शादी में टोकना पड़ा महंगा : चाकू लहराकर नाचने से मना किया तो कर दी हत्या, घर के जमाई को ढाबे पर मारे चाकू

ऐसे विवादों से सतर्क व सावधान रहने की जरुरत पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। अगर आप शादी में जा रहे है और नाचने गाने के बीच किसी को टोकने का मन बनाया हो तो आपको सावधान होने की जरूरत है। ऐसा ही मामला जिले के सैलाना थाने के गांव दिवेल से सामने आया है। यह गांव धामनोद चौकी के अंतर्गत आता है। जहां कुछ युवकों ने मिलकर नाचने के दौरान हुए विवाद में एक युवक की चाकू घौंपकर हत्या कर दी। पूरी वारदात देर रात की है, जिसे आरोपियों ने धामनोद के कालिका रेस्टोरेंट नाम के ढाबे पर अंजाम दिया। गांव दिवेल के एक परिवार में शादी समारोह आयोजित हो रहा था। रात में बारात आई जिसका प्रोसेशन (सेल) निकल रहा था। इसी दौरान उसी बारात में शामिल एक युवक चाकू लेकर नाच रहा था। जिस घर बारात आई उसके ही जमाई ने चाकू लेकर नाचने से युवक को मना करते हुए भगा दिया। नाचने के दौरान बरातियों से विवाद हुआ और यह विवाद इतना बड़ा कि बाराती ने जिस घर बारात आई थी उसके जमाई की ही चाकू घौंपकर हत्या कर दी। एक अन्य मनोज भी इसमें सिर पर पत्थर लगने से घायल हुआ जिसका मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। धामनोद के ढाबे पर हुई हत्यासैलाना थाना प्रभारी अय्यूब खान ने बताया दिवेल में हुए हत्याकांड के आरोपी थाना बिलपांक अंतर्गत शिवपुर निवासी सूरज पिता गेंदालाल दायमा, जितेंद्र पिता रामचंद्र व भोला पिता रामजी है। यह युवक शादी में चाकू लेकर नाच रहा था तो जिस घर बारात वहां के जमाई मृतक नरेंद्र पिता जगदीश राठौड़़ (23) निवासी राजपुरा थाना भाटपचलाना जिला उज्जैन ने यह देखा तो उसे मना किया। नहीं माना तो वहां से भगा दिया। बरात वापस लौट रही थी तो आरोपी और उसके साथियों ने लोगों पर पत्थर फैंके और भाग गए। इसके बाद उनसे पूछा कि कहां चले गए तो वे ढाबे पर पहुंच चुके थे। नरेंद्र और अन्य ढाबे पर पहुंचे तो यहां फिर विवाद हुआ और आरोपी सूरज ने नरेंद्र को चाकू घोंप दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद सूचना पर पुलिस पहुंची। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

निर्विघ्न मतदान संपन्न : जिले में प्रत्यशियों की चुनावी परीक्षा खत्म, अब 3 दिसंबर तक रिजल्ट का इंतजार

शहर में सबसे कम रहा मतदान प्रतिशत, कई अच्छी तस्वीरों के अलावा त्रुटियां भी आई सामने पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में अपनी – अपनी किस्मत आजमाने उतरे प्रत्याशियों की चुनावी परीक्षा समाप्त हुई। अब सभी को 3 दिसंबर के दिन जारी होने वाले रिजल्ट का इंतजार है। रतलाम जिले में मतदान का अनुमानित आंकड़ा जारी हो चुका है। इसी के साथ प्रदेशभर में चुनावी बिगुल का शोर भी थम गया। रतलाम जिले में शाम 7 बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार करीब 83.62 प्रतिशत मतदान हुआ। रतलाम जिले की सैलाना विधानसभा में सबसे अधिक 89.50 प्रतिशत, रतलाम ग्रामीण 86.25 प्रतिशत, जावरा 85.48 प्रतिशत, आलोट 83.33 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया। वहीं शहर की विधानसभा सीट पर 73.55 प्रतिशत मतदान हुआ, जो कि 5 विधानसभाओं में सबसे कम रहा। कई स्थानों पर समय समाप्त होने के बाद लंबी कतारें लगी रही। जहां नियमानुसार कतार में खडे लोगों को टोकन वितरित कर मतदान करवाया गया। रतलाम जिले में निर्विघ्न रूप से मतदान संपन्न हुए। कहीं से भी कोई अप्रिय स्थिति बनने जैसी बात सामने नहीं आई। मतदान के दौरान सुबह 7 बजे से लेकर शाम की 6 बजे तक कई तस्वीरे सामने आई। कई स्थानों पर ईवीएम मशीन ने काम करना बंद कर दिया। जिसके बाद तुरंत उसे बदलकर मतदान जारी रखा गया। मतदान कर रहे कई लोगों के नाम दूसरे मतदान केंद्रों पर ट्रांसफर हो जाने से उन्हें काफी परेशानी हुई वहीं कई को यह जानकारी भी नहीं लग पाई की उनका नाम दूसरे केंद्र पर है। इसके अलावा कई लोगों के नाम डिलीट करने की भी समस्या सामने आई। मतदान के समय पुलिस प्रशासन खासा मुस्तेद दिखाई दिया। बुजुर्गों को बेलेट पेपर की विशेष सुविधा देने के बाद भी उन्होंने इंकार किया और मतदान वाले दिन उत्साह से भाग लिया। कई दिव्यांग लोग भी केंद्र पर मतदान करते नजर आए। ग्रामीण व ट्राइबल क्षेत्रों में लोगों की लंबी लाइन नजर आई। लोगों ने बढ़चढ़कर लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लिया। प्रथम बार मतदान कर रहे युवाओं को प्रशासन की और से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। खबर लिखे जाने तक लीड कॉलेज में मत पेटियां जमा करने का दौर जारी रहा।

