Navratri Festival: MP के रतलाम का अनोखा भैरव मंदिर, यहां गलती पर पछाड़ देते है भैरव!

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Navratri Festival: मध्यप्रदेश के रतलाम (Ratlam) में धभाई जी का वास में स्थित भैरव मंदिर एक प्राचीन और रहस्यमय स्थल है, जहां श्रद्धालु चमत्कारिक घटनाओं का अनुभव करते हैं। इस मंदिर में भगवान भैरव को “पछाड़मल” कहा जाता है, जो मान्यता अनुसार गलती करने वालों को दंड देते हैं। मंदिर में दो प्रमुख प्रतिमाएं विराजमान हैं—काला भैरव और गौरा भैरव। इनमें से एक प्रतिमा को मदिरा और दूसरी को दूध का भोग अर्पित किया जाता है। पछाड़मल भैरव मंदिर पर सेवा दे रहे रविंद्रसिंह सोनगरा के अनुसार यह मंदिर रतलाम रियासतकाल से आस्था का प्रमुख केंद्र है। नवरात्रि के दौरान यहां नौ दिन तक अखंड ज्योत प्रज्वलित की जाती है, और दशहरे पर जवारों (वाड़ी) का विसर्जन विधि-विधान से किया जाता है। मंदिर की खास बात यह है कि यहां श्रद्धालुओं को मन्नत के लिए कोई महंगा चढ़ावा नहीं चढ़ाना पड़ता, बल्कि दूध, नारियल या मदिरा से ही भगवान भैरव को प्रसन्न किया जा सकता है। मंदिर के इतिहास में कई चमत्कारिक घटनाओं का उल्लेख है, जैसे गलती करने पर भैरव महाराज द्वारा व्यक्ति को दंडित किया जाना। मंदिर से जुड़े कई किस्से लोगों की आस्था को और भी गहरा करते हैं। एक उदाहरण में एक युवक मंदिर में मदिरा चढ़ाने के बाद जब घर के लिए निकला तो रास्ते में चलती साइकिल से अचानक गिर गया था, जिसे भैरव महाराज की सजा के रूप में देखा गया। देश भर से श्रद्धालु यहां अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आते हैं, और उनका मानना है कि यहां भूत-प्रेत बाधा जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलती है। यह मंदिर न केवल धार्मिक, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। रतलाम का यह धाम आस्था और विश्वास का प्रतीक है, जहां हर साल हजारों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं और अपनी मन्नतें पूरी करते हैं। (DISCLAIMER: इस लेख में वर्णित चमत्कारी मंदिर और संबंधित घटनाओं का विवरण भक्तों के अनुभवों और विश्वासों पर आधारित है। इसे किसी धार्मिक या वैज्ञानिक प्रमाण के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति का अनुभव और विश्वास अलग हो सकता है। पाठकों से अनुरोध है कि वे अपनी व्यक्तिगत धारणा और निर्णय के आधार पर मंदिरों और उनकी शक्ति के बारे में सोचें। किसी भी धार्मिक स्थान पर जाने से पहले उचित सावधानी बरतें और आवश्यक शोध करें।)

MP News: आस्था या अंधविश्वास: रावण की तरह देवी को खुश करने के लिए युवक ने काटा खुद का गला, जिंदगी और मौत के बीच कर रहा संघर्ष

