Ratlam News: बजरंग दल रतलाम विभाग की बैठक संपन्न, शौर्य यात्रा और रन फॉर हेल्थ की बनी योजना

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के होटल उजाला पैलेस में बजरंग दल रतलाम विभाग की विभागीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में मालवा प्रांत के प्रांत संयोजक नितिन पाटीदार, प्रांत साप्ताहिक मिलन प्रमुख मंगलेश सोनी, रतलाम विभाग के संगठन मंत्री अर्जुन गहलोत, विभाग सह मंत्री पवन बंजारा और विभाग संयोजक विनोद शर्मा के साथ तीनों जिले रतलाम, झाबुआ और जावरा के जिला और प्रखंड पदाधिकारी शामिल हुए।  बैठक में बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने “रन फॉर हेल्थ” और “शौर्य यात्रा” के आयोजन की योजना बनाई। कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी रतलाम जिला संयोजक मुकेश व्यास ने दी। बैठक के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने संगठन की आगामी गतिविधियों पर विचार-विमर्श किया और योजनाओं को सफल बनाने का संकल्प लिया।

MP News: Reliance बीमा कंपनी ने क्लेम देने से किया मना, उपभोक्ता फोरम ने मनमानी पर दिया ये फैसला, जानिए पुरा मामला

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: मध्यप्रदेश के रतलाम में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने हेल्थ इंश्योरेंस दावे को अनुचित तरीके से खारिज करने के मामले में बीमा कंपनी के खिलाफ परिवादी के पक्ष में निर्णय सुनाया है। आयोग ने इसे सेवा में कमी मानते हुए बीमा कंपनी को दावे की राशि ब्याज सहित चुकाने और मानसिक संताप के लिए अतिरिक्त मुआवजा प्रदान करने का आदेश दिया है। उक्त आदेश जिला उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष मुकेश कुमार तिवारी व सदस्य श्रीमती जयमाला संघवी की कोर्ट ने दिया। मामले में पैरवी कर रहे एडवोकेट प्रणय ओझा ने बताया यह फैसला उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। आयोग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बीमा कंपनियां अनुचित तरीके से दावे को खारिज नहीं कर सकतीं। यह निर्णय अन्य उपभोक्ताओं को भी उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेगा और बीमा कंपनियों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा।  यह था मामलापरिवादी श्रीमती प्रेमलता पाटीदार, निवासी ग्राम नगरा रतलाम ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ हेल्थ गेन पॉलिसी के तहत चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति न करने की शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी ने पॉलिसी के लिए 11,614/- रुपये का प्रीमियम अदा किया था। पॉलिसी अवधि 15 सितंबर 2023 से 14 सितंबर 2024 तक थी।  परिवादी को 18 मार्च 2024 को सिरदर्द, सर्दी-खांसी, बुखार और पेट दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें रतलाम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान परिवादी को Acute Febrile Illness और Acute Gastroenteritis का निदान हुआ। 21 मार्च 2024 को डिस्चार्ज होने के बाद, इलाज पर कुल 29,174/- रुपये का खर्च हुआ।  परिवादी ने बीमा कंपनी को ऑनलाइन क्लेम प्रस्तुत किया, लेकिन बीमा कंपनी ने 8 अप्रैल 2024 को क्लेम खारिज करते हुए कहा कि यह मामला पॉलिसी की शर्त 5.1.1 के तहत भुगतान योग्य नहीं है। कंपनी ने दावा किया कि परिवादी को पहले से डायबिटीज और हाईपरटेंशन की बीमारियां थीं, जिनकी जानकारी पॉलिसी लेते समय नहीं दी गई थी।  आयोग का परिवादी के पक्ष में निर्णयपरिवादी ने आयोग में दस्तावेज़ और साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिनमें अस्पताल द्वारा जारी प्रमाण पत्र शामिल था। इसमें स्पष्ट किया गया कि उन्हें भर्ती किए जाने का कारण केवल Acute Febrile Illness और Acute Gastroenteritis था, न कि पूर्व की बीमारियां।  वहीं, बीमा कंपनी यह साबित नहीं कर सकी कि पॉलिसी जारी करने से पहले परिवादी डायबिटीज और हाईपरटेंशन से ग्रसित थीं। कंपनी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज़ों में इस तथ्य का कोई ठोस प्रमाण नहीं था।  आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी ने अनुचित आधार पर दावे को खारिज किया और पॉलिसी की शर्तों का गलत उपयोग किया। आदेश में कहा गया कि पॉलिसी दस्तावेज़ में उल्लेखित शर्त 5.1.1 मौजूद ही नहीं है।  आयोग द्वारा पारित आदेश1. बीमा कंपनी को 29,174/- रुपये की दावे की राशि परिवाद प्रस्तुत करने की तिथि (18 जुलाई 2024) से अदायगी तक 6% वार्षिक साधारण ब्याज सहित भुगतान करने का निर्देश दिया गया।  2. मानसिक संताप और परिवाद व्यय के लिए 5,000/- रुपये का मुआवजा भी देने का आदेश दिया गया।  3. कंपनी को 60 दिनों के भीतर उक्त राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया गया। विलंब होने पर यह राशि 8% वार्षिक ब्याज के साथ देय होगी।

