MP News: भारतीय रेलवे में विद्युतीकरण के 100 वर्ष पूरे, रतलाम मंडल में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: भारतीय रेलवे ने अपने विद्युतीकरण के 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल के बिजली विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों और आम जनता को रेलवे विद्युतीकरण के महत्व और लाभों के प्रति जागरूक करना था।   विद्युतीकरण की यात्रा: 100 वर्षों का सफर भारत में पहली ट्रेन 16 अप्रैल 1853 को चली थी, लेकिन देश में पहली बार 3 फरवरी 1925 को बॉम्बे वीटी (अब छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस) से कुर्ला हार्बर तक बिजली के इंजन से ट्रेन का संचालन हुआ। इसके बाद रेलवे विद्युतीकरण की प्रक्रिया निरंतर आगे बढ़ती रही और वर्तमान में भारतीय रेलवे ने 97% ब्रॉडगेज लाइनों का विद्युतीकरण पूरा कर लिया है। जल्द ही भारतीय रेलवे 100% विद्युतीकरण के लक्ष्य को हासिल कर लेगा।   रतलाम मंडल में जागरूकता कार्यक्रम रेलवे विद्युतीकरण के 100वें वर्ष को यादगार बनाने के लिए रतलाम मंडल के बिजली टीआरडी (कर्षण वितरण) विभाग ने मॉर्निंग स्टार स्कूल, रतलाम में एक संगोष्ठी आयोजित की। इस संगोष्ठी में 350 से अधिक छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में रेलवे विद्युतीकरण के विकास, उसकी उपयोगिता और इसके फायदे जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।   प्रतियोगिताओं का आयोजन और विजेताओं का सम्मान बिजली टीआरओ (कर्षण परिचालन) विभाग द्वारा रतलाम मंडल के रतलाम, उज्जैन, इंदौर, डॉ. अंबेडकर नगर और चित्तौड़गढ़ लॉबी में बच्चों के लिए निबंध और ड्राइंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के लिए पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया।   भारतीय रेलवे का यह ऐतिहासिक सफर दर्शाता है कि कैसे तकनीकी विकास के माध्यम से परिवहन व्यवस्था को अधिक उन्नत और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सकता है। रेलवे विद्युतीकरण से न केवल ऊर्जा की बचत होती है बल्कि यह प्रदूषण कम करने और यात्रा को सुगम बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।  

Budget2025: मध्य प्रदेश को मिला 14,745 करोड़ रुपये, सेफ्टी और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खास जोर

जबलपुर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Budget2025: भारतीय रेलवे के लिए वर्ष 2025-26 के रेल बजट में 2.65 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें मध्य प्रदेश के लिए 14,745 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। यह बजट रेल संरक्षा, इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार और यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।   रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बजट प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 10 वर्षों में रेलवे के विकास को प्राथमिकता दी गई है। इस वर्ष भी रेलवे के विस्तार, आधुनिकीकरण और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है।   मध्य प्रदेश में रेलवे परियोजनाओं की बड़ी सौगात   रेल मंत्री के अनुसार, राज्य में 1,08,000 करोड़ रुपये की 31 परियोजनाओं के तहत 5,869 किलोमीटर नए रेल ट्रैक बिछाने का कार्य तेजी से जारी है। इसके अलावा, राज्य में 100 प्रतिशत रेल लाइनों का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है।    स्टेशनों का पुनर्विकास और यात्री सुविधाओं में सुधार   – अमृत स्टेशन योजना के तहत 2,708 करोड़ रुपये की लागत से 80 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है।   – यात्री सुविधाओं के अंतर्गत 69 लिफ्ट, 41 एस्केलेटर और 408 स्टेशनों पर फ्री वाई-फाई सुविधा का विस्तार किया गया है।   – मध्य प्रदेश के 14 जिलों को कवर करने वाली 4 वंदे भारत ट्रेनें पहले से संचालित हैं।   – राज्य में 1,109 फ्लाईओवर और रोड अंडरब्रिज का निर्माण पूरा हो चुका है।    रेलवे संरक्षा को प्राथमिकता   इस बजट में रेलवे की सुरक्षा पर 1.16 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मध्य प्रदेश में 3,572 रूट किलोमीटर पर कवच प्रणाली लगाने की कार्ययोजना तैयार है, जिससे रेल दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।   महाप्रबंधक ने दी जानकारी   पश्चिम मध्य रेल की महाप्रबंधक शोभना बंदोपाध्याय ने कहा कि मध्य प्रदेश में रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर को गति देने के लिए पर्याप्त बजट आवंटित किया गया है और कार्य तीव्र गति से जारी हैं।  

