MP News: सुस्त तकनीक से पटवारी परेशान; अधिकारियों की खरी खोटी सुनना और कार्रवाई झेलना बना मजबूरी, संघ ने सौंपा ज्ञापन

रतलाम – पब्लिक वार्ता, जयदीप गुर्जर। MP News: मध्यप्रदेश के पटवारियों ने अपनी विभिन्न तकनीकी समस्याओं और मनमाने निलंबन व अन्य कार्यवाही के खिलाफ आवाज उठाते हुए मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री को ज्ञापन सौंपा है। ‘प्रांतीय पटवारी संघ’ की रतलाम ग्रामीण तहसील शाखा द्वारा जारी इस पत्र में बताया गया है कि राज्य में ‘राजस्व महाअभियान 3.0’ के सफल क्रियान्वयन के लिए पटवारी लगातार किसानों की भूमि से संबंधित e-KYC कार्यों में लगे हुए हैं। लेकिन शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए सॉफ्टवेयर और ऐप में लगातार तकनीकी खामियां आ रही हैं, जिससे कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। ज्ञापन के दौरान जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पाटीदार, ध्रुवलाल निनामा, मणिलाल कोलवार, दयाराम गुर्जर, दीपक राठौड़, संतोष राठौड़ सहित तहसील के पटवारी मौजूद रहे।  ज्ञापन में प्रमुख मांगें निम्नलिखित है- 1. फार्मर रजिस्ट्रियों पर e-KYC समस्या – तकनीकी खामियों के कारण e-KYC कार्य सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क समस्याओं के चलते पटवारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 2. मनमाना निलंबन और दंडात्मक कार्रवाई – कई जिलों में अधिकारियों द्वारा बिना उचित जांच के पटवारियों का निलंबन किया जा रहा है। इसके चलते पटवारियों में असंतोष बढ़ रहा है। 3. गिरदावरी कार्य में समस्याएँ – गिरदावरी कार्य की जटिलताओं को ध्यान में रखते हुए इसे पेपर बेस्ड प्रणाली के रूप में करने की मांग की गई है। 4. पटवारियों के तकनीकी उपकरणों की कमी – पटवारियों को सरकारी लैपटॉप और मोबाइल फोन उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। 2017 में सरकार ने प्रति पटवारी मोबाइल के लिए ₹7300 की राशि निर्धारित की थी, लेकिन यह राशि आज की तकनीकी जरूरतों के हिसाब से अपर्याप्त है। 5. सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का भुगतान – सरकार द्वारा दी जाने वाली योजनाओं के कार्य को पूरा करने के बावजूद पटवारियों को ₹7500 प्रति ग्राम पंचायत की राशि समय पर नहीं मिल रही है। 6. पटवारियों की गोपनीय चरित्रावली – 2019 से शासन द्वारा पटवारियों की गोपनीय चरित्रावली ऑनलाइन कर दी गई थी, लेकिन इसमें तकनीकी खामियां हैं जिससे कई पटवारियों का प्रमोशन और वेतन वृद्धि बाधित हो रही है। 7. तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान – सभी तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य स्तर पर एक टेक्निकल टीम गठित कर, शिकायतों का निवारण 3 दिनों के भीतर करने की मांग की गई है। पटवारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का समाधान जल्द नहीं किया गया तो प्रदेश भर के पटवारी कार्य का बहिष्कार कर सकते हैं। संघ ने यह भी कहा कि अगर किसी भी पटवारी को मनमाने तरीके से निलंबित किया गया तो उसके विरोध में प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

MP News: मध्यम वर्ग को बड़ी राहत: शून्य कर स्लैब बढ़कर 12 लाख, एमएसएमई को मिला नया संबल