MP Board Laptop Yojana 2024-25: लैपटॉप योजना के तहत 1 दिसंबर से मिलेंगे 25,000 रुपए, जानें पूरी जानकारी

भोपाल- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। MP Board Laptop Yojana 2024-25:  मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) द्वारा घोषित MP Board Laptop Yojana 2024-25 के तहत उन छात्रों को 25,000 रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी, जिन्होंने वर्ष 2023 की 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75% या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। राज्य सरकार ने इस योजना को लेकर नोटिफिकेशन जारी कर दिया है और यह सहायता राशि 1 दिसंबर 2024 से छात्रों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी। किन छात्रों को मिलेगा लाभ?मध्य प्रदेश लैपटॉप योजना का लाभ उन्हीं छात्रों को दिया जाएगा, जिन्होंने कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 75% या उससे अधिक अंक हासिल किए हैं और पहली बार में ही परीक्षा उत्तीर्ण की है। योजना का उद्देश्य मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करना और उनकी आगे की पढ़ाई में सहायता प्रदान करना है। स्कूलों को निर्देश जारीमध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल द्वारा सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया गया है कि वे ऐसे छात्रों की सूची तैयार करें जो इस योजना के पात्र हैं। सभी पात्र छात्रों की सूची जिला शिक्षा अधिकारियों के पास भेजी जा रही है, जिसके आधार पर उन्हें 25,000 रुपए प्रदान किए जाएंगे। कब आएगी राशि?MP Board Laptop Yojana के अंतर्गत सभी पात्र छात्रों के बैंक खातों में 1 दिसंबर 2024 से 25,000 रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे। योजना का लाभ उन्हीं छात्रों को मिलेगा, जिन्होंने 75% या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं और जिन्हें पहली बार में 12वीं बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण की है। महत्वपूर्ण निर्देशछात्रों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे अपने रिजल्ट और अन्य संबंधित जानकारी को स्कूल में उपलब्ध कराएं। सभी पात्र छात्रों को इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए अपने स्कूल के माध्यम से आवेदन करना होगा। MP Board Laptop Yojana का लाभ पाने के लिए छात्रों को अपनी संपूर्ण जानकारी और रिजल्ट की जानकारी अपने स्कूल में जमा करना अनिवार्य है।

Supreme court: बुलडोज़र एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: “मनमाना रवैया बर्दाश्त नहीं