Ratlam News: रतलाम प्रेस क्लब उत्कृष्ट पत्रकारिता पुरस्कार 2024: प्रविष्टि जमा करने के लिए सिर्फ 3 दिन शेष, 7 फरवरी है अंतिम तिथि  

सदस्य पत्रकारों में जबरदस्त उत्साह, इस बार पुरस्कारों की संख्या में हुआ इजाफा   रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम प्रेस क्लब द्वारा उत्कृष्ट पत्रकारिता पुरस्कार 2024 के लिए प्रविष्टियां जमा करने की प्रक्रिया जारी है। पत्रकारों में इसे लेकर जबरदस्त उत्साह है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 7 फरवरी 2025 निर्धारित की गई है, इसके बाद प्रविष्टियां स्वीकार नहीं की जाएंगी। इस वर्ष से पुरस्कारों की संख्या में भी बढ़ोतरी की गई है, जिससे अधिक पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा।   ऑनलाइन प्रविष्टि की अंतिम तिथि 7 फरवरी, दो-दो खबरें कर सकते हैं जमा   रतलाम प्रेस क्लब के कार्यसमिति सदस्य नीरज कुमार शुक्ला ने बताया कि 1 जनवरी 2025 से ऑनलाइन प्रविष्टियां जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 7 फरवरी की रात 12:00 बजे तक आवेदन किए जा सकते हैं। इस बार पत्रकार अपनी श्रेणी से संबंधित पुरस्कार के लिए दो-दो खबरें या फोटोग्राफ ही जमा कर सकेंगे। आवेदन गूगल फॉर्म के माध्यम से किए जा रहे हैं।   खेल और कृषि पत्रकारिता के लिए दो नए पुरस्कार शामिल   इस बार खेल और कृषि पत्रकारिता को भी बढ़ावा देने के लिए दो नए पुरस्कार जोड़े गए हैं। खेल और कृषि से संबंधित खबरों के लिए अलग से प्रविष्टि जमा करनी होगी। इन पुरस्कारों के लिए इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के सभी साथी आवेदन कर सकते हैं। प्रत्येक श्रेणी में दो-दो खबरें भेजी जा सकती हैं।   प्रविष्टियां दर्ज करने के लिए रखें ये सावधानियां   1. प्रिंट मीडिया के साथी खबरों की पीडीएफ या जेपीजी अपलोड करें, लिंक देना अनिवार्य नहीं है।   2. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार वीडियो लिंक शेयर करें, सीधे वीडियो अपलोड न करें।   3. डिजिटल मीडिया के लिए केवल खबरों की लिंक सबमिट करनी होगी।   4. गूगल ड्राइव से फाइल शेयर करने वालों को व्यू एक्सेस ऑन रखना होगा, ताकि जूरी मेंबर्स फाइल देख सकें।   5. पूर्व में स्थापित पुरस्कारों (इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट, डिजिटल मीडिया व फोटोग्राफी) के लिए यहां आवेदन करें – [https://forms.gle/BMShSMVoZV91sy5e7](https://forms.gle/BMShSMVoZV91sy5e7)   6. खेल और कृषि पत्रकारिता पुरस्कारों के लिए यहां आवेदन करें – [https://forms.gle/xHAPnhap8PHjwrc7A](https://forms.gle/xHAPnhap8PHjwrc7A)   अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें   मुकेश पुरी गोस्वामी (अध्यक्ष): 9993444343   नीरज कुमार शुक्ला (कार्यसमिति सदस्य): 9826809338   जल्द करें आवेदन, 7 फरवरी के बाद प्रविष्टियां स्वीकार नहीं होंगी

