Maharashtra News: नरभक्षी बेटे ने खाया मां का दिल, दिमाग और लिवर!, हाईकोर्ट ने सुनाई मौत की सजा

महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक जघन्य अपराध का मामला, आरोपी ने मां के अंगों को काटकर पकाया, खून से सने उसके मुंह देखकर दंग रह गई पुलिस! पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Maharashtra News: महाराष्ट्र के कोल्हापुर का माकडवाला वसाहत इलाके (Kolhapur) में 35 साल का एक आदमी अपनी 63 वर्षीय मां से शराब पीने के रुपए मांगे। हर मां की तरह वो बुजुर्ग महिला भी उसे शराब पीने से मना कर रही थी। ये बात बेटे को इतनी नागवार गुजरी कि उसने अपनी ही मां की बेरहमी से हत्या कर दी। इस बेरहम नरभक्षी बेटे ने यहीं तक अपनी दरिंदगी नहीं दिखाई। उसका मन नहीं भरा तो उसने धारदार हथियार से अपनी मां के टुकड़े करने शुरू कर दिए। उसके शरीर के अंदरूनी अंग खींच कर बाहर निकाले। यह मामला 2017 का है, जिसमें 7 साल बाद बॉम्बे हाइकोर्ट (Bombay Highcourt) ने आरोपी सुनील कुचकोरवी को मौत की सजा सुनाई है। हाईकोर्ट ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस’ करार दिया, यह मानते हुए कि आरोपी के सुधारने की कोई संभावना नहीं है। न्यायाधीशों की खंडपीठ ने कहा कि यह नरभक्षण का मामला है, क्योंकि आरोपी ने अपनी मां के शरीर के अंगों जैसे दिल, दिमाग, किडनी और लिवर को निकालकर तवे पर पकाकर खाया। इस मामले में 12 लोगों ने गवाही दी, जिसमें रिश्तेदार और पड़ोसी शामिल थे। घटना ने समाज की चेतना को झकझोर दिया है। 28 अगस्त 2017 को, आरोपी सुनील कुचकोरवी ने अपनी 63 वर्षीय मां यल्लामा रामा कुचकोरवी से शराब के लिए पैसे मांगे, लेकिन जब उसने मना किया, तो बेटे ने निर्ममता से उसकी हत्या कर दी और फिर उसके शरीर को नृशंसता से काट डाला। पहले दिमाग, फिर निकाला दिल निकालाआरोपी ने पहले मां का दिमाग निकाला, फिर चाकू से दिल निकाला। इसके बाद एक-एक कर उसका लिवर, किडनी और आंत बाहर कर दी। इसके बाद उसने जो किया, उसे देखकर किसी की भी रूह कांप सकती है।  उसने अपनी मां के दिल, दिमाग, लिवर, किडनी को तवे पर गरम करके नमक-मिर्च के साथ खाना शुरू कर दिया। ये विभत्स दृश्य देख पड़ोसियों का दिल दहल उठा। आनन-फानन में लोगों ने पुलिस को बुलाया। पुलिस पहुंची तो खून से सने उसके मुंह देखकर दंग रह गई। अब तक का सबसे क्रूर कांडजघन्य हत्याकांड की जांच करने वाले पुलिस इंस्पेक्टर एसएस मोरे ने कहा था, “मैंने मुंबई और महाराष्ट्र के नक्सली इलाकों में अपने करियर में कई हत्याएं और शव देखे। लेकिन ये मामला अब तक का सबसे क्रूर था। हमने मृतक महिला के शव और उसके अंगों के सैंपल डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए भेजे थे सभी मृतक से मेल खाते थे। हमारे पास 12 गवाह थे। इसके साथ ही क्राइम सीन और महिला के शरीर की स्थिति आरोपी की क्रूरता को साबित करने के लिए पर्याप्त थी।” मौत की सजा देने की वजहबॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि अपराधी सुनील कुचकोरवी के सुधार की कोई संभावना नहीं है, क्योंकि उसमें नरभक्षण की प्रवृत्ति है। यदी  उसे आजीवन कारावास दिया जाता है, तो वो जेल में भी इस तरह का अपराध कर सकता है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सुनील ने 28 अगस्त, 2017 को कोल्हापुर शहर में अपने आवास पर अपनी 63 वर्षीय मां की निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद में उसने अपनी मां के शव को हथियार से काटा और उसके कई अंगों को तवे पर तलकर खा लिया।

