Ratlam News: मामला 5 वर्षीय मासूम के साथ दरिंदगी का: ABVP ने जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा ज्ञापन, 2 दिन बाद प्रदर्शन की चेतावनी

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Ratlam News: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद रतलाम द्वारा सांईश्री एकेडमी स्कूल में हुए 5 वर्षीय बालिका के साथ यौन शोषण के विरोध में जिला शिक्षा अधिकारी केसी शर्मा को ज्ञापन सौंपा।  नगर मंत्री सिद्धार्थ मराठा ने बताया की 80 फ़ीट रोड स्थित सांईश्री एकेडमी स्कूल में 5 वर्षीय बालिका के साथ यौन शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। स्कूल विद्या के मंदिर होते है, वहां पर इस प्रकार की शर्मनाक घटना होना अति निंदनीय है। स्कूल में हुए घटनाक्रम की समस्त जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की है।  कैंपस में पर्याप्त मात्रा में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने की बात भी सामने आई है। वहीं स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन ना होना भी एक गंभीर विषय है। यह किसी एक स्कूल के लिए नहीं बल्कि शहर में संचालित सभी स्कूलों के लिए लागू करना चाहिए। स्कूल कैंपस में पूर्ण रूप से मोबाइल फोन प्रतिबंधित होना चाहिए। स्कूल को प्रतिबंधित कर सील करने की कार्रवाई की जानी चाहिए। दो दिन में स्कूल पर कार्रवाई नहीं हुई तो विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन करेगी। जिसकी समस्त जिमेदारी प्रशासन की रहेगी। इस दौरान सहमंत्री अवि जैन, महिमा लोदवाल, कुलदीप राठौड़, श्रुति जैन, मनस्वी चौहान आदि उपस्थित थे।

Ratlam News: माधवराव सिंधिया की 23वीं पुण्यतिथि पर रतलाम मंडी प्रांगण में श्रद्धांजलि अर्पित

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Ratlam News: स्व. माधवराव सिंधिया की 23वीं पुण्यतिथि पर रतलाम कृषि उपज मंडी में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सिंधिया फैंस क्लब, रतलाम जिला और शहर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. माधवराव सिंधिया को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मंडी प्रांगण में स्थापित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया गया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, मध्यप्रदेश भाजपा कार्यसमिति  सदस्य निमिष व्यास, प्रवीण सोनी, श्रीमती मंगला देवड़ा, जीवन सिंह देवड़ा, एमआईसी सदस्य धर्मेंद्र व्यास, पार्षद हितेश कामरेड, गौरव त्रिपाठी, मधु शिरोड़कर, प्रभु नेका, महेश व्यास सहित कई प्रमुख नेता और पदाधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम में सिंधिया फैंस क्लब के जिला अध्यक्ष कीर्ति कुमार जायसवाल, शहर अध्यक्ष विक्रम लोहिया, विवेक लोहिया, राजेश कर्णधार, महेश पांचाल, चेतन शर्मा, नीरज बरमेचा, पूर्व पार्षद सत्यजीत भट्ट, सुधांशु व्यास, नरेंद्र राठौड़, पंकज चतुर्वेदी, कांतिलाल प्रजापत, राजेश दिनेश गुर्जर और अन्य पदाधिकारी भी शामिल रहे। मंडी प्रांगण में आए सभी गणमान्य व्यक्तियों ने स्व. माधवराव सिंधिया की स्मृतियों को याद किया।

Dengue से बचाव: बकरी के दूध की डिमांड अचानक क्यों बढ़ी, डेंगू जैसी जानलेवा बीमारी में इन बातों का रखे ध्यान, क्या कहते है एक्सपर्ट!