Ratlam News: परशुराम कल्याण बोर्ड ब्राह्मणों के माध्यम से सनातन की परंपरा को समाज में व्याप्त करेगा – पं. विष्णु राजोरिया  

रतलाम में परशुराम कल्याण बोर्ड का वसंतोत्सव संपन्न, सनातन संस्कृति, वसंत महोत्सव और रतलाम राज्य के इतिहास पर डाला प्रकाश   रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: मध्यप्रदेश परशुराम कल्याण बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष पं. विष्णु राजोरिया ने कहा कि सनातन धर्म की परंपराओं को समाज में पुनः स्थापित करने का दायित्व सबसे पहले ब्राह्मणों का है। परशुराम कल्याण बोर्ड ब्राह्मणों के माध्यम से समाज में सनातन संस्कृति को विस्तारित करने का कार्य करेगा। जातियां कालांतर में अस्तित्व में आईं, लेकिन मूल रूप से समाज कर्म आधारित व्यवस्था थी। यह बात उन्होंने परशुराम कल्याण बोर्ड रतलाम इकाई द्वारा डॉ. कैलासनाथ काटजू विधि महाविद्यालय में आयोजित वसंतोत्सव 2025 में मुख्य अतिथि के रूप में कही।   ब्राह्मणों को वेदपाठी संतानों को बढ़ावा देना होगा   प्रदेश अध्यक्ष पं. विष्णु राजोरिया ने कहा कि प्रत्येक पर्व को केवल घर में नहीं बल्कि सामूहिक रूप से भी मनाया जाना चाहिए। उन्होंने ब्राह्मण परिवारों से अपील की कि वे कम से कम एक संतान को वेदपाठी अवश्य बनाएं, भले ही वह कर्मकांड न करे। उन्होंने जोर देकर कहा कि सनातन के बिना भारत की कल्पना संभव नहीं।   अक्षय तृतीया पर होगा सामूहिक विवाह आयोजन   उन्होंने बताया कि परशुराम कल्याण बोर्ड के कार्यकर्ता पूरे प्रदेश में जनजागरण कर अक्षय तृतीया पर सनातन समाज की कन्याओं का सामूहिक विवाह कराएंगे। साथ ही, रतलाम जिले के प्रत्येक ब्राह्मण परिवार की डायरेक्ट्री तैयार करने का सुझाव दिया, जिसमें उनकी पारिवारिक स्थिति का भी उल्लेख होगा।   सनातन को समझना है तो वेदों की ओर लौटें – डॉ. मुरलीधर चांदनीवाल   कार्यक्रम में मुख्य वक्ता शिक्षाविद् एवं वेदों के अनुवादक डॉ. मुरलीधर चांदनीवाल ने कहा कि सनातन धर्म को समझने के लिए वेदों का अध्ययन आवश्यक है। उन्होंने बताया कि वसंत का महत्व यज्ञों में विशेष रूप से वर्णित है। परशुराम को अग्नि की लपटों और समुद्र की तरंगों में देखें, वे ही पहले राम हैं।   रतलाम राज्य का गौरवशाली इतिहास – कैलाश व्यास   रंगकर्मी एवं पूर्व उप संचालक अभियोजन कैलाश व्यास (एडवोकेट) ने रतलाम राज्य के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि रतलाम राज्य की स्थापना प्रयाग से जुड़ी हुई है। उन्होंने 22 जनवरी 1641 को लाहौर में शाहजहां द्वारा आयोजित एक समारोह का जिक्र किया, जिसमें जालोर के राजा महेशदास के पुत्र रतनसिंह ने एक उग्र हाथी को काबू में कर लोगों की जान बचाई थी, जिसके उपहार स्वरूप उन्हें रतलाम परगना प्रदान किया गया था।   उन्होंने यह भी बताया कि रतलाम में सती प्रथा 1743 में ही समाप्त हो गई थी, जबकि देश में सती प्रथा को कानूनी रूप से 1829 में प्रतिबंधित किया गया था।   तीन शख्सियतों का सम्मान   समारोह में चिकित्सा, शिक्षा और संगीत शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाली तीन विभूतियों को सम्मानित किया गया   डॉ. अनुराधा गोखले – चिकित्सा क्षेत्र में योगदान   डॉ. सुलोचना शर्मा – शिक्षा क्षेत्र में योगदान   डॉ. स्नेहा पंडित – संगीत शिक्षा में योगदान   कार्यक्रम का हुआ भव्य आयोजन   कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्मश्री डॉ. लीला जोशी ने की। इस अवसर पर सनाढ्य ब्राह्मण समाज के श्याम उपाध्याय, परशुराम कल्याण बोर्ड के जिला अध्यक्ष अनुराग लोखंडे, डॉ. अनुराधा गोखले, डॉ. सुलोचना शर्मा, डॉ. स्नेहा पंडित सहित कई गणमान्य व्यक्ति मंचासीन रहे।   शुभारंभ वेदपाठ से हुआ, जिसे महर्षि पं. संजय दवे और वेदपाठी बटुकों ने प्रस्तुत किया। सरस्वती वंदना सुहाष चितलने ने प्रस्तुत की। समारोह का संचालन लगन शर्मा ने किया और आभार प्रदर्शन नीरज कुमार शुक्ला ने व्यक्त किया।   उपस्थित गणमान्य अतिथि   इस अवसर पर जिला पंचायत के एसीईओ निर्देशक शर्मा, त्रिवेदी आर्ट के ओमप्रकाश त्रिवेदी, सत्येंद्र जोशी, अशोक पांडेय, सुनील दुबे, शरद चतुर्वेदी, राकेश आचार्य, श्याम लालवानी, मनमीत कटारिया, महेंद्र भंडारी, नितेश कटारिया, राजेंद्र चतुर्वेदी, अजय तिवारी, पत्रकार शरद जोशी, डॉ. खुशालसिंह पुरोहित, गोपाल शर्मा टंच, गोपाल जोशी, गीता दुबे, विनीता ओझा, नीलू चंडालिया, देवशंकर पांडेय, लक्ष्मण पाठक, पं. मुस्तफा आरिफ, प्रकाश शुक्ला, प्रशांत शौचे, राजेंद्र गोयल, जलज शर्मा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।   – विशेष संवाददाता