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: केंद्रीय बजट 2025 को लेकर भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप ने बजट के मुख्य बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने शून्य कर स्लैब को 2.5 लाख से बढ़ाकर 12 लाख कर दिया है, जिससे मध्यम वर्ग को अप्रत्याशित लाभ मिलेगा।   मध्यम वर्ग को कर राहत का बड़ा तोहफा   मंत्री काश्यप ने बताया कि 2014 में शून्य कर सीमा 2.5 लाख रुपये थी, जिसे 2019 में 5 लाख, 2023 में 7 लाख और अब 2025 के बजट में 12 लाख रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह कदम आम नागरिकों की आय और बचत बढ़ाने में मदद करेगा और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगा।   एमएसएमई सेक्टर को बड़ा बढ़ावा   काश्यप ने बताया कि एमएसएमई यानी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग भारत की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ है और इसे और अधिक गति देने के लिए सरकार ने नई नीति लागू की है।   – अब 2.5 करोड़ रुपये तक के उद्योगों को सूक्ष्म श्रेणी में शामिल किया गया है, पहले यह सीमा 1 करोड़ थी।   – 10 करोड़ से बढ़ाकर 25 करोड़ तक के उद्योगों को लघु श्रेणी में रखा गया है।   – मध्यम उद्योगों की सीमा 50 करोड़ से बढ़ाकर 125 करोड़ की गई है।   व्यापारियों को 5 लाख रुपये तक का एमएसएमई कार्ड   मंत्री ने घोषणा की कि पंजीकृत एमएसएमई उद्यमियों को 5 लाख रुपये तक का एक विशेष कार्ड दिया जाएगा, जिससे उन्हें कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।   कृषि और स्वास्थ्य में बड़ी सौगात   – किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख की गई है।   – कैंसर की 35 दवाओं पर आयात शुल्क हटाया गया, जिससे इलाज सस्ता होगा।   – मेडिकल कॉलेजों में 10,000 नई सीटें जोड़ी जाएंगी, और अगले 5 वर्षों में डॉक्टरों की संख्या 1 लाख से 2 लाख करने का लक्ष्य रखा गया है।   मोदी सरकार का बजट आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम   मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विजन यही है कि देश आत्मनिर्भर बने और स्थायी विकास हो। उन्होंने कहा कि बजट में गरीब, किसान, महिला और युवा इन चार वर्गों को प्राथमिकता दी गई है।   भाजपा नेताओं की उपस्थिति   इस पत्रकार वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, महापौर प्रहलाद पटेल, जिला महामंत्री निर्मल कटारिया, बजट कार्यक्रम प्रभारी जयवंत कोठारी, जिला मीडिया प्रभारी अरुण त्रिपाठी एवं सहप्रभारी निलेश बाफना उपस्थित रहे।  

MP News: ग्लोबल समिट की तैयारियों की समीक्षा बैठक, प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप ने दिए अहम निर्देश  

भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2024 की तैयारियों को लेकर मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) एवं प्रभारी मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भोपाल के प्रमुख चौराहों को आकर्षक रूप से सजाया जाए। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्रों के लिए लैंड बैंक की विस्तृत जानकारी तैयार कर समिट में प्रदर्शित करने को कहा, जिससे आईटी सेक्टर और अन्य उद्योगों में निवेश आकर्षित किया जा सके।    भोपाल के लोगों की भागीदारी होगी अहम   बैठक में विधायक भगवानदास सबनानी ने सुझाव दिया कि भोपाल के नागरिकों को भी इस समिट से जोड़ना जरूरी है, ताकि उन्हें महसूस हो कि उनके शहर में एक वृहद वैश्विक आयोजन हो रहा है। वहीं, विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि समिट के माध्यम से भोपाल को आईटी पार्क जैसी कोई बड़ी सौगात मिलनी चाहिए। मंत्री काश्यप ने इन सुझावों को सहमति देते हुए अधिकारियों को अमल में लाने के निर्देश दिए।   पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन, गृहमंत्री अमित शाह करेंगे समापन   मंत्री काश्यप ने बैठक में जानकारी दी कि ग्लोबल समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे, जबकि समापन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह करेंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि समिट से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को तय समय में पूरा किया जाए। इसमें यातायात प्रबंधन, आयोजन स्थल पर पार्किंग, सौंदर्यीकरण और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।    समिट में होगा उत्सव जैसा माहौल   प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि समिट के दौरान भोपाल में उत्सव जैसा माहौल बनाया जाए और आने वाले मेहमानों का सांस्कृतिक तरीके से आत्मीय स्वागत हो। उन्होंने होम-स्टे की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए, ताकि मेहमानों को भोपाल की संस्कृति का अनुभव हो सके।   बैठक में ये रहे शामिल   इस समीक्षा बैठक में विधायक भगवानदास सबनानी, रामेश्वर शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रामकुंवर नोरंग सिंह गुर्जर, भाजपा नेता रविंद्र यति, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती इला तिवारी समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।   ग्लोबल समिट 24 और 25 फरवरी को भोपाल के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में आयोजित की जाएगी। इस समिट से मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