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Supreme court: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बुलडोज़र एक्शन को लेकर एक सख्त टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के आरोपी या दोषी होने मात्र से उसका घर गिराया नहीं जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि इस तरह की कार्रवाई किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है, और अधिकारियों को मनमाने तरीके से काम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। कोर्ट ने जोर देते हुए कहा, “अफसर जज नहीं बन सकते और यह फैसला नहीं कर सकते कि कौन दोषी है। ताकत का गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।” इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी अधिकारी को यह अधिकार नहीं है कि वह कानून से ऊपर होकर किसी के खिलाफ कार्रवाई करे। यह टिप्पणी हाल ही में देश के विभिन्न हिस्सों में बुलडोज़र का उपयोग कर संदिग्धों और आरोपियों के घरों पर की जा रही कार्यवाही के संदर्भ में आई है। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि इस तरह की कार्रवाइयों में संतुलन बनाए रखना जरूरी है और सिर्फ अदालत के निर्देशानुसार ही उचित कदम उठाए जा सकते हैं। जानिए मुख्य बिंदुसिर्फ इसलिए घर नहीं गिराया जा सकता क्योंकि कोई व्यक्ति आरोपी है. राज्य आरोपी या दोषी के खिलाफ मनमानी कार्रवाई नहीं कर सकता.बुलडोजर एक्शन सामूहिक दंड देने के जैसा है, जिसकी संविधान में अनुमति नहीं है.निष्पक्ष सुनवाई के बिना किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता.कानून के शासन, कानूनी व्यवस्था में निष्पक्षता पर विचार करना होगा.कानून का शासन मनमाने विवेक की अनुमति नहीं देता है. चुनिंदा डिमोलेशन से सत्ता के दुरुपयोग का सवाल उठता है.आरोपी और यहां तक कि दोषियों को भी आपराधिक कानून में सुरक्षा दी गई है. कानून के शासन को खत्म नहीं होने दिया जा सकता है.संवैधानिक लोकतंत्र में नागरिक अधिकारों और आजादी की सुरक्षा जरूरी है.अगर कार्यपालिका मनमाने तरीके से किसी नागरिक के घर को इस आधार पर ध्वस्त करती है कि उस पर किसी अपराध का आरोप है तो यह संविधान कानून का उल्लंघन है.अधिकारियों को इस तरह के मनमाने तरीके से काम करने के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए.अधिकारियों को सत्ता का दुरुपयोग करने पर बख्शा नहीं जा सकता.स्थानीय कानूनों का उल्लंघन करने वाले घर को गिराने पर विचार करते वक्त यह देखना चाहिए कि नगरपालिका कानून में क्या अनुमति है. अनधिकृत निर्माण समझौता योग्य हो सकता है या घर का केवल कुछ हिस्सा ही गिराया जा सकता है.अधिकारियों को यह दिखाना होगा कि संरचना अवैध है और अपराध को कम करने या केवल एक हिस्से को ध्वस्त करने की कोई संभावना नहीं हैनोटिस में बुलडोजर चलाने का कारण, सुनवाई की तारीख बताना जरूरी होगी. डिजिटल पोर्टल 3 महीने में बनाया जाना चाहिए, जिसमें नोटिस की जानकारी और संरचना के पास सार्वजनिक स्थान पर नोटिस प्रदर्शित करने की तारीख बताई गई है.व्यक्तिगत सुनवाई की तारीख जरूर दी जानी चाहिए.आदेश में यह जरूर नोट किया जाना चाहिए कि बुलडोजर एक्शन की जरूरत क्यों है.केवल तभी इमारत गिराई जा सकती है, जब अनधिकृत संरचना सार्वजनिक सड़क/रेलवे ट्रैक/जल निकाय पर हो. इसके साथ ही प्रक्रिया का पालन करने के बाद ही इमारत गिराई जा सकती हैकेवल वे संरचनाएं ध्वस्त की जाएंगी, जो अनाधिकृत पाई जाएंगी और जिनका निपटान नहीं किया जा सकता.अगर अवैध तरीके से इमारत गिराई गई है, तो अधिकारियों पर अवमानना की कार्रवाई की जाएगी और उन्हें हर्जाना देना होगा.अनाधिकृत संरचनाओं को गिराते वक्त विस्तृत स्पॉट रिपोर्ट तैयार की जाएगी. पुलिस और अधिकारियों की मौजूदगी में तोड़फोड़ की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी. यह रिपोर्ट पोर्टल पर पब्लिश की जाएगी. अगर घर गिराने का आदेश पारित किया जाता है, तो इस आदेश के खिलाफ अपील करने के लिए वक्त दिया जाना चाहिए.बिना अपील के रात भर ध्वस्तीकरण के बाद महिलाओं और बच्चों को सड़कों पर देखना सुखद दृश्य नहीं हैघर के मालिक को रजिस्टर्ड डाक द्वारा नोटिस भेजा जाएगा और संरचना के बाहर चिपकाया जाएगा.नोटिस से 15 दिनों का वक्त नोटिस तामील होने के बाद है.तामील होने के बाद कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट द्वारा सूचना भेजी जाएगी.कलेक्टर और डीएम नगरपालिका भवनों के ध्वस्तीकरण आदि के प्रभारी नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे.प्राधिकरण व्यक्तिगत सुनवाई सुनेगा, रिकॉर्ड किया जाएगा और उसके बाद अंतिम आदेश पारित किया जाएगा.आदेश के 15 दिनों के अंदर मालिक को अनधिकृत संरचना को ध्वस्त करने या हटाने का मौका दिया जाएगा. सभी निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए और इन निर्देशों का पालन न करने पर अवमानना और अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी और अधिकारियों को मुआवजे के साथ ध्वस्त संपत्ति को अपनी लागत पर वापस करने के लिए उत्तरदायी ठहराया जाएगा.सभी मुख्य सचिवों को निर्देश दिए जाने चाहिए.