SPECIAL REPORT
मध्यप्रदेश चुनाव 2023 : मोदी के 25 मिनट – 25 बड़ी बातें

रतलाम की सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निशाने पर रही कांग्रेस, गिनाई डबल इंजन सरकार की योजनाएं..“मध्यमवर्गीय परिवार” भी आया याद! – जैन, सनातन, आदिवासी व दलित सभी को साधने की कोशिश..भाजपा के कार्यकर्ताओं को दी नसीहत और दे गए एक काम!देखिए पूरा VIDEO पब्लिक वार्ता – नई दिल्ली/मध्यप्रदेश/रतलामस्पेशल रिपोर्ट, जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश में चुनावी रंग अब चढ़ता दिख रहा है। मालवा के बिगड़ते समीकरण को साधने भाजपा के फायरब्रांड नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोर्चा संभाला। मोदी ने अपने भाषण में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। प्रधानमंत्री ने खुद “एमपी के मन में मोदी और मोदी के मन में एमपी” का नारा दिया। रतलाम के बंजली में प्रधानमंत्री मोदी की विशाल सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब 25 मिनट मंच से बोले। इन 25 मिनट में मोदी ने 25 बड़ी बातें कही जो आपको जानना जरूरी है। मोदी ने आते ही सबसे पहले रतलामी सेंव को याद किया। सेंव की तारीफ का चुनावी शगूफा बनाते हुए मोदी ने कहा कि आने वाली 3 दिसंबर को जब जीत का जश्न मनेगा तब लड्डू के साथ सेंव भी खूब खाई जाएगी। लाडली बहना व लाडली लक्ष्मी योजना का जिक्र करते मोदी ने कहा की पूरे देश में इसकी प्रशंसा। सभा में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान सहित शहर प्रत्याशी चेतन्य काश्यप, ग्रामीण प्रत्याशी मथुरालाल डामर, सैलाना की संगीता चारेल, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह लुनेरा, महामंत्री प्रदीप उपाध्याय आदि मौजूद रहे। मंच का संचालन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किसान मोर्चा बंशीलाल गुर्जर ने किया। शुरुआत में कुछ मिनट मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित किया। सभा में प्रधानमंत्री को विधायक चेतन्य काश्यप ने थेवा आर्ट से रतलाम के कारीगर राजेश सोनी द्वारा बने प्रतीक चिन्ह को भेंट किया। भाषण की शुरुआत भारत माता की जय से हुई जो खत्म भी भारत माता की जय पर हुआ। अपने भाषण के शुरू में मोदी ने बांगरोद स्थित खाटूश्यामजी मंदिर व आलोट के श्री नागेश्वर तीर्थ धाम का जयकारा लगाया। इसे सीधे – सीधे असर शहर में चल रहे जैन – सनातन फेक्टर से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके अलावा दलित व आदिवासी समाज को साधने के लिए भी मोदी ने बिरसा मुंडा, रानी दुर्गावती, टंट्या मामा आदि का जिक्र किया। मोदी ने कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा की इस बार जीत केवल सीट तक सीमित नहीं होनी चाहिए। शत प्रतिशत बूथ पर कमल खिलना चाहिए। मोदी ने कार्यकर्ताओं को हर घर जा कर मोदीजी ने प्रणाम कहा है यह काम भी सौंपा। मोदी की 25 बड़ी बातें –

