DP Wires incident: डीपी वायर्स के अरविंद कटारिया और मैनेजर विजय सोनी के खिलाफ कोर्ट में आपराधिक मामला दर्ज, श्रम न्यायालय में भी चलेगा केस

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। औद्योगिक क्षेत्र में हुई एक मजदूर की दुखद मौत के मामले में शहर की प्रतिष्ठित डीपी वायर्स (DP Wires) लिमिटेड के मालिक अरविंद कटारिया और प्रबंधक विजय सोनी के खिलाफ रतलाम की मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अदालत में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। यह मामला 22 वर्षीय कर्मचारी नितिन सरोज की मौत के बाद औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा दायर किया गया है। गौरतलब है की 3 जुलाई, 2024 को नितिन सरोज, जो कि डी. पी. वायर्स में रात्रिकालीन शिफ्ट में वायर ड्राइंग मशीन पर कार्यरत था, करंट लगने से उसकी जान चली गई। घटना सुबह करीब 6 बजे हुई, जब कारखाने में बारिश का पानी फैलने से नितिन करंट की चपेट में आ गया। नितिन की शिफ्ट समाप्त होने से मात्र डेढ़ घंटा पहले ही यह हादसा हुआ था। जांच और प्रबंधन की लापरवाहीघटना की जांच औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के करखाना निरीक्षक हिमांशु सोलोमन ने की। जांच में पाया गया कि कारखाने में कारखाना अधिनियम 1948 की धारा 7ए-2सी एवं नियम 73 का उल्लंघन हुआ है। इसके चलते संचालक अरविंद कटारिया और प्रबंधक विजय सोनी को जिम्मेदार ठहराया गया। दोनों के खिलाफ आपराधिक वाद दायर किया गया है, जिसमें दोष सिद्ध होने पर एक लाख रुपए का जुर्माना, दो साल की सजा, या दोनों हो सकते हैं। श्रम न्यायालय में भी केसऔद्योगिक अधिनियम के अनुसार, मृतक श्रमिक के परिवार को क्षतिपूर्ति प्रदान करने का प्रावधान है। इसी के तहत नितिन के आश्रितों को मुआवजा दिलाने के लिए श्रम न्यायालय में भी मामला दर्ज किया गया है। परिवार की स्थिति और मजदूरों का आक्रोशमिर्जापुर, उत्तर प्रदेश से रतलाम आकर बसे नितिन का परिवार शिवनगर क्षेत्र में रहता है। उसके परिवार में एक 8 महीने का बेटा भी है। इस घटना के बाद उद्योग के मजदूरों में काफी आक्रोश है। उनका कहना है कि उद्योग में सुरक्षा मानकों की अनदेखी होती है और सभी मजदूर जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हैं। यह घटना न केवल उद्योग के सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाती है, बल्कि प्रशासन और प्रबंधन की लापरवाही की भी गंभीरता को दर्शाती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अदालत और श्रम न्यायालय इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं।

Ratlam News: रतलाम में आवारा सांडों का आतंक, 4 महीने में दूसरी मौत, नगर निगम पर उठे गंभीर सवाल!