MP News: नेताओं के आश्वासन से त्रस्त जनता बोली -“हमें बना दो विधायक!”, नाले में उतरने पर क्यों हुए मजबूर रहवासी

भोई मोहल्ले के लोगों का अनोखा विरोध: पुलिया निर्माण नहीं होने पर नाले में धरना, महापौर ने दिया एक महीने में काम शुरू करने का आश्वासन! रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। MP News: शहर के भोई मोहल्ले के निवासी पुलिया निर्माण में हो रही देरी से नाराज होकर अनोखे ढंग से विरोध प्रदर्शन पर उतर आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छह माह पहले वर्चुअली भूमिपूजन किए जाने के बावजूद पुलिया का निर्माण अब तक शुरू नहीं हुआ, जिससे नाराज होकर मोहल्ले के लोगों ने नाले में उतरकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नाले में तख्त लगाकर एक घंटे तक धरना दिया, जिसके बाद महापौर प्रहलाद पटेल और अन्य अधिकारियों ने आकर उन्हें एक महीने में काम शुरू करने का आश्वासन दिया। नाले में उतरकर प्रदर्शनभोई मोहल्ले के निवासियों की मांग थी कि ऊंकाला रोड की तरफ जाने वाली पुलिया का निर्माण जल्द शुरू हो। हालांकि पुलिया निर्माण के टेंडर हो चुके हैं, लेकिन निगम अधिकारियों ने अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया। मार्च महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलिया निर्माण का वर्चुअल भूमिपूजन किया था, लेकिन उसके बाद से कोई प्रगति नहीं हुई। इस देरी से नाराज होकर स्थानीय निवासियों ने नाले में उतरकर विरोध प्रदर्शन किया, वहीं महिलाओं ने काजीपुरा के बीच सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों में पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी शामिल थीं, जिन्होंने निगम अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। विरोध की जानकारी मिलने पर नायब तहसीलदार आशीष उपाध्याय मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। इसके बाद नगर निगम इंजीनियर जीके जायसवाल भी पहुंचे और उन्होंने भी लोगों को समझाने की कोशिश की। मुझे एक दिन का विधायक बना दो!प्रदर्शन के दौरान मोहल्ले के निवासी विक्रम ने कहा, “मेरा हाथ जोड़कर निवेदन है विधायक जी, अगर आपसे पुलिया नहीं बन रही हो तो मुझे एक दिन का विधायक बना दो, मैं पुल भी बना दूंगा और रतलाम को स्वच्छ भी बना दूंगा।” गौरतलब है कि विधानसभा और नगरीय निकाय चुनावों से पहले स्थानीय लोगों ने पुलिया निर्माण की मांग को लेकर चुनाव बहिष्कार व प्रदर्शन जैसे कदम भी उठाए थे। लेकिन तब चुनाव सर मंडराता देख आश्वासन की घुट्टी पिलाकर भाजपा नेताओं ने जैसे तैसे रहवासियों को मना लिया था। जिसके बाद शहर विधायक और केबिनेट मंत्री चेतन्य कश्यप की मौजूदगी में पुलिया निर्माण का वर्चुअल उद्घाटन भी किया गया था, लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। महापौर का एक महीने में काम शुरू करने का वादालोगों के आक्रोश को देखते हुए पार्षद यास्मीन शेरानी भी मौके पर पहुंचीं। कुछ देर बाद महापौर प्रहलाद पटेल पहुंचे और लोगों से बातचीत की। उन्होंने एक महीने के भीतर काम शुरू करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त किया। हालांकि, क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी कि अगर एक महीने के भीतर काम शुरू नहीं हुआ, तो वे फिर से आंदोलन करेंगे। एंबुलेंस तक नहीं आ पाती भोई मोहल्ले के निवासी विक्रम भोई, राम भोई, ईश्वर भोई, बबलू भोई, संगीता बाई, सुनीता बाई, ज्योति बाई, मनीषा बाई, और दुर्गाबाई समेत अन्य लोगों का कहना है कि पुलिया नहीं होने से उन्हें आने-जाने में बहुत परेशानी होती है। मौजूदा रास्ता इतना संकरा है कि एंबुलेंस भी वहां से नहीं गुजर सकती। अगर ऊंकाला रोड की तरफ से पुलिया बन जाती है, तो पूरे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्तमहापौर द्वारा एक महीने में पुलिया निर्माण शुरू करने के आश्वासन के बाद ही प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना समाप्त किया। हालांकि, रहवासियों ने स्पष्ट किया कि अगर वादा पूरा नहीं हुआ, तो वे चुनाव के समय इस मुद्दे को फिर से उठाएंगे और बड़ा आंदोलन करेंगे।

