीदार, अभिषेक पाठक, दुर्गालाल गुजराती, कान्हा मेघवाल, राजेश प्रजापति, विपुल भावसार, चालक संजय एवं सीसीटीवी शाखा से एएसआई राजा तिवारी, प्र. आर. शान्तिलाल डिंडोर, आरक्षक पारस चावला, लखन धभाई की सराहनीय भूमिका रही।

मौत का पूल : डॉल्फिन स्विमींग पूल के संचालक विजयशंकर पांडेय सहित 2 पर हुई FIR, मामला 10 दिन पहले युवक के डूबने का

बगैर परमिशन और सुरक्षा संसाधनों के खुलेआम संचालित हो रहे जिले में और भी वाटर पार्क और स्विमिंग पूल पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर के सैलाना रोड स्थित डॉल्फिन स्विमिंग पूल में 10 दिन पहले एक युवक की डूबने से मौत हो गई थी।मामले में पुलिस ने अपनी जांच के बाद स्विमिंग पूल के संचालक, ट्रेनर और मृतक के दोस्त के खिलाफ भी गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। आपको बता दे 19 मई की दोपहर करीब 4 बजे अनिकेत (18) पिता दिनेश तिवारी निवासी पटेड़ा थाना मौरावा (जिला उन्नाव उत्तरप्रदेश) हाल मुकाम ब्राह्मणों वास अपने तीन दोस्तों पीयूष पिता प्रवीण, हर्ष पिता गणेश और तुषार पड़ियार लोहार रोड के साथ डॉल्फिन स्विमिंग पूल गया था। वह पूल से बाहर आकर बैठा ही था कि एक अन्य युवक के छलांग लगाने के दौरान अनिकेत के चेहरे पर पैर टकरा गया। इससे अनिकेत पानी से भरे पूल में गिर गया। पानी में गिरने के बाद डूबने से उसकी मौत हो गई। वहां पर ट्रेनर भी खड़े रहते हैं, लेकिन युवक की तरफ ध्यान नहीं दिया जाता है। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो जाती है। करीब 6 मिनट 20 सेकंड बाद उसे बाहर निकाला जाता है। तब तक उसकी मौत हो जाती है। थाना औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने मामले में जांच के बाद स्विमिंग पुल संचालक विजय शंकर पांडे पिता ओमप्रकाश पांडे, ट्रेनर कमल टाक पिता फूलचन्द्र टाक निवासी कोमलनगर रतलाम एवं दोस्त पीयूष कुमावत पिता प्रवीण कुमावत निवासी ब्राह्मणों का वास के खिलाफ 304 ए, 34 भादवि के तहत एफआईआर दर्ज की। पुलिस के अनुसार इन आरोपियों की लापरवाही से अनिकेत की मौत डूबने से मौत हुई है। बगैर परमिशन और ट्रेनिंग के हो रहा संचालन!घटना के बाद जब पुलिस ने जांच की तो यह तथ्य सामने आए की डॉल्फिन का संचालक विजय शंकर पांडेय बगैर नगर निगम की अनुमति के पूल संचालित कर रहा था। यहां तक की उसके यहां जो ट्रेनर या सेफ्टी गार्ड थे उनके पास भी ट्रेनिंग कोर्स संबंधि कोई सर्टिफिकेट नहीं था। इसके अलावा जिले में संचालित अन्य वाटर पार्क व स्विमिंग पूल भी बगैर अनुमति या सेफ्टी संसाधनों के संचालित हो रहे है। जिनके सुरक्षा मानकों की जांच भी बहुत जरूरी है। युवक की मौत के बाद प्रशासन ने डॉल्फिन के अलावा अन्य संचालित वाटर पार्क या पूल की जांच निर्देश नहीं दिए है। सभी वाटर प्ले जोन मनमर्जी के मुताबिक और बगैर सेफ्टी के संचालित किए जा रहे है।

खूनी खेल : रंजिश के चलते युवक को उतारा मौत के घाट, 300 मीटर दूर लहूलुहान होकर गिरा

