Iran Vs Israel: मध्य-पूर्व में छिड़ी जंग: क्या ईरान-इजरायल के बीच बढ़ेगा टकराव?

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Iran Vs Israel: मंगलवार रात ईरान द्वारा इजरायल पर किए गए मिसाइल हमले ने पूरे मध्य-पूर्व में तनाव को बढ़ा दिया है। ईरान के हमले के बाद इजरायल की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा है, जिसमें उसने बदला लेने की बात कही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह संघर्ष व्यापक युद्ध का रूप ले सकता है, और जब तक कोई पक्ष हारता नहीं, तब तक यह युद्ध थमने की संभावना कम है। विश्लेषकों का मानना है कि यह युद्ध सिर्फ ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं रहेगा। अमेरिका भी इजरायल का समर्थन कर रहा है, जबकि ईरान ने अपनी प्रतिष्ठा और प्रभाव बनाए रखने के लिए यह हमला किया है। इजरायल की प्रतिक्रिया कैसे होगी, इस पर दुनिया की नजर टिकी है, क्योंकि यह युद्ध अब क्षेत्रीय सीमा से बाहर निकलने की कगार पर है। ईरान ने अपने प्रॉक्सी संगठनों के समर्थन के साथ इस युद्ध में कूदकर अपने लिए एक नई चुनौती खड़ी कर दी है, जबकि इजरायल कई मोर्चों पर लड़ाई लड़ रहा है। इस पूरे घटनाक्रम पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चिंता जताई है और युद्धविराम की अपील की है, लेकिन वर्तमान हालात में इसका कोई हल जल्दी निकलने की संभावना नहीं दिख रही। क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ?विशेषज्ञों का मानना है कि यह टकराव राजनीतिक अस्तित्व और प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है। ईरान-इजरायल के बीच अब हर एक कदम बेहद अहम साबित हो सकता है।

SSC CGL Answer Key 2024 जारी: आंसर की लिंक ssc.gov.in पर एक्टिव, 6 अक्टूबर तक दर्ज करें आपत्ति

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। SSC CGL Tier-1 Answer Key 2024: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) परीक्षा 2024 की टियर-1 आंसर की जारी कर दी है। जिन उम्मीदवारों ने यह परीक्षा दी थी, वे अब आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाकर उत्तर कुंजी डाउनलोड कर सकते हैं। यह उत्तर कुंजी अभ्यर्थियों को उनके उत्तरों का मिलान करने और संभावित परिणामों का अनुमान लगाने में मदद करेगी। अगर किसी उत्तर से आप सहमत नहीं हैं, तो 6 अक्टूबर 2024 तक आपत्ति दर्ज की जा सकती है। परीक्षा का आयोजन: SSC CGL टियर-1 परीक्षा 9 से 26 सितंबर 2024 तक देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। अब उम्मीदवार SSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उत्तर कुंजी की जांच कर सकते हैं। आपत्ति दर्ज करने की अंतिम तिथि: अगर उम्मीदवारों को उत्तर कुंजी में किसी भी प्रश्न के उत्तर पर संदेह है, तो वे 6 अक्टूबर तक अपनी आपत्ति ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। सही पाई गई आपत्तियों पर पुनर्विचार कर अंक प्रदान किए जाएंगे। अंकों की गणना कैसे करें: परीक्षा में कुल 100 प्रश्न पूछे गए थे, जिनका कुल स्कोर 200 अंकों का है। प्रत्येक सही उत्तर के लिए 2 अंक दिए जाएंगे और हर गलत उत्तर पर 0.50 अंक की कटौती की जाएगी। सही और गलत उत्तरों की गणना के बाद अभ्यर्थी अपने संभावित अंक जान सकते हैं। SSC CGL आंसर की कैसे डाउनलोड करें1. SSC की आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं।2. होमपेज पर उपलब्ध Answer Key लिंक पर क्लिक करें।3. अपनी लॉगिन डिटेल्स (रोल नंबर और पासवर्ड) दर्ज करें।4. उत्तर कुंजी डाउनलोड करें और प्रश्नों के उत्तरों का मिलान करें।

Terrorist Threat : महाकाल मंदिर समेत MP-राजस्थान के स्टेशनों को उड़ाने की धमकी भरा पत्र, लिखा- जिहादियों की मौत का बदला लेंगे!

