ABVP का घेराव : टाइम किड्स स्कूल संचालक के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई, मामला स्वतंत्रता दिवस पर पाकिस्तानी झंडा फहरवाने का

स्कूल संचालक ने बताया था सामाजिक सदभाव! , कल विद्यार्थी परिषद का कलेक्ट्रेट घेराव पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को शहर के रामबाग कॉलोनी स्थित टाइम किड्स प्री स्कूल में भारत माता बनी नन्हीं बच्ची के हाथों पाकिस्तानी झंडा फहरवाने का मामला सामने आया था। इसका वीडियो स्कूल ने अपने सोशल मीडिया के एकाउंट पर डाला था। पब्लिक वार्ता ने मुखरता से इस मामले को जनता के सामने रखा। बकौल स्कूल संचालक दीपक पंत ने इसे सामाजिक सदभाव का प्रतीक बताया। लेकिन तीन दिन बाद तक जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने इतने गंभीर मामले में प्रशासन के रवैय्ये को लेकर तीखी आपत्ति ली है। वहीं बुधवार सुबह 11 बजे परिषद के सैंकड़ों कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे। वहीं स्कूल प्रशासन ने इस पूरे मामले में सफाई देते हुए वीडियो को हटा लिया गया और खेद जताकर मामले में इतिश्री कर ली। विद्यार्थी परिषद जिला संयोजक सत्यम दवे ने बताया की मामला घोर निंदनीय है। खबर प्रसारित होने और वीडियो सामने आने के बाद भी जिला प्रशासन और पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया। यह प्रशासन की कार्य प्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। विद्यार्थी परिषद इसका कड़ा विरोध करती है। कलेक्ट्रेट का घेराव करने के अलावा अगर प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर स्कूल संचालक दीपक पंत पर एफआईआर और कड़ी कार्रवाई स्कूल के खिलाफ नहीं की तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा। जिसकी सारी जवाबदारी प्रशासन की रहेगी। एडवोकेट मंथन मुसले के अनुसार इस पूरे कृत्य में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 152 और 196 (अ और ब) के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए। वीडियो देखने के बाद माना जा सकता है की यह जानबूझकर किया गया कृत्य है। स्कूल व संचालक के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच भी की जानी चाहिए। बाल आयोग को भी इसमें संज्ञान लेकर स्कूल पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

ये कैसा कानून! : वक्फ एक्ट 1995 को खत्म करने की मांग, मुजावर समाज को परेशानी से मुक्ति दिलाने की अपील