MP New Cheif Secretary: अनुराग जैन बने मध्य प्रदेश के 35वें मुख्य सचिव, जानिए कौन है ये सीनियर IAS अधिकारी

भोपाल – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। IAS अनुराग जैन को मध्य प्रदेश का नया मुख्य सचिव (MP New Cheif Secretary) नियुक्त किया गया है। वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहली पसंद माने जा रहे हैं। दिल्ली ने लंबे सस्पेंस के बाद उनका नाम फाइनल किया। जैन ने पूर्व मुख्य सचिव वीरा राणा का स्थान लिया, जिनकी एक्सटेंशन सेवा 30 सितंबर 2024 को समाप्त हो गई। अनुराग जैन 1989 बैच के आईएएस (IAS Anurag Jain 1989) अधिकारी हैं और आज मध्य प्रदेश के 35वें मुख्य सचिव के रूप में कार्यभार संभाल चुके हैं। उनके प्रशासनिक अनुभव और कार्यशैली की वजह से इस नियुक्ति को प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अनुराग जैन का करियर और प्रमुख पदस्थापनाएंअनुराग जैन का करियर काफी व्यापक और प्रभावशाली रहा है। उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं में कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। उनके करियर की कुछ प्रमुख पोस्टिंग निम्नलिखित हैं: – सहायक कलेक्टर, सागर: 6 जून 1990 से 26 अगस्त 1991  – एसडीओ, खुरई: 27 अगस्त 1991 से 14 अक्टूबर 1992  – एसडीओ, जावरा: 28 अक्टूबर 1992 से 14 जुलाई 1993  – अतिरिक्त कलेक्टर, कांकेर: 19 जुलाई 1993 से 1 सितंबर 1994  – परियोजना अधिकारी, डीआरडीए, छिंदवाड़ा: 7 सितंबर 1994 से जुलाई 1995  – परियोजना अधिकारी, डीआरडीए, भोपाल: जुलाई 1995 से जून 1996  – कलेक्टर, मंडला: 14 जुलाई 1997 से 1999  – कलेक्टर, मंदसौर: 22 जून 1999 से 10 जुलाई 2001  – कलेक्टर, भोपाल: 16 जुलाई 2001 से जनवरी 2004  – आयुक्त-सह-निदेशक, म.प्र. पूर्वी क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, जबलपुर: जनवरी 2004 से अगस्त 2004  – आयुक्त, स्वास्थ्यसेवाएं  23 सितंबर 2005 से दिसंबर 2005  – मुख्यमंत्री के सचिव: 6 दिसंबर 2005  – सचिव, म.प्र. सरकार, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग: 11 जून 2007 से 27 जून 2011  – संयुक्त सचिव, प्रधानमंत्री कार्यालय, नई दिल्ली: 1 जनवरी 2015  – प्रमुख सचिव, म.प्र. सरकार, वित्त विभाग: 28 जुलाई 2018 सेअनुराग जैन की नियुक्ति से प्रशासन में नई दिशा की उम्मीद की जा रही है। उनके व्यापक अनुभव और प्रशासनिक क्षमता को देखते हुए, वे प्रदेश की प्रगति में अहम भूमिका निभा सकते है।

Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: तारक मेहता शो की सोनू यानी पलक सिधवानी ने लगाए आरोप, आखिर क्यों बनाया शो छोड़ने का मन!

