Ratlam News: महिला एवं बाल विकास का “मिशन वात्सल्य”, किशोर न्याय अधिनियम पर प्रशिक्षण सहकार्यशाला का आयोजन

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में “मिशन वात्सल्य” के तहत किशोर न्याय अधिनियम पर आधारित एक विशेष प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों के संरक्षण और उनके सर्वोत्तम हितों को सुनिश्चित करने के लिए कानून की समझ बढ़ाना था। इस दौरान कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चों के साथ किस प्रकार संवेदनशील और जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से व्यवहार किया जाए, इस पर विशेष जोर दिया गया। कार्यशाला का उद्घाटन जिला न्यायाधीश अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने किया। उन्होंने किशोर न्याय अधिनियम के तहत उन बच्चों के साथ की जाने वाली कार्रवाई में विशेष सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया, जो कानून का उल्लंघन करते हैं। उन्होंने कहा कि इन बच्चों के मामलों में संवेदनशीलता और मानवता के साथ काम करना आवश्यक है, ताकि उनके अधिकारों की सुरक्षा हो सके और उन्हें समाज में पुनर्वासित किया जा सके। कर्तव्यों से परे जाकर काम करना होगा – एसपी अमित कुमारपुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार ने किशोर न्याय अधिनियम की संवेदनशीलता पर प्रकाश डाला और बताया कि हमें बच्चों के सर्वोत्तम हितों को प्राथमिकता देते हुए कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमें अपने सामान्य पुलिस कर्तव्यों से परे जाकर काम करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चों की हर संभव मदद की जाए।” एसपी ने यह भी कहा कि पुलिस और बाल कल्याण समितियों के बीच तालमेल बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि बच्चों की देखभाल और संरक्षण के मामले में कोई चूक न हो। छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना जरूरी – कृतिका सिंहकार्यशाला में किशोर न्याय बोर्ड की प्रधान न्यायाधीश सुश्री कृतिका सिंह ने प्रतिभागियों को बताया कि कानून के तहत बच्चों के साथ काम करते समय छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने बताया कि किशोर न्याय अधिनियम का उद्देश्य न केवल बच्चों के संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करना है, बल्कि उन्हें सही मार्ग पर लाने के लिए अवसर प्रदान करना भी है। सुश्री सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों के मामलों में जल्दबाजी और कठोरता से बचते हुए संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। प्रश्न मंच और समाधानकार्यशाला के दौरान, बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, स्पेशल जूवेनाइल पुलिस यूनिट और चाइल्ड हेल्पलाइन के सदस्यों ने अपनी जिज्ञासाओं को प्रश्न मंच के माध्यम से व्यक्त किया। इन प्रश्नों का समाधान जिला न्यायाधीश और अन्य विशेषज्ञों द्वारा अधिनियम के अनुसार किया गया। इस सत्र में अधिकारियों ने कानून से संबंधित कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे, जिनका उत्तर न्यायाधीशों ने स्पष्ट और व्यावहारिक ढंग से दिया। विशेष सहयोग और उपस्थितिइस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाका, बाल सुरक्षा अधिकारी श्रीमती पवनकुंवर सिसोदिया सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही। इस कार्यशाला के सफल आयोजन में गिरिश दुबे (विशेष किशोर पुलिस इकाई) और श्रीमती मनीषा पाटीदार व आयुषी पोरवाल का विशेष योगदान रहा। कार्यशाला का संचालन पवनकुंवर सिसोदिया द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को प्रभावी और सुगम तरीके से चलाया। यह कार्यशाला रतलाम जिले के बाल कल्याण और किशोर न्याय से जुड़े अधिकारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रही। इसने सभी प्रतिभागियों को किशोर न्याय अधिनियम के तहत बच्चों की देखभाल, संरक्षण और उनके सर्वोत्तम हितों के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को बेहतर तरीके से समझने का अवसर प्रदान किया।

Top School In World: कैसे एक टीचर ने MP के सरकारी स्कूल को झुग्गियों से निकाल इंटरनेशनल लेवल पर पहुंचाया, आज देशभर में नाम