विशेषज्ञों की सलाह: डेंगू (Dengue) के घरेलू उपचार में सतर्क रहें, डॉक्टर की सलाह से ही करे घरेलू उपाय!, इन बातों को ध्यान रख बच सकते है आप… पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। बारिश के मौसम के साथ डेंगू (Dengue) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। देशभर में डेंगू से बचाव और इलाज के लिए लोग घरेलू उपचारों की ओर रुख कर रहे हैं। इनमें गिलोय, पपीते के पत्ते और बकरी का दूध प्रमुख रूप से शामिल हैं। हालांकि, चिकित्सा विशेषज्ञ इन नुस्खों का इस्तेमाल सावधानी से करने की सलाह दे रहे हैं। रतलाम मेडिकल कॉलेज (GMC Ratlam) के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सोहन मंडलोई (Dr. Sohan Mandloi) के अनुसार “डेंगू बुखार के दौरान पपीते के पत्ते और गिलोय जैसे घरेलू नुस्खे कुछ हद तक लाभकारी हो सकते हैं। पपीते के पत्तों में मौजूद पपेन और फ्लेवोनोइड्स प्लेटलेट काउंट बढ़ाने और इम्युनिटी को सुधारने में सहायक माने जाते हैं, लेकिन इनका असर वैज्ञानिक रूप से पूरी तरह प्रमाणित नहीं है। इसके साथ ही अधिक मात्रा में इनका सेवन नुकसानदायक हो सकता है, जिससे मतली और अन्य समस्याएं हो सकती हैं।” इस तरह के कई पेशेंट हमारे पास आते है, जो घर पर इलाज शुरू कर देते है और बाद में उन्हें दोगुनी मार झेलना पड़ती है। बकरी के दूध की मांग बढ़ीडेंगू के इलाज के लिए बकरी के दूध (Got Milk in dengue) की मांग में भी तेजी देखी जा रही है। डॉक्टरों के मुताबिक, बकरी के दूध में सेलेनियम जैसे मिनरल्स मौजूद होते हैं, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं और यह गाय के दूध के मुकाबले आसानी से पचने योग्य होता है। इसके चलते कई लोग इसे डेंगू से निपटने के लिए बेहतर मानते हैं। डॉ. सोहन मंडलोई का कहना है की “बकरी का दूध इम्युनिटी बढ़ाने में मदद कर सकता है, लेकिन इसे डेंगू के मुख्य इलाज के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह केवल सहायक हो सकता है, न कि इसके जरिए डेंगू का इलाज किया जा सकता है।” हर्बल ट्रीटमेंट के बारे में चेतावनीडॉ. मंडलोई ने यह भी चेतावनी दी कि घरेलू नुस्खों और हर्बल उपचारों को मेडिकल ट्रीटमेंट का विकल्प नहीं माना जा सकता। “गिलोय और पपीते के पत्ते जैसी औषधियां इम्यून सिस्टम को मजबूत कर सकती हैं, लेकिन इनका अत्यधिक उपयोग लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है।” डॉक्टर ने लोगों को सलाह दी है कि वे किसी भी तरह के घरेलू उपचार को अपनाने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श लें और डेंगू जैसे गंभीर मामलों में मेडिकल देखरेख को प्राथमिकता दें। लक्षण गंभीर होते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।

MP News: गौशाला में सजाए फ़ूड स्टॉल, मेन्यू में गुलाब जामुन, रबड़ी घेवर जैसे 56 पकवान, पितरों के श्राद्ध का अनूठा कार्यक्रम

