AI Chatbots आपकी सोच और आदतों तक पढ़ रहे हैं? जानिए कितना जानते हैं आपके बारे में और कैसे रखें अपनी प्राइवेसी सुरक्षित

AI Chatbots आपकी बातचीत से आपकी आदतों, स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और व्यक्तित्व का अनुमान लगा सकते हैं। जानिए ChatGPT और Gemini की मेमोरी कैसे बंद करें। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। AI Chatbots: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित चैटबॉट्स अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। नौकरी, पढ़ाई, स्वास्थ्य, यात्रा, खरीदारी और ऑफिस के काम से जुड़े सवालों के लिए करोड़ों लोग ChatGPT, Gemini जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन जितनी तेजी से इनका उपयोग बढ़ रहा है, उतनी ही तेजी से प्राइवेसी को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट ने इस बहस को और तेज कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, AI चैटबॉट्स केवल आपके सवालों का जवाब नहीं देते, बल्कि समय के साथ आपकी बातचीत से आपके बारे में कई ऐसे अनुमान भी लगा लेते हैं, जो आपने कभी सीधे तौर पर उन्हें नहीं बताए होते। विशेषज्ञों का मानना है कि AI की मेमोरी और पर्सनलाइजेशन सुविधाएं उपयोगकर्ता को बेहतर अनुभव देती हैं, लेकिन यदि इन्हें समझदारी से इस्तेमाल न किया जाए तो यह आपकी निजी जानकारी से जुड़े जोखिम भी बढ़ा सकती हैं। AI Chatbots आपकी कौन-कौन सी बातें समझ सकते हैं? एक रिपोर्ट के अनुसार, न्यूयॉर्क टाइम्स के एक पत्रकार ने ChatGPT और Gemini से पूछा कि वे उसके बारे में क्या जानते हैं। जवाब में चैटबॉट्स ने उसकी पुरानी बातचीत के आधार पर कई ऐसे अनुमान बताए जो उसने कभी सीधे साझा नहीं किए थे। इनमें शामिल थे— यानी, AI केवल आपके शब्दों को नहीं पढ़ता बल्कि बातचीत के पैटर्न को भी समझने की कोशिश करता है। किन जानकारियों का अनुमान लगा सकते हैं AI Chatbots? 1. आर्थिक स्थिति अगर आप अक्सर किसी महंगी कार, गैजेट, निवेश या खरीदारी से जुड़े सवाल पूछते हैं तो AI आपकी संभावित आय या आर्थिक स्थिति का अनुमान लगा सकता है। 2. स्वास्थ्य संबंधी जानकारी बार-बार किसी बीमारी, दवा या इलाज से जुड़े सवाल पूछने पर AI यह समझ सकता है कि आपको किस तरह की स्वास्थ्य समस्या हो सकती है। 3. व्यक्तित्व और व्यवहार आप सवाल किस तरह पूछते हैं, कितनी बार जानकारी दोबारा मांगते हैं या किस तरह निर्णय लेते हैं—इन सबके आधार पर AI आपके व्यक्तित्व के बारे में अनुमान लगा सकता है। 4. जीवनशैली यात्रा, खानपान, काम करने के तरीके और रोजमर्रा की आदतों से जुड़े सवाल आपकी लाइफस्टाइल का संकेत दे सकते हैं। ChatGPT और Gemini में मेमोरी कैसे बंद करें? यदि आप नहीं चाहते कि AI भविष्य की बातचीत के लिए आपकी जानकारी याद रखे, तो यह विकल्प बंद किया जा सकता है। ChatGPT में इसके बाद ChatGPT नई बातचीत के लिए आपकी जानकारी याद नहीं रखेगा। Gemini में ऐसा करने पर Gemini आपकी बातचीत के आधार पर व्यक्तिगत जानकारी सहेजना और उसका उपयोग करना बंद कर देगा। इन सवालों से जान सकते हैं AI आपके बारे में क्या समझता है अगर आप यह जानना चाहते हैं कि AI ने आपकी बातचीत से क्या निष्कर्ष निकाले हैं, तो ये प्रश्न उपयोगी हो सकते हैं। AI इस्तेमाल करते समय रखें ये सावधानियां

Paper Leak Law 2026: 10 साल तक जेल, ₹10 करोड़ जुर्माना, जानें नए संशोधन बिल की हर बड़ी बात