देश में तीसरा सबसे बड़ा भूमि मालिक है वक्फ, जानिए क्या है वक्फ बोर्ड और उसका कानून! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। वक्फ एक्ट 1995 को समाप्त करने के लिए एक बड़ा आंदोलन छिड़ चुका है। रतलाम में इसके लिए प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय मुजावर सेना के संस्थापक अध्यक्ष शेर मोहम्मद शाह ने प्रेस वार्ता में वक्फ एक्ट 1995 को पूरी तरह से खत्म करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह एक्ट मुजावर समाज के लोगों को प्रताड़ित और परेशान कर रहा है, जो दरगाह, खानखाहा, कब्रस्तान और पीर स्थानों पर सेवाएं देते हैं। शाह ने कहा कि मुल्क की आजादी के पहले संघर्ष में प्रमुख भूमिका निभाने वाले शहीद मजनू शाह मलंग के नेतृत्व में सन्यासी आन्दोलन चला था, और अब वक्फ बोर्ड द्वारा मुजावर समाज को गुलाम समझा जा रहा है। तीन मुख्य मांगें रखीं1. राजा-महाराजा और नवाबों द्वारा दरगाहों के लिए दी गई जमीनों को वक्फ बोर्ड के अधीन नहीं किया जाना चाहिए।2. वक्फ बोर्ड के जुल्मो सितम से आज़ादी दिलाने के लिये वक्फ एक्ट खत्म होना चाहिए।3. मुस्लिम कानून 1913 को ध्यान में रखते हुए वक्फ अधिनियम 1954 की जांच होनी चाहिए और वक्फ संपत्ति के स्वत्व के दस्तावेजों की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वक्फ एक्ट को खत्म करने से मुजावर समाज को परेशानी से मुक्ति मिलेगी और संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लंघन भी नहीं होगा। गौरतलब है की वक्फ बोर्ड और इसकी संपत्ति लगातार विवादों में घिरी हुई है। भाजपा विधायक हरनाथ सिंह यादव ने पिछले साल एक निजी विधेयक पेश करके वक्फ एक्ट 1995 को समाप्त करने की मांग की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह एक्ट लोकतंत्र के विरुद्ध है और देश हित में इसे समाप्त किया जाना चाहिए। हालांकि इस बिल पर फैसला नहीं हो सका, लेकिन वक्फ बोर्ड विवादों में आ गया है। वक्फ बोर्ड के पास कानूनी तौर पर असीमित शक्तियां हैं, जिनका कथित तौर पर वह मनमाना उपयोग करता आ रहा है। आइए जानते हैं कि वक्फ बोर्ड क्या है और यह कैसे काम करता है। क्या है वक्फ का मतलब?वक्फ अरबी भाषा के वकुफा शब्द से बना है, जिसका अर्थ होता है ठहरना. वक्फ का मतलब है ट्रस्ट-जायदाद को जन-कल्याण के लिए समर्पित करना. इस्लाम में ये एक तरह का धर्मार्थ बंदोबस्त है. वक्फ उस जायदाद को कहते हैं, जो इस्लाम को मानने वाले दान करते हैं. ये चल-अचल दोनों तरह की हो सकती है. ये दौलत वक्फ बोर्ड के तहत आती है. कौन कर सकता है डोनेशन?कोई भी वयस्क मुस्लिम व्यक्ति अपने नाम की प्रॉपर्टी वक्फ के नाम कर सकता है. वैसे वक्फ एक स्वैच्छिक कार्रवाई है, जिसके लिए कोई जबर्दस्ती नहीं. इस्लाम में दान-धर्म के लिए एक और टर्म प्रचलित है, जकात। ये हैसियतमंद मुसलमानों के लिए अनिवार्य है। आमदनी से पूरे साल में जो बचत होती है, उसका 2.5 फीसदी हिस्सा किसी  जरूरतमंद को दिया जाता है, जिसे जकात कहते हैं। वक्फ बोर्ड कैसे बनता और काम करता है?वक्फ के पास काफी संपत्ति है, जिसका रखरखाव ठीक से हो सके और धर्मार्थ ही काम आए, इसके लिए स्थानीय से लेकर बड़े स्तर पर कई बॉडीज हैं, जिन्हें वक्फ बोर्ड कहते हैं. तकरीबन हर स्टेट में सुन्नी और शिया वक्फ हैं. इनका काम उस संपत्ति की देखभाल, और उसकी आय का सही इस्तेमाल है. इस संपत्ति से गरीब और जरूरतमंदों की मदद करना, मस्जिद या अन्य धार्मिक संस्थान को बनाए रखना, शिक्षा की व्यवस्था करना और अन्य धर्म के कार्यों के लिए पैसे देने संबंधी चीजें शामिल हैं. सेंटर ने वक्फ बोर्डों के साथ तालमेल के लिए सेंटर वक्फ काउंसिल बनाया हुआ है. वक्फ एसेट्स मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ इंडिया के मुताबिक देश में कुल 30 वक्फ बोर्ड्स हैं. इनके हेडक्वार्टर ज्यादातर राजधानियों में हैं, क्या है वक्फ कानून?साल 1954 में नेहरू सरकार के समय वक्फ अधिनियम पारित किया गया, जिसके बाद इसका सेंट्रलाइजेशन हुआ. वक्फ एक्ट 1954 इस संपत्ति के रखरखाव का काम करता. इसके बाद से कई बार इसमें संशोधन होता गया. कौन-कौन शामिल बोर्ड में?बोर्ड में सर्वे कमिश्नर होता है, जो संपत्तियों का लेखा-जोखा रखता है. इसके अलावा इसमें मुस्लिम विधायक, मुस्लिम सांसद, मुस्लिम आइएएस अधिकारी, मुस्लिम टाउन प्लानर, मुस्लिम अधिवक्ता और मुस्लिम बुद्धिजीवी जैसे लोग शामिल होते हैं. वक्फ ट्रिब्यूनल में प्रशासनिक अधिकारी होते हैं. ट्रिब्यूनल में कौन शामिल होंगे, इसका फैसला राज्य सरकार करती है. अक्सर राज्य सरकारों की कोशिश यही होती है कि वक्त बोर्ड का गठन ज्यादा से ज्यादा मुस्लिमों से हो. विवाद क्यों होता रहा?आरोप है कि सरकार ने बोर्ड को असीमित ताकत दे दी। वक्फ संपत्तियों को विशेष दर्जा दिया गया है, जो किसी ट्रस्ट आदि से ऊपर है। वक्फ बोर्ड को अधिकार दिया गया है कि वह किसी भी संपत्ति के बारे में यह जांच कर सकता है कि वह वक्फ की संपत्ति है या नहीं। अगर बोर्ड किसी संपत्ति को अपना कहते हुए दावा कर दे तो इसके उलट साबित करना काफी मुश्किल हो सकता है। वक्फ एक्ट का सेक्शन 85 कहता है कि इसके फैसले को हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती नहीं दी जा सकती। भाजपा के नेता हरनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु में वहां के स्टेट वक्फ बोर्ड ने तिरुचिरापल्ल जिले के एक पूरे गांव पर ही मालिकाना हक जता दिया था। महाराष्ट्र के सोलापुर में भी कुछ ऐसा केस आ चुका। उत्तर प्रदेश में भी वक्फ बोर्ड ने बड़े पैमाने पर संपत्तियों पर दावा जताया था, जिसके बाद योगी सरकार ने आदेश जारी कि वक्फ की सारी संपत्ति की जांच होगी।ये बात साल 2022 की है. लेकिन सर्वे के नतीजे सामने नहीं आ सके कितनी संपत्ति बोर्ड के पास?वक्फ मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ इंडिया के मुताबिक देश में करीब 8 लाख 55 हजार से ज्यादा संपत्तियां ऐसी हैं जो वक्फ की हैं।सेना और रेलवे के बाद देश में संपत्ति के मामले में वक्फ तीसरा सबसे बड़ा भूमि मालिक है. उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा वक्फ संपत्ति है।यूपी में सुन्नी बोर्ड के पास कुल 2 लाख 10 हजार 239 संपत्तियां हैं, जबकि शिया बोर्ड के पास 15 हजार 386 संपत्तियां हैं।हर साल हजारों व्यक्तियों द्वारा बोर्ड को वक्फ के रूप में संपत्ति की जाती है, जिससे इसकी … Read more