जावरा का जीवन! : निर्दलीय हुंकार भरने के बाद जीवनसिंह शेरपुर का हल्ला बोल, भाजपा – कांग्रेस की घोषणाओं पर कही दो टूक

अगर वो बोले राष्ट्र हित में वोट करना, तो आप समझना मुझे वोट करना – जीवनसिंह शेरपुर पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जावरा विधानसभा से निर्दलीय मैदान में उतरे जीवनसिंह शेरपुर अब हल्ला बोल मोड पर दिखाई दे रहे है। जीवनसिंह नामांकन भरने के बाद से ही क्षेत्र में जनसपंर्क पर जुट चुके है। इसी के साथ उनका जनसंपर्क अभियान तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार को जावरा में सरदार पटेल जयंती पर माल्यार्पण के बाद शेरपुर ने जनसंपर्क की शुरुआत की। इस दौरान शेरपुर अपने समर्थकों के साथ जावरा गोठड़ा, मुंडला, कामलिया, चौकी, सेदपुर, लालुखेड़ी, आलमपुर ठिकरिया आदि गांवों में पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं व लोगों ने जगह – जगह उनका स्वागत किया गया। मंगलवार को जीवनसिंह ने जनसंपर्क के दौरान भाजपा व कांग्रेस दोनों पार्टियों को आड़े हाथों लिया। इसी के साथ आरोप – प्रत्यारोप की राजनीति जावरा विधानसभा में शुरू हो चुकी है। शेरपुर ने वर्तमान विधायक डॉ. राजेंद्र पांडे पर  तंज कसते हुए कहा की हमारा विधायक किसानों की फसले खराब होती है तो उसकी आवाज तक सदन में नहीं उठाता है। किसानों को पूरा मुआवजा तक नहीं मिल रहा है। निर्दलीय प्रत्याशी जीवनसिंह शेरपुर ने अपने भाषण में कहा की चाहे वो विधायक बने या ना बने, मगर जनता की समस्या आज से मेरी समस्या है और रहेगी। आपकी हर समस्यायों को प्राथमिक से दूर करूंगा।क्षेत्र का गरीब मेरे लिए पहले होगा। भाजपा वाले बोल रहे हैं हम महिलाओं को हजार रुपए देंगे तो कांग्रेस वाले बोल रहे हैं हम महिलाओं को पंद्रह सौ देंगे लेकिन हमारे बच्चों के भविष्य के बारे में कोई बात नहीं कर रहा की हम आपके बच्चे को रोजगार देंगे, अच्छी शिक्षा देंगे या अच्छी स्वास्थ्य व्यवस्था देंगे। यह लोग जितना दे रहे उस से दो गुना ले रहे है। कांग्रेस ने बाहरी उम्मीदवार को टिकट दिया। क्या पूरे विधानसभा में एक भी लायक उम्मीदवार नहीं था कि कांग्रेस को बाहर से उम्मीदवार चुनना पड़ा। कांग्रेस पुरी तरह खत्म हो गई है। 

भैरव मंदिर ऐसा भी! : यहां गलती होने पर तुरंत मिलती है सजा, निःसंतान दंपत्तियों के लिए वरदान है ये मंदिर

