When to celebrate Diwali?: देशभर में इस दिन मनेगी 2024 की दिवाली, जयपुर की धर्मसभा में हुआ निर्णय

धर्मसभा में 100 से अधिक विद्वान, ज्योतिषाचार्य और धर्माचार्य उपस्थित हुए, गहन विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि दीपावली (Diwali 2024) का पर्व 31 अक्टूबर 2024 को मनाने का निर्णय जयपुर – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। कब मनाएं दिवाली?: दीपावली पर्व की तिथि को लेकर देशभर में जारी असमंजस के बीच, 15 अक्टूबर 2024 को जयपुर स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के नवीन सभागार में अखिल भारतीय विद्वत परिषद द्वारा एक महत्वपूर्ण धर्मसभा का आयोजन किया गया। धर्मसभा में 100 से अधिक विद्वान, ज्योतिषाचार्य और धर्माचार्य उपस्थित हुए। प्रमुख ज्योतिषाचार्य प्रो. रामपाल शास्त्री की अध्यक्षता में हुई इस धर्मसभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष दीपावली (When to celebrate Diwali?) का महापर्व 31 अक्टूबर 2024, गुरुवार को ही मनाया जाएगा। धर्मसभा के अनुसार, यह तिथि शास्त्रसम्मत है और इसी दिन लक्ष्मी पूजन (Lakshmi Pujan) का सही समय है। धर्मसभा का निर्णय: 31 अक्टूबर को मनाई जाएगी दीपावलीधर्मसभा में विद्वानों ने विभिन्न पंचांगों, ज्योतिषीय गणनाओं और शास्त्रीय प्रमाणों का सूक्ष्म अध्ययन किया। गहन विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि दीपावली का पर्व 31 अक्टूबर 2024 को ही मनाना शास्त्रों के अनुसार उचित और शुभ है। इस दिन प्रदोषकाल में व्यापिनी कार्तिकी अमावस्या का समय रहेगा, जो लक्ष्मी पूजन के लिए सबसे शुभ मानी जाती है। धर्मसभा के संयोजक प्रो. मोहनलाल शर्मा ने बताया कि विद्वानों ने पंचांगों की गणनाओं और सूर्य सिद्धांत के आधार पर इस निर्णय को अंतिम रूप दिया। उन्होंने कहा, “31 अक्टूबर की रात को पूरी अमावस्या व्यापिनी रहेगी, और शास्त्रों के अनुसार कर्मकाल में तिथि की प्राप्ति आवश्यक होती है। इस कारण 31 अक्टूबर को ही दीपावली मनाई जानी चाहिए।” शास्त्रों का समर्थन: प्रदोषकाल में लक्ष्मी पूजन का महत्वधर्मशास्त्रों के अनुसार, प्रदोषकाल में लक्ष्मी पूजन को अत्यधिक शुभ और फलदायी माना जाता है। धर्मसभा में इस बात पर जोर दिया गया कि 31 अक्टूबर को प्रदोषकाल के समय व्यापिनी अमावस्या रहेगी, और उसी समय लक्ष्मी पूजन करना शास्त्रों के अनुसार सबसे उचित होगा। धर्मसभा के अध्यक्ष प्रो. रामपाल शास्त्री ने कहा, “दीपावली