सेंव, साड़ी और सोने की प्रसिद्धि से ट्रिपल S नगरी कहे जाने वाले रतलाम में एक और S जुड़ा, वो S है STUDY यानी शिक्षा!, विज्ञान के शिक्षक गजेन्द्रसिंह राठौर के प्रयासों ने बनाया अव्वल… मध्यप्रदेश – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Top School In World: मध्यप्रदेश के  रतलाम का सीएम राइज विनोबा स्कूल (CM RISE SCHOOL RATLAM) न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित कर चुका है। इस सरकारी स्कूल को T4 अंतर्राष्ट्रीय संस्था (T4 Education :World’s Best School Prizes 2024) द्वारा नवाचार श्रेणी में विश्वभर के टॉप 10 स्कूलों में शामिल किया गया और अंततः इसने तीसरा स्थान हासिल किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद से स्कूल के छात्रों, शिक्षकों और परिजनों में गर्व है। इस स्कूल को 1991 में रतलाम की शहरी झुग्गियों में स्थापित किया गया था। इस स्कूल ने अपनी शुरुआती चुनौतियों के बावजूद, नवाचारी प्रक्रियाओं और सामुदायिक जुड़ाव के माध्यम से आज यह मुकाम हासिल किया है।  सरकारी स्कूल के एडमिशन में अब प्रवेश के लिए होड़ मची हुई है। इसके यहां तक पहुंचने के पीछे की कहानी में एक शिक्षक गजेन्द्रसिंह सिंह राठौर की भूमिका बहुत मायने रखती है। राठौर स्कूल के वाईस प्रिंसीपल भी है। साइंस टीचर गजेन्द्रसिंह राठौर (Science Teacher Gajendra Singh Rathore) के पढाने का तरीका बहुत अलग है। उनका कहना है विज्ञान रट्टा मारने का नहीं बल्कि समझने का विषय है। किताब में छपे विषयों को राठौर प्रेक्टिकल कर बच्चों को समझाते है। रॉकेट उड़ता कैसे है, घर्षण होता क्या है, भूकंप आता क्यो है ऐसे कई रहस्यों को पढ़ाने की बजाय उन्हें प्रेक्टिकल से समझाते है। राठौर ऑनलाइन भी बच्चों को विज्ञान को समझने के लिए प्रेरित करते है। नहीं बदला अंदाज, राठौर से पढ़ने का क्रेजविद्यार्थियों में राठौर से पढ़ने का अलग ही क्रेज है। जहां भी शिक्षक रहे उन्होंने अपने पढ़ाने के अंदाज नहीं बदले। पढ़ाने में इनोवेशन के तरीकों को उन्होंने यहां भी लागू रखा। उनके साथ अन्य स्टाफ ने भी सहभागिता की और गजेन्द्रसिंह के तरीकों को अपनाया। जिसकी बदौलत आज पूरे विश्व में MP का सरकारी स्कूल चमक रहा है। आपको बता दे साल 2016 में राठौर राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हो चुके है। आज भी राठौर अपने पढ़ाए विद्यार्थियों के साथ जीवंत संपर्क में रहते है। विद्यार्थी भी उनसे जीवन की कठिनाइयों से निकलने के टिप्स लेते है। परेशानियों में उनसे सलाह लेते है।अवार्ड की घोषणा के समय कार्यक्रम के दौरान राठौर भावुक हो उठे थे और उनके आंसू निकल आए थे। राठौर ने बनाई योजना, नवाचार किए लागूदो साल पहले विनोबा स्कूल में उप प्राचार्य गजेंद्र सिंह राठौर ने स्कूल में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति को सुधारने के लिए वरिष्ठ शिक्षकों के साथ मिलकर “साइकिल ऑफ ग्रोथ मेकैनिज्म” योजना बनाई। इस योजना का उद्देश्य शिक्षकों के पेशेवर विकास के साथ-साथ छात्रों की भागीदारी बढ़ाना था। इसमें टीचर्स के लिए टीम हर्डल, कैप्सूल ट्रेनिंग, क्लासरूम मॉनिटरिंग, वन-ऑन-वन फीडबैक, और रीवार्ड एवं रिकग्निशन जैसी गतिविधियाँ शामिल की गईं।