UPI पेमेंट रहेगा फ्री, लेकिन दुकानदारों पर लग सकता है MDR! संसद में पेश नए बिल से क्या बदल सकता है?

संसद में पेश पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स संशोधन बिल 2027 के बाद UPI और डिजिटल पेमेंट पर MDR लागू करने का रास्ता खुल सकता है। जानिए ग्राहकों और कारोबारियों पर इसका क्या असर होगा। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। देश में डिजिटल भुगतान करने वाले करोड़ों लोगों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। संसद में पेश किए गए पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स (संशोधन) बिल, 2027 के बाद भविष्य में UPI और अन्य डिजिटल पेमेंट्स पर शुल्क तय करने का अधिकार सरकार के पास होगा। फिलहाल आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) होने वाले UPI ट्रांसफर पहले की तरह पूरी तरह मुफ्त रहेंगे। हालांकि, सरकार भविष्य में व्यापारियों से लिए जाने वाले मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर फैसला कर सकती है। दरअसल, पिछले कुछ समय से बैंक और डिजिटल पेमेंट कंपनियां लगातार यह मांग कर रही थीं कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखने के लिए किसी न किसी रूप में राजस्व का स्रोत होना चाहिए। इसी पृष्ठभूमि में यह संशोधन बिल महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्या है नया संशोधन बिल? वित्त मंत्रालय ने संसद में पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स (अमेंडमेंट) बिल, 2027 पेश किया है। इस बिल के जरिए सरकार को यह अधिकार मिलेगा कि वह भविष्य में तय कर सके कि किन डिजिटल भुगतान माध्यमों पर MDR लागू होगा और किन पर नहीं। ध्यान देने वाली बात यह है कि बिल पेश होने का मतलब यह नहीं है कि अभी से कोई शुल्क लागू हो गया है। वर्तमान व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है। MDR क्या होता है? मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) वह प्रोसेसिंग शुल्क होता है जिसे दुकानदार या व्यापारी डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने के बदले बैंक, पेमेंट एग्रीगेटर या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को देते हैं। जनवरी 2020 से सरकार ने UPI और RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर जीरो MDR लागू किया था, ताकि देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिल सके। आम ग्राहकों पर क्या असर होगा? सबसे राहत की बात यह है कि फिलहाल आम उपभोक्ताओं के लिए UPI भुगतान में कोई बदलाव नहीं होगा। ग्राहकों के लिए अहम बातें कारोबारियों पर कैसे पड़ सकता है असर? यदि भविष्य में सरकार MDR लागू करती है तो उसका असर मुख्य रूप से व्यापारियों और दुकानदारों पर पड़ सकता है। बाजार में चल रही चर्चाओं के अनुसार बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों और अधिक राशि वाले मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लागू किया जा सकता है। हालांकि, सरकार ने अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है। कितना हो सकता है MDR? अभी किसी दर की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, विभिन्न चर्चाओं में अनुमान लगाया जा रहा है कि— नोट: यह केवल संभावित अनुमान हैं। अंतिम निर्णय सरकार और RBI की अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगा। सरकार यह बदलाव क्यों करना चाहती है? जनवरी 2020 में जीरो MDR लागू होने के बाद डिजिटल भुगतान में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। आज देश में हर महीने लगभग 23 अरब UPI ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। इतने बड़े नेटवर्क को संचालित करने के लिए सर्वर, साइबर सुरक्षा, डेटा सेंटर और तकनीकी ढांचे पर लगातार निवेश की जरूरत पड़ती है। बैंक और पेमेंट कंपनियों का कहना है कि बिना किसी आय के इस व्यवस्था को लंबे समय तक चलाना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। अनुमानों के मुताबिक यदि सीमित MDR लागू होता है तो डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को सालाना लगभग 13,000 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है। आगे क्या होगा? अभी यह केवल संशोधन बिल के रूप में संसद में पेश किया गया है। आगे की प्रक्रिया इस प्रकार होगी—

Speed Post New Rules 2026: राखी भेजना हुआ आसान, 500 ग्राम तक डॉक्यूमेंट मानी जाएगी, 24-48 घंटे में मिलेगी डिलीवरी