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। बुधवार शाम 7 बजे करीब एक युवक को बदमाशों ने चाकू या किसी नुकीले हथियार को घोंपकर मौत के घाट उतार दिया। घटना शहर के बाजना बस स्टैंड क्षेत्र की है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार मामला आपसी रंजिश का बताया जा रहा है। घटना में सिलावटों का वास हरिजन बस्ती निवासी प्रवीण उर्फ पप्पू पिता सुनील रानवे उम्र 23 वर्ष की मृत्यु हुई है। मृतक सफाईकर्मी था। मृतक प्रवीण परिवार में इकलौता था। मिली जानकारी के अनुसार मृतक प्रवीण उर्फ पप्पू को लहूलुहान हालत में रिक्शे में डालकर जिला चिकित्सालय ले जाया गया। परिजनों ने बताया की आरोपियों से सैलाना की एक शादी में विवाद के बाद से पुरानी रंजिश थी। जिसके चलते 15 दिन पहले मोहल्ले में विवाद भी हुआ था। आज प्रवीण को कुछ युवकों ने घेरकर हरिजन मोहल्ले में स्थित एक घर के सामने हमला कर दिया। वो भागकर 300 मीटर दूर वीर सावरकर मार्केट तक गया और गिर गया। जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी के बाद एडीशनल एसपी राकेश खाखा, टीआई माणकचौक रंजीत सिंगार सहित पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और जांच की। खबर लिखे जाने तक मामले में रिपोर्ट दर्ज की जा रही थी। परिजनों ने विकास, रितेश, आशु, आदित्य, अनिकेत सहित अन्य युवकों पर आरोप घटना में शामिल होने के आरोप लगाए है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच व आरोपियों की तलाश में जुटी है।

मानवता हुई शर्मसार : अधेड़ ने गाय व उनके बछड़ों के साथ गुप्तांग निकालकर की अश्लील हरकतें, फूल मंडी के सीसीटीवी कैमरे में हुआ कैद

रात में रास्ते से गुजर रहे युवकों ने पकड़ा रंगे हाथ, किया पुलिस के हवाले पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश के रतलाम में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आयी है। यहां देर रात गाय व उनके बछड़ों के साथ अश्लील हरकत करते एक अधेड़ को गिरफ्तार किया गया। आरोपी खोजेमा पिता नजमुद्दीन बोहरा (समोसेवाला) उम्र 52 वर्ष है। आरोपी खोजेमा बोहरा शहर के चांदनी चौक में किराना की दुकान संचालित करता है। पुलिस ने फरियादी की रिपोर्ट पर आरोपी खोजेमा को गिरफ्तार कर आईपीसी की धारा 377 व 506 में मामला दर्ज किया है। माणकचौक थाना टीआई रंजित सिंगार ने बताया की शनिवार रात करीब 2 बजे हरमाला रोड स्थित फूल मंडी के यहां आरोपी खोजेमा विचरण करने वाली गाय और उनके बछड़ों के साथ अश्लीलता कर रहा था। घटना के सीसीटीवी फुटेज में आरोपी गाय के बछड़े को बिस्किट खिला कर उसके साथ व अन्य गायों के साथ कुकृत्य करते नजर आ रहा है। इसी दौरान वहां से गुजर रहे युवकों की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने इसे रंगेहाथ पकड़ा। मौके पर पुलिस पहुंची और  आरोपी को थाने लाया गया। युवकों की रिपोर्ट पर मामला पंजीबद्ध कर कार्रवाई शूर की है। वैटनरी डॉक्टरों द्वारा गायों का मेडिकल परीक्षण भी किया जा रहा है।

जातिवाद का दंश : पुलिस की मार से प्रताड़ित युवक ने पिया कीटनाशक, ASI प्रदीप शर्मा पर लगाए गंभीर आरोप

