RSS पथ संचलन: महाराष्ट्र में RSS के जुलूस को मुस्लिम भीड़ द्वारा रोकने की कोशिश, तनाव के बाद पुलिस ने दर्ज की FIR

मुंबई – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क।RSS पथ संचलन: दशहरा से एक दिन पहले महाराष्ट्र के रत्नागिरी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के जुलूस यानी पथ संचलन के दौरान तनाव पैदा हो गया। जानकारी के मुताबिक जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पथ संचलन को रोकने का प्रयास किया।वहीं कथित तौर पर नारेबाजी की। इससे इलाके का माहौल तनावपूर्ण हो गया। रत्नागिरी के एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक शुक्रवार रात को कोंकण नगर इलाके में यह घटना हुई। इसके बाद पुलिस ने दो मामले दर्ज किए हैं। महाराष्ट्र विधानसभा में कणकवली से विधायक और बीजेपी नेता नितेश राणे ने एक तथाकथित वीडियो शेयर किया है, जिसमें कुछ लोगों को नारेबाजी करते हुए देखा गया था। घटना को लेकर नितेश ने वीडियो के साथ लिखा- ‘इसका हिसाब तो होगा… इंटरेस्ट के साथ’! रत्नागिरी में शुक्रवार शाम निकला था RSS का मार्चरत्नागिरी में शुक्रवार शाम को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता कदम ताल करते हुए घोष के साथ मार्च कर रहे थे। संघ कार्यकर्ता कतार लगाकर चल रहे थे। इसी बीच कुछ अराजक तत्वों का झुंड इस मार्च को बाधित करने की कोशिश करते हुए दिखाई दिया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी उन लोगों को रोककर खड़े हुए थे, ताकि आरएसएस का मार्च निकल सके।वीडियो में देखा गया कि संघ कार्यकर्ताओं के आते ही वहां मौजूद अराजक तत्व नारेबाजी करने लगे। उन लोगों ने धार्मिक नारे लगाए। काफी देर तक ये लोग संघ कार्यकर्ताओं के मार्च के बीच नारेबाजी करते रहे। पुलिस वहां मोर्चा संभालकर डटी हुई थी और संघ का मार्च वहां से धीरे-धीरे आगे निकल गया था। फिलहाल पुलिस ने बताया कि जब दशहरा उत्सव की पूर्व संध्या पर आरएसएस ने इलाके में पथ संचलन किया तो अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले नारे लगाए। हालांकि कोई हिंसा नहीं हुई। मगर रात को लोगों की भीड़ थाने में जुट गई। लोगों ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। अधिकारी ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अभी किसी की गिरफ्तारी नहींपुलिस अधिकारी ने बताया कि हमने शिकायतों के आधार पर दो मामले दर्ज किए हैं। पांच आरोपियों की पहचान कर ली गई है। उन्हें नोटिस जारी कर दिए हैं। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। भागवत ने विजयादशमी पर क्या कहा?नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने विजयादशमी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने हिंदुओं से एक होने की अपील की। भागवत ने बांग्लादेश का उदाहरण दिया और कहा कि पहली बार हिंदू एकजुट हुए और अपनी रक्षा के लिए सड़कों पर उतरे। उन्होंने कहा कि जब तक अत्याचार करने की कट्टरपंथी प्रकृति बनी रहेगी तब तक न केवल हिंदू बल्कि सभी अल्पसंख्यक खतरे में रहेंगे। कमजोरी कोई विकल्प नहींसंघ प्रमुख ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा की निंदा की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जो कुछ हो रहा है, वह भारत के हिंदुओं के लिए भी सीख है। हमारे पड़ोसी बांग्लादेश में जो कुछ हुआ? इसके कुछ तात्कालिक कारण हो सकते हैं और जो लोग चिंतित हैं, वे इस पर चर्चा करेंगे। मगर मूल मुद्दा हिंदुओं के खिलाफ बार-बार हो रहा अत्याचार है। भागवत ने आगे कहा कि अगर हम कमजोर हैं तो हम अत्याचार को आमंत्रित कर रहे हैं। हम जहां भी हैं, हमें एकजुट और सशक्त होने की जरूरत है। कमजोरी कोई विकल्प नहीं है। बांग्लादेश पर भड़के भागवतभागवत ने कहा कि बांग्लादेश में ऐसी चर्चाएं चल रही हैं कि उन्हें पाकिस्तान का साथ देना चाहिए क्योंकि उसके पास परमाणु शक्ति है और उन्हें भारत से खतरा है। उन्होंने कहा कि जिस देश को उसके निर्माण में पूरा समर्थन मिला, वह अब भारत के खिलाफ इस तरह के बयान को बढ़ावा दे रहा है।

Navratri Festival: MP के रतलाम का अनोखा भैरव मंदिर, यहां गलती पर पछाड़ देते है भैरव!