Speed Post New Rules 2026: रक्षाबंधन से पहले भारतीय डाक ने स्पीड पोस्ट के नियम बदले हैं। अब 500 ग्राम तक राखी डॉक्यूमेंट मानी जाएगी और 6 शहरों में 24 व 48 घंटे की एक्सप्रेस डिलीवरी शुरू हुई है। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Speed Post New Rules 2026: रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही देशभर में बहनें अपने भाइयों को राखी भेजने की तैयारी में जुट जाती हैं। इस बार भारतीय डाक विभाग ने त्योहार से पहले ऐसा बदलाव किया है जिससे स्पीड पोस्ट के जरिए राखी भेजना पहले की तुलना में अधिक आसान और व्यवस्थित हो जाएगा। 1 अगस्त 2026 से लागू नए नियमों के तहत 500 ग्राम तक की गैर-व्यावसायिक राखी, ग्रीटिंग कार्ड और छोटे पैकेट को अब ‘डॉक्यूमेंट’ श्रेणी में रखा जाएगा। इसके अलावा छह प्रमुख महानगरों में 24 घंटे और 48 घंटे की एक्सप्रेस स्पीड पोस्ट सेवा भी शुरू की गई है। डाक विभाग का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य त्योहारों के दौरान ग्राहकों को तेज और बेहतर सेवा उपलब्ध कराना है, ताकि जरूरी दस्तावेज और राखी समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। क्या बदले हैं Speed Post के नए नियम? भारतीय डाक विभाग ने स्पीड पोस्ट में डॉक्यूमेंट और पार्सल की श्रेणियों को स्पष्ट रूप से अलग कर दिया है। नए नियमों के अनुसार यदि किसी लिफाफे या छोटे पैकेट में केवल गैर-व्यावसायिक राखी, ग्रीटिंग कार्ड या आवश्यक दस्तावेज हैं और कुल वजन 500 ग्राम तक है, तो उसे डॉक्यूमेंट माना जाएगा। इससे बुकिंग प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान होगी और ग्राहकों को सही श्रेणी चुनने में परेशानी नहीं होगी। किन वस्तुओं को मिलेगा डॉक्यूमेंट का दर्जा? अब निम्नलिखित वस्तुएं डॉक्यूमेंट श्रेणी में शामिल होंगी— किन वस्तुओं को माना जाएगा पार्सल? यदि राखी के साथ अन्य सामान भेजा जाता है तो उसे पार्सल श्रेणी में रखा जाएगा। इनमें शामिल हैं— 6 महानगरों में शुरू हुई 24 और 48 घंटे की स्पीड पोस्ट सेवा रक्षाबंधन के दौरान डिलीवरी तेज करने के लिए भारतीय डाक विभाग ने दो नई सेवाएं शुरू की हैं। 24 Speed Post 48 Speed Post फिलहाल यह सुविधा इन शहरों में शुरू की गई है— डाकघर जाने से पहले रखें इन बातों का ध्यान यदि आप इस रक्षाबंधन पर स्पीड पोस्ट से राखी भेजने की योजना बना रहे हैं तो इन बातों का ध्यान रखें— अगस्त 2026 से स्पीड पोस्ट की नई दरें 1 अगस्त 2026 से लागू नई दरों के अनुसार स्पीड पोस्ट की शुरुआती कीमतों में बदलाव किया गया है। रिटेल ग्राहकों के लिए शुल्क इस प्रकार हैं— ध्यान दें: 51 ग्राम से अधिक वजन वाले आर्टिकल और 48 Speed Post का शुल्क दूरी एवं चुनी गई सेवा के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। सभी शुल्कों पर नियमानुसार अलग से GST भी लागू होगा। महत्वपूर्ण जानकारी राखी भेजने वालों के लिए जरूरी बातें

LPG e-KYC की आखिरी तारीख नजदीक, 16 अगस्त के बाद लाखों उपभोक्ताओं को हो सकती है परेशानी

