ऐसी कारिस्तानी : भाजपा पार्षद बलराम भट्ट की थी हरे-भरे पेड़ कटवाने की तैयारी, पर्यावरण प्रेमियों के विरोध के बाद रुके

फायदा पहुंचाने के लिए बगैर अनुमति सड़क निर्माण कार्य की आड़ में उजाड़ दिए फलदार पेड़!, पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जिम्मेदार जब अपनी जिम्मेदारी भूल कर अवैधानिक काम करने लगे तो फिर किसे दोष दिया जाए। ऐसा ही एक मामला वार्ड क्रमांक 11 में सामने आया है। वार्ड के भाजपा पार्षद बलराम भट्ट ने हरे – भरे फलदार पेड़ो की कटाई करवा दी। और भी पेड़ काटे जाते उससे पहले सूचना शहर के पर्यावरण प्रेमियों तक पहुंची जिसके बाद उन्होंने मौके पर पहुंचकर बाकी बचे पेड़ो की कटाई को रुकवाया। पेड़ो की कटाई सड़क निर्माण की आड़ में अवैध रूप से की जा रही थी। क्षेत्रवासियों का कहना है की पार्षद बलराम भट्ट गिने चुने 2-3 परिवारों को फायदा दिलवाने के लिए पेड़ों की कटाई करवा रहे थे। पर्यावरण प्रेमियों और अन्य लोगों ने वहां जाकर सभी पक्षों से बात की और अधिकारियों को सूचित किया। इस दौरान जमकर हंगामा भी हुआ। जिसके बाद अधिकारियों ने आश्वस्त किया की यहां पेड़ों की कटाई नहीं होगी। सूचना मिलते ही अधिवक्ता एवं समाजसेवी अदिति दवेसर, बबीता नागर, शिल्पा जोशी, हेमा हेमनानी, पत्रकार अदिति मिश्रा आदि मौके पर पंहुचे। अदिती दवेसर ने बताया डोंगरे नगर में मेन रोड का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। यहां सड़क की चौड़ाई करीब 30 फीट है। इसके लिए चूने की लाईन भी डाली गई है। यहां पीपल, नीम, कल्पवृक्ष जैसे पेड़ हैं जो चूने की लाईन के बाहर हैं। यानी ये सड़क निर्माण में कहीं से भी बाधक नहीं है। इसके बावजूद एक पट्टी से 4 पेड़ काट दिए गए जिनमें आम, जामून और नीम के पेड़ शामिल थे। अब सड़क की दूसरी पट्टी पर भी पेड़ काटने की तैयारी कर ली गई। L तकनीकी जानकारी ली तो पता चला कि पेड़ सड़क निर्माण की अनुमति प्राप्त चौड़ाई में नहीं आ रहे हैं बल्कि सड़क के किनारे हैं। इसके बावजूद दो परिवारों की व्यक्तिगत शिकायत के चलते पेड़ काटने की तैयारी कर ली गई थी। क्षेत्र के अधिकांश रहवासी पेड़ों की कटाई के खिलाफ हैं, लेकिन कुछ लोगों द्वारा दबाव बनाए जाने पर पेड़ काटे जा रहे थे। जुर्माने व सजा का है प्रावधानवृक्ष अधिनियम के तहत भी बिना अनुमति पेड़ काटना कानूनन जुर्म है जिसके लिए पैनल्टी और सजा भी हो सकती है। अत्यावश्यक होने पर यदि नगर निगम द्वारा पेड़ काटने की अनुमति जारी भी की जाती है तो एक पेड़ काटने के बदले 5 पौधे पहले ही दूसरे स्थान पर लगाए जाना अनिवार्य है। इतना ही नहीं पौधों की पांच साल तक पूरी देखरेख करना भी काटने वाले के लिए अनिवार्य है।

फिर आया तेंदुआ : गांव में घुसा तेंदुआ जा गिरा कुएं में, 7 घंटे में वन विभाग ने किया रेस्क्यू