Ratlam News: श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति के त्रैवार्षिक चुनाव संपन्न, सर्वसम्मति से सरदार गुरनाम सिंह बने अध्यक्ष  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शास्त्री नगर स्थित श्री गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल भवन में रविवार को श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति के त्रैवार्षिक चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न हुए। इस चुनाव में सर्वसम्मति से सरदार गुरनाम सिंह को समिति का अध्यक्ष चुना गया।     नवगठित समिति के पदाधिकारी   – अध्यक्ष – सरदार गुरनाम सिंह   – उपाध्यक्ष – सरदार हरजीत सिंह चावला   – सचिव – अजीत सिंह छाबड़ा   – सह सचिव – हरजीत सिंह सलूजा   – कोषाध्यक्ष – सरदार देवेंद्र सिंह वाधवा   संचालन समिति के सदस्य   सतपाल सिंह डंग, सुरेंद्र सिंह भामरा, धर्मेंद्र सिंह गुरुदत्ता, गगनदीप सिंह डंग, गुरविंदर सिंह को समिति में स्थान मिला।   इस अवसर पर सुरेंद्र सिंह धीमान, गुरवेश सिंह बग्गा, जीएस भाटिया, चरणजीत सिंह सलूजा, कुलवंत सिंह सग्गू, बलजीत सिंह खनूजा, जसपाल सिंह सलूजा, अमरपाल वाधवा, गुरमीत सिंह गुरुदत्ता और गुरमीत सिंह गांधी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।   संस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प   नवनिर्वाचित अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह ने कहा कि संस्था की नींव हमारे बुजुर्गों ने रखी थी और आज उनकी तीसरी पीढ़ी स्कूल के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन कर रही है। उन्होंने कहा, हमारे वरिष्ठों ने शिक्षा और समाज सेवा के प्रसार के लिए इस संस्था की स्थापना की थी और यह इस कार्य में अत्यधिक सफल रही है। अब हमारा लक्ष्य इसे और ऊंचाइयों तक ले जाना और सेवा कार्यों के नए कीर्तिमान स्थापित करना है।   समिति के प्रवक्ता सुरेंद्र सिंह भामरा ने बताया कि नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को समाज के गणमान्य लोगों ने शुभकामनाएं और बधाई दी।  

