ABVP का घेराव : टाइम किड्स स्कूल संचालक के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई, मामला स्वतंत्रता दिवस पर पाकिस्तानी झंडा फहरवाने का

स्कूल संचालक ने बताया था सामाजिक सदभाव! , कल विद्यार्थी परिषद का कलेक्ट्रेट घेराव पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को शहर के रामबाग कॉलोनी स्थित टाइम किड्स प्री स्कूल में भारत माता बनी नन्हीं बच्ची के हाथों पाकिस्तानी झंडा फहरवाने का मामला सामने आया था। इसका वीडियो स्कूल ने अपने सोशल मीडिया के एकाउंट पर डाला था। पब्लिक वार्ता ने मुखरता से इस मामले को जनता के सामने रखा। बकौल स्कूल संचालक दीपक पंत ने इसे सामाजिक सदभाव का प्रतीक बताया। लेकिन तीन दिन बाद तक जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने इतने गंभीर मामले में प्रशासन के रवैय्ये को लेकर तीखी आपत्ति ली है। वहीं बुधवार सुबह 11 बजे परिषद के सैंकड़ों कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे। वहीं स्कूल प्रशासन ने इस पूरे मामले में सफाई देते हुए वीडियो को हटा लिया गया और खेद जताकर मामले में इतिश्री कर ली। विद्यार्थी परिषद जिला संयोजक सत्यम दवे ने बताया की मामला घोर निंदनीय है। खबर प्रसारित होने और वीडियो सामने आने के बाद भी जिला प्रशासन और पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया। यह प्रशासन की कार्य प्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। विद्यार्थी परिषद इसका कड़ा विरोध करती है। कलेक्ट्रेट का घेराव करने के अलावा अगर प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर स्कूल संचालक दीपक पंत पर एफआईआर और कड़ी कार्रवाई स्कूल के खिलाफ नहीं की तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा। जिसकी सारी जवाबदारी प्रशासन की रहेगी। एडवोकेट मंथन मुसले के अनुसार इस पूरे कृत्य में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 152 और 196 (अ और ब) के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए। वीडियो देखने के बाद माना जा सकता है की यह जानबूझकर किया गया कृत्य है। स्कूल व संचालक के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच भी की जानी चाहिए। बाल आयोग को भी इसमें संज्ञान लेकर स्कूल पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

ये कैसा कानून! : वक्फ एक्ट 1995 को खत्म करने की मांग, मुजावर समाज को परेशानी से मुक्ति दिलाने की अपील