पन्ना – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। MP News:  नवरात्रि (Navratri) के पावन पर्व पर जहां पूरा देश माता के चरणों में श्रद्धा से नतमस्तक है, वहीं मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक युवक ने दशानन रावण की तरह अपने सर की बलि देने की कोशिश की। जिस तरह भगवान शिव को रावण प्रसन्न करना चाहता था उसी तरह इस युवक ने देवी को प्रसन्न करने की घातक कोशिश की। पन्ना (Panna News) के धरमपुर थाना क्षेत्र के केवटपुर गांव में आस्था और अंधविश्वास के बीच उलझे एक युवक ने अपनी गर्दन काटकर देवी को अर्पित करने की कोशिश की। यह घटना विजयासन देवी मंदिर में नवरात्रि के अंतिम दिन घटित हुई, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। जानकारी के अनुसार राजकुमार यादव नामक युवक ने देवी के प्रति अपनी अटूट आस्था के चलते यह खौफनाक कदम उठाया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, युवक ने नवरात्रि के नवें दिन हंसिये से अपनी गर्दन काटकर देवी को अर्पित करने की कोशिश की। यह घटना देवी मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच गहरे सदमे का कारण बनी। पुलिस और प्रशासन का त्वरित एक्शनघटना की जानकारी मिलते ही धरमपुर थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और युवक को अजयगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। डॉक्टरों की टीम ने समय पर इलाज शुरू किया, जिससे उसकी जान बच सकी। फिलहाल युवक की हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और इस घटना के पीछे के मानसिक और सामाजिक कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। अंधविश्वास या अटूट आस्था?यह घटना समाज में बढ़ते अंधविश्वास पर सवाल खड़े करती है। नवरात्रि का यह पर्व भक्ति और आस्था का प्रतीक है, लेकिन ऐसी घटनाएं अक्सर धर्म और अंधविश्वास के बीच की धुंधली रेखा को उजागर करती हैं। क्या यह युवक की आस्था थी या फिर अंधविश्वास की हद? समाज को अब इस पर गहराई से सोचने की जरूरत है। पुलिस कर रही जांचफिलहाल पुलिस युवक के बयान और परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रही है। इस घटना ने इलाके में भय और चिंता का माहौल बना दिया है। आगे की कार्रवाई पुलिस द्वारा की जा रही है।

CM Kisan Kalyan Yojana: अक्टूबर में मध्य प्रदेश के किसानों को मिलेंगे ₹2000, जानें योजना के फायदे और पात्रता

मध्यप्रदेश-पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क| CM Kisan Kalyan Yojana: मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए CM Kisan Kalyan Yojana के तहत आर्थिक मदद की योजना चलाई है। इस योजना के तहत प्रदेश के किसानों को सालाना 6,000 रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलती है, जिससे उन्हें खेती-बाड़ी के खर्चों में राहत मिलती है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत पहले से मिलने वाले 6,000 रुपये के साथ, किसानों को कुल 12,000 रुपये की वार्षिक सहायता प्रदान की जाती है। अक्टूबर में किसानों को मिलेंगे ₹2000सरकार ने अक्टूबर 2024 में इस योजना के तहत किसानों को ₹2000 की अगली किस्त देने की घोषणा की है। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जाएगी, जिससे उन्हें कृषि से जुड़े खर्चों में मदद मिलेगी। CM Kisan Kalyan Yojana के फायदे:1. सालाना ₹12,000 की सहायता: पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली राशि के अतिरिक्त 6,000 रुपये की मदद राज्य सरकार देती है।2. आर्थिक स्थिरता: यह योजना किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने और खेती के निवेश को बढ़ाने में सहायक है।3. आय में सुधार: इस योजना से किसानों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलता है, जिससे उनकी आय में वृद्धि होती है। पात्रता:1. मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना आवश्यक है।2. आवेदक की उम्र 18 साल से अधिक होनी चाहिए।3. आवेदक पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभार्थी होना चाहिए। आवश्यक दस्तावेज:1. आधार कार्ड2. बैंक पासबुक3. पहचान पत्र (जैसे पैन कार्ड, वोटर आईडी)4. निवास प्रमाण पत्र5. भूमि से जुड़े दस्तावेज़6. मोबाइल नंबर (जो आधार से लिंक हो) आवेदन प्रक्रिया:1. सबसे पहले, मध्य प्रदेश कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।2. योजना से संबंधित लिंक पर क्लिक कर आवेदन फॉर्म डाउनलोड करें।3. फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरें और सभी जरूरी दस्तावेजों की फोटोकॉपी संलग्न करें।4. फॉर्म को नजदीकी कृषि विभाग या ग्राम पंचायत कार्यालय में जमा करें।

MP News: फटाकेदार साइलेंसर वाले वाहनों पर चला बुलडोजर, बुलेट का वायरल हुआ था वीडियो