Ratlam News: आज 2100 वीरांगनाएं करेगी प्रदर्शन; रत्नेश्वर महादेव की आरती के साथ शुरू हुआ रतलाम स्थापना गौरव दिवस के तीन दिवसीय समारोह का भव्य शुभारंभ

रतलाम – पब्लिक वार्ता, न्यूज डेस्क।  Ratlam News: रतलाम स्थापना महोत्सव समिति के संयुक्त तत्वावधान में बसंत पंचमी के अवसर पर रतलाम स्थापना गौरव दिवस के तीन दिवसीय समारोह का शुभारंभ हुआ। महापौर प्रहलाद पटेल ने सपत्निक रत्नेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना और आरती कर कार्यक्रम की शुरुआत की। रतलाम स्थापना महोत्सव समिति के संयोजक मुन्नालाल शर्मा और सचिव मंगल लोढ़ा ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रमों का उद्देश्य शहर के गौरवशाली इतिहास को संजोना और नागरिकों को अपनी विरासत से जोड़ना है। इस अवसर पर निगम अध्यक्ष मनीषा शर्मा, भाजपा जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष विप्लव जैन, मंडल अध्यक्ष आदित्य डागा, क्षेत्रिय पार्षद श्रीमती उमा रामचन्द्र डोई, श्रीमती आयुषी सांकला, पार्षद हितेश कामरेड, श्रीमती हीना मेहता, कमल चौहान, विक्रम गुर्जर, ललीत दख, राजेन्द्र अग्रवाल, गौरव मूणत, रविन्द्र पाटीदार, अनिल कटारिया, राकेश नाहर, राजेन्द्र पाटीदार (आयुष्मान), राकेश पीपाड़ा, सौरभ श्रीमाल, मनीश सुरेका, नरेन्द्र श्रेष्ठ, सत्यजीत राजावत, महेन्द्र मूणत, गट्टू गुर्जर, लोकेश, लालूजी, अभय काबरा व नागरिकों ने भी रत्नेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना की। सहित शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। मंदिर परिसर में भव्य आतिशबाजी के साथ प्रसादी का वितरण किया गया। पूजा अर्चना पश्चात मंदिर परिसर में आतिशबाजी की गई व प्रसादी का वितरण किया गया।  2100 नारी शक्ति दिखाएंगी शस्त्र कौशल रतलाम की धरती पर पहली बार महिला सशक्तिकरण और नारी सुरक्षा के संदेश के साथ 2,100 वीरांगनाएं 2 फरवरी को नेहरू स्टेडियम में शस्त्र कला कौशल का प्रदर्शन करेंगी। यह ऐतिहासिक आयोजन दोपहर 3:30 बजे होगा। महाराजा रतनसिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण 3 फरवरी को सुबह 11 बजे रतलाम राज्य के जनक महाराजा रतनसिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी। कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप होंगे मुख्य अतिथि समारोह में मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। सांसद अनिता नागरसिंह चौहान कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में धार से राष्ट्र सेविका समिति की बौद्धिक प्रमुख अमृता भावसार मौजूद रहेंगी। विशेष अतिथि के रूप में महापौर प्रहलाद पटेल, नगर निगम अध्यक्ष मनीषा शर्मा और भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।

