Ratlam News: शास्त्र पूजन एवं आरती कार्यक्रम: विहिप का शस्त्रों की महत्ता पर जोर, शहर के गरबा पांडालों में हुए शस्त्र पूजन

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: देवरा देव नारायण नवयुवक मंडल और विश्व हिंदू परिषद के श्रीराम प्रखंड द्वारा शास्त्र पूजन एवं आरती का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बालिकाओं और जिले के पदाधिकारियों ने शास्त्रों की पूजा की। बजरंग दल के जिला संयोजक मुकेश व्यास ने कहा कि शास्त्रों की पूजा के साथ-साथ हर घर में शस्त्रों का होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि हमारे भगवानों ने भी अधर्म और विधर्मियों का नाश करने के लिए शस्त्र उठाए थे, इसलिए सभी सनातनियों को अपने घरों में शस्त्र रखना चाहिए। कार्यक्रम में नगर निगम एमआईसी सदस्य भगत सिंह भदोरिया, जिला संयोजक मुकेश व्यास, जिला मंत्री अक्षय गोमैं, जिला प्रचार प्रसार प्रमुख मोंटी जायसवाल, विद्यार्थी प्रमुख कृष्णा भामा, श्री राम प्रखंड के नीरज सतवानी, विजय प्रजापत अन्य प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में आरएसएस के नगर कार्यवाह किशन माहेश्वरी और मनीष रावल भी शामिल हुए। विशेष रूप से, विहिप द्वारा नो दिन तक अलग-अलग पंडालों में शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य न केवल धार्मिक आस्था को बढ़ावा देना है, बल्कि युवाओं में शस्त्रों के प्रति जागरूकता भी फैलाना है। शास्त्रों की पूजा के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि शस्त्र केवल सुरक्षा का साधन नहीं, बल्कि धर्म और संस्कृति की रक्षा का प्रतीक भी हैं।

Godess Worship In India : भारतीय संस्कृति में मातृपूजा का गहरा इतिहास, पांच हजार वर्ष पुरानी है परंपरा