Ratlam News: आज डेढ़ घंटे रतलाम रुकेंगे मुख्यमंत्री मोहन यादव; खेल चेतना मेले में होंगे शामिल, शहर में लगे स्वागत मंच

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को रतलाम आ रहे है। जिसको लेकर उनका दौरा कार्यक्रम जारी हो चुका है। रतलाम के बाद मुख्यमंत्री उज्जैन और इंदौर जिलों के विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। जारी कार्यक्रम के अनुसार सीएम डॉ. मोहन यादव सुबह 9:15 बजे भोपाल के स्टेट हैंगर से हेलीकॉप्टर से उड़ान भरेंगे। सुबह 10:25 बजे: रतलाम जिले के बंजली स्थित एयरस्ट्रिप पर पहुंचेंगे। यहां कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप व भाजपा के पदाधिकारियों द्वारा उनका स्वागत होगा। जिसके बाद कार में सवार होकर मुख्यमंत्री नेहरू स्टेडियम में आयोजित खेल चेतना मेले का शुभारंभ के लिए निकलेंगे। इस दौरान बंजली से स्टेडियम के बीच कार्यकर्ताओं ने सीएम के स्वागत के लिए मंच लगाए हुए है। कार्यक्रम के बाद दोपहर करीब 12:00 बजे रतलाम से हेलीकॉप्टर द्वारा उज्जैन के लिए रवाना होंगे। उज्जैन से फिर इंदौर के लिए रवाना होंगे।

MP News: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ब्रिटेन में विदेशी निवेशकों के साथ किया संवाद, रतलाम की मयूरी चौरडिया ने निभाई अहम भूमिका

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव ने 25 नवंबर से 29 नवंबर तक ब्रिटेन की आधिकारिक यात्रा के दौरान विदेशी निवेशकों से संवाद कर प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को मजबूत किया। इस यात्रा में रतलाम की बेटी, सीए मयूरी चौरडिया ने एंजल इन्वेस्टर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।  मुख्यमंत्री ने अपनी बातचीत में रिन्यूएबल एनर्जी, हाइड्रोजन गैस, सोलर प्लांट, इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल रिवॉल्यूशन और एजुकेशन जैसे क्षेत्रों पर जोर दिया। सीए मयूरी चौरडिया ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में अपार संभावनाओं के बारे में बताया और कहा कि इन क्षेत्रों में विदेशी निवेशकों की गहरी रुचि है। उन्होंने यह भी साझा किया कि 2500 करोड़ रुपये का निवेश रीवा सोलर प्लांट के लिए प्रस्तावित है।  मुख्यमंत्री यादव ने निवेशकों को फरवरी 2025 में भोपाल में आयोजित होने वाले इन्वेस्टर्स समिट में भाग लेने का निमंत्रण दिया। साथ ही, इंदौर और भोपाल से लंदन के लिए डायरेक्ट एयर कनेक्टिविटी के प्रस्ताव पर भी चर्चा की।  इस दौरान मयूरी चौरडिया ने केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र शेखावत से भेंट कर भारतीय परंपरा, संस्कृति और जैनिज्म को विदेशों में बढ़ावा देने पर चर्चा की। उन्होंने सुझाव दिया कि टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सेफ्टी, सिक्योरिटी और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है।  इसके अलावा, मयूरी चौरडिया ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के साथ बैठक कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर आधारित पुस्तक मोदीयालॉग’ का लंदन में विमोचन किया। उन्होंने बताया कि मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अद्वितीय ख्याति अर्जित की है।  मुख्यमंत्री की इस यात्रा के बाद प्रदेश में करीब 60,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई जा रही है। प्रदेश की बेटी मयूरी चौरडिया द्वारा निभाई गई भूमिका ने न केवल रतलाम बल्कि पूरे मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