जावरा में संघर्ष एकता ग्रुप द्वारा आज होगा तिरंगा यात्रा का आयोजन, युवाओं से शामिल होने की अपील

पब्लिक वार्ता – जावरा,जयदीप गुर्जर। नगर में संघर्ष एकता ग्रुप द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा यात्रा का आयोजन होगा। यह यात्रा जावरा के शहीद भगत सिंह कॉलेज से दोपहर 12:00 बजे शुरू होगी। जो की नगर के मुख्य क्षेत्र फाटक, रतलामी गेट, पिपली बाजार, घण्टाघर, नीम चौक आदि से होकर कोर्ट परिसर क्षेत्र में समाप्त होगी। इस अवसर पर संघर्ष एकता ग्रुप के किशोर मालवीय ने बताया की यात्रा देश के वीरों के बलिदानों को याद करने और उनके सपनों को पूरा करने के लिए की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमें अपने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए मिलकर काम करना होगा। तिरंगा यात्रा में स्थानीय नागरिकों और विद्यार्थियों को शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर देशभक्ति गीतों और कविताओं का आयोजन भी किया जाएगा। संघर्ष एकता ग्रुप ने सभी से तिरंगा यात्रा में शामिल होने और देश के प्रति अपनी एकता और समर्थन दिखाने की अपील की है।

अखंड भारत संकल्प दिवस : हिंदू जागरण मंच रतलाम की विशाल तिरंगा वाहन रैली, सैंकड़ो युवा हुए शामिल