पत्र मिलने के बाद खुफिया एजेंसिया अलर्ट हो गई हैं। राजस्थान के कई शहरों में सघन चेकिंग भी की जा रही है, राजस्थान, मध्य प्रदेश को खून से रंग देने की साजिश? उज्जैन – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Terrorist Threat: महाकाल मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी देने वाले ने खुद को जैश ए मोहम्मद का एरिया कमांडर बताया है। अज्ञात व्यक्ति ने एक पत्र के माध्यम से राजस्थान के हुनमानगढ़ के रेलवे स्टेशन अधीक्षक को दी है। इसमें उज्जैन (Ujjain) रेलवे स्टेशन, हनुमानगढ़ जंक्शन सहित राज्य के श्रीगंगानगर, बीकानेर, जोधपुर, कोटा, बूंदी, उदयपुर, जयपुर रेलवे स्टेशन सहित राजस्थान के कुछ धार्मिक स्थल को आगामी 30 अक्टूबर और 2 नवंबर को बम से उड़ाने की धमकी दी है। पत्र मिलने के बाद खुफिया एजेंसिया अलर्ट हो गई हैं। राजस्थान के कई शहरों में सघन चेकिंग भी की जा रही है। हनुमानगढ़ के स्टेशन प्रबंधक ने बताया कि पात्र हमारे यहां मिला था, जिसमें राजस्थान और मध्यप्रदेश को खून से रंगने की बात लिखी थी। साथ ही राजस्थान के कई रेलवे स्टेशन और उज्जैन के महाकाल मंदिर (Mahakal Mandir Ujjain) को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। पत्र जीआरपी को सौंप दिया है। पत्र में जम्मू कश्मीर में जेहादियों की हत्या का बदला लेने के लिए स्टेशनों और मंदिरों को बम से उड़ाने की धमकी लिखी है। रेलवे स्टेशन के अधीक्षक को मिला है पत्रराजस्थान के हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन के अधीक्षक नागेंद्र सिंह को एक पत्र मिला है, जिसमें राजस्थान के कई शहर और रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। मंगलवार को मिले पत्र में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के जम्मू कश्मीर के एरिया कमांडर सलीम अंसारी के नाम से पत्र भेजा गया है। जेहादी की मौत का बदला लेंगेपत्र में लिखा है कि हे खुदा मुझे माफ करना जम्मू कश्मीर में मारे जा रहे हमारे जेहादी की मौत का बदला लेंगे। हम ठीक 30 अक्टूबर को जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अलवर, गंगानगर और हनुमानगढ़, बूंदी उदयपुर सिटी जयपुर मंडल राजस्थान और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ा देंगे। हम ठीक 2 नवंबर को महाकाल उज्जैन शिव मंदिर और जयपुर के कई धार्मिक स्थान, हवाई अड्डा, मिलिट्री कैंप को बम से उड़ा देंगे। एमपी राजस्थान को खून से रंग देंगेपत्र लिखने वाला ने लिखा है कि हम राजस्थान, मध्य प्रदेश को खून से रंग देंगे। इसके बाद लिखा कि खुदा आफिज, (Jaish E Mohmmad) आतंकवादी संगठन, जैश ए मोहम्मद एरिया कमांडर मो. सलीम अंसारी जम्मू कश्मीर, पाकिस्तान जिंदाबाद। हालांकि उज्जैन पुलिस को इस बात की सूचना साझा नहीं की गई है। उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि मीडिया से सूचना हमको मिली है। जानकारी लगने के बाद हम सतर्कता बरत रहे है। राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) से संपर्क कर कार्रवाई करेंगे। 10 साल तक की सजा का प्रावधानतहत सजा हो सकती है। किसी भी तरह की बम की धमकी को, भले ही वह मजाक के रूप में दी गई हो, कानून गंभीर अपराध की श्रेणी में रखता है। ऐसी धमकी से अफरातफरी का माहौल बन सकता है। ऐसे में बम की धमकी देने वाले को 10 साल तक की अलग-अलग धाराओं के कई मायनों में ऐसा लगता है कि आतंकवादी गतिविधियों  से प्रेरित होकर या कोई आतंकी साहित्य पढ़कर ऐसा किया गया है तो पुलिस और दूसरी जांच एजेंसियां अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेशन एक्ट (UAPA) के तहत भी कार्रवाई कर सकती हैं।

Ratlam News: रतलाम में नवरात्रि पर्व पर यातायात डायवर्शन, कालिका माता मेले की शुरुआत के साथ होंगे संस्कृति कार्यक्रम