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। लोकप्रिय टीवी शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा(Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah) इन दिनों अपने कलाकारों के विवादों के कारण सुर्खियों में है। शो में सोनू भिड़े का किरदार निभा रही अभिनेत्री पलक सिधवानी ने शो के मेकर्स पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हाल ही में, पलक ने दावा किया कि वह शो को छोड़ना चाहती हैं, लेकिन मेकर्स उनके इस्तीफे को जानबूझकर लटका रहे हैं। प्रोडक्शन हाउस ने पलक को भेजा लीगल नोटिस मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शो के प्रोडक्शन हाउस नीला टेलीफिल्म्स ने पलक पर उनके कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। प्रोडक्शन हाउस का दावा है कि पलक बिना सहमति के थर्ड पार्टी गतिविधियों में शामिल हो रही थीं, जिससे शो और प्रोडक्शन को नुकसान हो रहा है। कई बार चेतावनी देने के बावजूद उन्होंने नियमों का पालन नहीं किया, जिसके बाद उन्हें लीगल नोटिस भेजा गया। पलक सिधवानी का जवाबपलक सिधवानी ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह शो को हेल्थ और प्रोफेशनल ग्रोथ के कारण छोड़ना चाहती हैं। बॉम्बे टाइम्स को दिए इंटरव्यू में पलक ने कहा कि उन्होंने मेकर्स को अपनी इस्तीफे की जानकारी दी थी, लेकिन इसे मंजूर करने में जानबूझकर देरी की जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मेकर्स उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। पलक ने कहा, “मैंने शो छोड़ने का फैसला किया क्योंकि मेरा स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है और मेरे करियर की ग्रोथ रुक गई है। मैंने कई बार प्रोडक्शन हाउस से बात की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।” क्या पलक सिधवानी शो छोड़ देंगी?पलक का कहना है कि उनका *तारक मेहता का उल्टा चश्मा* में आखिरी दिन 30 सितंबर को है। हालांकि, मेकर्स की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अभिनेत्री के आरोपों और शो छोड़ने की खबरों से यह विवाद और गहराता दिख रहा है। निष्कर्ष  पलक सिधवानी और प्रोडक्शन हाउस के बीच चल रहा यह विवाद दर्शकों और इंडस्ट्री में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि यह मामला किस दिशा में जाता है और क्या पलक वाकई शो को छोड़ देंगी।

Maggie Smith Died: मशहूर एक्ट्रेस मैगी स्मिथ का 89 साल की उम्र में निधन, Harry Potter में निभाया था प्रोफेसर मैकगोनागल का रोल

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। हॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री मैगी स्मिथ (Maggie Smith), जिन्हें ‘हैरी पॉटर’ में प्रोफेसर मैकगोनागल (Minerva McGonagall) के किरदार के लिए भारतीय दर्शक विशेष रूप से पहचानते हैं, का 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके बेटों, क्रिस लार्किन और टोबी स्टीफंस ने एक बयान में जानकारी दी कि लंदन के एक अस्पताल में शुक्रवार सुबह मैगी ने अपनी आखिरी सांस ली। वे अपने पीछे दो बेटे और पांच पोते-पोतियां छोड़ गई हैं, जो इस अपूरणीय क्षति से गहरे सदमे में हैं। मैगी स्मिथ को उनके करियर में कई पुरस्कारों से नवाजा गया, जिनमें दो ऑस्कर और चार एम्मी अवॉर्ड्स शामिल हैं। उनका करियर लगभग 70 साल तक फैला रहा, जिसमें उन्होंने ‘डाउनटन एबे’ और ‘हैरी पॉटर’ जैसी हिट फिल्मों और शोज में यादगार भूमिकाएं निभाईं। 1969 में ‘द प्राइम ऑफ मिस जीन ब्रॉडी’ के लिए उन्हें पहला ऑस्कर मिला और 1978 में ‘कैलिफोर्निया सूट’ के लिए दूसरा ऑस्कर अवॉर्ड मिला। उनकी अद्वितीय अभिनय प्रतिभा और फिल्मों में उनकी शानदार भूमिकाएं हमेशा याद रखी जाएंगी। साल 1952 से लेकर 2023 तक डैम मैगी स्मिथ एक्ट्रेस सिनेमा जगत में एक्टिव रहीं। इस दौरान कई शानदार मूवीज के जरिए उन्होंने दर्शकों को भरपूर मनोरंजन किया। लेकिन हैरी पॉटर की वजह से उनको काफी लोकप्रियता हासिल हुई। इसके अलावा वह दो बार ऑस्कर अवॉर्ड को भी अपने नाम कर चुकी थीं।