Farmer Registry: मैगी बनाने जितना आसान है फार्मर आईडी बनाना, किसानों को करना होगा ये काम!

भोपाल – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Farmer Registry: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पाने के लिए अब सभी किसानों को फार्मर आईडी यानी किसान रजिस्ट्री बनवाना अनिवार्य है। फार्मर आईडी के बिना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना समेत अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा। इसके अलावा भूमि संबंधी कार्य भी नहीं हो पाएंगे। किसान केवल आधार कार्ड, समग्र आईडी, यूनिक मोबाइल नंबर और जमीन की जानकारी के साथ अपने नजदीकी कियोस्क सेंटर जाकर दो मिनट में फार्मर आईडी बनवा सकते हैं।  उसके लिए आपको निम्न प्रक्रिया अपनानी होगी। फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्यप्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए दिसंबर 2024 के बाद केवल फार्मर आईडी धारकों को ही पात्र माना जाएगा। इसके लिए किसान अपना मोबाइल नंबर आधार से लिंक कर नजदीकी सीएससी सेंटर, पटवारी या एमपी फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल – https://mpfr.agristack.gov.in पर जाकर स्वयं रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।  फार्मर रजिस्ट्री क्यो जरूरीएसएलआर अभिषेक मालवीय ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री का उद्देश्य सभी भू-धारकों का आधार लिंक्ड डेटा तैयार करना है। इसके माध्यम से योजनाओं का नियोजन, लाभार्थियों का सत्यापन और कृषि उत्पादों का वितरण सरल और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। साथ ही किसानों को कृषि ऋण, बीमा और अन्य सेवाएं प्राप्त करने में आसानी होगी।  फार्मर रजिस्ट्री के लाभ– पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ अनिवार्यता की शर्त के साथ आसानी से मिलेगा।  – न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों के पंजीयन में सुगमता।  – बार-बार सत्यापन की जरूरत समाप्त होगी।  – विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ बिना किसी रुकावट के प्राप्त होगा।  पोर्टल और ऐप के माध्यम से करें रजिस्ट्रीफार्मर रजिस्ट्री का क्रियान्वयन एमपी फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल की लिंक https://mpfr.agristack.gov.in और Farmer Registry MP मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जा सकता है। स्थानीय युवा Farmer Sahayak MP App का उपयोग कर किसानों की मदद कर सकते हैं।   किसानों को समय पर फार्मर आईडी बनवाने की सलाह दी गई है ताकि सभी शासकीय योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त हो सके।

MP News: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य, दिसंबर से पहले जरूर कर ले ये काम!