गायों के लिए शादियों के रिसेप्शन की तरह सजावट, गाय को भोजन देने से देवी-देवता होते हैं तृप्त, आयोजन में करीब 1 क्विंटल सामग्री का उपयोग. रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: मध्यप्रदेश के रतलाम में श्राद्ध पक्ष के दौरान एक अनूठा कार्यक्रम देखने में आया है। यहां एक गौशाला में मैरिज गार्डन की तर्ज पर फ़ूड स्टॉल लगाए गए। फ़ूड स्टॉल्स के साथ खाने की हर एक वैरायटी के स्टिकर्स भी लगाए। खास बात यह है की ये फ़ूड स्टॉल्स किसी इंसान के लिए नहीं बल्कि गौशाला की गायों के लिए थे। गायों के लिए मेन्यू में 56 पकवानों को बनाया गया। दरअसल रतलाम के गौसेवक परिवार द्वारा खेतलपुर स्थित गौशाला में एक अनूठा और प्रेरणादायक श्राद्ध कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में करीब 400 गायों को 56 प्रकार के विशेष व्यंजनों का भोग लगाया गया। इस अभिनव प्रयास का उद्देश्य पितृ शांति के लिए गायों की सेवा करना था। कार्यक्रम में गायों के लिए शादियों के रिसेप्शन की तरह सजावट की गई, और विभिन्न प्रकार के पकवानों के स्टॉल लगाए गए थे। मेन्यू में 56 प्रकार के व्यंजन शामिल किए गए, जो गायों के लिए एक विशेष भोग के रूप में प्रस्तुत किए गए। मेन्यू में गुलाब जामुन, जलेबी और भी बहुत कुछगायों के लिए परोसे गए भोजन में 12 प्रकार की मिठाइयों की खास व्यवस्था थी। इनमें गुलाब जामुन, जलेबी, बर्फी, काजू कतली, रबड़ी घेवर, मावा बाटी, पेड़ा, और बालूशाही जैसी मिठाइयाँ प्रमुख थीं। इसके अलावा, सेब, अनार, केला, पपीता, और पाइनएप्पल सहित 15 प्रकार के ताजे फलों का भी भोग लगाया गया। ड्राईफ्रूट्स और पशु आहार गायों के पोषण को ध्यान में रखते हुए दाख, तिल, परमल, मखाने, और गुड़ जैसे 20 – 25 प्रकार के ड्राईफ्रूट्स शामिल किए गए। इसके साथ ही, खली, कपास्या, ज्वार, बाजरा, जौ जैसे 6 प्रकार के पशु आहार और कई प्रकार की सब्जियाँ भी गायों के लिए भोग में रखी गईं। इस आयोजन में करीब 1 क्विंटल सामग्री का उपयोग किया गया। आयोजकों ने बताया कि पितरों की शांति और गौ सेवा को समर्पित यह आयोजन भविष्य में भी जारी रहेगा, ताकि समाज में इस प्रकार की सेवा का महत्व और बढ़े। पितृपक्ष में गाय का महत्वपितृपक्ष में गाय का विशेष महत्व है। इसी के कारण श्राद्ध के भोजन का एक अंश गाय माता को भी खिलाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, गाय को वैतरणी से पार लगाने वाले कहा गया है। इसके साथ ही गाय में देवी-देवताओं का वास होता है। ऐसे में गाय को भोजन देने से देवी-देवता तृप्त हो जाते है। इसके साथ बी पितर प्रसन्न हो जाते हैं। 

MP New Cheif Secretary: अनुराग जैन बने मध्य प्रदेश के 35वें मुख्य सचिव, जानिए कौन है ये सीनियर IAS अधिकारी

भोपाल – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। IAS अनुराग जैन को मध्य प्रदेश का नया मुख्य सचिव (MP New Cheif Secretary) नियुक्त किया गया है। वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहली पसंद माने जा रहे हैं। दिल्ली ने लंबे सस्पेंस के बाद उनका नाम फाइनल किया। जैन ने पूर्व मुख्य सचिव वीरा राणा का स्थान लिया, जिनकी एक्सटेंशन सेवा 30 सितंबर 2024 को समाप्त हो गई। अनुराग जैन 1989 बैच के आईएएस (IAS Anurag Jain 1989) अधिकारी हैं और आज मध्य प्रदेश के 35वें मुख्य सचिव के रूप में कार्यभार संभाल चुके हैं। उनके प्रशासनिक अनुभव और कार्यशैली की वजह से इस नियुक्ति को प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अनुराग जैन का करियर और प्रमुख पदस्थापनाएंअनुराग जैन का करियर काफी व्यापक और प्रभावशाली रहा है। उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं में कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। उनके करियर की कुछ प्रमुख पोस्टिंग निम्नलिखित हैं: – सहायक कलेक्टर, सागर: 6 जून 1990 से 26 अगस्त 1991  – एसडीओ, खुरई: 27 अगस्त 1991 से 14 अक्टूबर 1992  – एसडीओ, जावरा: 28 अक्टूबर 1992 से 14 जुलाई 1993  – अतिरिक्त कलेक्टर, कांकेर: 19 जुलाई 1993 से 1 सितंबर 1994  – परियोजना अधिकारी, डीआरडीए, छिंदवाड़ा: 7 सितंबर 1994 से जुलाई 1995  – परियोजना अधिकारी, डीआरडीए, भोपाल: जुलाई 1995 से जून 1996  – कलेक्टर, मंडला: 14 जुलाई 1997 से 1999  – कलेक्टर, मंदसौर: 22 जून 1999 से 10 जुलाई 2001  – कलेक्टर, भोपाल: 16 जुलाई 2001 से जनवरी 2004  – आयुक्त-सह-निदेशक, म.प्र. पूर्वी क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, जबलपुर: जनवरी 2004 से अगस्त 2004  – आयुक्त, स्वास्थ्यसेवाएं  23 सितंबर 2005 से दिसंबर 2005  – मुख्यमंत्री के सचिव: 6 दिसंबर 2005  – सचिव, म.प्र. सरकार, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग: 11 जून 2007 से 27 जून 2011  – संयुक्त सचिव, प्रधानमंत्री कार्यालय, नई दिल्ली: 1 जनवरी 2015  – प्रमुख सचिव, म.प्र. सरकार, वित्त विभाग: 28 जुलाई 2018 सेअनुराग जैन की नियुक्ति से प्रशासन में नई दिशा की उम्मीद की जा रही है। उनके व्यापक अनुभव और प्रशासनिक क्षमता को देखते हुए, वे प्रदेश की प्रगति में अहम भूमिका निभा सकते है।