कई किस्से कहानियों के साथ आज भी जिंदा है परंपरा, पढ़िए विशेष खबर रतलाम के इस अनूठे भैरव मंदिर की…. पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। भारत धार्मिक मान्यता प्रधान देश है। यहांहर त्यौहार अपना विशेष महत्व रखता है। देश के हर राज्य व शहर में चमत्कारिक देवस्थल मौजूद हैं जहां चमत्कारिक घटनाओं की साक्षात अनुभूति होती है। आज हम बात करेंगे मध्य प्रदेश के रतलाम शहर में स्थित ऐसे ही एक प्राचीन स्थल की। यहां के धभाई जी का वास में स्थित भैरव मंदिर अपनी अनोखी गाथाओं व किस्से कहानियों के लिए प्रसिद्ध है। कहा जाता है की यहां भूत बाधाओं से छुटकारा मिलने के साथ – साथ निःसंतान दंपत्ति को संतान का सुख भी मिलता है। इसके अलावा यहां अगर पूजन – पाठ में गलती या खराब मन से कोई पहुंचता है तो उसे तुरंत भैरव महाराज सजा देते है। संबंधित व्यक्ति को उसी समय गलती का एहसास हो जाता है। इस मंदिर को पछाड़मल भैरव के नाम से जाना जाता है। इस नाम के पीछे मान्यता है कि जो कोई भी गलती करता है, तो उसे भैरवनाथ पछाड़ कर सजा देते है। भैरवनाथ को मां दुर्गा के बाद पूजने का विशेष महत्व है कहा जाता है कि जिस प्रकार नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना महत्वपूर्ण है, उसी प्रकार भगवान भैरवनाथ की आराधना भी महत्व रखती है। दर्शन के लिए इस मंदिर तक आप शहर के थावरिया बाजार या हरमाला रोड होते हुए आसानी पहुंच सकते है। दो प्रतिमाएं विराजमान, मदिरा व दूध का लगता भोग :पिछले कई वर्षों से मंदिर में सेवा कर रहे रविंद्रसिंह सोनगरा बताते हैं कि यहां भैरवनाथ की काला व गौरा दो प्रतिमाएं विराजमान है। इनमें से एक को मदिरा तो दूसरे को दूध का भोग लगता है। इन प्रतिमाओं की स्थापना की सही जानकारी किसी को नहीं मालूम है। बताया जाता है कि रतलाम रियासतकाल से यह मंदिर स्थापित है। यहां नौ दिन अखंड ज्योत व जवारों की स्थापना होती है। दशहरे पर विधि विधान से जवारों का विसर्जन किया जाता है। देश भर से यहां श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते है। यहां रियासतकाल के दौर से जवारों का विसर्जन किया जा रहा है जिसे स्थानीय लोग बाड़ी के नाम से भी जानते है। फिलहाल मंदिर के जीर्णोद्धार का काम शुरू होगा जो कि जनसहयोग से पूरा किया जाएगा। मनोकामना पूरी करते है पछाड़मल भैरव :इस मंदिर के बारे में कई किस्से कहानियां आज भी जिंदा है। भक्त यहां आज भी मनोकामना लेकर आते है। जिनकी मनोकामनाएं यहां से पूरी हुई है और शहर के बाहर है वे लोग नवरात्रि में विशेष रूप से यहां आते है। मान्यता है की यहां जवार विसर्जन के दौरान शामिल होने पर दुख दर्द भी विसर्जित हो जाते है। विसर्जन के बाद लोग जवार को अपने साथ लेकर घर आते है और लाल कपड़े में बांध कर भी रखते है। लोगों द्वारा दावा किया जाता है कि यहां भूत बाधाओं व शारीरिक कष्टों से भी छुटकारा मिलता है। निःसंतान दंपत्ति यहां संतान की मनोकामना लेकर जाते है तो उन्हें संतान की प्राप्ति होती है। भैरव को यहां मदिरा व दूध के अलावा लोग सिंदूर का चोला चढ़ाते है। कई लोग यहां बकरे की बलि या दाल, बाटी व चूरमे की मन्नत भी रखते है। इस क्षेत्र के लोगों की मान्यता है कि यहां मन्नत लेने से सबकुछ मिलता है। सबसे खास बात है कि यहां मन्नत के समय कुछ खास चढ़ावा नहीं चढ़ाना होता है। मदिरा, दूध या नारियल से ही भैरव बाबा खुश हो जाते है। (Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। पब्लिक वार्ता इस बारे में किसी प्रकार की कोई पुष्टि नहीं करता है। इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है।)

मचा हड़कंप : मेडीकल कॉलेज की बिल्डिंग पर चढ़ी महिला, पाइप के सहारे उतरने का कर रही थी प्रयास