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जिला मुख्यालय के सैलाना में उस वक्त हड़कंप मच गया जब ग्रामीणों ने कुएं में गुर्राते हुए तेंदुए को देखा। घटना सैलाना के आदिवासी बाहुल्य गांव आंबाकुड़ी की है। मवेशी चराने रविवार सुबह जंगल में ग्रामीण पहुंचे तो तेंदुए की आवाज सुनकर कुएं में देखा और सरवन पुलिस थाने पर सूचना दी। सुबह करीब 11.30 बजे सूचना मिलने के बाद मौके पर सरवन पुलिस थाना प्रभारी नीलम चौंगड़ बल के साथ पहुंची और वन विभाग को सूचित किया। 7 घंटे की मशक्कत के बाद शाम को 5:30 बजे तेंदुए का रेस्क्यू किया गया। अब विभाग की टीम उसे मानव आबादी से दूर जंगल मे छोड़ने की कार्रवाई करेगी। सैलाना-बांसवाड़ा रोड पर बसे गांव आंबाकुड़ी में किसान औंकार मुनिया के कुएं में तेंदुए की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। तेंदुआ कुएं के अंदर बनी बाउंड्री में उगी झाडिय़ों में लोगों को घूमता दिखाई दिया। लोगों ने उसकी वीडियो भी बनाई। पुलिस की सूचना पर रतलाम और सैलाना के वन विभाग की टीम भी पहुंची। शाम 5 बजे तक भी उन्हें सफलता नहीं मिली। थाना प्रभारी चौंगड़ ने बताया कि रेस्क्यू के लिए उज्जैन की टीम भी रवाना हो चुकी थी। तेंदुए को पकड़ने के लिए टीम ने पिंजरा रख उसमे मुर्गी रखी। जिसके बाद भी काफी मशक्कत के बाद तेंदुआ पकड़ में आया। एहतियात बतौर मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया। बता दें कि कुछ माह पहले सैलाना के ग्राम बोदिना और रतलाम के रेलवे कॉलोनी में भी तेंदुआ देखा जा चुका है। सैलाना के बोदिना में भी रातभर चले रेस्क्यू के बाद तेंदुए को जाल से पकड़ा था। इसके अलावा रतलाम के रेलवे कॉलोनी में तेंदुए की करीब तीन से चार दिन तक अलग – अलग क्षेत्रों में मूवमेंट देखा गया।

गुंडा चेकिंग अभियान : लिस्टेड गुंडे – बदमाश रात में घर पर है या नहीं, जांचने निकली चारो थानों की पुलिस

बीती रात हुए घटनाक्रम के बाद से पुलिस सतर्क, अब रात में जमावड़ा करना व घूमना पड़ेगा भारी पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। बीती रात शहर में एक के बाद एक तीन घटनाक्रम होने के बाद पुलिस विशेष सतर्कता बरते हुए है। पहला मामला थाना दीनदयाल नगर क्षेत्र के गोशाला रोड पर नमकीन की दुकान लगाने वाले विपिन वाघेला के साथ मारपीट का हुआ जिसमें आरोपी भोला उर्फ जीवन ने अवैध रुपयों की मांग की व दुकानदार की बुढ़ी मां व नोकर को भी पीटा। दूसरा मामला माणक चौक थाना अंतर्गत मालिकुआ व अशोक नगर में हुआ। जहां गंदगी फेंकने को लेकर दो युवकों की झड़प ने सामुदायिक रूप ले लिया। हालांकि बाद में पुलिस ने मामला शांत कर दोनों और से कायमी की। तीसरा एक मामला थाना स्टेशन रोड क्षेत्र का है जहां महू रोड स्थित पेट्रोल पंप पर एक रिटायर्ड पुलिसकर्मी के साथ ही बदमाशों ने मारपीट कर दी। लगातार हुई इन तीनों वारदातों के बाद शहर में पुलिस ने विशेष गुंडा चेकिंग अभियान कि शुरुआत कर दी। शनिवार देर रात सीएसपी अभिनव बारंगे स्टेशन रोड थाना क्षेत्र में गुंडा लिस्ट थामे नजर आए। इसके अलावा चारों थानों के टीआई भी अपने – अपने थाना क्षेत्र में लिस्टेड गुंडों के घर पहुंचे। पुलिस ने आपराधिक प्रवत्ति में लिप्त बदमाशों के घर पहुंचकर उनको समझाईश दी। कई बदमाश अपने घर नहीं मिले तो उनके परिजनों को हिदायत दी गई। इसके अलावा नए साल को देखते हुए भी पुलिस की हुड़दंगियों पर अभी से निगाहें है। रात में कई संदिग्धों व वाहनों को रोक कर पुलिस ने तलाशी भी ली। शहर सीएसपी अभिनव बारंगे ने बताया की अधिकांश घटनाएं रात के समय में हो रही है। जिसमें क्षेत्र के पुराने गुंडे ही शामिल होते है। एसपी राहुल कुमार लोढा द्वारा सभी थानों पर गुंडा चेकिंग अभियान के लिए निर्देशित किया गया है। इसी तरह का रात्रि चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा। जिससे आमजन में सुरक्षा का माहौल बना रहे व अपराधियों में भी पुलिस का ख़ौफ रहे।