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। रतलाम में आवारा सांडों के आतंक का खौफनाक सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को सांड के हमले में घायल एक व्यक्ति की मौत ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले 4 महीनों में सांड के हमले से यह दूसरी मौत है, जिससे शहर में आक्रोश व्याप्त हो गया। नगर निगम अधिकारियों और महापौर के खिलाफ जमकर नारेबाजी लोगों ने की। (Ratlam News) सांड की लड़ाई में घायल व्यक्ति की दर्दनाक मौतदो दिन पहले, वार्ड 23 के तेजानगर ब्लॉक में रहने वाले राजेश गुगलिया (45) और उनकी मां मोहनबाई घर के बाहर बैठे थे। तभी दो सांड लड़ते हुए आए और इन दोनों पर हमला कर दिया। हमले में मां-बेटे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जहां मोहनबाई को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, वहीं राजेश की हालत बिगड़ती चली गई। बुधवार सुबह 6 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। बताया जाता है कि राजेश को अंदरूनी चोटें लगी थीं, जिससे उनकी जान चली गई। परिजनों और स्थानीय निवासियों का फूटा गुस्सा, चक्काजामराजेश की मौत के बाद, गुस्साए परिजन और स्थानीय निवासियों ने संत रविदास चौक पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। करीब 2 घंटे तक नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। गुस्साए लोगों की मांग थी कि दोषियों पर कार्रवाई हो और परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। चक्काजाम की सूचना मिलने पर निगम कमिश्नर हिमांशु भट्ट, एसडीएम अनिल भाना समेत कई अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बावजूद परिजनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। आखिरकार, रतलाम के महापौर प्रहलाद पटेल के आश्वासन पर ही चक्काजाम खत्म किया गया। उन्होंने मृतक के परिवार रेडक्रॉस और आदि की और से 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया। नगर निगम की लापरवाही: 4 महीने में दूसरी जान गईयह पहली बार नहीं है कि रतलाम में सांड के हमले ने किसी की जान ली है। चार महीने पहले, टाटा नगर निवासी शांताबाई (60) की भी सांड की लड़ाई में मौत हो गई थी। बावजूद इसके, नगर निगम ने सड़कों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों को पकड़ने की कार्रवाई को गंभीरता से नहीं लिया। कुछ दिन तक मवेशियों को पकड़ने की मुहिम चलाई गई, लेकिन जल्द ही यह कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई। शहर की सड़कों पर मवेशियों की संख्या बढ़ते ही जा रही है। शहहर के अंदर अवैध रूप से पशुपालन करने वाले दूध निकालकर इन्हें सड़कों पर छोड़ देते है। जिससे बाजारों व गलियों में लोगों को इनका सामना करना पड़ता है। खासकर महिलाएं और छोटे बच्चे गाय व सांड के हमलों का ज्यादा शिकार हो रहे है। सांठगांठ के आरोप: निगम की टीम ने नहीं लिया सबक?स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम के अधिकारी और पशुपालक सांठगांठ कर मवेशियों को पकड़ने में लापरवाही बरतते हैं। सूत्रों का दावा है कि मवेशियों को पकड़ने की सूचना पहले ही पशुपालकों तक पहुंचा दी जाती है, जिससे वे उन्हें गायब कर देते हैं। इसके चलते सड़कों पर आवारा मवेशी बेखौफ घूमते रहते हैं, जिससे ऐसे हादसों का सिलसिला जारी है। कौन लेगा जिम्मेदारी?राजेश गुगलिया की मौत ने रतलाम में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। क्या इन मौतों का जिम्मेदार निगम है, जिसने कार्रवाई करने में कोताही बरती? आवारा मवेशियों के हमलों का शिकार हो रहे लोग कब तक इस खतरनाक स्थिति का सामना करेंगे? मामले में नगर निगम कमिश्नर ने कहा, सांड के मरने से व्यक्ति की असमय में मृत्यु हुई है, उसका सभी को दुख है। आज से नगर निगम अनाउंसमेंट शुरू करेगा। किसी का भी पशु बाहर पाया जाएगा तो उसको पकड़ा जाएगा। ऐसे पशु मालिक के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई भी की जाएगी।

Ratlam News: पैदल निकली 12 वीं की छात्राएं तो बीच रास्ते कलेक्टर पहुंचे मनाने, MP में शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलती तस्वीरें, जानिए क्या है मामला!

कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई न होने पर मजबूर होकर उठाया कदम, कन्या शिक्षा परिसर की अधीक्षिका सुनीता खराड़ी सस्पेंड, प्रिंसिपल गणतंत्र मेहता को नोटिस जारी. रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। रतलाम में मंगलवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब कन्या शिक्षा परिसर की 12वीं की छात्राएं 8 किलोमीटर पैदल चलकर अचानक कलेक्टर ऑफिस पहुंच गईं। इस अप्रत्याशित कदम से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। छात्राओं ने फिजिक्स और केमिस्ट्री के शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे उनकी पढ़ाई से पूरी तरह असंतुष्ट हैं। कई बार शिकायत के बावजूद स्कूल प्रशासन ने उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया, जिससे परेशान होकर उन्हें पैदल मार्च करने पर मजबूर होना पड़ा। (Ratlam News) छात्राओं के पैदल मार्च की खबर मिलते ही कलेक्टर राजेश बाथम ने तुरंत एडीएम और एसडीएम को गाड़ी भेजकर छात्राओं को रोकने की कोशिश की। अधिकारी आधे रास्ते में पहुंचकर छात्राओं को समझाने लगे, लेकिन छात्राएं इतनी गुस्से में थीं कि उन्होंने अधिकारियों की एक नहीं सुनी। इसके बाद खुद कलेक्टर राजेश बाथम भी उन्हें मनाने पहुंचे, लेकिन छात्राओं ने साफ कहा— “हम कलेक्टोरेट पहुंचकर ही अपनी बात रखेंगे!” वहीं इस घटनाक्रम के बाद जिला प्रशासन में हलचल मच गई है। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर स्कूल प्रशासन ने इतने समय तक छात्राओं की शिकायतों को क्यों नजरअंदाज किया? क्या स्कूल के भीतर और भी ऐसी समस्याएं हैं, जो अब तक सामने नहीं आई हैं? फिजिक्स – केमिस्ट्री टीचर्स को पढाने में नहीं इंटरेस्टकलेक्ट्रेट पहुंचते ही छात्राओं ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। छात्राओं ने कलेक्टर को बताया कि फिजिक्स और केमिस्ट्री के टीचर्स उनकी पढ़ाई में बिल्कुल रुचि नहीं ले रहे हैं। कलेक्टर बाथम ने जब मामले की गंभीरता देखी, तो तत्काल प्रभाव से कन्या शिक्षा परिसर की अधीक्षिका सुनीता खराड़ी को सस्पेंड कर दिया और प्रिंसिपल गणतंत्र मेहता को नोटिस जारी किया। साथ ही, शिकायत किए गए टीचर्स को भी बदलने के आदेश दिए गए। छात्राओं को नाश्ता कराकर गाड़ी से भेजा वापसकलेक्टर ने छात्राओं की समस्या सुनने के बाद उन्हें नाश्ता कराया और गाड़ी की व्यवस्था कर उन्हें वापस हॉस्टल भेजा। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रशासन ने छात्राओं की समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लिया और उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। कन्या शिक्षा परिसर, जो कि रतलाम से 8 किलोमीटर दूर बाजना रोड पर स्थित है, में 6वीं से 12वीं तक की 452 छात्राएं पढ़ाई करती हैं। इनमें से 12वीं कक्षा की 37 छात्राएं हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही हैं।

Hemp cultivation : MP के इस जिले में अवैध गांजा की खेती का पर्दाफाश, 7.8 किलो गांजा के 30 पौधे बरामद

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। जिले की थाना दीनदयाल नगर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध मादक पदार्थ गांजा की खेती (Hemp cultivation) का खुलासा किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में 7.8 किलो वजनी गांजे के 30 हरे पौधे बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 80,000 रुपए बताई जा रही है। रतलाम एसपी अमित कुमार ने बताया की  अवैध गतिविधियों व मादक पदार्थों से जुड़ी जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचित करें ताकि ऐसे मामलों पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की जा सके। आरोपी फरार, पुलिस जांच में जुटीपुलिस की दबिश के दौरान आरोपी रामचंद्र सिंघाड मौके से फरार हो गया और घर पर नहीं मिला। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 710/2024 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया है और उसकी तलाश की जा रही है। दीनदयाल नगर थाना प्रभारी रविंद्र दंडोतिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। उपनिरीक्षक के. एल. रजक, आरक्षक दीपक सिंह, आरक्षक दीपक वसुनिया, और आरक्षक बंकट शर्मा की भूमिका महत्वपूर्ण रही। जानकारी के अनुसार पुलिस को मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम मउड़ीपाड़ा में रामचंद्र पिता मेघा सिंगर ने अपने घर के पीछे के खेत में अवैध रूप से गांजे के पौधे लगा रखे हैं। इस सूचना पर थाना दीनदयाल नगर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। जब पुलिस टीम ने आरोपी रामचंद्र के घर के पीछे के खेत में छापा मारा, तो वहां गांजे के 30 हरे पौधे पाए गए, जिनका कुल वजन 7 किलो 817 ग्राम था।

