CJP ने खत्म किया आंदोलन, सरकार से बनी सहमति; FIR वापस होंगी, चार हफ्ते बाद फिर होगी बैठक

CJP: केंद्र सरकार और CJP के बीच सहमति बनने के बाद आंदोलन समाप्त हो गया। सरकार ने प्रमुख मांगें मान लीं, FIR वापस लेने और चार हफ्ते बाद फिर बैठक का आश्वासन दिया। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। CJP: केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच जारी टकराव आखिरकार समाप्त हो गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संविधान क्लब में हुई अहम बैठक में दोनों पक्षों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी। इसके बाद CJP ने जंतर-मंतर पर चल रहा अपना आंदोलन आधिकारिक रूप से समाप्त करने की घोषणा कर दी। संयुक्त प्रेस वार्ता में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और CJP प्रतिनिधियों ने बातचीत के नतीजों की जानकारी साझा की। आंदोलनकारी संगठन ने कहा कि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है और आगे की प्रक्रिया तय समयसीमा में पूरी की जाएगी। आंदोलन समाप्त होने की घोषणा के साथ CJP नेताओं ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक अपने-अपने घर लौटने की अपील की। साथ ही प्रशासनिक सुधारों पर आगे भी संवाद जारी रखने पर सहमति बनी है। CJP की किन मांगों पर बनी सहमति? बैठक के बाद CJP प्रतिनिधि सौरव दास ने बताया कि उनकी पहली प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थी, जो पूरी हो चुकी है। दूसरी बड़ी मांग देशभर में आंदोलन से जुड़े प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर को वापस लेने की थी। सरकार ने इस पर भी सहमति जताई है। सरकार ने क्या आश्वासन दिया? सरकार की ओर से भरोसा दिलाया गया कि— पांच सूत्रीय मांग पत्र पर भी बनी सहमति बैठक के दौरान CJP द्वारा सरकार को सौंपे गए पांच सूत्रीय मांग पत्र पर भी सकारात्मक चर्चा हुई। दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि प्रशासनिक सुधारों से जुड़े विषयों पर विस्तृत बातचीत के लिए चार सप्ताह के भीतर एक और बैठक आयोजित की जाएगी। संयुक्त प्रेस वार्ता में क्या बोले जेपी नड्डा? केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल के साथ सभी मुद्दों पर सकारात्मक और रचनात्मक चर्चा हुई है। उन्होंने दोहराया कि सरकार किसी भी प्रकार की बदले की कार्रवाई नहीं करेगी। मुआवजे के सवाल पर उन्होंने कहा कि जिन लोगों को नुकसान हुआ है, उनके प्रति सरकार पूरी संवेदनशीलता रखती है। नियमों के अनुसार अधिकतम संभव सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।

CJP Protest: 26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, जेपी नड्डा ने पिलाया जूस; पीएम मोदी बोले- जल्द स्वस्थ हों

CJP Protest:सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। पीएम मोदी ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। CJP Protest: करीब 26 दिनों तक चले लंबे अनशन के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार देर रात अपना उपवास समाप्त कर दिया। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती वांगचुक को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। अनशन समाप्त होने के कुछ ही समय बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनम वांगचुक के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने डॉक्टरों की सलाह का पालन करने और जल्द पुराना वजन प्राप्त करने की शुभकामनाएं भी दीं। लंबे समय तक चले इस आंदोलन के खत्म होने के बाद अब सरकार और आंदोलनकारियों के बीच औपचारिक बातचीत आगे बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। 26 दिन बाद खत्म हुआ अनशन सोनम वांगचुक ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों और लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अपना 26 दिनों का अनशन समाप्त किया। उन्होंने लिखा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात की या पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था। लंबी बातचीत और देश में संभावित तनाव की आशंका को देखते हुए उन्होंने यह निर्णय लिया। पीएम मोदी ने क्या कहा? अनशन समाप्त होने की जानकारी मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह सोनम वांगचुक से आग्रह करते हैं कि डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या अपनाएं और जल्द अपना पुराना वजन वापस प्राप्त करें। उन्होंने उनके अच्छे स्वास्थ्य की भी कामना की। डॉक्टरों की निगरानी में रहेंगे सोनम वांगचुक लगातार 26 दिनों तक उपवास रहने के कारण उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ा है। डॉक्टरों के अनुसार उन्हें कुछ समय तक अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम अब उन्हें चरणबद्ध तरीके से सामान्य आहार देना शुरू करेगी ताकि शरीर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट सके। वांगचुक ने हिंसा से दूर रहने की अपील की अपने संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा कि विभिन्न शर्तों पर लंबी बातचीत के बाद उन्होंने अनशन समाप्त करने का फैसला लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि वह जल्द एक वीडियो जारी कर पूरी प्रक्रिया और शर्तों की जानकारी देंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी परिस्थिति में हिंसा का रास्ता न अपनाएं और शांति बनाए रखें। प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश के बाद आया फैसला अनशन समाप्त होने से कुछ समय पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो संदेश सामने आया था, जिसमें उन्होंने परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार की कार्रवाई का उल्लेख किया। इसके बाद देर रात सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त करने की जानकारी सामने आई। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच किसी आधिकारिक कारण-परिणाम संबंध की पुष्टि नहीं की गई है। आगे क्या हो सकता है? अनशन समाप्त होने के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि सरकार और लद्दाख से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच लंबित मुद्दों पर औपचारिक वार्ता तेज होगी। यदि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो आंदोलन से जुड़े कई मुद्दों के समाधान का रास्ता खुल सकता है।