Ratlam News: 5 वर्षीय मासूम के साथ यौन उत्पीड़न: सांईश्री एकेडमी के बाहर अभिभावकों का जमकर प्रदर्शन, स्कूल किया सील

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Ratlam News: 80 फीट रोड स्थित सांईश्री एकेडमी स्कूल में 5 वर्षीय मासूम के साथ यौन उत्पीडन का मामला सामने आने बाद सोमवार को स्कूल खुलते ही अभिभावकों का आक्रोश भड़क गया। आक्रोशित परिजन ने स्कूल संचालक राकेश देसाई, प्रिंसिपल श्वेता विंचुरकर सहित जिला और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अभिभावकों का कहना है कि निजी स्कूल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही के कारण ये घटना घटी है। स्कूल के बाहर करीब 2 घंटे तक जाम के साथ अभिभावकों ने प्रदर्शन किया। आक्रोश को भांपते हुए मौके पर प्रशासन की और से अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव और एएसपी राकेश खाखा को भी पहुंचना पड़ा। अधिकारियों ने मौके पर सांईश्री एकेडमी स्कूल को सील कर दिया। प्रशासन ने सांईश्री स्कूल प्रबंधन के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं हैरान कर देने वाली बात है की पूरे मामले में अब तक स्कूल के जिम्मेदार राकेश देसाई या किसी का भी कोई बयान नहीं आया है। आपको बता दे मासूम बच्ची के साथ घटिया हरकत करने वाला चौकीदार का बेटा है। आरोपी नाबालिग है। क्या बोले जिम्मेदार!रतलाम एसडीएम अनिल भान ने बताया “आक्रोशित लोग स्कूल के स्टाफ और प्रबंधन के विरुद्ध भी कार्रवाई चाहते हैं. इस मामले में जिनकी भी लापरवाही और जिम्मेदारी सामने आएगी, उन पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” एडिशनल एसपी राकेश खाखा ने कहा “पुलिस ने पास्को एक्ट के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर तत्काल कार्रवाई की. इसके अलावा जो भी तथ्य और प्रबंधन के लापरवाही सामने आएगी, उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।” घटना की निंदा तक नहीं कीएफआईआर के बाद परिजनों में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी देखी जा रही थी। इसके बाद भी स्कूल प्रबंधन ने घटना की निंदा तक नहीं की। ना ही स्कूल की और से कोई आधिकारिक बयान दिया गया।  सोमवार को नाराज अभिभावक जब प्रबंधन से घटना सहित अपने बच्चों की सुरक्षा की मांग को लेकर चर्चा करने पहुंचे, तब प्रबंधन का बर्ताव गैर जिम्मेदाराना था।  जिसके बाद अभिभावकों ने सड़क पर बैठ प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर रतलाम शहर एसडीएम अनिल भाना, सीएसपी अभिनव बारंगे, दीनदयाल नगर थाना प्रभारी रवीन्द्र दंडोतिया, औद्योगिक थाना प्रभारी वीडी जोशी, सब इंस्पेक्टर सत्येंद्र रघुवंशी सहित बड़ी संख्या में पुलिस का बल मौके पर पहुंचा। यह खबर भी पढ़िए… Ratlam News: 5 वर्षीय मासूम के साथ नाबालिग की गंदी करतूत, 80 फिट रोड स्थित सांईश्री स्कूल में हुई घटना…https://publicvarta.com/ratlam-news-dirty-act-of-a-minor-youth-with-a-5-year-old-innocent-child-the-incident-took-place-in-saishree-school-located-at-80-fit-road/