का पर्व तब तक सही नहीं माना जा सकता जब तक कि वह प्रदोषकाल में व्यापिनी अमावस्या के समय न हो।” विरोध के स्वर: 1 नवंबर को भी दिवाली के पक्ष में विद्वानों की रायहालांकि धर्मसभा में 31 अक्टूबर की तिथि को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया, कुछ विद्वानों ने इसका विरोध भी जताया। जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रवक्ता शास्त्री कोसलेंद्रदास सहित अन्य विद्वानों ने तर्क दिया कि 1 नवंबर को सूर्योदय और सूर्यास्त के बाद अमावस्या रहेगी, जो लक्ष्मी पूजन के लिए अधिक शुभ मानी जाती है। शास्त्री कोसलेंद्रदास ने कहा, “शास्त्रों में यह स्पष्ट उल्लेख है कि जब दो दिन अमावस्या का योग हो, तो दूसरे दिन अमावस्या को पर्व मनाना चाहिए। इस वर्ष 1 नवंबर को भी अमावस्या सूर्योदय के बाद तक बनी रहेगी, इसलिए 1 नवंबर को दीपावली का पर्व मनाना शास्त्रसम्मत होगा।” ज्योतिषाचार्य पंडित दिनेश शर्मा ने भी इसी प्रकार का तर्क देते हुए कहा, “दो दिन अमावस्या होने पर शास्त्रों के अनुसार उत्तर वाली अमावस्या (दूसरे दिन) को लक्ष्मी पूजन करना सही होता है। 1 नवंबर को स्वाति नक्षत्र का भी संयोग रहेगा, जिससे लक्ष्मी पूजन का महत्व और बढ़ जाएगा।” देशभर में विविधता: अलग-अलग राज्यों में अलग तिथियों पर दीपावलीदीपावली पर्व को लेकर देशभर में अलग-अलग पंचांगों के आधार पर विभिन्न तिथियों का निर्धारण किया गया है। अयोध्या के राममंदिर में 1 नवंबर को दीपावली मनाई जाएगी, जबकि काशी में सौर पंचांग सिद्धांत के अनुसार 31 अक्टूबर को ही पर्व मनाने का निर्णय लिया गया है। दिल्ली के कुछ पंचांगकर्ता 1 नवंबर को दीपावली मानने के पक्ष में हैं, वहीं राजस्थान के जयविनोदी पंचांग और सर्वेश्वर जयादित्य पंचांग के अनुसार 31 अक्टूबर को ही दीपावली मनाई जाएगी। जयपुर के प्रसिद्ध गोविंद देव जी मंदिर में भी 31 अक्टूबर को ही लक्ष्मी पूजन होगा। धर्मसभा का उद्देश्य: एकरूपता और धार्मिक अनुशासन की स्थापनाधर्मसभा के निर्णय का उद्देश्य पूरे देश में दीपावली की तिथि को लेकर चल रहे भ्रम को समाप्त करना और सनातन धर्म के अनुयायियों के बीच धार्मिक अनुशासन और एकरूपता को बढ़ावा देना है। धर्मसभा के विद्वानों ने कहा कि शास्त्रों के आधार पर 31 अक्टूबर को दीपावली मनाना सर्वश्रेष्ठ और शुभ है। धर्मसभा का निर्णय यह सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है कि सनातन धर्म के अनुयायी सही समय पर दीपावली का महापर्व मना सकें।