ऊंची जाति की लड़की से प्रेम विवाह करने के बाद से था प्रताड़ित, 3 दिन पहले एसपी से लगाई थी मदद की गुहार पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। गुरुवार शाम मांगरोल निवासी एक युवक ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। परिजनों ने थाना स्टेशन रोड की सालाखेड़ी चौकी पर पदस्थ पुलिसकर्मी एएसआई प्रदीप शर्मा व अन्य पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए है। परिजनों ने एएसआई प्रदीप शर्मा का नाम लेते हुए  पीड़ित युवक को रातभर चौकी में पिटने और जातिसूचक शब्द कहने जैसे गंभीर आरोप लगाए है। गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचे युवक का नाम यश पिता मोहनलाल सारवान उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम मांगरोल है। यश साइंस एंड आर्ट्स कॉलेज में बीए सेकंड ईयर का छात्र है। यश ने 21 मई यानी 3 दिन पहले ही एसपी ऑफिस में आवेदन देकर अपनी पत्नी की कस्टडी मांगने के लिए पुलिस से गुहार भी लगाई थी। न्याय नहीं मिलने के बाद आज उसने यह कदम उठाया। कीटनाशक पीने के बाद परिजन युवक को गंभीर हालत में जिला चिकित्सालय लेकर आए। जहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफेर कर दिया गया है। फिलहाल युवक मेडिकल कॉलेज में भर्ती है,जहां उसका इलाज चल रहा है। परिजनों ने जानकारी देते हुए बताया की पीड़ित यश के अलावा उसकी मां नीलम व छोटी बहन दिव्या घर पर थे। गुरुवार शाम करीब 5 बजे यश पीछे वाले कमरे में उल्टियां करने लगा। जिसके बाद पिता मोहनलाल को फोन कर बुलाया और उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती किया। यश के पिता ने बताया की बेटे ने 13 मार्च को गांव की ही लड़की तमन्ना पिता महेशगिरि गोस्वामी से प्रेम विवाह किया था। यह विवाह धार जिले के चिराखान गांव के एक मंदिर में संपन्न हुआ था। जिसके बाद 16 मार्च को लड़की ने अपने माता – पिता से जान का खतरा, ससुराल वालों पर अनावश्यक कार्रवाई आदि विषय को लेकर एक आवेदन डाक पोस्ट के माध्यम से एसपी ऑफिस भेजा। पुलिस की समझाईश के बाद लड़की 31 अप्रैल को बयान के लिए थाना स्टेशन रोड पहुंची। जहां से उसके पिता व अन्य परिजन उसे अपने साथ ले गए। तब से उसकी हमसे या हमारे लड़के यश से कोई मुलाकात या बातचीत नहीं हुई। उसके बाद से यश डिप्रेशन में चला गया था और लड़की को ढूंढने की कोशिश भी कर रहा था। लड़की ऊंची जाति की होने से उसके परिवार वाले इस शादी के खिलाफ थे। जिसके बाद पुलिस में उसकी झूठी शिकायत भी की और पुलिस ने भी उसके साथ दुर्व्यवहार कर जातिसूचक शब्द कहे। इससे वह और डर गया था। फिलहाल पूरे मामले में पुलिसकर्मियों द्वारा चौकी के अंदर जातिवाद का यह मामला बड़ा ही संगीन है। अब यह देखना बाकी है की सूबे की सरकार और महकमे के आला अधिकारी इसमें क्या एक्शन लेते है और क्या जांच करते है? क्या दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच कर उन पर उचित कार्रवाई होगी या उन्हें किसी तरह बचा लिया जाएगा। फिलहाल एक नोजवान युवक पुलिस की बर्बरता और जातिवाद का दंश झेलने के बाद मौत से जीत हार कर रहा है। वहीं दूसरी और परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है, उनके आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होना बहुत जरूरी है। पूरी रात पिटाई की, कहा – तेरी बहन को उठा लेंगे!यश की छोटी बहन दिव्या ने बताया 12 मई को पुलिस उसे सालाखेड़ी चौकी पर ले गई थी। हमें अगले दिन एएसआई प्रदीप शर्मा ने फोन लगाकर सूचना दी की यश को छुड़ाकर ले जाओ। फिर पिताजी थाने गए और एसडीएम कोर्ट से उसे छुड़वाकर लेकर आये। पुलिस ने यश पर धारा 151 के तहत कार्रवाई की थी। पिता ने पुलिस से यश को चौकी लाने और केस बनाने का कारण पूछा तो प्रदीप शर्मा ने कहा की इसे समझाओ अपनी जात की छोरी देखे और उस लड़की को भूल जाए। यश ने घर आकर परिजनों को बताया की एएसआई प्रदीप शर्मा व अन्य पुलिसकर्मियों ने मिलकर पूरी रात उसकी पिटाई की। एएसआई प्रदीप शर्मा ने जातिसूचक शब्द कहे व गंदी-गंदी गालियां दी। उसने यश से कहा की तू नीची जाति का है ऊंची जात की लड़की से दूर रहना। अपनी जात देखकर शादी कर और उस लड़की को छोड़ दे। एएसआई शर्मा ने यह भी कहा की सीधे से मान जा नहीं तो तेरी बहन भी है उसे उठा लेंगे। इस घटना के बाद से परिवार डर और सहम गया था, उन्होंने इसकी शिकायत किसी को नहीं की। इसी बीच लड़की का दूसरे नंबर से यश के पास फोन आया था। जिसमें उसने कहा की मेरे घरवाले जबरदस्ती मेरी दूसरी शादी कर रहे है। मेरी जान खतरे में है मुझे बचा ले। 3 दिन पहले 21 मई को यश द्वारा एसपी ऑफिस में आवेदन देकर लड़की की कस्टडी की गुहार भी लगाई थी। मगर वहां से भी कोई मदद नहीं मिली। जिसके बाद आज अचानक उसने कीटनाशक पिने जैसा कदम उठाया।