इसके अलावा, “विनोबा मॉडल ऑफ पैरेंटल एंगेजमेंट”, “कम्युनिटी एज ए लर्निंग रिसोर्स”, और “ट्रैकिंग डाटा के इनोवेटिव आइडिया” जैसी पहलें भी जुड़ती गईं। इन सब नवाचारों ने स्कूल में एक उत्साही और सकारात्मक वातावरण तैयार किया, जहाँ बच्चे आसानी से सीखने लगे। इस योजना को सफल बनाने में प्राचार्य संध्या वोरा, उप प्राचार्य गजेंद्र सिंह राठौर, प्रधान अध्यापक अनिल मिश्रा, सीमा चौहान, हीना शाह और अन्य शिक्षकों ने नियमित रूप से योगदान दिया। इस प्रकार हुआ चयनटी फॉर एजुकेशन ने दुनिया भर के स्कूलों से फरवरी 2024 तक विभिन्न श्रेणियों में आवेदन मांगे थे। हजारों आवेदनों में से विनोबा स्कूल को “इनोवेशन” श्रेणी में चुना गया, जहाँ उप प्राचार्य और राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक गजेंद्र सिंह राठौर को स्कूल लीडर के रूप में नामित किया गया। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय शिक्षाविदों द्वारा एक घंटे का ऑनलाइन इंटरव्यू लिया गया। इंटरव्यू के बाद दस्तावेजों के आधार पर मूल्यांकन किया गया।शिक्षकों की ऑनलाइन मीटिंग और विभिन्न स्तरों के परीक्षण के बाद, 13 जून को पहले चरण में स्कूल टॉप 10 में आया और गुरुवार को टॉप 3 में जगह बनाई। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण शिल्पा गुप्ता, और संचालक लोक शिक्षण डीएस कुशवाह ने उन्हें इस सफलता पर बधाई दी। इनोवेशन कैटेगरी में ऐतिहासिक उपलब्धिरतलाम का यह शासकीय स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में नवीनतम तकनीक और प्रयोगात्मक तरीकों का उपयोग कर रहा है, जिससे छात्रों को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ शिक्षा दी जा रही है। गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि विद्यालय में कुल 577 छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें से 525 छात्रों ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस सफलता के पीछे स्कूल के सामूहिक प्रयास और शिक्षकों की कड़ी मेहनत है। मुख्यमंत्री ने दी बधाईमध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्कूल की उपलब्धि पर बधाई दी। शहर विधायक व मंत्री चैतन्य काश्यप ने स्कूल का दौरा कर छात्रों और शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने इस अवसर पर स्कूल की प्राचार्य संध्या वोहरा और उप प्राचार्य गजेंद्र सिंह को विशेष रूप से सम्मानित किया। काश्यप ने कहा कि यह स्कूल प्रदेश के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा और भविष्य में अन्य शासकीय स्कूलों को भी इसी प्रकार से ऊंचाइयों पर पहुंचाने का काम करेगा। सीएम राइज स्कूल: एक ड्रीम प्रोजेक्टगौरतलब है कि सीएम राइज स्कूल योजना मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के शासकीय स्कूलों को उन्नत और आधुनिक सुविधाओं से लैस कर शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने का प्रयास किया गया। आज रतलाम के विनोबा स्कूल ने इस पहल की सफलता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिद्ध कर दिया है। लाइटहाउस स्कूल का दर्जाअब इस स्कूल को “लाइटहाउस” का दर्जा दिया गया है, जिसका मतलब है कि अन्य स्कूल भी इसके नवाचार और सफलता से प्रेरणा लेकर अपने छात्रों के लिए बेहतर शिक्षा प्रणाली विकसित करेंगे। गजेंद्र सिंह राठौड़ के अनुसार, स्कूल की यह सफलता अभिभावकों के लिए एक संकेत है कि अब उन्हें महंगे निजी स्कूलों में अपने बच्चों को भेजने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकारी स्कूल भी उन्हें उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान कर सकते हैं। रतलाम के इस स्कूल ने साबित कर दिया है कि सही दिशा में मेहनत और दृढ़ संकल्प से … Read more

