Singham Again Trailer: अजय देवगन और रोहित शेट्टी की धांसू जोड़ी फिर लाएगी दमदार एक्शन, सिंघम अगेन का ट्रेलर हुआ जारी

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Singham Again Trailer: फिल्म “सिंघम अगेन” जल्द ही सिनेमाघरों में धमाका करने के लिए तैयार है। इस फिल्म का निर्देशन एक्शन फिल्मों के मास्टर रोहित शेट्टी कर रहे हैं, जिन्होंने “सिंघम” सीरीज़ को एक बेहतरीन एक्शन-ड्रामा फ्रेंचाइजी में तब्दील कर दिया है। अजय देवगन एक बार फिर पुलिस ऑफिसर बाजीराव सिंघम की भूमिका में नजर आएंगे, और दर्शकों को उम्मीद है कि इस बार कहानी और भी ज्यादा इंटेंस और एक्शन से भरपूर होगी। रोहित शेट्टी ने सोशल मीडिया पर शेयर कर बताया की सिंघम का ट्रेलर 7 अक्टूबर को रिलीज होगा, जो कि विभिन्न प्लेटफार्म पर मौजूद रहेगा। फिल्म की कहानी और एक्शन“सिंघम अगेन” की कहानी पहले की तरह सामाजिक मुद्दों और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई पर केंद्रित होगी। सूत्रों के मुताबिक, इस बार बाजीराव सिंघम पहले से भी ज्यादा शक्तिशाली अवतार में दिखेंगे, जो समाज के दुश्मनों को खत्म करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार होंगे। फिल्म में रोहित शेट्टी के ट्रेडमार्क स्टाइल का एक्शन देखने को मिलेगा, जिसमें गाड़ियों के धमाके, हाथों-हाथ लड़ाइयाँ और ज़बरदस्त स्टंट्स होंगे। सितारों की भरमारअजय देवगन के अलावा, फिल्म में दीपिका पादुकोण, जैकी श्रॉफ, करीना कपूर, अर्जुन कपूर जैसे बड़े सितारे भी नजर आ सकते हैं। इसके साथ ही, रोहित शेट्टी ने अपने कॉप यूनिवर्स का भी विस्तार करने की योजना बनाई है, जिसके तहत हमें अक्षय कुमार का सूर्यवंशी और रणवीर सिंह का सिम्बा भी देखने को मिल सकता है। यह सभी किरदार फिल्म को और भी रोमांचक और भव्य बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। “सिंघम अगेन” की रिलीज़ डेट और शूटिंगफिल्म की शूटिंग मुंबई, हैदराबाद और कुछ विदेशी लोकेशन्स पर की जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि 2024 के मध्य में फिल्म को रिलीज़ किया जाएगा। फिल्म के टीज़र और ट्रेलर का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है, जो रिलीज़ के कुछ महीने पहले ही दर्शकों के बीच आएगा। बॉक्स ऑफिस पर बड़ी उम्मीदें“सिंघम” और “सिंघम रिटर्न्स” ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता प्राप्त की थी, और फैंस को उम्मीद है कि “सिंघम अगेन” भी इसी तरह ब्लॉकबस्टर साबित होगी। फिल्म के दमदार एक्शन, स्टार कास्ट और ज़बरदस्त डायरेक्शन के चलते इस बार बॉक्स ऑफिस पर एक नया रिकॉर्ड बनने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। “सिंघम अगेन” निश्चित रूप से 2024 की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक है, और दर्शकों को एक और ब्लॉकबस्टर एक्शन फिल्म देखने का मौका मिलेगा। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो

Ratlam News: रानी दुर्गावती एवं राणा पूंजा भील जयंती पर विश्व हिंदू परिषद द्वारा पुष्पांजलि समारोह आयोजित