16 अगस्त तक LPG e-KYC नहीं कराने वाले लाखों गैस उपभोक्ताओं को घरेलू सिलेंडर मिलने में दिक्कत आ सकती है। जानिए क्या है पूरा मामला और e-KYC कराने का आसान तरीका। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। LPG e-KYC: घरेलू गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए यह समय बेहद अहम है। गैस कंपनियां लगातार ग्राहकों को e-KYC कराने के लिए एसएमएस भेज रही हैं। संदेश में 16 अगस्त तक आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा करने की बात कही गई है। मध्य प्रदेश में अब भी करीब 39.84 लाख उपभोक्ताओं की LPG e-KYC बाकी है। ऐसे में अंतिम तारीख नजदीक आने के साथ गैस एजेंसियों पर भी दबाव बढ़ गया है। कई जगहों से सिलेंडर डिलीवरी प्रभावित होने की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि घरेलू सिलेंडर नहीं मिलने या कमर्शियल दर पर सिलेंडर देने को लेकर गैस कंपनियों की ओर से कोई सार्वजनिक लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है। फिलहाल एजेंसियों को मौखिक निर्देश मिलने की बात सामने आई है। LPG e-KYC क्यों बनी जरूरी? सरकार और तेल विपणन कंपनियां लंबे समय से एलपीजी कनेक्शन का आधार आधारित सत्यापन करा रही हैं। इसका उद्देश्य फर्जी कनेक्शन, डुप्लीकेट लाभार्थियों और सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकना है। e-KYC पूरी होने के बाद उपभोक्ता का गैस कनेक्शन आधार से सत्यापित हो जाता है, जिससे रिकॉर्ड अपडेट रहता है। क्या 947 रुपये का सिलेंडर 2935 रुपये में मिलेगा? सोशल मीडिया और कई रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि e-KYC नहीं कराने पर घरेलू उपभोक्ताओं को कमर्शियल सिलेंडर खरीदना पड़ेगा। फिलहाल स्थिति क्या है? ऐसे में उपभोक्ताओं को अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय समय रहते e-KYC पूरी कर लेनी चाहिए। घर बैठे ऐसे कराएं LPG e-KYC e-KYC कराने के लिए तीन आसान विकल्प उपलब्ध हैं। 1. IndianOil ONE App यदि आपका कनेक्शन इंडियन ऑयल का है, तो आधिकारिक ऐप के जरिए प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। 2. नजदीकी गैस एजेंसी आधार कार्ड और गैस कनेक्शन की जानकारी लेकर संबंधित एजेंसी पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जा सकता है। 3. सिलेंडर डिलीवरी के समय कई एजेंसियां डिलीवरी कर्मचारी के माध्यम से भी e-KYC की सुविधा दे रही हैं। उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह

Internship 2026: भारतीय सेना का खास इंटर्नशिप प्रोग्राम, मीडिया छात्रों को मिलेगा ₹75 हजार तक स्टाइपेंड, 2 अगस्त तक करें आवेदन

Internship 2026: भारतीय सेना ने BJMC छात्रों के लिए 75 दिन का इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू किया है। चयनित अभ्यर्थियों को ₹75 हजार तक स्टाइपेंड मिलेगा। जानें पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Internship 2026: पत्रकारिता और मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए भारतीय सेना ने एक शानदार अवसर उपलब्ध कराया है। सेना ने मीडिया और रणनीतिक संचार से जुड़े छात्रों के लिए 75 दिनों का विशेष इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू किया है, जिसमें व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ आकर्षक स्टाइपेंड भी दिया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को आधुनिक मीडिया, डिजिटल कम्युनिकेशन और रणनीतिक सूचना प्रबंधन की बेहतर समझ देना है। ट्रेनिंग के दौरान छात्रों को सेना के कम्युनिकेशन सिस्टम और प्रोफेशनल मीडिया वर्किंग स्टाइल से भी परिचित कराया जाएगा। आवेदन की अंतिम तिथि 2 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक अभ्यर्थियों को समय रहते आवेदन कर सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। Indian Army Internship 2026 क्या है? यह इंटर्नशिप कार्यक्रम AICTE Internship Portal के माध्यम से आयोजित किया जा रहा है। इसका संचालन भारतीय सेना के अतिरिक्त महानिदेशालय (Additional Directorate General) द्वारा किया जाएगा। इसमें पत्रकारिता एवं जनसंचार (BJMC) के छात्रों को आधुनिक मीडिया, रणनीतिक संचार और डिजिटल कम्युनिकेशन की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाएगी। कैसे होगी पूरी ट्रेनिंग? इंटर्नशिप की अवधि 75 दिन होगी। ट्रेनिंग शेड्यूल क्या-क्या सीखने का मिलेगा मौका? प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को कई महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जाएगी। प्रमुख विषय कितना मिलेगा स्टाइपेंड? चयनित अभ्यर्थियों को हर महीने ₹30,000 का स्टाइपेंड दिया जाएगा। पूरे प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने पर कुल ₹75 हजार तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है। हालांकि, स्टाइपेंड प्राप्त करने के लिए कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी। निर्धारित उपस्थिति से कम रहने पर आर्थिक लाभ नहीं दिया जाएगा। कार्यालय में इन नियमों का करना होगा पालन भारतीय सेना ने सुरक्षा कारणों से कुछ महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज आवेदन के साथ निम्न दस्तावेज जमा करना आवश्यक होगा। ध्यान रहे कि दिल्ली में रहने और अन्य व्यक्तिगत खर्चों की व्यवस्था अभ्यर्थियों को स्वयं करनी होगी। आवेदन से पहले जान लें यह महत्वपूर्ण बात भारतीय सेना ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम है। इंटर्नशिप पूरी करने के बाद किसी भी प्रकार की स्थायी नौकरी या नियुक्ति की गारंटी नहीं दी जाएगी।