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: रतलाम में यातायात को सुरक्षित और प्रदूषण-मुक्त बनाने के लिए पुलिस ने 09 अक्टूबर 2024 को अमानक साइलेंसर वाले वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार (IPS Amit Kumar) के निर्देशन में 97 दोपहिया वाहनों की चेकिंग की गई, जिनमें से 20 वाहनों पर अवैध साइलेंसर पाए गए। इन साइलेंसरों को जप्त कर महाराजा सज्जनसिंह चौराहा स्थित चौपाटी पर बुलडोजर से नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा, उप पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार रॉय और थाना प्रभारी अनोखीलाल परमार के साथ यातायात पुलिस की टीम शामिल थी। बुलेट वाले युवक को किया ट्रेकगौरतलब है की गरबा पंडाल से लौटते समय एक युवक तेज आवाज वाली बुलेट चला रहा था, जिससे लोग परेशान हो रहे थे। इस घटना का वीडियो पुलिस तक पहुंचा, जिसके बाद एसपी अमित कुमार के निर्देश पर युवक को ट्रैक कर बुलेट को थाने लाया गया। पुलिस ने उसका 1,000 रुपये का चालान काटा और मौके पर मैकेनिक बुलाकर साइलेंसर निकलवाया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने शहर भर में ऐसे अवैध साइलेंसर के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया, जिसमें कई वाहनों पर जुर्माना लगाया गया और साइलेंसर जप्त कर नष्ट किए गए। कार्रवाई एक नजर में97 वाहनों की चेकिंग: विशेष अभियान के तहत, रतलाम शहर में 97 दोपहिया वाहनों की जांच की गई।20 अवैध साइलेंसर जब्त: जिन वाहनों में फटाकेदार और प्रदूषणकारी साइलेंसर लगे थे, उनके चालकों पर ध्वनि प्रदूषण के आरोप में चालान किया गया।साइलेंसर का नष्टीकरण: चालान के बाद जप्त साइलेंसरों को शहर के प्रमुख स्थल महाराजा सज्जनसिंह चौराहे पर बुलडोजर के माध्यम से नष्ट कर दिया गया। पुलिस की यह कार्रवाई शहर के यातायात को सुगम और ध्वनि प्रदूषण से मुक्त करने के उद्देश्य से की गई थी। अवैध साइलेंसर से निकलने वाली तेज आवाज न केवल ध्वनि प्रदूषण फैलाती है, बल्कि शहर की शांति और लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनती है। पुलिस ने जनता को आगाह किया कि इस तरह के अवैध साइलेंसर लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। पुलिस का सख्त रुखपुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने स्पष्ट किया कि इस तरह के वाहन जो कानून का उल्लंघन करते हैं, उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि रतलाम के नागरिकों को सुरक्षित और शांतिपूर्ण यातायात मिले।” इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल कानून का पालन कराना नहीं था, बल्कि शहरवासियों को जागरूक करना भी था कि अवैध साइलेंसर ध्वनि प्रदूषण का बड़ा कारण बनते हैं और यह दूसरों की शांति और स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। रतलाम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले साइलेंसर का उपयोग न करें। पुलिस ने यह भी कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और शहर के विभिन्न हिस्सों में नियमित चेकिंग की जाएगी, ताकि यातायात व्यवस्था को और अधिक सुगम और सुरक्षित बनाया जा सके।

MP News: कचरा फेंकने वालों के फोटो लो और बदले में पाओ 50 रुपए, नगर निगम की पहल पर 5 लोग हुए कैप्चर

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: मध्यप्रदेश की रतलाम नगर निगम ने अनोखी पहल शुरू की है। यहां खुले में कचरा फेंकने वालों के फोटो खींचकर अगर आप भेजते हो तो आपको 50 रूपए का इनाम दिया जाएगा। इसके अलावा फेंकने वाले पर स्पॉट फाइन भी किया जाएगा। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए महापौर प्रहलाद पटेल ने इस अनोखी पहल को 2 अक्टूबर से शुरू किया। जिसका सकारात्मक असर अब दिखने लगा है। खुले में कचरा फेंकने वालों पर सख्ती करते हुए नगर निगम ने 5 व्यक्तियों पर जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई महापौर द्वारा शुरू की गई योजना के तहत की गई, जिसमें नगर के नागरिकों से अपील की गई थी कि वे ऐसे लोगों की तस्वीरें साझा करें जो कचरा फेंककर शहर को गंदा कर रहे हैं। महात्मा गांधी जयंती यानी 2 अक्टूबर को महापौर प्रहलाद पटेल ने एक मोबाईल नंबर 7471144937 जारी किया, जिस पर शहरवासी उन लोगों की फोटो और पता भेज सकते है, जो खुले में कचरा डाल रहे है। इसके बदले में सूचना देने वालों को 50 रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई। इस पहल के परिणामस्वरूप नगर निगम को 5 लोगों की तस्वीरें प्राप्त हुईं, जिन्होंने खुले में कचरा फेंका था। इन सभी पर 250-250 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इनमें शहर की एक प्रतिष्ठित नमकीन व्यवसायी पर भी जुर्माना लगाया गया है। जिन लोगों पर जुर्माना लगाया गया है, उनमें चांदनी चौक के अनिल छाजेड़, धनजीभाई के नोहरा के संजय परमार, श्रीमालीवास के गोपाल वर्मा और सुमीत व्यास, और आरोग्य हनुमान मंदिर क्षेत्र के बालकिशन राठौड़ शामिल हैं। इन सभी ने अपने घरों या दुकानों से निकलने वाला कचरा नगर निगम के संग्रहण वाहन में डालने की बजाय खुले में फेंका था, जिससे शहर की स्वच्छता प्रभावित हो रही थी। महापौर प्रहलाद पटेल ने इस संबंध में कहा कि शहर को स्वच्छ रखना हम सबकी जिम्मेदारी है, और इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को जागरूक करना है। रतलाम को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेंगी। महापौर ने नागरिकों से अपील की है कि वे नगर निगम के कचरा संग्रहण व्यवस्था का पालन करें और अपने शहर को स्वच्छ रखने में योगदान दें।