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Navratri Festival: मध्यप्रदेश के रतलाम (Ratlam) में धभाई जी का वास में स्थित भैरव मंदिर एक प्राचीन और रहस्यमय स्थल है, जहां श्रद्धालु चमत्कारिक घटनाओं का अनुभव करते हैं। इस मंदिर में भगवान भैरव को “पछाड़मल” कहा जाता है, जो मान्यता अनुसार गलती करने वालों को दंड देते हैं। मंदिर में दो प्रमुख प्रतिमाएं विराजमान हैं—काला भैरव और गौरा भैरव। इनमें से एक प्रतिमा को मदिरा और दूसरी को दूध का भोग अर्पित किया जाता है। पछाड़मल भैरव मंदिर पर सेवा दे रहे रविंद्रसिंह सोनगरा के अनुसार यह मंदिर रतलाम रियासतकाल से आस्था का प्रमुख केंद्र है। नवरात्रि के दौरान यहां नौ दिन तक अखंड ज्योत प्रज्वलित की जाती है, और दशहरे पर जवारों (वाड़ी) का विसर्जन विधि-विधान से किया जाता है। मंदिर की खास बात यह है कि यहां श्रद्धालुओं को मन्नत के लिए कोई महंगा चढ़ावा नहीं चढ़ाना पड़ता, बल्कि दूध, नारियल या मदिरा से ही भगवान भैरव को प्रसन्न किया जा सकता है। मंदिर के इतिहास में कई चमत्कारिक घटनाओं का उल्लेख है, जैसे गलती करने पर भैरव महाराज द्वारा व्यक्ति को दंडित किया जाना। मंदिर से जुड़े कई किस्से लोगों की आस्था को और भी गहरा करते हैं। एक उदाहरण में एक युवक मंदिर में मदिरा चढ़ाने के बाद जब घर के लिए निकला तो रास्ते में चलती साइकिल से अचानक गिर गया था, जिसे भैरव महाराज की सजा के रूप में देखा गया। देश भर से श्रद्धालु यहां अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आते हैं, और उनका मानना है कि यहां भूत-प्रेत बाधा जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलती है। यह मंदिर न केवल धार्मिक, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। रतलाम का यह धाम आस्था और विश्वास का प्रतीक है, जहां हर साल हजारों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं और अपनी मन्नतें पूरी करते हैं। (DISCLAIMER: इस लेख में वर्णित चमत्कारी मंदिर और संबंधित घटनाओं का विवरण भक्तों के अनुभवों और विश्वासों पर आधारित है। इसे किसी धार्मिक या वैज्ञानिक प्रमाण के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति का अनुभव और विश्वास अलग हो सकता है। पाठकों से अनुरोध है कि वे अपनी व्यक्तिगत धारणा और निर्णय के आधार पर मंदिरों और उनकी शक्ति के बारे में सोचें। किसी भी धार्मिक स्थान पर जाने से पहले उचित सावधानी बरतें और आवश्यक शोध करें।)

Ratlam News: शास्त्र पूजन एवं आरती कार्यक्रम: विहिप का शस्त्रों की महत्ता पर जोर, शहर के गरबा पांडालों में हुए शस्त्र पूजन