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Ratlam News: विश्व हिंदू परिषद सामाजिक समरसता द्वारा वीरांगना रानी दुर्गावती और मेवाड़ के जनजातीय शिरोमणि, हल्दीघाटी युद्ध में महाराणा प्रताप के सहयोगी महान योद्धा राणा पूंजा भील की जयंती के अवसर पर पुष्पांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के सामाजिक समरसता प्रमुख मनोज और जिला मंत्री गौरव ने उनके जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती ने अपने शासनकाल में मुगलों के विरुद्ध संघर्ष करते हुए देश और धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया। गोंडवाना की इस वीरांगना ने 1564 में अकबर के सेनापति आसफ खान से युद्ध किया और अंतिम क्षण तक अपने राज्य की रक्षा की। उनकी शौर्य और बलिदान की गाथा आज भी हर भारतीय को गर्व से भर देती है। राणा पूंजा भील ने हल्दीघाटी के ऐतिहासिक युद्ध में महाराणा प्रताप का साथ दिया और मुगल सेना के खिलाफ संघर्ष में अपनी भील सेना के साथ वीरता का प्रदर्शन किया। जनजातीय समाज से आने वाले राणा पूंजा ने मुगलों के खिलाफ जन-जन को संगठित किया और हल्दीघाटी की धरती पर अपने साहस की अमिट छाप छोड़ी। उनका योगदान जनजातीय समाज और राजस्थान के इतिहास में अमूल्य है। समारोह में कई प्रमुख व्यक्तियों की उपस्थिति रही, जिनमें विभाग सह मंत्री पवन बंजारा, जिला सह संयोजक आशु, मंदिर अर्चक संपर्क प्रमुख दीपक शर्मा, जिला प्रचार प्रसार प्रमुख मोंटी जयसवाल, जिला प्रचार प्रसार सह प्रमुख रिक्की सेन, जिला साप्ताहिक मिलन प्रमुख सुनील, जिला सेवा प्रमुख अनिल, जिला विद्यार्थी प्रमुख कृष्णा, जिला सह साप्ताहिक मिलन प्रमुख शुभम शर्मा, दीपांशु, विजय, रोमित, लखन और महेश डोडियार शामिल थे।

Ratlam News: मासूम से यौन शोषण मामले में एबीवीपी के गंभीर आरोप, एसआईटी की जांच पर उठाए सवाल

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: रतलाम के 80 फीट रोड स्थित सांई श्री स्कूल में 5 वर्षीय मासूम से यौन उत्पीडऩ में जांच कर रही एसआईटी अब सवालों के घेरे में आ गई है। शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा  औद्योगिक क्षेत्र थाने में कलेक्टर व एसपी के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें एबीवीपी (ABVP) ने एसआईटी जांच में शामिल अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए है। आपको बता दे की पुलिस ने गुरुवार को स्कूल डायरेक्टर राकेश देसाई के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। स्कूल के अन्य छात्रों के परिजन ने मामले में जमकर प्रदर्शन किया था। परिजनों ने लिखित शिकायत कर डायरेक्टर देसाई और स्टॉफ के खिलाफ लापरवाही बरतने और जानकारी छिपाने के गंभीर आरोप लगाए थे। नगर मंत्री सिद्धार्थ मराठा ने बताया की छात्रा वे साथ यौन उत्पीड़न मामले में एफआईआर के बाद एसआईटी जांच गठित की गई थी। स्कूल को 5 दिनों के लिए सील किया था। लेकिन उसके बावजूद स्कूल कर्मचारियों व अन्य लोगों का आना जाना लगा रहा है। जिससे सबूतों के साथ आसानी से छेड़छाड़ की जा सकती है। जांच अधिकारी ने पीड़िता की मां के साथ आरोपियों जैसा व्यवहार किया। जांच अधिकारी ने पीड़िता की मां के बयान को कांट छांट कर दर्ज किया। यही प्रक्रिया अन्य गवाहों व परिजनों के बयानों के लेते समय भी अपनाई गई। जिससे सभी असहज हो गए। इस प्रक्रिया से तो पीड़ित मासूम को न्याय मिलने की की कोई उम्मीद नहीं बचती है। एबीवीपी की मांग है की स्कूल संचालक, प्राचार्य, कक्षा प्राध्यापक व अन्य संबंधित से भी कड़ी पूछताछ की जाए। संलिप्तता एवं मोन स्वीकृत के आधार पर इन्हें भी उक्त प्रकरण में सह-आरोपी बनाया जाए। जांच अधिकारी को हटाने जैसी प्रमुख मांगे रखी है, अगर मांगे नहीं मानी जाती है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इन बिंदुओ पर जांच की मांगएबीवीपी की प्रांत सहमंत्री रागिनी यादव ने बताया की घटनाक्रम को यदि गंभीरता से समझा जाए तो इसमें कई आयामों से जांच की आवश्यकता है। जैसे की बालिका का कक्षा मैं नहीं होना, कक्षा से जाने पर कक्षा अध्यापक व अन्य सहायक कर्मचारीयों की जिम्मेदारी, दुष्कर्म के समय बालिका की चिल्लाने की आवाज नहीं सुनाई देना। घटना के बाद विद्यालय में शिकायत किए जाने पर उनके द्वारा ध्यान ना देना व घटना को गलत व मनगढंत बताना। विद्यालय परिसर में उचित स्थान पर सीसीटीवी कैमरा का ना होना। क्या पूर्व में भी इसी परिसर में अन्य घटनाए हुई है, ऐसे अहम पहलुओं पर जांच किया जाना चाहिए। जिस पर गठित एसआईटी का कोई ध्यान नहीं है। क्या था पूरा मामला, खबर पढ़ेRatlam News: मामला रतलाम में स्कूली छात्रा से हैरेसमेंट का: सांईश्री स्कूल के संचालक राकेश देसाई के खिलाफ FIR, छिपाने का आरोप – PUBLIC वार्ताCLICK HEREhttps://publicvarta.com/ratlam-news-fir-against-sai-sri-school-director-rakesh-desai-for-harassment-of-schoolgirl-in-ratlam/ Ratlam News: बच्ची से दरिंदगी का मामला, सांईश्री स्कूल कांड में SIT करेगी जांच, अन्य परिजनों के बयान दर्ज – PUBLIC वार्ताCLICK HEREhttps://publicvarta.com/ratlam-news-case-of-cruelty-to-girl-sit-will-investigate-into-saishree-school-incident/?amp=1