हड़प्पा सभ्यता के एक पुरास्थल से प्राप्त एक पट्टिका पर महिषासुर का मर्दन करती हुई देवी का अंकन मिलता है, जिसे महिषासुरमर्दिनी की कहानी का प्रथम चित्रण माना जाता है – प्रोफेसर शुभम केवलिया पब्लिक वार्ता,प्रोफेसर शुभम केवलिया। Godess Worship In India: मातृपूजा भारतीय संस्कृति की एक अत्यंत प्राचीन परंपरा है, जिसकी जड़ें लगभग पांच हजार वर्ष पूर्व की सरस्वती और सिंधु नदी की घाटियों में मिलती हैं। यहां से शुरू हुई मातृदेवी की आराधना भारतीय समाज में गहराई तक व्याप्त है, जो आज भी विभिन्न पर्वों में जीवंत दिखाई देती है। पुरातात्विक उत्खननों से प्राप्त सामग्री इस बात का प्रमाण देती है कि भारतीय सभ्यता का आरंभिक स्वरूप मातृदेवियों के पूजन पर आधारित था। विशेषकर हड़प्पा (Hadappa) और मोहनजोदड़ो (Mohanajodado) से मिली मातृदेवियों की मूर्तियां इस तथ्य को और भी स्पष्ट करती हैं कि भारतीय समाज ने देवी-पूजन को अपने जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बना रखा था। प्राचीन सभ्यताओं में मातृदेवी की आराधनापुरातत्ववेत्ताओं के अनुसार, सिंधु-सरस्वती सभ्यता से पकी मिट्टी से बनी मातृदेवी की मूर्तियां प्राप्त हुई हैं। इन मूर्तियों में देवी के सौम्य और रौद्र दोनों रूपों को दर्शाया गया है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्थित कुल्ली पुरास्थल से मातृदेवी के चंडी स्वरूप की मूर्तियां प्राप्त हुई हैं, जो देवी के शक्तिशाली और उग्र रूप की ओर इंगित करती हैं। बलूचिस्तान में स्थित हिंगलाज शक्तिपीठ, जो 52 शक्तिपीठों में से एक है, भी मातृदेवी की आराधना की प्राचीनता को दर्शाता है। हड़प्पा सभ्यता के एक पुरास्थल से प्राप्त एक पट्टिका पर महिषासुर का मर्दन करती हुई देवी का अंकन मिलता है, जिसे महिषासुरमर्दिनी की कहानी का प्रथम चित्रण माना जाता है। बलूचिस्तान के नौशारो क्षेत्र से मातृदेवी की मूर्तियां मिली हैं, जिनके मस्तक पर सिंदूर के प्रमाण मिले हैं। यह भारतीय संस्कृति में विवाहित स्त्रियों द्वारा सिंदूर लगाने की परंपरा को पांच हजार वर्षों पूर्व तक ले जाता है। मातृदेवियों के प्रतीक और अर्थभारतीय संस्कृति में मातृदेवियों का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। पुरातात्विक साक्ष्यों से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय समाज ने धरती को सृजनकर्ता के रूप में देखा और धरती को मां का स्वरूप दिया। हड़प्पा से प्राप्त एक पट्टिका पर एक स्त्री के गर्भ से एक पौधे के अंकुरण का चित्रण हुआ है, जो मातृदेवी के सृजनात्मक स्वरूप को दर्शाता है। इसी सभ्यता में सप्तमातृकाओं का भी महत्वपूर्ण स्थान रहा है। मोहनजोदड़ो से प्राप्त एक मुद्रिका पर खड़ी सात मानव आकृतियों को कुछ विद्वान सप्तमातृकाओं का चित्रण मानते हैं, जो भारतीय देवी-पूजा के एक और पहलू को उजागर करती है। मथुरा और वैदिक काल की देवी-पूजामातृदेवी की मूर्तिकला में आगे का विकास लगभग दो हजार वर्ष पूर्व मथुरा में देखा गया। मथुरा के उत्खननों से दुर्गा, सरस्वती, लक्ष्मी और सप्तमातृकाओं जैसे देवी स्वरूपों की मूर्तियां प्राप्त हुई हैं। मथुरा से प्राप्त देवी की मूर्तियों ने बाद में बनने वाली मातृदेवियों की मूर्तिकला की दिशा निर्धारित की। इन मूर्तियों के माध्यम से देवी-पूजा की परंपरा पुनः प्रारंभ हुई और यह भारतीय समाज का एक स्थायी हिस्सा बनी रही। मातृपूजा: भारतीय संस्कृति की स्थायी परंपरामातृपूजा की परंपरा भारतीय जनमानस में गहराई से रची-बसी है। यह परंपरा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह भारतीय समाज की आदिकाल से चली आ रही सामाजिक संरचना का भी प्रतीक है। भारतीय समाज में मातृदेवी को धरती, शक्ति और सृजन का प्रतीक माना गया है। यह भारतीय संस्कृति की सबसे प्राचीन परंपराओं में से एक है, जिसे आज भी नवरात्रि और अन्य धार्मिक पर्वों में पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाया जाता है। भारतीय संस्कृति की यह अनूठी परंपरा हमें यह समझने का अवसर देती है कि देवी-पूजा की जड़ें कितनी गहरी हैं और यह कैसे हजारों वर्षों तक अपने अस्तित्व को बनाए रखी हैं। भारतीय समाज के लिए मातृदेवी की पूजा न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व भी रखती है। यह परंपरा आज भी नवरात्रि, दुर्गापूजा और अन्य उत्सवों के माध्यम से जीवित और प्रासंगिक बनी हुई है। (Disclaimer: यह लेख पुरातत्वविद व इतिहासकार प्रो. शुभम केवलिया द्वारा अद्यतन किया गया है। इस लेख में लेखक के अपने विचार और शोध है।)

RRB RPF SI 2024: रेलवे की इस वैकेंसी में क्या है आपके आवेदन की स्थिति, आपका फॉर्म हुआ स्वीकृत या खारिज?