FD पर अब नहीं चलेगी बैंकों की मनमानी, RBI ने बदले नियम; 1 अक्टूबर से लागू होगी नई व्यवस्था

RBI ने FD और RD पर ब्याज दरों से जुड़े नए नियम जारी किए हैं। 1 अक्टूबर 2026 से बैंक एक ही जमा पर अलग-अलग ब्याज नहीं दे सकेंगे। जानें पूरा अपडेट। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वाले करोड़ों ग्राहकों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़ा बदलाव किया है। केंद्रीय बैंक ने जमा योजनाओं पर ब्याज दर तय करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नए नियम जारी किए हैं। इन नियमों का उद्देश्य सभी ग्राहकों के लिए समान और निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित करना है। RBI की ओर से जारी संशोधित निर्देश 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होंगे। इसके बाद बैंक एक ही दिन, समान अवधि और समान राशि की जमा पर अलग-अलग शाखाओं में अलग-अलग ब्याज दरें नहीं दे सकेंगे। साथ ही हर दिन सुबह 10 बजे बैंक अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर नई जमा दरें सार्वजनिक करेंगे। अब तक कई मामलों में ग्राहकों को अलग-अलग शाखाओं या बातचीत के आधार पर अलग ब्याज दरें मिलने की शिकायतें सामने आती रही हैं। नए नियम लागू होने के बाद इस तरह की व्यवस्था पर रोक लग जाएगी। RBI ने क्यों बदले FD से जुड़े नियम? 30 जुलाई 2026 को भारतीय रिजर्व बैंक ने ‘रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (कमर्शियल बैंक- डिपॉजिट पर ब्याज दर) दूसरा संशोधन निर्देश, 2026’जारी किया। RBI का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना, ग्राहकों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करना और ब्याज दरों को लेकर किसी भी तरह की असमानता को खत्म करना है। 3 करोड़ रुपये से कम की FD वालों को क्या फायदा मिलेगा? सबसे बड़ा बदलाव 3 करोड़ रुपये से कम की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और आवर्ती जमा (RD) पर किया गया है। नए नियमों के अनुसार— अब रोज सुबह वेबसाइट पर दिखेंगी नई ब्याज दरें RBI ने सभी संबंधित बैंकों को निर्देश दिया है कि वे अपनी Deposit Rates रोजाना सुबह 10 बजे आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित करें। इस व्यवस्था से ग्राहकों को— बल्क FD (Bulk Deposit) पर भी लागू होंगे नए नियम RBI ने 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की एकमुश्त जमा को Bulk Deposit की श्रेणी में रखा है। ऐसी जमा राशि आमतौर पर— करते हैं। पहले ऐसे मामलों में ब्याज दरें बातचीत के आधार पर तय होती थीं। अब बैंक इन जमा पर लागू ब्याज दरों को भी प्रतिदिन सुबह 10 बजे सार्वजनिक करेंगे। किन बैंकों पर लागू होंगे नए नियम? RBI के नए निर्देश निम्न संस्थानों पर लागू होंगे— ग्राहकों के लिए इसका क्या मतलब है? इन नियमों के बाद FD कराने वाले ग्राहकों को बैंक की अलग-अलग शाखाओं में ब्याज दरों का अंतर देखने को नहीं मिलेगा। वेबसाइट पर प्रकाशित दरें ही लागू होंगी, जिससे निवेशकों के लिए तुलना करना आसान होगा और बैंकिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।

PM Kisan: किसानों के लिए बड़ी राहत: PM-किसान योजना 2030-31 तक जारी, सरकार ने मंजूर किए ₹3.15 लाख करोड़

