iPhone 17e लॉन्च: A19 चिप, MagSafe और 48MP कैमरा के साथ भारत में 64,900 रुपये से शुरू

Apple ने भारत में iPhone 17e लॉन्च किया। जानें A19 चिप, 48MP कैमरा, MagSafe सपोर्ट, 6.1-इंच OLED डिस्प्ले, स्टोरेज वेरिएंट और पूरी कीमत की डिटेल… नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। टेक दिग्गज Apple ने अपनी नई iPhone 17 सीरीज का सबसे किफायती मॉडल iPhone 17e भारत में लॉन्च कर दिया है। यह मॉडल पिछले साल आए iPhone 16e की जगह लेगा। कंपनी ने इस बार iPhone 17e को कई बड़े अपग्रेड्स के साथ पेश किया है, जिसमें लेटेस्ट A19 चिप, MagSafe सपोर्ट और Ceramic Shield 2 प्रोटेक्शन शामिल हैं। iPhone 17e की कीमत और वेरिएंट भारत में iPhone 17e की शुरुआती कीमत ₹64,900 रखी गई है। यह कीमत 256GB स्टोरेज वेरिएंट के लिए है। वहीं, 512GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत ₹84,900 है।यह स्मार्टफोन तीन कलर ऑप्शन — ब्लैक, सॉफ्ट पिंक और व्हाइट — में उपलब्ध होगा। iPhone 17e के स्पेसिफिकेशन और फीचर्स डिस्प्ले और डिजाइन iPhone 17e में 6.1 इंच का Super Retina XDR (OLED) डिस्प्ले दिया गया है, जिसका रेजोल्यूशन 1,170×2,532 पिक्सल है। इसमें 60Hz रिफ्रेश रेट और Ceramic Shield 2 प्रोटेक्शन मिलता है। फोन को IP68 रेटिंग दी गई है, जिससे यह पानी और धूल से सुरक्षित रहता है। प्रोसेसर और परफॉर्मेंस फोन में लेटेस्ट A19 चिप दी गई है, जिसमें 6-कोर CPU, 4-कोर GPU और 16-कोर Neural Engine शामिल है। डिवाइस 8GB रैम के साथ आता है और 256GB व 512GB स्टोरेज ऑप्शन में उपलब्ध है।यह स्मार्टफोन iOS 26 पर काम करेगा और इसमें Apple Intelligence फीचर्स के साथ एक्शन बटन भी दिया गया है। कैमरा सेटअप फोटोग्राफी के लिए iPhone 17e में 48MP का रियर कैमरा मिलता है, जो ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) सपोर्ट करता है। कंपनी का दावा है कि इसमें 2x ऑप्टिकल क्वालिटी जूम की सुविधा भी दी गई है।सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 12MP का TrueDepth फ्रंट कैमरा दिया गया है। हालांकि, इसमें Action Mode और Cinematic Video जैसे फीचर्स उपलब्ध नहीं हैं। बैटरी और चार्जिंग iPhone 17e में 20W वायर्ड चार्जिंग सपोर्ट मिलता है। इसके साथ ही 7.5W MagSafe वायरलेस चार्जिंग की सुविधा भी दी गई है, जो इस सेगमेंट में बड़ा अपग्रेड माना जा रहा है। कनेक्टिविटी फोन डुअल सिम (नैनो + eSIM) सपोर्ट के साथ आता है। कनेक्टिविटी फीचर्स में 5G, 4G LTE, Wi-Fi 6, Bluetooth 5.3, NFC, GPS, GLONASS, Galileo, BeiDou और NavIC शामिल हैं। क्या iPhone 17e है वैल्यू फॉर मनी? A19 चिप, 48MP कैमरा, MagSafe सपोर्ट और प्रीमियम डिजाइन के साथ iPhone 17e को कंपनी ने मिड-रेंज प्रीमियम सेगमेंट में उतारा है। अगर आप लेटेस्ट iPhone अनुभव चाहते हैं लेकिन Pro मॉडल पर ज्यादा खर्च नहीं करना चाहते, तो iPhone 17e एक मजबूत विकल्प बन सकता है।