MP News: विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार रतलाम पहुंचे, जात – पात से ऊपर उठने पर दिया जोर; समाज के प्रबुद्धजनों से मिले

सेवा कार्य सबसे बड़ा कार्य, देश व धर्म को बचाकर सेवा कार्य करना बहुत आवश्यक है – आलोक कुमार रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: विश्व हिन्दू परिषद सामाजिक समरसता विभाग द्वारा रतलाम में सामाजिक समरसता संगोष्ठी व प्रबुद्धजन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में विशेष मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार उपस्थित हुए। इस आयोजन का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों के बीच समरसता और एकता को बढ़ावा देना है। संगोष्ठी से पूर्व अतिथियों ने भारत माता व भगवान श्रीराम के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से प्रांत मंत्री विनोद शर्मा, संगठन मंत्री अर्जुन गेहलोद, समाजसेवी व व्यापारी अनोखीलाल कटारिया, प्रकाश शर्मा सांवरिया आदि मौजूद रहे। मंच का संचालन जिला सामाजिक समरसता प्रमुख मनोज सगरवंशी व विशेष संपर्क प्रमुख मनोज पंवार ने किया। अपने संबोधन में आलोक कुमार ने भारत में सनातन धर्म में सामाजिक समरसता को लेकर जात-पात से ऊपर उठकर सभी समाज को एक साथ रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारे मन में भगवान विराजमान हैं, तो छोटा-बड़ा का कोई प्रश्न नहीं उठता। हिंदू धर्म में पहले समय में व्यक्ति हजार कष्टों को सहकर चार धाम तीर्थ यात्रा करता था। उस समय सड़क, परिवहन आदि की व्यवस्था नहीं होती थी। लोग अपने सभी हिसाब-किताब को सुधारते, गलतियों को स्वीकार करते और यह सोचकर जाते कि यदि मृत्यु हुई तो मोक्ष की प्राप्ति होगी, और यदि लौट आए तो ईश्वर की कृपा मानी जाती। यह सब इसलिए होता था क्योंकि लोग देश को एक मानते थे। उन्होंने कहा कि हम सभी को जात, मत, पंथ से ऊपर उठकर हिंदू के रूप में एकजुट रहना चाहिए और बच्चों को हिंदू धर्म की शिक्षा देना अति आवश्यक है। अन्यथा विधर्मी हमारे समाज को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे लव जिहाद जैसे गंभीर मामले सामने आते हैं। आलोक कुमार ने कहा कि आज कुछ राजनेता आदिवासी समाज को अन्य समाज से अलग करने का प्रयास कर रहे हैं, उन्हें उकसा रहे हैं। जबकि वैज्ञानिक शोध से यह सिद्ध हो चुका है कि आदिवासी समाज और सनातन को मानने वाले अन्य पंथ के सभी बंधु मूल निवासी हैं और हिंदू हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने भी बौद्ध धर्म अपनाने से पूर्व ईसाई और इस्लाम मत पर विचार किया, लेकिन निष्कर्ष निकाला कि बौद्ध धर्म भारत के लिए अधिक उपयुक्त है। उन्होंने इस विषय पर “Thoughts on Pakistan” पुस्तक भी लिखी, जिसे सभी को पढ़ना चाहिए। इस आयोजन में विभाग से सह मंत्री पवन बंजारा, वीनू शर्मा, मोहित चौबे; जिला उपाध्यक्ष राधेश्याम रावल, पवन देवड़ा; जिला संयोजक मुकेश व्यास, मनोज सगरवंशी, मनोज पंवार, मुन्नू कुशवाहा, अक्षय गोमै, योगेश चौहान, आशु टॉक, राजा राम ओहरी, अनिल रौतेला, कृष्ण भामा, पाखंड से विजय, नीरज सतवानी, दीपांशु गुप्ता, जिला प्रचार प्रसार प्रमुख मोंटी जायसवाल, जिला शाह पसार रिकी सेन; शंकर सिंह, हीरालाल सीरवी एवं विभाग, जिला एवं प्रखंड टीम के सदस्य उपस्थित रहे। जानकारी जिला प्रचार प्रसार प्रमुख मोंटी जायसवाल ने दी।