सवाल सुरक्षा का : अस्पताल में दो पक्षो ने जमकर मचाया उत्पात, 5 आरोपी गिरफ्तार अन्य फरार

कहां थे सरकारी अस्पताल के सुरक्षा गार्ड?, क्या खत्म हो रही है परफेक्ट पुलिसिंग? पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। रतलाम शासकीय जिला अस्पताल में शनिवार रात करीब 1 बजे दो पक्ष आपस में भिड गए। जिसके हाथ जो लगा, उसे उठाकर एक दूसरे पर हमला किया। अस्पताल के जांच काउंटर का कांच तोड़ डाला। फायर एक्सटेंशन उखाड़कर उसे भी इस्तेमाल किया। करीब 20 मिनट तक जमकर उत्पात मचाया। इस वक्त तक वीडियो जमकर वायरल हो रहे है। इससे भी मारपीट की। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी बेबस होकर केवल वीडियो बनाती रहे। दरअसल शहर के मदीना कॉलोनी में एक परिवार के दो गुटों में प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा है। अस्पताल में झगड़ने से पहले भी मारपीट हुई। एक गुट के कुछ लोग माणक चौक थाने में रिपोर्ट लिखाने पहुंचे। मारपीट में घायल के मेडिकल के लिए पुलिस जवान उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। इतने में दूसरे पक्ष के लोग आ गए। दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और मारपीट शुरू हो गई। अस्पताल में मौजूद मरीज डॉक्टर व स्टाफ घबराकर इधर उधर भागने लगे। पुलिस ने एक पक्ष के शौकत की रिपोर्ट पर शाकिर, नासिर और तीन अन्य के खिलाफ केस किया है। दूसरे पक्ष के समीर की शिकायत पर अबरार, अंसार, रमजानी, आसिफ के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज किया है। अस्पताल में तोड़फोड़ पर सीएमएचओ की शिकायत पर भी केस दर्ज किया गया है। जिसमें कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रविवार 5 लोगों को गिरफ्तार किया व अन्य फरार है। सुरक्षा गार्ड की अनुपस्थिति और पुलिस की देरी?घटनाक्रम के दौरान शासकीय जिला अस्पताल की चौकी में एक ही पुलिस जवान था। दूसरा जवान माणकचौक पुलिस का मेडिकल कराने एक पक्ष के लोगों को लेकर आया था। दोनों ही जवान उत्पात मचाती भीड़ के सामने बेबस थे। दोनों पुलिस जवान केवल सबूत के तौर पर वीडियो बनाने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करीब 25 मिनट तक पुलिस का बेक फोर्स नहीं आया। तब तक अपराधी उत्पात मचाकर रवाना हो चुके थे। ऐसे में पुलिसिंग पर सवालिया निशान खड़े हो रहे है। क्या जिले में पुलिकर्मियों की इस कदर कमी है की घटना के दौरान पहुंचने में देरी लग रही है? क्या शहर या जिले में परफेक्ट पुलिसिंग अब खत्म होती जा रही है?   