RRB RPF SI भर्ती के लिए लाखों उम्मीदवारों ने किया था आवेदन, अब जानिए आपका फॉर्म हुआ स्वीकृत या नहीं पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। RRB RPF SI 2024: रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने RPF सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती 2024 के लिए आवेदन की स्थिति जारी कर दी है। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट rrbapply.gov.in पर जाकर अपनी आवेदन स्थिति जांच सकते हैं। आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें?1. RRB की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।2. लॉगिन करें और आवेदन स्थिति के लिंक पर क्लिक करें।3. अपनी आवश्यक जानकारी दर्ज करें और सबमिट करें।4. आपकी आवेदन स्थिति स्क्रीन पर प्रदर्शित होगी। आवेदन की स्थिति के विभिन्न प्रकारअनंतिम रूप से स्वीकृत: आपका आवेदन प्रारंभिक स्क्रीनिंग पास कर गया है।शर्तों के साथ अनंतिम रूप से स्वीकृत: आपके आवेदन को कुछ शर्तों के साथ स्वीकार किया गया है।अस्वीकृत: आपका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया है। RRB जल्द ही RPF SI भर्ती परीक्षा की तारीख की घोषणा करेगा।

Ratlam News: बालम ककड़ी खाने से परिवार हुआ फूड प्वाइजनिंग का शिकार, 5 वर्षीय बालक की मौत, रखे ये सावधानियां

रात में सभी की तबीयत अचानक खराब हो गई और उल्टियां होने लगीं, रतलाम के सैलाना में सबसे ज्यादा होता है उत्पादन, खाने से पहले सावधानियां रखनी जरूरी रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Ratlam News: रतलाम के जड़वासा कलां गांव में कथित तौर पर बालम ककड़ी खाने से एक ही परिवार के पांच लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए, जिसमें 5 वर्षीय बालक की इलाज के दौरान मौत हो गई। माता-पिता और दो बेटियां मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों का कहना है कि यह मामला फूड प्वाइजनिंग का दिखाई दे रहा है, जिसकी वजह से पूरे परिवार की तबीयत बिगड़ी। जानकारी के अनुसार परिवार ने बालम ककड़ी खाई थी, जो सीजन में मिलने वाला एक स्थानीय फल है। परिवार के सदस्य  मांगीलाल पाटीदार ने अपनी पत्नी कविता, बेटियां दक्षिता, साक्षी और बेटे क्रियांश के साथ बालम ककड़ी खाई थी। रात में सभी की तबीयत अचानक खराब हो गई और उल्टियां होने लगीं। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए रतलाम के मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां 5 वर्षीय क्रियांश की मौत हो गई, जबकि अन्य सदस्यों का इलाज जारी है। मृतक बालक के चाचा रवि पाटीदार ने बताया कि मांगीलाल तीन दिन पहले सैलाना-धामनोद रोड से बालम ककड़ी खरीदकर लाए थे। परिवार के सभी सदस्यों ने इसे एक साथ खाया, जिसके बाद यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। परिवार के इंकार के बाद मृतक बालक का पोस्टमार्टम नहीं हो सका, इसलिए मृत्यु की असल वजह स्पष्ट नहीं हो पाई, लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि यह फूड प्वाइजनिंग का मामला हो सकता है। फिलहाल, पिता की हालत में सुधार होने पर उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि मां और दोनों बेटियों का इलाज मेडिकल कॉलेज में जारी है। कीटनाशक भी हो सकती है वजहरतलाम मेडिकल कॉलेज के ऐपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. गौरव बोरीवाल ने बताया कि पांचों मरीज फूड पॉइजनंग के कारण बीमार होकर आए थे। सही इलाज मिलने में लंबा गैप होने से भी स्थिति बिगड़ी। क्रियांश का ब्लड सैम्पल लिया है, जांच करवाई जाएगी। मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. विनय शर्मा ने कहा कि प्रथम दृष्टया बच्चे की मौत फूड पॉइजनिंग से हुई है। मां और दो बेटियों को इलाज किया जा रहा है। पुलिस चौकी को इन्वेस्टिगेशन के लिए लिखकर दिया था। वहीं, पुलिस चौकी प्रभारी सुनील राघव ने बताया कि फिलहाल इस तरह का मामला नहीं आया है। जानकारी आएगी तो पड़ताल की जाएगी। विशेषज्ञों की माने तो बच्चे की मौत को सीधे तौर पर बालम ककड़ी का इफेक्ट नहीं मान सकते। इसकी पैदावार में पेस्टीसाइट्स का उपयोग किया जाता है। हो सकता है कि परिवार ने खाने से पहले ककड़ी को अच्छी तरह धोया नहीं होगा। उल्टी-दस्त के कारण बच्चों के शरीर में पानी की कमी आ जाती है, इससे भी मौत हो सकती है। रखे ये सावधानीबालम ककड़ी या साधारण ककड़ी/खीरा खाने से पहले सावधानियां रखनी जरूरी है। ककड़ी का कच्चा फल जहरीला होता है, खाने से बीमार हो सकते हैं। ककड़ी को बेल से तोड़कर सीधे नहीं खाना चाहिए। ककड़ी पर कीट से बचाने के लिए जिन कीटनाशक का प्रयोग होता है, उनका असर 5 से 6 दिनों तक नहीं जाता है, ऐसे में किसान कीटनाशक का छिडकाव करने के 1 से 2 दिन में अगर फसल बेचते है तो यह खतरनाक साबित हो सकता है। जब भी आप ककड़ी ले उसे पानी से अच्छे से साफ कर ले और उसके छिलके उतार कर ही खाएं। गर्म पानी में नमक डालकर उसमें भी कुछ देर रख सकते है।रात में ककड़ी नहीं खानी चाहिए। इससे पाचन संबंधी समस्या हो सकती है। ककड़ी के सेवन के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए। ककड़ी को पकाने की सलाह नही ं दी जाती क्योंकि इसमें पानी ज्यादा मात्रा में होता है। भोजन के साथ ककड़ी खा रहे हैं तो ज्यादा मात्रा में न खाएं। बालम ककड़ी क्या है?बालम ककड़ी एक फल है। यह लौकी जैसी दिखती है। पकने पर अंदर से केसरिया रंग की हो जाती है। इसलिए इसे केसरिया बालम ककड़ी भी कहते हैं। यह स्वाद में हल्की मीठी होती है। इसमें पानी की भरपूर मात्रा होती है। रतलाम के सैलाना में सबसे ज्यादा उत्पादन होता है। इसके अलावा बालम ककड़ी की पैदावार सबसे ज्यादा झाबुआ और धार जिलों में होती है। सैलाना क्षेत्र में उगने वाली बालम ककड़ी का स्वाद और आकार सबसे अच्छा होता है। इसकी मांग देश में दूर – दूर तक है।