MP News: आपको नहीं मिल रहा है वाहन दुर्घटना का क्लेम, तो कोर्ट का यह फैसला आपके लिए है

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: रतलाम में न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में वाहन दुर्घटना के पीड़ितों और उनके परिजनों को राहत देते हुए कहा है कि दुर्घटना के छह महीने बाद भी क्लेम किया जा सकता है। न्यायालय के इस फैसले से उन लोगों को बड़ी राहत मिली है जो समय सीमा के कारण क्लेम नहीं कर पा रहे थे। अब वे छह महीने बाद भी मुआवजे के लिए आवेदन कर सकेंगे। न्यायालय के प्रथम सदस्य, एमएसीसी (मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण) आदित्य रावत ने एक विशेष मामले पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया। मामला प्रेमशंकर शर्मा की 22 जनवरी 2022 को हुई एक सड़क दुर्घटना से जुड़ा था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। इस दुर्घटना के बाद, उनकी पत्नी आशा शर्मा ने 26 अप्रैल 2023 को बीमा क्लेम दायर किया। इस क्लेम पर बीमा कंपनी ने आपत्ति जताते हुए कहा कि मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के संशोधन के अनुसार क्लेम की अवधि दुर्घटना के 6 महीने के भीतर होनी चाहिए। लेकिन आशा शर्मा ने दुर्घटना के एक साल से अधिक समय बाद क्लेम दायर किया था। बीमा कंपनी की आपत्ति के बावजूद न्यायाधीश आदित्य रावत ने बीमा कंपनी की याचिका को खारिज कर दिया और क्लेम को सुनवाई योग्य माना। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि मोटर यान अधिनियम (मोटर व्हीकल एक्ट) एक कल्याणकारी कानून है, जिसका उद्देश्य दुर्घटना से पीड़ित परिवारों की मदद करना है। न्यायालय ने यह भी कहा कि सिर्फ देर से क्लेम दाखिल करने के आधार पर पीड़ित पक्ष को सुनवाई का अवसर दिए बिना मुआवजे के आवेदन को रद्द करना उचित नहीं है। न्यायाधीश ने कहा कि इस मामले में आवेदिका एक गृहिणी हैं और उन्हें इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं थी, इसलिए विलंब को नजरअंदाज करना न्यायोचित है। इस मामले में आवेदिका की ओर से एडवोकेट देवेंद्र सिरधाना गुर्जर ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि न्यायालय का यह निर्णय उन सभी परिवारों के लिए राहत लेकर आया है जो दुर्घटना की समय सीमा के कारण क्लेम नहीं कर पा रहे थे। वर्ष 2019 के मोटर व्हीकल एक्ट संशोधन में क्लेम दाखिल करने की अवधि छह महीने निर्धारित की गई थी, जिससे कई लोग जानकारी के अभाव में इस सीमा का पालन नहीं कर पाते थे। इस फैसले के बाद, दुर्घटना में घायल या मृतकों के परिजन छह महीने बाद भी मुआवजे का दावा कर सकते हैं, जो उनके लिए एक बड़ी राहत है।