Dada Saheb Falke Award 2024: मिथुन चक्रवर्ती को मिलेगा दादा साहेब फाल्के पुरस्कार: सिनेमा में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित

नई दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Dada Saheb Falke Award 2024: भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती (mithun chakraborty) को उनकी अद्वितीय सिनेमाई यात्रा और योगदान के लिए 2024 में प्रतिष्ठित दादा साहेब फाल्के पुरस्कार (Dada Saheb Falke Award 2024) से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें 8 अक्टूबर 2024 को 70वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड सेरेमनी के दौरान प्रदान किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस महत्वपूर्ण घोषणा को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X  पर साझा किया। अश्विनी वैष्णव ने लिखा, “कोलकाता की सड़कों से लेकर सिनेमा की ऊंचाइयों तक का सफर तय करने वाले मिथुन दा ने हर पीढ़ी को प्रेरित किया है। यह बताते हुए मुझे गर्व हो रहा है कि दादा साहेब फाल्के चयन जूरी ने भारतीय सिनेमा में उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए यह सम्मान देने का निर्णय लिया है।” मिथुन चक्रवर्ती का सिनेमाई सफरमिथुन चक्रवर्ती का फिल्मी करियर प्रेरणादायक रहा है। उनकी पहली ही फिल्म मृगया (1977) के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। इसके बाद उन्होंने हिंदी, बंगाली, तमिल, तेलुगू, कन्नड़ और पंजाबी जैसी भाषाओं में 350 से अधिक फिल्मों में काम किया। उनके चर्चित और हिट फिल्मों में डिस्को डांसर, अग्निपथ, हमसे बढ़कर कौन  और वो जो हसीना जैसी फिल्में शामिल हैं। पहली फिल्म से ही जीता नेशनल अवॉर्डमिथुन ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत छोटे रोल्स से की, लेकिन उनकी पहली मुख्य भूमिका वाली फिल्म सुरक्षा (1979) ने उन्हें पहचान दिलाई। इसके बाद आई फिल्म प्रेम विवाह ने भी उनके करियर को एक नई दिशा दी। मिथुन ने बंगाली सिनेमा में भी अपनी पहचान बनाई और उनकी पहली बंगाली फिल्म नदी थेके सागर (1978) थी। मिथुन चक्रवर्ती का सिनेमा के प्रति समर्पण और मेहनत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।

RRB Vacancy 2024: 5154 पद बढ़े, 2 अक्टूबर से फिर से आवेदन का मौका, जानें पूरी डिटेल्स