MP WEATHER : अगले 2 दिनों तक प्रदेश में रहेगा बारिश का दौर, इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

भोपाल -पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। MP Weather:  शुक्रवार को भोपाल समेत मध्य प्रदेश के 23 जिलों में बारिश दर्ज की गई। खजुराहो और टीकमगढ़ में 1 इंच, जबकि नर्मदापुरम में 0.75 इंच बारिश हुई। मौसम विभाग ने उज्जैन, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी, गुना, शिवपुरी, निवाड़ी, और टीकमगढ़ में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में अब तक औसत 42.6 इंच वर्षा हो चुकी है, जिसमें मंडला में सबसे अधिक 59.5 इंच बारिश हुई है। रतलाम (Ratlam) में इस मानसून के दौरान लगभग 42 इंच बारिश दर्ज की गई है। सायसर (वायुमंडलीय दबाव) और मानसून ट्रफ की एक्टिविटी के कारण अगले दो दिन तक बारिश की संभावना बनी रहेगी, उसके बाद सिस्टम कमजोर हो सकता है। अगले 24 घंटों में उज्जैन, अलीराजपुर, और रतलाम जैसे जिलों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि मंडला, डिंडौरी, और अनूपपुर में धूप खिलने की संभावना है। भोपाल और इंदौर जैसे क्षेत्रों में हल्की बारिश जारी रहेगी, जबकि 28 सितंबर को इंदौर और उज्जैन संभागों में फिर से बारिश की संभावना है।  29 और 30 सितंबर को मौसम साफ होने की संभावना है।

Pure Gold Check: शादी या त्योहार पर आप भी सोना खरीद रहे है, तो हो जाए सावधान!, खरीदने से पहले जान ले ये बातें

त्योहार और शादियों के सीजन में सोना खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान! जिससे आपको ना उठाना पड़े कोई नुकसान. Gold खरीदने में असली नकली के अलावा भी है जरूरी बातें… पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Gold Check: भारत में त्योहारों और शादियों का सीजन आते ही सोने की खरीदारी में बढ़ोतरी देखी जाती है। विशेष रूप से धनतेरस और दिवाली पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। सोना सिर्फ आभूषण ही नहीं, बल्कि निवेश और पारिवारिक धरोहर का भी प्रतीक है। हालांकि, सोना खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है ताकि सही मूल्य और शुद्धता मिले। सोने की शुद्धता की जांच  सोना खरीदते समय सबसे महत्वपूर्ण बात उसकी शुद्धता की जांच करना है। इसके लिए हॉलमार्क सबसे विश्वसनीय तरीका है। हॉलमार्क यह दर्शाता है कि आपके सोने की गुणवत्ता प्रमाणित है। इसे देखते समय निम्नलिखित बातों पर ध्यान दें:  1. BIS मार्क: यह दर्शाता है कि सोने की शुद्धता को प्रमाणित किया गया है। यह ग्राहकों को विश्वास दिलाता है कि वे शुद्ध सोने के आभूषण खरीद रहे हैं।2. कैरेट की पहचान: सोने की शुद्धता को कैरेट से मापा जाता है। 22 कैरेट सोना सबसे आम है, जिसमें 91.6% सोना होता है। कैरेट को 14k, 18k और 22k के रूप में दर्शाया जाता है, जो क्रमशः 58.5%, 75%, और 91.6% सोने की मात्रा को दर्शाता है।3. UID नंबर: नया UID नंबर आभूषण के निर्माता और हॉलमार्किंग केंद्र को ट्रैक करने में मदद करता है, जिससे आभूषण की शुद्धता और पारदर्शिता की पुष्टि होती है। आभूषण खरीदते समय बिल की जांच  बिल पर सोने के वजन, एलॉय की मात्रा और हॉलमार्क के चार्ज का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। 2 ग्राम से कम वजन के आभूषणों और मेडिकल इस्तेमाल के लिए बने सोने पर हॉलमार्क अनिवार्य नहीं है। इसलिए इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ही खरीदारी करें। डिजिटल और गोल्ड बॉन्ड विकल्प  फिजिकल सोने के अलावा डिजिटल गोल्ड और गोल्ड बॉन्ड भी सोने में निवेश के लोकप्रिय विकल्प हैं। ये विकल्प आपको सुरक्षित और व्यवस्थित निवेश का मौका देते हैं, जहां भंडारण और सुरक्षा की चिंता नहीं होती। सोने की खरीदारी करते समय जागरूक और समझदारी से काम लें ताकि आप अपने त्योहारों की खुशी और निवेश दोनों का आनंद उठा सकें।