पब्लिक गपशप : एक आयोजन के दो सूत्रधार!; एक निकालेंगे रैली तो दूसरे दिखाएंगे कलाबाजी, नहीं लौटा पाए गौरव तो, नाम से चला रहे काम!

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। बसंत पंचमी आते ही रतलाम के जनम की गाथा का गान शुरू हो जाता है। इसी गाथा को राजनीति के आटे में गूंथने का काम भी जबरदस्त फल – फूल चुका है। यहां रतलाम यानी रतनपुरी का जन्मदिन दो – दो तरीको से अलग – अलग गुट मना रहा है। और दोनों में यह कांमीपीटीशन पिछले कुछ सालों से बढ़ता जा रहा है। मगर इन दोनों गुटों के आंख के अंधे लोगो को “रतलाम का बेरंग बसंत” नहीं दिखाई पड़ता है। 4 दिन का इनका नगर प्रेम बसंत पंचमी के बाद गोदड़े की घड़ी हो जाता है, ठीक वैसे ही जैसे ठंड जाते ही घर में रजाई गोदड़ी घड़ी हो जाती है और फिर ठंड में ही बाहर आती है। इस बार इन्होंने रतलाम स्थापना “गौरव दिवस” नाम दिया है। जबकी अब तक रतलाम का गौरव नहीं लौटा है। यहां “गौरव” नाम से ही काम चलाया जा रहा है। महिलाओं को मुफ्त की तलवार देकर इन्हें रतलाम के गौरव का अनुभव होगा ये अपने आप में अनोखी और विचारणीय बात है। एक तरफ अपनी राजनीति नैय्या डूबने के बाद बुलबुले छोड़ रही जगत “सेठ” की सवारी है तो वहीं दूसरी तरफ एक ऐसी टीम है जो जग जाहिर “भैय्याजी” के हिंडोलों की मजबूत नैय्या पर सवार है। यह अच्छी बात है की आमजनता को लगता है दोनों में देशप्रेम के साथ नगर प्रेम की भावनाएं निहित है। लेकिन इसके उलट इनकी अंदरूनी मंशा तो कुछ और ही सुनाई व दिखाइ देती है। उद्धार करोगे या उधार ही रखोगे?इनसे इतने सालों में वाहनों के पेट्रोल फूंकने, पटाखे छोड़ने जैसे फिजूलखर्ची के काम ही हुए है। रही कहि कसर ये भगवान के आगे सिर फोड़ के पूरी कर लेते है। इनका राजनीतिक मजमा ऊपरी मन से रतनपुरी के रत्नेश्वर महादेव पर जाकर अगरबत्तियां लगाकर अपने आपको नगर प्रेमी साबित कर देता है। बरहाल ये अलग बात है की उन महादेव को उसके अलावा ये लोग पूछने परखने तक नहीं आते। वहां के दिल फरियाद भक्त और सेवादार ही वहां का जीर्णोद्धार से लेकर हर कार्यक्रम तक करते है। वे भी यही कहते है – कब तक ये महादेव की नगरी का उधार ही रखेंगे, क्या कभी उद्धार भी करेंगे? इनसे मंदिर छोड़ो राजा महाराजाओं की चिताए (छतरियां व स्मारक) तक नहीं सवारी जा रही है। इसके अलावा ये उस प्राचीन धरोहर के लिए इतने सालों में कुछ नहीं कर पाए जहां आज हर दूसरा व्यक्ति कौना ढूंढ कर मूत रहा है। महलवाड़ा या रणजीत विलास पैलेस आज भी अपनी वैभवता का यश गाता है और अपनी दुरदशा पर रोता – बिलखता है। इन राजनीति के अंधे बहरों से उसकी सुध नही ली जाएगी। केवल पेपरबाजी कर इन्हें रतलाम स्थापना दिवस मनाना है। और उसे गौरवशाली क्षण बताना है। आज और कल हम सब जानते है की सत्ता क्या कुछ नहीं कर सकती। मगर मजाल है राजमहल का उद्धार हो जाए। कैसे होगा? आत्मविश्वास और मनोबल भी तो यहां के जनप्रतिनिधियों का होना चाहिए। खेर इन सब में ये रतलाम मेरे बाप दादा की जागिरी नहीं है, यह कह कर में अपनी बात को विराम देता हूं। क्योंकि यहां की जनता को भगतसिंह तो चाहिए लेकिन बशर्ते वो पड़ोसी के घर पैदा हो!!! जय रतलाम, जय हिंद, जय भारत!