Ratlam News: प्रशिक्षु आईएएस व आईपीएस अधिकारियों ने कलेक्टर राजेश बाथम से की मुलाकात, सर्विस की बारीकियों पर की चर्चा

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: सोमवार को प्रशिक्षु आईएएस, आईपीएस अधिकारियों ने कलेक्टर राजेश बाथम से मुलाकात की। इस अवसर पर कलेक्टर ने उनके साथ बैठक आयोजित कर रतलाम जिले की विशेषताओं और विविधताओं के बारे में जानकारी साझा की। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रृंगार श्रीवास्तव, अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण रवि गुप्ता, सहायक परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण अरुण पाठक, और अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत निर्देशक शर्मा भी उपस्थित थे। बैठक के दौरान कलेक्टर ने प्रशिक्षु अधिकारियों को जिले के भ्रमण के लिए विभिन्न स्थानों की बिंदुवार जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि प्रशिक्षु अधिकारी रतलाम जिले में 16 नवंबर तक अध्ययन भ्रमण पर हैं। इनमें छह आईएएस अधिकारी, पांच आईपीएस अधिकारी और एक आईडीएएस अधिकारी शामिल हैं। आईएएस अधिकारियों (IAS Officers) में सय्यद आदिल मोहसिन, विपिन दुबे, सचिन राहर, आयुषी प्रधान, और सुभांशु कटियार शामिल हैं। आईपीएस (IPS Officers) अधिकारियों में माधव गुप्ता, सिमरन सिंह, कुहू गर्ग, अनिकेत कुलकर्णी, और अजीत सिंह सम्मिलित हैं, जबकि हर्षवर्धन पांडे आईडीएएस (IDAS Officer) कैडर से हैं। आपको बता आईडीएएस कैडर के अंतर्गत भारतीय रक्षा बलों में वित्तीय प्रबंधन के लिए अधिकारी का चयन करना होता है। आईडीएस रेंक भी आईएएस अफसर के बराबरी की रेंक होती है। इसमें शहर या जिला नहीं देखते बल्कि भारतीय सुरक्षा बलों के लिए बेहतर फाइनेंशियल स्टेटस तैयार करने का काम होता है।

Ratlam News: महामंडलेश्वर श्री राधे राधे बाबा का रतलाम आगमन, विहिप पदाधिकारियों ने किया स्वागत