दबंगई की हदें पार : मानसिक रूप से कमजोर युवक को लाठी डंडों से खूब पीटा, हत्या कर खून से लथपथ शव फेंका घर के बाहर

गुस्साए परिजनों ने शव रख किया चक्काजाम, करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष शिवप्रताप सिंह भी पहुंचेदेखे वीडियो पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जिला।मुख्यालय के पिपलोदा में सनसनीखेज मामला सामने आया। यहां आधी रात में कुछ दबंग एक युवक को उठा ले गए और उसकी लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। दो घंटे बाद खून से लथपथ उसका शव उसके घर के बाहर फेंक गए। हत्या के बाद गुस्साए परिजनों ने शनिवार दोपहर रतलाम-सैलाना रोड पर शव रखकर चक्काजाम किया। 48 घंटे में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के आश्वासन के बाद चार घंटे बाद प्रदर्शन खत्म हुआ। पूरे मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को राउंडअप भी किया है। दरअसल मामला पिपलौदा थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव का है। जहां धारा सिंह (27) पिता जुझार सिंह परिवार के साथ रहता था। वह मानसिक रूप से कमजोर था। पुलिस के अनुसार शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे गांव का रहने वाला राहुल सिंह पिता भोपाल सिंह अपने 5 साथियों के साथ स्कॉर्पियो से आया। उसने धारा सिंह को बाहर बुलाया। आते ही गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद गाड़ी में डालकर ले गए। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुट गई है। सुबह सुबह मां को मृत मिला बेटारात करीब दो बजे जमकर पिटाई कर आरोपी उसे घर के बाहर डाल गए। परिजन ने बताया कि सुबह करीब 5 बजे मां जागी। बाहर बरामदे में खून से लथपथ धारा सिंह पड़ा था। इससे वहां चीख-पुकार मच गई। मौके पर गांव वाले भी इकट्ठे हो गए। गांव वालों ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जावरा अस्पताल भिजवाया। दोपहर में पीएम के बाद शव परिजन को सौंप दिया। तब तक पुलिस ने दो आरोपियों को राउंड अप भी कर लिया। शव रख किया चक्काजाम, शाम को मानेशनिवार दोपहर 2 बजे परिजनों और गांव वालों ने रतलाम-सैलाना रोड पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। मौके पर जावरा एसडीओपी शक्ति सिंह, पिपलौदा थाना प्रभारी विक्रम सिंह भी पहुंचे। उन्होंने समझाइश दी, लेकिन परिजन नहीं माने। शाम को राष्ट्रीय करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष शिवप्रताप सिंह भी पहुंचे। परिजनों की मांग थी कि आरोपियों का घर ढहाया जाए। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। आरोपियों की आधी जमीन भी उनके नाम की जाए। शाम करीब 5:30 बजे मौके पर जावरा एसडीएम अनिल भाना पहुंचे। उन्होंने 48 घंटे में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही, अतिक्रमण तोड़े जाने के आश्वासन के बाद परिजन माने। शाम को ही शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। दो दिन पहले भी की थी मारपीटमृतक की बहन गजेंद्र कुंवर ने बताया कि धारा सिंह मानसिक रूप से कमजोर था। 28 दिसंबर को आरोपी राहुल सिंह गाड़ी लेकर जा रहा था। इसी दौरान धारा सिंह ने गाड़ी में पत्थर मारकर कांच तोड़ दिया। तब भी आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की थी। परिजनों को नहीं पता था कि आरोपी दिमागी रूप से कमजोर व्यक्ति को मौत के घाट उतारकर बदला लेंगे।