PM Kisan: केंद्र सरकार ने पीएम-किसान सम्मान निधि योजना को अगले 5 वर्षों के लिए मंजूरी दे दी है। जानें किसे मिलेगा लाभ, कितनी राशि मिलेगी और क्या है नया फैसला। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। PM Kisan: देश के करोड़ों किसानों के लिए केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इससे योजना का लाभ वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लगातार मिलता रहेगा। सरकार ने इस अवधि के लिए 3.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट स्वीकृत किया है। इसका उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को खेती के महत्वपूर्ण समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें कृषि कार्यों के लिए नकदी की कमी का सामना न करना पड़े। (pm kisan) पीएम-किसान योजना देश की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) आधारित योजनाओं में शामिल है। इसके तहत पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में हर वर्ष सहायता राशि सीधे भेजी जाती है। PM-Kisan Yojana को मिली अगले 5 वर्षों की मंजूरी केंद्रीय कैबिनेट के फैसले के अनुसार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अब वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रहेगी। इस दौरान योजना के संचालन के लिए 3,15,614 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इस योजना के जरिए किसानों को खेती के लिए समय पर आर्थिक सहायता मिलती रहेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। हर साल मिलते हैं ₹6,000, तीन किस्तों में पहुंचती है राशि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर वर्ष 6,000 रुपये की सहायता दी जाती है। यह राशि तीन समान किस्तों में भेजी जाती है— पूरी राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खाते में जमा होती है। खेती के खर्च में मिलेगी राहत खेती के दौरान किसानों को खाद, बीज, कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्री खरीदने के लिए नकदी की आवश्यकता होती है। सरकार का मानना है कि समय पर मिलने वाली यह सहायता किसानों को खेती की तैयारी में मदद करती है। इससे उन्हें ऊंचे ब्याज पर निजी उधार लेने की जरूरत भी कम पड़ती है। छोटे और सीमांत किसानों को सबसे अधिक फायदा योजना का सबसे बड़ा लाभ छोटे और सीमांत किसानों को मिला है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, योजना शुरू होने से अब तक 23 किस्तों के माध्यम से 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी जा चुकी है। नीति आयोग के मूल्यांकन में भी यह सामने आया है कि इस योजना ने किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और कृषि ऋण पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

Government Scheme 2026: नौकरी छूटने पर मिलेगी आर्थिक राहत, जानिए क्या है अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना

Government Scheme 2026 अगर आपकी ESIC वाली नौकरी छूट गई है तो अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के तहत 90 दिन तक 50% सैलरी मिल सकती है। जानें पात्रता, दस्तावेज और क्लेम प्रक्रिया। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Government Scheme 2026: प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए नौकरी का सुरक्षित रहना हमेशा तय नहीं होता। आर्थिक मंदी, कंपनी की वित्तीय स्थिति या अन्य कारणों से अचानक नौकरी चली जाए तो परिवार की आर्थिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी स्थिति में अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना बड़ी राहत देने वाली योजना साबित हो सकती है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) की इस योजना के तहत पात्र कर्मचारियों को नौकरी छूटने के बाद 90 दिनों तक उनकी औसत मजदूरी का 50 प्रतिशत बेरोजगारी भत्ता दिया जाता है। केंद्र सरकार ने इस योजना की अवधि 1 जुलाई 2026 से 30 जून 2027 तक बढ़ाने को मंजूरी दी है। लोकसभा में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने लिखित उत्तर में बताया कि योजना के तहत क्लेम प्रक्रिया को पहले से अधिक आसान और तेज बनाने के लिए कई सुधार किए गए हैं। क्या है अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना? अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना (ABVKY) ESIC के तहत बीमित कर्मचारियों के लिए शुरू की गई एक सामाजिक सुरक्षा योजना है। इसका उद्देश्य नौकरी छूटने के बाद कर्मचारियों को कुछ समय तक आर्थिक सहायता देना है, ताकि वे नई नौकरी मिलने तक अपने खर्च पूरे कर सकें। यह योजना पहली बार 1 जुलाई 2018 को प्रायोगिक रूप से लागू की गई थी। शुरुआत में कर्मचारियों को औसत वेतन का 25 प्रतिशत भुगतान किया जाता था, जिसे बाद में बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया। ध्यान दें: इस योजना का लाभ जीवन में केवल एक बार ही लिया जा सकता है। अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना: एक नजर में योजना का नाम: अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना (ABVKY) 🏢 संचालित संस्था: कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) किसके लिए: ESIC में पंजीकृत निजी क्षेत्र के कर्मचारी मिलने वाला लाभ: औसत वेतन का 50% बेरोजगारी भत्ता लाभ की अवधि: अधिकतम 90 दिन (3 महीने) लाभ कितनी बार मिलेगा: जीवन में सिर्फ एक बार योजना की वर्तमान अवधि: 1 जुलाई 2026 से 30 जून 2027 पात्रता: कम से कम 1 वर्ष की नौकरी और ESIC में 78 दिनों का अंशदान क्लेम कब कर सकते हैं: नौकरी छूटने के 30 दिन बाद जरूरी दस्तावेज: आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, शपथ पत्र और क्लेम फॉर्म भुगतान का तरीका: राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। उदाहरण: यदि आपकी आखिरी मासिक सैलरी ₹20,000 थी, तो पात्र होने पर आपको 3 महीने तक हर महीने ₹10,000 की आर्थिक सहायता मिल सकती है। कौन उठा सकता है योजना का लाभ? इस योजना का लाभ लेने के लिए कर्मचारी को निम्न शर्तें पूरी करनी होंगी। नौकरी छूटने के कितने दिन बाद मिलेगा पैसा? योजना के तहत बेरोजगारी भत्ता नौकरी छूटने के 30 दिन बाद देय होता है। यदि पात्रता पूरी होती है तो कर्मचारी क्लेम कर सकता है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी कर्मचारी की आखिरी मासिक सैलरी 20,000 रुपये थी, तो उसे तीन महीने तक हर महीने 10,000 रुपये तक का भुगतान मिल सकता है। क्लेम करने की प्रक्रिया यदि आपकी नौकरी छूट चुकी है और 30 दिन पूरे हो चुके हैं, तो इन चरणों का पालन करें— क्लेम के लिए जरूरी दस्तावेज क्लेम करते समय निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता होगी— इन दस्तावेजों को संबंधित ESIC शाखा या DCBO कार्यालय में जमा किया जा सकता है। इच्छुक कर्मचारी डाक के माध्यम से भी दस्तावेज भेज सकते हैं। ESIC से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