MP Police Recruitment 2023: बारिश के चलते दौड़ के मैदानों पर पड़ा असर, पुलिस मुख्यालय ने फिजिकल की तारीख बढ़ाई

भोपाल – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। MP Police Recruitment 2023: 26, 27 और 28 सितंबर 2024 को हुई भारी बारिश के कारण, मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक (जीडी) एवं (रेडियो) भर्ती वर्ष 2023 के शारीरिक दक्षता परीक्षण स्थगित कर दिए गए हैं। पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, भारी वर्षा के कारण परीक्षण मैदान उपयुक्त नहीं रहे, जिसके चलते 30 सितंबर, 1 अक्टूबर और 2 अक्टूबर 2024 को होने वाले शारीरिक दक्षता परीक्षण अब क्रमश: 18, 19 और 20 नवंबर 2024 को आयोजित किए जाएंगे। (MP police Physical Test New Date) आपको बता दे ग्वालियर, उज्जैन सहित प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश की वजह से वो मैदान खराब हो गए हैं, जहां दक्षता परीक्षा ली जानी थी। ऐसे में इसे आगे बढ़ाना पड़ा है। नई तिथियां– 30 सितंबर 2024 की परीक्षा अब 18 नवंबर 2024 को होगी।– 1 अक्टूबर 2024 की परीक्षा अब 19 नवंबर 2024 को होगी।– 2 अक्टूबर 2024 की परीक्षा अब 20 नवंबर 2024 को होगी। हालांकि, परीक्षण केंद्र, स्थान, और बाकी शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उम्मीदवारों को अपने संशोधित प्रवेश पत्र मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मण्डल (ESB) की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद, वे नई तिथियों पर शारीरिक दक्षता परीक्षण में शामिल हो सकते हैं। सव्यसाची सराफ, सहायक पुलिस महानिरीक्षक (चयन भर्ती), पुलिस मुख्यालय, भोपाल ने कहा की उम्मीदवारों से अनुरोध है कि वे नई तिथियों को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारी जारी रखें और संबंधित वेबसाइट पर अपडेट्स चेक करते रहें। आचार संहिता के चलते रुका था फिजिकलमध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा 7411 पदों पर भर्ती की जा रही है। इसमें से ओबीसी आरक्षण को लेकर 13 प्रतिशत पदों पर परिणाम रोका गया था। भर्ती परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा होना थी। लेकिन लोकसभा चुनाव की आचार संहिता की वजह से इसे आगे बढ़ा दिया गया था। 2023 में हुई थी 6 हजार आरक्षकों की भर्ती इसके पहले 2023 में 6 हजार पुलिस आरक्षकों के पदों पर भर्ती हुई थी। प्रदेश में इसके बाद फिर से जून 2023 में 7411 आरक्षकों के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इसके बाद से यह प्रक्रिया चल रही है। इन पदों में 33 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।मध्य प्रदेश में यहां बनाए गए हैं सेंटरपुलिस भर्ती शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, रीवा, रतलाम, बालाघाट, सागर और मुरैना में होनी है। यहां हर दिन 200 से अधिक अभ्यर्थी इसमें हिस्सा लेंगे। इसमें से 15 प्रतिशत महिला अभ्यर्थीं होंगी।

MP Job Vacancies: मध्यप्रदेश में प्राथमिक शिक्षक की बंपर भर्तियां, क्या है आवेदन की आखरी तारीख, जानिए सबकुछ!

भोपाल – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। MP Job Vacancies: मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में ‘प्राथमिक शिक्षक (वर्ग-3)’ (Primary Teacher Job in MP) बनने के लिए पात्रता परीक्षा 10 नवंबर से शुरू होगी। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने इस परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 1 से 15 अक्टूबर के बीच किए जाएंगे। प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों के 8 हजार पद खाली हैं। 2023 में उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती के बाद, अब प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए पात्रता परीक्षा के बाद चयन परीक्षा भी होगी। इसका मतलब यह है कि अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने के लिए दो परीक्षाओं को पास करना होगा। यह परीक्षा स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के स्कूलों के लिए संयुक्त रूप से आयोजित की जा रही है। पात्रता के लिए अनिवार्य शैक्षणिक योग्यतापरीक्षा में शामिल होने के लिए कम से कम 60% अंकों के साथ हायर सेकंडरी या समकक्ष और प्रारंभिक शिक्षा में दो साल का डिप्लोमा या समकक्ष योग्यता आवश्यक है। अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को 5% अंकों की छूट दी जाएगी। इनके लिए न्यूनतम 45% अंक अनिवार्य होंगे, बशर्ते उनके पास सक्षम अधिकारी से जारी जाति प्रमाण पत्र हो। बीएड वाले अभ्यर्थी पात्र नहींसुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त 2023 को अपने आदेश में एनसीटीई की 28 जून 2018 की अधिसूचना को निरस्त कर दिया था, जिसके तहत बीएड डिग्री धारक प्राथमिक शिक्षक के लिए पात्र होते थे। अब बीएड योग्यताधारी उम्मीदवार प्राथमिक शिक्षक पद के लिए पात्र नहीं होंगे। पात्रता परीक्षा की वैधताप्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा-2020 और उसके बाद आयोजित की जाने वाली पात्रता परीक्षाओं की वैधता आजीवन रहेगी। यानी 2020 में सफल हुए अभ्यर्थियों को इस परीक्षा में दोबारा बैठने की जरूरत नहीं है। भविष्य में जब भी शिक्षक भर्ती निकाली जाएगी, पहले से पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थी इसके लिए पात्र माने जाएंगे और चयन मेरिट के आधार पर होगा। वेतनमान और पदों का विवरणप्राथमिक शिक्षक का न्यूनतम वेतन 25,300 रुपए होगा, साथ ही महंगाई भत्ता भी मिलेगा। प्रारंभिक नियुक्ति के दौरान उन्हें 12 दिसंबर 2019 के नियमों के अनुसार वेतन दिया जाएगा। प्रदेश में कुल 45 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं, जिनमें से 8 हजार प्राथमिक शिक्षक के हैं। हालांकि, परीक्षा के लिए पदों का विस्तृत विवरण जारी नहीं किया गया है। चयन परीक्षा के समय ही यह विवरण प्रदान किया जाएगा। परीक्षा का शेड्यूल और अन्य जानकारी: – परीक्षा 10 नवंबर से शुरू होगी।– आवेदन 1 से 15 अक्टूबर तक ऑनलाइन भरे जाएंगे।– आवेदन पत्र में संशोधन 20 अक्टूबर तक किया जा सकेगा।– अनारक्षित वर्ग के लिए परीक्षा शुल्क 500 रुपए और आरक्षित वर्ग के लिए 250 रुपए है।– परीक्षा दो पालियों में होगी: सुबह 9:00 से 11:30 बजे और दोपहर 2:30 से 5:00 बजे तक।– परीक्षा केंद्र 13 शहरों में होंगे: बालाघाट, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, खंडवा, इंदौर, नीमच, रतलाम, रीवा, सीधी, सतना और उज्जैन। यह पात्रता परीक्षा मध्यप्रदेश के शिक्षण क्षेत्र में प्रवेश के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। सफल अभ्यर्थी स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग में शिक्षक पदों के लिए पात्र होंगे और उनका चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा।