देश में तीसरा सबसे बड़ा भूमि मालिक है वक्फ, जानिए क्या है वक्फ बोर्ड और उसका कानून! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। वक्फ एक्ट 1995 को समाप्त करने के लिए एक बड़ा आंदोलन छिड़ चुका है। रतलाम में इसके लिए प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय मुजावर सेना के संस्थापक अध्यक्ष शेर मोहम्मद शाह ने प्रेस वार्ता में वक्फ एक्ट 1995 को पूरी तरह से खत्म करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह एक्ट मुजावर समाज के लोगों को प्रताड़ित और परेशान कर रहा है, जो दरगाह, खानखाहा, कब्रस्तान और पीर स्थानों पर सेवाएं देते हैं। शाह ने कहा कि मुल्क की आजादी के पहले संघर्ष में प्रमुख भूमिका निभाने वाले शहीद मजनू शाह मलंग के नेतृत्व में सन्यासी आन्दोलन चला था, और अब वक्फ बोर्ड द्वारा मुजावर समाज को गुलाम समझा जा रहा है। तीन मुख्य मांगें रखीं1. राजा-महाराजा और नवाबों द्वारा दरगाहों के लिए दी गई जमीनों को वक्फ बोर्ड के अधीन नहीं किया जाना चाहिए।2. वक्फ बोर्ड के जुल्मो सितम से आज़ादी दिलाने के लिये वक्फ एक्ट खत्म होना चाहिए।3. मुस्लिम कानून 1913 को ध्यान में रखते हुए वक्फ अधिनियम 1954 की जांच होनी चाहिए और वक्फ संपत्ति के स्वत्व के दस्तावेजों की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वक्फ एक्ट को खत्म करने से मुजावर समाज को परेशानी से मुक्ति मिलेगी और संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लंघन भी नहीं होगा। गौरतलब है की वक्फ बोर्ड और इसकी संपत्ति लगातार विवादों में घिरी हुई है। भाजपा विधायक हरनाथ सिंह यादव ने पिछले साल एक निजी विधेयक पेश करके वक्फ एक्ट 1995 को समाप्त करने की मांग की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह एक्ट लोकतंत्र के विरुद्ध है और देश हित में इसे समाप्त किया जाना चाहिए। हालांकि इस बिल पर फैसला नहीं हो सका, लेकिन वक्फ बोर्ड विवादों में आ गया है। वक्फ बोर्ड के पास कानूनी तौर पर असीमित शक्तियां हैं, जिनका कथित तौर पर वह मनमाना उपयोग करता आ रहा है। आइए जानते हैं कि वक्फ बोर्ड क्या है और यह कैसे काम करता है। क्या है वक्फ का मतलब?वक्फ अरबी भाषा के वकुफा शब्द से बना है, जिसका अर्थ होता है ठहरना. वक्फ का मतलब है ट्रस्ट-जायदाद को जन-कल्याण के लिए समर्पित करना. इस्लाम में ये एक तरह का धर्मार्थ बंदोबस्त है. वक्फ उस जायदाद को कहते हैं, जो इस्लाम को मानने वाले दान करते हैं. ये चल-अचल दोनों तरह की हो सकती है. ये दौलत वक्फ बोर्ड के तहत आती है. कौन कर सकता है डोनेशन?कोई भी वयस्क मुस्लिम व्यक्ति अपने नाम की प्रॉपर्टी वक्फ के नाम कर सकता है. वैसे वक्फ एक स्वैच्छिक कार्रवाई है, जिसके लिए कोई जबर्दस्ती नहीं. इस्लाम में दान-धर्म के लिए एक और टर्म प्रचलित है, जकात। ये हैसियतमंद मुसलमानों के लिए अनिवार्य है। आमदनी से पूरे साल में जो बचत होती है, उसका 2.5 फीसदी हिस्सा किसी  जरूरतमंद को दिया जाता है, जिसे जकात कहते हैं। वक्फ बोर्ड कैसे बनता और काम करता है?वक्फ के पास काफी संपत्ति है, जिसका रखरखाव ठीक से हो सके और धर्मार्थ ही काम आए, इसके लिए स्थानीय से लेकर बड़े स्तर पर कई बॉडीज हैं, जिन्हें वक्फ बोर्ड कहते हैं. तकरीबन हर स्टेट में सुन्नी और शिया वक्फ हैं. इनका काम उस संपत्ति की देखभाल, और उसकी आय का सही इस्तेमाल है. इस संपत्ति से गरीब और जरूरतमंदों की मदद करना, मस्जिद या अन्य धार्मिक संस्थान को बनाए रखना, शिक्षा की व्यवस्था करना और अन्य धर्म के कार्यों के लिए पैसे देने संबंधी चीजें शामिल हैं. सेंटर ने वक्फ बोर्डों के साथ तालमेल के लिए सेंटर वक्फ काउंसिल बनाया हुआ है. वक्फ एसेट्स मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ इंडिया के मुताबिक देश में कुल 30 वक्फ बोर्ड्स हैं. इनके हेडक्वार्टर ज्यादातर राजधानियों में हैं, क्या है वक्फ कानून?साल 1954 में नेहरू सरकार के समय वक्फ अधिनियम पारित किया गया, जिसके बाद इसका सेंट्रलाइजेशन हुआ. वक्फ एक्ट 1954 इस संपत्ति के रखरखाव का काम करता. इसके बाद से कई बार इसमें संशोधन होता गया. कौन-कौन शामिल बोर्ड में?बोर्ड में सर्वे कमिश्नर होता है, जो संपत्तियों का लेखा-जोखा रखता है. इसके अलावा इसमें मुस्लिम विधायक, मुस्लिम सांसद, मुस्लिम आइएएस अधिकारी, मुस्लिम टाउन प्लानर, मुस्लिम अधिवक्ता और मुस्लिम बुद्धिजीवी जैसे लोग शामिल होते हैं. वक्फ ट्रिब्यूनल में प्रशासनिक अधिकारी होते हैं. ट्रिब्यूनल में कौन शामिल होंगे, इसका फैसला राज्य सरकार करती है. अक्सर राज्य सरकारों की कोशिश यही होती है कि वक्त बोर्ड का गठन ज्यादा से ज्यादा मुस्लिमों से हो. विवाद क्यों होता रहा?आरोप है कि सरकार ने बोर्ड को असीमित ताकत दे दी। वक्फ संपत्तियों को विशेष दर्जा दिया गया है, जो किसी ट्रस्ट आदि से ऊपर है। वक्फ बोर्ड को अधिकार दिया गया है कि वह किसी भी संपत्ति के बारे में यह जांच कर सकता है कि वह वक्फ की संपत्ति है या नहीं। अगर बोर्ड किसी संपत्ति को अपना कहते हुए दावा कर दे तो इसके उलट साबित करना काफी मुश्किल हो सकता है। वक्फ एक्ट का सेक्शन 85 कहता है कि इसके फैसले को हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती नहीं दी जा सकती। भाजपा के नेता हरनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु में वहां के स्टेट वक्फ बोर्ड ने तिरुचिरापल्ल जिले के एक पूरे गांव पर ही मालिकाना हक जता दिया था। महाराष्ट्र के सोलापुर में भी कुछ ऐसा केस आ चुका। उत्तर प्रदेश में भी वक्फ बोर्ड ने बड़े पैमाने पर संपत्तियों पर दावा जताया था, जिसके बाद योगी सरकार ने आदेश जारी कि वक्फ की सारी संपत्ति की जांच होगी।ये बात साल 2022 की है. लेकिन सर्वे के नतीजे सामने नहीं आ सके कितनी संपत्ति बोर्ड के पास?वक्फ मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ इंडिया के मुताबिक देश में करीब 8 लाख 55 हजार से ज्यादा संपत्तियां ऐसी हैं जो वक्फ की हैं।सेना और रेलवे के बाद देश में संपत्ति के मामले में वक्फ तीसरा सबसे बड़ा भूमि मालिक है. उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा वक्फ संपत्ति है।यूपी में सुन्नी बोर्ड के पास कुल 2 लाख 10 हजार 239 संपत्तियां हैं, जबकि शिया बोर्ड के पास 15 हजार 386 संपत्तियां हैं।हर साल हजारों व्यक्तियों द्वारा बोर्ड को वक्फ के रूप में संपत्ति की जाती है, जिससे इसकी … Read more