Illegal pistol: रतलाम में अवैध हथियारों के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार, तीन पिस्टल और कारतूस बरामद

रतलाम – पब्लिक वार्ता,News डेस्क। रतलाम जिले के औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियारों के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पॉइंट 32 एमएम की तीन पिस्टल (Pistol), पांच जिंदा कारतूस और एक सफेद रंग की स्कोडा कार (MP-09-ZH-9871) बरामद की गई है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की, जिसमें तीनों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए। पुलिस के अनुसार मुखबिर द्वारा सूचना मिली थी कि डेलनपुर की ओर से एक सफेद रंग की स्कोडा कार रतलाम आ रही है, जिसमें तीन व्यक्ति सवार हैं, जिनके पास अवैध पिस्टल हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने नंदलई फंटा, रतलाम-सैलाना रोड पर एक सफेद स्कोडा कार को रोक लिया। कार में तीन व्यक्ति बैठे थे, जिनसे पूछताछ करने पर उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। शक के आधार पर पुलिस ने तीनों की तलाशी ली और उनके पास से तीन अवैध पिस्टल (Illegal pistol) और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए। पुलिस ने दानिश अली (25) निवासी नयापुरा हाट रोड रतलाम, जावेद उर्फ गोलु (33) निवासी 16 शहर सराय रतलाम, व अहमद हुसैन (30) निवासी ताल नाका, जावरा को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान, दानिश अली की कमर से .32 एमएम की पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए। वहीं, जावेद और अहमद की कमर से भी .32 एमएम की पिस्टल और कारतूस मिले। तीनों आरोपियों के पास पिस्टल रखने का कोई लाइसेंस नहीं था, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि वे अवैध हथियार लेकर चल रहे थे। आर्म्स एक्ट में दर्ज किया प्रकरणआरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे अवैध हथियारों की सप्लाई के संबंध में पूछताछ की जा रही है। साथ ही, पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है। फिलहाल आरोपियों से अवैध पिस्टल कहां से लाए व इसे रखने के पीछे की वजह जैसे बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार (ips Amit Kumar) के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा और नगर पुलिस अधीक्षक अभिनव वारंगे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी औद्योगिक क्षेत्र, रतलाम वी.डी. जोशी के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। इस टीम में उपनिरीक्षक सत्येंद्र रघुवंशी, प्रधान आरक्षक योगेंद्र सिंह जादौन, दिनेश जाट, तेज सिंह जगावत, हर्षवर्धन सिंह, अमित त्यागी, जितेंद्र सिंह गौड़ सहित अन्य आरक्षकों की सराहनीय भूमिका रही।

MP’s Vyapam Scam: सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया, 11 साल में कहां पहुंची जांच!