BIG BREAKING: MP के भोपाल में 1800 करोड़ रुपए की ड्रग्स बरामद, फैक्ट्री पर NCB और गुजरात ATS की बड़ी कार्रवाई

भोपाल पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क: BIG BREAKING: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और गुजरात ATS ने संयुक्त रूप से भोपाल के पास एक औद्योगिक क्षेत्र में छापा मारकर 1800 करोड़ रुपए कीमत की मादक दवा मेफेड्रोन (MD Drugs) बरामद की है। यह छापा 5 अक्टूबर को बगरोदा गांव के इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित एक फैक्ट्री पर मारा गया, जहां अवैध रूप से ड्रग्स का निर्माण हो रहा था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फैक्ट्री में हो रहा था ड्रग्स का निर्माणगुजरात ATS के डीएसपी एस.एल. चौधरी के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि भोपाल का अमित चतुर्वेदी और नासिक, महाराष्ट्र का सान्याल बाने भोपाल के बगरोदा औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्ट्री की आड़ में मेफेड्रोन (एमडी) नामक मादक पदार्थ का अवैध निर्माण और बिक्री कर रहे हैं। सूचना मिलने पर गुजरात ATS ने NCB के सहयोग से फैक्ट्री पर छापा मारा, जहां बड़ी मात्रा में ड्रग्स और इसे बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल बरामद किया गया। 5 हजार किलो कच्चा माल और उपकरण बरामदछापे के दौरान फैक्ट्री से मेफेड्रोन (एमडी) बनाने में इस्तेमाल होने वाला करीब 5000 किलोग्राम कच्चा माल और उपकरण जब्त किए गए। इनमें ग्राइंडर, मोटर, ग्लास फ्लास्क, हीटर और अन्य उपकरण शामिल हैं। इन सामग्रियों को आगे की जांच के लिए कब्जे में ले लिया गया है।  दो आरोपी गिरफ्तारइस छापे में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है:1. अमित प्रकाशचंद्र चतुर्वेदी (57 वर्ष), निवासी कोटरा सुल्तानाबाद रोड, हुजूर, भोपाल।2. सान्याल बाने, निवासी नासिक, महाराष्ट्र। पुलिस और जांच एजेंसियां अब इस मामले की गहन जांच कर रही हैं, ताकि इस ड्रग्स नेटवर्क के अन्य लिंक और इसमें शामिल लोगों का पता लगाया जा सके। यह ड्रग्स तस्करी और निर्माण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, जिससे राजधानी भोपाल में फैले ड्रग्स रैकेट पर कड़ा प्रहार हुआ है।

Ratlam News: बालम ककड़ी खाने से परिवार हुआ फूड प्वाइजनिंग का शिकार, 5 वर्षीय बालक की मौत, रखे ये सावधानियां