तिरंगा वाहन रैली आज : भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय और भाजयुमो जिलाध्यक्ष विप्लव जैन के नेतृत्व में जुटेंगे असंख्य युवा

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। भारतीय जनता पार्टी और भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विशाल तिरंगा वाहन रैली का आयोजन होगा। स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को सुबह 11 बजे दो बत्ती चौराहा से रैली की शुरुआत होगी। वाहन रैली नगर के गर्ल्स कॉलेज, छत्रिपुल, नगर निगम, नाहरपुरा, घास बाजार, चांदनी चौक, तोपखाना, धानमंडी, शहीद चौक, सैलाना बस स्टैंड, राम मंदिर होते हुए अलकापुरी स्थित भारत माता उद्यान पहुंचेगी। इसका नेतृत्व भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय और भाजयुमो जिलाध्यक्ष विप्लव जैन करेंगे। रैली में भाजपा के समस्त जिला, मंडल, मोर्चा एवं प्रकोष्ठ पदाधिकारी तथा जनप्रतिनिधिगण शामिल होंगे। भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष गौरव मूणत ने बताया की देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा ने स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा अभियान शुरू किया है। मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा एवं भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष वैभव पंवार के निर्देश पर देश पर प्राण न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान में भाजपा और भाजयुमो द्वारा संयुक्त रूप से सभी जिलों में तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं।  रतलाम में तिरंगा वाहन रैली के दौरान सभी युवा हाथ में झंडा थामे भारत माता की जयघोष करते हुए चलेंगे। भाजपा और भाजयुमो के समस्त पदाधिकारियों ने शहरवासियों विशेषकर युवाओं से रैली में अधिक से अधिक उपस्थित होकर राष्ट्र भक्ति का परिचय देने का आह्वान किया है।

जावरा में संघर्ष एकता ग्रुप द्वारा आज होगा तिरंगा यात्रा का आयोजन, युवाओं से शामिल होने की अपील