भारत में जल्द एंट्री करेगा Apple Pay, बड़े बैंकों से तेज बातचीत

Apple Pay India launch update: Apple ICICI, HDFC और Axis Bank से बातचीत में, 2026 के मध्य तक भारत में Apple Pay लॉन्च होने की उम्मीद, UPI और कार्ड पेमेंट दोनों को मिलेगा सपोर्ट। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Apple Pay: क्यूपर्टिनो बेस्ड टेक दिग्गज Apple अब भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस Apple Pay लॉन्च करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी देश के प्रमुख बैंकों के साथ बातचीत कर रही है और 2026 के मध्य तक इसे लॉन्च करने की योजना बना रही है। ICICI, HDFC और Axis बैंक से बातचीत ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, Apple भारत में अपनी कॉन्टैक्टलेस पेमेंट सर्विस लॉन्च करने के लिए ICICI Bank, HDFC Bank और Axis Bank जैसे बड़े वित्तीय संस्थानों से बातचीत कर रही है। इसके अलावा कंपनी कार्ड नेटवर्क कंपनियों के साथ भी चर्चा में है। 2026 के मध्य तक लॉन्च का प्लान इंडस्ट्री सूत्रों के मुताबिक, Apple भारत के बड़े डिजिटल पेमेंट बाजार और युवा यूजर बेस को ध्यान में रखते हुए 2026 के मध्य तक Apple Pay लॉन्च कर सकती है। पहले इसके इस साल के आखिर तक लॉन्च होने की उम्मीद थी, लेकिन अब टाइमलाइन को पहले खिसकाने की तैयारी है। कार्ड पेमेंट से शुरुआत, बाद में UPI इंटीग्रेशन रिपोर्ट में कहा गया है कि Apple Pay शुरुआत में कॉन्टैक्टलेस कार्ड-बेस्ड पेमेंट को सपोर्ट करेगा। इसके बाद कंपनी धीरे-धीरे National Payments Corporation of India (NPCI) के Unified Payments Interface (UPI) को भी अपने प्लेटफॉर्म में शामिल करेगी। इसका मतलब है कि यूजर्स भविष्य में iPhone के जरिए UPI पेमेंट भी कर सकेंगे, जैसा कि अभी Google Pay और PhonePe में होता है। Visa और Mastercard से भी चल रही बातचीत Apple Pay को भारत में लाने के लिए Apple Visa और Mastercard जैसे ग्लोबल पेमेंट नेटवर्क के साथ भी फीस स्ट्रक्चर और पार्टनरशिप पर चर्चा कर रही है। RBI और रेगुलेटरी मंजूरी का इंतजार भारत में Apple Pay लॉन्च में देरी की सबसे बड़ी वजह रेगुलेटरी अप्रूवल है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी को Reserve Bank of India (RBI)और अन्य नियामक संस्थाओं की मंजूरी का इंतजार है। Google Pay, PhonePe और Amazon Pay से होगा मुकाबला भारत में लॉन्च के बाद Apple Pay का मुकाबला देश के प्रमुख डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म जैसे PhonePe, BHIM UPI, Google Pay और Amazon Pay से होगा। हालांकि Apple अपनी सिक्योरिटी और प्रीमियम यूजर एक्सपीरियंस के दम पर बाजार में अलग पहचान बनाने की कोशिश करेगा। क्या बदलेगा यूजर्स के लिए?