रात में सभी की तबीयत अचानक खराब हो गई और उल्टियां होने लगीं, रतलाम के सैलाना में सबसे ज्यादा होता है उत्पादन, खाने से पहले सावधानियां रखनी जरूरी रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Ratlam News: रतलाम के जड़वासा कलां गांव में कथित तौर पर बालम ककड़ी खाने से एक ही परिवार के पांच लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए, जिसमें 5 वर्षीय बालक की इलाज के दौरान मौत हो गई। माता-पिता और दो बेटियां मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों का कहना है कि यह मामला फूड प्वाइजनिंग का दिखाई दे रहा है, जिसकी वजह से पूरे परिवार की तबीयत बिगड़ी। जानकारी के अनुसार परिवार ने बालम ककड़ी खाई थी, जो सीजन में मिलने वाला एक स्थानीय फल है। परिवार के सदस्य  मांगीलाल पाटीदार ने अपनी पत्नी कविता, बेटियां दक्षिता, साक्षी और बेटे क्रियांश के साथ बालम ककड़ी खाई थी। रात में सभी की तबीयत अचानक खराब हो गई और उल्टियां होने लगीं। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए रतलाम के मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां 5 वर्षीय क्रियांश की मौत हो गई, जबकि अन्य सदस्यों का इलाज जारी है। मृतक बालक के चाचा रवि पाटीदार ने बताया कि मांगीलाल तीन दिन पहले सैलाना-धामनोद रोड से बालम ककड़ी खरीदकर लाए थे। परिवार के सभी सदस्यों ने इसे एक साथ खाया, जिसके बाद यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। परिवार के इंकार के बाद मृतक बालक का पोस्टमार्टम नहीं हो सका, इसलिए मृत्यु की असल वजह स्पष्ट नहीं हो पाई, लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि यह फूड प्वाइजनिंग का मामला हो सकता है। फिलहाल, पिता की हालत में सुधार होने पर उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि मां और दोनों बेटियों का इलाज मेडिकल कॉलेज में जारी है। कीटनाशक भी हो सकती है वजहरतलाम मेडिकल कॉलेज के ऐपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. गौरव बोरीवाल ने बताया कि पांचों मरीज फूड पॉइजनंग के कारण बीमार होकर आए थे। सही इलाज मिलने में लंबा गैप होने से भी स्थिति बिगड़ी। क्रियांश का ब्लड सैम्पल लिया है, जांच करवाई जाएगी। मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. विनय शर्मा ने कहा कि प्रथम दृष्टया बच्चे की मौत फूड पॉइजनिंग से हुई है। मां और दो बेटियों को इलाज किया जा रहा है। पुलिस चौकी को इन्वेस्टिगेशन के लिए लिखकर दिया था। वहीं, पुलिस चौकी प्रभारी सुनील राघव ने बताया कि फिलहाल इस तरह का मामला नहीं आया है। जानकारी आएगी तो पड़ताल की जाएगी। विशेषज्ञों की माने तो बच्चे की मौत को सीधे तौर पर बालम ककड़ी का इफेक्ट नहीं मान सकते। इसकी पैदावार में पेस्टीसाइट्स का उपयोग किया जाता है। हो सकता है कि परिवार ने खाने से पहले ककड़ी को अच्छी तरह धोया नहीं होगा। उल्टी-दस्त के कारण बच्चों के शरीर में पानी की कमी आ जाती है, इससे भी मौत हो सकती है। रखे ये सावधानीबालम ककड़ी या साधारण ककड़ी/खीरा खाने से पहले सावधानियां रखनी जरूरी है। ककड़ी का कच्चा फल जहरीला होता है, खाने से बीमार हो सकते हैं। ककड़ी को बेल से तोड़कर सीधे नहीं खाना चाहिए। ककड़ी पर कीट से बचाने के लिए जिन कीटनाशक का प्रयोग होता है, उनका असर 5 से 6 दिनों तक नहीं जाता है, ऐसे में किसान कीटनाशक का छिडकाव करने के 1 से 2 दिन में अगर फसल बेचते है तो यह खतरनाक साबित हो सकता है। जब भी आप ककड़ी ले उसे पानी से अच्छे से साफ कर ले और उसके छिलके उतार कर ही खाएं। गर्म पानी में नमक डालकर उसमें भी कुछ देर रख सकते है।रात में ककड़ी नहीं खानी चाहिए। इससे पाचन संबंधी समस्या हो सकती है। ककड़ी के सेवन के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए। ककड़ी को पकाने की सलाह नही ं दी जाती क्योंकि इसमें पानी ज्यादा मात्रा में होता है। भोजन के साथ ककड़ी खा रहे हैं तो ज्यादा मात्रा में न खाएं। बालम ककड़ी क्या है?बालम ककड़ी एक फल है। यह लौकी जैसी दिखती है। पकने पर अंदर से केसरिया रंग की हो जाती है। इसलिए इसे केसरिया बालम ककड़ी भी कहते हैं। यह स्वाद में हल्की मीठी होती है। इसमें पानी की भरपूर मात्रा होती है। रतलाम के सैलाना में सबसे ज्यादा उत्पादन होता है। इसके अलावा बालम ककड़ी की पैदावार सबसे ज्यादा झाबुआ और धार जिलों में होती है। सैलाना क्षेत्र में उगने वाली बालम ककड़ी का स्वाद और आकार सबसे अच्छा होता है। इसकी मांग देश में दूर – दूर तक है।