पब्लिक वार्ता- रतलाम,जयदीप गुर्जर। मेडिकल कॉलेज में उस समय हड़कंप मच गया जब एक मानसिक रूप से बीमार महिला कॉलेज की बिल्डिंग पर दिखाई दी। महिला पाइप के सहारे नीचे उतरने का प्रयास कर रही थी। इसी दौरान वह बिल्डिंग के तीसरे माले पर फंस गई। महिला को सबसे पहले मेडिकल कॉलेज के सुरक्षा गार्ड ने देखा और पुलिस चौकी पर सूचना दी। इसी दौरान महिला का बेटा भी मौके पर पहुंचा। मां की जान बचाने के लिए वह पाइप के सहारे ही ऊपर चढ़ गया और महिला को संभाला। सबकुछ होता देख मेडिकल कॉलेज परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी के एएसआई सुनील सिंह ने मौके पर फायर ब्रिगेड बुलवाई और सीढ़ी और रस्सी के सहारे बीमार महिला को नीचे उतारा गया। रेस्क्यू के बाद बीमार महिला को फिर से मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है। जानकारी के अनुसार घटना करीब 10:30 बजे की है जब मेडिकल कॉलेज के गार्ड ने देखा कि एक महिला तीसरे माले की खिड़की के पास बैठी हुई है। मेडिकल कॉलेज स्थित पुलिस चौकी पर इसकी सूचना गार्ड ने दी। देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा हो गई। किसी को भी समझ नहीं आ रहा था कि महिला आखिर तीसरे माले की खिड़की के बाहर पहुंची कैसे। इसी दौरान महिला का बेटा महेश चरपोटा मौके पर पहुंचा। अपनी मां को खतरे में देख महेश पाइप के सहारे तीसरी मंजिल पर चढ़ गया और मां को जाकर संभाला। महिला के रेस्क्यू के लिए फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस की मदद से महिला को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। महिला के बेटे महेश ने बताया कि वह इमलीपाड़ा बाजना के रहने वाले हैं। पिताजी की मृत्यु के बाद माता पारी बाई मानसिक रूप से बीमार हो गई है। उन्हें 17 तारीख को मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया था। वह नाश्ता लेने बाहर आया था तभी उसकी मां अस्पताल की छत पर पहुंच गई और पाइप के सहारे नीचे उतरने का प्रयास करने लगी। बहरहाल गनीमत रही कि समय रहते पुलिस और फायर ब्रिगेड की मदद से महेश ने अपनी मां की जान बचा ली। अन्यथा कोई जानलेवा हादसा हो सकता था।


शहर में तेंदुआ : रेलवे कॉलोनी में देखने पहुंचे युवक को किया घायल, सूचना के 3 घंटे बाद तक नहीं पहुंची वन विभाग की टीम