व्यापमं घोटाले (Vyapam Scam) में 2010 से 2013 तक की अवधि में हुए भ्रष्टाचार पर जिम्मेदार अधिकारियों से पूछताछ की मांग, एसटीएफ और सीबीआई पर घोटाले की जांच में बड़े अधिकारियों को बचाने का आरोप! भोपाल – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। सुप्रीम कोर्ट ने बहुचर्चित व्यापमं घोटाले (Vyapam Scam) के मामले में सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस पूर्व विधायक और व्यापमं घोटाले के व्हिसिल ब्लोअर पारस सकलेचा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद जारी किया गया। सकलेचा ने व्यापमं घोटाले में 2010 से 2013 तक की अवधि में हुए भ्रष्टाचार पर जिम्मेदार अधिकारियों से पूछताछ की मांग की थी, जो पहले इंदौर हाईकोर्ट द्वारा खारिज कर दी गई थी। आपको बता दे 2013 में मध्यप्रदेश के बहुचर्चित व्यवसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले का पर्दाफाश हुआ था। माना जाता है कि आजाद भारत में व्यापमं सबसे बड़ा घोटाला रहा। मामले में जब जांच शुरू हुई तो जांचकर्ता और आरोपियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने लगी। घोटाले के तार मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, आंध्र प्रदेश समेत राज्यों से जुड़े होने की बात सामने आई। आखिरकार सुप्रीम कोर्ट में यह मामला पहुंचने पर इस मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) को सौंप दी गई। व्यापमं घोटाला जांच में गड़बड़ी के आरोपपारस सकलेचा ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि एसटीएफ और सीबीआई ने व्यापमं घोटाले की जांच में बड़े अधिकारियों को बचाने के लिए कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को शामिल नहीं किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच में लीपापोती की गई है और सिर्फ छोटे रैकेटियर, दलाल, स्कोरर, छात्र और अभिभावकों पर ही कार्रवाई की गई है। सकलेचा का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर चलने वाला रैकेट सरकार और प्रशासन की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। 850 पेज का दस्तावेजी साक्ष्य पेशसकलेचा ने अपने आवेदन में लगभग 850 पेज के दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए हैं, जिसमें उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा सचिव, और व्यापमं के उच्च अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। सकलेचा का दावा है कि इन बड़े अधिकारियों की संलिप्तता के बिना व्यापमं जैसा बड़ा घोटाला संभव नहीं था। इंदौर हाईकोर्ट से निरस्त हुई थी याचिकाइससे पहले, पारस सकलेचा ने व्यापमं घोटाले को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे 19 अप्रैल 2024 को खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां पर आज जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की बेंच ने सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। आरोप: बड़े अधिकारियों पर नहीं हुई कार्रवाई!सकलेचा ने अपने आवेदन में कहा कि एसटीएफ और सीबीआई को व्यापमं घोटाले के बारे में विस्तृत जानकारी और दस्तावेज देने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने एसटीएफ को 350 पेज का आवेदन और मौखिक साक्ष्य के अलावा 240 पेज के दस्तावेज सौंपे थे। इसके बावजूद, बड़े अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और केवल छोटे स्तर के लोगों पर ही शिकंजा कसा गया। प्रशासन और सरकार की भूमिका पर सवालपारस सकलेचा ने कहा कि व्यापमं घोटाले की जांच में प्रशासन और सरकार की भूमिका संदिग्ध रही है। उन्होंने बताया कि 2009 में जब व्यापमं घोटाले का पर्दाफाश हुआ था, तब भी निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की भर्ती की जांच नहीं की गई, जबकि यह भी घोटाले का एक प्रमुख हिस्सा था। अब आगे क्या ?व्यापमं घोटाले (Vyapam) की जांच को लेकर पारस सकलेचा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई और मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और क्या बड़े अधिकारियों पर कोई कार्रवाई की जाती है। गौरतलब है की व्यापमं घोटाले को करीब 11 साल हो चुके है। मध्यप्रदेश सरकार के मुताबिक रिश्वत लेकर प्रवेश परीक्षाओं और भर्तियों में नकल करने के मामले में 4046 लोगों को आरोपी बनाया गया। इसमें से 956 आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पाई है। वहीं CBI ने 1242 लोगों को आरोपी बनाया है। गौर करने वाली बात यह है कि इस मामले में मध्य प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल राम नरेश यादव के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज है। इतना ही नहीं व्यापमं घोटाले में तत्कालीन शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। एक अनुमान के मुताबिक घोटाले से जुड़े 40 से ज्यादा लोगों की संदिग्ध परिस्थतियों में मौत हो चुकी है। इनमें टीवी चैनल आजतक के पत्रकार अक्षय सिंह भी शामिल है, जिनकी मौत झाबुआ में एक इंटरव्यू के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। घोटाले के व्हिसलब्लोअर डॉक्टर आनंद राय बताते हैं कि यह घोटाला पूरी तरह से पिरामिड की तरह काम कर रहा था। इस पिरामिड में सबसे नीचे स्टूडेंट्स और उनके पैरेंट्स थे। जबकि ऊपर रसूखदार लोग थे, जिन्हें इस पूरे घोटाले का पैसा जा रहा था। जो रसूखदार लोग थे उन्हें कभी जेल नहीं हुई। कुछ लोग जेल गए भी तो सबूत के अभाव में छूट गए। 

