MP में धार्मिक स्थलों के नीचे बिक रहा मांस!,CM Dr. Mohan Yadav के आदेश से बेरोजगारी? – PUBLIC VARTA

पब्लिक वार्ता/जयदीप गुर्जर : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने खुले में मांस-मछली के विक्रय तथा धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में मांस विक्रय पर प्रतिबंध के आदेश दिए है। रतलाम में करीब 200 परिवार इससे जुड़े है जिन पर सीधा असर पड़ेगा। गौर करने वाली बात है की नगर निगम पिछले 15 – 20 सालों से लाईसेंस नहीं बना रहा है। वहीं नगर में केवल 34 मांस विक्रेता ही लाइसेंसधारी है। ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि आखिर क्यों लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया रोकी हुई है। इसको लेकर अधिकारियों के पास भी कोई आदेश या जवाब नहीं है। जो 34 लाइसेंस है उनका ही केवल नवीनीकरण किया जा रहा है। खुले में मांस बेच रहे विक्रेताओं का कहना है कि निगम लाईसेंस नहीं बनाता। हमे हटाने की बजाय कोई एक स्थान सरकार को देना चाहिये। हमारे परिवार का पालन पोषण इसी काम से होता है।शहर में 100 मीटर के दायरे में मांस विक्रय पर रोक लगानी है। ऐसे में कई मांस की दुकानें धार्मिक स्थलों द्वारा किराए पर दी गई है। जहां मांसाहार की होटले संचालित है। ऐसे में इनको हटाना भी प्रशासन के।लिए बड़ी चुनौती का काम होगा।

भ्रष्टाचार का खुला खेल : निगम के इंजीनियर ब्रजेश कुशवाह पर कमीशनखोरी का आरोप, ठेकेदार पहुंचे कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी के पास

पब्लिक वार्ता – रतलाम, जयदीप गुर्जर। नगर निगम में भ्रष्टाचार होने की बाते तो हम सुनते आ रहे है। मगर आज शुक्रवार को निगम के भ्रष्ट व कमीशनखोर अधिकारी पूरी तरह बेनकाब हो गए। जब निगम कार्यों की टेंडर प्रक्रिया को पूरा करने वाले लगभग 10 से 20 ठेकेदार कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी के पास शिकायत करने पहुंचे। ठेकेदारों ने निगम के सब इंजीनियर ब्रजेश कुशवाह पर कमीशनखोरी व मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। यह ज्ञापन ठेकेदार यूनियन की और से दिया गया। देखिए वीडियो – [embedyt] https://www.youtube.com/watch?v=ZMqsKxrE5DM[/embedyt] शिकायतकर्ता ठेकेदार चंदन बसेर ने बताया की निगम के कुछ अधिकारी ठेकेदारों को आए दिन परेशान करते रहते है। उनसे कमीशन की मांग की जाती है। कमीशन देने के बाद भी उनसे एडवांस में और तय से अधिक कमीशन मांगा जाता है। निगम के सब इंजीनियर ब्रजेश कुशवाह पर आरोप लगाते हुए कहा गया कि कुशवाह द्वारा कमीशन ना देने पर फ़ाइल आगे नहीं बढाने जैसी धमकियां दी जाती है। इसके अलावा कार्य का बिल पास नहीं करना, कार्य को रुकवाना आदि हथकंडे अपनाए जाते है। बकौल इंजीनियर कुशवाह का कहना है कि शिकायत कर दो कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पायेगा। मेरी सेटिंग ऊपर तक है। कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी को शिकायतकर्ताओं ने वीडियो व कुछ फोटो भी पैसे देते हुए आवेदन के साथ संलग्न किए है। आपको बता दे कि कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी के कार्यालय में नहीं मिलने पर ठेकेदारों ने उनसे फोन पर चर्चा कर समस्या सुनाई। जिसके बाद व्हाटसएप से उन तक आवेदन व अन्य दस्तावेज भेजे गए। कलेक्टर ने ठेकेदारों को कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया है।

0%