क्या कहते है एक्सपर्ट?कम होते जंगलों और शिकार ने बढ़ाया शहर में तेंदुओं का मूवमेंट, किसी की जान लेकर उड़ेगी विभाग की सुस्ती! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर में तेंदुए के घुस आने से लोगों में दहशत और अफरा तफरी मच गई। रविवार शाम 5 बजे से सोशल मीडिया पर तेंदुए की मूवमेंट के मैसेज वायरल होना शुरू हो गए। उसकी लोकेशन के बारे में जानने की कोशिश की गई तो मालूम हुआ कि तेंदुआ शहर की रेलवे कॉलोनी में डेरा डाले हुए है। जिसके बाद पुलिस के साथ ही वन विभाग की टीम को सूचना दी गई। करीब 3 घण्टे तक वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। लोगों की भीड़ मौके पर जमा होने लगी तो तेंदुआ गांधीनगर, मीरा कुटी की तरफ चला गया। भीड़ होने से तेंदुआ फिर से रेलवे कालोनी की रोड नंबर 13 की तरफ आ गया। इस दौरान उसे देखने आए युवक सतीश मीणा पर तेंदुए ने हमला कर दिया, जिससे कमर के पास चोट पहुंची। बाद में डीएफओ डीएस निगवाल ने पहुंचकर लोगों से जानकारी ली। इस दौरान रेलवे पुलिस व अधिकारी भी मौके पर पहुंच चुके थे। गौरतलब है कि बढ़ती घटनाओं के बाद भी वन विभाग के पास संसाधन के नाम पर सिर्फ पिंजरा ही है। ट्रेंकुलाइजेशन के लिए उज्जैन व इंदौर से टीम बुलाई गई है। डीएफओ निगवाल ने बताया की जंगली जानवर की सूचना मिली थी। प्रथम दृष्टया वीडियो और पूछताछ में तेंदुआ ही लग रहा है जो कि जंगल के रास्ते भटक गया होगा। इंदौर व उज्जैन में टीम को सूचना कर दी गई है। तेंदुआ हिंसक जानवर है, लोग भीड़ उसे देखने के लिए भीड़ नहीं जमा करे। टीम के आने तक उसकी लोकेशन ट्रेस की जा रही है। दिखाई देने पर उसे रेसक्यू किया जाएगा। फिलहाल क्षेत्रवासी अब डर के मारे घबराए हुए है। घटना के दौरान क्षेत्र में बिजली जाने से अंधेरा छा गया जिससे रहवासियों में और दहशत बढ़ गई। वन विभाग की सुस्ती, लगातार बढ़ रहा मूवमेंट :यहां विभाग के कई कर्मचारी ऐसे है जो हाजरी लगाने के बाद घरों में आराम फरमाते नजर आते है। तेंदुओं की रहवासी इलाकों में घुसपैठ को रोकने को लेकर विभाग के पास अब तक कोई ठोस योजना नहीं है। किसी दिन यह सुस्ती किसी नागरिक की जान लेकर ही उड़ेगी। रतलाम जिले में सैलाना, पिपलौदा क्षेत्र में तेंदुए की सक्रियता रहती है। 15 मार्च 2022 को रतलाम में सागोद रोड स्थित मांगलिक भवन जेएमडी में तेंदुआ घुस गया था, जो थोड़ी देर रहने के बाद वापस चला गया। हालांकि वन विभाग ने उसे जंगली बिल्ली करार देकर पल्ला झाड़ लिया था। इधर नवंबर 2019 में बड़ायला माताजी में तेंदुआ घुस आया था, जिसे पकड़कर वन विभाग की टीम ने गांधीसागर के वन क्षेत्र में छोड़ा था। इसी वर्ष मार्च से जुलाई तक सैलाना के ग्राम पंचायत पाटड़ी व बरड़ा के कई ग्रामों में रात्रि में तेंदुए ने बकरे-बकरियों व कुछ गाय-बछड़े का शिकार किया था। पांच जुलाई को तेंदुआ बोदिना में एक घर में घुसा, तब विभाग की टीम ने पिंजरा लगाकर पकड़ने के बाद देवास वनक्षेत्र में छोड़ा। यहां भी शुरुआत में वन विभाग ने तेंदुए के होने की बात से इंकार किया था। क्या कहता है एक्सपर्ट व्यू :तेज से शहरीकरण के अलावा और भी कई कारण हैं जिससे देश भर के शहरी इलाकों में तेंदुए देखे जा रहे हैं और वह मनुष्यों पर हमले भी कर रहे है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि रियल एस्टेट परियोजनाओं ने तेंदुओं के प्राकृतिक आवास को कम कर दिया है जिससे वे मनुष्यों के रिहायशी इलाकों में भटक कर आने लगे है। विशेषज्ञ कहते हैं कि अब तेंदुओं को अपने अधिकार क्षेत्र वाले जंगलों में कम शिकार मिल रहे हैं, उनका अधिकार क्षेत्र सिकुड़ता जा रहा है, आंतरिक संघर्ष बढ़ गए हैं और मानव आबादी तेजी से बढ़ रही है जिससे वह ‘तनावग्रस्त’ हो गए हैं। बाघों जैसी बड़ी पैंथेरा प्रजातियों के विपरीत तेंदुए मानव बस्तियों के आसपास भी रह सकते है। इसके अलावा शिकार की प्रजातियों की कमी के कारण भी तेंदुए कुत्तों, बकरियों और कुछ मामलों में गायों जैसे छोटे स्तनधारियों की तलाश में बस्ती क्षेत्रों में चले जाते है। एक रिपोर्ट के अनुसार आदमखोर तेंदुए जानबूझ कर मारने के इरादे से हमला करते हैं और लोगों की मौत का कारण बनते है। रिपोर्ट में कहा गया है कि तेंदुए आमतौर पर मनुष्यों से दूर भागते है मगर वक्त के साथ तेंदुओं के मनुष्यों के रिहाइश वाले इलाकों में आने और उन पर हमला करने की वारदात बढ़ रही है।

चुनावी सरगर्मी तेज : कलेक्टर व एसपी ने लिया बॉर्डर का जायजा, दोनों राज्यों के अधिकारियों ने की संयुक्त बैठक