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: देवरा देव नारायण नवयुवक मंडल और विश्व हिंदू परिषद के श्रीराम प्रखंड द्वारा शास्त्र पूजन एवं आरती का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बालिकाओं और जिले के पदाधिकारियों ने शास्त्रों की पूजा की। बजरंग दल के जिला संयोजक मुकेश व्यास ने कहा कि शास्त्रों की पूजा के साथ-साथ हर घर में शस्त्रों का होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि हमारे भगवानों ने भी अधर्म और विधर्मियों का नाश करने के लिए शस्त्र उठाए थे, इसलिए सभी सनातनियों को अपने घरों में शस्त्र रखना चाहिए। कार्यक्रम में नगर निगम एमआईसी सदस्य भगत सिंह भदोरिया, जिला संयोजक मुकेश व्यास, जिला मंत्री अक्षय गोमैं, जिला प्रचार प्रसार प्रमुख मोंटी जायसवाल, विद्यार्थी प्रमुख कृष्णा भामा, श्री राम प्रखंड के नीरज सतवानी, विजय प्रजापत अन्य प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में आरएसएस के नगर कार्यवाह किशन माहेश्वरी और मनीष रावल भी शामिल हुए। विशेष रूप से, विहिप द्वारा नो दिन तक अलग-अलग पंडालों में शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य न केवल धार्मिक आस्था को बढ़ावा देना है, बल्कि युवाओं में शस्त्रों के प्रति जागरूकता भी फैलाना है। शास्त्रों की पूजा के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि शस्त्र केवल सुरक्षा का साधन नहीं, बल्कि धर्म और संस्कृति की रक्षा का प्रतीक भी हैं।

Ratlam News: नगर में 2 स्थानों पर होगा आतिशबाजी के साथ रावण दहन, ट्रैफिक रूट किया डायवर्ट

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: विजयादशमी पर्व (दशहरा)पर नेहरू स्टेडियम (पोलोग्राउंड) में 51 फीट ऊंचे रावण का पुतला धूमधाम से दहन किया जाएगा। शाम 7 बजे से बैंड की सुमधुर धुन और 8 बजे भव्य आतिशबाजी के साथ रावण दहन का आयोजन होगा। नगर निगम द्वारा यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जिसमें भगवान राम की सवारी आने के बाद रावण और लंका का दहन किया जाएगा। भगवान राम की सवारी व आकर्षक झांकी नगर निगम से प्रारंभ होगी। रात करीब 9 बजे रावण का दहन किया जाएगा। दो रामरथ यात्राएं निकाली जाएंगी, जिनमें से एक नगर निगम से और दूसरी श्री राममंदिर से शुरू होगी। पहली यात्रा 5 बजे नगर निगम से शुरू होकर महलवाड़ा, पेलेस रोड, डालूमोदी बाजार, घास बाजार, चौमुखीपुल होते हुए पोलोग्राउंड पर समाप्त होगी। वहीं, दूसरी यात्रा श्री राममंदिर से 6 बजे सज्जनमील चौराहा, अलकापुरी चौराहा होते हुए बड़बड़ सभागृह पहुंचेगी, जहां रावण दहन का आयोजन होगा। साथ ही, बरबड़ मेला परिसर में 31 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन भी होगा। श्री राम नवयुवक मंडल राम मंदिर से झांकि व सवारी निकालते हुए बड़बड़ मेला ग्राउंड पहुंचेगे। जहां रात करीब 9 बजे रावण दहन का आयोजन किया जाएगा। नगर निगम महापौर प्रहलाद पटेल, निगम अध्यक्ष मनीषा शर्मा सहित अन्य अधिकारियों ने शहरवासियों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। यातायात पुलिस ने कार्यक्रम के दौरान विशेष यातायात डायवर्जन की व्यवस्था की है, जिसमें यात्रा मार्गों पर भारी वाहनों और दोपहिया/चारपहिया वाहनों पर प्रतिबंध रहेगा। पार्किंग की विशेष व्यवस्था रहेगी। आम नागरिकों के लिए ये रहेगा रूटरतलाम पुलिस ने आगामी विजयादशमी पर्व पर 12 अक्टूबर 2024 को रामरथ यात्रा और रावण दहन के दौरान यातायात को सुचारु रखने के लिए विशेष रूट डायवर्जन लागू किया है। शाम 4 बजे से शुरू होने वाले इन आयोजनों में आम जनता की बड़ी भीड़ शामिल होगी। यातायात प्रतिबंध– पूरे शहर में सभी प्रकार के भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।– रामरथ यात्रा के रूट पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी।– पोलोग्राउंड और बड़बड़ सभागृह के आसपास विशेष पार्किंग क्षेत्र तय किए गए हैं। पोलोग्राउंड के बाहर दिवाकर ऑटो पार्ट्स के पास और कांवेण्ट चौराहा बगीचे के पास दोपहिया वाहन पार्क किए जा सकेंगे।– छत्रीपुल से दो बत्ती चौराहा और महाराजा सज्जन सिंह चौराहा के बीच की सड़कें बंद रहेंगी।