Ratlam News: रतलाम में होगा अद्भुत ‘महाशतावधान’ का आयोजन, जैन मुनि देंगे 200 सवालों के क्रमशः उत्तर

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: विज्ञान कहता है कि एक साधारण व्यक्ति एक समय में केवल 5 से 10 चीजें ही याद रख सकता है, लेकिन रतलाम में 20 अक्टूबर को जैन मुनि श्री चंद्रप्रभ चंद्र सागर जी महाराज इस धारणा को चुनौती देंगे। चंपा विहार में आयोजित होने वाले इस अद्वितीय कार्यक्रम ‘महाशतावधान’ में मुनिश्री 2000 से अधिक लोगों के सामने 200 सवालों को एक ही बार सुनकर क्रमशः उनके उत्तर देंगे। यह अद्भुत स्मरण शक्ति का प्रदर्शन आधुनिक विज्ञान के लिए एक आश्चर्यजनक घटना साबित होगी। यह सवाल वहां उपस्थित लोगों के बीच से होंगे। भारतवर्ष की प्राचीन और वैदिक परंपरा में ऐसी अद्भुत स्मरणशक्ति की कहानियां मिलती हैं, जहां विद्यार्थी गुरु से एक बार सुनकर ही आगम और वेद ग्रंथ याद कर लेते थे। वर्तमान में जब मनुष्य की स्मरण शक्ति कमजोर होती जा रही है और अल्जाइमर एवं पार्किंसंस जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं, ऐसे समय में यह महाशतावधान कार्यक्रम मानवता के लिए एक नई आशा का संचार करेगा। आचार्य श्री नयचंद्र सागर सुरीश्वर जी महाराज की प्रेरणा से आयोजित इस कार्यक्रम में मुनिश्री के 10 से अधिक शिष्य ‘शतावधानी’, ‘महाशतावधानी’, ‘अर्धसहस्त्रावधानी’, और ‘सहस्त्रावधानी’ के रूप में अपनी स्मरण शक्ति का प्रदर्शन कर चुके हैं। इनकी अनूठी सरस्वती साधना के जरिए अब तक 50,000 से अधिक विद्यार्थियों ने लाभ उठाया है। रतलाम में आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के प्रति पूरे भारतवर्ष में उत्साह है। न्यायाधीश, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट, और व्यवसायी सहित कई गणमान्य व्यक्ति इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रतलाम पहुँचेंगे। मध्यप्रदेश की जनता भी इस अद्वितीय स्मरण शक्ति के प्रदर्शन को देखने के लिए उत्सुक है, जिससे रतलाम इतिहास का साक्षी बनेगा। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए पूरे शहर में तैयारियां जोरों पर हैं, और इस आयोजन को देखने के लिए लोग बड़ी संख्या में पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं।

Ratlam News: सेवा भारती के कन्या पूजन से समाज में समरसता का संदेश

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क| Ratlam News: सेवा भारती रतलाम द्वारा एक अनोखा कन्या पूजन आयोजन किया गया, जो समाज के पिछड़े, निर्धन, शोषित, वंचित वर्ग की बच्चियों के लिए विशेष रूप से आयोजित था। यह आयोजन समाज में समरसता और एकता का संदेश देने के उद्देश्य से किया गया। सेवा भारती रतलाम लंबे समय से रतलाम जिले में विभिन्न सेवा कार्यों का संचालन करती आ रही है। इनमें निर्धन बस्तियों में संस्कार केंद्र संचालित किए जाते हैं, जहां बच्चों को अच्छे संस्कार दिए जाते हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए मार्गदर्शन किया जाता है। इसके अलावा नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिसमें बच्चों और उनके परिवारों का स्वास्थ्य परीक्षण और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाती हैं। महिला सशक्तिकरण के लिए महिला विकास केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं। इस विशेष कन्या पूजन कार्यक्रम में भाग लेने वाली बच्चियां इन्हीं परिवारों से थीं। इस कार्यक्रम में समाज के प्रतिष्ठित गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित किया गया, जिन्होंने कन्या पूजन की रस्म अदा की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता रतलाम विभाग के सहकार्यवाह आकाश चौहान थे। उन्होंने भारतीय परंपरा, शक्ति उपासना, सामाजिक समरसता और हिन्दू एकता पर अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया। विशिष्ट अतिथियों में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका सीमा अग्निहोत्री, वरिष्ठ चिकित्सक बी. एल. तपड़िया और युवा उद्योगपति मनीष चोपड़ा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवा भारती रतलाम के अध्यक्ष और उद्योगपति अनुज छाजेड़ ने की। उन्होंने बताया कि संघ और सेवा भारती का कार्य समाज में सेवा के माध्यम से परिवर्तन लाना है, और सेवा भारती यह कार्य निरंतर करती आ रही है। उन्होंने कहा कि हमारे स्वयंसेवक समाज के हर सुख-दुःख में सदैव तत्पर रहते हैं, और इस कन्या पूजन के माध्यम से भी समता और सेवा का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के अंत में एसेल्स स्कूल रतलाम की दो छात्राओं ने राजस्थानी लोक नृत्य “तेरह ताली” प्रस्तुत किया, जिसके बाद मंच पर उपस्थित अतिथियों द्वारा नौ कन्याओं का पूजन कर इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई। कार्यक्रम का आभार आयोजन समिति संयोजक शीतल भंसाली ने व्यक्त किया। मंच संचालन सेवा भारती के सचिव मोहित कसेरा ने किया, और कार्यक्रम में भवजागरण हेतु गीत की प्रस्तुति अर्पित ने दी। इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें विभाग सेवा प्रमुख गज, जिला सेवा प्रमुख पवन कसेरा, मनीष सोनी, नितिन फलोदिया, अभिनव बर्मेचा, वत्सल पाटनी, आशा दुबे, सुमित्रा अवतानी, निधि अग्रवाल, राकेश मोदी, राजेश बाथम और संगीता जैन सहित बड़ी संख्या में समाज जन और कार्यकर्ता उपस्थित थे। इस कार्यक्रम के माध्यम से सेवा भारती ने समाज में सेवा और समता का संदेश दिया, और यह आयोजन विशेष रूप से समाज के वंचित वर्ग के उत्थान के लिए समर्पित रहा।