India vs Pakistan Women’s T20 World Cup 2024 Live Streaming: 6 अक्टूबर को भारत – पाकिस्तान मैच, कहां देखे लाइव मैच!

नई दिल्ली – पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। India vs Pakistan Women’s T20 World Cup 2024 Live Streaming: महिला टी20 वर्ल्ड कप 2024 का आगाज 3 अक्टूबर को हो चुका है, और टूर्नामेंट की रोमांचक शुरुआत के बाद क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें भारतीय महिला टीम पर हैं। टीम इंडिया ने 4 अक्टूबर को अपना अभियान न्यूज़ीलैंड के खिलाफ शुरू किया। हालांकी भारतीय टीम का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए मैच में भारत को हार का सामना करना पड़ा। अब भारतीय टीम का अगला मुकाबला 6 अक्टूबर को अपने चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान से होगा। दुबई इंटरनेशनल (T20 in Dubai) स्टेडियम में दोपहर 3:30 बजे होने वाले इस मैच का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। भारत बनाम पाकिस्तान, महिला टी20 विश्व कप 2024 ग्रुप ए मैच का लाइव प्रसारण भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क (Star Sport’s Network) पर किया जाएगा, और भारत में डिज्नी+हॉटस्टार ऐप (Disney Hotstar)  और वेबसाइट पर लाइव-स्ट्रीम किया जाएगा। हेड टू हेड: भारत का पलड़ा भारीटी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत और पाकिस्तान की महिला टीमों (Indian women cricket team) के बीच अब तक 7 मुकाबले हो चुके हैं, जिनमें से 5 बार भारतीय टीम ने जीत दर्ज की है, जबकि पाकिस्तान केवल 2 मैच जीतने में कामयाब रहा है। पाकिस्तान ने आखिरी बार भारतीय टीम को 2016 के टी20 वर्ल्ड कप में हराया था, लेकिन उसके बाद भारतीय महिलाओं ने दबदबा कायम रखा है। हेड टू हेड आंकड़े:– कुल मैच:  7– भारत ने जीते:  5– पाकिस्तान ने जीते: 2 टी20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान मुकाबले:– 2009: भारत 5 विकेट से जीता– 2010: भारत 9 विकेट से जीता– 2012: पाकिस्तान 1 रन से जीता– 2014: भारत 6 रन से जीता– 2016: पाकिस्तान 2 रन से जीता– 2018: भारत 7 विकेट से जीता– 2023: भारत 7 विकेट से जीता टी20 इंटरनेशनल में भी भारत आगेअगर टी20 इंटरनेशनल के हेड टू हेड आंकड़ों पर नजर डालें, तो भारतीय टीम का प्रदर्शन और भी शानदार है। दोनों टीमों के बीच अब तक 15 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले गए हैं, जिनमें से 12 में भारतीय महिला टीम ने जीत हासिल की है, जबकि पाकिस्तान सिर्फ 3 मुकाबले जीत सका है। वर्ल्ड कप के ग्रुप्स:भारत और पाकिस्तान इस बार टी20 वर्ल्ड कप में ग्रुप ए में शामिल हैं, जहां उनके साथ ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और श्रीलंका की टीमें भी मुकाबला करेंगी। ग्रुप बी में बांग्लादेश, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और स्कॉटलैंड शामिल हैं। भारतीय टीम के शानदार रिकॉर्ड और हालिया फॉर्म को देखते हुए, फैंस को उम्मीद है कि 6 अक्टूबर को होने वाले इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारत एक बार फिर पाकिस्तान को मात देगा। टीमें भारत की महिलाएं: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, ऋचा घोष, यास्तिका भाटिया, पूजा वस्त्राकर, अरुंधति रेड्डी, रेणुका सिंह ठाकुर, दयालन हेमलता, आशा शोभना, राधा यादव, श्रेयंका पाटिल।  सजना सजीवन. पाकिस्तान महिलाएं: फातिमा सना (कप्तान), आलिया रियाज, डायना बेग, गुल फिरोजा, इरम जावेद, मुनीबा अली, नशरा सुंधू, निदा डार, ओमाइमा सोहेल, सदफ शमास, सादिया इकबाल (फिटनेस के आधार पर), सिदरा अमीन, सैयदा अरूब शाह  , तस्मिया रुबाब, तुबा हसन।