परफेक्ट पुलिसिंग : जांच में झूठा निकला बलात्कार का आरोप, अब शिकायत करने वाली महिला पर दर्ज होगा केस

सीसीटीवी फूटेज और मोबाइल लोकेशन ने बचाया, पुलिस ने 2 माह में किया निराकरण पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। बलात्कार या दुष्कर्म के रोज नए मामले सामने आते है। जिसमें महिला की शिकायत पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर पुलिस आरोपियों को सलाखों के पीछे कर देती है। ऐसा ही एक मामला रतलाम के ताल थाना क्षेत्र में भी आया। जिसमें महिला ने तीन लोगों के खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगाया। लेकिन जब पुलिस ने मामले की सत्यता जांची और निष्पक्ष जांच की तो मालूम हुआ कि पूरा मामला ही झूठा निकला। अब पुलिस आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुए केस को खत्म करने की कार्रवाई करते हुए शिकायत करने वाली महिला के खिलाफ केस दर्ज करेगी। पुलिस ने 2 महीने में ही दूध का दूध और पानी का पानी करते हुए तीन बेकसूर लोगों को बचा लिया। पुलिस मामले को चिन्हित कर गंभीरता से जांच नहीं करती तो सालों तक आरोपी बनाए गए बेकसूर सलाखों के पीछे ही रहते। एसपी राहुल कुमार लोढा ने बताया की ताल थाना अंतर्गत एक महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया था। आरोपियों के खिलाफ तथ्यात्मक जांच के लिए एएसपी राकेश खाखा व एसडीओपी शाबेरा अंसारी को निर्देशित कर टीम बनाई। जिसमें महिला द्वारा लगाए गए आरोप झूठे निकले। पुलिस टीम ने आरोपियों की निशानदेही व बताए गए लोकेशन की जब जांच की तो वह सही निकले। पुलिस टीम ने सीसीटीवी व सायबर की मदद से इसमें टेकनिकल सबूत जुटाए। जिस महिला ने यह झूठा मुकदमा दर्ज करवाया अब उसके खिलाफ पुलिस 182/211 सीआरपीसी के अंतर्गत कार्रवाई करेगी। इसके साथ ही पुलिस तीनों आरोपियों पर दर्ज केस को खारिज करवाते हुए उन्हें छोड़ने के लिए कोर्ट से अपील करेगी। महिला ने क्यों किया ऐसा?पुलिस सूत्रों के अनुसार महिला का पति शराब का अवैध काम करता है। जिससे पुलिस ने महिला के पति के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। महिला को शंका थी की जुझार सिंह, राजेश सिंह डोडिया एवं कुलदीप सिंह ने उसके पति की सूचना पुलिस को देकर केस बनवाया। जिसके बाद महिला कई बार तीनों को झूठे आरोप में फंसाने की धमकी भी दे चुकी थी। यह था पूरा घटनाक्रमदिनांक 26 अक्टूबर 2023 को फरियादी महिला द्वारा बताया कि वह दोपहर 1:00 बजे के करीब उसके भांजे के साथ बाइक पर ताल आ रही थी। इस दौरान रास्ते में बाइक पंचर हो जाने से उसका भांजा पंचर निकलवाने चला गया। महिला वहीं खड़ी उसका इंतजार कर रही थी। इस दौरान उसके पास एक सफेद रंग की कार आकर रूकी जिसमे तीन व्यक्ति जुझार सिंह, राजेश सिंह डोडिया एवं कुलदीप सिंह बैठे थे। महिला ने बताया उन्होंने मुझे घर छोड़ने का बोलकर गाड़ी में बैठा लिया। फिर मुझे अनजान जगह पर ले जाकर मेरे साथ तीनो ने बलात्कार कर मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी। मारपीट से मैं बेहोश हो गई थी। अगले दिन जब होश में आई तो तीनों व्यक्ति मुझे कार में बैठाकर आबूपुरा के पास मगरे पर छोड़ गए। और धमकी दी कि यह बात किसी को बताई तो जान से मार देगे तीनो वह से भाग गए। फरियादी महिला की रिपोर्ट पर थाना ताल पर अपराध क्रमांक 573/23 धारा 323,342,366, 376(डी), 506,34 भादवि का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। पुलिस जांच में खुली पोलपुलिस ने आरोपी राजेश पिता गोकुल सिंह डोडिया, जुझार सिंह पिता मंगूसिंह पंवार, निवासी टूटीयाखेड़ी जिला उज्जैन को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किए जो न्यायिक अभिरक्षा में लिए गए थे। तथा एक आरोपी कुलदीप सिंह की तलाश की जा रही थी। घटना की सत्यता के बारे जानकारी प्राप्त करने हेतु अग्रिम विवेचना के दौरान घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरे चेक किए। जिसमे फरियादी महिला द्वारा बताए गए घटनाक्रम के संबंधित कोई तथ्य नहीं मिले। महिला द्वारा बताई कार के संबंध में जानकारी प्राप्त करने हेतु जावरा शहर के सीसीटीवी कैमरे चेक करने पर उक्त वाहन घटना के समय घटनास्थल से 50 किमी दूर जावरा शहर के सीसीटीवी में दिखाई दिया। तीनो आरोपीयो की घटना के समय की उपस्थिति के संबंध में तथ्यात्मक जांच की गई। इस दौरान कुलदीप सिंह के घटना के दिन घर से निकलने तथा शराब की दुकान ग्राम रूपेटा पर जाने, उसके दोस्त के साथ रूपेटा से जावरा जाने के फुटेज सीसीटीवी कैमरे में देखे गए। इसी के साथ कुलदीप सिंह के मोबाइल की लोकेशन आदि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भी आरोपी घटनास्थल पर नही होने की पुष्टि हुई।विवेचना के दौरान आरोपीयो की मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी कैमरे से मिले फुटेज, साक्षियों के कथन आदि के आधार पर प्राप्त तथ्यों का विश्लेषण करने पर फरियादी द्वारा पंजीबद्ध रिपोर्ट असत्य पाई गई। पूरी जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी गई है अब कोर्ट द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जनता का ISSUE : इंडस्ट्रियल एरिया में उद्योगों की मनमानी, सड़कों पर खड़े रहते दर्जनों ट्रक बन रहे राहगीरों की बाधा