Devara Review : 2 साल बाद बड़े पर्दे पर Jr NTR की वापसी, देवरा मूवी में क्या अच्छा है, क्या बुरा है; जानें दर्शकों की राय

पब्लिक वार्ता,एंटरटेनमेंट डेस्क। Devara Review: दो साल बाद, पुरस्कार विजेता ‘RRR’ के बाद जूनियर एनटीआर (Jr NTR) अपनी नवीनतम फिल्म ‘देवरा: भाग 1’ (Devara :  Part 1) के साथ वापस आए हैं, जिसका निर्देशन कोराताला शिवा ने किया है। जहां जूनियर एनटीआर अपने सफल पुनरागमन के साथ लौट रहे हैं, वहीं कोराताला शिवा की पिछली फिल्म ‘आचार्य’ बॉक्स ऑफिस पर असफल रही थी। फिल्म में बॉलीवुड स्टार सैफ अली खान ( Saif Ali Khan) और जान्हवी कपूर (Jhanvi Kapoor) मुख्य भूमिका में हैं। श्रुति माराठे, प्रकाश राज, श्रीकांत, नारायण, अजय और अन्य कलाकारों की टीम में शामिल हैं।  Kollywood के शीर्ष संगीतकार अनिरुद्ध रविचंदर ने संगीत तैयार किया है, आर. रत्नवेलु ने सिनेमेटोग्राफी संभाली है और ए. श्रीकर प्रसाद ने संपादन किया है। ‘देवरा: भाग 1’ की कहानी‘देवरा: भाग 1’ एक महाकाव्य की कहानी है जो 1980 और 1990 के दशक में एक तटीय गांव के साहसी व्यक्ति देवरा के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें भरपूर एक्शन और रोमांच है। वह अपने लोगों की रक्षा के लिए समुद्र की कठोर दुनिया में एक खतरनाक यात्रा पर निकलता है। हालाँकि, उसका भाई भैरा चुपके से उसके खिलाफ साजिश करता है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, देवरा अपनी timid और reserved बेटे वरदा को अपनी विरासत सौंपता है। फिल्म में जूनियर एनटीआर डबल रोल में हैं – देवरा और उनके शर्मीले बेटे वरदा। सैफ अली खान ने फिल्म में विलेन भैरा का किरदार निभाया है, जबकि जान्हवी कपूर ने तेलुगू फिल्मों में इस फिल्म के जरिए डेब्यू किया है। (Story Of Devara Movie) यह फिल्म कई भाषाओं में रिलीज हो रही है और इसके प्रमोशन और ट्रेलरों ने इसके चारों ओर काफी buzz पैदा किया है। इसके अलावा, जूनियर एनटीआर के प्रशंसक उन्हें दो साल बाद स्क्रीन पर देखने के लिए बेताब हैं। क्या यह फिल्म उनके उम्मीदों पर खरी उतरेगी? आइए जानें Devara Movie Review: अच्छा क्या है:• जूनियर एनटीआर का दमदार प्रदर्शन, खासकर उनके डबल रोल में भावनात्मक गहराई और तीव्रता को दर्शकों ने सराहा है।• अनिरुद्ध रविचंदर का संगीत और बैकग्राउंड स्कोर फिल्म में नई जान डालते हैं।• सिनेमाटोग्राफी, जिसे आर. रत्नवेलु ने संभाला है, तटीय क्षेत्र के दृश्यों को बेहद खूबसूरती से दर्शाता है।• फिल्म का पहला भाग दिलचस्प है और इसमें एक्शन दृश्यों को खूब सराहा गया है। खराब क्या है:• फिल्म का दूसरा भाग धीमी गति और लंबे दृश्यों की वजह से आलोचना का शिकार हुआ है, जिससे पहले भाग में बनी प्रभावी लय कम हो जाती है।• फिल्म में CGI और VFX के काम को दर्शकों ने बड़ा बजट होने के बावजूद कमजोर बताया है।• फिल्म का क्लाइमैक्स भविष्यवाणी योग्य है, जिससे कुछ दर्शक निराश हुए हैं।• कुल मिलाकर, फिल्म की सफलता दर्शकों की अपेक्षाओं पर निर्भर कर सकती है, और कुछ लोगों ने इसे देखने के लिए कम उम्मीदों के साथ जाने की सलाह दी है​। दर्शकों की राय:• फिल्म के बारे में आंतरिक समीक्षाएं नकारात्मक रही हैं, यही कारण है कि इसे अन्य भाषाओं में कम कीमत पर बेचा गया है।• निर्माता पहले दिन अधिकतम कमाई करने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए वे बड़े आंकड़े दिखा रहे हैं जबकि BMS डेटा Poor sales दिखाता है।• साइटों का उपयोग करके आर्टिफिशियल इन्फ्लेशन द्वारा अधिक प्रचार करने की योजना है, क्योंकि यह बात फैलने के बाद सफेद धब्बा साबित होगा। (Disclaimer: The opinions in this review are based on audience feedback and personal interpretations. There is no intent to promote or discredit the film through this article. Viewers are encouraged to watch the movie and form their own opinions. All details about the film’s cast, crew, and plot are accurate at the time of publication but may change over time.)