Budget 2025: विकसित भारत की नींव, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बड़ा बढ़ावा

बजट 2025 में इंफ्रा डेवलपमेंट को मिलेगा बूस्ट, राज्यों को 1.5 लाख करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त लोन   नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 पेश करते हुए विकसित भारत के विजन को मजबूती देने के लिए कई बड़े ऐलान किए। इस बार का बजट खासतौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और अर्बन डेवलपमेंट को गति देने वाला है। वित्त मंत्री ने राज्यों को 1.5 लाख करोड़ रुपये तक का ब्याज मुक्त लोन देने की घोषणा की, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को तेजी मिलेगी।   इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए राज्यों को ब्याज मुक्त लोन   वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि राज्यों को 50 साल के लिए बिना ब्याज का 1.5 लाख करोड़ रुपये तक का लोन मिलेगा। यह लोन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए दिया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया कि देश के विकास के लिए निजी क्षेत्र के साथ मिलकर आगे बढ़ना होगा, जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।   मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा, मेक इन इंडिया पर जोर   सरकार ने मेक इन इंडिया को और मजबूत करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को कई प्रोत्साहन देने का ऐलान किया। खासतौर पर टॉय इंडस्ट्री को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना लाई जाएगी। इसके अलावा एमएसएमई और माइक्रो बिजनेस सेक्टर को आगे बढ़ाने के लिए भी नई योजनाओं की घोषणा की गई है।   अर्बन डेवलपमेंट के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का अर्बन चैलेंज फंड   शहरी विकास को नई रफ्तार देने के लिए मोदी सरकार ने स्वामिह फंड-2 के तहत 15,000 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की, जिससे 1 लाख नए घर बनाए जाएंगे। 2025 के अंत तक इनमें से 40,000 यूनिट्स तैयार हो जाएंगी। इसके अलावा अर्बन चैलेंज फंड 1 लाख करोड़ रुपये का होगा, जिसका इस्तेमाल ग्रोथ हब, जल आपूर्ति और स्वच्छता पर किया जाएगा।    मैरीटाइम डेवलपमेंट और उड़ान योजना का विस्तार   – मैरीटाइम डेवलपमेंट फंड के तहत 25,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे बंदरगाहों और समुद्री व्यापार को मजबूती मिलेगी।   – उड़ान योजना का भी विस्तार किया गया है, जिसमें 120 नए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी डेस्टिनेशन जोड़े जाएंगे। इससे छोटे शहरों और गांवों में भी हवाई यात्रा का विस्तार होगा।    एमएसएमई सेक्टर को बड़ा समर्थन, स्टार्टअप्स के लिए भी राहत   – एमएसएमई के लिए कवर 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया गया है।   – स्टार्टअप्स को मिलने वाले कवर को 20 करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया है।   – फुटवियर और लेदर इंडस्ट्री के लिए सरकार ने 4 लाख करोड़ रुपये के कारोबार और 22 लाख नई नौकरियां देने का लक्ष्य रखा है।   बजट 2025: विकसित भारत के लक्ष्य की ओर एक और कदम   वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 पेश करते हुए कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, स्टार्टअप्स और एमएसएमई सेक्टर को बूस्ट देने के लिए बड़े ऐलान किए गए हैं।  