Ratlam News: बाजना बस स्टेंड पर गरबे की धूम, JSK क्लब द्वारा महाआरती और कन्या पूजन आज

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क: Ratlam News:  शहर में नवरात्रि की धूम बढ़ती जा रही है और पंडालों में गरबे का रंग चढ़ने लगा है। बाजना बस स्टेंड पर JSK क्लब (जय श्री कृष्णा) द्वारा 21वां गरबा महोत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस महोत्सव में हर रोज़ गरबा रास के जरिए पूरे इलाके में उत्सव का माहौल बना हुआ है। खासकर शाम 8 से 9 बजे के बीच छोटी-छोटी बालिकाएं भी गरबा खेलते हुए इस सांस्कृतिक आयोजन को जीवंत बना रही हैं।  गुरुवार को आयोजित आरती में भाजपा नेता जुबिन जैन, युवा मोर्चा अध्यक्ष विप्लव जैन और जिला मंत्री रवि सोनी ने विशेष अतिथि के रूप में शामिल होकर आरती का लाभ लिया। महाआरती और कन्या पूजन का आयोजनआयोजन की जानकारी देते हुए अनिल अन्ना रोतेला और शांतु भाई ग्वाली ने बताया कि JSK क्लब द्वारा हर साल की तरह इस वर्ष भी नवदुर्गा उत्सव को बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर महाआरती और कन्या पूजन का आयोजन आज महानवमी के दिन किया जाएगा। इस विशेष आयोजन के लिए सभी शहरवासियों को आमंत्रित किया गया है। आयोजन के समापन पर इनाम वितरण समारोह भी रखा गया है, जिसमें गरबे में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। JSK क्लब का 21वां गरबा महोत्सवJSK क्लब के गरबा महोत्सव की पहचान न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि पूरे रतलाम में है। क्लब हर साल गरबा प्रेमियों के लिए शानदार आयोजन करता है, जिसमें नवरात्रि के नौ दिनों तक विशेष कार्यक्रम होते हैं। क्लब के आयोजक लगातार यह सुनिश्चित करते हैं कि पारंपरिक गरबे का आनंद सभी उम्र के लोग ले सकें। आज की महाआरती और कन्या पूजन के साथ इस महोत्सव का समापन होगा, लेकिन गरबे की रंगत और उत्साह अगले साल तक के लिए यादगार रहेंगे।

Ratlam News: लक्ष्मी नगर में रंगारंग भव्य गरबा आयोजन, आज अंतिम दिन फ्रिज, वाशिंग मशीन जैसे आकर्षक उपहार

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: शहर के लक्ष्मी नगर स्थित मां अंबे माता मंदिर में इस वर्ष का नवरात्रि महोत्सव बड़े धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। माँ अम्बे नवयुवक मंडल द्वारा आयोजित नौ दिवसीय गरबा महोत्सव आज अंतिम दिन पर पहुंचेगा। मां के दरबार में हर दिन भव्य महाआरती का आयोजन रात 8:30 बजे से शुरू हुआ, जिसके बाद रात 9 बजे से गरबा उत्सव की शुरुआत की गई। नवरात्र के अंतिम दिन यानी नवमीं पर पूरी रात मां की आराधना की जाएगी। प्रतिदिन 8 से 10 लकी ड्रा का खोले जा रहे है। जिसमें फ्रिज, टीवी, चांदी की पायल जैसे आकर्षक उपहार दिए जा रहे है। समिति के जलज सांखला ने बताया महोत्सव में गरबा खेलने वाली सभी बालिकाओं के लिए प्रोत्साहन पुरुस्कार रखे गए है। पंचमी, छठ, सप्तमी व अष्टमी पर विशेष लकी ड्रॉ का आयोजन हुआ, जिसमें मिक्सर, माइक्रो ओवन, 32 इंच स्मार्ट टीवी, वाशिंग मशीन और फ्रिज जैसे आकर्षक इनाम दिए गए। सर्वश्रेष्ठ गरबा करने वाली 10 बालिकाओं का चयन कर उन्हें चांदी के सिक्के भी वितरित किए जा रहे है। शस्त्र के साथ गरबा करते हुए भी मां की आराधना की गई। नवरात्रि के समापन के बाद कन्या भोज व विशाल महाप्रसादी भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

“Ashtami 2024: व्रत, कन्या पूजन के महत्व और शुभ मुहूर्त जानें”

पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क| ashtami 2024: हर वर्ष नवरात्रि का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है, जिसमें माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान अष्टमी और नवमी का विशेष महत्व है, जब कन्या पूजन का आयोजन किया जाता है। (Ashtami)अष्टमी तिथि:इस वर्ष, शारदीय नवरात्रि 3 अक्टूबर से शुरू हो रही है और 12 अक्टूबर को समाप्त होगी। अष्टमी का व्रत 11 अक्टूबर को मनाया जाएगा, क्योंकि इस दिन अष्टमी तिथि सुबह 6:52 बजे समाप्त होगी। कन्या पूजन का उत्तम समय:कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। इस बार अष्टमी पर कन्या पूजन का शुभ समय सुबह 9 बजे से 10 बजे के बीच रहेगा। व्रत और पूजा का शुभ मुहूर्त:– अष्टमी तिथि: 10 अक्टूबर दोपहर 12:23 बजे से शुरू होकर 11 अक्टूबर सुबह 6:52 बजे समाप्त होगी।– नवमी तिथि: 11 अक्टूबर सुबह 6:52 बजे से शुरू होकर 12 अक्टूबर भोर 5:12 बजे तक रहेगी।– अष्टमी का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए 11अक्टूबर  का दिन पूजा और हवन के लिए शुभ है। कन्याओं को विदाई:कन्या पूजन के बाद, सभी कन्याओं को विदा करते समय पान, फल, दक्षिणा और लाल चुनरी अर्पित करना न भूलें। यह माता दुर्गा की कृपा का मार्ग प्रशस्त करता है।इस नवरात्रि, श्रद्धालुओं को माता दुर्गा की आराधना में पूरी श्रद्धा के साथ शामिल होने का निमंत्रण है। नवमी तिथि के कारण महाष्टमी और महानवमी एक ही दिन हो जा रहा उन्होंने कहा कि क्षयवती नवमी तिथि के कारण महाष्टमी और महानवमी एक ही दिन हो जा रहा है। माता दुर्गा का प्राण- प्रतिष्ठा तिथि सप्तमी और मूल नक्षत्र के योग 9 अक्टूबर बुधवार को मध्याह्न मे किया जाएगा। सामान्यतः माता – बहन गोदी भरने का कार्य प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही आरम्भ कर देती है जो नवमी तक चलता है। इस हिसाब से यह कार्य 9 अक्टूबर बुधवार मध्याह्न बेला से 11 अक्टूबर शुक्रवार तक कर सकते है।

Navratri Special: इस मंदिर में जिंदा और मुर्दा दोनों जाते है एक रास्ते से, श्मशान में बनते है दाल – बाटी और लड्डू जैसे व्यंजन, मां काली का अनोखा मंदिर