Paper Leak Law 2026: पेपर लीक रोकने के लिए केंद्र सरकार ने नया संशोधन बिल पेश किया है। इसमें 10 साल तक की जेल, ₹10 करोड़ जुर्माना, STF और फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रस्ताव शामिल है। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Paper Leak Law 2026: देशभर में लगातार सामने आए पेपर लीक और परीक्षा घोटालों के मामलों के बाद केंद्र सरकार ने कानून को और सख्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026 संसद में पेश किया है। इस संशोधन का मकसद केवल पेपर लीक करने वालों को कड़ी सजा देना ही नहीं, बल्कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही भी तय करना है। प्रस्तावित बदलावों में जेल की अवधि बढ़ाने, भारी आर्थिक दंड लगाने और जांच प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। हालांकि, संसद के दोनों सदनों में जारी हंगामे के कारण इस विधेयक पर अभी विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी है। यदि यह संशोधन पारित होता है तो परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जाएगा। क्या है Paper Leak Law 2026? केंद्र सरकार ने पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 को और प्रभावी बनाने के लिए संशोधन प्रस्तावित किया है। नए बिल का उद्देश्य संगठित पेपर लीक नेटवर्क, परीक्षा माफिया और परीक्षा कराने वाली संस्थाओं की जिम्मेदारी तय करना है। सरकार का मानना है कि केवल दोषियों को सजा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और जवाबदेह बनाना भी जरूरी है। व्यक्तिगत नकल पर बढ़ेगी सजा 2024 के कानून में व्यक्तिगत स्तर पर नकल या अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर 3 से 5 साल तक की जेल और अधिकतम ₹10 लाख जुर्माने का प्रावधान था। प्रस्तावित बदलाव इसका उद्देश्य परीक्षा में धोखाधड़ी को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखना है। पेपर लीक गिरोहों पर होगी सख्त कार्रवाई संगठित तरीके से पेपर लीक कराने वाले नेटवर्क के खिलाफ भी सरकार ने सजा और आर्थिक दंड बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। नए बिल में प्रस्ताव पहले ऐसे मामलों में न्यूनतम 5 साल की जेल और ₹1 करोड़ जुर्माने का प्रावधान था। परीक्षा कराने वाली एजेंसियों की भी तय होगी जवाबदेही संशोधन बिल में परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों और सेवा प्रदाताओं के लिए भी कड़े प्रावधान जोड़े गए हैं। यदि कोई एजेंसी लापरवाही या मिलीभगत की दोषी पाई जाती है तो उस पर ₹5 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई का प्रस्ताव रखा गया है। STF करेगी जांच, दो महीने में पूरी करनी होगी प्रक्रिया नए बिल में पेपर लीक और परीक्षा से जुड़े अपराधों की जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) गठित करने का प्रस्ताव है। साथ ही जांच को लंबा खिंचने से रोकने के लिए दो महीने के भीतर जांच पूरी करने का लक्ष्य भी तय किया गया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट और स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर संशोधन बिल में परीक्षा संबंधी मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकारों को ऐसे मामलों की पैरवी के लिए एक या अधिक स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करने का अधिकार देने का प्रस्ताव भी शामिल है, ताकि अभियोजन प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सके। अपील की व्यवस्था भी होगी समयबद्ध प्रस्तावित बिल के अनुसार—

Tatkal Ticket: 1 अगस्त से बदलेगा तत्काल टिकट बुकिंग का नियम, अब बिना टोकन नहीं होगी एंट्री