MP WEATHER : अगले 2 दिनों तक प्रदेश में रहेगा बारिश का दौर, इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

भोपाल -पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। MP Weather:  शुक्रवार को भोपाल समेत मध्य प्रदेश के 23 जिलों में बारिश दर्ज की गई। खजुराहो और टीकमगढ़ में 1 इंच, जबकि नर्मदापुरम में 0.75 इंच बारिश हुई। मौसम विभाग ने उज्जैन, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी, गुना, शिवपुरी, निवाड़ी, और टीकमगढ़ में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में अब तक औसत 42.6 इंच वर्षा हो चुकी है, जिसमें मंडला में सबसे अधिक 59.5 इंच बारिश हुई है। रतलाम (Ratlam) में इस मानसून के दौरान लगभग 42 इंच बारिश दर्ज की गई है। सायसर (वायुमंडलीय दबाव) और मानसून ट्रफ की एक्टिविटी के कारण अगले दो दिन तक बारिश की संभावना बनी रहेगी, उसके बाद सिस्टम कमजोर हो सकता है। अगले 24 घंटों में उज्जैन, अलीराजपुर, और रतलाम जैसे जिलों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि मंडला, डिंडौरी, और अनूपपुर में धूप खिलने की संभावना है। भोपाल और इंदौर जैसे क्षेत्रों में हल्की बारिश जारी रहेगी, जबकि 28 सितंबर को इंदौर और उज्जैन संभागों में फिर से बारिश की संभावना है।  29 और 30 सितंबर को मौसम साफ होने की संभावना है।

Ujjain News: साथ बैठकर दोस्तों ने शराब पी, फिर नाली की गंदगी में लोटपोट होकर चलाते रहे लात – घूंसे, देखिए वायरल वीडियो

उज्जैन – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। गुरुवार सुबह उज्जैन शहर के(Ujjain News) इंदौरगेट क्षेत्र में उस समय हंगामा मच गया जब नशे में धुत दो युवकों के बीच सरेआम मारपीट शुरू हो गई। नशा किस कदर हावी रहता है यह आप वीडियो देखकर समझ जाएंगे। हैरान कर देने वाली बात यह रही कि दोनों युवक लड़ते-लड़ते नाली में गिर गए और कीचड़ व गाद की गंदगी में सने होने के बावजूद लड़ते रहे। नाली से निकलने के बाद भी मुख्य सड़क पर एक-दूसरे से भिड़ते रहे। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसे देख आप भी हैरान हो जाएंगे। नशे में नाली तक जा पहुंचे, मारपीट जारीमामले के चश्मदीदों के अनुसार, दोनों युवक पहले सड़क पर झगड़ रहे थे और शराब के नशे में इस कदर मग्न थे कि उन्हें यह भी नहीं पता चला कि वे किस जगह लड़ रहे हैं। झगड़ते-झगड़ते दोनों पास की नाली में जा गिरे और वहां भी गंदगी से सने हुए एक-दूसरे से लड़ते रहे। काफी देर तक इनकी लड़ाई चलती रही फिर लोगों ने दोनों को डांट फटकार कर भगाने की कोशिश की।  मारपीट के दौरान मुख्य सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। साथ में पी शराबस्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों युवक पहले साथ बैठकर शराब पी रहे थे, और फिर किसी बात पर उनके बीच झगड़ा शुरू हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि वे हाथापाई पर उतर आए, और नाली में गिरने के बावजूद झगड़ा जारी रखा।घटना के वीडियो के वायरल होने के बाद मामला इंदौरगेट पुलिस थाने तक पहुंचा। हालांकि, पुलिस ने बताया कि लड़ाई में शामिल दोनों युवकों ने थाने में कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई है, जिसके चलते फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि यदि कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Ratlam News: खाटू के कला भवन की तर्ज पर सजेगा बाबा श्याम का दरबार, भजनों के साथ भक्तों को लुभाएंगे कोलकाता के फूल