MP News: सीएम राइज विनोबा स्कूल को विश्व की सर्वोच्च मान्यता, मंत्री चेतन्य काश्यप ने किया सम्मानित  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: नवाचार की श्रेणी में विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले सीएम राइज विनोबा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि के लिए स्कूल को आईएसओ 9001-2015 प्रमाण पत्र भी मिला। शनिवार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप ने विद्यालय के प्राचार्य संध्या वोहरा, उप प्राचार्य गजेंद्र सिंह राठौर सहित पूरे स्टाफ को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।   मंत्री चेतन्य काश्यप ने सराहा समर्पण और नेतृत्व   इस अवसर पर मंत्री चेतन्य काश्यप ने कहा कि उपलब्धि मिले या न मिले, लेकिन समर्पण, लक्ष्य पर विश्वास और नेतृत्व पर भरोसा होना चाहिए। सीएम राइज विनोबा स्कूल ने इन मूल्यों को अपनाकर यह सम्मान प्राप्त किया है।   उन्होंने कहा कि इस स्कूल की सफलता से प्रदेश और देश के अन्य शासकीय व निजी विद्यालयों को भी प्रेरणा मिलेगी।   अभिभावकों से बच्चों के प्रति सतर्क रहने की अपील   मंत्री काश्यप ने अभिभावकों से अपील की कि रोजाना कम से कम एक मिनट आंखें बंद करके चिंतन करें कि आपका बच्चा क्या खाता है, क्या करता है और कैसे बोलता है। इस पर नजर रखेंगे तो उसके व्यक्तित्व विकास में सकारात्मक बदलाव आएगा।   विद्यालय को विशेष सम्मान   कार्यक्रम में अभिभावकों ने भी शिक्षकों को प्रतीक चिह्न भेंट किए। शुरुआत में प्राचार्य संध्या वोहरा और उप प्राचार्य गजेंद्र सिंह राठौर ने मंत्री चेतन्य काश्यप का स्वागत किया।   इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ सीएम राइज विनोबा स्कूल ने प्रदेश के शिक्षा स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य किया है।  

Ratlam News: डॉ आनंद चंदेलकर सेवानिवृत्त, डॉ एम एस सागर बने नए CMHO रतलाम

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) एवं पूर्व सिविल सर्जन आनंद चंदेलकर आज अपनी शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हो गए। उनकी सेवानिवृत्ति पर जिला चिकित्सालय, जिला मलेरिया कार्यालय एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में सम्मान समारोह आयोजित किया गया।   इस अवसर पर विभागीय कर्मचारी महेंद्र सिंह राठौर भी अर्धवार्षिकी आयु पूर्ण होने के बाद सेवानिवृत्त हुए। कार्यक्रम में नवागत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एम एस सागर ने आनंद चंदेलकर को शाल, श्रीफल और पुष्पहार पहनाकर सम्मानित किया।   सेवानिवृत्ति समारोह में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कृपाल सिंह राठौर, बी एल तापड़िया, अभिषेक अरोरा, ममता शर्मा, अंकित जैन, कैलाश चारेल, प्रणब मोदी, रजत दुबे सहित कई अन्य चिकित्सकों और विभागीय कर्मचारियों ने आनंद चंदेलकर को सम्मानित किया और उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।   सभी विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आनंद चंदेलकर को अभिनंदन पत्र भेंट कर भावभीनी विदाई दी। इस मौके पर उपस्थित सभी अतिथियों ने उनके योगदान की सराहना की और उनके स्वस्थ एवं सुखमय भविष्य की कामना की।

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