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क । RRB VACANCY 2024: रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने टेक्नीशियन भर्ती में बंपर पदों की बढ़ोतरी की है। अब कुल 14298 पदों पर भर्तियां होंगी, जो पहले 9144 थी। इस भर्ती प्रक्रिया के लिए आवेदन की विंडो 2 अक्टूबर से 16 अक्टूबर 2024 तक दोबारा खोली जाएगी। नए उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगे, और जिन्होंने पहले से आवेदन किया है, उन्हें अपने आवेदन में करेक्शन का भी मौका मिलेगा। 2 अक्टूबर से आवेदन और करेक्शन का मौकाइस विंडो के दौरान उम्मीदवार अपनी पसंद की कैटेगरी में बदलाव कर सकते हैं और फोटो, हस्ताक्षर समेत अन्य जानकारियों में भी सुधार कर सकेंगे। मौजूदा उम्मीदवारों को किसी नए आवेदन की आवश्यकता नहीं होगी, जबकि नए उम्मीदवार कैटेगरी 2 से 40 के अंतर्गत आवेदन कर सकते हैं। करेक्शन के लिए आरआरबी ने जारी किए नियम:– मौजूदा उम्मीदवार, जिन्होंने किसी भी कैटेगरी में आवेदन किया है और फीस का भुगतान किया है, वे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के करेक्शन कर सकते हैं।– मौजूदा उम्मीदवार शैक्षणिक योग्यता, फोटो/हस्ताक्षर और पोस्ट प्रेफरेंस में बदलाव कर सकते हैं।– नए उम्मीदवार वही माने जाएंगे, जिन्होंने फीस का भुगतान नहीं किया है या नए कैटेगरी में आवेदन करना चाहते हैं। RRB टेक्नीशियन भर्ती में परीक्षा पैटर्नइस बार टेक्नीशियन भर्ती के लिए केवल एक चरण में सीबीटी (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) होगा। परीक्षा में 90 मिनट में 100 प्रश्न पूछे जाएंगे। सामान्य वर्ग के लिए 40%, ओबीसी और एससी के लिए 30%, और एसटी के लिए 25% न्यूनतम अंक आवश्यक होंगे। प्रमुख विषयों में शामिल होंगे:– जनरल अवेयरनेस: 10 प्रश्न– जनरल इंटेलिजेंस एंड रीजनिंग: 15 प्रश्न– बेसिक कंप्यूटर और एप्लीकेशंस: 20 प्रश्न– मैथ्स: 20 प्रश्न– बेसिक साइंस और इंजीनियरिंग: 35 प्रश्न नेगेटिव मार्किंग का ध्यान रखेंप्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1/3 अंक काटे जाएंगे, इसलिए सावधानी से उत्तर दें। आरआरबी टेक्नीशियन भर्ती 2024 में 5154 नए पद जोड़े गए हैं, जिससे कुल पदों की संख्या 14298 हो गई है। अगर आप रेलवे में करियर बनाने का सपना देख रहे हैं, तो यह सुनहरा मौका है। आवेदन की विंडो 2 अक्टूबर से खुलेगी, इसलिए तैयारी में जुट जाएं और समय रहते आवेदन करें।

Heavy Rain in Ratlam: रतलाम में रविवार को मूसलाधार बारिश, किसानों की सोयाबीन भीगी, बाइक सवार गिरे नाले में, बिजली भी गिरी

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Heavy Rain in Ratlam: शहर में रविवार को भारी बारिश हुई, जिसने शहर की सड़कों को तालाब में तब्दील कर दिया। दोपहर 2 बजे के बाद शुरू हुई हल्की बारिश ने शाम 4:30 बजे के आसपास मूसलाधार रूप धारण कर लिया। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि बादल फट गए हों, क्योंकि दो घंटे तक लगातार तेज बारिश होती रही, इस दौरान लगभग 2 इंच बारिश दर्ज की गई। रतलाम में अब तक 43.88 इंच के करीब वर्षा हो चुकी है, जो की सामान्य से 7.96 इंच ज्यादा है। तेज बारिश के दौरान कई क्षेत्रों में पानी भर गया। खासतौर पर अलकापुरी क्षेत्र में बिजली गिरने से बिजली आपूर्ति बंद हो गई, और अन्य क्षेत्र भी प्रभावित हुए। हालांकी इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। वहीं बारिश के बीच नगर निगम की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शहर के बाजना बस स्टैंड क्षेत्र में राहगीर खुले नाले में  बाइक सहित गिर गए, जिन्हें आसपास के लोगों ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत रही कि कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। निचले क्षेत्र जलमग्नशहर के पावर हाउस रोड, डॉट की पुलिया, न्यू रोड, बाजना बस स्टैंड, बड़बड़ और अन्य क्षेत्रों में पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। घने अंधेरे और जलभराव के कारण वाहन चालकों को अपने वाहनों की हेडलाइट जलाकर वाहन चलाने पड़े, और कई जगहों पर वाहन फिसलने की घटनाएं भी हुईं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश का असररतलाम से 8 किलोमीटर दूर पलसोड़ा गांव पूरी तरह से जलमग्न हो गया। यहां का मुख्य चौराहा पानी से भर गया और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा तक पानी आ गया। गांव के सड़क मार्गों का संपर्क टूट गया, जिससे आवागमन बाधित हो गया। नामली में भी सड़कों की हालत नदियों की तरह हो गई। खेतों में पानी, सोयाबीन की फसलें प्रभावितरतलाम के आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी खेतों में पानी भर गया। सोयाबीन की फसलें भीग गईं और कई किसानों की फसलें खराब हो गईं। कटाई के बाद खेतों में रखे सोयाबीन भी पानी में डूबने से नुकसान हो गया। कुछ वीडियो में सोयाबीन की फसलें पानी में बहकर भी जाती हुई दिखाई दी। जाते मानसून ने कई किसानों को प्रभावित किया है। सितंबर के अंत में हुई इस भारी बारिश ने रतलाम शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को काफी प्रभावित किया। निचले क्षेत्रों में पानी भरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, और खेतों में पानी भरने से किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है।

