Ratlam News: रतलाम में आवारा पशु पकड़ने गई निगम टीम पर हमला, कर्मचारियों ने किया थाने का घेराव

रतलाम में आवारा पशु पकड़ने गई नगर निगम टीम से कथित हाथापाई और पशु छुड़ाने के मामले में बजरंग दल जिला मंत्री पर केस दर्ज। विरोध में निगम कर्मचारियों ने थाने का घेराव कर शहर की सफाई व्यवस्था ठप कर दी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के दीनदयाल नगर क्षेत्र में सोमवार देर रात आवारा मवेशी पकड़ने गई नगर निगम की टीम और बजरंग दल कार्यकर्ताओं के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट और थाने के घेराव तक पहुंच गया। घटना के विरोध में मंगलवार सुबह नगर निगम कर्मचारियों ने शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह बंद कर दी और कचरा वाहनों के साथ थाने के बाहर प्रदर्शन किया। घटना का वीडियो देखे करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस द्वारा कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर कर्मचारी वापस काम पर लौटे। पूरे घटनाक्रम के वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। नगर निगम टीम से हाथापाई का आरोप नगर निगम के उप स्वच्छता पर्यवेक्षक एवं पशु पकड़ो वाहन प्रभारी विराट मेहरा की शिकायत पर पुलिस ने विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के जिला मंत्री गौरव शर्मा और उनके साथियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। शिकायत के अनुसार, सोमवार रात करीब 1:30 बजे निगम की टीम दीनदयाल नगर क्षेत्र में आवारा पशुओं को पकड़ने की कार्रवाई कर रही थी। टीम में चरणसिंह, अय्यूब खान, राधेश्याम, याकुब खान, शाकिर, गोलू, निर्मल और वाहन चालक धर्मेंद्र पुरी शामिल थे। बताया गया कि पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास गौरव शर्मा अपने साथियों के साथ पहुंचे और निगम कर्मचारियों से बहस शुरू हो गई। आरोप है कि इसके बाद कुछ लोग वाहन पर चढ़ गए और उसमें बंद गाय व सांडों को जबरन छुड़ा लिया। विराट मेहरा ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उनके साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की गई, जिसमें उनकी आंख, कान और होंठ पर चोट आई। बीच-बचाव करने पहुंचे कर्मचारी चरणसिंह भी घायल हुए। पुलिस ने दर्ज किया मामला दीनदयाल नगर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर एससी-एसटी एक्ट, मारपीट और जान से मारने की धमकी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी अनुराग यादव के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है और वायरल वीडियो भी खंगाले जा रहे हैं। निगम कर्मचारियों का विरोध, शहर की सफाई प्रभावित घटना से नाराज नगर निगम कर्मचारियों और वार्ड प्रभारियों ने मंगलवार सुबह थाने का घेराव कर दिया। कर्मचारियों ने कचरा संग्रहण वाहनों को थाने के सामने खड़ा कर नारेबाजी की। कर्मचारियों का आरोप है कि घटना के दौरान मौके पर मौजूद पुलिस जवानों ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया। विरोध के कारण सुबह कई इलाकों में सफाई व्यवस्था प्रभावित रही। गौरव शर्मा ने लगाए पलटवार के आरोप वहीं बजरंग दल जिला मंत्री गौरव शर्मा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि निगम टीम एक पशुपालक की गर्भवती गाय को जबरन ले जा रही थी, जिसका विरोध किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम कर्मचारी शराब के नशे में थे और गोशाला में अव्यवस्थाएं फैली हुई हैं। शर्मा ने यह भी दावा किया कि कुछ कर्मचारी रुपये लेकर पशु छोड़ते हैं और इसके गवाह पशुपालक स्वयं हैं। निगम का पक्ष भी आया सामने स्वच्छता प्रभारी राजेंद्रसिंह पंवार ने कहा कि टीम को रात में शिकायत मिलने पर सांड पकड़ने भेजा गया था। सांड नहीं मिलने पर आवारा मवेशियों को पकड़ा गया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को यह पता नहीं होता कि कौन-सी गाय गर्भवती है। साथ ही निगम की ओर से पहले भी पुलिस सुरक्षा की मांग की जा चुकी है।

Ratlam News: रतलाम में आवारा गाय पकड़ने पर विवाद: नगर निगम कर्मचारी से मारपीट, SC/ST एक्ट में केस दर्ज