new zealand women vs india women: भारत को न्यूजीलैंड से मिली 58 रनों की करारी शिकस्त, सोफी डिवाइन का दमदार प्रदर्शन

नई दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। new zealand women vs india women: भारतीय महिला टीम ने महिला टी-20 वर्ल्ड कप की बेहद निराशाजनक शुरुआत की। पहले गेंदबाजी और फील्डिंग, फिर बल्लेबाजी में फ्लॉप शो के कारण भारतीय गेंदबाजों ने 160 रन दिए। वहीं न्यूजीलैंड की कप्तान सोफी डिवाइन (Sophie Devine) ने जबरदस्त अर्धशतक लगाते हुए अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और इसके बाद उनकी टीम के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन कर भारत को 58 रनों से हरा दिया। यह मुकाबला शुक्रवार को महिला टी20 विश्व कप (Women T20 World Cup) में खेला गया। दोनों टीमें 14वीं बार टी20 इंटरनेशनल मैच में आमने सामने थीं। पहले बल्लेबाजी का फैसला करते हुए न्यूजीलैंड ने निर्धारित 20 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर 160 रन बनाए। कप्तान सोफी डिवाइन ने 36 गेंदों में नाबाद 57 रन बनाकर अपनी टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। इसके अलावा, ओपनर्स सूजी बेट्स (27) और जॉर्जिया प्लिमर (34) ने टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। भारत की ओर से अरुंधति रेड्डी ने 67 रन की साझेदारी को तोड़ते हुए भारत को पहली सफलता दिलाई। हालाँकि, भारतीय गेंदबाजों ने कुछ समय बाद वापसी की, लेकिन डिवाइन की लाजवाब पारी ने न्यूज़ीलैंड को फिनिशिंग टच दिया। 160 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम पूरी तरह से लड़खड़ा गई और 19 ओवरों में मात्र 102 रनों पर ढेर हो गई। कप्तान हरमनप्रीत कौर (15) (Harmanpreet Kaur) भारत की ओर से शीर्ष स्कोरर रहीं। न्यूजीलैंड के गेंदबाजों में रोज़मेरी मैयर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 19 रन देकर 4 विकेट लिए, जबकि ली ताहूहू ने भी 15 रन देकर 3 विकेट झटके। भारतीय बल्लेबाजों ने निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए आसानी से अपने विकेट गंवाए और कोई भी बड़ी साझेदारी नहीं कर पाए, जिससे टीम को भारी नुकसान उठाना पड़ा। 58 रनों से मिली इस हार के बाद अब भारतीय टीम के सामने सोमवार को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान की चुनौती होगी, जिन्होंने अपना पहले मुकाबले में श्रीलंका को हराया था। (india vs pakistan) स्कोर बोर्डन्यूजीलैंड: 160/4 (20 ओवर) – सोफी डिवाइन 57* (36), जॉर्जिया प्लिमर 34 (22); रेणुका सिंह 2/27 भारत: 102 ऑल आउट (19 ओवर) – हरमनप्रीत कौर 15; रोज़मेरी मैयर 4/19, ली ताहूहू 3/15