Dehradun: 7 महीने के बच्चे के पेट में भ्रूण मिलने का दुर्लभ मामला, डॉक्टर भी हुए हैरान

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। देहरादून (Dehradun) के स्वामी हिमालयन मेडिकल कॉलेज में एक अत्यंत दुर्लभ मामला सामने आया है, जहां 7 महीने के बच्चे के पेट में भ्रूण पाया गया। माता-पिता को बच्चे का पेट अचानक फूलता दिखने पर शक हुआ और उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया। प्रारंभिक जांच में डॉक्टरों को लगा कि यह पेट में गांठ का मामला है, लेकिन एक्स-रे रिपोर्ट से पता चला कि बच्चे के पेट में भ्रूण विकसित हो रहा था। मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार फीटस-इन-फीटू (Fetus in Fetu) नामक यह स्थिति अत्यधिक दुर्लभ होती है, जिसमें एक भ्रूण दूसरे भ्रूण के भीतर विकसित होने लगता है। डॉक्टर संतोष सिंह के अनुसार, इस तरह के मामले लाखों में से एक बार ही देखने को मिलते हैं। बच्चे का ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया और अब वह पूरी तरह स्वस्थ है। क्या है फीटस-इन-फीटू?फीटस-इन-फीटू मानव भ्रूण विकास की एक असामान्य और दुर्लभ स्थिति है। यह लगभग 5,00,000 में से एक गर्भावस्था में होता है, जिसमें भ्रूण के भीतर एक और भ्रूण विकसित होने लगता है। इस स्थिति का पता अक्सर जन्म के बाद ही चल पाता है, जब बच्चे के पेट का आकार असामान्य रूप से बढ़ता है।

भारतीय रेलवे में KAVACH 4.0: नई सुरक्षा प्रणाली कवच से ट्रेनों की रफ्तार और सुरक्षा में होगा बड़ा सुधार