Navratri 2024: मध्यप्रदेश के गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक, शहर काजी का फरमान – “मेले में जाना दीन-ए-इस्लाम के खिलाफ!”

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Navratri 2024: मध्यप्रदेश के रतलाम में इस वर्ष नवरात्रि के दौरान गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर सख्त रोक लगा दी गई है। इस निर्णय के तहत कई गरबा पंडालों के प्रवेश द्वारों पर बैनर लगाए गए हैं, जिनमें गैर हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की सूचना दी गई है। यह कदम हिंदू संगठनों और आयोजन समितियों की सहमति से लिया गया है, जिसका उद्देश्य गरबा आयोजन को धार्मिक और सांस्कृतिक सीमाओं के भीतर सुरक्षित और मर्यादित रखना है। मेला और गरबा से दूर रहें मुस्लिम समुदायशहर काजी सैयद अहमद अली ने कथित तौर पर एक लेटर जारी करते हुए मुस्लिम समुदाय से अपील की है कि वे नवरात्रि के दौरान मेला और गरबा देखने से बचें और अपने घरों में रहें। उन्होंने इसे दीन-ए-इस्लाम के खिलाफ बताया और कहा कि वर्तमान माहौल को ध्यान में रखते हुए मुस्लिम नौजवान, महिलाएं और बच्चे गरबा या मेले में न जाएं। काजी ने कहा, “बाजार और मेलों में जाना इस्लाम में जायज नहीं है और इसलिए हम चाहते हैं कि हमारी मां-बहनें इन गैर-धार्मिक गतिविधियों से दूर रहें।” व्हाट्सअप के संदेश से लिया फैसलाकाजी सैयद अहमद अली ने स्पष्ट किया कि उनका यह कदम रतलाम शहर के माहौल को देखते हुए नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर फैल रहे संदेशों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा, “रतलाम एक शांतिपूर्ण शहर है, लेकिन बाहर से आने वाले वॉट्सऐप संदेशों के चलते हमने यह निर्णय लिया है ताकि कोई भी अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।” उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अपील की कि वे प्रशासन के साथ सहयोग करें और किसी भी प्रकार की अवांछनीय गतिविधियों से बचें। गरबा पंडालों में सुरक्षा और मर्यादित वेशभूषा पर जोरनगर व जिले के कई प्रमुख गरबा स्थलों, जैसे मां कालिका माता मंदिर और श्री राम नवयुवक मंडल आदि में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने वाले बैनरों के साथ-साथ मर्यादित वेशभूषा की भी अपील की गई है। पंडालों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, और सभी संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस का अलर्ट मोडरतलाम पुलिस भी नवरात्रि के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए अलर्ट मोड पर है। एसपी अमित कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जिले में 735 स्थानों पर गरबा रास का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें से 28 स्थानों को संवेदनशील घोषित किया गया है। पुलिस द्वारा इन स्थानों पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है ताकि धार्मिक आयोजन बिना किसी विघ्न के संपन्न हो सके।

UP News: तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे में डाली बकरियां, चोरों ने चुराई और कर ली मटन पार्टी