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जिले में विधानसभा चुनाव के चलते कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और एसपी राहुल लोढा ने मंगलवार को इंटर स्टेट चेक पोस्ट निरीक्षण किया। बांसवाड़ा जिले से लगी हुई सीमा पर कुंडा, जांबूखादन, गड़ीकटारा कला चेक पोस्ट पहुंचकर तैयारी का जायजा लिया। कलेक्टर ने चेक पोस्ट पर स्टैटिक निगरानी टीम की तैनाती, टीम द्वारा किए जाने वाले कार्य की चेक लिस्ट बनाने तथा अन्य आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही मौजूद एसएसटी दल के सदस्यों को ड्यूटी के दौरान सतर्कता बरतने, प्रत्येक गतिविधि को रजिस्टर में नोट करने, सावधानी के साथ वाहनों की चेकिंग, अनावश्यक रूप से किसी को परेशान नहीं करने के निर्देश भी दिए। बांसवाड़ा कलेक्टर एसपी के साथ संयुक्त बैठक :बाजना में कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी और एसपी राहुल लोढ़ा द्वारा बांसवाड़ा कलेक्टर प्रकाशचंद शर्मा और एसपी अभिजीत सिंह के साथ बैठक आयोजित की। अधिकारियों द्वारा इंटर स्टेट बाउंड्री पर आपराधिक तत्वों की आवाजाही पर नियंत्रण, अवैध शराब तथा अवैध धन की रोकथाम पर गंभीरता से चर्चा की गई। विधानसभा के निष्पक्ष एवं स्वतंत्र निर्वाचन हेतु नियमित जानकारियो का आदान-प्रदान तय किया गया। निर्वाचन के दौरान दोनों जिलों के अधिकारी समन्वय के साथ आपसी संपर्क रखेंगे, आवश्यक जानकारी को साझा करेंगे। इस दौरान एसडीएम सैलाना मनीष जैन, एसडीओपी, जनपद सीईओ सुश्री अल्फिया खान, तहसीलदार मृगेंद्र सिसोदिया तथा बांसवाड़ा जिले के थाना स्तर के पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। राजस्थान की सरहद पर विशेष निगरानी :मध्यप्रदेश के साथ राजस्थान में भी विधानसभा चुनाव है। ऐसे में राजस्थान की सरहद को छूते 39 मतदान केन्द्रों पर प्रशासन की विशेष निगाहें हैं। इसमें सर्वाधिक 20 बूथ जावरा विधानसभा क्षेत्र में हैं। यहां न केवल चैकिंग पाइंट बढ़ाए गए हैं बल्कि तीसरी आंख से भी आवाजाही पर नजर रखी जा रही है।  

रतलाम का रण : हाईकमान ने शहर में विधायक चेतन्य काश्यप पर जताया भरोसा, तीसरी बार भाजपा का बने चेहरा

सूची आते ही कार्यकर्ताओं ने शुरू की आतिशबाजी, बांटी मिठाईयां पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों को लेकर जहां आयोग ने सोमवार को तारीखों का एलान किया वहीं दूसरी और भाजपा ने भी उम्मीदवारों की अपनी तीसरी सूची जारी की। जिसमें रतलाम शहर विधानसभा के लिए विधायक चेतन्य काश्यप पर तीसरी बार भरोसा जताया गया है। यह तीसरी बार होगा जब रतलाम शहर विधानसभा से चेतन्य काश्यप की उम्मीदवारी भाजपा से तय हुई है। शहर विधानसभा पर भाजपा के टिकट उम्मीदवारी की तमाम अटकलें अब समाप्त हुई। भाजपा ने रतलाम की 5 में से 2 विधानसभा सीटों के उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इससे पहले दूसरी सूची में सैलाना से संगीता चारेल का टिकट तय हुआ है। आलोट, जावरा और रतलाम ग्रामीण में भाजपा किसको टिकट देगी यह अब भी सस्पेंस है। फिलहाल रतलाम में भाजपा के टिकट बंटवारे को लेकर सैलाना में और रतलाम शहर में कोई गुटबाजी या अंदरूनी विरोध सामने निकलकर नहीं आया है। उम्मीदवारी की घोषणा होते ही कई भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं ने विधायक काश्यप के निवास पहुंचकर उन्हें बधाई दी। इसके अलावा कार्यकर्ताओं ने जमकर आतिशबाजी की और नाचते हुए मिठाइयां बांटी। शहर विधायक काश्यप ने पार्टी द्वारा उन्हे पुनः रतलाम शहर से प्रत्याशी बनाए जाने पर शीर्ष नेतृत्व को धन्यवाद दिया। कार्यकर्ताओं ने नारे लगाते हुए विधायक निवास से जुलूस निकाला, जो कि शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। शहर के विभिन्न चौराहों पर आतिशबाजी की गई। मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में राजपत्र अधिसूचना जारी होने की तारीख -21अक्टूबर, नामांकन करने की अंतिम तारीख -30 अक्टूबर,नामांकन की जांच की तारीख -31 अक्टूबर, उम्मीदवारी वापस लेने की तारीख-2 नवंबर, मतदान की तारीख-17 नवंबर व मतगणना की तारीख -3 दिसंबर रहेगी।  