DA Hike: सरकार ने बढ़ाया महंगाई भत्ता, GAIL, BHEL, NTPC, IRCTC समेत 32+ सरकारी कंपनियों के कर्मचारियों की बढ़ेगी सैलरी

DA Hike: केंद्र सरकार ने CPSE कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (IDA) बढ़ाने का ऐलान किया है। GAIL, BHEL, NTPC, ONGC, IRCTC समेत 32+ सरकारी कंपनियों के कर्मचारियों को मिलेगा लाभ। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। DA Hike: महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे लाखों कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (CPSE) के अधिकारियों और गैर-यूनियन पर्यवेक्षकों के लिए इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA) की नई दरें जारी कर दी हैं। नई दरों के लागू होने से विभिन्न सरकारी कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों की मासिक आय बढ़ जाएगी। लोक उद्यम विभाग (Department of Public Enterprises) द्वारा जारी आदेश के अनुसार महंगाई भत्ते में संशोधन ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर किया गया है। इसका लाभ अलग-अलग वेतनमान वाले कर्मचारियों को मिलेगा। हालांकि यह बढ़ोतरी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के नियमित DA से अलग है। यह केवल CPSE के उन अधिकारियों और गैर-यूनियन कर्मचारियों पर लागू होगी, जो संबंधित IDA वेतनमान के अंतर्गत आते हैं। किन कर्मचारियों को मिलेगा बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ? सरकार ने चार अलग-अलग वेतनमान के अंतर्गत आने वाले CPSE कर्मचारियों के लिए नई DA/IDA दरें लागू की हैं। किन सरकारी कंपनियों के कर्मचारियों को होगा फायदा? नई DA दरों का लाभ देश की प्रमुख महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न सरकारी कंपनियों के अधिकारियों एवं गैर-यूनियन पर्यवेक्षकों को मिलेगा। महारत्न कंपनियां नवरत्न कंपनियां प्रमुख मिनीरत्न कंपनियां सैलरी में कितना होगा इजाफा? महंगाई भत्ता बढ़ने का सीधा असर कर्मचारियों की कुल मासिक आय पर पड़ेगा। उदाहरण 1 यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹60,000 है और वह 2017 वेतनमान के अंतर्गत आता है, तो— उदाहरण 2 यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹15,000 है और वह 2007 वेतनमान के अंतर्गत आता है, तो— DA बढ़ाने का आधार क्या है? लोक उद्यम विभाग समय-समय पर ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस की समीक्षा करता है। महंगाई में बदलाव के अनुसार नई दरें तय की जाती हैं ताकि कर्मचारियों की क्रय शक्ति पर असर कम पड़े। महत्वपूर्ण जानकारी (Quick Facts)

PM Kisan Yojana की 24वीं किस्त से पहले बड़ा अपडेट, कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने संसद में दिया जवाब 