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क: UP News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में तेंदुए के हमलों से निपटने के लिए वन विभाग ने पिंजरे में बकरियां रखी, लेकिन अब इन बकरियों की चोरी और मटन पार्टी का मामला सामने आया है। तेंदुआ पकड़ने की वन विभाग की योजना चोरों की इस हरकत के कारण असफल हो रही है, जिससे तेंदुए का आतंक कम होने की बजाय बढ़ गया है। चोरों ने मचाई मटन पार्टीराम बाग कॉलोनी के निवासी रूपेश कुमार के अनुसार, वन विभाग ने उनके गांव में तेंदुए को पकड़ने के लिए एक पिंजरा लगाया था, जिसमें एक बकरी रखी गई थी। लेकिन कुछ ही दिनों में बकरी चोरी हो गई। गांव के लोगों ने मिलकर दूसरी बकरी खरीदी और फिर से पिंजरे में रखी, लेकिन वो बकरी भी चोरों के हाथ लग गई। चोर बकरियों को चुरा कर मटन बनाकर खा गए और तेंदुए को पकड़ने की योजना विफल हो गई। जिलेभर में हो रही बकरियों की चोरीयह सिर्फ एक मामला नहीं है। जिले के पिलाना, कोतवाली देहात, अफजलगढ़ और चांदपुर में भी वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरों से कई बकरियां चोरी हो चुकी हैं। सूत्रों की माने तो बकरियों की चोरी के बाद चोर उनका मटन बना कर खा रहे हैं या फिर बेच रहे हैं, जिससे तेंदुआ पकड़ने की योजना लगातार विफल हो रही है। वन विभाग के प्रयासों को मिली चुनौतीबिजनौर के प्रभागीय वन अधिकारी ज्ञान सिंह ने बताया कि तेंदुए के हमलों से निपटने के लिए 50 से अधिक पिंजरे लगाए गए थे और बकरियों को चारे के रूप में रखा गया था। लेकिन अब इन बकरियों की चोरी ऑपरेशन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। वन विभाग ने चोरी की घटनाओं को लेकर पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। तेंदुए का आतंक जारी, चोरों ने बिगाड़ा ऑपरेशनतेंदुए का खतरा कम करने के लिए वन विभाग की यह योजना अब चोरों के कारण विफल हो रही है। तेंदुआ अब भी क्षेत्र में खुला घूम रहा है और ग्रामीण दहशत में हैं, जबकि बकरियों की चोरी से चोर मटन पार्टी का आनंद उठा रहे हैं। वन विभाग को अब नई योजना बनानी पड़ेगी ताकि तेंदुए को पकड़ा जा सके और बकरियों की चोरी को रोका जा सके।

Gold Price On High: त्योहारी सीजन में सोना के भाव मे रेकॉर्ड तोड़ तेजी, चाँदी मे उछाल जानिए आज के भाव

मध्यप्रदेश – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Gold Price On High: त्योहारों के सीजन में सोने और चांदी की कीमतों में उछाल जारी है। शुक्रवार को सोने और चांदी दोनों की कीमतें ऑल टाइम हाई पर पहुँच गईं। व्यापारियों के मुताबिक, आने वाले दिनों में कीमतों में और भी तेजी देखने को मिल सकती है। अनुमान है कि सोना 80,000 रुपए प्रति दस ग्राम और चांदी 95,000 रुपए प्रति किलो तक बिक सकती है। सोने की कीमतेंशुक्रवार को सोने के भाव में 300 रुपए प्रति दस ग्राम की बढ़त दर्ज की गई, जिससे सोने की कीमत 78,000 रुपए प्रति दस ग्राम पर पहुँच गई। वहीं, जेवराती सोने का भाव 71,448 रुपए प्रति दस ग्राम रहा। चांदी की कीमतेंचांदी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली। शुक्रवार को चांदी के भाव में 1,000 रुपए प्रति किलो की बढ़त दर्ज की गई और इसका भाव 92,700 रुपए प्रति किलो तक पहुँच गया। सोने और चांदी के यही भाव शनिवार को भी बने रहे। तीन दिनों में सोना-चांदी की कीमतों में बढ़त | तिथि | सोना (प्रति 10 ग्राम) | चांदी (प्रति किलो) | | 2 अक्टूबर | ₹77,500 | ₹91,350 || 3 अक्टूबर | ₹77,700 | ₹91,700 || 4 अक्टूबर | ₹78,000 | ₹92,700 || 5 अक्टूबर | ₹78,000 | ₹92,700 | रतलाम के व्यापारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी उतार-चढ़ाव का असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा है, जिससे कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। त्योहार के मौसम में निवेश के लिए यह समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि सोने और चांदी की कीमतों में उछाल आने की संभावना है।