Ratlam News: रतलाम को मिला इंटरनेशनल शूटिंग कोच, मध्यप्रदेश में एकमात्र उमंग पोरवाल ने हासिल की उपलब्धि

शहर को 96 स्टेट और 4 नेशनल मेडलिस्ट देने वाला कोच, जर्मनी में हुई ट्रेनिंग, 16 में से 4 कोच भारत के चयनित, MP से अकेले उमंग रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: अगर आप राइफल या गन से शूटिंग का शौक रखते है और आपको एक बेहतर कोच की तलाश है, तो मिलिए शहर के पहले इंटरनेशनल शूटिंग कोच उमंग पोरवाल से। जिन्होंने हालही में यह उपलब्धि हासिल की है। आपको बता दे उमंग रतलाम डिस्ट्रिक्ट रायफल एसोसिएशन के सेक्रेटरी और नेशनल लेवल मेडलिस्ट हैं। जिन्होंने अब इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन (ISSF) द्वारा आयोजित कोचेस (D Level) लाइसेंस कोर्स उत्तीर्ण कर रतलाम को गौरवान्वित किया है। यह कोर्स जर्मनी के म्यूनिख में आयोजित किया गया, जिसमें संपूर्ण विश्व से 16 कोचों का चयन किया गया था। उमंग पोरवाल मध्य प्रदेश से चयनित होने वाले एकमात्र प्रतिभागी थे, जबकि पूरे भारत से 4 लोग चयनित हुए, जिनमें से तीन भारतीय सुरक्षा बलों से थे। शूटर्स के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाला यह कोर्स जून से जुलाई 2024 तक चला, जिसमें उमंग ने अंतिम परीक्षा में उच्चतम अंक अर्जित कर यह प्रतिष्ठित प्रमाण पत्र प्राप्त किया। ISSF एक विश्वस्तरीय संस्था है, जो ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय शूटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन करती है। उमंग को विश्व रिकॉर्ड होल्डर और ग्रीस की राष्ट्रीय कोच श्रीमती अगाथी कसूमी से प्रशिक्षण मिला, जो स्वयं 6 बार ओलंपिक में हिस्सेदारी कर चुकी हैं। 10 सप्ताह चला प्रशिक्षणISSF के अध्यक्ष लुशियानो रोसी (इटली) और ISSF अकादमी डायरेक्टर वैसा निसिनिन (फिनलैंड) ने उमंग को यह लाइसेंस और प्रमाण पत्र प्रदान किया। इस 10-सप्ताह लंबे प्रशिक्षण के दौरान उमंग ने एंटी डोपिंग एजुकेशन एंड लर्निंग के तहत कोचेस ऑफ हाई परफॉर्मेंस एजुकेशन प्रोग्राम से भी प्रमाण पत्र प्राप्त किया। 96 स्टेट और 4 नेशनल मेडलिस्ट दे चुकेउमंग पोरवाल ने अब तक रतलाम को 96 स्टेट मेडल और 4 नेशनल मेडलिस्ट शूटर दिए हैं। 12 शूटर भारतीय शूटिंग टीम के ट्रायल्स में हिस्सा ले रहे हैं। उनकी इस उत्कृष्टता को देखते हुए मुंबई, हरियाणा, हिमाचल, मेरठ, बिहार और पुणे के शूटर भी उनसे ऑनलाइन प्रशिक्षण ले रहे हैं। अब रतलाम के बच्चों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं है, बल्कि दूसरे शहरों से शूटर रतलाम आकर उमंग से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उमंग पोरवाल की इस बड़ी उपलब्धि पर लघु एवं सूक्ष्म उद्योग मंत्री चैतन्य कश्यप, एडिशनल कलेक्टर मंडलोई, CSP अभिनव बारंगे, रोटरी क्लब के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश सेठिया और रतलाम पत्रकार संघ के पूर्व उपाध्यक्ष राकेश पोरवाल ने हर्ष व्यक्त किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।