PM Kisan Yojana की 24वीं किस्त से पहले कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में साफ किया कि फिलहाल ₹6000 सालाना सहायता बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PM Kisan Yojana: देशभर के करोड़ों किसान PM Kisan Yojana 24th Installment का इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच संसद से इस योजना को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। लंबे समय से किसानों के बीच यह चर्चा थी कि सरकार पीएम किसान सम्मान निधि की सालाना सहायता राशि बढ़ा सकती है। अब इस पर केंद्र सरकार ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में लिखित जवाब देते हुए कहा कि फिलहाल पीएम किसान योजना के तहत मिलने वाली ₹6000 वार्षिक सहायता राशि बढ़ाने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। लोकसभा में पूछा गया था सहायता राशि बढ़ाने का सवाल लोकसभा में केरल से कांग्रेस सांसद बेनी बेहनन और CPI सांसद के. राधाकृष्णन ने पीएम किसान योजना को लेकर कई सवाल पूछे। इनमें सबसे अहम सवाल यह था कि क्या सरकार किसानों को मिलने वाली वार्षिक सहायता राशि ₹6000 से बढ़ाने पर विचार कर रही है? इसका जवाब देते हुए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट कहा कि सरकार के पास फिलहाल सहायता राशि बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। अभी किसानों को कितनी राशि मिलती है? वर्तमान व्यवस्था के अनुसार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को हर वर्ष ₹6000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। 24वीं किस्त पाने के लिए ये शर्तें पूरी करना जरूरी लोकसभा में पूछे गए एक अन्य सवाल के जवाब में कृषि मंत्री ने बताया कि पात्र किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। जरूरी शर्तें मंत्री ने कहा कि जिन किसानों का सत्यापन पूरा हो जाता है, उन्हें अगली किस्त का लाभ सीधे उनके बैंक खाते में भेज दिया जाता है। किन कारणों से किस्त रुक सकती है? यदि किसान की जानकारी रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती या जरूरी दस्तावेज पूरे नहीं हैं, तो किस्त मिलने में देरी हो सकती है। मुख्य कारण इस प्रकार हैं— किसानों को अभी क्या करना चाहिए? 24वीं किस्त का लाभ बिना किसी परेशानी के पाने के लिए किसान समय रहते अपनी जानकारी जांच लें। जरूरी चेकलिस्ट

अस्पताल से सोनम वांगचुक की सरकार को चिट्ठी, इन शर्तों पर अनशन खत्म करने को हुए तैयार

CJP Protest: अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने सरकार को पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने की शर्तें रखीं। छात्रों पर कार्रवाई न करने, मुआवजा और संसद में चर्चा की मांग की। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। CJP Protest: देशभर में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अस्पताल से केंद्र सरकार को एक अहम पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने साफ किया है कि यदि सरकार कुछ महत्वपूर्ण मांगों पर भरोसा देती है तो वह अपना अनशन समाप्त करने के लिए तैयार हैं। वांगचुक ने अपने पत्र में छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि आंदोलन में शामिल किसी भी युवा के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को पर्याप्त मुआवजा देने और संसद में पूरे मामले पर गंभीर चर्चा कराने की मांग भी दोहराई। उनकी यह चिट्ठी ऐसे समय आई है जब आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद भी इस मुद्दे पर सक्रिय नजर आ रहे हैं। JP नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात का किया जिक्र सोनम वांगचुक ने पत्र में बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने अस्पताल पहुंचकर उनसे मुलाकात की। उन्होंने दोनों नेताओं का धन्यवाद करते हुए लिखा कि बातचीत के दौरान सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि चर्चा में पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने, संसद में सार्थक बहस कराने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार जैसे मुद्दों पर भी बात हुई। ’20 जुलाई का चलो संसद मार्च शांतिपूर्ण रहा’ अपने पत्र में वांगचुक ने 20 जुलाई को आयोजित चलो संसद मार्च का भी उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि पुलिस की सख्ती और बल प्रयोग के बावजूद प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया ने देखा कि युवा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहे थे। इसलिए आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ किसी भी प्रकार की प्रतिशोधात्मक कार्रवाई लोकतांत्रिक संस्थाओं में विश्वास को कमजोर करेगी। करीब 65 सांसदों ने की अनशन खत्म करने की अपील वांगचुक ने बताया कि केंद्रीय मंत्रियों की मुलाकात के बाद अलग-अलग राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने उन्हें पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कई सांसद उनसे मिलने भी आए और बाकी भी मिलने वाले हैं। सभी का मानना है कि देशहित में उन्हें स्वस्थ रहकर आगे भी काम करना चाहिए। “मैं जीना चाहता हूं, छात्रों के बीच लौटना चाहता हूं” पत्र में वांगचुक ने भावुक शब्दों में लिखा कि वह अपने छात्रों, शिक्षा और समाज के लिए किए जा रहे कार्यों के बीच वापस लौटना चाहते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह तभी संभव है जब उन युवाओं के साथ न्याय हो, जिनके लिए यह आंदोलन शुरू किया गया था। कब खत्म करेंगे अनशन? वांगचुक ने कहा कि यदि सरकार यह भरोसा देती है कि आंदोलन में शामिल युवाओं के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी और उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक पहल होगी, तो वह विश्वास के साथ अपना अनशन समाप्त कर देंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल उनकी व्यक्तिगत अपील नहीं बल्कि देश के लाखों छात्रों की अपेक्षाओं का सवाल है।