नाम से राशि कैसे पता करे? : आपको अपनी राशि नहीं पता?  नाम के पहले अक्षर से ऐसे करे मालूम?

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। नाम से राशि कैसे पता करे? :नाम के अक्षरों से राशिफल (Horoscope) जानने के लिए वैदिक ज्योतिष में नाम के पहले अक्षर के आधार पर राशि निर्धारित की जाती है। जब किसी व्यक्ति की कुंडली उपलब्ध नहीं होती, तो नाम के पहले अक्षर से उसकी राशि का अनुमान लगाया जाता है। यह प्रक्रिया जन्म समय और स्थान के अभाव में ज्योतिषीय गणना में मददगार होती है। यहां 12 राशियों और उनके संबंधित अक्षर दिए जा रहे हैं: यदि किसी व्यक्ति के नाम का पहला अक्षर ऊपर दिए गए अक्षरों से मेल खाता है, तो उसी के अनुसार उनकी राशि निर्धारित की जा सकती है। उदाहरण के लिए, यदि किसी का नाम “राकेश” है, तो उसका नाम “र” से शुरू होता है, और उसकी राशि “तुला” होगी।

RSS पथ संचलन: महाराष्ट्र में RSS के जुलूस को मुस्लिम भीड़ द्वारा रोकने की कोशिश, तनाव के बाद पुलिस ने दर्ज की FIR