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। नगर में संचालित हो रहे उद्योगों की मनमानी इस कदर हावी है की उनके आगे नियम कायदे बोने नजर आ रहे है। ऐसा ही मंजर आजकल इंडस्ट्रियल एरिया में देखने को मिल रहा है। जहां बेधड़क नियम विपरीत सड़कों पर उद्योगों का माल उतारा और चढ़ाया जा रहा है। यहां बड़े – बड़े ट्रक नियम विपरीत सड़कों को घेरे खड़े रहते है। जबकी नियमानुसार उद्योगों को अपने परिसर में इनको खड़ा रखना होता है। इसके अलावा नियमों को ताक पर रखते हुए उद्योगों में आने वाले भारी वाहन ट्रक आदि को सड़कों पर लाइन से खड़ा कर दिया जाता है, जो की कई दिनों तक वहीं खड़े रहते है। धनबल व राजनीतिक रसूख के चलते पुलिस भी इन पर कोई कार्रवाई नहीं करती। कई उद्योगों ने तो अपने लाभ के लिए सरकारी रास्तों को फेंसिंग या चद्दर डाल कर बंद कर रखा है। आमतौर पर रेलवे माल गोदाम, रतलाम वायर्स, कटारिया प्लास्टिक, डीपी वायर्स जैसे उद्योगों के बाहर अक्सर जाम देखा जा सकता है। नागरिक जब इन रास्तों से गुजरते है तो ट्रक घण्टों तक साइड नहीं देते जिससे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पूरे मामले में उद्योग महाप्रबंधक मुकेश शर्मा से पब्लिक वार्ता ने सवाल किया तो उनका कहना था की उद्योगों व उनके मालिक को भारी वाहनों व अन्य की पार्किंग व्यवस्था खुद को करना होती है। राहगीर या आमजन परेशान होते है तो यह गलत है, ट्रैफिक नियमों के अनुसार पुलिस कार्रवाई की जा सकती है। औद्योगिक थाना पुलिस के अनुसार उद्योगों को समझाईश दी जाएगी। अगर फिर भी कोई सुधार नहीं होता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

औचक निरीक्षण : देर रात अचानक मुस्तेदी जांचने निकले एसपी, दो को मिली शाबासी और एक को मिला नोटिस