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। MP News: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi) का लाभ लेने के लिए अब फार्मर रजिस्ट्री बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। दिसंबर 2024 के बाद केवल फार्मर आईडी के आधार पर ही योजना का लाभ दिया जाएगा। कलेक्टर राजेश बाथम ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते अपनी फार्मर रजिस्ट्री करवा लें।  फार्मर रजिस्ट्री कैसे बनवाएं?1. आधार कार्ड से अपना मोबाइल नंबर लिंक करें।  2. नजदीकी सीएससी केंद्र या गांव के पटवारी के माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री करवा सकते हैं।  3. किसान स्वयं https://mpfr.agristack.gov.in पर जाकर आधार ओटीपी के माध्यम से रजिस्ट्री कर सकते हैं।  4. मोबाइल ऐप के माध्यम से भी रजिस्ट्री की जा सकती है:   – Farmer Registry MP (किसानों के लिए)     – Farmer Sahayak MP (स्थानीय युवाओं के लिए)।  फार्मर रजिस्ट्री के उद्देश्य और लाभफार्मर रजिस्ट्री के जरिए किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ पारदर्शी और सरल तरीके से उपलब्ध कराया जाएगा। इसके तहत:  – योजना का लाभ सत्यापन के बिना: बार-बार सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी।  – कृषि सेवाओं की सुगमता: कृषि ऋण और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पंजीयन में आसानी।  – योजनाओं का लाभ: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, सैचुरेशन फसल बीमा योजना आदि का लाभ लेने में सहूलियत।  – सटीक योजना निर्धारण: किसानों का डेटा तैयार कर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन।  प्रचार-प्रसार के निर्देशएसएलआर अभिषेक मालवीय ने बताया कि फार्मर आईडी भविष्य में अन्य सरकारी योजनाओं के लिए भी अनिवार्य होगी। जिले के मैदानी अधिकारियों को किसानों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने और रजिस्ट्री प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।  पोर्टल और ऐप के माध्यम से करें रजिस्ट्रीकिसान अपनी फार्मर रजिस्ट्री https://mpfr.agristack.gov.in पोर्टल या Farmer Registry MP और Farmer Sahayak MP मोबाइल ऐप्स के जरिए पूरी कर सकते हैं।  किसान अपनी फार्मर रजिस्ट्री जल्द करवाकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और अन्य लाभकारी योजनाओं का लाभ सुगमता से प्राप्त कर सकते हैं।

Ratlam News: मंत्री काश्यप ने दीप मिलन समारोह में कहा; रतलाम निवेश क्षेत्र का प्रेजेंटेशन ग्लोबल समिट में रखेंगे

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Ratlam News: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप (MSME Minister Chetanya Kasyap) ने दीप मिलन समारोह आयोजित किया। जिसमें रतलाम के पत्रकारों को आमंत्रित किया गया। समारोह में पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने बताया की प्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए पांच नेशनल कॉन्क्लेव आयोजित किए गए, जिससे औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिला है। इन कॉन्क्लेव के माध्यम से दस हजार उद्यमियों से संवाद स्थापित किया गया और हर विधानसभा क्षेत्र में उद्योगों की संभावनाओं वाले क्षेत्रों की पहचान के लिए जनप्रतिनिधियों को निर्देशित किया गया है। पत्रकार दीप मिलन समारोह में मंत्री काश्यप ने बताया कि सरकार ने 16 स्थानों पर भूमि चिन्हित कर ली है, जहां सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार नई पीढ़ी के युवा उद्योगपतियों को प्रोत्साहन देने के लिए संकल्पित है। रतलाम निवेश क्षेत्र का ग्लोबल समिट में प्रेजेंटेशनमंत्री काश्यप ने रतलाम के विकास कार्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 17 करोड़ के पहले टेंडर के बाद अब 320 करोड़ का दूसरा टेंडर जारी किया गया है, जिसमें पानी, बिजली, और सड़कों की व्यवस्था की जाएगी। निवेश क्षेत्र में लगभग 350 से 400 प्लॉट लघु उद्योगों के लिए आवंटित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि फरवरी में भोपाल में होने वाली ग्लोबल समिट में रतलाम के निवेश क्षेत्र का प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। 8-लेन एक्सप्रेस-वे के पास होने के कारण इस क्षेत्र में उद्योगों के स्थापित होने की संभावनाएं और अधिक बढ़ गई हैं। रतलाम में एयरपोर्ट और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास मंत्री काश्यप ने यह भी बताया कि रतलाम में एयरपोर्ट के लिए भूमि चिन्हित की जा चुकी है। निवेश क्षेत्र के लिए पानी का प्रबंध कनेरी डेम से किया जाएगा, जिससे औद्योगिक विकास को समर्थन मिलेगा। फार्मा कंपनियों के लिए यहां पर्याप्त अवसर मौजूद हैं। अगले पांच सालों में इस औद्योगिक क्षेत्र के कारण रतलाम में नए अवसरों का विकास होगा, जिससे यह क्षेत्र प्रदेश और देश के औद्योगिक मानचित्र पर अपना स्थान बनाएगा। नगर निगम द्वारा शहर में 50 बीघा भूमि पर एक रिजनल पार्क का निर्माण भी किया जा रहा है। मीडिया की सकारात्मक भूमिकासमारोह के दौरान मंत्री काश्यप ने रतलाम की मीडिया की सराहना करते हुए कहा कि शहर के विकास में मीडिया की भूमिका हमेशा सकारात्मक रही है, और भविष्य में भी यह योगदान जारी रहने की कामना की।