मुंबई – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क।RSS पथ संचलन: दशहरा से एक दिन पहले महाराष्ट्र के रत्नागिरी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के जुलूस यानी पथ संचलन के दौरान तनाव पैदा हो गया। जानकारी के मुताबिक जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पथ संचलन को रोकने का प्रयास किया।वहीं कथित तौर पर नारेबाजी की। इससे इलाके का माहौल तनावपूर्ण हो गया। रत्नागिरी के एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक शुक्रवार रात को कोंकण नगर इलाके में यह घटना हुई। इसके बाद पुलिस ने दो मामले दर्ज किए हैं। महाराष्ट्र विधानसभा में कणकवली से विधायक और बीजेपी नेता नितेश राणे ने एक तथाकथित वीडियो शेयर किया है, जिसमें कुछ लोगों को नारेबाजी करते हुए देखा गया था। घटना को लेकर नितेश ने वीडियो के साथ लिखा- ‘इसका हिसाब तो होगा… इंटरेस्ट के साथ’! रत्नागिरी में शुक्रवार शाम निकला था RSS का मार्चरत्नागिरी में शुक्रवार शाम को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता कदम ताल करते हुए घोष के साथ मार्च कर रहे थे। संघ कार्यकर्ता कतार लगाकर चल रहे थे। इसी बीच कुछ अराजक तत्वों का झुंड इस मार्च को बाधित करने की कोशिश करते हुए दिखाई दिया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी उन लोगों को रोककर खड़े हुए थे, ताकि आरएसएस का मार्च निकल सके।वीडियो में देखा गया कि संघ कार्यकर्ताओं के आते ही वहां मौजूद अराजक तत्व नारेबाजी करने लगे। उन लोगों ने धार्मिक नारे लगाए। काफी देर तक ये लोग संघ कार्यकर्ताओं के मार्च के बीच नारेबाजी करते रहे। पुलिस वहां मोर्चा संभालकर डटी हुई थी और संघ का मार्च वहां से धीरे-धीरे आगे निकल गया था। फिलहाल पुलिस ने बताया कि जब दशहरा उत्सव की पूर्व संध्या पर आरएसएस ने इलाके में पथ संचलन किया तो अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले नारे लगाए। हालांकि कोई हिंसा नहीं हुई। मगर रात को लोगों की भीड़ थाने में जुट गई। लोगों ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। अधिकारी ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अभी किसी की गिरफ्तारी नहींपुलिस अधिकारी ने बताया कि हमने शिकायतों के आधार पर दो मामले दर्ज किए हैं। पांच आरोपियों की पहचान कर ली गई है। उन्हें नोटिस जारी कर दिए हैं। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। भागवत ने विजयादशमी पर क्या कहा?नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने विजयादशमी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने हिंदुओं से एक होने की अपील की। भागवत ने बांग्लादेश का उदाहरण दिया और कहा कि पहली बार हिंदू एकजुट हुए और अपनी रक्षा के लिए सड़कों पर उतरे। उन्होंने कहा कि जब तक अत्याचार करने की कट्टरपंथी प्रकृति बनी रहेगी तब तक न केवल हिंदू बल्कि सभी अल्पसंख्यक खतरे में रहेंगे। कमजोरी कोई विकल्प नहींसंघ प्रमुख ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा की निंदा की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जो कुछ हो रहा है, वह भारत के हिंदुओं के लिए भी सीख है। हमारे पड़ोसी बांग्लादेश में जो कुछ हुआ? इसके कुछ तात्कालिक कारण हो सकते हैं और जो लोग चिंतित हैं, वे इस पर चर्चा करेंगे। मगर मूल मुद्दा हिंदुओं के खिलाफ बार-बार हो रहा अत्याचार है। भागवत ने आगे कहा कि अगर हम कमजोर हैं तो हम अत्याचार को आमंत्रित कर रहे हैं। हम जहां भी हैं, हमें एकजुट और सशक्त होने की जरूरत है। कमजोरी कोई विकल्प नहीं है। बांग्लादेश पर भड़के भागवतभागवत ने कहा कि बांग्लादेश में ऐसी चर्चाएं चल रही हैं कि उन्हें पाकिस्तान का साथ देना चाहिए क्योंकि उसके पास परमाणु शक्ति है और उन्हें भारत से खतरा है। उन्होंने कहा कि जिस देश को उसके निर्माण में पूरा समर्थन मिला, वह अब भारत के खिलाफ इस तरह के बयान को बढ़ावा दे रहा है।

Navratri Festival: MP के रतलाम का अनोखा भैरव मंदिर, यहां गलती पर पछाड़ देते है भैरव!