Tatkal Ticket: 1 अगस्त से WCR के रिजर्वेशन काउंटरों पर तत्काल टिकट बुकिंग के लिए टोकन सिस्टम लागू होगा। जानें नए नियम, समय, प्राथमिकता और यात्रियों के लिए जरूरी जानकारी। न्यूज़ डेस्क। Tatkal Ticket: रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर से तत्काल टिकट बुक कराने वाले यात्रियों के लिए 1 अगस्त से नई व्यवस्था लागू होने जा रही है। वेस्ट सेंट्रल रेलवे (WCR) ने काउंटरों पर भीड़ कम करने और टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए टोकन सिस्टम शुरू करने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत अब यात्रियों को सीधे काउंटर पर लाइन लगाने के बजाय पहले निर्धारित समय पर टोकन लेना होगा। इसके बाद उसी क्रम में टिकट बुकिंग की जाएगी। रेलवे का मानना है कि इससे अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था पर काफी हद तक नियंत्रण मिलेगा। अगर आप भी अक्सर तत्काल टिकट के लिए रिजर्वेशन काउंटर का उपयोग करते हैं, तो नए नियमों और समय की जानकारी पहले से रखना जरूरी है। इससे टिकट बुकिंग के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। क्या है नया टोकन सिस्टम? 1 अगस्त से वेस्ट सेंट्रल रेलवे के सभी रिजर्वेशन काउंटरों पर तत्काल टिकट बुकिंग के लिए पहले टोकन जारी किए जाएंगे। यात्री अपने निर्धारित समय पर टोकन प्राप्त करेंगे और उसी क्रम में टिकट बुक कर सकेंगे। किस समय मिलेगा टोकन? AC तत्काल टिकट Sleeper (Non-AC) तत्काल टिकट हर काउंटर पर कितने टोकन मिलेंगे? रेलवे ने प्रत्येक रिजर्वेशन काउंटर के लिए टोकन की संख्या भी तय कर दी है। किन यात्रियों को मिलेगी प्राथमिकता? नई व्यवस्था के अनुसार सबसे पहले उन यात्रियों की टिकट बुक की जाएगी जो अपने लिए या अपने परिवार के सदस्य के लिए तत्काल टिकट बुक कराने आएंगे। जरूरत पड़ने पर यात्रियों को परिवार से संबंध साबित करने के लिए वैध दस्तावेज भी दिखाना पड़ सकता है। इसके बाद अन्य यात्रियों की टिकट बुकिंग की जाएगी। यात्रियों को क्या होगा फायदा? नई व्यवस्था लागू होने से कई सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। प्रमुख फायदे टिकट बुक कराने जाते समय क्या रखें साथ? तत्काल टिकट बुक कराने के लिए निम्न दस्तावेज और जानकारी पहले से तैयार रखें— इन जानकारियों के तैयार रहने से टिकट बुकिंग प्रक्रिया तेज होगी।

Gold Price Today: सप्ताह के पहले दिन फिर फिसला सोना, जानिए आपके शहर में आज क्या है 22 और 24 कैरेट का भाव

Gold Price Today: 27 जुलाई को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली, मुंबई, भोपाल समेत प्रमुख शहरों के 22 और 24 कैरेट गोल्ड के ताजा रेट यहां देखें  नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Gold Price Today: सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी 27 जुलाई को घरेलू बाजार में गोल्ड रेट में फिर गिरावट दर्ज की गई। इससे आभूषण खरीदने की योजना बना रहे लोगों को कुछ राहत मिली है। राजधानी दिल्ली सहित देश के कई बड़े शहरों में 22 और 24 कैरेट सोने के दाम नीचे आए हैं। दूसरी ओर चांदी की कीमत में भी नरमी देखने को मिली है। हालांकि, बीते सप्ताह की तुलना में दोनों कीमती धातुओं ने अच्छी बढ़त दर्ज की थी। Gold Price Today: प्रमुख शहरों में आज का सोने का भाव देश के अलग-अलग शहरों में आज 22 और 24 कैरेट सोने के दाम इस प्रकार हैं। दिल्ली में सोने का भाव राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरेट सोना ₹1,45,070 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,32,990 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। मुंबई और कोलकाता में गोल्ड रेट मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,44,920 प्रति 10 ग्राम है, जबकि 22 कैरेट सोना ₹1,32,840 प्रति 10 ग्राम बिक रहा है। भोपाल और अहमदाबाद में आज का रेट भोपाल और अहमदाबाद में 24 कैरेट गोल्ड ₹1,44,970 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड ₹1,32,890 प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध है। चेन्नई में सोने की कीमत चेन्नई में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,45,080 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,32,990 प्रति 10 ग्राम है। जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ का भाव इन तीनों शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,45,070 प्रति 10 ग्राम है, जबकि 22 कैरेट सोने का रेट ₹1,32,990 प्रति 10 ग्राम बना हुआ है। हैदराबाद और पुणे में गोल्ड रेट हैदराबाद और पुणे में 24 कैरेट सोना ₹1,44,920 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,32,840 प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिक रहा है। चांदी की कीमत में भी आई गिरावट सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली। सोमवार सुबह चांदी का भाव ₹2,39,900 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। हालांकि पिछले एक सप्ताह में चांदी करीब ₹10,000 प्रति किलो महंगी हुई थी। पिछले सप्ताह कैसा रहा बाजार? हालिया गिरावट के बावजूद पिछले सप्ताह सोने की कीमतों में अच्छी तेजी दर्ज की गई थी। पिछले सप्ताह का ट्रेंड अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतें केवल स्थानीय मांग और सप्लाई से तय नहीं होतीं। अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल भी इन पर बड़ा असर डालती है। डॉलर की चाल, वैश्विक आर्थिक स्थिति, ब्याज दरों और निवेशकों की खरीदारी जैसे कारक भी कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान

Bank Holiday August 2026: अगस्त 2026 में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, पहले देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट

Bank Holidays August 2026: अगस्त में स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन, रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार समेत 14 दिन बैंक बंद रहेंगे। देखें पूरी छुट्टियों की लिस्ट। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Bank Holiday August 2026: अगर आप अगस्त 2026 में बैंक शाखा जाकर कोई जरूरी काम निपटाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले बैंक हॉलिडे कैलेंडर जरूर देख लें। अगले महीने स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन, मिलाद-उन-नबी, ओणम और साप्ताहिक अवकाशों के कारण देशभर में अलग-अलग राज्यों में कुल 14 दिन बैंक बंद रहेंगे। इन छुट्टियों का असर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) समेत सभी सरकारी और निजी बैंकों की शाखाओं पर पड़ेगा। हालांकि, सभी राज्यों में हर छुट्टी लागू नहीं होगी क्योंकि कुछ अवकाश स्थानीय और क्षेत्रीय त्योहारों से जुड़े हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अवकाश कैलेंडर के अनुसार बैंक बंद रहने वाले दिनों में शाखाओं में नकद लेन-देन, चेक क्लियरेंस, डिमांड ड्राफ्ट और अन्य ऑफलाइन सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी। इसलिए जरूरी बैंकिंग कार्य पहले ही निपटा लेना बेहतर रहेगा। Bank Holiday August 2026: अगस्त 2026 में बैंक अवकाश की पूरी सूची अगस्त महीने में राष्ट्रीय पर्व, क्षेत्रीय त्योहार, रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार को मिलाकर बैंक कुल 14 दिन बंद रहेंगे। हालांकि, कुछ छुट्टियां केवल संबंधित राज्यों में ही लागू होंगी। देखें कब और कहां बैंक बंद रहेंगे— पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे इन राज्यों में रहेगी बैंक छुट्टी किन सेवाओं पर पड़ेगा असर? बैंक बंद रहने के दौरान शाखाओं में मिलने वाली कई सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी। प्रभावित सेवाएं इन सेवाओं पर नहीं पड़ेगा कोई असर बैंक अवकाश के बावजूद डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहेंगी। ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं रहेंगी चालू बैंक जाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान RBI के अवकाश कैलेंडर के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक प्रत्येक वर्ष Negotiable Instruments Act, Real Time Gross Settlement (RTGS) और Banks’ Closing of Accounts के आधार पर बैंक अवकाश घोषित करता है। इनमें राष्ट्रीय अवकाश, क्षेत्रीय त्योहार और नियमित साप्ताहिक छुट्टियां शामिल होती हैं। अलग-अलग राज्यों में स्थानीय पर्वों के अनुसार छुट्टियों में अंतर हो सकता है।