August Rules 2026: 1 August 2026 से बदलेंगे कई अहम नियम, जानिए LPG, बैंक, ITR और तत्काल टिकट से जुड़े सभी अपडेट

August Rules 2026: 1 अगस्त 2026 से LPG सिलेंडर, बैंक छुट्टियां, तत्काल टिकट, ITR, क्रेडिट कार्ड और ATM नियमों में बदलाव हो सकते हैं। जानिए कौन-कौन से नए नियम आपकी जेब पर असर डालेंगे। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। August Rules 2026: हर नए महीने की शुरुआत कुछ नए बदलाव लेकर आती है। इस बार भी 1 अगस्त 2026 से ऐसे कई नियम लागू होने जा रहे हैं जिनका असर सीधे आम लोगों की जेब, बैंकिंग सेवाओं और रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ सकता है। एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों से लेकर बैंकों की छुट्टियों, रेलवे के तत्काल टिकट, ITR फाइलिंग, क्रेडिट कार्ड और डिजिटल बैंकिंग तक कई क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यदि अगस्त महीने में आपका बैंक, गैस बुकिंग या टैक्स से जुड़ा कोई जरूरी काम है, तो इन नियमों की जानकारी पहले से होना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। नीचे जानिए 1 अगस्त 2026 से लागू होने वाले प्रमुख बदलाव। 1 अगस्त 2026 से लागू होने वाले प्रमुख बदलाव 1. एलपीजी सिलेंडर के नए दाम जारी होंगे हर महीने की पहली तारीख को तेल विपणन कंपनियां घरेलू (14.2 किलोग्राम) और कमर्शियल (19 किलोग्राम) एलपीजी सिलेंडर के नए रेट जारी करती हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में बदलाव होता है तो इसका असर सिलेंडर की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है। इसलिए 1 अगस्त को घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडर की नई कीमतों पर सभी की नजर रहेगी। 2. तत्काल टिकट बुकिंग में नई व्यवस्था रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए काउंटर पर टोकन सिस्टम लागू किया है। अब यात्रियों को पहले टोकन मिलेगा और नंबर आने पर टिकट बुक किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य भीड़ और धक्का-मुक्की को कम करना है। 3. अगस्त महीने की बैंक छुट्टियां भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बैंक हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार अगस्त महीने में स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार सहित कई अवसरों पर अलग-अलग राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। यदि आपको बैंक शाखा जाकर कोई जरूरी काम करना है, तो छुट्टियों की सूची पहले जरूर देख लें। 4. ATM और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं पर रखें नजर हालांकि ATM, UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी, लेकिन कुछ बैंक समय-समय पर अपने शुल्क, मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा या अन्य नियमों में बदलाव कर सकते हैं। इसलिए अपने बैंक द्वारा जारी आधिकारिक सूचना पर नजर रखना बेहतर रहेगा। 5. क्रेडिट कार्ड के नियम बदल सकते हैं हर महीने कई बैंक अपने क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव करते हैं। इनमें शामिल हो सकते हैं— यदि आप नियमित रूप से क्रेडिट कार्ड का उपयोग करते हैं, तो अपने बैंक की नई शर्तें जरूर जांच लें। 6. ईंधन की कीमतों में भी हो सकता है बदलाव एलपीजी के अलावा विमान ईंधन (ATF) सहित अन्य ईंधन की कीमतों में भी बदलाव संभव है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव के आधार पर नई दरें तय की जाती हैं। यदि ATF महंगा होता है तो भविष्य में हवाई यात्रा की लागत पर भी असर पड़ सकता है। 7. ITR भरने वालों के लिए महत्वपूर्ण तारीख जिन करदाताओं को ITR-3 और ITR-4 फॉर्म भरना है तथा जिनके खातों का ऑडिट आवश्यक नहीं है, उनके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 है। समय सीमा के बाद रिटर्न दाखिल करने पर आयकर अधिनियम की धारा 234F के तहत ₹5,000 तक की लेट फीस देनी पड़ सकती है। 8. होम लोन और EMI पर भी रह सकती है नजर अगस्त महीने में भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक होने की संभावना है। यदि रेपो रेट में कोई बदलाव होता है तो इसका असर— की ब्याज दरों पर पड़ सकता है।