Ratlam News : थाना माणकचौक का जिलाबदर रितिक खरे शहर में घूमते हुए पकड़ाया, एसपी अमित कुमार के निर्देशन के बाद जारी है धरपकड़

रतलाम- पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। नवागत एसपी अमित कुमार (ips amit kumar) के निर्देशों के बाद पुलिस का सघन चेकिंग अभियान जारी है। एसपी ने क्राइम मीटिंग के दौरान जिले में गुंडा, हिस्ट्रीशीटर, और जिलाबदर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए विशेष टीम का गठन किया था। एसपी ने अच्छे काम के लिए पुलिस टीम को प्रोत्साहन के लिए इनाम देने की भी बात कही थी। इसी के अंतर्गत थाना औद्योगिक क्षेत्र  पुलिस टीम ने आज बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना माणकचौक के जिलाबदर आरोपी रितिक पिता सुनील खरे (23) निवासी नयापुरा हाट रोड, थाना माणकचौक, हाल मुकाम एमबी नगर को पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 660/2024 के तहत मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 14 और 15 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस टीम की मुस्तैदी से पकड़ाया जिलाबदरपुलिस कप्तान अमित कुमार ने अपराधियों पर नियंत्रण के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि रतलाम पुलिस (ratlam police) शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अभियान के तहत उपनिरीक्षक वी.डी. जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रतलाम के एमबी नगर इलाके से रितिक खरे को गिरफ्तार किया। रितिक के खिलाफ पहले से ही कई अपराधों में शामिल होने के चलते जिलाबदर का आदेश लागू किया गया था, लेकिन वह इसके बावजूद शहर में घूम रहा था। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक वी.डी. जोशी के साथ प्रधान आरक्षक नीरज त्यागी, आरक्षक मयंक चौधरी और आरक्षक राजेश प्रजापति की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Hit and Run by Thar Jeep : केमिकल इंजीनियर और साली को 10 फिट तक हवा में उछाला, दो मासूम बच्चियां हुई अनाथ