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के बाद रतलाम पुलिस कप्तान बुधवार देर रात अचानक मुस्तेदी जांचने निकल पड़े। पुलिस कप्तान के अचानक आने से पूरा महकमा आश्चर्य में पड़ गया। पुलिस कप्तान राहुल कुमार लोढा ने थाना बिलपांक व थाना नामली का औचक निरीक्षण किया। एसपी राहुल कुमार ने बताया की डीजीपी सुधीर कुमार सक्सेना द्वारा सभी पुलिस अधीक्षकों को अपने अपने क्षैत्र में पहुंचकर औचक निरीक्षण करने हेतु निर्देशित किया गया था। इसी तारतम्य में दिनांक 27.12.23 को रतलाम ग्रामीण अनुभाग के थाना नामली एवं थाना बिलपांक का औचक निरीक्षण किया।एसपी रात में  बिलपांक थाना पहुंचे जहा थाना प्रभारी मुनेंद्र कुमार गौतम अपने स्टाफ के साथ उपस्थित थे। पुलिस अधीक्षक द्वारा  हवालात चेक कर, बंदी सुरक्षा इंतजाम का निरीक्षण किया। इसके अलावा रात्रि ड्यूटी ऑफिसर, चिता पार्टी एवं रात्रि गश्त अधिकारियो को चेक किया। इस दौरान रात्रि गश्त अधिकारी एएसआई सतीश ठाकुर को ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने पर नोटिस जारी किया गया। पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना प्रभारी एवं थाना स्टाफ को रात्री गश्त, हवालात में बंदी सुरक्षा इंतजाम आदि के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए।          इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने थाना नामली पहुंचकर रात्रि गश्त अधिकारी को चेक किया। रात्रि गस्त अधिकारी एसआई सचिन डाबर ड्यूटी पर मुस्तैद मिले। सचिन डाबर के साथ हवालात एवम बंदी सुरक्षा इंतजाम का निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों को रात्री गश्त, हवालात में बंदी सुरक्षा आदि के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

निगमकर्मी की पिटाई : अतिक्रमण हटाने गए राजस्व विभाग के लिपिक के साथ मारपीट, घायल ने करवाई पुलिस एफआईआर

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। कलेक्टर भास्कर लाक्षाकार के आदेश के बाद निगमकर्मी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में लगे है। इसी बीच नगर निगम की राजस्व टीम जब कॉलेज रोड पर अतिक्रमण हटाने पहुंची तो अतिक्रमण कर बैठे दुकानदार ने निगमकर्मी की ही पिटाई कर दी। जिससे निगमकर्मी के दाहिने हाथ में चोट भी पहुंची है। निगमकर्मी ने पुलिस में शासकीय कार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज करवाई। पुलिस के अनुसार राजस्व विभाग में लिपिक पवन पिता दिनेश सोलंकी निवासी स्टेशन रोड के साथ मारपीट की यह घटना हुई है। घायल पवन ने पुलिस को बताया की डिप्टी कमिश्नर विकास सोलंकी के आदेश के बाद वह सहायक राजस्व निरीक्षक सुनील कपूर के साथ नगर निगम व कॉलेज रोड पर अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंचे। आरोग्यम हॉस्पिटल के सामने चश्मे की दुकान लगाने वाले मुन्ना को जब हटाने के लिए कहा गया तो उसने बोला में नहीं हटाऊंगा और मां बहन की नंगी गालियां देने लगा। उसे मना करने पर उसने किसी धारधार वस्तु से हमला कर दिया जिससे दाहिने हाथ पर चोट पहुंची। थाना स्टेशन रोड पुलिस ने निगमकर्मी पवन की शिकायत पर आरोपी मुन्ना निवासी मोचिपुरा के खिलाफ आईपीसी की धारा 353, 332,323 व 294 में प्रकरण दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

अपहरण कांड : मासूम बच्ची के अपहरण के पीछे की असल वजह नहीं आई सामने, कारण तस्करी है या शादी?