CJP Protest LIVE: जंतर-मंतर से उठी आवाज अब देशभर में गूंज रही

CJP Protest LIVE: जंतर-मंतर से शुरू हुआ CJP Protest अब कई राज्यों तक पहुंच गया है। संसद में विपक्ष का प्रदर्शन, राहुल गांधी की हिरासत और देशभर के ताजा अपडेट पढ़ें। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। CJP Protest LIVE: दिल्ली के जंतर-मंतर से शिक्षा व्यवस्था और कथित परीक्षा घोटालों के खिलाफ शुरू हुआ CJP Protest LIVE अब राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन का रूप ले चुका है। दिल्ली से लेकर पटना, जयपुर, भोपाल और अन्य शहरों तक विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। कई स्थानों पर कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ता आमने-सामने आए, जिससे तनाव की स्थिति बनी। संसद के मानसून सत्र के दौरान भी इस मुद्दे की गूंज सुनाई दी। विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद परिसर में पहुंचे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं, सरकार ने विपक्ष पर छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की घटनाएं भी सामने आईं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई। CJP Protest क्यों शुरू हुआ? आंदोलन की शुरुआत शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर हुई। प्रदर्शनकारी छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। कुछ ही दिनों में यह आंदोलन दिल्ली तक सीमित न रहकर कई राज्यों में फैल गया। संसद मार्च के दौरान क्या हुआ? प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कई स्थानों पर धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बनी। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों के बाद इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो गई। राहुल गांधी की हिरासत पर बढ़ी सियासत प्रदर्शनकारियों के समर्थन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मैदान में उतरे। विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी को पुलिस ने हिरासत में लिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। दूसरी ओर केंद्र सरकार का कहना है कि विपक्ष छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रहा है। संसद में भी गूंजा मुद्दा बुधवार को संसद परिसर में विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन करते नजर आए। मकर द्वार के बाहर आयोजित विरोध प्रदर्शन में कई विपक्षी नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा। उधर, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष पर छात्रों को भ्रमित करने और आंदोलन का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया। कई राज्यों में तेज हुआ प्रदर्शन दिल्ली के अलावा कई राज्यों में भी विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रमुख घटनाक्रम सरकार और विपक्ष के अलग-अलग दावे कांग्रेस का आरोप सरकार का पक्ष आंदोलन आगे क्या दिशा ले सकता है? आंदोलन से जुड़े आयोजकों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा। दूसरी ओर राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज होता दिख रहा है। FAQ 1. CJP Protest किस मुद्दे को लेकर हो रहा है? यह आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर किया जा रहा है। 2. राहुल गांधी को क्यों हिरासत में लिया गया? प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के बीच राहुल गांधी को हिरासत में लिया गया था। कांग्रेस ने इसे विरोध दबाने की कार्रवाई बताया है। 3. किन-किन राज्यों में प्रदर्शन हो रहे हैं? दिल्ली के अलावा पटना, जयपुर, भोपाल, अहमदाबाद समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। 4. संसद में क्या हुआ? विपक्षी सांसदों ने काले कपड़े पहनकर संसद परिसर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाया। 5. सरकार का इस मामले में क्या कहना है? सरकार का कहना है कि विपक्ष छात्रों के मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहा है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