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Navratri Festival: मध्यप्रदेश के रतलाम (Ratlam) में धभाई जी का वास में स्थित भैरव मंदिर एक प्राचीन और रहस्यमय स्थल है, जहां श्रद्धालु चमत्कारिक घटनाओं का अनुभव करते हैं। इस मंदिर में भगवान भैरव को “पछाड़मल” कहा जाता है, जो मान्यता अनुसार गलती करने वालों को दंड देते हैं। मंदिर में दो प्रमुख प्रतिमाएं विराजमान हैं—काला भैरव और गौरा भैरव। इनमें से एक प्रतिमा को मदिरा और दूसरी को दूध का भोग अर्पित किया जाता है। पछाड़मल भैरव मंदिर पर सेवा दे रहे रविंद्रसिंह सोनगरा के अनुसार यह मंदिर रतलाम रियासतकाल से आस्था का प्रमुख केंद्र है। नवरात्रि के दौरान यहां नौ दिन तक अखंड ज्योत प्रज्वलित की जाती है, और दशहरे पर जवारों (वाड़ी) का विसर्जन विधि-विधान से किया जाता है। मंदिर की खास बात यह है कि यहां श्रद्धालुओं को मन्नत के लिए कोई महंगा चढ़ावा नहीं चढ़ाना पड़ता, बल्कि दूध, नारियल या मदिरा से ही भगवान भैरव को प्रसन्न किया जा सकता है। मंदिर के इतिहास में कई चमत्कारिक घटनाओं का उल्लेख है, जैसे गलती करने पर भैरव महाराज द्वारा व्यक्ति को दंडित किया जाना। मंदिर से जुड़े कई किस्से लोगों की आस्था को और भी गहरा करते हैं। एक उदाहरण में एक युवक मंदिर में मदिरा चढ़ाने के बाद जब घर के लिए निकला तो रास्ते में चलती साइकिल से अचानक गिर गया था, जिसे भैरव महाराज की सजा के रूप में देखा गया। देश भर से श्रद्धालु यहां अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आते हैं, और उनका मानना है कि यहां भूत-प्रेत बाधा जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलती है। यह मंदिर न केवल धार्मिक, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। रतलाम का यह धाम आस्था और विश्वास का प्रतीक है, जहां हर साल हजारों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं और अपनी मन्नतें पूरी करते हैं। (DISCLAIMER: इस लेख में वर्णित चमत्कारी मंदिर और संबंधित घटनाओं का विवरण भक्तों के अनुभवों और विश्वासों पर आधारित है। इसे किसी धार्मिक या वैज्ञानिक प्रमाण के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति का अनुभव और विश्वास अलग हो सकता है। पाठकों से अनुरोध है कि वे अपनी व्यक्तिगत धारणा और निर्णय के आधार पर मंदिरों और उनकी शक्ति के बारे में सोचें। किसी भी धार्मिक स्थान पर जाने से पहले उचित सावधानी बरतें और आवश्यक शोध करें।)

Ratlam News: शास्त्र पूजन एवं आरती कार्यक्रम: विहिप का शस्त्रों की महत्ता पर जोर, शहर के गरबा पांडालों में हुए शस्त्र पूजन

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: देवरा देव नारायण नवयुवक मंडल और विश्व हिंदू परिषद के श्रीराम प्रखंड द्वारा शास्त्र पूजन एवं आरती का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बालिकाओं और जिले के पदाधिकारियों ने शास्त्रों की पूजा की। बजरंग दल के जिला संयोजक मुकेश व्यास ने कहा कि शास्त्रों की पूजा के साथ-साथ हर घर में शस्त्रों का होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि हमारे भगवानों ने भी अधर्म और विधर्मियों का नाश करने के लिए शस्त्र उठाए थे, इसलिए सभी सनातनियों को अपने घरों में शस्त्र रखना चाहिए। कार्यक्रम में नगर निगम एमआईसी सदस्य भगत सिंह भदोरिया, जिला संयोजक मुकेश व्यास, जिला मंत्री अक्षय गोमैं, जिला प्रचार प्रसार प्रमुख मोंटी जायसवाल, विद्यार्थी प्रमुख कृष्णा भामा, श्री राम प्रखंड के नीरज सतवानी, विजय प्रजापत अन्य प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में आरएसएस के नगर कार्यवाह किशन माहेश्वरी और मनीष रावल भी शामिल हुए। विशेष रूप से, विहिप द्वारा नो दिन तक अलग-अलग पंडालों में शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य न केवल धार्मिक आस्था को बढ़ावा देना है, बल्कि युवाओं में शस्त्रों के प्रति जागरूकता भी फैलाना है। शास्त्रों की पूजा के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि शस्त्र केवल सुरक्षा का साधन नहीं, बल्कि धर्म और संस्कृति की रक्षा का प्रतीक भी हैं।