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: शहर में नवरात्रि पर्व के दौरान यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के लिए रतलाम पुलिस ने यातायात डायवर्शन प्लान जारी किया है। 3 अक्टूबर से 11 अक्टूबर 2024 तक होने वाले गरबा कार्यक्रमों और भारी भीड़ के मद्देनजर यह प्लान तैयार किया गया है, ताकि शहर में यातायात सुचारू रूप से चल सके। वहीं शहर के प्रसिद्ध कालिक माता मंदिर में लगने वाले 10 दिवसीय मेले की भी तैयारियां कर ली गई है। मेले की शुरुआत होने के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन नगर निगम करेगा। यातायात डायवर्शन प्लान:– राम मंदिर की ओर आने वाले भारी वाहन: बंजली से राम मंदिर की ओर शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक प्रतिबंधित रहेंगे।– बाजना बस स्टैंड की ओर : वन विभाग सागोद पुलिया से बाजना बस स्टैंड की ओर आने वाले भारी वाहन इसी अवधि में प्रतिबंधित रहेंगे।– फव्वारा चौक की ओर: प्रतापनगर पुलिया से फव्वारा चौक की ओर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।– संत रविदास चौराहा: करमदी से संत रविदास चौराहा की ओर शाम 6 से रात 12 बजे तक भारी वाहन प्रतिबंधित रहेंगे।– शैरानीपुरा की ओर: प्रतापनगर पुलिया से शैरानीपुरा की ओर आने वाले भारी वाहन इसी अवधि में प्रतिबंधित रहेंगे। मेले की पार्किंग व्यवस्था:– कालका माता की ओर आने वाले श्रद्धालु: उनकी पार्किंग गुलाब चक्कर के पास रहेगी।– फव्वारा चौक और दो बत्ती: इस क्षेत्र में श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग कॉन्वेंट स्कूल से मित्र निवास तक होगी।– आनंद कॉलोनी और पुलिस कॉलोनी: यहां पार्किंग की व्यवस्था लॉ कॉलेज के सामने की गई है। यातायात पुलिस ने अपील की है कि लोग भारी वाहनों को बाजार क्षेत्र में न लाएं और निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करें। अन्यथा यातायात बाधित होने पर वाहनों को क्रेन से टो किया जा सकता है। श्री कालिका माता नवरात्रि मेले का शुभारंभशहर के प्रसिद्ध श्री कालिका माता मंदिर परिसर में 3 से 12 अक्टूबर तक 10 दिवसीय श्री कालिका माता नवरात्रि मेले का भव्य आयोजन किया जा रहा है। मेला 3 अक्टूबर को शाम 7 बजे मेला परिसर स्थित निगम रंगमंच पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप और सांसद अनिता नागरसिंह चौहान के मुख्य आतिथ्य में शुभारंभ होगा। महापौर प्रहलाद पटेल की अध्यक्षता में यह समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रहेगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला:– 5 अक्टूबर: सैक्सोफोन क्वीन लिपिका समंता की इन्स्ट्रूमेंटल कलेक्टिव नाइट।– 6 अक्टूबर: प्रसिद्ध भजन गायिका सुरभी चतुर्वेदी की भजन संध्या।– 7 अक्टूबर: इंडियन आइडल फेम सवाई भाट की प्रस्तुति।– 8 अक्टूबर: फीमेल ऑर्केस्ट्रा का आयोजन।– 9 अक्टूबर: लोक गीत – लोक नृत्य।-10 अक्टूबर: लाफ्टर कलाकार धारषि बरडिया का शॉ और आर्केस्ट्रा। – 11 अक्टूबर: अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, जिसमें प्रसिद्ध कवि धीरज शर्मा, मुकेश शांडिल्य, निशा पंडित सहित अन्य कवि भाग लेंगे।–  12 अक्टूबर: दशहरे पर नेहरू स्टेडियम में आकर्षक आतिशबाजी और रावण दहन का आयोजन किया जाएगा।

Ratlam News:  लक्ष्मी नगर में होगा भव्य गरबा आयोजन, लकी ड्रा में होंगे आकर्षक उपहार

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: शहर ने लक्ष्मी नगर स्थित मां अंबे माता मंदिर में इस वर्ष का नवरात्रि महोत्सव बड़े धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। माँ अम्बे नवयुवक मंडल द्वारा आयोजित यह नौ दिवसीय गरबा महोत्सव 3 अक्टूबर, गुरुवार से प्रारंभ होकर 11 अक्टूबर तक चलेगा। हर दिन भव्य महाआरती का आयोजन रात 8:30 बजे होगा, जिसके बाद रात 9 बजे से गरबा उत्सव की शुरुआत की जाएगी। इस महोत्सव में गरबा खेलने वाली सभी बालिकाओं के लिए कार्ड लगाना अनिवार्य किया गया है। साथ ही, पंचमी, छठ, सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिनों में लकी ड्रॉ का आयोजन होगा, जिसमें मिक्सर, माइक्रो ओवन, 32 इंच स्मार्ट टीवी, वाशिंग मशीन और फ्रिज जैसे आकर्षक इनाम दिए जाएंगे। प्रतिदिन की आरती और महाप्रसादी के बाद भक्तों और गरबा प्रेमियों को इस धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव में भाग लेने के लिए सादर आमंत्रित किया गया है।