गूगल सर्च में दिख रही पर्सनल जानकारी अब मिनटों में हटाएं

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। अगर Google सर्च में आपकी कोई संवेदनशील जानकारी, फोटो या आपत्तिजनक कंटेंट दिख रहा है, तो अब इसे हटाना पहले से कहीं आसान हो गया है। कंपनी ने एक नया टूल जारी किया है, जो यूजर्स को अपनी प्राइवेसी पर ज्यादा कंट्रोल देता है और आपत्तिजनक कंटेंट को रिपोर्ट करने की प्रक्रिया को बेहद सरल बनाता है। कैसे हटाएं गूगल सर्च से अपनी सेंसेटिव जानकारी अब यूजर्स सीधे सर्च रिजल्ट से ही अपनी जानकारी हटाने की रिक्वेस्ट कर सकते हैं। इसके लिए इन आसान स्टेप्स को फॉलो करें: रिक्वेस्ट सबमिट करने के बाद आप इसे “Results About You” सेक्शन में जाकर ट्रैक भी कर सकते हैं। एक साथ कई इमेज हटाने की सुविधा इस नए अपडेट की खास बात यह है कि अब यूजर एक ही रिक्वेस्ट में कई इमेज या लिंक रिपोर्ट कर सकता है। पहले हर लिंक के लिए अलग-अलग आवेदन करना पड़ता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया तेज और आसान हो गई है। रिक्वेस्ट मंजूर होने के बाद क्या होगा अगर आपकी रिक्वेस्ट मंजूर हो जाती है, तो एक खास फीचर इनेबल किया जा सकता है, जिससे भविष्य में आपके नाम से जुड़ी अन्य संवेदनशील जानकारी भी सर्च रिजल्ट में अपने आप फिल्टर हो जाएगी। यह फीचर खासतौर पर एआई और डीपफेक कंटेंट के बढ़ते दुरुपयोग को देखते हुए लाया गया है। भारत सरकार ने भी कड़े किए नियम बढ़ते एआई जनरेटेड और डीपफेक कंटेंट को देखते हुए भारत सरकार ने भी सख्त कदम उठाए हैं। नए नियमों के तहत: ये नियम 20 फरवरी से लागू हो चुके हैं। यूजर्स के लिए क्यों जरूरी है यह अपडेट यह नया फीचर उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है, जिनकी निजी जानकारी या फोटो बिना अनुमति के इंटरनेट पर मौजूद हैं। अब यूजर्स आसानी से अपनी डिजिटल पहचान को सुरक्षित रख सकते हैं और ऑनलाइन प्राइवेसी पर ज्यादा नियंत्रण पा सकते हैं।

Sanchar Saathi App: संचार साथी ऐप का प्री-इंस्टॉलेशन नियम खत्म: सरकार ने कहा—यूजर्स की बढ़ती स्वीकार्यता से लिया फैसला

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Sanchar Saathi App: केंद्र सरकार ने Sanchar Saathi App को लेकर जारी विवादों के बीच बड़ा फैसला लेते हुए स्मार्टफोन्स में इसके प्री-इंस्टॉलेशन की अनिवार्यता को वापस ले लिया है। दूरसंचार मंत्रालय ने एक्स पोस्ट के जरिए यह जानकारी देते हुए साफ किया कि ऐप का उद्देश्य केवल साइबर सुरक्षा बढ़ाना है और अब उपयोगकर्ता अपनी इच्छा से इसे डाउनलोड व अनइंस्टॉल कर सकते हैं। सरकार बोली—ऐप की स्वीकार्यता बढ़ रही, इसलिए हटाई अनिवार्यता मंत्रालय ने कहा कि संचार साथी ऐप पूरी तरह सुरक्षित है और इसका मकसद लोगों को फ्रॉड कॉल, स्कैम और ऑनलाइन अपराधों से बचाना है। सरकार के अनुसार, ऐप की बढ़ती लोकप्रियता को देखने के बाद इसे प्री-इंस्टॉल करने की बाध्यता हटाने का निर्णय लिया गया। एपल ने जताई थी आपत्ति 28 नवंबर को जारी निर्देशों के बाद Apple ने सरकार के आदेश का पालन करने से इनकार किया था।कंपनी ने कहा था कि ऐप का प्री-इंस्टॉलेशन iPhone यूजर्स की प्राइवेसी के लिए खतरा बन सकता है। Apple ने रॉयटर्स से कहा था कि वे अपनी चिंताएं सरकार के सामने रखेंगे। सरकार ने विपक्ष के आरोपों को बताया बेबुनियाद प्री-इंस्टॉलेशन के आदेश के बाद संसद में राजनीतिक घमासान मच गया था। दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा में कहा कि संचार साथी ऐप से किसी भी तरह की जासूसी संभव नहीं है। यह ऐप सिर्फ जन सुरक्षा के लिए बनाया गया है। 1.4 करोड़ लोगों ने ऐप किया डाउनलोड सरकार के मुताबिक: यह ऐप के प्रति बढ़ते भरोसे और जागरूकता को दर्शाता है। संचार साथी ऐप क्यों है चर्चा में?