Kisan Andolan News: दिल्ली मार्च रुका, सरकार ने बातचीत का दिया भरोसा

Kisan Andolan News: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे किसानों ने फिलहाल मार्च रोक दिया है। सरकार ने शिवराज सिंह चौहान के साथ 8–10 दिनों में बैठक कराने का भरोसा दिया। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Kisan Andolan News: भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में मंगलवार को पंजाब से बड़ी संख्या में किसान दिल्ली की ओर रवाना हुए। हालांकि शंभू, खनौरी और कुंडली बॉर्डर पर पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद सरकार और किसान नेताओं के बीच हुई बातचीत से आंदोलन में नया मोड़ आ गया। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि हरियाणा के कृषि मंत्री ने किसानों का ज्ञापन स्वीकार कर लिया है। साथ ही केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बैठक कराने का भरोसा भी दिया गया है। इस आश्वासन के बाद किसानों ने फिलहाल अपना दिल्ली मार्च रोकने का फैसला किया है। आंदोलन की अगली रणनीति अब प्रस्तावित बैठक और किसान नेताओं की रिहाई के बाद तय की जाएगी। किसान संगठनों का कहना है कि सरकार के अगले कदम पर उनकी आगे की रणनीति निर्भर करेगी। सरकार ने क्या भरोसा दिया? हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसान यूनियनों द्वारा सौंपा गया मांग पत्र सरकार को मिल गया है। इसे संबंधित अधिकारियों के पास विचार के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार एक सप्ताह से 10 दिनों के भीतर किसानों और केंद्र सरकार के बीच बैठक कराने का प्रयास करेगी। बैठक केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान या केंद्र सरकार द्वारा अधिकृत प्रतिनिधि के साथ कराई जा सकती है। सरवन सिंह पंधेर ने क्या कहा? किसान नेता सरवन सिंह पंधेर के अनुसार, किसान क्यों कर रहे हैं आंदोलन? किसानों का कहना है कि उनके आंदोलन का मुख्य कारण भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील है। उनका आरोप है कि यदि यह समझौता लागू होता है तो भारतीय कृषि क्षेत्र पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। किसानों की प्रमुख चिंताएं हैं— आगे क्या होगा? सरकार ने किसानों के मांग पत्र पर विचार करने और जल्द बैठक कराने का आश्वासन दिया है। दूसरी ओर किसान संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि बातचीत सकारात्मक रहती है तो आगे का निर्णय उसी आधार पर लिया जाएगा। फिलहाल दिल्ली मार्च स्थगित कर दिया गया है, लेकिन आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

मोबाइल रिचार्ज होगा महंगा! अगले 3–4 महीनों में 15% तक बढ़ सकते हैं Recharge Plan, जानें क्यों बढ़ेंगी कीमतें

मोबाइल रिचार्ज प्लान जल्द महंगे हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अगले 3–4 महीनों में टेलीकॉम कंपनियां 12 से 15% तक टैरिफ बढ़ा सकती हैं। जानें इसके पीछे की वजह और किस पर पड़ेगा असर। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। देशभर के करोड़ों मोबाइल यूजर्स के लिए आने वाले महीनों में बड़ा झटका लग सकता है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां अगले 3 से 4 महीनों के भीतर मोबाइल रिचार्ज प्लान की कीमतों में 12 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर सकती हैं। यदि ऐसा होता है तो प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों तरह के ग्राहकों को अपनी जेब और ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। मोबाइल रिचार्ज महंगा होने की क्या है वजह? ब्रोकरेज फर्म सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय टेलीकॉम बाजार में अब सीमित बड़ी कंपनियां ही बची हैं। प्रतिस्पर्धा कम होने और 4जी से 5जी नेटवर्क की ओर तेजी से बढ़ते ग्राहकों के कारण कंपनियों के लिए टैरिफ बढ़ाना आसान हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर नेटवर्क, बढ़ती डेटा खपत और 5जी सेवाओं के विस्तार के चलते कंपनियां अपनी आय बढ़ाने के लिए रिचार्ज प्लान महंगे कर सकती हैं। एआरपीयू में लगातार हो रही है बढ़ोतरी रिपोर्ट के मुताबिक, टेलीकॉम कंपनियों की औसत प्रति ग्राहक आय (ARPU) जून तिमाही में 1 से 1.5 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है। इसके पीछे प्रमुख कारण हैं— इन कारणों से कंपनियों की कमाई लगातार मजबूत होती दिखाई दे रही है। जियो और एयरटेल को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि बाजार हिस्सेदारी के मामले में रिलायंस जियो और भारती एयरटेल अपनी बढ़त बनाए रखेंगे। अनुमान के अनुसार— 5जी और ब्रॉडबैंड सेवाओं की मांग में तेजी रिपोर्ट के अनुसार, जियो और एयरटेल देश के 90 प्रतिशत से अधिक जिलों में 5जी सेवाएं उपलब्ध करा चुके हैं। अब कंपनियों का फोकस अधिक से अधिक 5जी स्मार्टफोन यूजर्स को अपने नेटवर्क से जोड़ने पर है। इसके अलावा 5जी आधारित फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) और ब्रॉडबैंड सेवाओं की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। वहीं, वोडाफोन आइडिया भी अपने 5जी नेटवर्क का विस्तार करते हुए लगभग 100 शहरों तक पहुंच चुकी है और कंपनी का एजीआर बकाया भी पहले की तुलना में कम हुआ है। क्या कहा गया है रिपोर्ट में? सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च का मानना है कि मौजूदा बाजार परिस्थितियों और सीमित प्रतिस्पर्धा को देखते हुए अगले कुछ महीनों में मोबाइल रिचार्ज प्लान 12 से 15 प्रतिशत तक महंगे हो सकते हैं। हालांकि, फिलहाल किसी भी टेलीकॉम कंपनी ने आधिकारिक तौर पर नई कीमतों की घोषणा नहीं की है।