Gandhi Jayanti : विश्व के 20 देशों के नेता एक साथ आकर झुके, PM मोदी हो या राहुल, नहीं कर सकते महात्मा गांधी की आलोचना!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हो या राहुल गांधी, गांधीजी की खुलकर आलोचना करके सत्ता में आने का सपना देखना लगभग असंभव है – प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Gandhi Jayanti Special: महात्मा गांधी, जिनका जीवन सत्य, अहिंसा और शांति के मूल्यों पर आधारित था, आज भी भारतीय राजनीति और समाज में सबसे अधिक प्रिय, प्रशंसित और श्रद्धेय व्यक्ति बने हुए हैं। गांधीजी का आदर्श और उनके सिद्धांत केवल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम तक सीमित नहीं रहे, बल्कि आज भी उनका प्रभाव व्यापक रूप से महसूस किया जाता है। प्रसिद्ध राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने हाल ही में अपने सर्वेक्षण के आधार पर गांधीजी के प्रति देश की भावना का सटीक वर्णन किया। उनके अनुसार, चाहे वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हों या विपक्षी नेता राहुल गांधी, या इस देश का कोई और नेता—गांधीजी की खुलकर आलोचना करके सत्ता में आने का सपना देखना लगभग असंभव है। गांधीजी के प्रति देश का जो सम्मान है, वह किसी भी नेता के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। प्रशांत किशोर के अनुसार हाल ही में संपन्न G20 सम्मेलन (G20 Summit india) में भी हम गांधीजी की अमिट विरासत को महसूस कर सके। विश्व के 20 प्रमुख नेताओं ने राजघाट पर जाकर गांधीजी को नमन किया। यह दृश्य केवल गांधीजी की वैश्विक प्रतिष्ठा और उनके योगदान की गहराई को दर्शाता है। पूरी दुनिया में शायद ही कोई और ऐसा स्थान हो, जहाँ इतने सारे राष्ट्राध्यक्ष एक साथ नमन कर सकें। यह गांधीजी के प्रति वैश्विक आदर और उनकी सार्वभौमिक अपील को प्रमाणित करता है। प्रशांत किशोर ने अपने सर्वेक्षण डेटा के आधार पर यह भी बताया कि गांधीजी आज भी पूरे भारत में सबसे प्रशंसा प्राप्त करने वाले नेता हैं। भारत के हर राज्य में गांधीजी को सबसे अधिक श्रद्धा से देखा जाता है, सिवाय दो राज्यों के—पश्चिम बंगाल, जहाँ सुभाषचंद्र बोस पहले स्थान पर हैं, और पंजाब, जहाँ भगत सिंह सबसे प्रशंसित व्यक्ति हैं। इन दोनों राज्यों में गांधीजी नजदीकी दूसरे स्थान पर हैं, जो इस बात का संकेत है कि भले ही गांधीजी के बाद अन्य महापुरुषों का विशेष स्थान हो, लेकिन गांधीजी की प्रतिष्ठा अपरिवर्तनीय और स्थायी है। गांधीजी के सिद्धांत और उनके जीवन का हर पहलू आज भी भारतीय समाज को प्रेरित करता है। सत्य और अहिंसा के उनके आदर्श न केवल राजनीतिक स्तर पर, बल्कि व्यक्तिगत और सामुदायिक जीवन में भी गहराई से निहित हैं। चाहे वह सामाजिक सुधार हो, या पर्यावरण संरक्षण—गांधीजी की शिक्षाएँ आज भी प्रासंगिक और प्रेरणादायक हैं। गांधी जयंती हमें याद दिलाती है कि राष्ट्रपिता के आदर्शों और उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने से ही हम एक सशक्त और नैतिक समाज का निर्माण कर सकते हैं। गांधीजी की विरासत न केवल भारतीयों के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। प्रशांत किशोर कौन है?प्रशांत किशोर एक प्रसिद्ध राजनीतिक रणनीतिकार और चुनाव प्रबंधक हैं, जिन्होंने भारत के कई प्रमुख चुनाव अभियानों को सफलतापूर्वक संचालित किया है। उन्होंने 2014 में नरेंद्र मोदी के लिए सफल अभियान चलाया और इसके बाद बिहार में नीतीश कुमार, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और पंजाब में अमरिंदर सिंह जैसे नेताओं की चुनावी जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज 2 अक्टूबर 2024 को प्रशांत किशोर ने राजनीति में सक्रिय रूप से कदम रखते हुए बिहार में अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी “जन सुराज” (Jan Suraj Party) की घोषणा की। उनकी पार्टी का उद्देश्य राज्य में नई राजनीति की शुरुआत करना है, जिसका फोकस विकास और सुशासन पर होगा। प्रशांत किशोर ने “जन सुराज” नामक एक यात्रा शुरू की थी, जिसके माध्यम से वे जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित किया और राज्य की समस्याओं का समाधान ढूंढने का प्रयास किया। उनकी पार्टी बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में एक नए विकल्प के रूप में उभर रही है। अब यह “जन सुराज” यात्रा एक नई पार्टी बन गई है। आपको बता दे “जन सुराज” का अर्थ है “जनता का अच्छा शासन” या “जनता के लिए सुशासन”।