WiFi की स्पीड क्यों हो जाती है स्लो? आपकी ये 3 आम गलतियां हो सकती हैं जिम्मेदार

हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड होने के बावजूद WiFi स्लो चल रहा है? जानिए राउटर की सही जगह, डिवाइस मैनेजमेंट और रीस्टार्ट जैसी 3 जरूरी बातें जो इंटरनेट स्पीड बेहतर बना सकती हैं। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। आज के दौर में तेज इंटरनेट केवल सुविधा नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। घर से काम करने वाले लोगों से लेकर ऑनलाइन पढ़ाई, वीडियो स्ट्रीमिंग और गेमिंग तक, हर काम के लिए अच्छी WiFi स्पीड जरूरी है। लेकिन कई बार महंगा ब्रॉडबैंड प्लान लेने के बाद भी इंटरनेट उम्मीद के मुताबिक तेज नहीं चलता। अक्सर लोग ऐसी स्थिति में सबसे पहले इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर या राउटर को जिम्मेदार मान लेते हैं। जबकि वास्तविक कारण कई बार हमारी रोजमर्रा की कुछ छोटी-छोटी गलतियां होती हैं। अच्छी बात यह है कि इन गलतियों को सुधारकर बिना अतिरिक्त खर्च के इंटरनेट की परफॉर्मेंस बेहतर की जा सकती है। अगर आपके घर या ऑफिस का WiFi बार-बार स्लो हो जाता है, तो इन तीन बातों पर जरूर ध्यान दें। राउटर की गलत जगह इंटरनेट स्पीड घटा सकती है WiFi सिग्नल की गुणवत्ता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि राउटर कहां रखा गया है। यदि राउटर को कमरे के कोने, अलमारी के अंदर, टीवी के पीछे या किसी बंद जगह पर रखा गया है, तो सिग्नल पूरे घर में समान रूप से नहीं पहुंच पाते। इसका सीधा असर इंटरनेट स्पीड पर पड़ता है। क्या करें? एक साथ बहुत ज्यादा डिवाइस कनेक्ट होना आज अधिकांश घरों में एक ही WiFi नेटवर्क से मोबाइल, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी, CCTV कैमरे, टैबलेट और गेमिंग कंसोल जुड़े रहते हैं। जब एक साथ कई डिवाइस इंटरनेट का उपयोग करते हैं, तो उपलब्ध बैंडविड्थ सभी में बंट जाती है। परिणामस्वरूप किसी भी डिवाइस पर पूरी स्पीड नहीं मिल पाती। क्या करें? लंबे समय तक राउटर रीस्टार्ट नहीं करना कई लोग महीनों तक राउटर को लगातार चालू रखते हैं। लगातार चलने की वजह से अस्थायी नेटवर्क समस्याएं और कैश डेटा जमा हो सकता है, जिससे राउटर की परफॉर्मेंस प्रभावित होने लगती है। नेटवर्क विशेषज्ञ समय-समय पर राउटर को रीस्टार्ट करने की सलाह देते हैं। क्या करें? किन स्थितियों में इंटरनेट कंपनी से संपर्क करें? यदि ऊपर बताए गए सभी उपाय अपनाने के बाद भी इंटरनेट लगातार धीमा रहता है, तो समस्या ब्रॉडबैंड लाइन, राउटर की तकनीकी खराबी या आपके इंटरनेट प्लान से जुड़ी हो सकती है। ऐसी स्थिति में अपने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर से संपर्क करना उचित रहेगा।