EPFO में बड़ा बदलाव! पोर्टल से हटीं UAN की 2 अहम सेवाएं, अब सिर्फ UMANG ऐप से होगा ये जरूरी काम

EPFO ने अपने पोर्टल से UAN Activation और New UAN Generation की सुविधा हटा दी है। अब ये दोनों सेवाएं केवल UMANG ऐप के जरिए आधार आधारित Face Authentication के साथ उपलब्ध होंगी। जानिए पूरा प्रोसेस और क्या बदला है। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। EPFO: देशभर के करोड़ों ईपीएफ (EPF) खाताधारकों के लिए एक बड़ा बदलाव लागू हो गया है। EPFO (Employees’ Provident Fund Organisation) ने अपने पोर्टल के अपग्रेडेशन के बाद UAN (Universal Account Number) से जुड़ी दो महत्वपूर्ण ऑनलाइन सेवाओं को बंद कर दिया है। अब UAN Activation और New UAN Generation की सुविधा EPFO पोर्टल पर उपलब्ध नहीं होगी। इन दोनों सेवाओं को सरकार के UMANG ऐप पर शिफ्ट कर दिया गया है, जहां आधार आधारित Face Authentication अनिवार्य होगा। EPFO UAN सेवाओं में बड़ा बदलाव, अब पोर्टल पर नहीं होंगे ये काम एक सप्ताह तक चले डेटाबेस और सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन के बाद EPFO ने अपना पोर्टल दोबारा शुरू कर दिया है। हालांकि संस्था ने स्पष्ट किया है कि कुछ ऑनलाइन सेवाओं और क्लेम प्रोसेसिंग में शुरुआती दिनों में थोड़ी देरी हो सकती है। इसी दौरान EPFO ने बड़ा फैसला लेते हुए दो प्रमुख सेवाओं को अपनी वेबसाइट से हटा दिया है। अब सदस्य EPFO पोर्टल के माध्यम से न तो अपना UAN एक्टिवेट कर पाएंगे और न ही नया UAN जनरेट कर सकेंगे। क्या-क्या बदला? EPFO UAN अपडेट के मुख्य बदलाव UMANG ऐप से ऐसे करें UAN Activation अगर आपको अपना UAN एक्टिव करना है, तो अब यह प्रक्रिया UMANG ऐप के जरिए पूरी करनी होगी। स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस: नया UAN कैसे जनरेट करें? अब नया UAN बनाने की सुविधा भी केवल UMANG ऐप पर उपलब्ध होगी। प्रक्रिया इस प्रकार है: क्यों किया गया यह बदलाव? EPFO के अनुसार यह बदलाव बड़े डेटाबेस और सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन का हिस्सा है। इसका उद्देश्य ऑनलाइन सेवाओं को पहले से अधिक तेज, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है। आधार आधारित Face Authentication लागू होने से फर्जीवाड़े की संभावना भी कम होगी और सदस्य सत्यापन की प्रक्रिया अधिक सुरक्षित होगी।