Devmali “Best Tourist Village”: कच्चे घरों के पीछे पक्के विश्वासों की अनूठी कहानी, मध्यप्रदेश से भी कनेक्शन

राजस्थान/मध्यप्रदेश – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Devmali “Best Tourist Village” : राजस्थान यूं तो कई अनोखे और ऐतिहासिक गांवों से भरा पड़ा है, लेकिन अजमेर जिले का देवमाली गांव एक ऐसा स्थल है, जहां आधुनिकता के इस दौर में भी लोग अपने पूर्वजों की मान्यताओं और परंपराओं का पालन करते हुए रहते हैं। देवमाली गांव की विशेषता यह है कि यहां के सभी घर कच्चे हैं, चाहे फिर परिवार कितना ही समृद्ध क्यों न हो। इस अनोखे गांव की अनगिनत विशेषताएं इसे अन्य गांवों से अलग करती हैं। राजस्थान के इस गांव का मध्यप्रदेश से भी कनेक्शन है। मध्यप्रदेश में निवासरत गुर्जर समाज के लोग देवमाली भगवान देवनारायण के दर्शन को जाते है। उनके लिए यह एक विशेष तीर्थ है। भगवान देवनारायण गुर्जर समाज के आराध्य देव है। मध्यप्रदेश के रतलाम से गुर्जर समाज युवा इकाई अध्यक्ष मुरलीधर गुर्जर के अनुसार लंबे समय से देवमाली के मंदिर के दर्शन के लिए संदेश यात्राओं का आयोजन करते आ रहे है। जिसमें प्रदेश के कई हिस्सों से देवमाली के लिए यात्री एकत्रित होते है। संदेश यात्रा का उद्देश्य धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक होता है। जिसमें देवमाली की विशेषताओं को आत्मसात करना है, जिसके कारण आज वह श्रेष्ठ पर्यटक गांव बना है। कच्ची छतें, पक्के विश्वासदेवमाली गांव की सबसे अनूठी पहचान है यहां के घरों की कच्ची छतें। गांव में मान्यता है कि भगवान देवनारायण ने गांववासियों को आशीर्वाद देते समय कहा था कि यदि वे शांति से जीवन जीना चाहते हैं, तो उन्हें अपने घरों की छत कभी पक्की नहीं बनानी चाहिए। इस चेतावनी को देवमाली के लोगों ने पूरी श्रद्धा से स्वीकार किया और आज भी इसे निभाते आ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ लोगों ने इस मान्यता को नज़रअंदाज़ करते हुए घरों की छतें पक्की बनाने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिसके बाद सभी ने इस परंपरा को पुनः स्वीकार कर लिया। आज चाहे गांव में कोई करोड़पति हो या सामान्य व्यक्ति, सभी के घरों की छतें कच्ची ही हैं। अपराध मुक्त और शाकाहारी गांवदेवमाली की एक और महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह गांव पूरी तरह से शाकाहारी है। यहां मांसाहार की कोई परंपरा नहीं है और यह गांव अपराध मुक्त भी है। देवमाली में आज तक कभी चोरी की घटना नहीं हुई है, जिससे यहां का शांतिपूर्ण जीवन और भी स्पष्ट होता है। यहां के लोग प्रकृति और भगवान देवनारायण की पूजा करते हैं और पूरी सादगी व ईमानदारी से अपना जीवन व्यतीत करते हैं। भगवान देवनारायण