WhatsApp New Rules 2025: बिना एक्टिव SIM नहीं चलेगा WhatsApp, वेब यूजर्स के लिए हर 6 घंटे में ऑटो लॉगआउट अनिवार्य

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। WhatsApp New Rules 2025:भारत सरकार मैसेजिंग ऐप्स के लिए साइबर सुरक्षा नियमों को और सख्त करने जा रही है। Telecommunication Cybersecurity Amendment Rules, 2025 के तहत अब WhatsApp सहित सभी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को एक्टिव SIM आधारित वेरिफिकेशन सिस्टम अपनाना होगा। नए नियम लागू होने के बाद WhatsApp उसी डिवाइस पर चलेगा जिसमें एक्टिव सिम कार्ड लगा होगा। बिना एक्टिव SIM नहीं चलेगा WhatsApp अब तक WhatsApp एक बार वेरिफिकेशन के बाद बिना किसी दोबारा जांच के चलता था, भले ही सिम फोन में हो या न हो।लेकिन नए नियमों के बाद ऐप को लगातार यह जांचना होगा कि सिम: अगर सिम हटाया गया, निष्क्रिय हुआ या बदल दिया गया तो WhatsApp तुरंत बंद हो जाएगा। WhatsApp Web पर हर 6 घंटे में होगा ऑटो लॉगआउट सरकार WhatsApp Web और Desktop App के लिए भी सिक्योरिटी बढ़ा रही है।प्रस्तावित नियमों के अनुसार: सरकार का मानना है कि इससे पब्लिक या ऑफिस कंप्यूटर पर खाते के दुरुपयोग को रोका जा सकेगा। सभी मैसेजिंग ऐप्स पर लागू होगा नियम यह नियम सिर्फ WhatsApp पर नहीं, बल्कि इन पर भी लागू होगा: सभी प्लेटफॉर्म्स को 90 दिनों के अंदर एक्टिव SIM लिंकिंग सिस्टम लागू करना होगा। सरकार नए नियम क्यों ला रही है? डिजिटल फ्रॉड, फर्जी प्रोफाइल और ऑनलाइन स्कैम में तेजी आने के कारण सरकार साइबर सुरक्षा मजबूत करना चाहती है।सरकार का मानना है कि: Cellular Operators Association of India (COAI) के अनुसार मोबाइल नंबर भारत में सबसे भरोसेमंद पहचान है, इसलिए इसे सुरक्षा ढांचे का हिस्सा बनाया जा रहा है। कौन से यूजर्स होंगे सबसे ज्यादा प्रभावित? भारत में 50 करोड़ से अधिक WhatsApp यूजर्स हैं।नियम लागू होने के बाद परेशानी इन यूजर्स को हो सकती है: क्या नए नियम वास्तव में असरदार होंगे? एक्सपर्ट्स की राय मिश्रित है।कुछ कहते हैं: लेकिन कई विशेषज्ञ मानते हैं: आगे क्या? WhatsApp सहित सभी ऐप्स को नए नियम लागू करने के लिए 90 दिनों का समय दिया गया है।अगर सब कुछ समय पर लागू हुआ तो:

MP News: MP e-Seva Portal: एक क्लिक पर 56 विभागों की 1700 सेवाएं, मध्यप्रदेश ने बढ़ाया डिजिटल गवर्नेंस का कदम

भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए “एमपी ई-सेवा पोर्टल और मोबाइल ऐप” की शुरुआत की है। यह पोर्टल नागरिकों को 56 विभागों की 1700 से अधिक सरकारी सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है। इसका उद्देश्य है—सुगम, सुरक्षित और स्मार्ट शासन को हर नागरिक तक पहुंचाना। मुख्यमंत्री का विजन: Digital Madhya Pradesh मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि “एमपी ई-सेवा पोर्टल” नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर से मुक्ति दिलाने वाला प्रभावी माध्यम है। अब कोई भी व्यक्ति अपनी ज़रूरत की सेवा के लिए न केवल ऑनलाइन आवेदन कर सकता है, बल्कि उसकी स्थिति को ट्रैक भी कर सकता है। क्यों खास है MP e-Seva? सुविधाएं विवरण उपलब्ध सेवाएं 1700 से भी अधिक शामिल विभाग. 56 सरकारी विभाग आवेदन प्रक्रिया. 100% ऑनलाइन पोर्टल + ऐप. दोनों माध्यम उपलब्ध लाभ समय की बचत, पारदर्शिता, भ्रष्टाचार में कमी भविष्य का लक्ष्य- एआई आधारित सेवाएं और ग्राम स्तर तक पहुँच कैसे करें उपयोग?

Chat Gpt: अब एक साल तक फ्री में लें ChatGPT Go! जानिए पूरा आसान तरीका

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Chat Gpt: अगर आप ChatGPT का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए खुशखबरी है। OpenAI ने ChatGPT Go सब्सक्रिप्शन अब सभी यूजर्स के लिए एक साल तक बिल्कुल फ्री कर दिया है। पहले इस प्लान की कीमत ₹399 प्रति माह यानी करीब ₹4,788 सालाना थी, लेकिन अब इसे बिना किसी चार्ज के एक्टिवेट किया जा सकता है। ChatGPT Go फ्री में कैसे एक्टिवेट करें? (Step-by-Step गाइड) 1. अपने मोबाइल/लैपटॉप में ChatGPT की वेबसाइट या ऐप ओपन करें। 2. ChatGPT अकाउंट में लॉगिन करें (Google ID से भी कर सकते हैं)। 3. ऊपर दिए गए प्रोफाइल आइकन पर टैप करें। 4. Upgrade your plan  ऑप्शन को सेलेक्ट करें। 5. अब ChatGPT Go प्लान चुनकर एक्टिवेट करें। 6. स्क्रीन पर दिख रहे इंस्ट्रक्शन्स को फॉलो करें। 7. बस! आपका ChatGPT Go प्लान एक साल तक फ्री के लिए ऑन हो जाएगा। ChatGPT Go सब्सक्रिप्शन से क्या फायदे मिलेंगे? * GPT-5 मॉडल का एक्सटेंडेड एक्सेस  जिससे बेहतर और एडवांस जवाब मिलते हैं। * लंबे प्रॉम्प्ट्स और बड़े रिस्पॉन्सेस टाइप करने की सुविधा। * इमेज जनरेशन और फाइल एनालिसिस  जैसे खास क्रिएटिव टूल्स का इस्तेमाल। * Python-बेस्ड डेटा एनालिसिस टूल्स, जो प्रोफेशनल और एडवांस यूजर्स के लिए बेहद उपयोगी हैं। * पर्सनलाइज्ड मेमोरी फीचर, जो आपकी चैट हिस्ट्री याद रखकर बेहतर जवाब देता है। * सबसे बड़ी बात – ये सब फिलहाल पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध है।