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: श्रीराधे श्याम सरकार के चतुर्थ वार्षिक उत्सव के उपलक्ष्य में श्री राधेश्याम दरबार सेवा परिवार द्वारा बाबा श्याम का चतुर्थ आनंद उत्सव रतलाम में आयोजित किया जा रहा है। यह भव्य आयोजन पावर हाउस रोड स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के पीछे लायंस क्लब हॉल में 28 सितंबर शनिवार की रात से शुरू होगा। कार्यक्रम में बाबा श्याम का दरबार खाटू के प्रसिद्ध कला भवन की तर्ज पर सजाया जाएगा, जो इस कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगा। (Khatu Shyam Ji) दरबार की साज-सज्जा के लिए कोलकाता के विशेष फूलों का उपयोग किया जाएगा, और सालासर बालाजी से श्रीराम पुजारी जी इस आयोजन के लिए विशेष रूप से पधारेंगे। बाबा श्याम के भक्तों के लिए भजन संध्याबाबा श्याम के इस वार्षिक उत्सव में भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें कई प्रसिद्ध भजन गायक बाबा की महिमा का गुणगान करेंगे। भजन गायक कनिका ग्रोवर (मनासा), दीपांशु अग्रवाल (ब्यावर), अनुज पारिक (भीलवाड़ा), प्रसन्न परसाई (रतलाम), जीतू धोरा (रतलाम) अपनी सुरीली आवाज में बाबा श्याम के भजनों की प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा, संगीत की धुनों पर मोहित बारोट म्यूजिकल ग्रुप (नागदा) भी अपनी विशेष प्रस्तुति से भक्तों को भक्ति रस में डुबो देंगे। विशेष छप्पन भोग और मंगला आरतीआगामी 28 तारीख शनिवार को रात 8 बजे से प्रारंभ होने वाला यह कार्यक्रम ब्रह्म मुहूर्त तक जारी रहेगा। बाबा श्याम के कीर्तन का विशेष आयोजन होगा, जिसमें भक्तजन रातभर बाबा के भजनों का आनंद लेंगे। कीर्तन के बाद बाबा श्याम को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा, जिसमें विशेष रूप से तैयार व्यंजनों का समावेश होगा। इसके बाद मंगला आरती की जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। मां जीण भवानी और सालासर बालाजी का भी दरबार सजेगाइस आयोजन के दौरान बाबा श्याम के साथ ही मां जीण भवानी और सालासर बालाजी का भी दरबार विशेष रूप से सजाया जाएगा। श्री राधे श्याम दरबार सेवा परिवार के सेवादारों ने बताया कि इस आयोजन में शहर और आसपास के भक्तों की बड़ी संख्या में भागीदारी की संभावना है। आयोजन का उद्देश्य न केवल श्रद्धालुओं को भक्ति का अनुभव कराना है, बल्कि उन्हें बाबा श्याम की कृपा और आशीर्वाद से जोड़ना है।

परंपरा निभाता रतलाम: रिमझिम बारिश और सदाबहार गीतों पर खनके चंटिये, पुरुषों का गरबा बना आकर्षण