वहीं अस्पताल में केवल 1 गार्ड मौजूद था। जबकी अस्पताल में अन्य कमरों में रजिस्टर के अंदर करीब 5 से 7 गार्ड ऑन डयूटी रहते है। जिनकी जिम्मेदारी शासकीय अस्पताल की सुरक्षा की है। लेकिन जब मारपीट और तोड़फोड़ हो रही  थी तब कोई नहीं था। ऐसे में सीएमएचओ आनंद चन्देलकर केवल शिकायत कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते। इनको किया गिरफ्तारअस्पताल में उत्पात मचाने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। जिसके बाद रविवार को समीर उर्फ बाबु पिता साबीर हुसैन निवासी 25 हाट रोड़, गोलु उर्फ अफसार पिता शौकतहुसैन निवासी हाट की चौकी वेदव्यास कालोनी, माहिद उर्फ अप्पु पिता नासीर हुसैन निवासी सुभाष नगर, पीर मोहम्मद उर्फ ईम्मु पिता मान खाँ फकीर निवासी सुभाष नगर, रमजानी पिता खेराती निवासी वेदव्यास कालोनी को गिरफ्तार किया है। वहीं अबरार, अंसार, आसीफ हुसैन, आमीन हुसैन, साबिर हुसैन एवं अन्य साथी फरार है जिनकी तलाश की जा रही है।

मामला अवैध माल गौदाम का : लक्ष्मी नगर में ट्रक ने तोड़ी हाइटेंशन लाइन, बाल-बाल बची घर के बाहर बैठी महिलाएं

रहवासियों के विरोध के बीच गोदाम मालिक ने साथियों को बुलाया, पुलिस ने कराया मामला शांत पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर के हरमाला रोड स्थित लक्ष्मी नगर में शनिवार रात करीब 9.30 बजे ट्रक ने शीतलामाता मंदिर के पास हाईटेंशन लाइन तोड़ दी। इससे क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। हाईटेंशन लाइन टूटने के दौरान करीब 3 से 4 महिलाएं अपने घर के बाहर बैठी थी। इसी दौरान फॉल्ट होकर चिंगारी निकलने लगी और केबल महिलाओं के ऊपर गिरती इससे पहले महिलाएं इधर उधर हो गई। जिससे उनकी जान बाल – बाल बची। इसके बाद क्षेत्रवासियों ने ट्रक को घेर लिया। ट्रक कॉलोनी में बने फल गोदाम पर जा रहा था। जिसके बाद ट्रक मालिक ने फोन लगाकर अपने कुछ साथियों को मौके पर बुला लिया। इसी बीच संवेदनशील क्षेत्र में मामला बढ़ता देख पुलिस को सूचना दी गई। जिसके तुरंत बाद स्टेशन रोड थाना टीआई दिनेश भोजक बल के साथ पहुंचे और स्थिति संभाली। मामले में पुलिस ने ट्रक को जप्त कर ट्रक क्रमांक RJ09GC1247 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। गुस्साए क्षेत्रवासियों ने स्टेशन रोड थाने पहुंचकर ने बताया कि क्षेत्र में फल स्टोर करने के 6-7 गोदाम हैं। यह सभी गौदाम रहवासी क्षेत्र में अवैध रूप से बगैर अनुमति के बने हुए है। वहां फल खाली करने के लिए दिनभर ट्रक जैसे भारी वाहन गुजरते हैं। इससे हमेशा हादसा होने का डर बना रहता है। क्षेत्रीय पार्षद प्रतिनिधि जलज सांखला ने बताया की मैं और क्षेत्रवासी चार बार नगर निगम शिकायत कर चुके हैं, जिस पर गोदाम संचालकों को निगम से नोटिस भी मिल चुके हैं। बावजूद रहवासी क्षेत्र से गोदाम नहीं हट रहे हैं और दिनभर भारी वाहन यहां से गुजर रहे हैं। नगर निगम और पुलिस प्रशासन को गोदाम संचालकों पर कार्रवाई करनी चाहिए ताकि यहां किसी प्रकार का बड़ा हादसा नहीं हो। समस्या का निराकरण नहीं होता है तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