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। हिंदू जागरण मंच रतलाम द्वारा 14 अगस्त अखंड भारत संकल्प दिवस के उपलक्ष्य में शाम 5 बजे विशाल तिरंगा वाहन रैली का आयोजन किया गया। रैली में भगवा साफा पहने मातृशक्ति की बहनें तिरंगा और भगवा ध्वज थामे सबसे आगे चल रही थीं, उनके पीछे सैकड़ों की संख्या में शहर के युवा वाहनों पर सवार थे, जिनके हाथों में तिरंगा ध्वज लहरा रहा था। रैली के दौरान डीजे पर देशभक्ति के गीतों ने रतलाम शहर में समा बांध दिया। हिंदू जागरण मंच की वाहन रैली शहर के मुख्य मार्ग महलवाड़ा, डालूमोदी बाजार, घास बाजार, चांदनी चौक, तोपखाना, धानमंडी, लोकेंद्र टाकीज, न्यू रोड, महाराजा सज्जनसिंह चौराहा, छत्रीपुल, नगर निगम होते हुए पुनः महलवाड़ा पर समाप्त हुई। आपको बता दे की आरएसएस व उसके समवैचारिक संगठनों द्वारा अपने स्थापना काल से ही हर वर्ष 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पूर्व यानी 14 अगस्त को अखंड भारत संकल्प दिवस मनाया जाता है। आपको बता दे स्वतंत्रता के दौरान भारत का एक बड़ा भू-भाग अलग कर दिया गया था। जो की आज का पाकिस्तान और बांग्लादेश है। ठीक इसी प्रकार कई बार आजादी के पहले और बाद में भी भारत का विभाजन हुआ है। ऐसे में समाज का एक बड़ा हिस्सा व खासकर युवा  इस बात को भूलता जा रहा है कि जब भारत अखंड था तो कैसा था। संघ का मानना है कि आने वाली पीढ़ी के साथ-साथ समाज के लोगों को इसकी याद दिलाने की आवश्यकता है, इसलिए संघ ने शाखा के साथ-साथ सार्वजनिक रूप से भी अखंड भारत संकल्प दिवस कार्यक्रम करने की योजना बनाई है। नागरिकों में देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देना और अखंड भारत की भावना का अनुसरण करना ही इसका उद्देश्य है। रैली के दौरान जागरण मंच के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य राजेश कटारिया, जिला संयोजक जगदीश पाटीदार, सहसंयोजक कमलेश ग्वालियरी, विजय यादव, कुलदीप माहेश्वरी, अभिषेक उपाध्याय, नन्दकिशोर मीणा, सिद्धार्थ पंड्या, निरंजन पंडित, रोनक शर्मा, वैभव व्यास, राहुल परमार आदि उपस्थित रहे।

अखंड भारत संकल्प दिवस पर तिरंगा वाहन रैली आज, हिंदू जागरण मंच करेगा आयोजन

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। हिंदू जागरण मंच द्वारा 14 अगस्त अखंड भारत संकल्प दिवस के अवसर पर एक तिरंगा वाहन रैली का आयोजन किया जा रहा है। रैली आज शाम 5 बजे महलवाड़ा से निकाली जाएगी। जागरण मंच के राजेश कटारिया ने बताया रैली का उद्देश्य अखंड भारत की भावना को बढ़ावा देना और देश की एकता और अखंडता को प्रदर्शित करना है। रैली में भाग लेने वाले लोग तिरंगे के साथ वाहनों पर सवार होकर रतलाम की सड़कों पर निकलेंगे।हिंदू जागरण मंच के सदस्यों ने कहा कि यह रैली देश के लोगों को अखंड भारत की भावना से जोड़ने और देश की एकता को मजबूत करने के लिए आयोजित की जा रही है। हम देश के नागरिकों से अपील करते हैं कि वे इस रैली में भाग लें और अखंड भारत की भावना को बढ़ावा दें।रैली के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और यातायात को सुचारु रूप से चलाने के लिए पुलिस की व्यवस्था की गई है।

हर हर महादेव : रतलाम से उज्जैन तक निकलेगी भव्य निष्ठा कावड़ यात्रा, माही नदी करेगी बाबा महाकाल का जलाभिषेक