Ratlam News: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा 7 दिवसीय “मिशन साहसी” अभियान का शुभारंभ

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) रतलाम नगर ने 7 दिवसीय “मिशन साहसी” अभियान का शुभारंभ किया, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्रदान करना है। इस अभियान का शुभारंभ 3 अक्टूबर को हुआ और यह 8 अक्टूबर तक चलेगा। शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में महिला थाना प्रभारी श्रीमती लिलियन मालवीय और विशेष अतिथि के रूप में एबीवीपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुश्री ट्विंकल राठौर उपस्थित रहीं। अपने संबोधन में श्रीमती लिलियन मालवीय ने कहा, “छात्राओं को न केवल शारीरिक आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षित होना चाहिए, बल्कि साइबर क्राइम से भी सतर्क रहना चाहिए। ऐसे मामलों की तुरंत पुलिस को सूचना देना बेहद जरूरी है।” सुश्री ट्विंकल राठौर ने “मिशन साहसी” अभियान की सराहना करते हुए कहा, “यह अभियान छात्राओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस अभियान के माध्यम से छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाने का कार्य लगातार कर रहा है।” एबीवीपी रतलाम नगर अध्यक्ष शुभम तलोदिया ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि यह सात दिवसीय अभियान के अंतर्गत छात्राओं को आत्मरक्षा की निशुल्क ट्रेनिंग दी जा रही है। इस कार्यक्रम का आयोजन रतलाम नगर के कलीमी कॉलोनी स्थित कराते एकेडमी में किया जा रहा है, जिसमें शहर की युवतियां भाग लेकर आत्मरक्षा के गुर सिख सकती है। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन रतलाम नगर मंत्री सिद्धार्थ मराठा ने किया।

Ratlam News: मामला रतलाम में स्कूली छात्रा से हैरेसमेंट का: सांईश्री स्कूल के संचालक राकेश देसाई के खिलाफ FIR, छिपाने का आरोप

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: 80 फीट रोड स्थित सांईश्री एकेडमी स्कूल में 5 वर्षीय मासूम से यौन उत्पीडन के मामले में पुलिस ने गुरुवार को स्कूल संचालक राकेश देसाई के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आपको बता दे बच्ची के साथ दरिंदगी की खबर लगने के बाद परिजनों ने जमकर विरोध किया था। जिसके बाद मामले में जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। वहीं स्कूल के अन्य छात्रों के परिजन ने मामले में रतलाम औद्योगिक थाना क्षेत्र में लिखित शिकायत कर डायरेक्टर देसाई और स्टॉफ के खिलाफ लापरवाही बरतने और जानकारी छिपाने के गंभीर आरोप लगाए थे। आक्रोशित परिजनों की शिकायत और बयान के आधार पर जांच कर औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी वीडी जोशी ने कार्रवाई की है। थाना प्रभारी जोशी ने बताया कि 30 सितंबर 2024 को 80 फीट रोड स्थित सांई श्री स्कूल में अध्ययनरत अन्य विद्यार्थियों के परिजनों ने एक लिखित शिकायत थाने में प्रस्तुत की थी। परिजनों के बयान और जांच के दौरान साक्ष्यों में सामने आया कि स्कूल के डायरेक्टर देसाई को 24 सितंबर 2024 की घटना के बारे में जानकारी होते हुए भी उन्होंने घटना को छिपाया था। डायरेक्टर देसाई का यह कृत्य लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 21 की परिधि में आने पर कार्रवाई की है। बता दें कि मासूम बच्ची के साथ यौन शोषण का कृत्य सामने आने के बाद पुलिस ने 28 सितंबर-2024 को बाल अपचारी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। 30 सितंबर-2024 को परिजनों ने स्कूल पहुंचकर जमकर नाराजगी जताई थी। इसके बाद जिला प्रशासन के आदेश पर स्कूल पांच दिन के लिए सील कर दिया था और पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन भी किया है, जिसकी जांच एसआईटी अलग से कर रही है। पूरा मामला जानने के लिए यह खबर पढ़ेRatlam News: 5 वर्षीय मासूम के साथ यौन उत्पीड़न मामला, सांईश्री एकेडमी के बाहर अभिभावकों का जमकर प्रदर्शन – PUBLIC वार्ता CLICK HERE:https://publicvarta.com/ratlam-news-sexual-harassment-case-with-5-year-old-innocent-parents-protest-outside-saishree-academy/

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