Ratlam News: रतलाम को मिला इंटरनेशनल शूटिंग कोच, मध्यप्रदेश में एकमात्र उमंग पोरवाल ने हासिल की उपलब्धि

शहर को 96 स्टेट और 4 नेशनल मेडलिस्ट देने वाला कोच, जर्मनी में हुई ट्रेनिंग, 16 में से 4 कोच भारत के चयनित, MP से अकेले उमंग रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: अगर आप राइफल या गन से शूटिंग का शौक रखते है और आपको एक बेहतर कोच की तलाश है, तो मिलिए शहर के पहले इंटरनेशनल शूटिंग कोच उमंग पोरवाल से। जिन्होंने हालही में यह उपलब्धि हासिल की है। आपको बता दे उमंग रतलाम डिस्ट्रिक्ट रायफल एसोसिएशन के सेक्रेटरी और नेशनल लेवल मेडलिस्ट हैं। जिन्होंने अब इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन (ISSF) द्वारा आयोजित कोचेस (D Level) लाइसेंस कोर्स उत्तीर्ण कर रतलाम को गौरवान्वित किया है। यह कोर्स जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित किया गया, जिसमें संपूर्ण विश्व से 16 कोचों का चयन किया गया था। उमंग पोरवाल मध्य प्रदेश से चयनित होने वाले एकमात्र प्रतिभागी थे, जबकि पूरे भारत से 4 लोग चयनित हुए, जिनमें से तीन भारतीय सुरक्षा बलों से थे। शूटर्स के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाला यह कोर्स जून से जुलाई 2024 तक चला, जिसमें उमंग ने अंतिम परीक्षा में उच्चतम अंक अर्जित कर यह प्रतिष्ठित प्रमाण पत्र प्राप्त किया। ISSF एक विश्वस्तरीय संस्था है, जो ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन करती है। उमंग को विश्व रिकॉर्ड होल्डर और ग्रीस की राष्ट्रीय कोच श्रीमती अगाथी कसूमी से प्रशिक्षण मिला, जो स्वयं 6 बार ओलंपिक में हिस्सेदारी कर चुकी हैं। 10 सप्ताह चला प्रशिक्षणISSF के अध्यक्ष लुशियानो रोसी (इटली) और ISSF अकादमी डायरेक्टर वैसा निसिनिन (फिनलैंड) ने उमंग को यह लाइसेंस और प्रमाण पत्र प्रदान किया। इस 10-सप्ताह लंबे प्रशिक्षण के दौरान उमंग ने एंटी डोपिंग एजुकेशन एंड लर्निंग के तहत कोचेस ऑफ हाई परफॉर्मेंस एजुकेशन प्रोग्राम से भी प्रमाण पत्र प्राप्त किया। 96 स्टेट और 4 नेशनल मेडलिस्ट दे चुकेउमंग पोरवाल ने अब तक रतलाम को 96 स्टेट मेडल और 4 नेशनल मेडलिस्ट शूटर दिए हैं। 12 शूटर भारतीय शूटिंग टीम के ट्रायल्स में हिस्सा ले रहे हैं। उनकी इस उत्कृष्टता को देखते हुए मुंबई, हरियाणा, हिमाचल, मेरठ, बिहार और पुणे के शूटर भी उनसे ऑनलाइन प्रशिक्षण ले रहे हैं। अब रतलाम के बच्चों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं है, बल्कि दूसरे शहरों से शूटर रतलाम आकर उमंग से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उमंग पोरवाल की इस बड़ी उपलब्धि पर लघु एवं सूक्ष्म उद्योग मंत्री चैतन्य कश्यप, एडिशनल कलेक्टर मंडलोई, CSP अभिनव बारंगे, रोटरी क्लब के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश सेठिया और रतलाम पत्रकार संघ के पूर्व उपाध्यक्ष राकेश पोरवाल ने हर्ष व्यक्त किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।