अब बिना गैस कनेक्शन मिलेगा 10KG LPG सिलेंडर, 3 घंटे में घर तक डिलीवरी

 घरेलू गैस कनेक्शन अब 10KG FTL LPG सिलेंडर मिलेगा। आधार कार्ड से बुकिंग, 3 घंटे में डिलीवरी और किरायेदारों, छात्रों व नौकरीपेशा लोगों को बड़ी सुविधा। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। LPG: रसोई गैस इस्तेमाल करने वाले लाखों लोगों के लिए अच्छी खबर है। गैस कंपनियों ने ऐसा विकल्प शुरू किया है, जिसके तहत अब पारंपरिक घरेलू एलपीजी कनेक्शन के बिना भी 10 किलोग्राम का फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर खरीदा जा सकेगा। यह सुविधा खासतौर पर किराए के मकानों में रहने वाले लोगों, छात्रों और अक्सर शहर बदलने वाले नौकरीपेशा लोगों के लिए उपयोगी मानी जा रही है। नई व्यवस्था के तहत ग्राहक केवल आधार कार्ड के जरिए सिलेंडर प्राप्त कर सकेंगे। ऐप पर पिन कोड दर्ज कर बुकिंग करने के बाद करीब 3 घंटे के भीतर सिलेंडर घर तक पहुंचाने का दावा किया गया है। फिलहाल यह सुविधा इंदौर, गुरुग्राम, पुणे और कोयंबटूर में शुरू की गई है। इंडियन ऑयल के अधिकारियों के अनुसार, भोपाल में इसे 15 अगस्त से और देशभर में 30 अक्टूबर तक चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना है। FTL LPG सिलेंडर क्या है? FTL यानी Free Trade LPG ऐसा गैस सिलेंडर है जिसे लेने के लिए पारंपरिक घरेलू एलपीजी कनेक्शन की आवश्यकता नहीं होगी। यह सिलेंडर कमर्शियल श्रेणी में पंजीकृत रहेगा, लेकिन इसका उपयोग घरेलू जरूरतों के लिए भी किया जा सकेगा। इसका उद्देश्य उन लोगों को गैस सुविधा उपलब्ध कराना है, जो स्थायी पते या नियमित घरेलू गैस कनेक्शन के अभाव में परेशानी का सामना करते हैं। किन लोगों को सबसे अधिक फायदा होगा? नई व्यवस्था का सबसे ज्यादा लाभ इन लोगों को मिलने की उम्मीद है— FTL LPG सिलेंडर की कीमत और रीफिल चार्ज पहली बार सिलेंडर लेने पर ग्राहकों को लगभग ₹3,000 का भुगतान करना होगा। इसके बाद रीफिल कराने के लिए ₹1,620 से ₹1,670 तक का शुल्क देना होगा। अलग-अलग शहरों में यह कीमत कुछ अंतर के साथ लागू हो सकती है। 3 घंटे में होगी होम डिलीवरी नई सेवा के तहत ग्राहक मोबाइल ऐप पर अपना पिन कोड दर्ज कर सिलेंडर बुक कर सकेंगे। बुकिंग के लगभग 3 घंटे के भीतर सिलेंडर घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डिलीवरी किसी ई-कॉमर्स एजेंट के बजाय गैस एजेंसी के अधिकृत कर्मचारी ही करेंगे। सामान्य घरेलू सिलेंडर से कितना महंगा? सामान्य घरेलू 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर की रीफिल जहां लगभग ₹676.50 में उपलब्ध है, वहीं FTL सिलेंडर की रीफिल ₹1,620 से ₹1,670 के बीच होगी। यानी प्रति रीफिल यह सामान्य घरेलू सिलेंडर की तुलना में करीब ₹1,000 अधिक महंगा पड़ सकता है। इसलिए यह सुविधा मुख्य रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी मानी जा रही है, जिनके पास नियमित घरेलू कनेक्शन उपलब्ध नहीं है। अधिकारियों ने क्या कहा? इंडियन ऑयल के अधिकारियों के अनुसार, यह सेवा फिलहाल चुनिंदा शहरों में शुरू की गई है। योजना को चरणबद्ध तरीके से विस्तारित किया जाएगा। भोपाल में इसकी शुरुआत 15 अगस्त से प्रस्तावित है, जबकि 30 अक्टूबर तक इसे देश के अन्य शहरों में भी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

PM Kisan की 24वीं किस्त से पहले बड़ा अलर्ट, तुरंत चेक करें स्टेटस, नहीं तो अटक सकते हैं ₹2,000

PM Kisan 24th Installment से पहले अपना Beneficiary Status, e-KYC, आधार और बैंक खाते की जानकारी जरूर जांच लें। छोटी सी गलती से ₹2,000 की किस्त रुक सकती है। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PM Kisan: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) योजना की 24वीं किस्त (PM Kisan 24th Installment) का इंतजार कर रहे करोड़ों किसानों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। यदि आप इस योजना के लाभार्थी हैं, तो अगली ₹2,000 की किस्त आने से पहले अपना Beneficiary Status और e-KYC जरूर जांच लें। कई बार आधार और बैंक खाते की जानकारी में गड़बड़ी, e-KYC अधूरी रहने या आवेदन से जुड़ी तकनीकी त्रुटियों के कारण किस्त समय पर नहीं पहुंच पाती। ऐसे में कुछ मिनट का यह काम आपको भुगतान रुकने की परेशानी से बचा सकता है। अच्छी बात यह है कि किसान घर बैठे अपने मोबाइल से ही यह पता लगा सकते हैं कि उनकी अगली किस्त जारी होगी या नहीं। इसके लिए केवल आधिकारिक पोर्टल पर जाकर स्टेटस चेक करना होगा। PM Kisan Beneficiary Status कैसे चेक करें? यदि आप जानना चाहते हैं कि आपकी अगली किस्त आएगी या नहीं, तो ये आसान स्टेप्स अपनाएं— स्टेटस चेक करते समय इन बातों पर जरूर ध्यान दें यदि स्टेटस में इनमें से कोई समस्या दिखाई देती है, तो उसे जल्द ठीक कराएं— किस्त आने से पहले ये काम जरूर पूरा करें यदि Beneficiary Status में e-KYC, आधार या बैंक खाते से जुड़ी कोई समस्या दिखाई देती है, तो उसे तुरंत ठीक कराना बेहतर रहेगा। इससे अगली ₹2,000 की किस्त आपके खाते में बिना किसी रुकावट के पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा आवेदन की स्थिति भी नियमित रूप से जांचते रहें, ताकि किसी तकनीकी समस्या की जानकारी समय रहते मिल सके। क्या है PM Kisan योजना? प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की प्रमुख किसान कल्याण योजनाओं में शामिल है। इसके तहत पात्र किसानों को हर वर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि ₹2,000 की तीन बराबर किस्तों में सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है। योजना का उद्देश्य किसानों को खेती और अन्य आवश्यक खर्चों में आर्थिक सहयोग देना है।