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Ratlam News: गुरुवार दोपहर को महामंडलेश्वर श्री राधे राधे बाबा (केंद्र मार्गदर्शक, विश्व हिंदू परिषद और संयुक्त राष्ट्रीय महामंत्री, अखिल भारतीय संत समिति) दिल्ली से रतलाम पहुंचे। उनके साथ श्री महंत जगदीशदास महाराज भी थे। इस अवसर पर उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में हिंदू समाज को एकजुट रहने की आवश्यकता है। उन्होंने समाज को जाति-पंथ से ऊपर उठकर एक रहने का आह्वान किया और बताया कि सनातन परंपरा जाति-भेद की नहीं है, बल्कि भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की परंपरा है, जिसमें एकता सर्वोपरि है। महामंडलेश्वर श्री राधे राधे बाबा ने यह भी बताया कि 23 से 27 नवंबर तक राजस्थान के बांसवाड़ा में परम पूज्य टीला गद्दाचार्य मंगल पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 स्वामी माधवाचार्य जी महाराज के सानिध्य में श्रीमद भागवत कथा का आयोजन होगा। इस भव्य आयोजन में सभी भक्तों से जुड़ने का आह्वान किया गया है। जिला प्रचार प्रसार प्रमुख मोंटी जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि महामंडलेश्वर श्री राधे राधे बाबा इंदौर से बांसवाड़ा प्रवास के दौरान रतलाम पधारे। उन्होंने कालिका माता मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजन-अर्चन किया। विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल की ओर से श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में उनका और श्री महंत जगदीशदास महाराज का पुष्प माला से भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर विश्व हिंदू परिषद के विभाग, जिला, प्रखंड और नगर के वरिष्ठ समाजजन उपस्थित रहे।

Ratlam News: श्री नित्य चिंताहरण गणपति मंदिर पर अन्नकूट महोत्सव महाआरती और महाप्रसादी का आयोजन

रतलाम – पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क| Ratlam News: रतलाम स्थित श्री नित्य चिंताहरण गणपति जी मंदिर, पेलेस रोड पर आज अन्नकूट महोत्सव का आयोजन धूमधाम से संपन्न हुआ। इस धार्मिक कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान श्री गणपति जी के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर मंदिर ट्रस्ट द्वारा भगवान गणपति जी को छप्पन भोग अर्पित किया गया। दोपहर 12 बजे महाआरती के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तजनों को महाप्रसादी के रूप में अन्नकूट वितरित किया गया। मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष जनक नागल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन हर वर्ष दीवाली के बाद होता है, जिसमें भक्तजनों को प्रसाद ग्रहण करने का सौभाग्य मिलता है। कार्यक्रम में प्रेस क्लब अध्यक्ष मुकेश गिरी गोस्वामी, उपाध्यक्ष सुजीत उपाध्याय, पत्रकार आशीष पाठक, राजेश पोरवाल, शुभ दशोत्तर, और सिकंदर पटेल सहित विशेष आमंत्रित अतिथियों का स्वागत किया गया। उन्हें दुपट्टा ओढ़ाकर तथा भगवान गणपति जी की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया गया। इस आयोजन में ट्रस्ट के अध्यक्ष जनक नागल, कार्याध्यक्ष सचिन सिंह देवड़ा, पंडित अमित रावल, मुकेश व्यास, महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती सारिका दवे, श्रीमती रत्ना पाल, राहुल शर्मा एडवोकेट, अमित देवड़ा, भुवनेश सिंह राठौर, अशोक मेहता, नवीन व्यास, रवि पंवार, और हितेश नागल ने मुख्य रूप से अतिथियों का स्वागत किया।

Diwali In Ayodhya: अयोध्या में राम मंदिर की पहली दिवाली, भव्य दीपोत्सव का आयोजन, गिनीज बुक में दर्ज हुए दो विश्व रिकॉर्ड