Ratlam News: नगर में 2 स्थानों पर होगा आतिशबाजी के साथ रावण दहन, ट्रैफिक रूट किया डायवर्ट

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: विजयादशमी पर्व (दशहरा)पर नेहरू स्टेडियम (पोलोग्राउंड) में 51 फीट ऊंचे रावण का पुतला धूमधाम से दहन किया जाएगा। शाम 7 बजे से बैंड की सुमधुर धुन और 8 बजे भव्य आतिशबाजी के साथ रावण दहन का आयोजन होगा। नगर निगम द्वारा यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जिसमें भगवान राम की सवारी आने के बाद रावण और लंका का दहन किया जाएगा। भगवान राम की सवारी व आकर्षक झांकी नगर निगम से प्रारंभ होगी। रात करीब 9 बजे रावण का दहन किया जाएगा। दो रामरथ यात्राएं निकाली जाएंगी, जिनमें से एक नगर निगम से और दूसरी श्री राममंदिर से शुरू होगी। पहली यात्रा 5 बजे नगर निगम से शुरू होकर महलवाड़ा, पेलेस रोड, डालूमोदी बाजार, घास बाजार, चौमुखीपुल होते हुए पोलोग्राउंड पर समाप्त होगी। वहीं, दूसरी यात्रा श्री राममंदिर से 6 बजे सज्जनमील चौराहा, अलकापुरी चौराहा होते हुए बड़बड़ सभागृह पहुंचेगी, जहां रावण दहन का आयोजन होगा। साथ ही, बरबड़ मेला परिसर में 31 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन भी होगा। श्री राम नवयुवक मंडल राम मंदिर से झांकि व सवारी निकालते हुए बड़बड़ मेला ग्राउंड पहुंचेगे। जहां रात करीब 9 बजे रावण दहन का आयोजन किया जाएगा। नगर निगम महापौर प्रहलाद पटेल, निगम अध्यक्ष मनीषा शर्मा सहित अन्य अधिकारियों ने शहरवासियों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। यातायात पुलिस ने कार्यक्रम के दौरान विशेष यातायात डायवर्जन की व्यवस्था की है, जिसमें यात्रा मार्गों पर भारी वाहनों और दोपहिया/चारपहिया वाहनों पर प्रतिबंध रहेगा। पार्किंग की विशेष व्यवस्था रहेगी। आम नागरिकों के लिए ये रहेगा रूटरतलाम पुलिस ने आगामी विजयादशमी पर्व पर 12 अक्टूबर 2024 को रामरथ यात्रा और रावण दहन के दौरान यातायात को सुचारु रखने के लिए विशेष रूट डायवर्जन लागू किया है। शाम 4 बजे से शुरू होने वाले इन आयोजनों में आम जनता की बड़ी भीड़ शामिल होगी। यातायात प्रतिबंध– पूरे शहर में सभी प्रकार के भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।– रामरथ यात्रा के रूट पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी।– पोलोग्राउंड और बड़बड़ सभागृह के आसपास विशेष पार्किंग क्षेत्र तय किए गए हैं। पोलोग्राउंड के बाहर दिवाकर ऑटो पार्ट्स के पास और कांवेण्ट चौराहा बगीचे के पास दोपहिया वाहन पार्क किए जा सकेंगे।– छत्रीपुल से दो बत्ती चौराहा और महाराजा सज्जन सिंह चौराहा के बीच की सड़कें बंद रहेंगी।

Ratlam News: बाजना बस स्टेंड पर गरबे की धूम, JSK क्लब द्वारा महाआरती और कन्या पूजन आज