सिग्नल पासिंग, ओवरस्पीड और अन्य सुरक्षा परीक्षण सफल, कवच 4.0 (Kavach 4.0) एक स्वचालित ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) प्रणाली है, कवच 4.0 सिस्टम ट्रेन की गति पर नजर रखता है। पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। भारतीय रेलवे ने देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक, दिल्ली-मुंबई रूट पर कवच 4.0 (Kavach 4.0) प्रणाली का सफल परीक्षण और इंस्टॉलेशन कर लिया है। इस नई स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली से न केवल ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि सुरक्षा भी मजबूत होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की उपस्थिति में सवाई माधोपुर से इंदरगढ़ सुमेरगंज मंडी सेक्शन के बीच इसका ट्रायल सफल रहा, जिससे 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा। ट्रायल के दौरान सिग्नल पासिंग, ओवरस्पीड और अन्य सुरक्षा परीक्षण सफल रहे। रेलवे के इस मिशन रफ्तार के तहत 545 किमी ट्रैक पर कवच प्रणाली लागू की जा रही है, जो ट्रेन सुरक्षा में एक बड़ा कदम है। क्या है कवच 4.0?कवच 4.0 एक स्वचालित ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) प्रणाली है, जिसे भारतीय रेलवे ने स्वदेशी रूप से विकसित किया है। इसका उद्देश्य ट्रेनों के बीच संभावित टकराव की स्थिति को रोकना और लोको पायलट की गलतियों से होने वाली दुर्घटनाओं को कम करना है। यह तकनीक ट्रेनों को ट्रैक पर सिग्नल पासिंग, ओवरस्पीडिंग, और दुर्घटनाओं से बचाने के लिए बनाई गई है। कैसे काम करता है कवच 4.0?कवच 4.0 सिस्टम ट्रेन की गति पर नजर रखता है और जरूरत पड़ने पर स्वचालित रूप से ब्रेक लगाता है। अगर ट्रेन की गति निर्धारित सीमा से 2 किमी/घंटा अधिक हो जाती है, तो कवच ओवरस्पीड अलार्म जारी करता है। 5 किमी/घंटा से अधिक पर सामान्य ब्रेक और 7 किमी/घंटा से अधिक पर पूर्ण ब्रेकिंग सिस्टम एक्टिव हो जाता है। अगर 9 किमी/घंटा से ज्यादा हो जाती है, तो आपातकालीन ब्रेक स्वचालित रूप से लागू हो जाता है। यह प्रणाली विशेष रूप से लो विजिबिलिटी और कोहरे की स्थिति में भी लोको पायलट की मदद करती है। कवच 4.0 का महत्व– तेज रफ्तार: इस प्रणाली के जरिए दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर ट्रेनों की रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचाई जा सकती है।– सुरक्षा में बढ़ोतरी: यह तकनीक ट्रेन के टकराव, सिग्नल पासिंग और अन्य दुर्घटनाओं को रोकने में सहायक है।– स्वदेशी तकनीक: भारत में निर्मित यह प्रणाली रेलवे की आत्मनिर्भरता और तकनीकी उन्नति को दर्शाती है। पुराने और नए वर्जन में अंतरकवच 4.0, अपने पुराने संस्करणों से अधिक उन्नत है। यह सिस्टम अधिक सटीकता के साथ काम करता है और गति की छोटी से छोटी अनियमितताओं को भी तुरंत पहचान सकता है। यह संस्करण कोहरे और अन्य प्राकृतिक बाधाओं के बावजूद ट्रेनों की सुरक्षित संचालन में मददगार साबित होता है। रेल मंत्रालय के अनुसार कवच 4.0 के इंस्टॉलेशन से भारतीय रेलवे एक और कदम सुरक्षा और गति में सुधार की दिशा में बढ़ा है। अगले वर्ष तक इस नई प्रणाली के कारण दिल्ली-मुंबई रूट पर ट्रेनों की गति 160 किमी प्रति घंटे तक बढ़ने की संभावना है, जिससे यात्रा समय में कमी आएगी और सुरक्षा स्तर भी उन्नत होगा।