अयोध्या – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क| Diwali In Ayodhya : अयोध्या में इस बार दिवाली का पर्व खास धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। यहां 8वें दीपोत्सव का आयोजन किया गया है, जो पूरे विश्व में अपनी भव्यता के लिए चर्चित हो गया है। इस दीपोत्सव में 25 लाख 12 हजार 585 दीप जलाए गए, जो एक नया विश्व रिकॉर्ड है। साथ ही, सरयू नदी पर 1121 लोगों ने सामूहिक आरती की, जिसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। आपको बता दे 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह पहली दिवाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा की अद्भुत, अतुलनीय और अकल्पनीय! भव्य-दिव्य दीपोत्सव के लिए अयोध्यावासियों को बहुत-बहुत बधाई! लाखों दीयों से आलोकित राम लला की पावन जन्मस्थली पर यह ज्योतिपर्व भावविभोर कर देने वाला है। अयोध्या धाम से निकला यह प्रकाशपुंज देशभर के मेरे परिवारजनों में नया जोश और नई ऊर्जा भरेगा। मेरी कामना है कि भगवान श्री राम समस्त देशवासियों को सुख-समृद्धि और यशस्वी जीवन का आशीर्वाद प्रदान करें। जय श्री राम! सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा की 500 वर्षों के उपरांत हम सबके आराध्य प्रभु श्री रामलला के अपने भव्य मंदिर में पुनः विराजमान होने के पश्चात यह प्रथम दीपोत्सव है। अद्भुत-अलौकिक आभा से दीप्त श्री अयोध्या धाम का यह दिव्य-भव्य स्वरूप हम सभी को त्रेतायुग की अनुभूति करा रहा है। आज अयोध्या हर्षित है, संपूर्ण भारत गर्वित है। ‘दीपोत्सव 2024’ में सहभागी सभी रामभक्तों को हार्दिक बधाई एवं उनका अभिनंदन! जय जय श्री राम! दिवाली की रौनक और नए रिकॉर्डदेशभर में दिवाली की तैयारियों के बीच, 30 अक्तूबर को अयोध्या में दीपों से सरयू के घाटों को जगमगाया गया। इस भव्य आयोजन के लिए लगभग 28 लाख दीयों का प्रबंध किया गया था, ताकि 10% दीये भी खराब हो जाएं, तो भी 25 लाख दीये जलाकर यह विश्व रिकॉर्ड बनाया जा सके। अयोध्या पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ और कई प्रमुख नेतादीपोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने के लिए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanatha)खुद अयोध्या पहुंचे। सीएम योगी ने भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान बने कलाकारों के रथ को खींचकर समारोह में भाग लिया और सरयू घाट पर आरती की। उन्होंने रामलला के मंदिर में जाकर पूजा अर्चना भी की। लेजर शो और रंगारंग कार्यक्रमों से सजी अयोध्यादीपोत्सव के दौरान अयोध्या के घाटों को दीयों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। लेजर शो और ध्वनि-प्रकाश शो के जरिए रामलीला का मनोहारी वर्णन किया गया, जो दर्शकों को काफी पसंद आ रहा है। अयोध्या का दीपोत्सव बना आकर्षण का केंद्रदेशभर से लोग इस अद्वितीय दीपोत्सव को देखने के लिए अयोध्या पहुंच रहे हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि अयोध्या की विश्वस्तरीय पहचान को भी मजबूती दे रहा है। एक नजर में पूरा आयोजन– 25 लाख दीयों का प्रज्वलन: अयोध्या के दीपोत्सव में 25 लाख 12 हजार 585 दीये जलाए गए, जो एक विश्व रिकॉर्ड है।– 1121 लोगों की आरती: सरयू नदी के घाट पर 1121 लोगों ने एक साथ आरती की, जो एक नया कीर्तिमान है।– लेजर शो और रंगारंग कार्यक्रम: दीपोत्सव के दौरान लेजर और लाइट शो, ध्वनि-प्रकाश शो के माध्यम से रामलीला का प्रदर्शन।