New UPI Rules: 1 अप्रैल से बदलेंगे बैंकिंग और टैक्स से जुड़े ये नियम, जेब पर पड़ेगा असर

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। New UPI Rules: 1 अप्रैल 2025 से नया वित्तीय वर्ष शुरू होने जा रहा है और इसके साथ ही कई बैंकिंग, यूपीआई, एटीएम, टैक्स और निवेश से जुड़े नियमों में बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों का असर आम ग्राहकों से लेकर निवेशकों तक सभी पर पड़ेगा। अगर आप बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करते हैं या शेयर बाजार व म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं, तो इन नियमों की जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है।    एटीएम से पैसे निकालने के नियम बदले   भारतीय रिजर्व बैंक के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, अब ग्राहक दूसरे बैंक के एटीएम से सिर्फ तीन बार मुफ्त ट्रांजैक्शन कर सकेंगे। इसके बाद हर अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर 20 से 25 रुपये का शुल्क लगेगा।   बचत खाते में मिनिमम बैलेंस जरूरी   बैंकों ने मिनिमम बैलेंस को लेकर भी नए नियम लागू किए हैं। अगर आपके खाते में न्यूनतम बैलेंस नहीं होगा, तो जुर्माना देना पड़ेगा। यह जुर्माना बैंक, खाता प्रकार और ब्रांच लोकेशन जैसे मेट्रो, शहरी और ग्रामीण के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।    यूपीआई ट्रांजैक्शन से जुड़े नए नियम   अगर आपका यूपीआई खाता लंबे समय से निष्क्रिय है, तो बैंक उसे डीएक्टिवेट कर देगा। यूपीआई का लगातार उपयोग न करने वाले ग्राहकों को नया रजिस्ट्रेशन करना पड़ सकता है।    पॉजिटिव पे सिस्टम लागू होगा   50 हजार रुपये से अधिक के चेक जारी करने पर ग्राहकों को बैंक को पहले से जानकारी देनी होगी। बैंक चेक जारी करने वाले से डिटेल वेरिफाई करेगा, जिससे धोखाधड़ी रोकी जा सके।    क्रेडिट कार्ड से मिलने वाले फायदे कम होंगे   एसबीआई सिम्प्ली क्लिक कार्ड पर स्विगी रिवॉर्ड पांच गुना से घटाकर आधा कर दिया जाएगा। एयर इंडिया सिग्नेचर कार्ड पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट 30 से घटाकर 10 कर दिए जाएंगे। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने क्लब विस्तारा माइलस्टोन बेनेफिट्स को खत्म करने का फैसला किया है।   टैक्स नियमों में बदलाव   नया टैक्स सिस्टम लागू हो गया है। यदि आपने पुराने सिस्टम 80सी बेनिफिट्स का चयन नहीं किया, तो आप नए सिस्टम में अपने आप शामिल हो जाएंगे। पैन को आधार से लिंक नहीं करने पर डिविडेंड और कैपिटल गेन पर अधिक टीडीएस कटेगा।   डीमैट और म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए नया नियम   सभी डीमैट और म्यूचुअल फंड निवेशकों को केवाईसी और नॉमिनी डिटेल्स फिर से वेरिफाई करनी होंगी। केवाईसी अपडेट नहीं करने पर अकाउंट फ्रीज हो सकता है।   डिजिटल बैंकिंग में एआई और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन   बैंकों में डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने के लिए एआई बैंकिंग असिस्टेंट और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन की शुरुआत की जा रही है। इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोका जा सकेगा और ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।    क्या करें   एटीएम से निकासी सीमा का ध्यान रखें, ताकि अतिरिक्त शुल्क न देना पड़े। अपने यूपीआई खाते को निष्क्रिय होने से बचाने के लिए समय-समय पर ट्रांजैक्शन करें। अगर आप क्रेडिट कार्ड से शॉपिंग करते हैं, तो रिवॉर्ड पॉलिसी के बदलावों की जानकारी लें। पैन-आधार लिंकिंग सुनिश्चित करें, वरना आपका डिविडेंड और टैक्स रिफंड अटक सकता है। अपने डीमैट और म्यूचुअल फंड अकाउंट को अपडेट रखें, वरना निवेश अटक सकता है।  