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शिवगढ़-बाजना के नजदीक हेवड़ा गांव में दो साल की मासूम बच्ची के अपहरण का मामला सामने आया है। मगर बदमाश इसमें सफल नहीं हो सके, क्योंकि ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना देकर कार का पीछा किया। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। हालांकि पुलिस ने राजापुरा माताजी के पास बेरिकेड्स लगाकर घेराबंदी की थी जिसे आरोपी तोड़ते हुए निकल गए। बाद में बीच रास्ते क्रेन लगाकर आरोपियों को पकड़ा गया। इस दौरान लोगों ने उनकी धुनाई भी कर दी। पकड़ाए तीनों आरोपी रविवार तक भी पुलिस को गुमराह करते रहे। उनके द्वारा अब तक अपहरण की असल वजह नहीं बताई गई है। एसपी राहुल कुमार लोढ़ा के अनुसार आरोपी प्रेमिका से शादी नहीं होने जैसी बात कर रहे है। उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड लेकर गहन पूछताछ की जाएगी। जिसके बाद ही पूरा मामला स्पष्ट होगा। ऐसे में एक बड़ा सवाल है की क्या आरोपी ऐसे छोटे बच्चों का अपहरण कर उनकी तस्करी में लिप्त है या और कोई निजी वजह है? क्या पुलिस इसे मानव तस्करी से जोड़ कर आगे जांच बढ़ाएगी क्योंकि आरोपी ढाबे का संचालन करते ऐसे में ढाबे ट्रैफिकिंग का एक आसान जरिया है। कई ढाबों से मादक पदार्थों की तस्करी के मामले सामने आ चुके है। एसपी के अनुसार मुख्य आरोपी नामली का लोकेश जाट (23 ) है, जो कि नामली में ही ढाबे का संचालन करता है। इसके अलावा दो अन्य आरोपी अर्जुन गायरी (22) व और कागली खेड़ा का गौतम झोड़िया (21) हैं, जो ढाबे पर काम करते है। गौतम बाजना का ही रहने वाला है, जबकि अर्जुन नामली में रहता है। ऐसे हुआ पूरा घटनाक्रमशनिवार शाम को हेवड़ा गांव में एक महिला हैंडपंप पर पानी भर रही थी, उसके घर के सामने ही बालिका खेल रही थी। हैंडपंप घर से थोड़ी दूर ही है। इतने में ही एक कार आई और घर के बाहर खेल रही मासूम को बिठाकर ले गए। बालिका की मां ने शोर मचाया तो आसपास के लोग एकत्रित हुए और कार का पीछा करना शुरू कर दिया। राजपुरा माताजी के पास पुलिस ने रोकने के बंदोबस्त किए लेकिन वे नाकाबंदी तोड़ते हुए शिवगढ की और भागे। ग्रामीणों और पुलिस को पीछे देखकर आरोपियों ने कार रोकी और खेरियापड़ा में भाग गए। ग्रामीणों ने पीछा कर उन्हें दबोच लिया। चारों तरफ से कार को ग्रामीणों ने घेर लिया। पुलिस पहुंचती इसके पहले कुछ लोगों ने आरोपियों की धुनाई कर दी।

नृशंस हत्या का पर्दाफाश : हत्या करने आये थे बेटे की मगर मां को घोंप दिए चाकू, हत्यारों ने बूजुर्ग महिला पर पेट्रोल डाल लगा दी आग