मध्य प्रदेश किसान रजिस्ट्री: खेतों की डिजिटल रजिस्ट्री से किसानों को मिलेगा योजनाओं का लाभ, जानिए पूरी प्रक्रिया

भोपाल- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क| मध्य प्रदेश किसान रजिस्ट्री: मध्य प्रदेश में किसानों के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा और पारदर्शी लाभ पहुंचाना है। इस अभियान के अंतर्गत किसान रजिस्ट्री बनाई जा रही है, जिसमें प्रत्येक किसान को एक विशिष्ट किसान आईडी दी जाएगी। यह आईडी आधार कार्ड की तरह काम करेगी, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ डिजिटल माध्यम से मिल सकेगा। रजिस्ट्री की प्रक्रियाइस डिजिटल पहल में किसान रजिस्ट्री पोर्टल और मोबाइल ऐप की मदद ली जा रही है। किसानों को इस योजना का लाभ देने के लिए किसान रजिस्ट्री एमपी ऐप और स्थानीय युवाओं के लिए किसान सहायक एमपी ऐप बनाया गया है। इन ऐप्स के माध्यम से किसानों की ई-केवाईसी की जाएगी और उनकी भूमि की जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। डिजिटल सर्वेक्षण में स्थानीय युवाओं की भागीदारीराज्य के युवा इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहे हैं। डिजिटल फसल सर्वेक्षण के लिए स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है, जो किसानों के खेतों की नाप-जोख करके डेटा इकट्ठा करेंगे। इसके लिए इन युवाओं को बैंक खातों में राशि का भुगतान भी किया जाएगा। किसान रजिस्ट्री के लाभकिसान रजिस्ट्री के जरिए किसानों को कई तरह के लाभ मिलेंगे:– सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ: रजिस्ट्री के बाद किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ सीधे अपने खाते में प्राप्त कर सकेंगे।– आसान ऋण प्रक्रिया: किसान रजिस्ट्री होने से किसानों को कृषि ऋण लेने में सहूलियत होगी।– बाजार की जानकारी: किसान अपने उत्पादों के लिए बाजार की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।– बेहतर मूल्य: कृषि उत्पादों का सही मूल्य मिल सकेगा। ई-केवाईसी प्रक्रियाइस डिजिटल प्रक्रिया में किसानों को ई-केवाईसी करनी होगी, जिसमें उनका आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और खसरा खतौनी की जानकारी दर्ज की जाएगी। किसानों की सहमति डिजिटल तरीके से ली जाएगी और उनके सभी खातों को एक साथ जोड़ा जाएगा। आवश्यक दस्तावेजकिसान रजिस्ट्री के लिए किसानों को निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:– आधार कार्ड– मोबाइल नंबर– खसरा खतौनी– समग्र आईडी कॉमन सर्विस सेंटर से मददकिसान रजिस्ट्री के लिए किसान कॉमन सर्विस सेंटर का भी सहारा ले सकते हैं। यहां किसान भू-स्वामी द्वारा निर्धारित शुल्क का भुगतान करके रजिस्ट्री करवा सकते हैं। समाप्ति की तारीखयह अभियान 30 नवंबर तक पूरा किया जाएगा, ताकि दिसंबर से सभी योजनाओं का लाभ किसान आईडी के माध्यम से मिल सके। यह प्रक्रिया किसानों की मदद और उनकी उपज की बेहतर कीमत सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। मध्य प्रदेश किसान रजिस्ट्री की इस प्रक्रिया से किसानों के लिए कृषि कार्य और आसान हो जाएगा, और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ प्राप्त करने में उन्हें कोई कठिनाई नहीं होगी।