दूसरे वर्ष में 351 कावड़ियों के साथ निकलेगी यात्रा – संयोजक वैभव जाट (सन्नी पहलवान) पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। सावन के पवित्र माह में पूरा शहर शिव आराधना में रम गया है। सावन में कावड़ का अपना एक विशेष महत्व है। नगर में लगातार दूसरे साल जवाहर व्यायामशाला परिवार और अंबर ग्रुप द्वारा भव्य निष्ठा कावड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यात्रा कल यानी शुक्रवार को सुबह 7 बजे काटजू नगर स्थित आमलिया भैरव मंदिर से निकलेगी। रतलाम से पैदल कावड़ उज्जैन पहुंचेगी। जहां श्री महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग का जलाभिषेक रतलाम की पवित्र नदी माही के जल से करते हुए यात्रा का समापन किया जाएगा। 4 दिवसीय यात्रा 12 अगस्त को उज्जैन पहुंचेगी। यात्रा संयोजक वैभव जाट (सन्नी पहलवान) ने बताया दूसरे साल में पैदल कावड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।  हर हर महादेव के जय घोष के साथ प्राचीन श्री आमलिया भैरव मंदिर में महाआरती होगी। जिसके बाद करीब 351 कावड़ियों के साथ भव्य निष्ठा कावड़ यात्रा की शुरुआत होगी। कावड़ यात्रा सैलाना बस स्टैंड से होते हुए पावर हाउस रोड, दो बत्ती, फव्वारा चौक, सालाखेड़ी से ग्राम रूनीजा, खरसौद खुर्द, चंदूखेड़ी होते उज्जैन पहुंचेगी। रात्रि में यात्रियों के विश्राम, ठहराव व भोजन आदि की व्यवस्था रहेगी। यात्रा के साथ वाहन भी चलेंगे जो की आपात स्थिति में सहयोग कर सके। यात्रा में चिकित्सकीय सुविधा भी मुहैय्या करवाई जाएगी।

गुर्जर समाज युवा ईकाई द्वारा निकाली गई कावड़ यात्रा, सालाखेड़ी में हुआ समापन

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। सावन माह में चहुंओर से प्राचीन शिवालयों पर पहुंचकर भक्त पवित्र नदियों का कावड़ में जल भरकर अभिषेक करने पहुंच रहे हैं। श्री गुर्जर समाज युवा इकाई की ओर से भगवान देवनारायण मंदिर धभाईजी का वास से कावड़ यात्रा की शुरुआत की गई। इसमें कई महिला, पुरुष एवं बच्चों ने कावड़ उठाकर प्रमुख मार्गो से होते हुए बगदेश्वर महादेव, पंचेश्वर महादेव, इंद्रेश्वर महादेव आदि पांच भोलेनाथ के मंदिरों पर जलाभिषेक किया। कावड़ यात्रा सालाखेड़ी स्थित श्री देवनारायण मंदिर पर पहुंची। जहां समापन हुआ। इस मौके पर कावड़ में शामिल भक्तों ने भजन कीर्तन किए। यात्रा में इकाई अध्यक्ष मुरलीधर गुर्जर, राधेश्याम गुर्जर, माधव गुर्जर, प्रथमेश गुर्जर, पर्व गुर्जर, मयंक गुर्जर, हेमकांत जोशी, लोकेंद्र सिंह चावड़ा, महिला इकाई प्रमुख दीपिका गुर्जर, संगीता गुर्जर, लक्ष्मी गुर्जर, ज्योति गुर्जर आदि बड़ी संया में महिला कावड़ यात्री शामिल रहे।

कुत्ते की शिवभक्तिः कावड़ियों के साथ 100 किमी चलकर “भोला” पहुंचा उज्जैन महाकाल मंदिर, श्वान की भक्ति देख हर कोई हैरान, देखिए वीडीयो