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क: Ratlam News:  शहर में नवरात्रि की धूम बढ़ती जा रही है और पंडालों में गरबे का रंग चढ़ने लगा है। बाजना बस स्टेंड पर JSK क्लब (जय श्री कृष्णा) द्वारा 21वां गरबा महोत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस महोत्सव में हर रोज़ गरबा रास के जरिए पूरे इलाके में उत्सव का माहौल बना हुआ है। खासकर शाम 8 से 9 बजे के बीच छोटी-छोटी बालिकाएं भी गरबा खेलते हुए इस सांस्कृतिक आयोजन को जीवंत बना रही हैं।  गुरुवार को आयोजित आरती में भाजपा नेता जुबिन जैन, युवा मोर्चा अध्यक्ष विप्लव जैन और जिला मंत्री रवि सोनी ने विशेष अतिथि के रूप में शामिल होकर आरती का लाभ लिया। महाआरती और कन्या पूजन का आयोजनआयोजन की जानकारी देते हुए अनिल अन्ना रोतेला और शांतु भाई ग्वाली ने बताया कि JSK क्लब द्वारा हर साल की तरह इस वर्ष भी नवदुर्गा उत्सव को बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर महाआरती और कन्या पूजन का आयोजन आज महानवमी के दिन किया जाएगा। इस विशेष आयोजन के लिए सभी शहरवासियों को आमंत्रित किया गया है। आयोजन के समापन पर इनाम वितरण समारोह भी रखा गया है, जिसमें गरबे में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। JSK क्लब का 21वां गरबा महोत्सवJSK क्लब के गरबा महोत्सव की पहचान न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि पूरे रतलाम में है। क्लब हर साल गरबा प्रेमियों के लिए शानदार आयोजन करता है, जिसमें नवरात्रि के नौ दिनों तक विशेष कार्यक्रम होते हैं। क्लब के आयोजक लगातार यह सुनिश्चित करते हैं कि पारंपरिक गरबे का आनंद सभी उम्र के लोग ले सकें। आज की महाआरती और कन्या पूजन के साथ इस महोत्सव का समापन होगा, लेकिन गरबे की रंगत और उत्साह अगले साल तक के लिए यादगार रहेंगे।

Ratlam News: लक्ष्मी नगर में रंगारंग भव्य गरबा आयोजन, आज अंतिम दिन फ्रिज, वाशिंग मशीन जैसे आकर्षक उपहार

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: शहर के लक्ष्मी नगर स्थित मां अंबे माता मंदिर में इस वर्ष का नवरात्रि महोत्सव बड़े धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। माँ अम्बे नवयुवक मंडल द्वारा आयोजित नौ दिवसीय गरबा महोत्सव आज अंतिम दिन पर पहुंचेगा। मां के दरबार में हर दिन भव्य महाआरती का आयोजन रात 8:30 बजे से शुरू हुआ, जिसके बाद रात 9 बजे से गरबा उत्सव की शुरुआत की गई। नवरात्र के अंतिम दिन यानी नवमीं पर पूरी रात मां की आराधना की जाएगी। प्रतिदिन 8 से 10 लकी ड्रा का खोले जा रहे है। जिसमें फ्रिज, टीवी, चांदी की पायल जैसे आकर्षक उपहार दिए जा रहे है। समिति के जलज सांखला ने बताया महोत्सव में गरबा खेलने वाली सभी बालिकाओं के लिए प्रोत्साहन पुरुस्कार रखे गए है। पंचमी, छठ, सप्तमी व अष्टमी पर विशेष लकी ड्रॉ का आयोजन हुआ, जिसमें मिक्सर, माइक्रो ओवन, 32 इंच स्मार्ट टीवी, वाशिंग मशीन और फ्रिज जैसे आकर्षक इनाम दिए गए। सर्वश्रेष्ठ गरबा करने वाली 10 बालिकाओं का चयन कर उन्हें चांदी के सिक्के भी वितरित किए जा रहे है। शस्त्र के साथ गरबा करते हुए भी मां की आराधना की गई। नवरात्रि के समापन के बाद कन्या भोज व विशाल महाप्रसादी भंडारे का आयोजन किया जाएगा।