Maharashtra – Jharkhand Election Date: महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, 23 नवंबर को नतीजे

न्यू दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क| Maharashtra – Jharkhand Election Date: चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। महाराष्ट्र में एक चरण में 20 नवंबर को मतदान होगा, जबकि झारखंड में चुनाव दो चरणों में होंगे। झारखंड में पहले चरण का मतदान 13 नवंबर और दूसरे चरण का मतदान 20 नवंबर को होगा। दोनों राज्यों के नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। नक्सल प्रभावित इलाकों में विशेष सुरक्षाझारखंड के कई जिले नक्सल प्रभावित हैं, जिसकी वजह से वहां चुनाव सुरक्षा एक अहम मुद्दा है। इसीलिए झारखंड में दो चरणों में चुनाव कराने का फैसला लिया गया है। 2019 के चुनावों में यहां पांच चरणों में मतदान हुआ था, लेकिन इस बार दो चरणों में इसे संपन्न कराया जाएगा। उपचुनाव की तारीखों का भी ऐलानचुनाव आयोग ने कई उपचुनावों की तारीखें भी घोषित की हैं। 13 नवंबर को वायनाड लोकसभा सीट पर उपचुनाव होगा, जो राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, केरल और उत्तराखंड की विधानसभा सीटों पर भी उपचुनाव होंगे। उत्तर प्रदेश में 9 सीटों पर 13 नवंबर को उपचुनाव होगा, जबकि उत्तराखंड की केदारनाथ सीट पर 20 नवंबर को उपचुनाव कराया जाएगा। महाराष्ट्र और झारखंड में बहुमत का आंकड़ामहाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 सीटें हैं, जहां बहुमत के लिए 145 सीटों की जरूरत है। वहीं, झारखंड में 81 सीटें हैं और बहुमत का आंकड़ा 42 है। महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त हो रहा है, जबकि झारखंड में 5 जनवरी तक नई सरकार का गठन हो जाना चाहिए। महाराष्ट्र में एक लाख से ज्यादा पोलिंग बूथमहाराष्ट्र में 1 लाख से ज्यादा पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे। महिला मतदाताओं के लिए विशेष बूथों की व्यवस्था होगी, साथ ही बूथों पर बुजुर्गों और महिलाओं के लिए बैठने की व्यवस्था भी होगी। झारखंड में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा है, जहां 1.6 करोड़ महिला वोटर्स और 1.3 करोड़ से अधिक पुरुष मतदाता हैं। निष्पक्ष चुनाव पर जोरचुनाव आयोग ने मनी और मसल पावर पर सख्ती से लगाम लगाने की बात कही है। चुनाव के दौरान नकद, नशे और अवैध हथियारों की आवाजाही रोकने के लिए महाराष्ट्र और झारखंड की सीमाओं पर कड़ी चौकसी रखी जाएगी। 23 नवंबर को आएंगे नतीजेमहाराष्ट्र और झारखंड में मतदान के बाद 23 नवंबर को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।