चुनावी रण का आगाज : मध्यप्रदेश समेत 5 राज्यों की चुनावी तारीखों का एलान, आचार संहिता लागू
जानिए चुनाव आयोग की पूरी तैयारियां

पब्लिक वार्ता – नई दिल्ली/भोपाल,जयदीप गुर्जर। देश के 5 राज्यों में आखिरकार विधानसभा 2023 के चुनावी रण का आगाज हो चुका है। राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव होने है। चुनावों की तारीखों का ऐलान हो गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) राजीव कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि छत्तीसगढ़ में दो फेज में 7 और 17 नवंबर को वोटिंग होगी। मध्यप्रदेश में 17 नवंबर और राजस्थान में 23 नवंबर को सिंगल फेज में चुनाव होगा। वहीं मिजोरम में 7 नवंबर और तेलंगाना में 30 नवंबर को एक ही फेज में वोटिंग होगी। पांचों राज्यों का रिजल्ट एक दिन 3 दिसंबर को एक साथ घोषित होगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि इन राज्यों में कुल 16.14 करोड़ वोटर्स हैं। इनमें 8.2 करोड़ पुरुष, 7.8 करोड़ महिला वोटर्स हैं। 2023 में 60.2 लाख नए वोटर्स है जो पहली बार वोट डालेंगे। आचार संहिता में रहेगी ये बंदिशें :नई सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की घोषणा नहीं हो सकेंगी।मंत्री-विधायक सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।सरकारी योजनाओं के बैनर, पोस्टर्स, सरकारी वेबसाइट से मुख्यमंत्री,मंत्रियों व अन्य राजनेताओं के पोस्टर हटाए जाएंगे।किसी भी प्रोजेक्ट का शिलान्यास या उद्घाटन नहीं हो सकेगा। आचार संहिता का इन कामों पर नहीं होगा असर :जनता को जो सरकारी योजना शुरू हो चुकी हैं, उनका लाभ मिलता रहेगा।सरकार कोई तबादला नहीं कर पाएगी, लेकिन चुनाव आयोग अफसरों के तबादले कर सकेगा।सीएम- मंत्री रूटीन काम ही कर सकेंगे।सरकारी दफ्तर में जनता से जुड़े सामान्य काम पहले जैसे ही चलते रहेंगे। 5 राज्यों में आयोग की ऐसी रहेगी व्यवस्था :5 राज्यों की 679 विधानसभा सीटों के लिए 1.77 लाख पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं।60.2 लाख नए मतदाता पहली बार वोट डालेंगे। इनकी उम्र 18 से 19 साल के बीच है। इसके अलावा 15.39 लाख वोटर ऐसे हैं, जो 18 साल पूरे करने जा रहे हैं और जिनके पहले से आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।17,734 मॉडल बूथ, 621 पोलिंग बूथों को दिव्यांग कर्मचारी संभालेंगे। 8192 पोलिंग बूथों पर महिलाएं कमान संभालेंगी।1.01 लाख पोलिंग बूथ पर वेबकास्टिंग होगी। आदिवासियों के स्पेशल बूथ होंगे। 2 किलोमीटर के अंदर पोलिंग बूथ होंगे।छत्तीसगढ़-उड़ीसा बॉर्डर पर चांदमेता और जगदलपुर बस्तर में बसे तुलसी डोंगरी हिल एरिया में पहली बार पोलिंग बूथ बनाया गया है। यहां पहले ग्रामीणों को वोट करने के लिए 8 किमी चलकर बूथ तक जाना पड़ता था।राजस्थान में माझोली बाड़मेर में बूथ 5 किमी दूर था। 49 वोटर्स के लिए नया बूथ 2023 के चुनाव के लिए बनाया गया है।सी विजिल ऐप से चुनावी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। लोग ऐप के जरिए शिकायत कर सकेंगे।मध्यप्रदेश में देवगांव और मंडला जिले के बिछिया में 350 वोटर्स के लिए बूथ बनाया जाएगा। ये बूथ SDM हेडक्वॉर्टर्स से 40 किमी दूर है। मध्यप्रदेश में ही नंदिया और नर्मदापुरम के पिपरिया में जिला मुख्यालय में 165 किमी दूर पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। पोलिंग पार्टी को देनवा नदी पार करके जाना होगा। इसके पहले उसे अलग गाड़ी से देनवा के किनारे तक पहुंचाया जाएगा।