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शहर में आवारा गाय पकड़ने के दौरान नगर निगम के कर्मचारी के साथ मारपीट और जातिसूचक गालियां देने का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ SC/ST एक्ट सहित कई धाराओं में FIR दर्ज की है। घटना का वीडियो देखे पुलिस के अनुसार फरियादी गंगा राम मईड़ा (निवासी ग्राम काजलिया) नगर निगम रतलाम में पिछले करीब दो वर्षों से दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में पशु वाहन (ट्रैक्टर) चलाते हैं। 5 मार्च 2026 की सुबह करीब 9 बजे वे अपने साथी प्रभु भाभर और अनिल भाभर के साथ नगर निगम के आदेश पर आवारा गाय पकड़ने के लिए निकले थे। टीम ने नाहरपुरा क्षेत्र से दो आवारा गायों को पकड़कर सागोद रोड स्थित गोशाला ले जाने के लिए ट्रैक्टर (MP 43 AD 0618) में रखा। इसी दौरान गाय का मालिक बताए जा रहे सुनिल गुर्जर और उसका साथी गुरु राठौर पशु वाहन के पीछे-पीछे आ गए और गाय छोड़ने को लेकर विवाद करने लगे। फरियादी के मुताबिक, करीब सुबह 11 बजे चम्पा विहार सागोद रोड के पास दोनों आरोपियों ने ट्रैक्टर के आगे बाइक खड़ी कर दी और जातिसूचक गालियां देते हुए विवाद करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने शर्ट का कॉलर पकड़कर हाथ मरोड़ दिया और जान से मारने की धमकी दी। बीच-बचाव करने आए कर्मचारियों प्रभु और अनिल के साथ भी आरोपियों ने हाथ-मुक्कों से मारपीट की। इसके बाद आरोपियों ने ट्रैक्टर का डाला खोलकर दोनों गायों को छुड़ाकर अपने साथ ले जाने का आरोप है। घटना के बाद फरियादी ने अपने वरिष्ठ अधिकारी राजेंद्र सिंह पंवार को फोन पर जानकारी दी और साथियों के साथ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(A), 115(2), 351(3), 3(5) के साथ-साथ SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(1)(द), 3(1)(ध) और 3(2)(va) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Ratlam News: रतलाम में अतिक्रमण हटाने पर बवाल: शिवगढ़ रोड पर चक्काजाम, बोले- जंगल में त्रिपाल लगाकर कैसे रहें?

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम के मेगा इंडस्ट्रियल पार्क (निवेश क्षेत्र) की जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम को सोमवार को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। जिन रहवासियों के मकान तोड़े जाने हैं, उन्होंने रतलाम-शिवगढ़ रोड पर चक्काजाम कर सड़क पर धरना दे दिया, जिससे घंटों तक यातायात बाधित रहा। मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे WATCH VIDEO प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि वे इस क्षेत्र में पिछले 30 से 40 वर्षों से रह रहे हैं। रहवासियों ने बताया कि वे पहले रतलाम शहर में अमृत सागर तालाब के किनारे रहते थे, जहां से प्रशासन ने उन्हें हटाकर बिबड़ौद क्षेत्र में बसाया था। अब एक बार फिर उन्हें उजाड़ा जा रहा है। ‘जंगल में सिर्फ त्रिपाल तान दी, परिवार कैसे रहे?’ रहवासियों ने प्रशासन द्वारा दी जा रही नई जगह लखनगढ़ को लेकर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि वहां उन्हें जंगल की जमीन पर भेजा जा रहा है, जहां न तो पक्के मकान हैं और न ही बुनियादी सुविधाएं।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रशासन ने वहां सिर्फ त्रिपाल लगाकर छोड़ दिया, ऐसे में छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के साथ जंगल में रहना संभव नहीं है। आज हटाए जाने हैं 30 मकान और 30 ईंट-भट्ठे प्रशासन की ओर से बताया गया कि सोमवार को मेगा इंडस्ट्रियल पार्क की 13 हेक्टेयर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाना है। इस दौरान करीब 30 मकान और 30 ईंट-भट्ठों को हटाया जाना प्रस्तावित है। प्रशासन ने सभी प्रभावित परिवारों को लगभग 8 किलोमीटर दूर लखनगढ़ में शिफ्ट करने की योजना बनाई है। भारी पुलिस बल तैनात, हालात तनावपूर्ण चक्काजाम और विरोध को देखते हुए मौके पर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावितों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।