PM Kisan Yojna: आज आएगी पीएम किसान योजना 18वीं किस्त: लाइव अपडेट

नई दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। PM Kisan Yojna: किसान भाइयों का इंतजार खत्म होने वाला है। पीएम किसान योजना की 18वीं किस्त 5 अक्टूबर 2024 को रिलीज की जाएगी, जिसमें प्रत्येक लाभार्थी के खाते में 2000 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। पीएम किसान योजना का उद्देश्य यह योजना गरीब किसानों के कल्याण के लिए शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक किसान को साल में कुल 6000 रुपये मिलते हैं, जो तीन किस्तों में बांटे जाते हैं। 18वीं किस्त का वितरण इस बार पीएम मोदी महाराष्ट्र के वाशिम से इस किस्त का वितरण करेंगे। पिछले किस्त का ट्रांसफर 18 जून 2024 को किया गया था, जो पीएम मोदी ने वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम में जारी की थी। लाभ पाने की शर्तें किसानों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:– आधार कार्ड का बैंक खाते से लिंक होना।– सक्रिय बैंक खाता।– eKYC का पूरा होना।– भू-सत्यापन की प्रक्रिया का पालन। e-KYC प्रक्रिया 1. पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।2. ‘Farmers Corner’ का चयन करें।3. e-KYC विकल्प पर क्लिक करें।4. आधार नंबर दर्ज करें और OTP प्राप्त करें।5. रजिस्टर्ड मोबाइल पर आए OTP को दर्ज करें और सबमिट करें। किस्त की स्थिति चेक करने का तरीका 1. आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।2. ‘Know Your Status’ विकल्प पर क्लिक करें।3. रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें।4. Get OTP पर क्लिक करें और स्टेटस चेक करें। पीएम किसान हेल्पलाइन अगर आपके खाते में पिछले किस्त का पैसा नहीं आया है, तो आप हेल्पलाइन नंबर 155261 या टोल फ्री नंबर 1800115526 पर संपर्क कर सकते हैं।

Shailaja Paik: कौन है शैलजा पाइक:पुणे की झुग्गी से मैकआर्थर ‘जीनियस’ फेलोशिप तक की कहानी!

“यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी पहचान है। एक दलित महिला और एक रंग की महिला के रूप में मुझे यह सम्मान मिलना मेरे लिए गर्व का क्षण है।” – Shailaja Paik पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Shailaja Paik: पुणे के येरवडा की एक छोटी झुग्गी से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का सफर आसान नहीं था, लेकिन शैलजा पाइक की यह असाधारण कहानी हमें बताती है कि सच्ची लगन और दृढ़ निश्चय के साथ कोई भी बाधा पार की जा सकती है। आज शैलजा पाइक दुनिया भर में दलित अध्ययन की प्रमुख विद्वान के रूप में जानी जाती हैं और हाल ही में उन्हें प्रतिष्ठित मैकआर्थर ‘जीनियस’ अनुदान (MacArthur ‘Genius’ Grant) से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने अपनी असाधारण रचनात्मकता और सामाजिक योगदान के माध्यम से दुनिया में बदलाव लाने की क्षमता दिखाई हो। इस फेलोशिप के साथ 8 लाख डॉलर का अनुदान भी दिया जाता है। भारतीय रुपये के हिसाब से ये करीब 6.64 करोड़ है। शैलजा पाइक का सफर बेहद प्रेरणादायक है। येरवडा (Yerawada) की झुग्गियों में पली-बढ़ी शैलजा ने बचपन में ही गरीबी, जातिगत और लैंगिक भेदभाव का सामना किया। उनका परिवार एक छोटे से एक कमरा घर में रहता था, जिसकी छत लकड़ी के खंभों से सहारा पाती थी। उनके पिता देवराम पाइक राज्य कृषि विभाग में काम करते थे, जबकि उनकी मां सरिता पाइक एक गृहिणी थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति कठिन थी, लेकिन उनके माता-पिता ने हमेशा शिक्षा को प्राथमिकता दी। शैलजा और उनकी तीन बहनों को पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। शैलजा को पहली बार जातिगत भेदभाव का सामना अपने पैतृक गांव ब्रह्मगांव तकली में करना पड़ा, जहां दलित परिवारों को ऊंची जातियों से अलग रहना पड़ता था और उन्हें सार्वजनिक कुओं से पानी लेने की अनुमति नहीं थी। यह अनुभव उनके जीवन में एक गहरी छाप छोड़ गया और आगे चलकर उनके शोध का आधार बना। शैलजा ने स्थानीय रोशनी स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की, जहां उन्होंने हमेशा कक्षा में शीर्ष स्थान हासिल किया। जब उन्होंने 10वीं कक्षा में 98% अंक हासिल किए, तो उनका नाम अखबार में आया और यह उनके स्कूल के लिए भी गर्व का क्षण था। इसके बाद, उन्होंने सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। हालांकि उनका सपना यूपीएससी पास कर आईएएस बनने का था, लेकिन पिता की मृत्यु के बाद उन्हें अपने परिवार की मदद करने के लिए वह सपना छोड़ना पड़ा। अपने शुरुआती संघर्षों के बावजूद, शैलजा ने अपनी ऊर्जा दलित महिलाओं के अधिकारों और उनके सामाजिक संघर्षों पर केंद्रित की। उन्होंने 2007 में ब्रिटेन के वारविक विश्वविद्यालय से पीएचडी की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद वह अमेरिका के येल विश्वविद्यालय और यूनियन कॉलेज में पढ़ाने के बाद सिनसिनाटी विश्वविद्यालय में इतिहास की प्रोफेसर बनीं। आज वह दक्षिण एशियाई अध्ययन, महिला अध्ययन, और समाजशास्त्र के साथ ही चार्ल्स फेल्प्स टैफ्ट प्रतिष्ठित शोध प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। शैलजा की पहली पुस्तक, Dalit Women’s Education in Modern India: Double Discrimination (2014), दलित महिलाओं के संघर्ष और शिक्षा की जटिलताओं पर केंद्रित थी। उनकी दूसरी पुस्तक, The Vulgarity of Caste: Dalits, Sexuality, and Humanity in Modern India (2022), जाति, लैंगिकता और मानवीयता के आपसी संबंधों पर आधारित है। इन किताबों के माध्यम से शैलजा ने दिखाया कि कैसे जाति और लैंगिकता भारतीय समाज में अन्याय को बढ़ावा देती हैं। शैलजा की यात्रा का सबसे प्रेरणादायक पहलू उनका येरवडा से अमेरिका तक का सफर है। एक दलित महिला के रूप में उन्होंने जातिगत और लैंगिक भेदभाव के साथ-साथ रंगभेद का भी सामना किया, लेकिन इन सभी चुनौतियों का डटकर मुकाबला किया। जब उन्हें मैकआर्थर फेलोशिप के लिए चुने जाने की खबर मिली, तो वह अमेरिका में थीं। उन्होंने इसे अपने जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा, “यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी पहचान है। एक दलित महिला और एक रंग की महिला के रूप में मुझे यह सम्मान मिलना मेरे लिए गर्व का क्षण है।” शैलजा का मानना है कि जातिगत भेदभाव के खिलाफ लड़ाई में केवल दलितों को ही संघर्ष करने की जिम्मेदारी नहीं उठानी चाहिए, बल्कि ऊंची जातियों को भी इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। वह कहती हैं, “जाति के दमन के खिलाफ सिर्फ पीड़ितों को ही नहीं, बल्कि सभी को साथ आकर लड़ना होगा।” शैलजा पाइक की यह यात्रा उन लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो सामाजिक भेदभाव, गरीबी और अन्याय का सामना कर रहे हैं। उनकी कहानी बताती है कि शिक्षा, संघर्ष, और समर्पण किसी भी बाधा को पार कर सकता है। शैलजा की उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि अगर आप में संघर्ष करने की हिम्मत और सपनों को पाने का जुनून हो, तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती।

Ratlam News: बालम ककड़ी खाने से परिवार हुआ फूड प्वाइजनिंग का शिकार, 5 वर्षीय बालक की मौत, रखे ये सावधानियां