8th Pay Commission: 15 दिन बाद आयोग ने जारी किया नया शेड्यूल, 7 अगस्त से दिल्ली में होगी अहम बैठक

8th Pay Commission ने 7 और 10 अगस्त को दिल्ली में कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक का कार्यक्रम जारी किया है। जानिए आयोग का नया प्लान और ताजा अपडेट। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। 8th Pay Commission करीब दो सप्ताह तक किसी नई गतिविधि की जानकारी सामने नहीं आने के बाद आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) ने अपना अगला कार्यक्रम सार्वजनिक कर दिया है। इससे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच चल रही अनिश्चितता काफी हद तक दूर हुई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि वेतन संशोधन से जुड़ी प्रक्रिया तय समय के अनुसार आगे बढ़ रही है। 23 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक सूचना के मुताबिक आयोग 7 अगस्त और 10 अगस्त को दिल्ली में पंजीकृत कर्मचारी संगठनों और यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेगा। इन बैठकों में विभिन्न संगठनों से सुझाव और मांगों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा तेज थी कि आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई को अन्य जिम्मेदारियां मिलने के कारण वेतन आयोग की रिपोर्ट में देरी हो सकती है। हालांकि आयोग के नए कार्यक्रम ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया है। दिल्ली में दो अहम बैठकें करेगा आयोग सरकारी नोटिफिकेशन के अनुसार आयोग ने 7 अगस्त और 10 अगस्त 2026 को दिल्ली में कर्मचारी संगठनों के साथ बैठकें निर्धारित की हैं। जो संगठन अभी तक आयोग के समक्ष अपनी बात रखने के लिए पंजीकरण नहीं करा पाए हैं, उन्हें 31 जुलाई 2026 तक आवेदन करने का अवसर दिया गया है। इसके लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट या NIC पोर्टल पर उपलब्ध फॉर्म के माध्यम से आवेदन करना होगा। आवेदन के समय संबंधित संगठन के पास Unique Memo ID होना अनिवार्य रहेगा। सिर्फ दिल्ली नहीं, अन्य राज्यों में भी होगी चर्चा आयोग ने स्पष्ट किया है कि विचार-विमर्श केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी कर्मचारी संगठनों के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों से कर्मचारियों और पेंशनर्स की मांगों एवं सुझावों को सीधे सुनना और अंतिम रिपोर्ट में उनका समुचित मूल्यांकन करना है। कर्मचारी संगठन ने जताई राहत ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने आयोग के नए कार्यक्रम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कर्मचारियों और पेंशनर्स में यह चिंता थी कि आयोग की अध्यक्ष को अन्य समितियों की जिम्मेदारी मिलने से वेतन आयोग की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। अब दिल्ली की बैठकों का कार्यक्रम जारी होने से कर्मचारियों को भरोसा मिला है कि आयोग अपना काम जारी रखे हुए है। उन्होंने आयोग और केंद्र सरकार से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी आग्रह किया, ताकि कर्मचारियों और पेंशनर्स को समय पर लाभ मिल सके। अब तक कहां-कहां हुई हैं बैठकें? आयोग गठन के बाद देश के अलग-अलग शहरों में कर्मचारी संगठनों से सुझाव ले रहा है। अब तक की प्रमुख बैठकें कर्मचारियों के लिए इसका क्या मतलब है? हालिया कार्यक्रम से यह संकेत मिलता है कि आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों से सुझाव जुटाने की प्रक्रिया जारी रखे हुए है। हालांकि अभी तक नए वेतनमान, फिटमेंट फैक्टर या संभावित वेतन वृद्धि को लेकर कोई आधिकारिक सिफारिश जारी नहीं की गई है। ऐसे में कर्मचारियों को अंतिम रिपोर्ट और सरकार के निर्णय का इंतजार करना होगा।

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