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Navratri Special: नवरात्रि की धूम पूरे देशभर में है। भक्त मां दुर्गा के नो स्वरूपों की आराधना में जुट गए है। वहीं मध्यप्रदेश के रतलाम में एक ऐसा अनोखा मंदिर है, जहां जिंदा इंसान के साथ – साथ मुर्दा इंसान भी जाता है। इस मंदिर में जाने से पहले आपको जलती चिताओं के पास से गुजरना होगा। जिसके बाद आप मंदिर में पहुंचकर मां कालिका के दर्शन करेंगे। यह मंदिर रतलाम के महू रोड बस स्टैंड स्थित भक्तन की बावड़ी पर स्थित श्मशान में है। यहां मां काली के रुद्र स्वरूप की प्रतिमा स्थापित है। इसका निर्माण काले पाषाण से किया गया है। मां कालिका की मूर्ति में तेज और प्रताप ऐसा है की आप मंत्रमुग्ध हो जाए। मानो साक्षात देवी आपके सामने प्रकट है। श्मशान में स्थापित इस मंदिर की विशेषता है की यहां आने वाले मुर्दो और जिंदा इंसान दोनों का रास्ता एक है। मुर्दे यानी मृत शरीर की तो यात्रा इस मंदिर में आने के बाद समाप्त हो जाती है, मगर जीवित इंसान यहां दर्शन कर बाहर निकलकर अपनी जीवन यात्रा जारी रखता है। जीवन और मृत्यु चक्र दिखाता मंदिरधर्मशास्त्र के जानकार बताते है की श्मशान में मां कालिका का मंदिर होना जीवन और मृत्यु के चक्र का प्रतीक है। यह स्थान एक धार्मिक और आध्यात्मिक जुड़ाव को दर्शाता है, जहां जीवन के अंतिम संस्कार के साथ-साथ देवी की पूजा-अर्चना होती है। यह दर्शाता है कि मृत्यु केवल एक अंत नहीं है, बल्कि पुनर्जन्म और आत्मा की यात्रा का हिस्सा है। भक्तों के लिए, यह स्थान आशा और शांति का केंद्र है, जो उन्हें कठिन समय में संजीवनी प्रदान करता है। नवरात्रि में होती है विशेष आराधनारतलाम की मुक्तिधाम धर्मार्थ सेवा समिति के रामसिंह  भाटी, राजेंद्र पुरोहित, संदीप पांचाल, मनोज प्रजापति, संतोष ओगड़, आयुष माली, चेतन गुर्जर आदि भक्तगण सेवा देते है। इस मंदिर में हर साल चैत्र और शारदीय नवरात्रि के दौरान एकम को नहीं बल्कि अमावस्या के दिन अखंड ज्योति प्रज्वलित की जाती है, जो यहां की विशेषता है। दोनों नवरात्रि में यहां विशेष आयोजन होते है। भक्त दूर – दराज से यहां मनोकामना लेकर आते है। दशहरे पर भव्य भंडारे की प्रसादी का आयोजन होता है। प्रसादी में दाल – बाटी व लड्डु जैसे विशेष व्यंजन बनाए जाते है। श्मशान में ही लोग इस भोजन प्रसादी को ग्रहण करते है। नवरात्रि पर यहां विशेष दर्शन व मां के विभिन्न स्वरूपों को दर्शाया जाता है। संत सोनीनाथ महाराज जी द्वारा की स्थापनामंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से जुड़े भक्त राजेंद्र पुरोहित बताते है की यह मंदिर लगभग 50 साल पुराना है, जिसकी स्थापना गुरु संतश्री 1008 सोनीनाथ जी महाराज ने की थी। सोनीनाथ जी, जो स्व ब्राह्मण थे, ने अपने गुरु के आदेश पर जूते सुधारने का कार्य किया। शहर के रेलवे ग्राउंड के पास वे मोची का कार्य करते थे। वहीं उनकी दिव्यता के कारण भक्तों का जमावड़ा रहता था और दुकानदारी छोड़ सत्संग करते रहते थे। कई बार भक्तों ने उनसे कार्य छोड़कर स्थान पर विराजमान होने की अपील की लेकिन उन्होंने इंकार किया और सही समय व गुरु आज्ञा आने का कहा। जिसके बाद एक दिन उनसे जब निवेदन किया तो उन्होंने अपना काम छोड़कर संत सेवा में आने का आग्रह स्वीकार किया। उन्होंने श्मशान में रुकने की इच्छा जाहिर की तब उजाला ग्रुप के विजेंद्र जायसवाल द्वारा भक्तन बावड़ी में रुकने के लिए प्रबंध किए। महाराज ने सन 2005 में अपना मानव शरीर त्यागा और ब्रह्मलीन हुए। करीब 40 वर्षो से मंदिर समिति द्वारा महाशिवरात्रि पर छड़ी यात्रा का आयोजन किया जाता है। मां कालिका से सीधे करते थे बातसंत सोनीनाथ जी के बारे में कहा जाता है की वे भक्तों की समस्याएँ सुनकर दूर करने की क्षमता रखते थे। उन्होंने कभी चमत्कार जैसा कुछ नहीं आभास कराया लेकिन चमत्कार होता था। उनके पास ऐसी सिध्दि थी जिसके माध्यम से वे भक्तों की पीड़ा को मां कालिका से बताते और समाधान करने का विनय करते। जिसके बाद उनकी समस्याएं दूर हो जाती। भक्तों के अनुसार वे मां कालिका से सीधे जीवंत संपर्क में रहते थे और उनसे बात करते थे। यहां विराजित प्रतिमा में प्राण होने की अनुभूति भी कई भक्तों को होती है। (DISCLAIMER: इस लेख में वर्णित चमत्कारी मंदिर और संबंधित घटनाओं का विवरण भक्तों के अनुभवों और विश्वासों पर आधारित है। इसे किसी धार्मिक या वैज्ञानिक प्रमाण के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति का अनुभव और विश्वास अलग हो सकता है। पाठकों से अनुरोध है कि वे अपनी व्यक्तिगत धारणा और निर्णय के आधार पर मंदिरों और उनकी शक्ति के बारे में सोचें। किसी भी धार्मिक स्थान पर जाने से पहले उचित सावधानी बरतें और आवश्यक शोध करें।)