Festival Special Train: त्योहारों पर रेलवे चलाएगा 500 से अधिक स्पेशल ट्रेन, भीड़ से बचने के लिए पहले कर ले ये काम

1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक 6,000 से अधिक फेरे चलाने वाली 519 फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों का होगा संचालन, पश्चिम रेलवे चलाएगा 86 स्पेशल ट्रेनें। पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Festival Special Train: दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पूजा के त्योहारी सीजन में यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए भारतीय रेलवे Indian Railways) ने 1 अक्टूबर से 30 नवंबर 2024 तक 6,000 से अधिक फेरे चलाने वाली 519 फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। रेलवे द्वारा हर साल त्योहारों के अवसर पर विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाता है, लेकिन इस बार बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों की संख्या में भारी वृद्धि की गई है। 1. कुल 519 फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें: भारतीय रेलवे द्वारा इस बार 519 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा, जो पूरे देश में यात्रियों की यात्रा को सुगम बनाएगी।   2. 6,000 से अधिक फेरे: ये स्पेशल ट्रेनें 6,000 से अधिक फेरे लगाएंगी, जिससे लाखों यात्री अपने गंतव्यों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। 3. पश्चिम रेलवे में यह सुविधा:     – 86 स्पेशल ट्रेनें: पश्चिम रेलवे (western railways) ने 86 फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है।    – 1,380 से अधिक फेरे: इन ट्रेनों द्वारा कुल 1,382 फेरे लगाए जाएंगे, जो पूरे भारतीय रेलवे में सबसे अधिक हैं।    – मुंबई और सूरत से प्रमुख संचालन: मुंबई और सूरत/उधना से 14 जोड़ी ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा सूरत से होकर 20 अन्य स्पेशल ट्रेनें भी गुजरेंगी।     4. उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों के लिए विशेष ध्यान: त्योहारों के दौरान सबसे अधिक भीड़ उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर भारत और उत्तर-पूर्व के राज्यों की ओर बढ़ती है। रेलवे ने इन गंतव्यों के लिए अधिक ट्रेनों का संचालन सुनिश्चित किया है। 5. विशेष ट्रेनों की सूची (List Of Special Train):    – मुंबई सेंट्रल, बांद्रा टर्मिनस, सूरत, अहमदाबाद, वडोदरा, राजकोट, वापी और इंदौर से विभिन्न गंतव्यों के लिए विशेष ट्रेनें चल रही हैं।    – अहमदाबाद से चलने वाली ट्रेनें उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल की ओर प्रमुख गंतव्यों के लिए यात्रा करेंगी।  पश्चिम रेलवे द्वारा संचालित प्रमुख ट्रेनें:– मुंबई से देश के प्रमुख गंतव्यों तक: मुंबई से उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य प्रमुख राज्यों तक यात्रियों के लिए विशेष ट्रेनें संचालित हो रही हैं।– सूरत/उधना से अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन: सूरत/उधना से 8 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, ताकि वहां के यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। पिछले साल की तुलना में वृद्धि:– पिछले साल भारतीय रेलवे ने कुल 4,429 फेरे लगाए थे। इस वर्ष इसमें भारी वृद्धि की गई है और कुल 6,000 फेरे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।  यात्रियों के लिए सलाह:– चूंकि त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या अधिक होती है, इसलिए यात्रा की योजना पहले से बना लेना और समय रहते टिकट बुक करना आवश्यक है। – टिकट की बुकिंग IRCTC की वेबसाइट और रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध है।  भारतीय रेलवे द्वारा इस वर्ष फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों की संख्या में वृद्धि यात्रियों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए की गई है। ये ट्रेनें यात्रियों को दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पूजा के अवसर पर उनके गंतव्य तक आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा प्रदान करेंगी। यात्रा की योजना और ट्रेन की समय सारणी की जानकारी रेलवे की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर उपलब्ध है।

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