अतिक्रमण हटवाने को लेकर रंजिश पाले था हत्यारा, मौका पाकर कर दी हत्या! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। तीन दिन पहले रात को घटित हुए जघन्य हत्याकांड ने हर किसी को हैरान कर दिया था। वारदात कोजिले के नामली थाना अंतर्गत रघुनाथगढ़ में अंजाम दिया गया। जहां 66 वर्षीय मांगूबाई पति स्व. भागीरथ गायरी की नृशंस हत्या कर दी। हत्यारों ने पहले नींद में सोई बुजुर्ग महिला के गले व पेट में चाकू मारे। जिसके बाद पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया। मामले की जानकारी मिलते ही एसडीओपी अभिलाष भलावी व नामली थाना प्रभारी धर्मेंद्र शिवहरे मौके पर पहुंचे। जिसके बाद उन्होंने पुलिस कप्तान राहुल कुमार लोढा को जानकारी दी। जानकारी मिलते ही रतलाम से एसपी राहुल लोढा व एएसपी राकेश खाखा व फोरेंसिक अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने 12 घंटे के भीतर ही हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए मुख्य आरोपी सहित 4 को धार जिले के बखतगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। वहीं 5वां एक और आरोपी फरार है जिसकी तलाश की जा रही है। पूरे मामले में मुख्य आरोपी कन्हैयालाल कीर ने पुलिस को बताया की वह साथियों के साथ महिला को मारने नहीं आया था बल्कि उसके बेटे मुकेश को मारने आया था। मगर रात को मुकेश के बाहर पार्टी में जाने से उस पलंग पर चादर ओढ़े उसकी मां सोई थी, जिससे उसकी हत्या कर दी। हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए उसने खुद की बाइक से पेट्रोल निकाला और बूजुर्ग महिला पर डालकर आग लगा दी। रंजिश बदली हत्या मेंएसपी राहुल कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया की रुघनाथगढ निवासी मुकेश गायरी की मां मांगूबाई की हत्या कर दी गई थी। जांच के दौरान 66 वर्षीय मृतिका मांगुबाई का पी.एम. पेनल द्वारा करवाया। पीएम रिपोर्ट मे मृतिका के गले व पेट पर धारदार हथियार से चोट की बात सामने आई। इसके अलावा साक्ष्य मिटाने के लिए पेट्रोल डालकर लाश को जला दिया गया। मौके पर लोगों व चश्मदीदों से पूछताछ में मालूम हुआ की कन्हैया कीर निवासी ग्राम रुघनाथगढ का मृतिका व उसके बेटे मुकेश गायरी से विवाद हुआ था। विवाद मुकेश द्वारा शिकायत करके सरकारी जमीन पर आरोपी कन्हैया का अवैध अतिक्रमण व कब्जा हटवाने का था। इसी रंजिश के चलते कन्हैया ने अपने साथियों गोकुल भील, मांगीलाल उर्फ मंगलेश जाट, सत्तु उर्फ सत्यनारायण जायसवाल व मनीष जाट निवासी अकोलिया जिला धार के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। ऐसे पहुंची पुलिस आरोपियों तकमामला जघन्य हत्या का था। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी राहुल कुमार लोढा ने घटना स्थल का निरीक्षण किया जिसके बाद टीम बनाकर उसे रवाना किया गया। जांच के दोरान ग्रामीणो के अलग अलग बयान लेकर आस पास क्षैत्र के सीसीटीवी फुटेज चेक किए। जिसमे एक अल्टो कार जाते दिखी जिस पर से टोल के सीसीटीवी फुटेज चेक कर सायबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्य एकत्रित किये गये। टीम द्वारा सभी आरोपियों को मुखबिर सूचना के आधार पर तलाश करते हुए बदनावर पेटलावद बायपास बखतगढ फंटे से आरोपीगणो को गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने टीम को 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। 4 आरोपी गिरफ्तार व 1 फरार1. कन्हैयालाल पिता लालु जाति कीर उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम रुघनाथगढ थाना नामली2 मनीष पिता गोपाल जाति जाट उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम अकोलिया थाना राजोद जिला धार3 सत्यनाराण उर्फ सत्तु पिता समरथलाल जयसवाल जाति कलाल उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम अकोलिया थाना राजोद जिला धार4 गोकुल पिता लालसिह खराड़ी जाति भील उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम अकोलिया थाना राजोद जिला धार 5 फरार आरोपी मांगीलाल उर्फ मंगलेश पिता बापुलाल जाट ग्राम अकोलिया थाना राजोद जिला धार का फरार है । टीम में इनकी रही सराहनीय भूमिका मामले में नामली टीआई धमेंद्र शिवहरे, उनि सचिन डावर, उनि रविंद्र मालवीय, उनि अमित शर्मा सायबर सेल, सउनी ओपी राठौर, का.सउनि संतोष अग्नीहोत्री, का.प्र.आर राहुल जाट, का प्र.आर. शिवपाल सिंह, प्रआर महेन्द्रसिह राठौर आर. नरेन्द्रसिह जगावत, आर. मनोहर नागदा, आर. कुलदीप व्यास, आर. मनोज मुजाल्दे, आर. शांतिलाल राठौर, आर. शिवराम मोर्य, आर. मंयक जाटव,  सायबर सेल आर. विपुल भावसार, सैनिक विजय जाधव की भूमिका अहम रही।

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