Ratlam News: अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, 3 करोड़ की एम.डी ड्रग्स बरामद, महिला समेत 4 आरोपी गिरफ्तार

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: जिले की पुलिस ने ड्रग माफियाओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही करते हुए लगभग 3 करोड़ रुपए की एम.डी ड्रग्स बरामद की है। आरोपियों की गिरफ्तारी ताल थाना क्षेत्र के निपानियालीला गांव से की गई है। यह प्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी एम.डी ड्रग्स बरामदगी मानी जा रही है। एसपी अमित कुमार ने बताया कि मुंबई के चार आरोपी, रतलाम आकर ड्रग लेकर भागने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें समय रहते दबोच लिया। इन आरोपियों के तार नशे के बड़े रैकेट से जुड़े होने की संभावना है।  पुलिस को मिली बड़ी सफलताएसपी अमित कुमार और एएसपी राकेश खाखा ने शुक्रवार दोपहर एक पत्रकार वार्ता में पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुंबई के चार आरोपी ट्रेन से नागदा पहुंचे थे और जावरा से माल लेकर वापस नागदा से ट्रेन पकड़ने की योजना बना रहे थे। ये आरोपी परिवार को साथ लेकर आए थे ताकि शक न हो। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने निपानियालीला गांव और दूध तलाई चौराहे के पास यात्री प्रतिक्षालय पर घेराबंदी की। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 3 करोड़ रुपये की एम.डी ड्रग्स बरामद की। गिरफ्तार आरोपी में महिला भीपकड़े गए आरोपियों में सबा उर्फ फकरून्निशा पति नदीम शेख, मोहम्मद नदीम पिता मो. आरीफ शेख, सुल्तान अहमद पिता अलीजरार पाशा और सलमान मोहम्मद पिता इकबाल खाँन शामिल हैं, जो सभी मुंबई के निवासी हैं। उनके कब्जे से 3 किलो एम.डी ड्रग्स और 1 किलो 898 ग्राम डोडाचूरा जब्त किया गया, जिसकी कुल कीमत 3 करोड़ 5 हजार रुपये है। आगे की जांच में हो सकते हैं बड़े खुलासेएसपी अमित कुमार ने बताया कि इस कार्यवाही के बाद पुलिस ने 5 दिन का रिमांड लिया है ताकि मामले में और भी खुलासे हो सकें। पुलिस रतलाम के सप्लायर की जांच कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि ड्रग्स की सप्लाई किस-किस को की गई थी। मुंबई के अलावा, आरोपियों के तार राजस्थान और मंदसौर से भी जुड़े हो सकते हैं। कैरियर और सप्लायर पर होगा फोकसएसपी ने यह भी बताया कि जांच का मुख्य फोकस रतलाम और मुंबई के कैरियर्स और सप्लायर्स पर है। यह भी देखा जा रहा है कि एम.डी ड्रग्स रतलाम में बन रही है या किसी और जगह से लाकर यहां से मुंबई भेजी जा रही है। आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।

Iran Vs Israel: मध्य-पूर्व में छिड़ी जंग: क्या ईरान-इजरायल के बीच बढ़ेगा टकराव?