का मंदिरगुर्जर कच्चे घरों के पीछे पक्के विश्वासों की अनूठी कहानी समाज के आराध्य देव, भगवान देवनारायण का मंदिर देवमाली की पहाड़ी पर स्थित है। यह मंदिर पूरे गांव की आस्था का केन्द्र है। गांववाले मानते हैं कि जब भगवान देवनारायण इस गांव में आए थे, तो वे ग्रामीणों की सेवा और भक्ति से इतने प्रसन्न हुए कि उन्होंने गांव को आशीर्वाद दिया। ग्रामीण हर सुबह नंगे पैर पहाड़ी के चारों ओर परिक्रमा करते हैं, जो उनकी गहरी आस्था और परंपराओं को दर्शाता है। इसके साथ ही, पहाड़ी के पत्थरों को भी पवित्र माना जाता है और कोई भी ग्रामीण या पर्यटक इन पत्थरों को उठाकर नहीं ले जाता। नीम के पेड़ों का विशेष सम्मानदेवमाली गांव में पर्यावरण और पेड़ों का विशेष सम्मान किया जाता है। विशेष रूप से, नीम के पेड़ों को गांव में पवित्र माना जाता है और उनकी पूजा की जाती है। नीम के पेड़ के प्रति गांववासियों का आदरभाव उनके प्रकृति के प्रति प्रेम और संरक्षण की भावना को दर्शाता है। गुर्जर समाज और देवमालीदेवमाली गांव में केवल गुर्जर जाति के लोग निवास करते हैं, जिनमें लावड़ा गोत्र के लोग प्रमुख हैं। यहां की आबादी लगभग 1500 है, और सभी लोग पशुपालन के माध्यम से अपना जीवनयापन करते हैं। इस गांव की एक और अद्वितीय विशेषता यह है कि गांव की कोई भी भूमि किसी व्यक्ति के नाम पर नहीं है। पूरे गांव की जमीन भगवान देवनारायण के नाम मानी जाती है और ग्रामीण इसे उनकी धरोहर के रूप में देखते हैं। देवमाली की प्राचीन परंपराएंदेवमाली की परंपराएं इतनी प्राचीन और गहरी हैं कि कलियुग में भी सतयुग की अनुभूति होती है। यहां आज भी लोग अपने पूर्वजों की चेतावनियों और निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हैं। केरोसिन के उपयोग पर यहां पूरी तरह से प्रतिबंध है, और गांव में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता हर व्यक्ति में दिखाई देती है। देवमाली गांव की यह खासियतें इसे एक अद्वितीय पर्यटन स्थल के रूप में उभरने में मदद कर रही हैं। लोग यहां के शांतिपूर्ण और परंपरागत जीवन से जुड़ने के लिए आते हैं और इसे अपनी आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा बनाते हैं। देवमाली में न सिर्फ गुर्जर समाज की परंपराएं जीवित हैं, बल्कि यह गांव पूरे विश्व को यह संदेश देता है कि आधुनिकता और समृद्धि के बावजूद परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवित रखा जा सकता है। देवमाली एक उदाहरण है कि पक्के विश्वास और आस्था के साथ कैसे एक संपूर्ण समाज शांतिपूर्ण और खुशहाल जीवन जी सकता है, चाहे उसके घर कच्चे ही क्यों न हों।

Maharashtra News: नरभक्षी बेटे ने खाया मां का दिल, दिमाग और लिवर!, हाईकोर्ट ने सुनाई मौत की सजा

महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक जघन्य अपराध का मामला, आरोपी ने मां के अंगों को काटकर पकाया, खून से सने उसके मुंह देखकर दंग रह गई पुलिस! पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Maharashtra News: महाराष्ट्र के कोल्हापुर का माकडवाला वसाहत इलाके (Kolhapur) में 35 साल का एक आदमी अपनी 63 वर्षीय मां से शराब पीने के रुपए मांगे। हर मां की तरह वो बुजुर्ग महिला भी उसे शराब पीने से मना कर रही थी। ये बात बेटे को इतनी नागवार गुजरी कि उसने अपनी ही मां की बेरहमी से हत्या कर दी। इस बेरहम नरभक्षी बेटे ने यहीं तक अपनी दरिंदगी नहीं दिखाई। उसका मन नहीं भरा तो उसने धारदार हथियार से अपनी मां के टुकड़े करने शुरू कर दिए। उसके शरीर के अंदरूनी अंग खींच कर बाहर निकाले। यह मामला 2017 का है, जिसमें 7 साल बाद बॉम्बे हाइकोर्ट (Bombay Highcourt) ने आरोपी सुनील कुचकोरवी को मौत की सजा सुनाई है। हाईकोर्ट ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस’ करार दिया, यह मानते हुए कि आरोपी के सुधारने की कोई संभावना नहीं है। न्यायाधीशों की खंडपीठ ने कहा कि यह नरभक्षण का मामला है, क्योंकि आरोपी ने अपनी मां के शरीर के अंगों जैसे दिल, दिमाग, किडनी और लिवर को निकालकर तवे पर पकाकर खाया। इस मामले में 12 लोगों ने गवाही दी, जिसमें रिश्तेदार और पड़ोसी शामिल थे। घटना ने समाज की चेतना को झकझोर दिया है। 28 अगस्त 2017 को, आरोपी सुनील कुचकोरवी ने अपनी 63 वर्षीय मां यल्लामा रामा कुचकोरवी से शराब के लिए पैसे मांगे, लेकिन जब उसने मना किया, तो बेटे ने निर्ममता से उसकी हत्या कर दी और फिर उसके शरीर को नृशंसता से काट डाला। पहले दिमाग, फिर निकाला दिल निकालाआरोपी ने पहले मां का दिमाग निकाला, फिर चाकू से दिल निकाला। इसके बाद एक-एक कर उसका लिवर, किडनी और आंत बाहर कर दी। इसके बाद उसने जो किया, उसे देखकर किसी की भी रूह कांप सकती है।  उसने अपनी मां के दिल, दिमाग, लिवर, किडनी को तवे पर गरम करके नमक-मिर्च के साथ खाना शुरू कर दिया। ये विभत्स दृश्य देख पड़ोसियों का दिल दहल उठा। आनन-फानन में लोगों ने पुलिस को बुलाया। पुलिस पहुंची तो खून से सने उसके मुंह देखकर दंग रह गई। अब तक का सबसे क्रूर कांडजघन्य हत्याकांड की जांच करने वाले पुलिस इंस्पेक्टर एसएस मोरे ने कहा था, “मैंने मुंबई और महाराष्ट्र के नक्सली इलाकों में अपने करियर में कई हत्याएं और शव देखे। लेकिन ये मामला अब तक का सबसे क्रूर था। हमने मृतक महिला के शव और उसके अंगों के सैंपल डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए भेजे थे सभी मृतक से मेल खाते थे। हमारे पास 12 गवाह थे। इसके साथ ही क्राइम सीन और महिला के शरीर की स्थिति आरोपी की क्रूरता को साबित करने के लिए पर्याप्त थी।” मौत की सजा देने की वजहबॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि अपराधी सुनील कुचकोरवी के सुधार की कोई संभावना नहीं है, क्योंकि उसमें नरभक्षण की प्रवृत्ति है। यदी  उसे आजीवन कारावास दिया जाता है, तो वो जेल में भी इस तरह का अपराध कर सकता है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सुनील ने 28 अगस्त, 2017 को कोल्हापुर शहर में अपने आवास पर अपनी 63 वर्षीय मां की निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद में उसने अपनी मां के शव को हथियार से काटा और उसके कई अंगों को तवे पर तलकर खा लिया।

Ratlam News: सी.एम. राइज विनोबा स्कूल रतलाम में अकादमिक संवाद आयोजित, शिक्षकों ने दी त्रैमासिक परीक्षा की समीक्षा

रतलाम –  पब्लिक वार्ताजयदीप गुर्जर। Ratlam News: सी.एम. राइज विनोबा स्कूल में एक महत्वपूर्ण अकादमिक संवाद का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न शैक्षणिक अवधारणाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम का नेतृत्व उप-प्राचार्य गजेंद्र सिंह राठौर ने किया, जिन्होंने स्कूल की विश्व के टॉप-3 विद्यालयों में शामिल होने की चुनौतीपूर्ण यात्रा और सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने “सायकल ऑफ ग्रोथ” और “विनोबा मॉडल ऑफ पेरेंटल इंगेजमेंट” के साथ-साथ शिक्षकों के पेशेवर विकास द्वारा विद्यार्थियों और समुदाय में आए सकारात्मक बदलावों पर भी चर्चा की। इसके अलावा, श्री राठौर ने वैश्विक संस्था टी-फोर एजुकेशन द्वारा स्कूल को एक ‘स्ट्रांग स्कूल कल्चर’ के रूप में चिन्हित किए जाने के पैरामीटर्स पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान, शिक्षक शोभा ओझा और मीनाक्षी अग्रवाल ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए, जिससे कई शिक्षक भाव-विभोर हो गए। त्रैमासिक परीक्षा परिणाम की समीक्षा करते हुए शिक्षक राजाराम सेकवाडिया, भावना रावत, और हर्षिता सोलंकी ने बोर्ड और स्थानीय परीक्षाओं के परिणामों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। प्राचार्य संध्या वोरा ने भी संवाद को संबोधित किया, जबकि संचालन हीना शाह ने किया और आभार सुनीता पंवार ने व्यक्त किया। इस संवाद में कुल 30 शिक्षकों ने भाग लिया और यह कार्यक्रम शिक्षकों के लिए एक प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक सत्र साबित हुआ।