WhatsApp Username Feature: अब बिना नंबर शेयर किए करें चैट! WhatsApp का बड़ा प्राइवेसी अपडेट, जानिए कैसे करेगा काम

WhatsApp Username Feature जल्द सभी यूजर्स के लिए रोलआउट होगा। अब बिना मोबाइल नंबर शेयर किए चैट कर सकेंगे। जानिए WhatsApp Username कैसे काम करेगा, इसके फायदे और इसे कैसे रिजर्व करें। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। WhatsApp Username Feature: अब मोबाइल नंबर शेयर करने की जरूरत नहीं WhatsApp अपने करोड़ों यूजर्स के लिए एक बड़ा प्राइवेसी अपडेट लेकर आया है। कंपनी ने WhatsApp Username Feature की घोषणा की है, जिसके बाद किसी नए व्यक्ति से बात करने के लिए अपना मोबाइल नंबर साझा करना जरूरी नहीं रहेगा। यूजर्स अब एक यूनिक यूज़रनेम के जरिए चैट कर सकेंगे, जिससे उनकी प्राइवेसी पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी। फिलहाल कंपनी ने यूज़रनेम रिजर्व करने की सुविधा शुरू की है, जबकि यह फीचर आने वाले महीनों में चरणबद्ध तरीके से दुनिया भर के यूजर्स के लिए रोलआउट किया जाएगा। WhatsApp Username Feature क्या है? अब तक WhatsApp पर किसी नए व्यक्ति से संपर्क करने के लिए मोबाइल नंबर साझा करना अनिवार्य था। लेकिन नए WhatsApp Username Feature के तहत यूजर्स अपना एक यूनिक Username बना सकेंगे। इसके बाद लोग उसी Username के जरिए उनसे संपर्क कर पाएंगे, बिना उनका फोन नंबर देखे। यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा जो अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखना चाहते हैं, जैसे कंटेंट क्रिएटर्स, फ्रीलांसर, बिजनेस यूजर्स और ऑनलाइन कम्युनिटी मैनेजर्स। कैसे करेगा काम नया Username फीचर? WhatsApp के मुताबिक, इस फीचर में किसी तरह की Public Directory या Search List नहीं होगी। यानी कोई भी व्यक्ति सिर्फ आपका नाम टाइप करके आपको खोज नहीं सकेगा। किसी नए व्यक्ति को आपसे संपर्क करने के लिए आपका सही Username पता होना जरूरी होगा। इससे अनचाहे मैसेज और स्पैम की संभावना काफी कम हो जाएगी। Username Key से मिलेगी अतिरिक्त सुरक्षा WhatsApp इस अपडेट के साथ Username Key नाम का एक अतिरिक्त सिक्योरिटी फीचर भी ला रहा है। अगर कोई यूजर इस फीचर को ऑन करता है, तो नए व्यक्ति को मैसेज भेजने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसका उद्देश्य स्पैम, फर्जी अकाउंट और अनजान लोगों के अनचाहे संदेशों से बचाव करना है। Instagram और Facebook वाला Username भी कर सकेंगे इस्तेमाल कंपनी ने बताया है कि कंटेंट क्रिएटर्स, बिजनेस और ऑर्गेनाइजेशन अपने Instagram या Facebook पर इस्तेमाल होने वाले Username को भी WhatsApp पर क्लेम कर सकेंगे। इससे सभी Meta प्लेटफॉर्म पर एक जैसी डिजिटल पहचान बनाए रखना आसान होगा। कैसे करें WhatsApp Username रिजर्व? अगर आपके फोन में WhatsApp का लेटेस्ट वर्जन मौजूद है, तो आप इन आसान स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं— फिलहाल यह सुविधा केवल Username रिजर्वेशन के लिए उपलब्ध है। फीचर पूरी तरह उपलब्ध होने पर WhatsApp ऐप के अंदर नोटिफिकेशन भेजकर जानकारी देगा। WhatsApp ने क्या कहा? WhatsApp का कहना है कि इस नए फीचर का उद्देश्य यूजर्स की प्राइवेसी को पहले से अधिक सुरक्षित बनाना है। कंपनी के अनुसार, बिना मोबाइल नंबर साझा किए सुरक्षित तरीके से बातचीत करने की सुविधा यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव साबित होगी।

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