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Iran Vs Israel: मंगलवार रात ईरान द्वारा इजरायल पर किए गए मिसाइल हमले ने पूरे मध्य-पूर्व में तनाव को बढ़ा दिया है। ईरान के हमले के बाद इजरायल की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है, जिसमें उसने बदला लेने की बात कही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह संघर्ष व्यापक युद्ध का रूप ले सकता है, और जब तक कोई पक्ष हारता नहीं, तब तक यह युद्ध थमने की संभावना कम है। विश्लेषकों का मानना है कि यह युद्ध सिर्फ ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं रहेगा। अमेरिका भी इजरायल का समर्थन कर रहा है, जबकि ईरान ने अपनी प्रतिष्ठा और प्रभाव बनाए रखने के लिए यह हमला किया है। इजरायल की प्रतिक्रिया कैसे होगी, इस पर दुनिया की नजर टिकी है, क्योंकि यह युद्ध अब क्षेत्रीय सीमा से बाहर निकलने की कगार पर है। ईरान ने अपने प्रॉक्सी संगठनों के समर्थन के साथ इस युद्ध में कूदकर अपने लिए एक नई चुनौती खड़ी कर दी है, जबकि इजरायल कई मोर्चों पर लड़ाई लड़ रहा है। इस पूरे घटनाक्रम पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चिंता जताई है और युद्धविराम की अपील की है, लेकिन वर्तमान हालात में इसका कोई हल जल्दी निकलने की संभावना नहीं दिख रही। क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ?विशेषज्ञों का मानना है कि यह टकराव राजनीतिक अस्तित्व और प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है। ईरान-इजरायल के बीच अब हर एक कदम बेहद अहम साबित हो सकता है।

Railway Job’s: रेलवे में फर्जी नौकरी देने वालों का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड बास्केटबॉल कोच फरार! फर्जी जॉइनिंग लेटर भी जप्त

आरोपियों के पास से पश्चिम रेलवे के करीब 20 फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद किए गए हैं। इन नियुक्ति पत्रों में गैंगमैन, खलासी, और टिकट निरीक्षक जैसे पद शामिल! रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Railway job’s:  पुलिस ने रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से रेलवे भर्ती प्रक्रिया के ग्रुप डी और सी के फर्जी जॉइनिंग लेटर भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने उनके पास से एक लैपटॉप भी जब्त किया है, जिसमें नियुक्ति पत्र तैयार किए जाते थे। गिरफ्तार युवक मध्य प्रदेश के पन्ना और शहडोल जिलों के निवासी हैं। वहीं इस पूरे जालसाजी रैकेट का मास्टर माइंड बास्केटबॉल कोच विक्रम बाथव है। शातिर सरगना बाथव की पुलिस को सरगर्मी से तलाश है। गिरफ्तार रैकेट के दो गुर्गों को आज पुलिस न्यायालय में पेश करेगी। शातिर ठगों के सरगना बाथव के खिलाफ भोपाल, मंदसौर में भी जालसाजी के प्रकरण दर्ज है। मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तारीस्टेशन रोड थाना के सब इंस्पेक्टर प्रेमसिंह हटिला ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर डॉट की पुल के पास स्थित एक होटल से दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रकाश लोधी (30), निवासी पन्ना, और विमलेंद्र कुमार मिश्रा (36), निवासी शहडोल, के रूप में हुई है। ये दोनों रतलाम में किसी स्थानीय व्यक्ति के लिए काम कर रहे थे, जो रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का रैकेट चला रहा था। पुलिस से इनसे पूछताछ कर रही है। रतलाम के फरार साथी विक्रम बाथवा की तलाश की जा रही है। फर्जी दस्तावेज और नियुक्ति पत्र बरामदपुलिस ने बताया कि इन दोनों आरोपियों के पास से पश्चिम रेलवे के करीब 20 फर्जी नियुक्ति पत्र बरामद किए गए हैं। इन नियुक्ति पत्रों में गैंगमैन, खलासी, और टिकट निरीक्षक जैसे पदों के फर्जी पत्र शामिल हैं। आरोपियों ने ये नियुक्ति पत्र खुद तैयार किए थे। कोर्ट में पेशी और जांच जारीपुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। थाना स्टेशन रोड पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 318 (4), 338, 336 (3), और 340 (2) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर रही है और इस मामले में रतलाम के अन्य साथियों की तलाश जारी है। पुलिस का मानना है कि इस मामले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं।

Terrorist Threat : महाकाल मंदिर समेत MP-राजस्थान के स्टेशनों को उड़ाने की धमकी भरा पत्र, लिखा- जिहादियों की मौत का बदला लेंगे!