सर्व पितृ अमावस्या : श्राद्ध कर्म में किन नियमों का करना होगा पालन और पितरों को प्रसन्न करने के क्या है उपाय?, जानिए…

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। सनातन धर्म में सर्व पितृ अमावस्या (Sarv Pitra Amavasya) का विशेष महत्व है। यह दिन उन पितरों के श्राद्ध के लिए होता है, जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं होती। साल 2024 में सर्व पितृ अमावस्या 2 अक्टूबर, बुधवार को पड़ेगी। इसे पितृ विसर्जनी अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन किए गए श्राद्ध कर्म और दान-पुण्य से पितृ दोष भी समाप्त होता है और पितरों को शांति मिलती है। लेकिन श्राद्ध कर्म के कुछ महत्वपूर्ण नियम होते हैं, जिनका पालन करना जरूरी है। आइए जानते हैं गरुड़ पुराण के अनुसार सर्व पितृ अमावस्या पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं। सर्व पितृ अमावस्या पर क्या करें? 1. काले तिल का प्रयोग: श्राद्ध कर्म में काले तिल का प्रयोग अनिवार्य माना गया है। तर्पण करते समय और पिंड बनाते समय काले तिल का उपयोग अवश्य करें। मान्यता है कि काले तिल में तीर्थों का जल होता है, जिससे पितर तृप्त होते हैं।  2. ब्राह्मण भोज: इस दिन ब्राह्मणों को भोजन कराने से पितरों को शांति मिलती है। ब्राह्मण भोज पितरों की संतुष्टि के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। 3. कुश का उपयोग: श्राद्ध करते समय या तर्पण देते समय कुश का उपयोग करें। गरुड़ पुराण के अनुसार, कुश का तर्पण आत्मा को शांति प्रदान करता है। 4. भूखे को भोजन कराएं: इस दिन कोई भूखा व्यक्ति दरवाजे पर आ जाए, तो उसे भोजन जरूर कराएं। पितृ पक्ष में पितर किसी भी रूप में आ सकते हैं। 5. पंचबलि निकालें: ब्राह्मण भोज से पहले पंचबलि निकालने की परंपरा का पालन करें। पंचबलि का अर्थ है 5 प्राणियों—गाय, कुत्ता, कौवा, देवता और चींटियों के लिए भोजन निकालना। 6. गीत का पाठ करें: सर्व पितृ अमावस्या के दिन गीत का पाठ करना बहुत लाभकारी माना जाता है। 7. दान-पुण्य करें: इस दिन धन, वस्त्र, अनाज और काले तिल का दान करने से पितर खुश होते हैं और वंश वृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। सर्व पितृ अमावस्या पर क्या न करें? 1. रात्रि में भोजन न कराएं: श्राद्ध का भोजन कभी भी रात में न कराएं। यह अशुभ माना जाता है। 2. तामसिक भोजन न करें: इस दिन घर के सदस्यों को तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए। 3. मौन व्रत रखें: ब्राह्मण भोज के दौरान मौन रहना चाहिए और बिना अपशब्दों का प्रयोग किए शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना चाहिए। 4. स्टील के बर्तनों का प्रयोग न करें: श्राद्ध का भोजन केले के पत्तों या स्टील के बर्तनों में नहीं परोसना चाहिए। चांदी, तांबे, कांसे के बर्तनों में भोजन परोसें। 5. कर्ज लेकर श्राद्ध न करें: यह ध्यान रखें कि श्राद्ध का आयोजन कर्ज लेकर नहीं करना चाहिए। 6. किसी का अपमान न करें: इस दिन किसी का अपमान नहीं करना चाहिए और अपशब्दों से बचना चाहिए।

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