त्रिनेत्र सांस्कृतिक संगम समिति का 3 दिवसीय आयोजन, डालूमोदी बाजार में जुटे खेल प्रेमी रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। शहर के मध्य में आयोजित त्रिनेत्र सांस्कृतिक संगम समिति के तीन दिवसीय पारंपरिक चंटिया खेल कार्यक्रम ने पुराने जमाने की यादों को ताजा कर दिया। 26 से 28 सितंबर तक आयोजित इस आयोजन में सैकड़ों की संख्या में पुरुष खिलाड़ी बांस की चंटियों के साथ पुराने फिल्मों के सदाबहार नगमों पर थिरकते नजर आए। रिमझिम बारिश और ढोल की थाप के साथ शहनाई की सुमधुर धुनों पर खेल प्रेमियों और दर्शकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। परंपरागत तौर पर चंटियों को पुरुषों का गरबा कहा जाता है। इसमें पुरुषों के हाथ में छोटे डांडिया नहीं बल्कि 3 से 4 फिट के डंडे होते है। यह कार्यक्रम डालूमोदी बाजार में आयोजित किया गया, जहां रात 8:30 बजे से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। जैसे-जैसे रात ढलती गई, माहौल और भी जीवंत हो उठा। यह आयोजन खासतौर से पुरुषों के लिए आयोजित किया गया था, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के पुरुष खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। पुरानी पीढ़ी के खिलाड़ी जहां अपने अनुभवों और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाते नजर आए, वहीं युवा पीढ़ी भी अपनी ऊर्जा और उत्साह से कार्यक्रम में रंग भरते दिखे। पुराने दिनों की परंपरा को जीवित रखने का प्रयासइस कार्यक्रम का उद्देश्य पुरानी परंपराओं को जीवित रखना और नई पीढ़ी को इससे जोड़ना है। पुराने खिलाड़ी बताते है की चंटिया खेलने की परंपरा राजा-महाराजाओं के समय से चली आ रही है। महाराजा सज्जनसिंह के समय में यह खेल महलवाड़ा में खेला जाता था, फिर थावरिया बाजार और अब डालूमोदी बाजार में इस परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। उन्होंने त्रिनेत्र सांस्कृतिक संगम समिति के प्रयासों की सराहना की और कहा कि यह आयोजन पुराने दिनों की यादें ताजा कर देता है। शहर के युवाओं को आगे आकर इसमें सहभागिता करना चाहिए। सदाबहार गीतों की गूंज और खिलाड़ियों का जोशकार्यक्रम की शुरुआत गुरुवार रात दीप प्रज्ज्वलित कर की गई, जिसमें शहर के अखाड़े और व्यायामशाला के प्रमुखों ने हिस्सा लिया। चंटियों की खनक और खिलाड़ियों के पैरों की लय का तालमेल शहनाई वादक और ढोल की थाप के साथ मिलकर मनोरम दृश्य उत्पन्न कर रहा था। एक से बढ़कर एक पुराने सदाबहार गीतों की धुनों पर सभी खिलाड़ी पूरे जोश के साथ चंटिया खेलते नजर आए। तीन दिन तक रहेगा उत्साहत्रिनेत्र सांस्कृतिक संगम के संस्थापक अध्यक्ष सुरेंद्र वोरा और अध्यक्ष राकेश पीपाड़ा ने बताया कि यह आयोजन 28 सितंबर तक चलेगा। आयोजन स्थल पर चंटियों की विशेष व्यवस्था मंच के समीप की गई थी, ताकि खिलाड़ी बिना किसी बाधा के खेल सकें और दर्शक खेल का आनंद ले सकें। कार्यक्रम में शहरवासियों ने भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और पुराने दिनों की यादों में खो गए। रिमझिम बारिश की फुहारों के बीच रातभर खिलाड़ियों ने चंटियों के खेल का भरपूर आनंद लिया। ढोल-शहनाई की धुनों पर सदाबहार गीतों के साथ खेल की मस्ती ने जैसे माहौल को संगीतमय बना दिया। न केवल पुराने खिलाड़ी बल्कि युवा पीढ़ी भी इस आयोजन में शामिल होकर अपने आप को रोक नहीं पाई और चंटिया खेलने का लुत्फ उठाया। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम ने रतलाम के लोगों को उनकी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ा और एक बार फिर से इस परंपरा को जीवित रखने का संकल्प लिया।

Ratlam News: एसपी अमित कुमार निकले शहर की  नब्ज टटोलने, टीआई से पूछा – “हथियारबंद जवान तैनात रहता है या नहीं?”