पत्र मिलने के बाद खुफिया एजेंसिया अलर्ट हो गई हैं। राजस्थान के कई शहरों में सघन चेकिंग भी की जा रही है, राजस्थान, मध्य प्रदेश को खून से रंग देने की साजिश? उज्जैन – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Terrorist Threat: महाकाल मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी देने वाले ने खुद को जैश ए मोहम्मद का एरिया कमांडर बताया है। अज्ञात व्यक्ति ने एक पत्र के माध्यम से राजस्थान के हुनमानगढ़ के रेलवे स्टेशन अधीक्षक को दी है। इसमें उज्जैन (Ujjain) रेलवे स्टेशन, हनुमानगढ़ जंक्शन सहित राज्य के श्रीगंगानगर, बीकानेर, जोधपुर, कोटा, बूंदी, उदयपुर, जयपुर रेलवे स्टेशन सहित राजस्थान के कुछ धार्मिक स्थल को आगामी 30 अक्टूबर और 2 नवंबर को बम से उड़ाने की धमकी दी है। पत्र मिलने के बाद खुफिया एजेंसिया अलर्ट हो गई हैं। राजस्थान के कई शहरों में सघन चेकिंग भी की जा रही है। हनुमानगढ़ के स्टेशन प्रबंधक ने बताया कि पात्र हमारे यहां मिला था, जिसमें राजस्थान और मध्यप्रदेश को खून से रंगने की बात लिखी थी। साथ ही राजस्थान के कई रेलवे स्टेशन और उज्जैन के महाकाल मंदिर (Mahakal Mandir Ujjain) को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। पत्र जीआरपी को सौंप दिया है। पत्र में जम्मू कश्मीर में जेहादियों की हत्या का बदला लेने के लिए स्टेशनों और मंदिरों को बम से उड़ाने की धमकी लिखी है। रेलवे स्टेशन के अधीक्षक को मिला है पत्रराजस्थान के हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन के अधीक्षक नागेंद्र सिंह को एक पत्र मिला है, जिसमें राजस्थान के कई शहर और रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। मंगलवार को मिले पत्र में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के जम्मू कश्मीर के एरिया कमांडर सलीम अंसारी के नाम से पत्र भेजा गया है। जेहादी की मौत का बदला लेंगेपत्र में लिखा है कि हे खुदा मुझे माफ करना जम्मू कश्मीर में मारे जा रहे हमारे जेहादी की मौत का बदला लेंगे। हम ठीक 30 अक्टूबर को जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अलवर, गंगानगर और हनुमानगढ़, बूंदी उदयपुर सिटी जयपुर मंडल राजस्थान और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ा देंगे। हम ठीक 2 नवंबर को महाकाल उज्जैन शिव मंदिर और जयपुर के कई धार्मिक स्थान, हवाई अड्डा, मिलिट्री कैंप को बम से उड़ा देंगे। एमपी राजस्थान को खून से रंग देंगेपत्र लिखने वाला ने लिखा है कि हम राजस्थान, मध्य प्रदेश को खून से रंग देंगे। इसके बाद लिखा कि खुदा आफिज, (Jaish E Mohmmad) आतंकवादी संगठन, जैश ए मोहम्मद एरिया कमांडर मो. सलीम अंसारी जम्मू कश्मीर, पाकिस्तान जिंदाबाद। हालांकि उज्जैन पुलिस को इस बात की सूचना साझा नहीं की गई है। उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि मीडिया से सूचना हमको मिली है। जानकारी लगने के बाद हम सतर्कता बरत रहे है। राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) से संपर्क कर कार्रवाई करेंगे। 10 साल तक की सजा का प्रावधानतहत सजा हो सकती है। किसी भी तरह की बम की धमकी को, भले ही वह मजाक के रूप में दी गई हो, कानून गंभीर अपराध की श्रेणी में रखता है। ऐसी धमकी से अफरातफरी का माहौल बन सकता है। ऐसे में बम की धमकी देने वाले को 10 साल तक की अलग-अलग धाराओं के कई मायनों में ऐसा लगता है कि आतंकवादी गतिविधियों  से प्रेरित होकर या कोई आतंकी साहित्य पढ़कर ऐसा किया गया है तो पुलिस और दूसरी जांच एजेंसियां अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेशन एक्ट (UAPA) के तहत भी कार्रवाई कर सकती हैं।