Ratlam News: रानी दुर्गावती एवं राणा पूंजा भील जयंती पर विश्व हिंदू परिषद द्वारा पुष्पांजलि समारोह आयोजित

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Ratlam News: विश्व हिंदू परिषद सामाजिक समरसता द्वारा वीरांगना रानी दुर्गावती और मेवाड़ के जनजातीय शिरोमणि, हल्दीघाटी युद्ध में महाराणा प्रताप के सहयोगी महान योद्धा राणा पूंजा भील की जयंती के अवसर पर पुष्पांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के सामाजिक समरसता प्रमुख मनोज और जिला मंत्री गौरव ने उनके जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती ने अपने शासनकाल में मुगलों के विरुद्ध संघर्ष करते हुए देश और धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया। गोंडवाना की इस वीरांगना ने 1564 में अकबर के सेनापति आसफ खान से युद्ध किया और अंतिम क्षण तक अपने राज्य की रक्षा की। उनकी शौर्य और बलिदान की गाथा आज भी हर भारतीय को गर्व से भर देती है। राणा पूंजा भील ने हल्दीघाटी के ऐतिहासिक युद्ध में महाराणा प्रताप का साथ दिया और मुगल सेना के खिलाफ संघर्ष में अपनी भील सेना के साथ वीरता का प्रदर्शन किया। जनजातीय समाज से आने वाले राणा पूंजा ने मुगलों के खिलाफ जन-जन को संगठित किया और हल्दीघाटी की धरती पर अपने साहस की अमिट छाप छोड़ी। उनका योगदान जनजातीय समाज और राजस्थान के इतिहास में अमूल्य है। समारोह में कई प्रमुख व्यक्तियों की उपस्थिति रही, जिनमें विभाग सह मंत्री पवन बंजारा, जिला सह संयोजक आशु, मंदिर अर्चक संपर्क प्रमुख दीपक शर्मा, जिला प्रचार प्रसार प्रमुख मोंटी जयसवाल, जिला प्रचार प्रसार सह प्रमुख रिक्की सेन, जिला साप्ताहिक मिलन प्रमुख सुनील, जिला सेवा प्रमुख अनिल, जिला विद्यार्थी प्रमुख कृष्णा, जिला सह साप्ताहिक मिलन प्रमुख शुभम शर्मा, दीपांशु, विजय, रोमित, लखन और महेश डोडियार शामिल थे।

Ratlam News: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा 7 दिवसीय “मिशन साहसी” अभियान का शुभारंभ

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) रतलाम नगर ने 7 दिवसीय “मिशन साहसी” अभियान का शुभारंभ किया, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्रदान करना है। इस अभियान का शुभारंभ 3 अक्टूबर को हुआ और यह 8 अक्टूबर तक चलेगा। शुभारंभ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में महिला थाना प्रभारी श्रीमती लिलियन मालवीय और विशेष अतिथि के रूप में एबीवीपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुश्री ट्विंकल राठौर उपस्थित रहीं। अपने संबोधन में श्रीमती लिलियन मालवीय ने कहा, “छात्राओं को न केवल शारीरिक आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षित होना चाहिए, बल्कि साइबर क्राइम से भी सतर्क रहना चाहिए। ऐसे मामलों की तुरंत पुलिस को सूचना देना बेहद जरूरी है।” सुश्री ट्विंकल राठौर ने “मिशन साहसी” अभियान की सराहना करते हुए कहा, “यह अभियान छात्राओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस अभियान के माध्यम से छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाने का कार्य लगातार कर रहा है।” एबीवीपी रतलाम नगर अध्यक्ष शुभम तलोदिया ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि यह सात दिवसीय अभियान के अंतर्गत छात्राओं को आत्मरक्षा की निशुल्क ट्रेनिंग दी जा रही है। इस कार्यक्रम का आयोजन रतलाम नगर के कलीमी कॉलोनी स्थित कराते एकेडमी में किया जा रहा है, जिसमें शहर की युवतियां भाग लेकर आत्मरक्षा के गुर सिख सकती है। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन रतलाम नगर मंत्री सिद्धार्थ मराठा ने किया।

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