पब्लिक वार्ता – जावरा,जयदीप गुर्जर। नगर में संघर्ष एकता ग्रुप द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा यात्रा का आयोजन होगा। यह यात्रा जावरा के शहीद भगत सिंह कॉलेज से दोपहर 12:00 बजे शुरू होगी। जो की नगर के मुख्य क्षेत्र फाटक, रतलामी गेट, पिपली बाजार, घण्टाघर, नीम चौक आदि से होकर कोर्ट परिसर क्षेत्र में समाप्त होगी। इस अवसर पर संघर्ष एकता ग्रुप के किशोर मालवीय ने बताया की यात्रा देश के वीरों के बलिदानों को याद करने और उनके सपनों को पूरा करने के लिए की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमें अपने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए मिलकर काम करना होगा। तिरंगा यात्रा में स्थानीय नागरिकों और विद्यार्थियों को शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर देशभक्ति गीतों और कविताओं का आयोजन भी किया जाएगा। संघर्ष एकता ग्रुप ने सभी से तिरंगा यात्रा में शामिल होने और देश के प्रति अपनी एकता और समर्थन दिखाने की अपील की है।

अखंड भारत संकल्प दिवस : हिंदू जागरण मंच रतलाम की विशाल तिरंगा वाहन रैली, सैंकड़ो युवा हुए शामिल

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। हिंदू जागरण मंच रतलाम द्वारा 14 अगस्त अखंड भारत संकल्प दिवस के उपलक्ष्य में शाम 5 बजे विशाल तिरंगा वाहन रैली का आयोजन किया गया। रैली में भगवा साफा पहने मातृशक्ति की बहनें तिरंगा और भगवा ध्वज थामे सबसे आगे चल रही थीं, उनके पीछे सैकड़ों की संख्या में शहर के युवा वाहनों पर सवार थे, जिनके हाथों में तिरंगा ध्वज लहरा रहा था। रैली के दौरान डीजे पर देशभक्ति के गीतों ने रतलाम शहर में समा बांध दिया। हिंदू जागरण मंच की वाहन रैली शहर के मुख्य मार्ग महलवाड़ा, डालूमोदी बाजार, घास बाजार, चांदनी चौक, तोपखाना, धानमंडी, लोकेंद्र टाकीज, न्यू रोड, महाराजा सज्जनसिंह चौराहा, छत्रीपुल, नगर निगम होते हुए पुनः महलवाड़ा पर समाप्त हुई। आपको बता दे की आरएसएस व उसके समवैचारिक संगठनों द्वारा अपने स्थापना काल से ही हर वर्ष 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पूर्व यानी 14 अगस्त को अखंड भारत संकल्प दिवस मनाया जाता है। आपको बता दे स्वतंत्रता के दौरान भारत का एक बड़ा भू-भाग अलग कर दिया गया था। जो की आज का पाकिस्तान और बांग्लादेश है। ठीक इसी प्रकार कई बार आजादी के पहले और बाद में भी भारत का विभाजन हुआ है। ऐसे में समाज का एक बड़ा हिस्सा व खासकर युवा  इस बात को भूलता जा रहा है कि जब भारत अखंड था तो कैसा था। संघ का मानना है कि आने वाली पीढ़ी के साथ-साथ समाज के लोगों को इसकी याद दिलाने की आवश्यकता है, इसलिए संघ ने शाखा के साथ-साथ सार्वजनिक रूप से भी अखंड भारत संकल्प दिवस कार्यक्रम करने की योजना बनाई है। नागरिकों में देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देना और अखंड भारत की भावना का अनुसरण करना ही इसका उद्देश्य है। रैली के दौरान जागरण मंच के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य राजेश कटारिया, जिला संयोजक जगदीश पाटीदार, सहसंयोजक कमलेश ग्वालियरी, विजय यादव, कुलदीप माहेश्वरी, अभिषेक उपाध्याय, नन्दकिशोर मीणा, सिद्धार्थ पंड्या, निरंजन पंडित, रोनक शर्मा, वैभव व्यास, राहुल परमार आदि उपस्थित रहे।