PF Withdrawal Process: EPFO मेंबर्स के लिए बड़ी राहत: अब ATM और UPI से निकाल सकेंगे PF का पैसा, जून से मिलेगी सुविधा

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PF Withdrawal Process: EPFO मेंबर्स के लिए बड़ी खुशखबरी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन जल्द ही अपने मेंबर्स को ATM और UPI के जरिए PF विड्रॉल की सुविधा देने जा रहा है। इससे EPFO मेंबर्स अपने PF अकाउंट से सीधे 1 लाख रुपए तक की निकासी कर सकेंगे। इस सुविधा को मई के अंत या जून की शुरुआत तक लागू किए जाने की उम्मीद है।   श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव सुमिता डावरा ने बुधवार को इस नई सुविधा की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि EPFO सब्सक्राइबर्स को एक खास EPFO विड्रॉल कार्ड मिलेगा, जिससे वे ATM से आसानी से पैसे निकाल सकेंगे। वहीं, UPI के जरिए मेंबर्स अपना PF बैलेंस भी चेक कर पाएंगे और सीधे अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर सकेंगे।   PF निकालने की नई प्रक्रिया क्या होगी   1. EPFO विड्रॉल कार्ड – EPFO अपने सब्सक्राइबर्स को एक विशेष ATM कार्ड जारी करेगा, जिसे मेंबर्स अपने PF अकाउंट से लिंक कर सकेंगे। यह कार्ड किसी भी ATM में इस्तेमाल किया जा सकेगा।   2. UPI से निकासी – EPFO मेंबर्स अपने PF अकाउंट को UPI से लिंक कर सकेंगे। इसके बाद वे UPI ऐप के जरिए अपने PF अकाउंट से बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर पाएंगे।   PF निकासी के मौजूदा नियम   – नौकरी जाने पर PF निकासी – यदि किसी मेंबर की नौकरी चली जाती है, तो वह एक महीने बाद अपने PF अकाउंट से 75 प्रतिशत रकम निकाल सकता है। बाकी 25 प्रतिशत राशि दो महीने बाद निकाली जा सकती है।   – इनकम टैक्स नियम     – यदि कर्मचारी ने पांच साल की सेवा पूरी कर ली है, तो PF निकासी पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।     – यदि पांच साल से पहले 50,000 रुपए से ज्यादा की निकासी की जाती है, तो 10 प्रतिशत TDS देना होगा।     – यदि कर्मचारी के पास पैन कार्ड नहीं है, तो 30 प्रतिशत TDS कटेगा।     – फॉर्म 15G या 15H भरने पर TDS से छूट मिल सकती है।   नई सुविधा क्यों जरूरी है   वर्तमान में EPFO मेंबर्स को ऑनलाइन क्लेम प्रोसेस में दो हफ्ते तक का समय लग जाता है। ATM और UPI के जरिए निकासी की सुविधा से यह प्रक्रिया काफी तेज और आसान हो जाएगी।   EPFO की इस नई सुविधा से करोड़ों कर्मचारियों को राहत मिलेगी। अब उन्हें PF का पैसा निकालने के लिए लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा, बल्कि सीधे ATM और UPI के माध्यम से फंड ट्रांसफर कर सकेंगे। 

Ranveer Allahbadia OR BeerBiceps: मशहूर YouTuber के दोनों YouTube चैनल हैक, सभी वीडियो हटाए, क्या होगा आगे!