अजीब मामला : बाप ने किया अपने ही 4 साल के बेटे का अपहरण, मां ने थाने में करवाई एफआईआर

सीसीटीवी में कैद हुआ घटनाक्रम, देखिए वीडियो… पब्लिक वार्ता – रतलाम, जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश के रतलाम में एक बाप द्वारा अपने ही 4 साल के बेटे का अपहरण करने का मामला सामना आया है। घटना के बाद मां ने औद्योगिक क्षेत्र थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। वहीं बेटे को उठाकर ले जाने का सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को मिला है। घटना 5 दिन पहले यानी 22 अप्रैल की है। रतलाम के ग्राम जुलवानिया निवासी यशोदाबाई (21) पिता जगदीश डाबी ने एफआईआर दर्ज करवाई है। उसने पुलिस को बताया कि कि मेरी शादी 2017 में सरवनी जागीर के सोनू पिता नानूराम गिरवाल से हुई थी। मेरे दो बेटे हैं। 4 साल का नागेश्वर और 2 साल का निहाल। तीन महीने पहले पति सोनू ने किसी दूसरी युवती को लेकर यहां से चला गया। इस कारण मैं अपने बच्चों को लेकर मायके जुलवानिया आ गई। 22 अप्रैल को मेरी छोटी बहन अनिता की शादी का कार्यक्रम चल रहा था, इसलिए मैं व्यस्त थी। मेरा बड़ा बेटा नागेश्वर दोपहर ढाई बजे बजे घर के पास में ही जाट बा की दुकान पर पेप्सी लेने गया था लेकिन वापस नहीं लौटा। दोपहर 4 बजे जब नागेश्वर नहीं दिखा तो हमने उसकी तलाश शुरू की। जाट बा की दुकान के सीसीटीवी कैमरे देखे तो पता चला कि मेरा पति सोनू ही उसका अपहरण कर ले गया है। फुटेज में दिखाई दे रहा है कि मेरा पति सोनू एक साथी के साथ बाइक लेकर जाट बा की दुकान के सामने आया। यहां पति का साथी बाइक से उतरा और नागेश्वर को जबरन उठाकर बाइक पर बैठा लिया। इस तरह मेरा पति और उसका साथी मेरे बेटे नागेश्वर का अपहरण कर ले गए। हमने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज दिए हैं।    बेटा मांगा, नहीं दिया तो उठा लियापेशे से ड्राइवर सोनू गिरवाल का कहना है कि पहली पत्नी यशोदा की रजामंदी से ही मैंने दूसरी शादी की। दो बेटों में से एक को मेरे साथ रखने के लिए यशोदा को कई बार कॉल किया लेकिन उसने देने से मना कर दिया। इसलिए मैं ही उसे उठाकर ले गया। यशोदा के भाई अंबाराम ने बताया कि सोनू मेरी बहन पर झूठा आरोप लगा रहा है। टीआई राजेंद्र वर्मा ने बताया कि बच्चे के पिता और उसके साथी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।