पब्लिक वार्ता- रतलाम,जयदीप गुर्जर। सावन माह में भगवान शिव की भक्ति में कावड़ का विशेष महत्व है। अपने आराध्य भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए लोग कावड़ यात्रा निकालते है। मान्यता है की कावड़ में जल भरकर शिव जी का अभिषेक करने से इच्छाओं की पूर्ति होती है। आमतौर मनुष्य को कावड़ में जल ले जाते हुए हमने देखा है। लेकिन अगर रोड पर विचरण करने वाला कुत्ता या श्वान कावड़ में शामिल हो तो आप क्या कहेंगे? मध्यप्रदेश के रतलाम से एक ऐसी ही तस्वीर सामने आई है। जहां एक शिव भक्त श्वान कावड़ियों के साथ चल दिया। बकायदा उसने अपने गले में कावड़ का जल कलश भी उठा रखा था। गांव में इस आवारा श्वान को लोग भोला कहकर पुकारते है। 100 किमी की इस यात्रा में हर कोई श्वान भोला को कावड़ ले जाते देख हैरान हो गया। मंदिर परिसर एवं रास्तेभर लोगों ने अपने मोबाईल से विडीयो बनाए, जो अब सोशल मिडीया पर वायरल हो रहे है। शायद ही इस प्रकार से शिव भक्ति का किस्सा आपने पहले सुना या देखा होगा! दरअसल रतलाम के लुनेरा गांव के विश्वेश्वर महादेव मंदिर से उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग तक पैदल कावड़ यात्रा निकाली गई। 29 जुलाई को शुरु हुई जो तिसरे दिन यानी 1 अगस्त को उज्जैन पहुंची। ग्रामीण विक्रम गुर्जर ने बताया की यह श्वान गांव में रहता है और इसका नाम भोला है। जब हम लोग कावड़ लेकर रवाना हुए तो यह हमारे पीछे-पीछे चल पड़ा। इसे भगाने पर भी नहीं गया। एक अन्य गांव में रात्रि विश्राम के दौरान इसे वापस लुनेरा गांव छोड़ा मगर वह वापस आ गया। जिसके बाद हम सभी ने महादेव की इच्छा समझकर भोला को साथ चलने देने की सहमति जताई। भोला के गले पर कावड़ जल का कलश बांधा, जिसे बगैर नुकसान पहुंचाए वह उज्जैन तक ले गया। हालांकी सुरक्षाकर्मियों ने मंदिर परिसर के हॉल के बाहर ही भोला को रोक लिया गया। लेकीन यहां भी भोला भीड़ देखकर या रोक लेने से विचलित नहीं हुआ। और शांति से बाहर बैठकर अपने साथियों के दर्शन कर आ जाने तक इंतजार किया। यह नजारा देखकर सुरक्षाकर्मी भी हैरान रह गए और उसकी वीडियो लेने लगे। 

होटल पर दबिश! : रईसजादों की अय्याशी का अड्डा बना समता सागर पैलेस, 9 जुआरियों से 1 लाख 40 हजार से अधिक जब्त