एसपी का “एक दिवस – एक रोड” अभियान पर फोकस, जनता से जाने सुझाव, सफल होगी पहल! रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नवागत एसपी अमित कुमार (IPS Amit Kumar) ने एक अहम पहल की है। एसपी ने अपने ‘एक दिवस एक रोड’ अभियान के तहत गुरुवार को खुद शहर की सड़कों पर पैदल भ्रमण कर यातायात की स्थिति का जायजा लिया। बारिश के बावजूद, एसपी ने प्रमुख बाजार क्षेत्रों का दौरा किया और यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस दौरान उन्होंने रतलाम (Ratlam news) के व्यापारियों से मुलाकात कर उनके सुझाव भी प्राप्त किए। चांदनी चौक स्थित सराफा में निरीक्षण के दौरान एसपी ने माणक चौक टीआई सुरेंद्रसिंह गडरिया से पूछा की हथियारबंद जवान तैनात रहता है या नहीं? इस पर टीआई ने हांमी भरते हुए हां में उत्तर दिया। गुरुवार दोपहर करीब 4 बजे, एसपी अमित कुमार अपने दल के साथ शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों में पहुंचे। राम मंदिर चौराहे पर अक्सर लगने वाले जाम की स्थिति का निरीक्षण करते हुए उन्होंने पार्किंग व्यवस्था को सुधारने और अस्थायी अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। इसके बाद एसपी ने माणक चौक थाना क्षेत्र के गणेश देवरी और धानमंडी इलाके का दौरा किया। यहां उन्होंने सड़क पर अव्यवस्थित तरीके से खड़े वाहनों पर नाराजगी जाहिर की और ट्रैफिक डीएसपी अनिल राय से दिन के समय हो रही लोडिंग-अनलोडिंग की प्रक्रिया को रात में शिफ्ट करने का सुझाव दिया। कार चालक को दी समझाईशएसपी अमित कुमार का पैदल भ्रमण चांदनी चौक क्षेत्र तक जारी रहा, जहां उन्होंने स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों से बातचीत की। क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था और यातायात सुधार पर चर्चा करते हुए उन्होंने पार्किंग स्थलों का भी निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बीच सड़क पर खड़े वाहनों को देखकर यातायात डीएसपी से पूछा कि वाहन इस तरह सड़कों पर क्यों खड़े हैं। रास्ते में खड़ी एक कार को देखकर एसपी उसके चालक के पास भी गए और इस तरह कार पार्क करने पर उसे समझाईश दी। एसपी माणक चौक थाने पहुंचे और वहां व्यापारियों और नागरिकों के साथ जनसंवाद किया। उन्होंने जनता से उनके सुझावों को सुना और यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। एसपी अमित कुमार की इस पहल से शहरवासियों में यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है। शहर में यातायात व्यवस्था में जल्द सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।

Ratlam News: रतलाम में पहली ऑनलाइन मेडिकल शॉप 3 अक्टूबर से होगी शुरू, 10% डिस्काउंट, फ्री डिलवरी और फ्री चेकअप भी

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। रतलाम (Ratlam) में अब दवाइयों की होम डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध होने जा रही है। शहर की पहली ऑनलाइन मेडिकल शॉप ‘तत्काल मेडिकल सर्विसेस’ का शुभारंभ 3 अक्टूबर, गुरुवार को किया जाएगा। इस सेवा के तहत लोग अपने घर बैठे ही दवाइयां मंगवा सकेंगे। इसके लिए वे 9630401104 पर कॉल या व्हाट्सएप के जरिए ऑर्डर कर सकते हैं। खास बात यह है की 10 प्रतिशत डिस्काउंट इसमें दिया जाएगा। तत्काल मेडिकल सर्विसेस रतलाम के निवासियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। फ्री होम डिलीवरी और अन्य सुविधाएंतत्काल मेडिकल सर्विसेस दवाइयों की होम डिलीवरी निशुल्क करेगी और दवाइयों पर 10 प्रतिशत की छूट भी दी जाएगी। इसके अलावा, मरीजों के लिए घर बैठे फ्री ईसीजी, शुगर और ब्लड प्रेशर जांच की सुविधा भी उपलब्ध होगी। मरीज के लिए घर पर आकर ब्लड और यूरिन सैंपल कलेक्ट की सुविधा भी फ्री रहेगी। मरीजों को दवाई और डॉक्टर संबंधी रिमाइंडर के लिए फ्री मेसेजिंग सुविधा भी प्रदान की जाएगी। साथ ही अन्य मेडिकल इमरजेंसी सेवाएं भी तत्काल मेडिकल सर्विसेस के तहत उपलब्ध होंगी। दवाइयों के ऑर्डर के लिए डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन होना अनिवार्य है। बिना प्रिस्क्रिप्शन के दवाइयां नहीं दी जाएंगी। उपभोक्ताओं को अपना पता दर्ज कराना होगा, जिसके बाद एक पासकोड जारी किया जाएगा। इस पासकोड को डिलीवरी के समय बताना होगा। ऑर्डर की पूरी राशि पहले ही उपभोक्ताओं को बता दी जाएगी, और उनकी सहमति के बाद ही दवाइयां डिलीवर की जाएंगी। दवाइयों का भुगतान उपभोक्ता ऑनलाइन या कैश दोनों माध्यमों से कर सकते हैं।

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