रात में सभी की तबीयत अचानक खराब हो गई और उल्टियां होने लगीं, रतलाम के सैलाना में सबसे ज्यादा होता है उत्पादन, खाने से पहले सावधानियां रखनी जरूरी रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Ratlam News: रतलाम के जड़वासा कलां गांव में कथित तौर पर बालम ककड़ी खाने से एक ही परिवार के पांच लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए, जिसमें 5 वर्षीय बालक की इलाज के दौरान मौत हो गई। माता-पिता और दो बेटियां मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों का कहना है कि यह मामला फूड प्वाइजनिंग का दिखाई दे रहा है, जिसकी वजह से पूरे परिवार की तबीयत बिगड़ी। जानकारी के अनुसार परिवार ने बालम ककड़ी खाई थी, जो सीजन में मिलने वाला एक स्थानीय फल है। परिवार के सदस्य  मांगीलाल पाटीदार ने अपनी पत्नी कविता, बेटियां दक्षिता, साक्षी और बेटे क्रियांश के साथ बालम ककड़ी खाई थी। रात में सभी की तबीयत अचानक खराब हो गई और उल्टियां होने लगीं। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए रतलाम के मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां 5 वर्षीय क्रियांश की मौत हो गई, जबकि अन्य सदस्यों का इलाज जारी है। मृतक बालक के चाचा रवि पाटीदार ने बताया कि मांगीलाल तीन दिन पहले सैलाना-धामनोद रोड से बालम ककड़ी खरीदकर लाए थे। परिवार के सभी सदस्यों ने इसे एक साथ खाया, जिसके बाद यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। परिवार के इंकार के बाद मृतक बालक का पोस्टमार्टम नहीं हो सका, इसलिए मृत्यु की असल वजह स्पष्ट नहीं हो पाई, लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि यह फूड प्वाइजनिंग का मामला हो सकता है। फिलहाल, पिता की हालत में सुधार होने पर उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि मां और दोनों बेटियों का इलाज मेडिकल कॉलेज में जारी है। कीटनाशक भी हो सकती है वजहरतलाम मेडिकल कॉलेज के ऐपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. गौरव बोरीवाल ने बताया कि पांचों मरीज फूड पॉइजनंग के कारण बीमार होकर आए थे। सही इलाज मिलने में लंबा गैप होने से भी स्थिति बिगड़ी। क्रियांश का ब्लड सैम्पल लिया है, जांच करवाई जाएगी। मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. विनय शर्मा ने कहा कि प्रथम दृष्टया बच्चे की मौत फूड पॉइजनिंग से हुई है। मां और दो बेटियों को इलाज किया जा रहा है। पुलिस चौकी को इन्वेस्टिगेशन के लिए लिखकर दिया था। वहीं, पुलिस चौकी प्रभारी सुनील राघव ने बताया कि फिलहाल इस तरह का मामला नहीं आया है। जानकारी आएगी तो पड़ताल की जाएगी। विशेषज्ञों की माने तो बच्चे की मौत को सीधे तौर पर बालम ककड़ी का इफेक्ट नहीं मान सकते। इसकी पैदावार में पेस्टीसाइट्स का उपयोग किया जाता है। हो सकता है कि परिवार ने खाने से पहले ककड़ी को अच्छी तरह धोया नहीं होगा। उल्टी-दस्त के कारण बच्चों के शरीर में पानी की कमी आ जाती है, इससे भी मौत हो सकती है। रखे ये सावधानीबालम ककड़ी या साधारण ककड़ी/खीरा खाने से पहले सावधानियां रखनी जरूरी है। ककड़ी का कच्चा फल जहरीला होता है, खाने से बीमार हो सकते हैं। ककड़ी को बेल से तोड़कर सीधे नहीं खाना चाहिए। ककड़ी पर कीट से बचाने के लिए जिन कीटनाशक का प्रयोग होता है, उनका असर 5 से 6 दिनों तक नहीं जाता है, ऐसे में किसान कीटनाशक का छिडकाव करने के 1 से 2 दिन में अगर फसल बेचते है तो यह खतरनाक साबित हो सकता है। जब भी आप ककड़ी ले उसे पानी से अच्छे से साफ कर ले और उसके छिलके उतार कर ही खाएं। गर्म पानी में नमक डालकर उसमें भी कुछ देर रख सकते है।रात में ककड़ी नहीं खानी चाहिए। इससे पाचन संबंधी समस्या हो सकती है। ककड़ी के सेवन के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए। ककड़ी को पकाने की सलाह नही ं दी जाती क्योंकि इसमें पानी ज्यादा मात्रा में होता है। भोजन के साथ ककड़ी खा रहे हैं तो ज्यादा मात्रा में न खाएं। बालम ककड़ी क्या है?बालम ककड़ी एक फल है। यह लौकी जैसी दिखती है। पकने पर अंदर से केसरिया रंग की हो जाती है। इसलिए इसे केसरिया बालम ककड़ी भी कहते हैं। यह स्वाद में हल्की मीठी होती है। इसमें पानी की भरपूर मात्रा होती है। रतलाम के सैलाना में सबसे ज्यादा उत्पादन होता है। इसके अलावा बालम ककड़ी की पैदावार सबसे ज्यादा झाबुआ और धार जिलों में होती है। सैलाना क्षेत्र में उगने वाली बालम ककड़ी का स्वाद और आकार सबसे अच्छा होता है। इसकी मांग देश में दूर – दूर तक है।