होटल संचालक पुलिस कार्रवाई से कोसों दूर, घनघनाने लगे थाने के फोन पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। महू रोड स्थित शहर की नामचीन होटल समता सागर पैलेस पर देर रात एसपी राहुल लोढा की टीम ने छापेमार कार्रवाई को अंजाम दिया। होटल के कमरा नं 336 में लाखों रुपये की हार – जीत की जा रही थी। सूत्रों की माने तो होटल समता सागर में जुआ लंबे समय से संचालित होते आ रहा है। इसके अलावा भी यह होटल अन्य गतिविधियों के चलते चौराहों की सुर्खियों में बना रहता है। थाना स्टेशन रोड अंतर्गत आने वाले इस होटल में शहर के रईसजादों की अय्याशियों के किस्से अक्सर सुनाई देते रहते है। शहर ही नहीं बल्कि आसपास के अन्य जिलों के लोग भी ताश पत्तियों पर हाथ आजमाने यहां चले आते है। होटल संचालक अतुल बाफना से पब्लिक वार्ता ने संपर्क कर होटल में जुआ संचालित करने व पुलिस दबिश संबंधी सवाल पूछा तो उन्होंने पुलिस दबिश व ऐसी किसी कार्रवाई की जानकारी नहीं होने का हवाला देते हुए मामले से पल्ला झाड़ लिया। पूरे मामले में अब तक समता सागर होटल संचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। एएसआई लोकेंद्रसिंह बेंस ने बताया की मामले में आगे जांच कर विधिवत कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान होटल संचालक की संलिप्तता अगर पाई जाती है, तो जरूर कार्रवाई करेंगे। जानकारी के अनुसार देर रात करीब 12 बजे एसपी की टीम ने मुखबिर की सूचना पर होटल में जुआ संचालित होने पर दबिश दी। मौके से पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर 1 लाख 40 हजार 120 रूपये और ताश पत्ते जब्त किए। गिरफ्तार हुए कई आरोपी शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी परिवारों से जुड़े है। पुलिस ने मौके से आरोपी गौरव पिता सुरेशचंद्र परमार निवासी गोपाल गौशाला, कासिम पिता आबीद रंगवाला निवासी बोहरा बाखल, आशीष पिता रामनाथ शिवहरे निवासी कस्तूरबा नगर, आनंद पिता मांगीलाल सोनी निवासी भोलेनाथ मंदिर के पास चांदनी चौक, इरफान पिता यूसुफ खान निवासी नाहरपुरा गली नं1, मनजीत पिता आजाद जैन निवासी त्रिपोलिया गेट, अंकित पिता शांतिलाल जैन निवासी धानमंडी, आकाश पिता जगदीश रावत निवासी आमलिया भेरू काटजू नगर, एवं आशीष पिता मनोहरलाल जैन निवासी मोहन टाकीज को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 1 लाख 40 हजार 120 रुपए की नगदी सहित ताशपत्ते बरामद किए है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया। देर रात आरोपियों के थाने पहुंचते ही थाने से उनको छुड़वाने के प्रयास तेज हो गए। पुलिस अधिकारियों के फोन भी तेजी से घनघनाने लगे, वहीं कई तो अपने चहितों के लिए थाने तक भी आ गए। गौरतलब है की इस होटल से एसपी कार्यालय की दूरी महज 300 से 400 मीटर है।

रॉयल कॉलेज में पौधरोपण: एक पेड़ मां के नाम अभियान से जुड़ेंगे रॉयल कैंपस के विद्यार्थी, 11 से 17 जुलाई तक लगाए जाएंगे 1100 पौधे

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण हो रहे प्रतिकुल प्रभाव के चलते देशभर में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान की शुरुआत की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वरा पौधारोपण के इस महाभियान की शुरुआत की गई। जिसमें सभी शासकीय व अशासकीय संस्था व संगठन बढ़चढ़कर हिस्सा ले रहे है।  ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान से जुड़ते हुए नगर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्था राॅयल कालेज द्वारा अपने 65 बीघा के कैम्पस में पौधारोपण किया जाएगा। इसके अंतर्गत 11 से 17 जुलाई तक  1100 से अधिक पौधों को लगाया जाएगा। जिसमें कई प्रजातियों के फलदार व छायादार पौधे शामिल होंगे। जो तय समय में वृक्ष का रूप लेकर पर्यावरण को संरक्षित करेंगे। रॉयल कॉलेज के प्रशासक दिनेश राजपुरोहित ने बताया की आज से शुरू हुए पौधारोपण सप्ताह के शुभारंभ में महाविद्यालय के चेयरमेन  प्रमोद गुगालिया ने पहला पौधा लगाया। 7 दिवसीय अभियान में 1100 से अधिक पौधो को विद्यार्थियों व महाविद्यालय के स्टाफ द्वारा प्रतिदिन रोपित किया जायेगा। राॅयल कैम्पस में पहले से लगभग 3 हजार से ज्यादा फल-फूल, छायादार व फलदार पेड़ – पौधे है। पूरा कैम्पस ईको ग्रीन होने के साथ प्रदुषण मुुक्त है। इस अभियान हेतु नगर निगम द्वारा बड़ी संख्या में फलदार व छायादार पौधो को उपलब्ध करवाया गया है। वृक्षारोपण सप्ताह के प्रभारी डॉ. आनन्द त्रिवेदी तथा सहप्रभारी डॉ मनीष सोनी, डॉ आर.के. अरोरा, डॉ अमित शर्मा, डॉ संदीप सिद्ध आदि रहेंगे। 

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