अखंड भारत संकल्प दिवस पर तिरंगा वाहन रैली आज, हिंदू जागरण मंच करेगा आयोजन

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। हिंदू जागरण मंच द्वारा 14 अगस्त अखंड भारत संकल्प दिवस के अवसर पर एक तिरंगा वाहन रैली का आयोजन किया जा रहा है। रैली आज शाम 5 बजे महलवाड़ा से निकाली जाएगी। जागरण मंच के राजेश कटारिया ने बताया रैली का उद्देश्य अखंड भारत की भावना को बढ़ावा देना और देश की एकता और अखंडता को प्रदर्शित करना है। रैली में भाग लेने वाले लोग तिरंगे के साथ वाहनों पर सवार होकर रतलाम की सड़कों पर निकलेंगे।हिंदू जागरण मंच के सदस्यों ने कहा कि यह रैली देश के लोगों को अखंड भारत की भावना से जोड़ने और देश की एकता को मजबूत करने के लिए आयोजित की जा रही है। हम देश के नागरिकों से अपील करते हैं कि वे इस रैली में भाग लें और अखंड भारत की भावना को बढ़ावा दें।रैली के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और यातायात को सुचारु रूप से चलाने के लिए पुलिस की व्यवस्था की गई है।

NEET COUNSELING : मध्यप्रदेश में 12 अगस्त से नीट-2024 की काउंसलिंग होगी शुरू, ऐसे में क्या रखनी है सावधानियां?

देखिए वीडियो – नीट एक्सपर्ट डॉ. राकेश कुमावत से काउंसिलिंग टिप्स और प्रकिया! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश के वे विद्यार्थी जो नीट 2024 की परीक्षा दे चुके है और अब मेडिकल कॉलेज मिलने का इंतजार कर रहे है, तो उनका इंतजार अब खत्म होने वाला है। 12 अगस्त से मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों के लिए नीट की काउंसिलिंग शुरू हो रही है। ऐसे में विद्यार्थियों को क्या सावधानियां बरतनी है, इस पर आज हम चर्चा करेंगे। रतलाम के शास्त्री नगर स्थित अभ्यास करियर इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर व नीट एक्सपर्ट डॉ राकेश कुमावत ने नीट काउंसिलिंग को लेकर कुछ टिप्स बताए है। साथ ही उन्होंने सावधानियों के बारे में भी बताया है। डॉ कुमावत ने बताया की मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों के लिए नीट 2024 की काउंसलिंग 12 अगस्त से शुरू हो रही है।  काउंसलिंग में प्रदेश के मूल निवासी जिनके पास डिजिटल मूल निवास सर्टिफिकेट होगा, वही रजिस्ट्रेशन करने की पात्रता रखेंगे। प्रदेश के 26 एमबीबीएस एवं 16 बीडीएस कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी। डॉ कुमावत ने बताया काउंसलिंग से पहले सारे आवश्यक दस्तावेज समय पर तैयार रख ले ताकि अनावश्यक परेशानी ना हो। साथ ही काउंसलिंग में कॉलेज चॉइस फिलिंग का भी खास ध्यान रखना होगा। वही कॉलेज को प्राथमिकता से भरे जिसमें आप अपना प्रवेश लेना चाहते हो। काउंसलिंग की प्रक्रिया 12 अगस्त से प्रारंभ होगी जिसमें आपको रजिस्ट्रेशन करवाना होगा एवं 21 अगस्त को एमपी की मेरिट लिस्ट जारी होगी जिसमें आप अपनी रैंक के आधार पर कॉलेज चुन सकते है। काउंसलिंग से संबंधित अधिक जानकारी के लिए विद्यार्थी अभ्यास करियर इंस्टीट्यूट पर भी संपर्क कर सकते है।

हर हर महादेव : रतलाम से उज्जैन तक निकलेगी भव्य निष्ठा कावड़ यात्रा, माही नदी करेगी बाबा महाकाल का जलाभिषेक

दूसरे वर्ष में 351 कावड़ियों के साथ निकलेगी यात्रा – संयोजक वैभव जाट (सन्नी पहलवान) पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। सावन के पवित्र माह में पूरा शहर शिव आराधना में रम गया है। सावन में कावड़ का अपना एक विशेष महत्व है। नगर में लगातार दूसरे साल जवाहर व्यायामशाला परिवार और अंबर ग्रुप द्वारा भव्य निष्ठा कावड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यात्रा कल यानी शुक्रवार को सुबह 7 बजे काटजू नगर स्थित आमलिया भैरव मंदिर से निकलेगी। रतलाम से पैदल कावड़ उज्जैन पहुंचेगी। जहां श्री महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग का जलाभिषेक रतलाम की पवित्र नदी माही के जल से करते हुए यात्रा का समापन किया जाएगा। 4 दिवसीय यात्रा 12 अगस्त को उज्जैन पहुंचेगी। यात्रा संयोजक वैभव जाट (सन्नी पहलवान) ने बताया दूसरे साल में पैदल कावड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।  हर हर महादेव के जय घोष के साथ प्राचीन श्री आमलिया भैरव मंदिर में महाआरती होगी। जिसके बाद करीब 351 कावड़ियों के साथ भव्य निष्ठा कावड़ यात्रा की शुरुआत होगी। कावड़ यात्रा सैलाना बस स्टैंड से होते हुए पावर हाउस रोड, दो बत्ती, फव्वारा चौक, सालाखेड़ी से ग्राम रूनीजा, खरसौद खुर्द, चंदूखेड़ी होते उज्जैन पहुंचेगी। रात्रि में यात्रियों के विश्राम, ठहराव व भोजन आदि की व्यवस्था रहेगी। यात्रा के साथ वाहन भी चलेंगे जो की आपात स्थिति में सहयोग कर सके। यात्रा में चिकित्सकीय सुविधा भी मुहैय्या करवाई जाएगी।