शहर में काले शीशे से लैस थार गाड़ियों की बेख़ौफ स्टंटबाजी, पुलिस सुस्त! रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। रतलाम में एक तेज रफ्तार थार जीप (Thar Jeep) ने बाइक सवार केमिकल इंजीनियर और उनकी साली को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों करीब 10 फीट तक हवा में उछल गए। हादसे में इंजीनियर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि साली को गंभीर हालत में इंदौर रेफर किया गया है। यह दर्दनाक हादसा रविवार देर रात औद्योगिक थाना क्षेत्र में हुआ। वहीं हादसे के 16 घंटे बीतने के बाद पुलिस सिर्फ जीप ही जप्त कर पाई है। आरोपी ड्राइवर का पता नहीं चल सका। हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया। जानकारी के अनुसार शहर के शिवशक्ति नगर निवासी मुकेश भाटी रविवार रात साली प्रीति बरोठा को लेकर घर लौट रहे थे। प्रीति इंदौर के स्कीम 51, सृष्टी पैलेस की रहने वाली हैं। रतलाम के औद्योगिक थाना क्षेत्र में दोनों साक्षी पेट्रोल पंप से नया गांव जाने वाले रास्ते की तरफ क्रॉस हुए, तभी डेलनपुर की तरफ से आ रहा थार जीप (जीजे 08 डीडी 0006) का ड्राइवर दोनों को रौंदता हुआ भाग निकला। घटना के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। राहगीरों ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां मुकेश को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। रात 2 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया। सोमवार दोपहर परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया। पुलिस की सुस्ती पर सवालघटना के 16 घंटे बाद भी पुलिस सिर्फ जीप को जप्त करने में सफल हो पाई है, जबकि आरोपी ड्राइवर अब भी फरार है। इस मामले को लेकर पुलिस की सुस्त कार्यवाही पर सवाल उठ रहे हैं।  वहीं शहर में अब थार गाड़ियों से स्टंट बाजी देखना आम हो गया है। काले शीशों से लैस थार गाड़ियां बेधड़क सड़कों पर घूम रही है। जो आम लोगों रौंद कर तेजी से रफ्फू चक्कर होने में देर नहीं करती। ऐसे में बड़ा सवाल है की इस मौत के बाद पुलिस महकमा और आरटीओ विभाग ऐसी गाड़ियों के शौरूम संचालकों और गाड़ी मालिकों पर कार्रवाई करेगा? अनाथ हुई दो मासूम बेटियांपरिजनों के अनुसार मुकेश का इंदौर में ससुराल है। वे साली को लेने इंदौर गए थे। देर रात में ट्रेन से रतलाम लौटे। रेलवे स्टेशन से पार्किंग में खड़ी बाइक से वे साली को लेकर घर जा रहे थे, तभी हादसा हो गया। मृतक मुकेश मूलत: बड़नगर के रहने वाले थे। डेढ़ साल पहले रतलाम में रहने आए थे। इप्का फैक्ट्री के एपीआई प्लांट 24 में केमिकल इंजीनियर थे। घर में पत्नी रानी भाटी हैं। दो बेटी मानसी जिसकी उम्र 7 वर्ष और मिस्टी उम्र 2 वर्ष है। जिनके सर पर से अब पिता का साया उठ गया है। डेलनपुर के पवन पोरवाल की है थारथार जीप रतलाम के डेलनपुर के पवन पोरवाल की है। घटना के बाद जीप उसी के घर पर खड़ी थी। पुलिस वहां जाकर जीप को लेकर आई, लेकिन मौके पर पवन पोरवाल नहीं मिला। थाना औद्योगिक क्षेत्र में पवन पोरवाल के खिलाफ पूर्व में धारा 188 के 2 व अवैध शराब और एट्रोसिटी के मामले में भी केस दर्ज है। थाना औद्योगिक क्षेत्र प्रभारी वीडी जोशी ने बताया कि अज्ञात जीप चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है। जीप डेलनपुर के पवन पोरवाल की है। जप्ती में ली है। आरोपी अभी गिरफ्त में नहीं आया।

पूर्वजों की स्मृति में शिवानी परिवार ने मेडिकल कॉलेज को भेंट किया आरओ प्लांट

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। डॉ लक्ष्मीनारायण पांडेय मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को अब शुद्ध पेयजल मिलेगा। रतलाम के शिवानी परिवार ने मेडिकल कॉलेज में अपने पूर्वजों की स्मृति में आरओ प्लांट सिस्टम दान किया है। गुरुवार को मेडिकल कॉलेज में विधिवत पूजा अर्चना कर प्लांट लगाया गया। इस अवसर पर हासी शिवानी, पदमा भाभरा, आनंद व्यास, यश राजेश व्यास, यशपाल झाला और श्री शक्ति आरओ के प्रतिनिधि उपस्थित थे। देवी शिवानी पिता गोविंद राम शिवजी और आनंद भाभरा पिता खुबचंद भाभरा की स्मृति में 100 एलपीएच का आरओ प्लांट सिस्टम दान किया गया है। मेडिकल कॉलेज डीन डॉ. अनिता मूथा ने इस कार्य को लेकर दानदाता परिवार को धन्यवाद दिया। इस आरओ प्लांट सिस्टम के स्थापित होने से मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को शुद्ध पेयजल मिलेगा, जिससे उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा होगी। शिवानी परिवार की यह पहल प्रशंसनीय है और समाज में एक अच्छी मिसाल पेश करती है।