Ayushman Card Online Apply: घर बैठे बनाएं आयुष्मान कार्ड, पाएं ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज

Ayushman Card Online Apply: आयुष्मान कार्ड ऑनलाइन कैसे बनाएं? जानिए पात्रता, जरूरी दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया, फायदे और ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज पाने का आसान तरीका। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ayushman Card Online Apply: महंगी स्वास्थ्य सेवाओं के दौर में किसी गंभीर बीमारी का इलाज कई परिवारों के लिए आर्थिक संकट बन जाता है। ऐसे समय में केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) लाखों जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है। अब अच्छी बात यह है कि पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। यदि आपका नाम योजना की लाभार्थी सूची में शामिल है, तो आप अपने मोबाइल फोन से ही कुछ आसान चरणों में डिजिटल आयुष्मान कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि Ayushman Card Online Apply कैसे करें, कौन पात्र है, किन दस्तावेजों की जरूरत होगी और आवेदन की पूरी प्रक्रिया क्या है, तो यहां पूरी जानकारी दी गई है। क्या है आयुष्मान कार्ड? आयुष्मान कार्ड, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत जारी किया जाने वाला डिजिटल हेल्थ कार्ड है। यह कार्ड पात्र लाभार्थियों को देशभर के सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा देता है। कार्ड में लाभार्थी की पहचान आधार और सरकारी रिकॉर्ड से जुड़ी होती है, जिससे अस्पताल में भर्ती होने की प्रक्रिया आसान हो जाती है। आयुष्मान कार्ड के प्रमुख फायदे हर साल ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज प्रत्येक पात्र परिवार को सालाना ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलता है। कैशलेस सुविधा अस्पताल में इलाज के दौरान जेब से भुगतान करने की जरूरत नहीं पड़ती। बड़ी बीमारियों का इलाज सर्जरी, अस्पताल में भर्ती, जांच, दवाइयों और डिस्चार्ज के बाद की देखभाल का खर्च भी योजना में शामिल है। पूरे देश में सुविधा देशभर के हजारों सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में योजना का लाभ लिया जा सकता है। परिवार के सभी पात्र सदस्य शामिल योजना में पात्र परिवार के सदस्यों की संख्या या आयु की अलग सीमा लागू नहीं होती। कौन बनवा सकता है आयुष्मान कार्ड? यह योजना मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र परिवारों के लिए है। लाभार्थियों का चयन मुख्यतः: के आधार पर किया जाता है। ध्यान दें: केवल बीपीएल कार्ड होना पर्याप्त नहीं है। योजना का लाभ लेने के लिए आपका नाम लाभार्थी सूची में होना जरूरी है। आवेदन से पहले रखें ये जरूरी दस्तावेज मोबाइल से ऐसे करें Ayushman Card Online Apply Step 1: पात्रता जांचें सबसे पहले PM-JAY Beneficiary Portal पर जाकर अपना नाम खोजें। यदि आपका नाम सूची में दिखाई देता है, तभी आगे की प्रक्रिया पूरी करें। Step 2: Ayushman App डाउनलोड करें Google Play Store या Apple App Store से National Health Authority का आधिकारिक Ayushman App डाउनलोड करें। Step 3: मोबाइल नंबर से लॉगिन करें मोबाइल नंबर दर्ज करें और OTP के जरिए सत्यापन पूरा करें। Step 4: परिवार की जानकारी खोजें राज्य चुनने के बाद आधार, राशन कार्ड, फैमिली आईडी या PM-JAY ID के माध्यम से अपना रिकॉर्ड खोजें। Step 5: e-KYC पूरा करें अपने नाम पर क्लिक करें और OTP आधारित आधार e-KYC पूरी करें। Step 6: आयुष्मान कार्ड डाउनलोड करें सत्यापन पूरा होने के बाद आपका डिजिटल आयुष्मान कार्ड डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाएगा। अगर सूची में नाम नहीं मिले तो क्या करें? यदि आपका नाम लाभार्थी सूची में नहीं मिलता है, तो आप: आवेदन करते समय इन बातों का रखें ध्यान