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। भारत के प्रमुख YouTuber और डिजिटल Influencer रणवीर अल्लाहबादिया के दोनों YouTube चैनल्स BeerBiceps और Ranveer Allahbadia को हैकर्स ने हैक कर लिया है। हैकर्स ने उनके चैनलों का नाम बदलकर ‘@Tesla.event.trump_2024′ रख दिया। इतना ही नहीं उनके दूसरे चैनल ‘बीयर बाइसेप्स’ का नाम ‘@Elon.trump.tesla_live202 कर दिया और सभी वीडियो डिलीट कर दिए हैं। इस घटना के बाद, चैनल्स पर एक फर्जी लाइवस्ट्रीम की गई जिसमें एक AI-जनरेटेड एलन मस्क नज़र आ रहे थे, जो लोगों से क्रिप्टोक्यूरेंसी में निवेश करने के लिए कह रहे थे। यह लाइवस्ट्रीम लोगों को उनके निवेश पर दोगुना लाभ का झूठा वादा कर रही थी। YouTube ने रणवीर के दोनों चैनलों को तुरंत प्लेटफ़ॉर्म से हटा दिया। शुरुआत में, जब इन चैनलों को सर्च किया गया, तो YouTube ने जानकारी दी कि यह चैनल कंपनी की नीतियों के खिलाफ थे, इसलिए इन्हें हटाया गया। अब, इन चैनलों को खोजने पर एक संदेश आता है जिसमें लिखा होता है, “यह पेज नहीं मिल रहा है, कृपया कुछ और सर्च करें।” खुद दी जानकारी, करियर की चिंता!दोनों चैनल्स से सभी इंटरव्यू और पॉडकास्ट डिलीट हुए और फिर अब ये दोनों ही चैनल्स यूट्यूब से डिलीट किए जा चुके हैं। इस बात की जानकारी खुद रणवीर अल्लाहबादिया ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से दी है। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम की स्टोरी पर बर्गर और फ्राइज की एक तस्वीर शेयर कर लिखा, ‘मेरे दो मेन चैनलों को हैक किए जाने का जश्न मेरे पसंदीदा खाने के साथ मना रहा हूं। शाकाहारी बर्गर। बीयर बाइसेप्स की मौत मिली डाइट की मौत से। मुंबई वापस आ गया हूं।’ इसके बाद उन्होंने अपनी अगली इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपनी एक तस्वीर शेयर की है। इस फोटो में वो आंखों पर स्लीपिंग मास्क लगाए हुए स्माइल करते हुए नजर आ रहे हैं। इसे शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, ‘क्या ये मेरे यूट्यूब करियर का अंत है? आप सबको जानकर अच्छा लगा।’ बता दें, रणवीर अल्लाहबादिया और उनकी टीम इस मामले को सुलझाने की कोशिश कर रही है। ये लोग यूट्यूब से कॉन्टेक्ट में हैं और चैनल को वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट का चैनल हुआ था हैक, चिंता बढ़ीकुछ दिनों पहले सुप्रीम कोर्ट का YouTube चैनल भी इसी प्रकार हैक हुआ था, जिससे यह अंदेशा है कि हालिया घटनाओं के पीछे भी वही साइबर अपराधी हो सकते हैं। रणवीर अल्लाहबादिया, जिन्हें ‘BeerBiceps’ के नाम से भी जाना जाता है, भारत में अपने स्वास्थ्य, फिटनेस, और मोटिवेशनल कंटेंट के लिए प्रसिद्ध हैं। उनके हैक हुए चैनलों में ‘BeerBiceps’ और ‘The Ranveer Show’ शामिल हैं, जो डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर काफी लोकप्रिय थे। यह घटना डिजिटल सिक्योरिटी पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है और YouTubers तथा अन्य कंटेंट क्रिएटर्स को अपने अकाउंट्स की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।