गुर्जर समाज युवा ईकाई द्वारा निकाली गई कावड़ यात्रा, सालाखेड़ी में हुआ समापन

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। सावन माह में चहुंओर से प्राचीन शिवालयों पर पहुंचकर भक्त पवित्र नदियों का कावड़ में जल भरकर अभिषेक करने पहुंच रहे हैं। श्री गुर्जर समाज युवा इकाई की ओर से भगवान देवनारायण मंदिर धभाईजी का वास से कावड़ यात्रा की शुरुआत की गई। इसमें कई महिला, पुरुष एवं बच्चों ने कावड़ उठाकर प्रमुख मार्गो से होते हुए बगदेश्वर महादेव, पंचेश्वर महादेव, इंद्रेश्वर महादेव आदि पांच भोलेनाथ के मंदिरों पर जलाभिषेक किया। कावड़ यात्रा सालाखेड़ी स्थित श्री देवनारायण मंदिर पर पहुंची। जहां समापन हुआ। इस मौके पर कावड़ में शामिल भक्तों ने भजन कीर्तन किए। यात्रा में इकाई अध्यक्ष मुरलीधर गुर्जर, राधेश्याम गुर्जर, माधव गुर्जर, प्रथमेश गुर्जर, पर्व गुर्जर, मयंक गुर्जर, हेमकांत जोशी, लोकेंद्र सिंह चावड़ा, महिला इकाई प्रमुख दीपिका गुर्जर, संगीता गुर्जर, लक्ष्मी गुर्जर, ज्योति गुर्जर आदि बड़ी संया में महिला कावड़ यात्री शामिल रहे।

कावड़ की धूमः सुरजमल जैन नगर से बिलपांक और बरबड़ से केदारेश्वर तक निकलेगी पैदल कावड़ यात्रा

पब्लिक वार्ता-रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर में सावन माह की शुरुआत होते ही शिव भक्तों की कावड़ के सिलसिले शुरु हो गए है। 5 अगस्त को सावन का तीसरा सोमवार है। सोमवार को नगर में दो स्थानों से कावड़ यात्रा निकलेगी। जिसमें सेकड़ों भक्त शामिल होंगे। नगर के सुरजमल जैन नगर स्थित पिपलेश्वर महादेव और बरबड़ हनुमान मंदिर दोनों स्थानों से सुबह 8 बजे पैदलव कावड़ निकलेगी। पिपलेश्वर महादेव समिति के जीतु चौधरी ने बताया की तीसरे वर्ष कावड़ का आयोजन किया जा रहा है। उंकाला रोड से कावड़ यात्रा शुरु होगी जिसका समापन बिलपांक विरुपाक्ष महादेव मंदिर पर किया जाएगा। कावड़ दोपहर 2 बजे तक पहुंचेगी, जहां भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक किया जाएगा।     बरबड़ एकता ग्रुप के राजेश जाट (छरंग) ने बताया की पहली बार बरबड़ हनुमान मंदिर से कावड़ निकाली जाएगी। मंदिर परिसर में गंगाकुई नामक कुआं है। जिसके जल से अडवानिया स्थित केदारेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया जाएगा। कावड़ यात्रा बंजली, पलसोड़ा फंटा, इसरथुनी, गोपालपुरा होते हुए दोपहर तक सैलाना के अडवानिया पहुंचेगी। बरबड़ एकता ग्रुप द्वारा प्रत्येक मंगलवार को रात्रि 8 बजे हनुमान चालिसा का पाठ भी किया जाता है।