Speed Post: स्पीड पोस्ट भेजने से पहले जान लें नए नियम: 1 अगस्त से लागू होंगी नई दरें

Speed Post: डाक विभाग ने 1 अगस्त से स्पीड पोस्ट की नई दरें लागू करने का ऐलान किया है। जानिए पत्र और पार्सल की नई श्रेणी, रिटेल व बल्क ग्राहकों के लिए क्या हैं नए शुल्क। नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Speed Post: अगर आप स्पीड पोस्ट के जरिए दस्तावेज, पहचान पत्र या अन्य सामान भेजते हैं तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। भारतीय डाक विभाग ने 1 अगस्त से लागू होने वाली नई स्पीड पोस्ट दरों की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि किन वस्तुओं को ‘पत्र’ (Letters) और किन्हें ‘पार्सल’ (Parcel) माना जाएगा। नई व्यवस्था का उद्देश्य ग्राहकों के लिए बुकिंग प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित बनाना है। विभाग ने 24 घंटे और 48 घंटे में डिलीवरी देने वाली विशेष स्पीड पोस्ट सेवाओं के लिए नई दरें जारी की हैं। हालांकि, सामान्य खुदरा ग्राहकों की नियमित स्पीड पोस्ट दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। जो लोग बैंकिंग दस्तावेज, सरकारी पहचान पत्र या उपहार सामग्री भेजते हैं, उनके लिए नई श्रेणी को समझना जरूरी होगा ताकि बुकिंग के समय किसी तरह की परेशानी न हो। पत्र (Letters) की श्रेणी में क्या-क्या शामिल होगा? डाक विभाग के अनुसार निम्न वस्तुओं को पत्र (Letters) की श्रेणी में रखा जाएगा— किन वस्तुओं को पार्सल माना जाएगा? पत्र श्रेणी में शामिल वस्तुओं को छोड़कर बाकी सभी प्रकार के सामान और व्यावसायिक सामग्री पार्सल (Parcel) श्रेणी में भेजी जाएगी। खुदरा ग्राहकों के लिए नई स्पीड पोस्ट दरें डाक विभाग के अनुसार सामान्य रिटेल ग्राहकों की पुरानी दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 24 स्पीड पोस्ट वजन. शुल्क 50 ग्राम तक. थानीय – ₹38, देशभर – ₹94 (GST अतिरिक्त) 51–250 ग्राम. ₹118 से ₹154 251–500 ग्राम. ₹140 से ₹186 48 स्पीड पोस्ट थोक (Bulk) ग्राहकों के लिए नई दरें पत्र श्रेणी में बल्क बुकिंग करने वाले ग्राहकों के लिए नई दरें इस प्रकार हैं— 24 स्पीड पोस्ट 48 स्पीड पोस्ट फिलहाल इन 6 शहरों में उपलब्ध है विशेष सेवा 24 घंटे और 48 घंटे में डिलीवरी देने वाली विशेष स्पीड पोस्ट सेवा फिलहाल केवल छह महानगरों में उपलब्ध है— डाक विभाग ने क्या स्पष्ट किया? डाक विभाग का कहना है कि नई श्रेणी तय होने से ग्राहकों और बुकिंग केंद्रों दोनों के लिए यह स्पष्ट रहेगा कि कौन-सी वस्तु पत्र मानी जाएगी और कौन-सी पार्सल। इससे बुकिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और आसान बनने की उम्मीद है।

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