Women Safety : यहां गणेशजी के प्रसाद में लड्डू नहीं बल्की बांटी गई “लाठियां”, जानिए क्या है वजह

प्रसादी के रूप में लड्डूओं की जगह लाठियों का वितरण, इसके पीछे का कारण सुनकर आप भी हो जाएंगे हैरान! रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश के रतलाम में गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान श्री गणेश की आरती के बाद प्रसादी के रूप में लड्डूओं की जगह लाठियों का वितरण किया गया। सुनने में यह अजीब जरूर है लेकिन इसके पीछे का कारण सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे। दरअसल देश में बढ़ते (Women crime) महिला अपराधों के चलते रतलाम की एक गणेश समिति ने मातृशक्ति को हौसला देने और उनमें आत्मविश्वास जगाने के लिए प्रसादी में लकड़ी की सामान्य लाठियों का वितरण किया। शहर के धभाई जी का वास में वंदेमातरम ग्रुप द्वारा आयोजित भगवान श्री गणेश की आरती में यह अनोखी पहल की गई, जिसके तहत मातृशक्ति को आत्मरक्षा (Women Safety) के लिए दण्ड वितरित किए गए। इस अवसर पर गणमान्य नागरिकों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान प्रमुख अतिथि निगम अध्यक्षा मनीषा शर्मा ने सराहना करते हुए इसे महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। शर्मा ने कहा की हाल ही में महिलाओं से जुड़े कई गंभीर घटनाक्रम ने महिलाओं में असुरक्षा की भावना को पैदा किया है। ऐसे में महिलाओं में आत्मविश्वास और सुरक्षा के भाव को जागृत करना अत्यंत आवश्यक है। समिति के सदस्यों के अनुसार आत्मरक्षा और महिलाओं की सशक्तिकरण की दिशा में यह एक प्रेरणादायक पहल के रूप में प्रस्तुत किया है। वर्तमान में कई ऐसे घटनाक्रम सामने आ रहे है जो महिलाओं के अस्तित्व और सुरक्षा पर बड़ा आघात कर रहे है। ऐसे में महिलाओं में असुरक्षा का वातावरण बना हुआ है, जबकि भारत देश की परंपरा नारी प्रधान है, यहां नारी को पूजा जाता है उसे शक्ति का स्वरूप माना जाता है। दण्ड वितरण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मरक्षा (women safety) के प्रति जागरूक करना और उन्हें इस कला में निपुण बनाना है, ताकि वे किसी भी विपरीत परिस्थिति में अपनी रक्षा कर सकें। यह दंड केवल पशु भगाने के लिए नहीं है बल्कि विधर्मियों से स्वयं की सुरक्षा के लिए है। कार्यक्रम में निगम अध्यक्ष मनीषा शर्मा, भाजपा नेता मनोज शर्मा, राजेश कटारिया, महेंद्रसिंह सोलंकी, दिग्विजयसिंह धभाई, किशन माहेश्वरी, मनीष रावल, प्रद्युम्न शर्मा और दीपक परमार आदि उपस्थित रहे। इन सभी ने वंदेमातरम ग्रुप की इस पहल की प्रशंसा की और महिलाओं को सशक्त बनाने के इस प्रयास में अपना समर्थन व्यक्त किया। आयोजन के दौरान भगवान गणेश की आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और धार्मिक माहौल के बीच आत्मरक्षा के इस संदेश को भी बल मिला। महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में यह पहल अन्य संगठनों के लिए भी एक प्रेरणा बनेगी।

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